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करवा चौथ विशेष: इन चौघड़िया मुहूर्तों में करें व्रत की हर पूजा विधि

करवा चौथ विवाहित हिंदू महिलाओं के लिए सबसे प्रिय त्योहारों में से एक है, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम, प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाने वाला यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चुतर्थी को पड़ता है. करवा चौथ का त्योहार आज मनाया जा रहा है. महिलाएं निर्जला व्रत किए हुए हैं. द्रिक पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत सुबह 6:19 बजे से शुरू होकर रात 10 रात 8:13 बजे तक चलेगा क्योंकि चंद्रमा के उदय का समय शाम 8 बजकर 13 का है. करवा चौथ न केवल एक व्रत-अनुष्ठान है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है. मान्यता है कि यह त्योहार देवी पार्वती की पूजा का प्रतीक है, जिन्होंने भगवान शिव का पति रूप में प्रेम पाने के लिए व्रत रखा था. विवाहित महिलाएं भी अपने पति की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना के लिए इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करती हैं. ऐसा भी माना जाता है कि यह दिन परिवार में सौभाग्य, समृद्धि और सद्भाव लाता है. अपने पतियों की पूजा के अलावा, महिलाएं भगवान शिव, देवी पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की भी पूजा करती हैं ताकि उन्हें सुखी और सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिले. यह व्रत केवल प्रेम और प्रतिबद्धता का ही नहीं, बल्कि पारिवारिक बंधनों को बनाए रखने वाले विश्वास और परंपरा का भी प्रतीक है. यही वजह है कि महिलाएं पूजा-पाठ से लेकर हर कार्य शुभ मुहूर्त में करना चाहती हैं. आइए आपको बताते हैं कि करवा चौथ पर सुबह से लेकर शाम तक कब-कब शुभ मुहूर्त है जब पूजा-पाठ किया जा सकता है? दिन का चौघड़िया शुभ मुहूर्त     चर-सामान्य मुहूर्त: 06:19AM से 07:46 AM     लाभ-उन्नति मुहूर्त: 07:46AM से 09:13AM     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 09:13AM से 10:41AM     शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:08PM से 01:35PM     चर-सामान्य मुहूर्त: 04:30PM से 05:57PM रात का चौघड़िया शुभ मुहूर्त     लाभ-उन्नति मुहूर्त: 09:02PM से 10:35PM     शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:08AM से 01:41AM, अक्टूबर 11     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 01:41AM से 03:14AM, अक्टूबर 11     चर-सामान्य मुहूर्त: 03:14AM से 04:47AM, अक्टूबर 11 करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, आज करवा चौथ पूजा मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक है, जिसे पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है.

गरीबी नहीं छोड़ेगी साथ, अगर पैसों को लेकर आपकी सोच में हैं ये 5 गलतियां!

कई बार मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है।अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही बंद कर दें। पैसों को ले कर बदलें नजरिया आपने सुना ही होगा कि जैसा हम बोलते हैं, वैसा ही जीवन में हमें मिलता हैं। पैसों के बारे में भी ठीक यही बात लागू होती है। पैसों को ले कर आपके विचार, आपकी धारण और आपका नजरिया कैसा है, ये तय करता है कि आपके पास पैसा रहेगा या नहीं। कई बार फुल मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही इन्हें बंद कर दें। पैसा ही सब कुछ नहीं होता इमोशनली ये बात कहने में ठीक लग सकती है, लेकिन प्रैक्टिकली देखें तो ये पैसों को ले कर एक नेगेटिव धारणा ही है। जब आप पैसों को ले कर ये नजरिया रखते हैं, तो कहीं ना कहीं ये सिग्नल देते हैं कि पैसे उतने जरूरी भी नहीं है। इसके चलते आप पैसों की सही मैनेजमेंट से भी दूर हो जाते हैं। पैसे को इज्जत और ग्रेटीट्यूड की भावना से देखेंगे, तो आप अपनी तरफ उन्हें अट्रैक्ट भी कर पाएंगे। मेरे पास तो पैसा टिकता ही नहीं है कई लोग ये बात बड़े आराम से बोल देते हैं। जबकि ऐसा बोलने से वो पैसों को खुद से और दूर कर रहे होते हैं। दरअसल आपके शब्दों में बहुत ताकत होती है। कोई भी चीज आप बार-बार बोलते रहते हैं, तो आपके माइंड को उसपर विश्वास हो जाता है और फिर जीवन में आप वैसा ही अट्रैक्ट करते हैं। ऐसे में अगर जाने-अनजाने आप भी यही कहते रहते हैं, तो यकीन मानिए आपके पास कभी सच में पैसा नहीं टिकने वाला। हमारी किस्मत में इतना पैसा कहां ये बात बोलकर आप पहले ही खुद को विश्वास दिला देते हैं कि आप ज्यादा पैसों के काबिल हैं ही नहीं। पैसों को ले कर जबतक आपके मन में ये धारण बनी रहेगी, तब तक आप कभी भी ज्यादा पैसा नहीं काम पाएंगे। खुद को विश्वास दिलाएं कि आप भी पैसे के काबिल हैं और भूलकर भी अपनी किस्मत को तो दोषी ना ही ठहराएं। पैसा बुराई की जड़ है कई लोग पैसे को बड़ी नेगेटिविटी के साथ देखते हैं। उन्हें लगता है कि सारी बुराई की जड़ पैसा ही है और सारे बुरे लोग पैसे वाले ही हैं। खुद ही सोचिए जब आप इस गलत नजरिए से देखेंगे तो भाला कहां से पैसा आपकी लाइफ में अट्रैक्ट होगा? इसके बजाय ये भी देखिए कि अच्छे काम भी तो पैसे की वजह से ही हो रहे हैं। सकारात्मक नजरिया रखेंगे तो लाइफ में भी वैसा ही अट्रैक्ट करेंगे। पैसे पेड़ पर नहीं उगते ये बात तो जैसे हम इंडियंस की फेवरिट है। बच्चा कुछ मांगे कि झट से डायलॉग आता है पैसे पेड़ पर नहीं उगते। ऐसा बोल-बोल कर हम अपने माइंड को विश्वास दिला देते हैं कि पैसा कमाना बड़ी मुश्किल चीज है और शायद हमारे बस की बात भी नहीं। इसकी जगह सकारात्मक नजरिया रखें। पैसा कामना मुश्किल हो सकता है लेकिन सही मेहनत के साथ नामुमकिन बिल्कुल नहीं है। पॉजिटिविटी से अट्रैक्ट करें पैसे हम सभी की लाइफ में जरूरी हैं, इसलिए इन्हें ले कर अपना नजरिया जरूर ठीक करें। सकारात्मक सोचें और जितना भी आपके पास है उसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करें। बच्चों के या अपने मन में ये कभी ना डालें कि आप इतना पैसा नहीं कमा सकते हैं या पैसा बुरी चीज है। जैसी सोच रखेंगे यकीन मानें वैसी ही चीजें आपकी लाइफ में होती नजर आएंगी।

कछुए की मूर्ति से बनता है घर में पॉजिटिव एनर्जी का माहौल, जानें कहाँ और कैसे रखें

माना जाता है कि जिस घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखा जाता है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस तरह अपने घर में कछुए की मूर्ति रख सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। मिलते हैं ये फायदे वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में कछुए की मूर्ति (tortoise vastu tips) रखने से जीवन में धन-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। इतना ही नहीं वास्तु के अनुसार, घर में कछुए की मूर्ति रखने से वास्तु दोष भी दूर होता है। किस दिशा में रखना है शुभ कछुए की मूर्ति को हमेशा घर की उत्तर या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। इस दिशा में पीतल, सोना या फिर चांदी से बनी कछुए की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। वहीं अगर आप क्रिस्टल से बनी कछुए की मूर्ति रख रहे हैं, तो इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में कछुए की इस तरह की मूर्ति घर में रखना शुभ माना गया है, जिसमें कछुआ पानी के अंदर हो। इस पानी को रोजाना बदलना चाहिए। कहां रखें कछुएं की मूर्ति बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कछुए की मूर्ति रखना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इसे बच्चों के कमरे में रख सकते है। इसके साथ ही कछुए की मूर्ति को मुख्य द्वार के पास रखना भी लाभकारी माना जाता है। मूर्ति को कुछ इस तरह से रखें कि कछुए का मुंह घर के अंदर की तरफ हो।  

चांद का दीदार कब होगा? जानें करवा चौथ पर आपके शहर की सटीक टाइमिंग

भोपाल   वो शुभ घड़ी अब आ गई है, जब देशभर में सुहागने चांद को देखकर पति की लंबी उम्र की दुआएं करेंगी. इस साल करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है. यह व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है. करवा चौथ पर सुहागनें पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की दीर्घायु के उपवास रखती हैं और रात को चंद्र दर्शन के बाद ही कुछ ग्रहण करती हैं. इसलिए इस दिन सुहागनों को बड़ी बेसब्री से चांद के निकलने का इंतजार रहता है. आइए जानते हैं कि इस साल आपके शहर में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखाई देगा. करवा चौथ कि तिथि  हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 10 अक्टूबर  को शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहने वाली है. उदिया तिथि के चलते करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को रखा जाएगा. कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद?  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. हालांकि भारत के विभिन्न शहरों में इसका समय थोड़ा अलग भी हो सकता है. आपके शहर में कितने बजे दिखेगा चांद?  शहर चंद्रोदय का समय दिल्ली रात 8 बजकर 13 मिनट गुरुग्राम रात 8 बजकर 13 मिनट गाजियाबाद रात 8 बजकर 13 मिनट नोएडा रात 8 बजकर 13 मिनट मुंबई रात 8 बजकर 55 मिनट कोलकाता शाम 7 बजकर 45 मिनट चेन्नई शाम 7 बजकर 30 मिनट चंडीगढ़  रात 8 बजकर 8 मिनट लुधियाना रात 8 बजकर 11 मिनट देहरादून रात 8 बजकर 4 मिनट शिमला शाम 7 बजकर 48 मिनट पटना शाम 7 बजकर 48 मिनट लखनऊ रात 8 बजकर 42 मिनट इंदौर रात 8 बजकर 33 मिनट भोपाल रात 8 बजकर 26 मिनट अहमदाबाद रात 8 बजकर 47 मिनट जयपुर रात 8 बजकर 22 मिनट रायपुर शाम 7 बजकर 43 मिनट करवा चौथ पर कैसे खोलें व्रत? (Karwa Chauth 2025 Vrat) करवा चौथ पर सुबह सूरज निकलने से पहले सरगी खा लें. स्नानादि के बाद भगवान को याद करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करें. करवा माता की भी एक तस्वीर स्थापित कर लें. उनके समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें. उन्हें चावल, रोली, जल, फल, फूल, मिठाई आदि अर्पित करें. इसके बाद दोपहर के समय या अभिजीत मुहूर्त में करवा चौथ की कथा सुनें. इसके बाद शाम को शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा करें. उन्हें हलवा-पूरी का भोग लगाएं. फिर पूजा के बाद छन्नी से चंद्रमा के दर्शन करें और अपने पति का चेहरा भी देखें. इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके उपवास खोलें.

आज किस राशि की चमकेगी किस्मत? 10 अक्टूबर का राशिफल एक नज़र में

मेष राशि- आज के दिन खर्च बढ़ सकते हैं। आप अनजाने में कुछ ऐसे काम कर सकते हैं, जो आपके रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गलतफहमियां या बहस से बचना बेहतर है। बैलेंस बनाएं। वृषभ राशि- आज के दिन इमोशनल दूरी आपके रिश्ते को चुनौती दे सकती है। खुला दिमाग रखने और अपनी फीलिंग पर भरोसा करने की चुनौती महसूस होगी। हर अवसर आपके लॉंग टर्म लक्ष्य के अनुरूप नहीं होगा। मिथुन राशि- आज नेचर में कुछ समय बिताएं। सिरियस बातचीत में इनवॉल्व होंगे। आज की एनर्जी आपको वर्तमान में रहने, अपनी इच्छाओं के साथ तालमेल बिठाने और उन्हें वास्तविकता में लाने के लिए प्रोत्साहित करती है। कर्क राशि- आज के दिन नए लोगों से मिलने के लिए तैयार रहें। रोमांस के दरवाजे खुल सकते हैं। धन के मामले में इरादों को क्लियर तौर पर समझे बिना कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। सिंह राशि- आज के दिन अपनी दिल का ध्यान रखें। अपने मोबाईल फोन और स्क्रीन के बिना रहने के लिए कुछ समय जरूर निकालें। अपनी पसंद को लेकर सावधान रहना चाहिए। टास्क समय पर करें। कन्या राशि- आज के दिन नए शौक और एक्टिविटी खोजें, जो आपको खुशी दें। अपनी पसंद-नापसंद पर ध्यान दें। नई चीजों के लिए खुले रहें, लेकिन जिसके आप योग्य हैं उसके अलावा किसी और चीज के लिए समझौता न करें। तुला राशि- आज के दिन सही दिशा अपनाने और सही लोगों से मिलने में मदद के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। काम पर फोकस बनाए रखें। सेहत व डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। वृश्चिक राशि- आज के दिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, सामाजिक समारोह और डेटिंग के लिए टाइम निकालना जरूरी है। वर्तमान पर विचार करें और नए नेटवर्क बनाएं। अपनी जीवनशैली को स्टेबल करने पर ध्यान दें। धनु राशि- आज के दिन आपका पास्ट या आपके आस-पास के लोग कुछ प्रॉब्लम पैदा कर सकते हैं। सोल्यूशन पर फोकस करें और सुनिश्चित करें कि आप अपने करीबियों से खुलकर बात करें। मकर राशि- आज के दिन अपने दिल की राह पर चलें। गहरी बातचीत या गतिविधियों में इन्वॉल्व हों। बिजी शेड्यूल आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। सावधानी से धन को खर्च करें। कुंभ राशि- आज के दिन अपने विचारों और भावनाओं को अपने साथी के सामने खुलकर जाहिर करें। आप आसानी से अपने विचारों में खो सकते हैं। नए कनेक्शन बनाते समय सावधान रहें। मीन राशि- आज के दिन विचारों को अपने डीसीजन पर हावी न होने दें। अपने प्रेम जीवन को लेकर संदेह का अनुभव कर सकते हैं। खुद पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी खुशी पर फोकस रखें।

शादीशुदा महिलाओं के लिए खास: करवा चौथ चंद्र उदय 8:12 PM, पूजा का समय नोट करें

ग्वालियर सौभाग्यवती महिलाएं अपने सौभाग्य की कामना करने के लिए करवा चौथ व्रत के लिए सज-संवरकर तैयार हैं। हाथों में मेहंदी, नैनों में काजल, दोनों हाथों में रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनकर 10 अक्टूबर शुक्रवार को निर्जल व्रत का संकल्प सरगी के साथ तड़के लेंगीं। पहले सूर्यास्त और फिर चांद का इंतजार रहेगा। भगवान चंद्र देव भी व्रतधारी महिलाओं के संकल्प को पूरा करने के लिए रात आठ बजकर 12 मिनट पर उदय होंगे। भगवान चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के माथे पर चंदन और अक्षत से तिलक कर उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगीं। व्रत को लेकर उत्साहित नवविवाहिताएं विवाह के उपरांत पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली नवविवाहिताएं व्रत को लेकर अधिक उत्साहित हैं। वे माता करवा से भी प्रार्थना कर रहीं हैं कि उनके निर्जल व्रत के संकल्प पूरा करने के लिए आशीष दें। एक पखवाड़े से चल रही करवा चौथ व्रत की तैयारियां एक पखवाड़े से महिलाएं करवाचौथ व्रत की तैयारियां कर रहीं हैं। इस व्रत में महिलाएं 16 शृंगार करके सजती-संवरती हैं। व्रत के लिए परिधान तैयार करने से लेकर पति और स्वजन के लिए व्यंजन बनाती हैं। पिछले एक सप्ताह से करवाचौथ के लिए खरीदारी की जा रही है।   व्रत की पूर्व संध्या पर दोनों हाथों में मेहंदी लगवाई। ब्यूटी पार्लर भी पहले बुक कर रखा था। पार्लरों पर भी गुरुवार को भारी भीड़ रही। मेहंदी और चूड़ी पहनाने वालों के यहां भी कतार लगी थी। ऐसी मान्यता है कि व्रत के साथ सुहाग का सामान सौभाग्यवती महिलाओं को दान करने से पति की दीर्घायु आशीर्वाद प्रदान करते हैं। करवा चौथ पर बनेगा ग्रहों का दुर्लभ संयोग ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि करवाचौथ पर इस बार ग्रहों का अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। दरअसल, इस दिन शनि-मीन राशि में रहेंगे, गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। शुक्र, सूर्य कन्या राशि में एक साथ रहेंगे। इसके अलावा इस बार कृतिका नक्षत्र में पूजन होगा। वहीं यह पर्व शुक्रवार का दिन है तो इस वजह से भी व्रती महिलाओं को गणेश भगवान और मां लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। पूजा का शुभ समय पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि नौ अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और 10 अक्टूबर की शाम सात बजकर 38 मिनट इसका समापन होगा। करवाचौथ की पूजा करने का शुभ समय सुबह पांच बजकर 16 मिनट से शाम छह बजकर 29 मिनट बजे तक रहने वाला है। वहीं चंद्रमा का उदय रात्रि आठ बजकर 12 मिनट पर होगा।

करवा चौथ व्रत में किस दिशा में बैठें? जानिए परंपरा के नियम

सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं. महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए ये व्रत रखती हैं. इस दिन महिलाएं शिव और माता पार्वती से प्रार्थना कर उनकी विधि विधान से पूजा अर्चना करती हैं. फिर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं. करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है. इस साल करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को रखा जाएगा. मान्यता है कि जो महिला करवा चौथ का व्रत रखती है वो अंखड सौभाग्य का आशीर्वाद पाती है. इस दिन पूजा-पाठ और चंद्रमा को अर्घ्य देते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. सही दिशा में मुख करके की जाने वाली पूजा ही सफल मानी जाती है, तो चलिए जानते हैं कि इस दिन पूजा करने, कथा सुनने और चंद्रमा को अर्घ्य देने की सही दिशा क्या होती है? इस दिशा में बैठकर करनी चाहिए करवा चौथ की पूजा वास्तु शास्त्र के अनुसार, करवा चौथ की पूजा भूलकर भी दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके नहीं करनी चाहिए. कहते हैं दक्षिण दिशा की ओर मुख करके की जाने वाली करवा चौथ की पूजा कभी स्वीकार नहीं की जाती है. करवा चौथ की पूजा करते समय हमेशा मुख को उत्तर दिशा की ओर रखना चाहिए. उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करने से पूजा फलित होती है. इस दिशा में मुख करके देना चाहिए चंद्रमा को अर्घ्य करवा चौथ की व्रत कथा सुनते समय भी दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. करवा चौथ की व्रत कथा हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही सुननी चाहिए. वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि करवा चौथ के दिन जब चंद्रमा को अर्घ्य दें तो मुख उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. मतलब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ही चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए.

इन 5 वास्तु उपायों से करवाचौथ पर बढ़ाएं वैवाहिक सुख और जीवनसाथी से नज़दीकियां

करवा चौथ का पावन पर्व पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और अटूट बंधन का प्रतीक है। इस दिन व्रत और पूजा के साथ-साथ, वास्तु शास्त्र के कुछ सरल उपाय आपके दांपत्य जीवन में नई मिठास और खुशहाली ला सकते हैं। वास्तु के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने से रिश्ते मजबूत होते हैं और मनमुटाव दूर होता है। आइए, जानते हैं करवाचौथ से पहले करने लायक 5 ख़ास वास्तु टिप्स जो आपके वैवाहिक जीवन में प्रेम और नज़दीकियों को बढ़ा सकते हैं: शयनकक्ष की सही दिशा और व्यवस्था पति-पत्नी का कमरा, जहां वे सबसे अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताते हैं, वास्तु के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण होता है। नवविवाहित जोड़ों के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा या दक्षिण-पश्चिम दिशा में शयनकक्ष होना उत्तम माना जाता है। दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थिरता और संबंध को मजबूत करती है। बिस्तर को हमेशा कमरे की दक्षिण या पश्चिम की दीवार से सटाकर रखना चाहिए। बिस्तर को कमरे के बिल्कुल बीच में रखने से बचें क्योंकि इससे रिश्ते में अस्थिरता आ सकती है। दक्षिण-पश्चिम में लगाएं प्रेम भरी तस्वीर दक्षिण-पश्चिम दिशा को वास्तु में रिश्ते और स्थिरता का क्षेत्र माना जाता है। इस दिशा को सक्रिय करने से पति-पत्नी के बीच भावनात्मक मजबूती आती है।अपने बेडरूम या घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में अपनी और अपने जीवनसाथी की एक सुंदर, मुस्कुराती हुई और प्रेमपूर्ण तस्वीर लगाएं। यदि आप धार्मिक तस्वीर लगाना चाहते हैं, तो राधा-कृष्ण की ऐसी पेंटिंग या तस्वीर लगा सकते हैं जिसमें वे एक-दूसरे को प्रेमभाव से देख रहे हों। यह तस्वीर रिश्ते में आ रहे तनाव को समाप्त कर सकती है और प्यार बढ़ाती है। रंगों का सही प्रयोग रंग हमारे मन और रिश्तों पर गहरा प्रभाव डालते हैं। करवा चौथ से पहले अपने घर और बेडरूम में सही रंगों को शामिल करें।बेडरूम में गुलाबी और लाल  रंगों का प्रयोग करें। गुलाबी रंग प्यार और स्नेह का प्रतीक है जबकि लाल रंग जुनून और ऊर्जा को दर्शाता है। आप इन रंगों को चादर, पर्दे या छोटे डेकोरेटिव आइटम्स के माध्यम से ला सकते हैं। कमरे में गहरे, उदास या काले-भूरे रंगों का अधिक प्रयोग करने से बचें क्योंकि ये रिश्ते में भारीपन और तनाव पैदा कर सकते हैं। हल्के और खुशनुमा रंगों का चुनाव करें जो सकारात्मकता और शांति को बढ़ावा दें। नमक का सरल उपाय नमक में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है। इस उपाय को करने से आपके रिश्ते में आ रही दूरियां और नकारात्मकता समाप्त हो सकती है।  एक छोटी कटोरी में थोड़ा समुद्री नमक लें और इसे अपने बेड के नीचे या किसी ऐसी जगह पर रख दें जहां किसी की नजर न पड़े।

क्या गर्भवती महिलाएं रख सकती हैं करवा चौथ? शास्त्र की सलाह जानें

करवा चौथ का त्योहार हर साल सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए पूरे दिन व्रत रखती हैं. सोलह श्रृंगार करके शाम को चांद देखकर जल ग्रहण करती हैं और अपने व्रत का समापन करती हैं. लेकिन जब कोई महिला गर्भवती होती है यानी प्रेग्नेंट होती है, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या वह इस स्थिति में करवा चौथ का व्रत रख सकती है या नहीं. क्या उपवास के दौरान बिना पानी और खाना खाए रहना सही है या यह मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. आजकल यह सवाल हर घर में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर नई मम्मीज और मॉडर्न कपल्स के बीच. सोशल मीडिया पर भी इस बात पर खूब चर्चा होती है कि क्या गर्भवती महिलाएं करवा चौथ व्रत कर सकती हैं या नहीं. आइए जानते हैं शास्त्र और ज्योतिष दोनों की नजर में इस सवाल का सही उत्तर क्या है. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य रवि पाराशर. शास्त्रों के अनुसार क्या कहता है करवा चौथ व्रत हिंदू धर्म में करवा चौथ को बहुत पवित्र व्रत माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत सच्चे मन और प्रेम से किया जाए तो हमेशा शुभ फल देता है. धर्मग्रंथों में कहीं भी यह नहीं लिखा गया कि गर्भवती महिला यह व्रत नहीं रख सकती. बल्कि शास्त्रों में कहा गया है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत रखना चाहिए. अगर महिला शारीरिक रूप से स्वस्थ है और उसका मन इसे करने का है, तो वह अपने तरीके से यह व्रत निभा सकती है. गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत का तरीका अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है और करवा चौथ का व्रत रखना चाहती है, तो उसे अपने शरीर और बच्चे दोनों का ध्यान रखना चाहिए. सुबह सूर्योदय से पहले हल्का और पौष्टिक खाना खाएं जैसे दलिया, सूखे मेवे, दूध और फल. अगर शरीर थका महसूस करे या चक्कर आए तो तुरंत आराम करें. पूरे दिन पानी की कमी न होने दें. डॉक्टर की अनुमति हो तो नारियल पानी या जूस लिया जा सकता है. पूजा के समय अधिक देर तक बैठने या झुकने से बचें. दिन भर आराम करें और कोई भारी काम न करें

चांद की तलाश: करवा चौथ पर कौन से शहरों में पूरा होगा व्रत समय पर

हिंदू धर्म में करवा चौथ के त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, बेहतर जीवन, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए रखा जाता है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। रात को जब चंद्रमा के दर्शन होते हैं तो चंद्रदेव की पूजा करके अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। चंद्रमा के निकलने से कुछ घंटे पहले शाम को करवा माता की पूजा शुरू होती है, जहां पर सभी सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार के साथ एकत्रित होकर पूजा करते हैं। पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर चांद के निकलने पर छलनी से दर्शन करते हुए चंद्र देव की पूजा की जाती है।   करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय 10 अक्तूबर 2025 को देशभर में करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 अक्तूबर की रात को चंद्रोदय का समय रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। चंद्रोदय का यह समय देश की राजधानी दिल्ली को मानक मानकर है। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है।  करवा चौथ 2025 शुभ तिथि सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है। इस पर्व का इंतजार महिलाओं को बेसब्री से होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ 10 अक्तूबर को है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 09 अक्तूबर को रात 10 बजकर 54 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 10 अक्तूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी।   करवा चौथ 2025 पूजा शुभ मुहूर्त 10 अक्तूबर को करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा के लिए कुल अवधि 01 घंटा 9 मिनट तक रहेगा। करवा चौथ 2025 चंद्रोदय समय करवा चौथ पर चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। पंचांग के अनुसार करवा चौथ पर चांद के निकलने का समय दिल्ली शहर को मानक मानते हुए रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। आपके शहर में चंद्रोदय का समय दिल्ली                रात 08:13 नोएडा                रात 08:13 गुरुग्राम              रात 08:14 गाजियाबाद         रात 08:11 आपके शहर में चंद्रोदय का समय चंडीगढ़             रात 08:08 लुधियाना           रात 08:11 अमृतसर           रात 08:14 शिमला              रात 08:06 आपके शहर में चंद्रोदय का समय मेरठ                  रात 08:10 आगरा                रात 08:08 पटना                 रात 07:48 देहरादून             रात 08:04 आपके शहर में चंद्रोदय का समय जयपुर                 रात 08:22 मुंबई                   रात 08:55 बेंगलुरु                रात 08:48 रांची                   रात 07:52 आपके शहर में चंद्रोदय का समय भोपाल              रात 08:26 इंदौर                रात 08:33 ग्वालियर            रात 08:15 उज्जैन                रात 08:33 देश के इन शहरों में समय पर दिखेगा चांद     मुंबई                   कोलकाता        जम्मू                        देहरादून       शिमला                     जयपुर     लखनऊ                   कानपुर     इंदौर                       भोपाल     चेन्नई                     बेंगलुरु     देश के इन शहरों में चांद के निकलने पर हो सकती है देरी     दिल्ली               नोएडा                  चंडीगढ़                  पंजाब                     लुधियाना                पटना                       रांची                       प्रयागराज                  अहमदाबाद