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ऑफिस में कभी न बताएं ये 3 बातें, वरना होगा बड़ा नुकसान

काफी सारे लोगों को शिकायत होती है कि उनके ऑफिस में लोग एक दूसरे की चुगली और गॉसिप करते हैं। जिसका असर कई बार उनके करियर पर भी पड़ता है। अगर आप ऑफिस में होने वाली गॉसिप का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं और करियर में ग्रोथ चाहते हैं, तो भूलकर भी इन 3 बातों को कलीग्स या सीनियर के साथ शेयर ना करें। ना शेयर करें अपनी पर्सनल प्रॉब्लम पर्सनल रिलेशनशिप में, फाइनेंशियल या फिर करियर से जुड़ी किसी भी तरह की प्रॉब्लम्स को भूलकर भी अपने कलीग्स या फिर सीनियर्स के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। ऐसा करना सबसे बड़ी भूल है क्योंकि ज्यादातर काम करने वाली जगहों पर लोगों की किसी ना किसी कमजोरी का फायदा उठाकर हैरेस किया जाता है। ना करें किसी की बुराई अपने काम करने वाली जगह पर भूलकर भी किसी सीनियर, जूनियर या फिर कलीग्स की बुराई नहीं करनी चाहिए। ऑफिस में हो रही गॉसिप का हिस्सा भूलकर भी नहीं बनना चाहिए और ना हीं उन्हें सपोर्ट करना चाहिए। हमेशा काम की जगह पर न्यूट्रल रहना चाहिए। इस्तीफा देते वक्त ना करें संस्थान की बुराई जब भी आप किसी संस्थान से इस्तीफा दे रहे हैं तो करियर की ग्रोथ के लिए भूलकर भी उस संस्थान या एचआर, सीनियर की बुराई लिखित में ना करें। ऐसा करने से करियर की ग्रोथ पर निगेटिव असर पड़ता है क्योंकि फ्यूचर में हो सकता है आपको वापस उसी काम की जगह पर आना पड़े। किसी भी तरह की खराब सिचुएशन से बचने के लिए भूलकर भी बुराई ना करें।  

दिसंबर 2025 के शुभ विवाह मुहूर्त: कब-कब बजेंगी शहनाइयां?

दिसंबर 2025, वर्ष का अंतिम महीना, विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए बहुत ही शुभ और विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय मौसम भी अनुकूल रहता है और त्योहारों का उत्साह भी रहता है। हालांकि, दिसंबर में विवाह के लिए शुभ मुहूर्तों की संख्या अन्य महीनों की तुलना में कम हो सकती है क्योंकि महीने के मध्य में खरमास शुरू होने की संभावना होती है। हिंदू पंचांग और ज्योतिष गणना के आधार पर, यहां जानें दिसंबर 2025 में विवाह की शुभ तिथियां और मुहूर्त- दिसंबर में विवाह के लिए शुभ तिथियां पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2025 में विवाह के लिए निम्नलिखित तिथियां अत्यंत शुभ और मांगलिक मानी जा रही हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार केवल 3 मुहूर्त हैं- तिथियां 4 दिसंबर 2025    गुरुवार 5 दिसंबर 2025    शुक्रवार 6 दिसंबर 2025    शनिवार मुहूर्त का महत्व हिंदू धर्म में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है और इसका सफल होना बहुत हद तक सही मुहूर्त पर निर्भर करता है। विवाह मुहूर्त के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग, और करण आदि का विशेष ध्यान रखा जाता है। सर्वमान्य शुभ मुहूर्त (4, 5, और 6 दिसंबर): दिसंबर के पहले सप्ताह में पड़ने वाले ये तीन दिन विवाह के लिए सबसे शुभ और दोषरहित माने जा रहे हैं। इन तिथियों पर ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है, जो वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और अटूट प्रेम लाता है। 4 दिसंबर (गुरुवार): इस दिन का मुहूर्त विवाह के लिए अत्यंत शुभ है। 5 दिसंबर (शुक्रवार): शुक्र ग्रह प्रेम, विवाह और दांपत्य सुख का कारक माना जाता है। शुक्रवार का दिन होने के कारण यह मुहूर्त और भी मंगलकारी हो जाता है। 6 दिसंबर (शनिवार): शनिवार का दिन भी शुभ नक्षत्रों के संयोग से विवाह के लिए उपयुक्त है।

सफलता और समृद्धि के लिए दिसंबर 2025 की सफला एकादशी का सही समय और पूजा

साल 2025 की समाप्ति से पहले आने वाली सफला एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, सफला एकादशी व्रत को जीवन में हर तरह की सफलता और मनोवांछित फल प्रदान करने वाला माना जाता है। यह पावन व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में आने वाली हर परेशानी से छुटकारा मिलता है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं सफला एकदाशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में- सफला एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त सफला एकादशी तिथि का आरंभ 14 दिसंबर 2025 को रात 08 बजकर 46 मिनट पर शुरू होगी और एकादशी तिथि का समापन 15 दिसंबर 2025 को रात 10 बजकर 09 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, सफला एकादशी व्रत की तिथि  सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। सफला एकादशी 2025 पूजा विधि सफला एकादशी की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। पूजा स्थल को साफ कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। फिर भगवान को पंचामृत, धूप, दीप, पीले फूल, फल, नारियल, सुपारी और तुलसी दल अर्पित करें। इस व्रत में रात भर जागकर भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करने का विशेष महत्व है। दिनभर और रात्रि जागरण के दौरान "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें। अंत में भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जलाएं और प्रसाद सभी में वितरित कर दें। व्रत के अगले दिन शुभ मुहूर्त में किसी ब्राह्मण या ज़रूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर ही स्वयं पारण करें।

आज का राशिफल 1 दिसंबर: किस्मत किस पर होगी मेहरबान? पढ़ें 12 राशियों का पूरा भविष्यफल

मेष: 1 दिसंबर के दिन उत्पादक बनने के लिए पेशेवर चुनौतियों का समाधान करें। प्रेमी को खुश रखें। आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए धन का उपयोग करें। वित्तीय सफलता मिलेगी। टीम प्रोजेक्ट में अहंकार को हावी न होने दें। ऐसी एक्टिविटी करने से बचें, जो तनाव पैदा करती हैं। वृषभ: 1 दिसंबर के दिन प्रेमी के साथ अधिक समय बिताने पर विचार करें। धन आपके पक्ष में रहेगा। स्वास्थ्य भी अच्छा है। काम पर चुनौतियों को मात देने के सर्वोत्तम संभव तरीकों पर विचार करें। करियर में सफलता पाने के लिए आधिकारिक दबाव को संभालें। मिथुन: 1 दिसंबर के दिन आपकी सफल वित्तीय स्थिति आपको महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करेगी। ऑफिस में प्रदर्शन आपका प्रोडक्रटिव हेगा और आप काम पर अपेक्षाओं को पूरा करने में सफल होंगे। कर्क: 1 दिसंबर के दिन आज ऑफिस पर ऐसे नए काम हाथ में लें, जो आपकी पेशेवर क्षमता को परखें। आज ऑफिस और निजी जीवन दोनों ही उत्पादक हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सिंह: 1 दिसंबर के दिन प्यार का जश्न मनाएं। भविष्य के बारे में भी सोचें। प्रोफेशनल चुनौतियों का सामना होगा। स्मार्ट इन्वेस्टमेंट से लाइफ में खुशहाली आएगी। आज आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है। कन्या: 1 दिसंबर के दिन सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। आपकी लव लाइफ में कोई परेशानी नहीं है। आप ऑफिस में अच्छा परफॉर्म करेंगे। आज के दिन हेल्थ पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होगी। तुला: 1 दिसंबर के दिन माता-पिता के सपोर्ट से प्यार से जुड़े फैसले लें। कोई बड़ी प्रोफेशनल चुनौती आपको परेशान नहीं करेगी। जबकि फाइनेंशियल सफलता एक और खासियत रहेगी। आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी। वृश्चिक: 1 दिसंबर के दिन आर्थिक रूप से आप सही डिसीजन लेने में अच्छे हैं। आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कुछ छोटी-मोटी अनबन रिश्ते को तोड़ नहीं सकतीं, बल्कि यह और मजबूत होता है। प्रोफेशनल सफलता आपके साथ रहेगी। धनु: 1 दिसंबर के दिन रिश्ते में रोमांस की दिक्कतों को ठीक करें और एक क्रिएटिव लव लाइफ की तलाश करें। प्रोफेशनली आप अच्छे हैं, और आपकी हेल्थ एकदम सही है। पूरे दिन खुश रहें। मकर: 1 दिसंबर के दिन रिश्ते में छोटी-मोटी दिक्कतें होंगी। पक्का करें कि आप उन्हें सॉल्व कर लें। वर्कप्लेस पर प्रोडक्टिव बने रहने के लिए प्रोफेशनल चुनौतियों को सुलझाएं। पैसा और हेल्थ दोनों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। कुंभ: 1 दिसंबर के दिन फाइनेंशियली आपकी लाइफ स्टेबल रहेगी। पॉजिटिव सोच के साथ रिश्ते को बचाएं। प्रोफेशनल मामलों को सुलझाने पर काम करें। खर्च पर कंट्रोल रखें, जबकि आपकी हेल्थ में दिक्कतें हो सकती हैं। मीन: 1 दिसंबर के दिन आज प्रेम जीवन में हर मुद्दे को सुलझाएं। ध्यान रखें कि आपका रिश्ता मजबूत बना रहे। दफ्तर में कमिटमेंट दिखाएं, जिससे आपकी पेशेवर क्षमता साबित होगी। आसान प्लान और दोस्ताना सलाह पर भरोसा करें।

रिलेशनशिप बिगाड़ देते हैं ये 5 पति-संकेत, चाणक्य नीति से जानें सच्चाई

व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख मौसम की तरह आते-जाते रहते हैं। जिनसे निपटने के लिए कई बार जीवनशैली तो कभी व्यक्ति के स्वभाव में बदलाव जरूरी हो जाता है। जीवन से जुड़े ऐसे ही कई बदलाव और व्यक्ति के स्वभाव के बारे में चाणक्य नीति में कई बातें कही गईं हैं। जीवन पर आधारित चाणक्य के सूत्र आज भी उतने ही कारगर हैं जितने तब हुआ करते थे। खास बात यह है कि चाणक्य के ये सूत्र चाणक्य नीति के तौर पर हमारे पास मौजूद हैं। चाणक्य नीति में बहुत सी ऐसी बातें दर्ज हैं जिन्हें अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति खुशहाल और सफल जीवन जी सकता है। आचार्य चाणक्य ने अपने प्रसिद्ध ग्रंथ 'चाणक्य नीति' में ऐसे पुरुषों के बारे में भी बताया है, जो विवाह के बाद अपनी पत्नी का जीवन खराब कर देते हैं। ऐसे खराब पतियों को पहचानने के लिए 'चाणक्य नीति' में 5 निशानियां बताई गईं हैं। आलसी पुरुष चाणक्य नीति के अनुसार शादी से पहले मर्दों के कंधों पर घर की कोई खास जिम्मेदारी नही होती है। लेकिन शादी के बाद उन्हें परिवार के साथ पत्नी और बच्चों के खर्च भी उठाने पड़ते हैं। लेकिन जो मर्द आलसी होता है और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से नहीं उठाता है, शादी के बाद परिवार पर बोझ बन जाता है। ऐसे पुरुष काम करने से या तो हमेशा बचते रहते हैं या फिर उसे कल पर टालते रहते हैं। ऐसे मर्द शादी के बाद घर की जिम्मेदारियां नहीं निभाने की वजह से अपनी पत्नी के लिए मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बनते हैं। कमजोर आर्थिक स्थिति आचार्य चाणक्य का कहना था कि जो पुरुष घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कोशिश नहीं करते, वो शादी के बाद हमेशा अपने खर्च और घर की जरूरतों के लिए पत्नी पर ही निर्भर रहते हैं। जिसकी वजह से धीरे-धीरे उनके रिश्तों में तनाव और खटास पैदा होने लगती है। जो शादीशुदा जीवन की डोर को कमजोर बनाती है। नशे के आदी पुरुष चाणक्य नीति के अनुसार नशे की लत में डूबे पुरुष ना सिर्फ अपनी सेहत बल्कि परिवार की शांति, रिश्तों में बचे प्यार और परिवार की इज्जत, हर चीज को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे पुरुषों की यह आदत शादी के बाद पत्नी के लिए बोझ औ दुख का कारण बन जाती हैं। गुस्सैल स्वभाव वाले पुरुष आचार्य चाणक्य के अनुसार अत्यधिक गुस्सा करने वाले पुरुष अपने स्वभाव की वजह से पत्नी के साथ अपने रिश्ते को कमजोर बना देते हैं। ऐसे पुरुष पत्नी को असुरक्षित महसूस करवाकर पूरे परिवार के लिए तनाव और डर का कारण बन जाते हैं। जिम्मेदारी से भागने वाले पुरुष शादी के बाद जो मर्द अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने से पीछे भागते हैं, पत्नी के लिए तनाव और चिंता का कारण बनने लगते हैं।

ऑफिस में तनाव-free रहने के लिए अपनाएँ ये आदतें

कभी न खत्म होने वाली काम की लिस्ट, हमेशा नई मांग करने वाला बॉस, वीकएंड में भी काम का बोझ, देर रात तक बॉस के मेल व मैसेज, हर वक्त डेडलाइन पूरा करने के लिए ईमेल में उभरते रिमाइंडर, क्या आपकी स्थिति भी कुछ ऐसी ही है? तो इस परेशानी से निजात पाने के लिए आप क्या करती हैं? लगातार तनाव में रहकर ज्यादा से ज्यादा काम करने की कोशिश करती हैं? लंच किए बिना काम करती रहती हैं? अगर आपका जवाब हां है तो आप गलत कर रही हैं। अगर आप इस समस्या का समाधान नहीं तलाशेंगी तो इससे आपकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इतना ही नहीं, इससे आपकी सेहत और निजी जीवन पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। समस्या को समझें इस समस्या का निदान तभी संभव है, जब आप यह समझ लें कि आपको मदद की जरूरत है। अगर आप मदद नहीं लेंगी तो इससे आपकी समस्या बढ़ती जाएगी। एक बार जब आप अपनी समस्या समझ जाएंगी तो उसके समाधान पर काम करेंगी। अगर आप काम के दबाव में दबती चली जाएंगी तो इससे आपको कई गंभीर निजी व प्रोफेशनल समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। बेहतर होगा कि इससे पहले कि परिस्थितियां आपको बदल दें, आप खुद ही परिस्थितियों को बदल दें। टाइम मैनेजमेंट भी जरूरी समय का सही मैनेजमेंट आपके काम को आसान बनाने के साथ आपकी उत्पादकता को बेहतर बनाने में भी कारगर साबित होगा। समय रहते, सही तरीके से काम को पूरा करने की आदत डालें। अपने सभी कामों की लिस्ट बनाएं और उसके बाद उनमें से जो काम सबसे ज्यादा जरूरी हैं, उनकी लिस्ट बनाएं। जब आप प्राथमिकता के अनुरूप काम करना सीख लेंगी तो धीरे-धीरे ऑफिस में आप पर काम का दबाव भी कम महसूस होने लगेगा। अपने ईमेल को भी बेहतर तरीके से मैनेज करना सीखें। काम के दौरान थोड़ा समय निकालते हुए ईमेल के जवाब देने के साथ-साथ गैरजरूरी मेल को डिलीट करना कभी नहीं भूलें। देर तक ऑफिस में रुकने की गलती नहीं करें। एक टाइम पर एक ही काम निपटाएं। ज्यादा नहीं, स्मार्ट तरीके से करें काम मौजूदा वर्क कल्चर में ज्यादा मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके से काम करके ही सफलता हासिल की जा सकती है। कुछ शॉर्टकट अपनाकर ऑफिस में आप अपना वक्त बचा सकती हैं। जैसे कि मोबाइल में ऑटोमैटिक रिस्पॉन्स मैसेज ऑन रखें। ऐसा करने से आपका समय भी बचेगा और आपको फोन करने वाले को समय रहते आपका जवाब भी मिल जाएगा। सारी जिम्मेदारी खुद पूरी करने की जगह काम को बांटना सीखें। मदद मांगने में हिचकिचाएं नहीं। टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल सीखें और अपने काम को आसान बनाएं। ब्रेक है जरूरी लगातार तनाव में काम करने से कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है और काम भी खराब होता है। लगातार काम करना किसी के लिए संभव नहीं है। नियमित अंतराल पर ऑफिस के काम से ब्रेक जरूर लें। इस दौरान थोड़ा टहल लें या फिर चाय-कॉफी पी लें। ब्रेक में भी तनाव की बातें नहीं करें, बल्कि कुछ ऐसा काम करें, जिससे आपका तनाव कम हो सके। डर का करें सामना अकसर हम सबसे अधिक मुश्किल काम को बाद के लिए छोड़ देते हैं और काम को टालने की इस आदत के कारण काम का बोझ बढ़ता चला जाता है। लंबे समय तक ऐसा करने से मन में यह डर घर करने लगता है कि मैं इस कार्य को करने के लिए सक्षम नहीं हूं। अपनी इस आदत को बदलें। मुश्किल काम को बाद के लिए टालने की जगह उसे जल्द-से-जल्द निपटाएं। व्यवहार रखें सकारात्मक दबाव व तनाव हर काम में होता है, लेकिन अगर आप इस वजह से अपना रवैया नकारात्मक कर लेंगी तो आपके लिए दिक्कतें बढ़ती ही चली जाएंगी। अपने बर्ताव व सोच को सकारात्मक रखें। काम को बोझ समझकर नहीं, बल्कि अपनी कार्यक्षमता व कुशलता को बढ़ाने का एक जरिया मानकर पूरा करें। हर मुश्किल काम को चुनौती की तरह लें और उस चुनौती को सकारात्मक रवैये के साथ पूरा करने की ठानें। ध्यान रखें ये बातें सभी काम के लिए हां कहना जरूरी नहीं है। अगर आप पर काम का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है और आप उसे पूरा कर पाने में सक्षम नहीं हैं तो बेझिझक होकर उस काम के लिए मना करें। तनाव लेकर कोई काम नहीं करें। तनाव काम को आसान बनाने की जगह मुश्किल बना देता है। अपने कंप्यूटर, लैपटॉप में सारी चीजें सुनियोजित तरीके से रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर कोई भी फाइल आपको आसानी से मिल जाए। ऑफिस में अपने काम के प्रति लापरवाही नहीं बरतें। आपकी थोड़ी भी लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है।  

धन और सफलता के लिए जरूरी चेतावनी: पर्स में ये वस्तुएं रखें नहीं

पर्स हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है. हम इसे केवल पैसे रखने के लिए नहीं बल्कि अपने जरूरी कार्ड, पहचान पत्र और कभी-कभी छोटे दस्तावेज भी रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं. वास्तु शास्त्र में भी पर्स को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. कहा जाता है कि पर्स में कुछ चीजें रखने से धन की देवी, माता लक्ष्मी की कृपा नहीं मिलती है. हमेशा धन की कमी बनी रहती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि पर्स में क्या रखना चाहिए और क्या नहीं.  फटे नोट और सिक्के फटे नोट और बुरी हालत में सिक्के पर्स में कभी नहीं रखने चाहिए. ये पैसे की ऊर्जा को नकारात्मक बना देते हैं. अगर आप चाहते हैं कि धन की देवी की कृपा बनी रहे और पैसा हमेशा आपके पास रहे, तो हमेशा पर्स में नए और अच्छे हालत के नोट रखें. पुराने और फटे नोट रखने से धन से संबंधित परेशानियां बढ़ सकती हैं. पुराने बिल इसके अलावा पर्स में पुराने बिल, रसीदें और अनावश्यक कागज रखने से बचें. अक्सर हम पर्स में छोटे-छोटे बिल या रसीदें रख लेते हैं, जो हमारे पर्स को भारी और अव्यवस्थित बना देती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार यह पैसे के प्रवाह में बाधा डालती है. इसलिए समय-समय पर पर्स को साफ करना और पुराने कागजात निकाल देना बहुत जरूरी है. नुकिली चीजें नुकिली या टूट-फूट वाली चीजें भी पर्स में नहीं रखनी चाहिए. जैसे चाबियां, टूटे पेन या कोई भी टूटी हुई छोटी वस्तुएं. ये नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और आपके वित्तीय स्थिति पर बुरा असर डाल सकती हैं. भगवान की मूर्ति कुछ लोग पर्स में भगवान की तस्वीरें भी रखते हैं. लेकिन वास्तु के अनुसार यह भी सही नहीं माना जाता. पर्स एक ऐसी जगह है जो रोज हाथों में आती रहती है और उसमें लगातार पैसे आते-जाते रहते हैं. भगवान की तस्वीर पर्स में रखने से उनका आदर सही ढंग से नहीं हो पाता.

आज का राशिफल 30 नवंबर 2025: कौन पाएगा सफलता, किसके लिए चुनौती भरा रहेगा दिन?

मेष: आज का दिन लव लाइफ के लिए सही जाएगा। आज के दिन इन्वेस्टमेंट सोच-समझकर ही करें। ऑफिस में आने वाली चुनौतियों का डटकर सामना करें, सफलता आपके हाथ लगेगी। आपकी आर्थिक स्थिति सही रहने वाली है। बस आपको अपने खर्चे पर थोड़ा कंट्रोल करना होगा। बात करें आपकी सेहत की तो आज सब सही होगा। वृषभ: रिश्ते में आने वाली हर मुश्किल को सुलझाने की कोशिश आपको ही करनी है। अगर आप सब ठीक से संभाल लेंगे तो चीजें फिर से ट्रैक पर आ जाएगी। ऑफिस में आज का दिन सही जाने वाला है। कुछ चुनौतियां आएंगी लेकिन आप उससे पार पा लेंगे। आज आपकी सेहत भी सही रहेगी। हालांकि खुद के खानपान पर ज्यादा ध्यान देने की जरूर है। आज पैसों के मामले में सावधान रहें। मिथुन: अगर रिश्ता बिखरता हुआ नजर आ रहा है तो उसे बचाने की पूरी कोशिश करे। बस थोड़े से एफर्ट्स लगा लीजिए, बाकी सब ठीक हो जाएगा। वर्कप्लेस पर कुछ चुनौतियां मिलेंगी लेकिन आप सूझबूझ के साथ सब संभाल लेंगे। अपने खर्चे पर नजर बनाए रखें। फालतू की खरीददारी से बचें। आज अपनी सेहत पर थोड़ा ध्यान दें। कर्क: आज लव लाइफ में थोड़ी बहुत दिक्कतें आएंगी लेकिन सब ठीक हो जाएगा और इससे आपका रिश्ता मजबूत ही बनेगा। ऑफिस में आज हर काम में सफलता मिलेगी। सेहत से जुड़ी कुछ दिक्कतें आज परेशान कर सकती हैं। ऐसे में खुद की रूटीन पर ध्यान देने की जरूरत है। आज आपकी आर्थिक स्थिति भी सही रहने वाली है। सिंह: रिश्ते में चली आ रही दिक्कतें आज खत्म होंगी। ऑफिस में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। अपने काम में फोकस बनाकर रखिए। कुछ मुश्किल भरे फैसले भी लेने पड़ सकते हैं। दिन को प्रोडक्टिव बनाकर रखिए। आज आपकी सेहत सही रहेगी। पैसों के मामले में दिन सही जाएगा लेकिन इससे जुड़े फैसले सही लीजिए। कन्या: आज पार्टनर के साथ रिश्ता और भी मजबूत होने वाला है। ऐसे में किसी भी तरह की गलतफहमी को मन में ना पालें। अगर कोई दिक्कत है तो पार्टनर के साथ खुलकर बात करें। ऑफिस में अपना बेस्ट देने की कोशिश करें। पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। आज सेहत ठीक रहेगी। तुला: आज क्रश से दिल की बात कहने का सही दिन है। पार्टनर के साथ प्यार से रहें। किसी भी तरह की बहसबाजी को आज अवॉइड करें। ऑफिस में भी दिन अच्छा जाने वाला है। आपकी मेहनत रंग लाएगी और आपकी तारीफ भी होगी। वहीं आज आपकी आर्थिक स्थिति भी सही रहेगी। आज बड़ी रकम उधार देने से बचें। आपकी सेहत सही रहेगी। वृश्चिक: अपनी लव लाइफ को किसी भी तरह की मुश्किल से दूर ही रखिए। ऑफिस में धैर्य बनाकर रखिए और ठंडे दिमाग से अपना काम करिए। खुद को साबित करने के लिए नई जिम्मेदारी को बेझिझक लें। आज पैसों के मामले में सावधान रहने की जरूरत है। अपने खर्चों पर थोड़ा ध्यान रखें। धनु: आज पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ बैलेंस्ड रहने वाली है। लव लाइफ से जुड़ी कोई दिक्कत तो ध्यान से संभालने की कोशिश करें। इस हफ्ते पैसों से जुड़ी दिक्कत आ सकती है। वहीं आज सेहत भी थोड़ा परेशान कर सकती है। ऐसे में अपने रूटीन को ठीक से फॉलो करना जरूरी है। किसी भी तरह के तनाव से दूर रहें। मकर: आज रिश्ते में दिक्कतें आ सकती हैं। पार्टनर और अपने बीच ईगो को ना आने दें। ऑफिस में प्रेशर रहेगा लेकिन आप डिस्प्लिन की वजह से सब कुछ सही से कर लेंगे। आर्थिक स्थिति सही रहेगी। आपकी सेहत भी दिन ब दिन सही होती जा रही है। कुंभ: आज आपको पार्टनर से कोई सरप्राइज मिल सकता है। प्रोफेशनल लाइफ आज ठीक रहेगी क्योंकि पूरे मन से आप काम कर सकेंगे। किसी भी तरह के बहस में ना पड़ें। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आज सेहत सही रहेगी और आपकी आर्थिक स्थिति भी ठीक रहने वाली है। मीन: आज पार्टनर पर प्यार लुटाने का दिन है। पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताएं। ऑफिस में अपना सारा काम तयशुदा समय पर खत्म करें। इन्वेस्टमेंट के समय सही फैसला लें, इसके लिए सारी चीजों को जांच-परख लें। सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति आज कंट्रोल में होगी।

जानिए गीता जयंती कब है और कैसे करें विशेष पूजा

नई दिल्ली मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी का दिन बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि पर कुरुक्षेत्र के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन, धर्म, कर्म और मोक्ष का वह दिव्य ज्ञान दिया था, जिसे आज हम श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में जानते हैं। उसी स्मृति में हर वर्ष यह पावन दिन गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है। गीता केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन को सही दृष्टि देने वाला शाश्वत मार्गदर्शन है। इसकी शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रभावशाली हैं जितनी हजारों वर्ष पहले थीं। इस वर्ष गीता जयंती 1 दिसंबर 2025, सोमवार को मनाई जाएगी। गीता जयंती पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की उपासना से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। एकादशी तिथि प्रारंभ: 30 नवंबर 2025, रात 9:29 बजे तिथि समाप्त: 1 दिसंबर 2025, शाम 7:01 बजे गीता जयंती 2025 पूजा विधि: एक साफ चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान कृष्ण की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। नई गीता की प्रति को लाल या पीले कपड़े में लपेटकर उनके सामने रखें। फल, पंचामृत, फूल और मिठाई का भोग लगाएं। मंत्र जप करें- “वासुदेव सुतं देवं कंस चाणूर मर्दनम्। देवकी परमानंदं कृष्णं वन्दे जगत्गुरुम॥” गीता का संपूर्ण पाठ करें या कम से कम अध्याय 11 अवश्य पढ़ें। अंत में गीता की आरती करें और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें। गीता के पाठ का महत्व- गीता केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की हर परिस्थिति में सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। कहा जाता है कि गीता जयंती पर गीता का पाठ करने से मन की उलझनें दूर होती हैं, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और जीवन में शांति, साहस और स्पष्टता आती है। यह दिन मनुष्य को याद दिलाता है कि कर्म ही जीवन का मूल आधार है और बिना अपेक्षा के किए गए कर्म ही सच्ची आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करते हैं।

दुनिया के बड़े मंदिरों की सूची में छतरपुर का मां कात्यायनी धाम दर्ज

आद्या कात्यानी शक्ति पीठ मंदिर या छतरपुर मंदिर एक भव्य हिंदू मंदिर है जो मां दुर्गा के कात्यायनी रूप को समर्पित है। छतरपुर मंदिर दिल्ली के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में एक है। यह मंदिर गुड़गांव-महरौली मार्ग के निकट छतरपुर में स्थित है। छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर का शिलान्यास सन् 1974 में किया गया था। इसकी स्थापना कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने की थी। इनकी 1998 में मृत्यु हो गई थी और उनकी समाधि मंदिर परिसर के भीतर शिव-गौरी नागेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित है। कहते हैं कि इससे पहले मंदिर स्थल पर एक कुटिया हुआ करती थी। फिर धीरे-धीरे मंदिर का क्षेत्रफल 70 एकड़ तक फैल गया। आइये जानते हैं कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर की कुछ खास बातें-   संगमरमर से बना है माता का यह भव्य मंदिर   वास्तुकला की दृष्टि से छतरपुर का मंदिर एक अद्भुत मंदिर है क्योंकि इस मंदिर के पत्थर कवितायें दर्शाते हैं। 2005 में दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर बनने से पहले यह छतरपुर मंदिर भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर हुआ करता था। इस मंदिर को पूरी तरह से संगमरमर से बनाया गया था और मंदिर की सभी जगहों पर जाली से काम करवाया गया था। इस तरह की वास्तुकला को वेसारा वास्तुकला कहा जाता है।   मन्नत की चुनरी बांधें   कात्यायनी मां के भव्य मंदिर में जैसे ही आप प्रवेश करते हैं तो आपको एक बड़ा-सा पेड़ दिखाई देता है, जिसको सभी भक्तजनों ने अपने मन्नत की चुनरी, धागे, चूड़ी आदि से पूरा तरह ढंक दिया है। दरअसल एक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।   70 एकड़ में फैला है मां का मंदिर   यह मंदिर 70 एकड़ में फैला है और 20 से अधिक छोटे और बड़े मंदिरों को तीन अलग-अलग परिसरों में विभाजित किया गया है। मंदिर परिसर में नवदुर्गा का एक शयनकक्ष है जहां एक बिस्तर, दोसारी मेज और नौ कुर्सियों के साथ एक मीटिंग टेबल होती है, जो सभी शुद्ध चांदी से बने हुए हैं। इस मंदिर के परिसर में अन्य मंदिर भी हैं जो भगवान गणेश, भगवान राम, भगवान हनुमान और भगवान शिव को समर्पित है।   माँ कात्यायनी के मंत्र का जाप   माँ कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत ओजमयी है। सिंह पर विराजमान माता शक्ति का स्वरूप हैं। माँ की भक्ति द्वारा मनुष्य को धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष फलों की प्राप्ति होती है। माँ कत्यायनी की भक्ति प्राप्त करने के लिए भक्त को इस मंत्र का जाप करना चाहिए-   'या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥   जब ऋषि को मां दुर्गा ने तपस्या से प्रसन्न होकर दिया था दर्शन   पौराणिक कहानी के अनुसार एक बार एक ऋषि ने दुर्गा देवी की कठोर तपस्या की थी। उस ऋषि का नाम कात्यायन ऋषि था। उस ऋषि की कठोर तपस्या को देखकर दुर्गा देवी प्रसन्न हुईं और उस ऋषि के सामने प्रकट हुईं। देवी ने उस ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर कहा कि जो भी वरदान चाहते हो वो अवश्य मांगो। उसके बाद कात्यायन ऋषि ने देवी से कहा कि आप मेरे घर में मेरी पुत्री बनकर जन्म लो। मुझे आपका पिता बनने की इच्छा है। ऋषि के यह शब्द सुनकर देवी प्रसन्न हुईं और उसे इच्छा अनुरूप वरदान दे दिया। देवी ने फिर ऋषि के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया और तभी से देवी के उस अवतार को कात्यायनी देवी अवतार कहा जाता है। इसीलिए दिल्ली के इस मंदिर को कात्यायनी देवी का छतरपुर मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर दिल्ली के दक्षिण पश्चिम के हिस्से में आता है और यह क़ुतुब मीनार से केवल 4 किमी की दूरी पर स्थित है।