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गजकेसरी योग 10 नवंबर को: इन 3 राशियों पर बरसेगी धन और सफलता की वर्षा

ज्योतिषविद देवगुरु बृहस्पति के गोचर को बहुत शुभ मानते हैं. देवगुरु बृहस्पति की चाल लोगों के जीवन को प्रभावित करती है. अभी देवगुरु चंद्रमा के स्वामित्व वाली राशि कर्क में अतिचारी अवस्था में गोचर कर रहे हैं. 18 अक्टूबर को देवगुरु का प्रवेश कर्क राशि में अतिचारी अवस्था में ही हुआ था. देवगुरु पांच दिसंबर तक कर्क राशि में रहने वाले हैं. इस परिवर्तन की वजह से देवगुरु हर दिन किसी न किसी ग्रह के साथ मिलकर शुभ-अशुभ राजयोग बनाते हैं. वहीं 10 नवंबर को दोपहर 01 बजकर 02 मिनट पर चंद्रमा अपनी राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जिसके बाद देवगुरु बृहस्पति चंद्रमा के साथ मिलकर गजकेसरी योग बनाएंगे. देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में आकर पहले से ही हंस महापुरुष राजयोग बना चुके हैं. वहीं गजकेसरी योग के बनने से इन तीन राशि के जातकों को जीवन में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं. इनका भाग्य चमक सकता है. मेष राशि गजकेसरी योग मेश राशि के जातकों के लिए बड़ा ही फायदेमंद साबित हो सकता है. इस दौरान मेष राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलना शुरू हो सकता है. इस दौरान बेरोजगार जातकों को रोजगार की प्राप्ति हो सकती है. आय में बढ़ोतरी हो सकती है. पारिवारिक जीवन सुखद रहने वाला है. कर्क राशि कर्क राशि में ही गजकेसरी योग बनने वाला है. ये योग कर्क राशि के जातकों के लिए बहुत शुभ साबित हो सकता है. इस दौरान कर्क राशि के जातक मानसिक रूप से मजबूत हो सकते हैं. इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय ले सकते हैं. करियर से जुड़ी हुई परेशानियां खत्म हो सकती हैं. साथ ही करियर में नई दिशा मिल सकती है. धन-धान्य की स्थिति भी पहले से बेहतर हो सकती है. कन्या राशि गजकेसरी योग कन्या राशि के जातकों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है. इस दौरान कारोबारी जातकों को धन का लाभ हो सकता है. कारोबार में कोई बड़ी डील हाथ लग सकती है. इस दौरान ख्याति बढ़ सकती है. सामाजिक स्तर पर सक्रिय रह सकते हैं.

तुलसी और दीया: शाम के समय क्यों है यह धार्मिक व स्वास्थ्यवर्धक अभ्यास

भारतीय संस्कृति में तुलसी का पौधा शुद्धता, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है. शाम के समय तुलसी के पास दीया जलाना, घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का एक सरल और प्रभावी उपाय है. तुलसी के पौधे में देवी लक्ष्मी का निवास होता है और तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है . इसलिए इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. जानते हैं शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दिया जलाने से क्या-क्या फायदे होते हैं. तुलसी के पास दीया जलाने का महत्व तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है. जब आप इसके पास रोज दीया जलाते हैं, तो यह घर के माहौल को शुद्ध और पवित्र बनाता है. धीरे-धीरे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है. कहा जाता है कि तुलसी के पास दीया जलाने से घर में शांति बढ़ती है. यह एक सरल उपाय है जो पूरे घर में खुशियां और सकारात्मकता फैलाता है.  देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद शास्त्रों में कहा गया है कि देवी लक्ष्मी तुलसी में निवास करती हैं और भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है. जब हम तुलसी की पूजा करते हैं और उसके पास दीया जलाते हैं, तो लक्ष्मी जी और विष्णु जी दोनों का आशीर्वाद मिलता है. उनकी कृपा से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और हमारे कामों में सफलता और स्थिरता आती है. इससे घर में धन, शांति और सुख-समृद्धि बनी रहती है.  मन की शांति और तनाव से राहत हर शाम तुलसी के पास दीया जलाने से मन को शांति मिलती है. अगर आप ज्यादा सोचते हैं या परेशान रहते हैं, तो यह उपाय आपको आराम और सुकून देता है.  वास्तु के अनुसार लाभ वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे को शुभ और पवित्र माना गया है. हर दिन इसके पास दीया जलाने से घर में धन, सौभाग्य और तरक्की आती है. यह घर की ऊर्जा को मजबूत बनाता है.  जिससे अड़चनें और आर्थिक तंगी दूर होती है. 

आज का राशिफल (8 नवंबर 2025): मकर राशि के लिए शुभ संकेत, जानें सभी राशियों की भविष्यवाणी

मेष राशि- 8 नवंबर को दिन की शुरुआत ऊर्जा और आत्मविश्वास से होगी। काम में तेजी आएगी, रुके हुए काम दोबारा शुरू होंगे। लेकिन जल्दबाजी से बचें। सोच-समझकर कदम बढ़ाना फायदेमंद रहेगा। ऑफिस में आपके विचारों की सराहना होगी, और किसी वरिष्ठ व्यक्ति से मदद मिल सकती है। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत हो रही है, मगर खर्चों पर नियंत्रण रखें। प्यार में थोड़ा समय और भरोसा दोनों की जरूरत है। शाम को परिवार के साथ कुछ अच्छा समय बिताएं। वृषभ राशि- 8 नवंबर को आपका ध्यान काम और पैसों दोनों पर रहेगा। मेहनत का फल मिलने के योग हैं। किसी पुराने प्रयास का परिणाम आज मिल सकता है। अगर नौकरी बदलने का सोच रहे हैं, तो थोड़ा रुकना बेहतर रहेगा। आने वाले हफ्ते ज्यादा अनुकूल हैं। रिश्तों में स्थिरता रहेगी, लेकिन मन में कुछ पुरानी बातें उभर सकती हैं। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान से बचें। शाम को कुछ मीठा खाने का मन करेगा। मिथुन राशि- 8 नवंबर को दिन संवाद और विचारों का रहेगा। आपकी बातों का असर दूसरों पर पड़ेगा। नए कॉन्टैक्ट बन सकते हैं, जो आगे चलकर काम के साबित होंगे। आर्थिक दृष्टि से दिन संतुलित है। यात्राओं या छोटे ट्रिप का योग बन रहा है। लव लाइफ में कोई नई शुरुआत हो सकती है या पुराने रिश्ते में गर्माहट लौटेगी। ध्यान रखें- एक वक्त में बहुत काम न लें, वरना उलझन बढ़ सकती है। कर्क राशि- 8 नवंबर को आपकी भावनाएं गहरी रहेंगी। किसी प्रिय व्यक्ति से पुरानी बातों पर मन भारी हो सकता है। लेकिन आज चीजें समझने और माफ करने का दिन है। कामकाज में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें। धन के मामले में सतर्क रहें। किसी पर आंख मूँदकर भरोसा न करें। पारिवारिक माहौल थोड़ा संवेदनशील रहेगा। सिंह राशि- 8 नवंबर को आपके आत्मविश्वास की चमक सबको दिखाई देगी। आज का दिन बड़े काम या नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए बहुत अच्छा है। ऑफिस में नेतृत्व की भूमिका निभानी पड़ सकती है और आप उसे बखूबी निभाएंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और किसी शुभ समाचार की संभावना है। प्रेम जीवन में जोश रहेगा, लेकिन थोड़ी विनम्रता जरूरी है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, बस जल की कमी से बचें। कन्या राशि- 8 नवंबर को आपके लिए जिम्मेदारी और अनुशासन का दिन रहेगा। काम में गंभीरता से जुटना पड़ेगा, लेकिन परिणाम अच्छे मिलेंगे। आर्थिक रूप से स्थिरता बनी रहेगी। किसी बड़े अधिकारी या वरिष्ठ से मुलाकात फायदेमंद होगी। रिश्तों में आपको थोड़ा धैर्य रखना होगा। साथी की भावनाएं सुनना जरूरी है। सेहत ठीक रहेगी, बस नींद पूरी लें। तुला राशि- 8 नवंबर को आपको अपनी योजनाओं और व्यवहार दोनों में थोड़ा लचीलापन लाना होगा। ऑफिस में किसी सहयोगी के साथ मतभेद हो सकता है, इसलिए शांत रहना बेहतर होगा। पैसे से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं। प्रेम में संवाद की अहमियत बढ़ेगी। अगर मन में कुछ है तो साफ बोलें। शाम को घर या दोस्तों के साथ हल्का फुल्का समय मन को शांति देगा। सेहत का ध्यान रखें। पाचन से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। वृश्चिक राशि- 8 नवंबर को आपका ध्यान रिश्तों और टीमवर्क पर रहेगा। आप दूसरों की मदद करेंगे और बदले में सम्मान पाएंगे। काम में समूह के साथ जुड़ना अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से संतुलन रहेगा, लेकिन निवेश सोच-समझकर करें। प्रेम जीवन में खुलापन और अपनापन दोनों बढ़ेंगे। शाम को मन शांत रहेगा, अगर कोई रचनात्मक काम करें तो संतोष मिलेगा। धनु राशि- 8 नवंबर का दिन संतुलन और सुंदरता का रहेगा। जैसे आपकी राशि का स्वभाव है। आज आप अपने काम में भी आकर्षण और रचनात्मकता ला सकते हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा लेकिन फिजूलखर्ची का ध्यान रखें। रिश्तों में तालमेल बना रहेगा और किसी पुराने दोस्त से मुलाकात खुशी दे सकती है। लव लाइफ में नई उमंग या छोटा सरप्राइज संभव है। सेहत में सुधार के संकेत हैं। मकर राशि- 8 नवंबर को आप रहस्यमय ऊर्जा से भरे रहेंगे। अंदर से कोई नया आत्मविश्वास महसूस होगा। कोई पुराना राज या सच्चाई सामने आ सकती है, जो आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। आर्थिक मामलों में सुधार के योग हैं। किसी निवेश से फायदा मिल सकता है। प्रेम जीवन में गहराई बढ़ेगी, लेकिन भावनाओं में बहने से बचें। ध्यान और मेडिटेशन से मन को स्थिर करें। कुंभ राशि- 8 नवंबर को भाग्य आपका साथ देगा। नए अवसर सामने आएंगे, खासकर यात्रा या विदेश से जुड़ी योजनाओं में। कामकाज में सफलता और सम्मान दोनों मिल सकते हैं। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और कोई पुराना उधार लौट सकता है। लव लाइफ में खुलापन रहेगा। अगर दिल में किसी के लिए जगह है तो आज बात आगे बढ़ा सकते हैं। शाम को बाहर घूमना या मूड बदलना फायदेमंद रहेगा। मीन राशि- 8 नवंबर को आप थोड़े भावनात्मक रहेंगे, लेकिन यही आपकी ताकत भी है। आज दिल की बात सुनें, लेकिन हकीकत से जुड़े रहें। काम में रचनात्मक सोच फायदा दिलाएगी। आर्थिक रूप से स्थिर दिन है, मगर फालतू खर्च से बचें। रिश्तों में सुकून और समझ दोनों बढ़ेंगे। अगर किसी बात से मन भारी है, तो ध्यान या संगीत सुनना अच्छा रहेगा।

शाम के बाद इन कामों से रहें दूर, नहीं तो चली जाती है घर की लक्ष्मी!

हिंदू धर्म शास्त्रों में माता लक्ष्मी को धन, वैभव और ऐश्वर्य की देवी कहा गया है. शास्त्रों के अनुसार, जिस घर में माता लक्ष्मी वास करती हैं, वहां कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती, लेकिन क्या आपको पता है कि सूर्यास्त के बाद घर में कुछ काम करने से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और फिर वो घर छोड़ देती हैं. ऐसे में आइए जान लेते हैं कि सूर्यास्त के बाद हमें घर में कौन से काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए? झाड़ू लगाना सूर्यास्त के बाद घर में कभी भी झाड़ू नहीं लागाना चाहिए. मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाने से माता लक्ष्मी रुष्ठ होती हैं और घर छोड़कर चली जाती हैं. मान्यताएं ये भी हैं कि झाड़ू किसी बाहरी व्यक्ति की निगाह में नहीं आना चाहिए. इसलिए घर में झाड़ू हमेशा छिपाकर रखा जाता है. पैसों का लेन-देन वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि सूर्यास्त के बाद शाम के समय किसी से पैसों का लेन-देन नहीं करना चाहिए. इस समय न तो किसी को पैसा उधार देना और न ही किसी से पैसा उधार लेना चाहिए. ऐसा करने से भी माता लक्ष्मी रुष्ठ होती हैं. इसके अलावा मंगलवार भी एक ऐसा दिन माना जाता है, जिस दिन पैसों के लेन-देन से बचना चाहिए. नमक देना सूर्यास्त के बाद शाम के समय किसी को भी घर की रसोई से नमक नहीं देना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र में नमक का संबंध शुक्र और चंद्रमा से बताया गया है. शाम को अगर दूसरों को नमक दिया जाता है, तो इससे घर के धन-धान्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है. जो लोग ऐसा करते हैं उनका घर कभी उन्नत नहीं होता. शाम के समय सोना सूर्य के ढलने के बाद शाम को कभी भी सोना नहीं चाहिए. ऐसा करने वाले लोगों के घर में दरिद्रता का वास हो जाता है. शाम के समय सोने की बजाय मंदिर में दीपक प्रज्वलित करके पूजा-पाठ करना चाहिए. तुलसी के पौधे को छूना धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि तुलसी के पौधे में स्वंय माता लक्ष्मी वास करती हैं. शाम के समय तुलसी को छूने से माता लक्ष्मी नाराज होती हैं, इसलिए भूलकर भी शाम के समय तुुलसी न छूएं.

बुढ़ापे में इज़्ज़त और अपनापन चाहते हैं तो अभी से सुधारें ये व्यवहार

बच्चों की परवरिश में कई बार पैरेंट्स ऐसी गलतियां करते हैं। जिनका पता उन्हें तब होता है जब वो बिल्कुल बूढ़े और असहाय हो जाते हैं। यानि बच्चा जब बड़ा हो जाता है। बच्चे के मन में खुद के लिए हमेशा रिस्पेक्ट और प्यार बनाकर रखना चाहते हैं तो अपनी इन आदतों को आज से ही अलविदा कह दें। जिससे बच्चे बड़े होने के बाद भी आप से प्यार करते रहें और सम्मान दें। ना दें हमेशा लेक्चर काफी सारे पैरेंट्स की आदत होती है कि अपने बच्चों को हर छोटी-बड़ी बात पर लेक्चर देना शुरू कर देते हैं। बच्चों को कभी भी समझने की कोशिश नहीं करते और ना ही बच्चों की बातों को समझना जरूरी समझते हैं। पैरेंट्स की ऐसी हरकतें बच्चों के मन पर बुरा असर डालती हैं और वो पैरेंट्स से हमेशा दूरी बनाकर रखते हैं। जिससे बुढ़ापे में भी उनका साथ नहीं देते। खुद की गलती को ना मानना पैरेंट्स भी इंसान होते हैं और उनसे भी गलती हो सकती है। लेकिन अपने बच्चों के सामने अगर आप कभी भी अपनी गलती को एक्सेप्ट नहीं करते। अगर आप बच्चों के सामने अपनी गलती को एक्सेप्ट करते हैं तो इससे बच्चों के मन में पैरेंट्स के लिए प्यार और सम्मान का अलग लेवल देखने को मिलता है। दूसरों के साथ कंपेयर पैरेंटिंग में ये बात हमेशा सिखाई जाती है कि बच्चों की तुलना दूसरे बच्चे फिर चाहे खुद के हो या फिर पड़ोसी के, कभी ना करें। हर बच्चा यूनिक होता है और उसके पास अलग खूबी होती है। बच्चे की तुलना दूसरे से करना ना केवल कॉन्फिडेंस लेवल को हिला देता है बल्कि इससे बच्चे पैरेंट्स के प्रति निगेटिव सोचना शुरू कर देते हैं। रूल्स ना तोड़े बच्चों के लिए रूल्स तो सभी बनाते हैं लेकिन उन रूल्स को फॉलो करवाना टास्क होता है। अपने बच्चों से सेट बाउंड्री के आगे बढ़ना और रूल्स ना तोड़ने का एक्जाम्पल सेट करें। जिससे वो अपने रूल्स को फॉलो करने के लिए ज्यादा सीरियस हों। आपकी ये कुछ आदतें बच्चों के मन में पैरेंट्स के लिए रिस्पेक्ट लाती हैं। बच्चों से जो कहें वो खुद भी करें अगर आप बच्चों को अच्छी बातें, आदतें सिखा रहे हैं तो उन्हें वो करके दिखाएं। बच्चे वहीं सीखते हैं जो पैरेंट्स को करते देखते हैं। अगर आप खुद हेल्दी फूड नहीं खाते और एक्सरसाइज नहीं करते तो बच्चे को हेल्दी रहने के लिए नहीं बोल पाएंगे। ठीक यहीं बात लाइफ के रूल्स पर भी लागू होती है। बच्चों से रिस्पेक्ट चाहिए तो केवल बोलें नहीं बल्कि करके दिखाएं।  

घर में रोज कपूर जलाने से मिलते हैं ये 5 शुभ परिणाम, वास्तु शास्त्र में बताया गया है खास कारण

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कई चीजों का इस्तेमाल जरूरी होता है। इनमें से एक है कपूर। आरती के समय कपूर जलाना शुभ माना जाता है। कपूर जलाने के कई फायदे हैं। वहीं शास्त्रों में भी इस बात का जिक्र है कि कपूर से नकारात्मक ऊर्जा जल्दी खत्म हो जाती है। मेडिकल साइंस की ओर से भी कपूर के कई फायदे बताए जाते हैं। कुल मिलाकर कपूर को रोजाना घर में जलाने से कई फायदे मिलते हैं। आज जानते हैं कुछ ऐसे फायदों के बारे में जो हमारे घर के वास्तु के हिसाब से भी काफी सही है। 1. खत्म होता है वास्तु दोष अगर आप घर में रोजाना कपूर की लौ प्रज्जवलित करना शुरू कर देंगे तो इससे घर में लगा हुआ वास्तु दोष धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। वास्तु दोष के खत्म होते ही घर में सुख-शांति फिर से आने लगती है। साथ ही घर में सौभाग्य भी लौटकर वापस आता है। ऐसे में रोजाना कपूर जलाना बेहद ही जरूरी है। 2. घर में आती है सकारात्मक ऊर्जा पूजा-पाठ के दौरान रोजाना कपूर जलाकर आरती करने से आपका मन शांत रहेगा। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। इससे घर के सदस्यों की जिदंगी में ग्रोथ होती हैं साथ में और भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। 3. आर्थिक समृद्धि में वृद्धि कपूर की ऊर्जा काफी पावरफुल होती है। इसकी महक से घर के हर एक कोने में ये ऊर्जा जाती है। इसे रोजाना जलाने से आर्थिक संकट दूर होता है। ऐसे में धन-धान्य में वृद्धि होती है। 4. बुरी नजर करता है दूर बुरी नजर हटाने के लिए कपूर सबसे सही चीज है। बस इसके साथ आप लौंग भी ले लेंगे तो इसकी ऊर्जा और भी बढ़ जाती है, जोकि बुरी नजर हटाने के लिए जरूरी है। आप चाहे तो रोज कपूर जलाकर अपने घर को क्लींज कर सकते हैं ताकि किसी भी तरह की बुरी ऊर्जा और नजर दूर की जा सके। 5. खत्म होता है ग्रहों का बुरा प्रभाव जिन लोगों को किसी ग्रह का दोष है वो लोग भी कपूर जलाकर अपनी मुश्किलों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ग्रहों के दोष के चलते जीवन में कई काम बनते-बनते बिगड़ जाते है। ऐसे में बाकी उपायों के साथ-साथ घर में रोजाना कपूर जलाने से इस मामले में शांति मिलेगी।

मार्गशीर्ष में क्यों की जाती है श्रीकृष्ण की शंख और तुलसी से पूजा — जानें धार्मिक महत्व और विधि

कार्तिक मास के बाद मार्गशीर्ष का महीना आता है। ऐसा कहा जाता है कि सतयुग में देवों ने मार्गशीर्ष से ही नया साल शुरू किया था। इस महीने में भगवान कृष्ण की पूजा का बहुत अधिक महत्व है। इस महीने में तुलसी और शंख से भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। सुबह शाम गायत्री मंत्र का जाप करें। ऐसा कहा जाता है कि अगहन के महीने में विष्णु भगवान का गरुड़ की पीठ पर लक्ष्मी के साथ बैठे हुए भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। इस महीने में धूप, आरती, स्नान, पूजा के समय भगवान ‌विष्णु के आगे घंटा बजाएं। एक शंख लें और उसमें चंदन रखें और महीने में रोज भगवान विष्णु को अर्पित करें। इसके अलावा अगहन में तुलसीदल और आंवला भी भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए। जो इस तरह भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस महीने में बेला, चमेली, जही, अतिमुक्ता (माधवी लता), कनेर, वैजयन्ती, विजया, चमेली के गुच्छे से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा इस महीने में भगवान विष्णु को तुलसी की मंजरियां अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने पर मोक्ष मिलता है। स्कंदपुराण में लिखा है कि भगवान विष्णु को बिल्वपत्र, शमीपत्र, चमेली और कमल , कौस्तुभमणि से भी ज्यादा तुलसीदल भगवान विष्अणु को अधिक प्रिय हैं। ऐसी तुलसी जिसके पत्ते कटे न हों ओर जो मंजरीके साथ हो, ऐसी तुलसी भगवान विष्णु को लक्ष्मीजी के तरह प्रिय है। इसके अलावा मार्गशीर्ष मास में कपूर से दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करनी चाहिए। इसलिए मार्गशीर्ष महीने में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। इस महीने में तीर्थ स्नान जरूर करना चागिए, इससे पुण्य मिलता है और हर तरह के रोग, शोक दूर होते हैं।

शांति भरा जीवन चाहिए तो इन 5 लोगों से रहें सावधान

हर कोई चाहता है कि उनकी लाइफ शांति और सुकून से भरी रहे। जीवन में खूब तरक्की करना भी सभी चाहते हैं। कुल मिलाकर किसी के लाइफ गोल पूछें तो मोटा-मोटा यही तीन-चार चीजें निकल कर आती हैं। अब सवाल है कि खुद के लिए ऐसी लाइफ कैसे बनाई जाए। मेहनत और किस्मत, तो दो जरूरी फैक्टर्स हैं ही लेकिन आपके इर्द गिर्द कैसे लोग हैं, ये भी बहुत मायने रखता है। आपने बड़े-बुजुर्गों से भी सुना होगा कि आपकी संगति ही आपके जीवन की दिशा और दशा तय करती है। कई बार हमारे सर्कल में ऐसे लोग मौजूद होते हैं, जो आसपास एक नेगेटिविटी का जैसे घेरा सा बना देते हैं। इनके आसपास रहकर शांति, सुकून और सफलता की तलाश करना, लगभग नमकुकिन होता है। अगर आप भी जीवन में पॉजिटिव बदलाव चाहते हैं, तो इन खास किस्म के लोगों से दूर रहें। 'अरे तुम्हारी दोस्त तुमसे ज्यादा सुंदर है ', 'देखो उन्होंने तो ये कर लिया लेकिन तुम अभी तक नहीं कर पाए'। ऐसा कितनी बार कुछ लोग मजे-मजे में बोल जाते हैं, जो कहीं ना कहीं आपके मन में बैठ जाता है। ये उस किस्म के लोग होते हैं, जिन्हें खूब मजा आता है आपकी दूसरों से तुलना करने में। इनका मकसद ही होता है कि कैसे आपको छोटा दिखाया जाए, ताकि आप भी अपनी नजरों में खुद को ले कर ऐसा ही सोचें। अगर आसपास भी आपको ऐसे लोग दिखते हैं, तो इन्हें अवॉइड करने की कोशिश करें। कभी अवॉइड ना कर पाएं तो खुद के लिए जरूर स्टैंड लें। जो दूसरों की चुगली में हों एक्सपर्ट इस खास किस्म के लोग हमारे आसपास अक्सर मिल जाते हैं। इन्हें दूसरों की बुराई करने, किसी को छोटा दिखाने में खूब मजा आता है। लेकिन एक बात याद रखिएगा जितनी शिद्दत से ये दूसरों की चुगली आपके साथ करते हैं, उतने ही मजे से आपकी चुगलियां भी दूसरों के आगे उड़ेलते नजर आएंगे। वैसे भी किसी की बुराई कर के खुशी कभी मिलने से तो रही। इसलिए आसपास शांति और सुकून चाहिए जो ऐसे लोगों को अपनी लाइफ से कट कर दें। जो आपके सपनों का उड़ाते हों मजाक कुछ लोग होते हैं जो आपके सपनों का मजाक उड़ाते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने कहा कि आपको फ्यूचर में एक बड़ा घर या गाड़ी लेनी है। तो इनका सबसे पहला रिएक्शन यही होगा 'रहने दो आपसे हो गया', 'अरे अपनी औकात में रहकर सपने देखो'। इस तरह के टॉक्सिक लोग कभी आपको कुछ ऊंचा सोचने ही नहीं देंगे। आप कुछ अच्छा भी कर लें तो उसमें कमियां निकाल देंगे कि ये तो हर कोई कर लेता है। ऐसे लोगों से अगर समय रहते ना बचे, तो ये आपको नेगेटिविटी, डर, इनसिक्योरिटी जैसी नेगेटिव चीजें दिए बिना नहीं छोड़ने वाले। सिर्फ अपना मतलब निकालने वाले कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो आपके आसपास सिर्फ तभी दिखाई पड़ते हैं, जब इन्हें आपसे कुछ चाहिए होता है। सिर्फ अपने मतलब के लिए ये आपसे अपने रिश्ते ठीक रखते हैं। वहीं जैसे ही आपको इनकी कभी जरूरत पड़ जाए, ये फोन उठाना तक बंद कर देते हैं। ऐसे मतलबी लोगों को पहचानना सीखें और जितना हो सके इनसे दूर रहें। इन्हें आपके इमोशन, आपके स्ट्रगल किसी की कोई परवाह नहीं होती। ऐसे टॉक्सिक लोगों सिर्फ आपकी एनर्जी, टाइम और पैसा जाया करते हैं; बिना किसी वैल्यू एडिशन के। हमेशा नेगेटिव रहने वाले वाले लोग कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ थोड़ी देर बैठ जाने से ही सबकुछ बड़ा नेगेटिव सा लगने लगता है। ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने सारी एनर्जी सोख ली हो। ये होते हैं नेगेटिव किस्म के लोग, जो हर चीज में नेगेटिविटी ढूंढ लेते हैं। ये हमेशा सिर्फ दुखड़ा रोते हैं, हर चीज की शिकायत करते रहते हैं लेकिन उसे बदलने के लिए करना कुछ भी नहीं चाहते। ऐसे लोगों के साथ रहने से ना सिर्फ आपकी मेंटल पीस खराब होती है, बल्कि जिंदगी को देखने का आपस रवैया की नेगेटिव होने लगता है।  

“ग्रहों का कहर! अतिचारी गुरु और वक्री शनि से बढ़ेगी दुर्घटनाओं की संभावना?”

  दिसंबर माह साल 2025 का अंतिम माह होगा. इस साल कई संघर्ष और दुर्घटनाएं देखने को मिलीं. इस साल को संघर्ष और दुर्घटनाओं से भरा साल कहना गलत नहीं होगा. इस साल भारत सहित दुनियाभर में कई ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं, जिन्होंने जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाया. इन घटनाओं में अहमदाबाद में हुआ प्लेन क्रैश प्रमुख था. इसके साथ-साथ कई देशों के बीच युद्ध के हालात भी पैदा हुए. ऐसे में आइए ज्योतिष दृष्टि से जान लेते हैं साल 2025 में होने वाली इन दुर्घटनाओं का कारण. तिचारी गुरु इस साल मई के महीने में गुरु ग्रह ने अतिचारी चाल शुरू की थी, अतिचारी का अर्थ है, जब कोई ग्रह उसकी समान्य गति से अधिक तेजी से चलने लगता है. साल 2032 तक गुरु अतिचारी गति से ही चलने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र गुरु की अतिचारी गति को अच्छा नहीं मानता. साथ ही इस साल मई माह के अंत में छह ग्रह एक ही राशि में गोचर कर रहे थे. मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के समय भी गुरु की चाल अतिचारी थी. महाभारत के युद्ध के दौरान भी छह ग्रह एक ही राशि में गोचर कर रहे थे. इस साल भी गुरु के अतिचारी होने की वजह से भारत समेत पूरी दुनिया ने कई दुर्घटनाएं हुईं. इस साल भारत-पाकिस्तान और ईरान-इजरायल की आपस में भीड़ंत हो गई थी. मंगल-केतु युति मंगल और केतु ने इस साल 7 से लेकर 28 जुलाई तक युति बनाई थी. मंगल और केतु की युति के 5 दिन बाद ही 12 जून 2025 को अहमदाबाद में विमान क्रैश हो गया था. इसमें 241 लोग मारे गए थे. इस बीच ही ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के हालात बन गए थे. ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो 2026 की शुरुआत में भी ग्रह ऐसी स्थिति में रहने वाले हैं. शनि वक्री शनि ग्रह इस साल 13 जुलाई को वक्री हुए थे. 28 नवंबर तक शनि इसी अवस्था में रहेंगे. वक्री शनि पर इस साल मंगल की भी दृष्टि थी. जब शनि और मंगल एक दूसरे पर दृष्टि डालते हैं, तो हिंसा होती है. युद्ध होता है. 2025 में अभी और क्या हो सकता है? इस माह के अंत में 29 तारीख को शनि मार्गी हो जाएंगे. वहीं 5 दिसंबर को गुरु अतिचारी अवस्था में मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे. शनि के मार्गी होने से कुछ बड़े नतीजे आ सकते हैं. कुछ नेता गिरफ्तार हो सकते हैं. युद्ध का परिणाम निकल सकता है. हालांकि अतिचारी गुरु की वजह से धार्मिक उन्माद देखने को मिल सकता है. कुछ लोग धर्म के नाम पर जहर फैला सकते हैं. विश्व स्तर पर कुछ आपदाएं लोगों के लिए समस्या बन सकती हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा क्यों मानी जाती है सुख-समृद्धि की कुंजी

वास्तु शास्त्र में घर की प्रत्येक दिशा का विशेष महत्व बताया गया है लेकिन उत्तर दिशा को अत्यंत शुभ और समृद्धि देने वाली दिशा माना गया है। यह दिशा न केवल धन के देवता कुबेर जी का स्थान है, बल्कि अवसरों, सकारात्मक ऊर्जा और विकास का भी प्रतीक है। सही तरीके से इस दिशा का उपयोग करने पर घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। उत्तर दिशा में उचित वस्तुएं रखने और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने से जीवन में आर्थिक उन्नति, स्थायित्व और सफलता के नए द्वार खुलते हैं। यही कारण है कि वास्तु में उत्तर दिशा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। घर में उत्तर दिशा का महत्व वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा को शुभता और अवसरों की दिशा कहा गया है। यह दिशा सूर्य की किरणों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार मानी जाती है। इस दिशा में प्रकाश, हवा और ऊर्जा का प्रवाह सबसे संतुलित होता है, जो घर के वातावरण को जीवंत और ऊर्जावान बनाता है। मान्यता है कि यदि इस दिशा को साफ-सुथरा, खुला और अवरोध रहित रखा जाए, तो घर में धन, सौभाग्य और खुशहाली स्वतः प्रवेश करती है। उत्तर दिशा का वास्तु अनुकूल होना व्यक्ति के करियर और व्यवसाय में स्थिरता लाता है और घर के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाता है। कुबेर जी की प्रतिमा का महत्व वास्तु शास्त्र में धन के देवता कुबेर जी को उत्तर दिशा का स्वामी माना गया है। यदि घर की उत्तर दिशा में कुबेर जी की सुंदर, स्वर्ण या चांदी की प्रतिमा स्थापित की जाए, तो यह धन वृद्धि और सफलता का सूचक बनती है। मान्यता है कि इससे घर में अटका हुआ पैसा लौट आता है और नए आय स्रोत खुलते हैं। कुबेर जी की प्रतिमा को हमेशा साफ, सुगंधित और प्रकाशमान स्थान पर रखें। प्रतिमा के पास कपूर या घी का दीपक जलाने से घर में धन की आवक बढ़ती है और आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त हो जाती हैं। घर की उत्तर दिशा में श्रीयंत्र का प्रभाव श्रीयंत्र को मां लक्ष्मी का प्रतीक और धन आकर्षण का शक्तिशाली साधन माना गया है। वास्तु के अनुसार इसे घर की उत्तर दिशा में स्थापित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। यह घर के वातावरण को पवित्र करता है और आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है। श्रीयंत्र को रोजाना जल, पुष्प और अगरबत्ती से पूजन करने से जीवन में तरक्की के अवसर बढ़ते हैं। ध्यान रहे कि श्रीयंत्र को हमेशा साफ और ऊर्जावान रखें। नियमित साधना से यह न केवल धन-समृद्धि लाता है बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता है।