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सीढ़ियों के नीचे रखने योग्य और न रखने योग्य चीजें: जानिए वास्तु टिप्स

हर घर में जगह का पूरा इस्तेमाल करने के लिए लोग अक्सर सीढ़ियों के नीचे की खाली जगह का इस्तेमाल करना चाहते हैं। खाली जगह है, तो जरूर उसका उपयोग होना चाहिए। मगर, साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि वास्तु के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे की एनर्जी कुंठित होती है। दरअसल, सीढ़ियों को घुमावदार बनाया जाता है। इससे सीढ़ियों के नीचे की एनर्जी अस्त-व्यस्त और निगेटिविटी से भर जाती है। लिहाजा, कुछ चीजों को सीढ़ियों के नीचे नहीं रखना चाहिए। आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि आपको किन चीजों को वहां रखने से परहेज करना चाहिए और किन चीजों को रख सकते हैं वहां। पेट्स के बैठने की जगह सीढ़ियों के नीचे की जगह का इस्तेमाल पेट्स को रखने के लिए नहीं करना चाहिए। वहां की अस्त-व्यस्त एनर्जी की वजह से पेट का संतुलन बिगड़ सकता है। वह मानसिक तौर पर परेशान हो सकता है। उसका व्यवहार आक्रामक हो सकता है। या वह बीमार हो सकता है। लिहाजा, ऐसा नहीं करें। पढ़ने की जगह न बनाएं सीढ़ियों के नीचे स्टडी टेबल लगाकर उसे पढ़ने की जगह के रूप में इस्तेमाल नहीं करें। यदि आप ऐसा करते हैं, तो आप पाएंगे कि बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। साथ ही वह अपनी स्टडीज पर फोकस भी नहीं कर पाएगा। भगवान का मंदिर नहीं बनाएं सीढ़ियों पर पैर रखकर आप चलते हैं। उसके नीचे मंदिर होने का मतलब है कि आप भगवान के ऊपर पैर रखकर निकल रहे हैं। इसका निगेटिव असर आपके घर में होने लगता है और कई तरह की परेशानियां सामने आ सकती हैं। साथ ही वहां ऐसी कोई अलमारी न रखें, जिसमें आप पैसे रखते हैं। दरअसल, रुपए-पैसे मां लक्ष्मी और कुबेर से संबंधित हैं। सीढ़ियों के नीचे उन्हें रखने से आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। घर में घन की बचत कम हो सकती है। क्या रखें सीढ़ियों के नीचे सीढ़ियों के नीचे की जगह को खाली छोड़ देना बेहतर होगा। हालांकि, यदि आप उस जगह का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो उसे स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा उस जगह का इस्तेमाल आप जूते रखने का रैक के रूप में भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप कभी-कभार उपयोग होने वाले बर्तन आदि रखने के लिए भी इस जगह का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस जगह पर आप गमले में लगाकर छोटे पौधे रख सकते हैं, जो आपके घर के इंटीरियर को चार चांद लगा सकता है।  

तनाव का चक्र: जब चिंता बढ़ाए चिंता

तनाव को लेकर एक और तनाव। जीवन में अनेक समस्याएं हैं। समस्याएं पीड़ित करती हैं। लोग तनाव में आते हैं लेकिन भारत के लोग तनाव को लेकर प्राय चिकित्सकों के पास नहीं जाते। दुनिया के तमाम देशों में मनोविश्लेषकों के पास लम्बी कतारे हैं। संपन्न लोग निजी मनोचिकित्सक भी रखते हैं लेकिन भारत में मनोविश्लेषकों के पास भीड़ नहीं है। मनोविश्लेषक हैरान हैं। सो इस पेशे के समर्थक भारत को पिछड़ा बताते हैं। मनोविश्लेषक तनाव को रोग बताते हैं। वे तमाम प्रश्न पूछते हैं परामर्श देते हैं। इसे काउंसिलिंग कहा जाता है। लेकिन तनाव का समाधान प्रायः नहीं होता। मैं अपना उदाहरण दूं। राजनैतिक कार्यकर्ता हूं। मंच पर जगह चाहिए, माल्यार्पण चाहिए और आगे पीछे माइक भी। मंच, माला, माइक राजनैतिक कार्यकर्ता के आभूषण हैं। वे नहीं मिलते तो तनाव होता है। मनोविश्लेषक मेरे जैसे यशलोलुप को क्या परामर्श देंगे? ज्यादा से ज्यादा सुझाव देंगे कि ऐसा हर सभा में जरूरी नहीं। कहेंगे कि परिस्थिति को यथातथ्य समझना आवश्यक है। वैसे राजनीति तनाव का क्षेत्र है ही। यहां प्रतिपल तनाव हैं। मेरे एक मित्र वरिष्ठ राजनेता अक्सर तनाव में रहते हैं। अखबार में उनका नाम पहले नम्बर पर नहीं आता। तनाव सब तरफ है। क्रिकेट के खेल में मनपसंद टीम नहीं जीती तो भी तनाव लेकिन तनाव बीमारी नहीं है। यह जीवन दृष्टि का ही उपहार है। दर्शन की अनेक धाराएं हैं लेकिन जीवन साियता के ढंग सिर्फ दो। हम आस्तत्व के अंग हैं। आस्तत्व का हरेक अंग, अणु और परमाणु गतिशील है। इसी गति में हम सब भी गतिशील है। अस्तित्व के साथ गतिशील होना विराट प्रवाह का आनंद पाना है। नदी बह रही हैं। हम बहाव के विपरीत तैर रहे हैं। संघर्ष स्वाभाविक है। संघर्ष का ताप अंदर तक होना ही तनाव है। लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। हम नदी के प्रवाह में स्वयं को छोड़ सकते हैं। अब नदी की इच्छा ही हमारी इच्छा। वह जहां चाहे, वहां ले जाए। काहे का संघर्ष। तनाव का कोई प्रश्न ही नहीं। अस्तित्व विराट। नदी जैसा। हम आस्तत्व के अंग हैं। अस्तित्व नाद के ही प्रवाह। उपनिषद के ऋषि बता गये हैं- इकाई होना दुख है। अनंत होना आनंद। बूंद होना पीड़ा है, नदी या सागर होना परमबोध और आनंद। अनंत होने की अनुभूति का मार्ग सीधा है। यहां कोई बौध्दिकता नहीं। ऋक पंथ है यह। आस्तत्व का जस तस स्वीकार। अस्तित्व ही निर्णायक है। हम कौन होते हैं, निर्णय लेने वाले? यही आस्तिकता है। अस्तिकता किसी अज्ञात ईश्वर के प्रति विश्वास नहीं है। अस्तित्व प्रत्यक्ष है। जड़ के हरेक अणु से चेतना झांक रहा है। पेड़ से, शाख से, पत्ती और फूल से चेतना ही चेतन की गूंज है। हरेक प्राणी, धूल का कम या कीट पतिंग अस्तित्व का ही चेहरा है। सबका स्वीकार। सबके प्रति नमन। लेकिन ऐसा आसान नहीं। अनुभूति और दर्शन की बातें दीगर हैं लेकिन स्वयं को अस्तित्व के साथ एकात्म जानना आत्मबोध से ही संभव है। एकाकीपन डराता है। हम अज्ञात भविष्य के प्रति भयभीत होते हैं। तब हम वर्तमान में नहीं होते। हम भविष्य की कल्पित आशंकाएं वर्तमान में ले आते हैं। मनोविज्ञान पर ढेर सारी किताबें हैं। वे जटिल हैं। डा.कृष्णदत्त उप्र के प्रतिष्ठित मनोविज्ञानी ने जीवन मनोविज्ञान नाम से एक सुंदर पुस्तक लिखी है। तनाव वाले अध्याय में लिखते हैं तनाव की उत्पति भविष्यगत कारणों से होती है। यह काल्पनिक स्थिति है। खेल मन का है। प्रभाव तन पर भी पड़ता है। मन तनावग्रस्त तो तन भी। मन और तन दो अलग सत्ता नहीं हैं। सूक्ष्म मन का स्थूल भाग तन है या स्थूल तन का अतिसूक्ष्म भाग मन। स्वयं को एकांकी जानना ही गलत है। लेकिन तनाव निन्दनीय नहीं है। दुनिया के सारे महान दार्शनिक और वैज्ञानिक तनाव में रहे। उनमें प्रकृति की गतिशीलता को समझने का तनाव था। जान पड़ता है कि सविता सूर्य भी उगने और अस्त हो जाने का कर्तव्य पालन पूरा करने के लिये तनावग्रस्त रहे होंगे। इसी तनाव ने उन्हें नियमबध्द आचरण दिया। नदिया तनाव में ही समुद्र की ओर भागती हैं तेज रफ्तार। इसी तनाव में उन्होंने अपनी गति को लयबध्द बनाया। तनाव हड़बड़ी है। नियम-बध्दता आश्वस्ति है। प्रकृति में नियमबध्दता है। हममें नहीं है। प्रकृति हड़बड़ी में नहीं है, हम हड़बड़ी में हैं। वैदिक पूर्वजों में हड़बड़ी नहीं थी। काहे की जल्दबाजी? वे 100 बरस जीना चाहते थे, जानते थे कि बार-बार किसी न किसी रूप में संभवन होता है। अनंत इच्छाएं हैं तो समय भी अनंत है। कोई शीघ्रता नहीं। इसी आश्वस्ति भाव में उन्होंने काव्य और मंत्र रचे।  

धनतेरस पर ये खरीदारी बनाए आपकी किस्मत चमकदार, सोना-चांदी से भी ज्यादा लाभदायक

धनतेरस एक ऐसा पर्व है जो हमें धन, स्वास्थ्य और खुशियों का संदेश देता है। इस दिन की गई खरीदारी केवल भौतिक समृद्धि नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक समृद्धि का भी प्रतीक है। इस दिन को मनाने और खरीदारी करने से न केवल आर्थिक लाभ होता है बल्कि परिवार में भी प्रेम और एकता बनी रहती है। धनतेरस पर की गई पूजा और खरीदारी से जीवन में सुख और समृद्धि का संचार होता है, जो हमें और हमारे परिवार को एक नई दिशा में आगे बढ़ाता है। धनतेरस पर खरीदारी करने की परंपरा और मान्यता दोनों हैं। सदियों से ये रीत चली आ रही है की दिवाली का आरंभ धनतेरस की शॉपिंग से होता है। देवी लक्ष्मी की तरह ही भगवान धन्वंतरि भी सागर मंथन से उत्पन्न हुए हैं। धनवंतरि जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था इसलिए इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है। धनतेरस के दिन सोने और चांदी के बर्तन, सिक्के और आभूषण खरीदने की परम्परा रही है। सोना सौंदर्य में वृद्धि तो करता ही है, मुश्किल घड़ी में संचित धन के रूप में भी काम आता है। कुछ लोग शगुन के रूप में सोने या चांदी के सिक्के भी खरीदते हैं। यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें 13 गुणा वृद्धि होती है। लोग इस दिन ही दीवाली की रात पूजा करने के लिए लक्ष्मी व गणेश जी की मूर्ति भी खरीदते हैं। इसे अभिजीत मुहूर्त अथवा सूर्यास्त के बाद खरीद कर घर ले आएं। फाइनेंशियल कंडीशन को स्थिर करने हेतु नए झाड़ू पर सफ़ेद रंग का धागा बांधकर उपयोग में लाएं। पुरानी झाड़ू को आधी रात के बाद घर से बाहर निकालें। लोक मान्यता के अनुसार इस अवसर पर धनिया के बीज खरीद कर भी लोग घर में रखते हैं। ऐसी जनश्रुति है कि इस दिन सूखे धनिया के बीज खरीद कर घर में रखना भी परिवार की धन संपदा में वृद्धि करता है। दीवाली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों या खेतों में बोते हैं। ये बीज उन्नति व धन वृद्धि के प्रतीक होते हैं। बदलते दौर के साथ लोगों की पसंद और जरूरत भी बदली है। कुछ लोग धनतेरस के दिन विलासिता से भरपूर वस्तुएं खरीदते हैं तो कुछ जरूरत की वस्तुएं खरीद कर धनतेरस का पर्व मनाते हैं। वैश्वीकरण के इस दौर में भी लोग अपनी परम्परा को नहीं भूले हैं और अपने सामर्थ्य के अनुसार यह पर्व मनाते हैं। धनतेरस के दिन वाहन खरीदने का फैशन सा बन गया है। लोग इस दिन गाड़ी खरीदना शुभ मानते हैं। कुछ लोग मोबाइल, कम्प्यूटर और बिजली के उपकरण इत्यादि भी धनतेरस पर ही खरीदते हैं। धनतेरस पर हीरा और चांदी खरीदना शुभ होगा। सोना लेने की इच्छा है तो बिस्कुट अथवा बॉड खरीदें।

आज का राशिफल (11 अक्टूबर 2025): मेष से मीन तक कौन सी राशि रहेगी भाग्यशाली?

मेष राशि- आज का दिन आत्मविश्वास और जोश से भरपूर रहेगा। आप जिस काम को सोचेंगे, उसमें पूरी लगन से जुटेंगे और अच्छे परिणाम भी मिलेंगे। कार्यस्थल पर किसी नई जिम्मेदारी की संभावना है, जो आगे चलकर प्रमोशन का रास्ता खोल सकती है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्चों से बचना चाहिए। परिवार में कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में नयापन और गहराई दोनों महसूस होगी। मन के भीतर जोश रहेगा, पर कभी-कभी भावनाओं पर काबू रखना जरूरी होगा। वृषभ राशि- आज दिन थोड़ा संतुलन मांगता है। कई काम एक साथ आएंगे, जिससे थोड़ी भागदौड़ रहेगी, लेकिन आप अपनी सूझ-बूझ से सब संभाल लेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए वरिष्ठों की प्रशंसा मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को किसी पुराने ग्राहक से लाभ हो सकता है। परिवार में कुछ छोटी बातों को लेकर तनाव बन सकता है, पर संवाद से सब ठीक हो जाएगा। प्रेम जीवन में स्थिरता और सुकून रहेगा। सेहत सामान्य है, बस आराम कम न करें। मिथुन राशि- आज का दिन आपके लिए मौके लेकर आएगा। आपकी वाणी और सोच दोनों असरदार रहेंगी। जो बोलेंगे, उसका प्रभाव सीधा लोगों के दिल तक जाएगा। काम में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और किसी बड़ी डील या प्रोजेक्ट का आरंभ होगा। आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है। मित्रों और परिवार से सहयोग मिलेगा। यदि आप किसी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपकी प्रतिभा सबके सामने निखरेगी। प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा, पर छोटी-छोटी बातों पर नाराज न हों। कर्क राशि- आज भावनाएं गहरी होंगी और दिल की बात कहने का मन करेगा।आप जिन लोगों से जुड़ते हैं, वहाँ अपनापन और संवेदनशीलता बढ़ेगी। करियर में कोई नया अवसर सामने आएगा, पर जल्दबाजी में निर्णय न लें। घर के वातावरण में शांति और सामंजस्य रहेगा। परिवार का कोई सदस्य आपकी मदद करेगा। आर्थिक दृष्टि से दिन संतुलित रहेगा। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी, पर पुराने मुद्दों को दोहराने से बचें। सिंह राशि- दिन आपके लिए सफलता और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कामकाज में आपकी पकड़ मजबूत होगी और आपके नेतृत्व की सराहना की जाएगी। धन की स्थिति सुधर सकती है, और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। घर-परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा। यदि किसी से मनमुटाव था, तो आज सुलह की संभावना है। प्रेम जीवन में आकर्षण और रोमांस बढ़ेगा। मानसिक रूप से आप बेहद मजबूत महसूस करेंगे। कन्या राशि- आज का दिन थोड़ा व्यस्त रहेगा, लेकिन आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी। काम के बोझ के बावजूद आप सब कुछ व्यवस्थित रख पाएंगे। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है, पर लाभ के संकेत भी हैं। परिवार में कुछ नया बदलाव संभव है, जो खुशी लाएगा। दोस्तों से मुलाकात या यात्रा का योग बन सकता है। प्रेम संबंधों में मिठास रहेगी, लेकिन अत्यधिक विश्लेषण से बचें। दिल की सुनना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। तुला राशि- आपका व्यक्तित्व आज आकर्षक रहेगा, और लोग आपकी बातों पर भरोसा करेंगे। कोई पुराना कार्य पूरा हो सकता है या रुका पैसा वापस मिलेगा। कार्यस्थल पर आपकी कार्यशैली सराही जाएगी। रिश्तों में समझदारी दिखाने की जरूरत होगी। एक छोटी सी बात भी बड़ा मुद्दा बन सकती है अगर उसे सही समय पर न सुलझाया जाए। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा और दिल के रिश्ते गहराएंगे। वृश्चिक राशि- आज का दिन रहस्यमय लेकिन फलदायी रहेगा। आप किसी महत्वपूर्ण निर्णय की ओर बढ़ सकते हैं, और आपकी अंतर्ज्ञान शक्ति बहुत तेज रहेगी। आर्थिक रूप से लाभ संभव है। खासकर अगर आप निवेश या कारोबार से जुड़े हैं। परिवार के साथ समय बिताना सुकून देगा। कुछ पुरानी यादें मन में आएंगी, लेकिन अब आप उन्हें समझदारी से देख पाएंगे। प्रेम जीवन में गहराई आएगी, कोई भावनात्मक बातचीत रिश्ता और मजबूत करेगी। धनु राशि- आज का दिन जोश, योजनाओं और उत्साह से भरा रहेगा। आप अपने विचारों से दूसरों को प्रेरित करेंगे। किसी यात्रा या प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए अच्छा समय है। आर्थिक रूप से सुधार के संकेत हैं। पारिवारिक वातावरण में सौहार्द रहेगा और बुजुर्गों का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में रोमांच और खुलापन रहेगा। एक नई शुरुआत की संभावना भी है। मकर राशि- दिन मेहनत और परिणामों से जुड़ा रहेगा। काम के क्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी, और लंबे समय से चल रही समस्या सुलझ सकती है। आर्थिक रूप से थोड़ा सुधार दिखेगा। परिवार में हंसी-खुशी रहेगी, और कोई पुरानी बात साफ हो सकती है। यदि कोई प्रेम संबंध है, तो उसमें नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, पर खुद पर अत्यधिक दबाव न डालें। कुंभ राशि- आज नए विचारों का दिन है। आपका रचनात्मक दिमाग बेहतरीन काम करेगा। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात या बात होने की संभावना है। कामकाज में आपको सम्मान और सहयोग दोनों मिलेंगे। आर्थिक दृष्टि से सुधार संभव है। पारिवारिक जीवन में सहजता और सुकून रहेगा। प्रेम जीवन में एक नई ऊर्जा महसूस होगी। मीन राशि- आज आपकी कल्पना शक्ति और भावनात्मक गहराई शिखर पर रहेगी। किसी कलात्मक या रचनात्मक कार्य में मन लगेगा। धन की स्थिति संतुलित है, पर बचत पर ध्यान दें। परिवार के साथ समय बिताना मानसिक शांति देगा। प्रेम संबंधों में भावनात्मक जुड़ाव गहराएगा, कोई पुराना रिश्ता फिर से सक्रिय हो सकता है। मन थोड़ा संवेदनशील रहेगा, इसलिए खुद के लिए समय निकालें।

करवा चौथ विशेष: इन चौघड़िया मुहूर्तों में करें व्रत की हर पूजा विधि

करवा चौथ विवाहित हिंदू महिलाओं के लिए सबसे प्रिय त्योहारों में से एक है, जो पति-पत्नी के बीच प्रेम, प्रतिबद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाया जाने वाला यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चुतर्थी को पड़ता है. करवा चौथ का त्योहार आज मनाया जा रहा है. महिलाएं निर्जला व्रत किए हुए हैं. द्रिक पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत सुबह 6:19 बजे से शुरू होकर रात 10 रात 8:13 बजे तक चलेगा क्योंकि चंद्रमा के उदय का समय शाम 8 बजकर 13 का है. करवा चौथ न केवल एक व्रत-अनुष्ठान है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी है. मान्यता है कि यह त्योहार देवी पार्वती की पूजा का प्रतीक है, जिन्होंने भगवान शिव का पति रूप में प्रेम पाने के लिए व्रत रखा था. विवाहित महिलाएं भी अपने पति की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना के लिए इस व्रत को पूरी श्रद्धा से करती हैं. ऐसा भी माना जाता है कि यह दिन परिवार में सौभाग्य, समृद्धि और सद्भाव लाता है. अपने पतियों की पूजा के अलावा, महिलाएं भगवान शिव, देवी पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की भी पूजा करती हैं ताकि उन्हें सुखी और सफल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिले. यह व्रत केवल प्रेम और प्रतिबद्धता का ही नहीं, बल्कि पारिवारिक बंधनों को बनाए रखने वाले विश्वास और परंपरा का भी प्रतीक है. यही वजह है कि महिलाएं पूजा-पाठ से लेकर हर कार्य शुभ मुहूर्त में करना चाहती हैं. आइए आपको बताते हैं कि करवा चौथ पर सुबह से लेकर शाम तक कब-कब शुभ मुहूर्त है जब पूजा-पाठ किया जा सकता है? दिन का चौघड़िया शुभ मुहूर्त     चर-सामान्य मुहूर्त: 06:19AM से 07:46 AM     लाभ-उन्नति मुहूर्त: 07:46AM से 09:13AM     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 09:13AM से 10:41AM     शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:08PM से 01:35PM     चर-सामान्य मुहूर्त: 04:30PM से 05:57PM रात का चौघड़िया शुभ मुहूर्त     लाभ-उन्नति मुहूर्त: 09:02PM से 10:35PM     शुभ-उत्तम मुहूर्त: 12:08AM से 01:41AM, अक्टूबर 11     अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 01:41AM से 03:14AM, अक्टूबर 11     चर-सामान्य मुहूर्त: 03:14AM से 04:47AM, अक्टूबर 11 करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के अनुसार, आज करवा चौथ पूजा मुहूर्त शाम 5:57 बजे से 7:11 बजे तक है, जिसे पूजा करने के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है.

गरीबी नहीं छोड़ेगी साथ, अगर पैसों को लेकर आपकी सोच में हैं ये 5 गलतियां!

कई बार मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है।अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही बंद कर दें। पैसों को ले कर बदलें नजरिया आपने सुना ही होगा कि जैसा हम बोलते हैं, वैसा ही जीवन में हमें मिलता हैं। पैसों के बारे में भी ठीक यही बात लागू होती है। पैसों को ले कर आपके विचार, आपकी धारण और आपका नजरिया कैसा है, ये तय करता है कि आपके पास पैसा रहेगा या नहीं। कई बार फुल मेहनत के बाद भी लोगों के पास पैसा नहीं टिकता या उनका कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। इसके पीछे आपकी सोच भी जिम्मेदार हो सकती है। ऐसे में अगर आप भी पैसों को ले कर ये बातें जानें-अनजाने में बोलते रहते हैं, तो आज ही इन्हें बंद कर दें। पैसा ही सब कुछ नहीं होता इमोशनली ये बात कहने में ठीक लग सकती है, लेकिन प्रैक्टिकली देखें तो ये पैसों को ले कर एक नेगेटिव धारणा ही है। जब आप पैसों को ले कर ये नजरिया रखते हैं, तो कहीं ना कहीं ये सिग्नल देते हैं कि पैसे उतने जरूरी भी नहीं है। इसके चलते आप पैसों की सही मैनेजमेंट से भी दूर हो जाते हैं। पैसे को इज्जत और ग्रेटीट्यूड की भावना से देखेंगे, तो आप अपनी तरफ उन्हें अट्रैक्ट भी कर पाएंगे। मेरे पास तो पैसा टिकता ही नहीं है कई लोग ये बात बड़े आराम से बोल देते हैं। जबकि ऐसा बोलने से वो पैसों को खुद से और दूर कर रहे होते हैं। दरअसल आपके शब्दों में बहुत ताकत होती है। कोई भी चीज आप बार-बार बोलते रहते हैं, तो आपके माइंड को उसपर विश्वास हो जाता है और फिर जीवन में आप वैसा ही अट्रैक्ट करते हैं। ऐसे में अगर जाने-अनजाने आप भी यही कहते रहते हैं, तो यकीन मानिए आपके पास कभी सच में पैसा नहीं टिकने वाला। हमारी किस्मत में इतना पैसा कहां ये बात बोलकर आप पहले ही खुद को विश्वास दिला देते हैं कि आप ज्यादा पैसों के काबिल हैं ही नहीं। पैसों को ले कर जबतक आपके मन में ये धारण बनी रहेगी, तब तक आप कभी भी ज्यादा पैसा नहीं काम पाएंगे। खुद को विश्वास दिलाएं कि आप भी पैसे के काबिल हैं और भूलकर भी अपनी किस्मत को तो दोषी ना ही ठहराएं। पैसा बुराई की जड़ है कई लोग पैसे को बड़ी नेगेटिविटी के साथ देखते हैं। उन्हें लगता है कि सारी बुराई की जड़ पैसा ही है और सारे बुरे लोग पैसे वाले ही हैं। खुद ही सोचिए जब आप इस गलत नजरिए से देखेंगे तो भाला कहां से पैसा आपकी लाइफ में अट्रैक्ट होगा? इसके बजाय ये भी देखिए कि अच्छे काम भी तो पैसे की वजह से ही हो रहे हैं। सकारात्मक नजरिया रखेंगे तो लाइफ में भी वैसा ही अट्रैक्ट करेंगे। पैसे पेड़ पर नहीं उगते ये बात तो जैसे हम इंडियंस की फेवरिट है। बच्चा कुछ मांगे कि झट से डायलॉग आता है पैसे पेड़ पर नहीं उगते। ऐसा बोल-बोल कर हम अपने माइंड को विश्वास दिला देते हैं कि पैसा कमाना बड़ी मुश्किल चीज है और शायद हमारे बस की बात भी नहीं। इसकी जगह सकारात्मक नजरिया रखें। पैसा कामना मुश्किल हो सकता है लेकिन सही मेहनत के साथ नामुमकिन बिल्कुल नहीं है। पॉजिटिविटी से अट्रैक्ट करें पैसे हम सभी की लाइफ में जरूरी हैं, इसलिए इन्हें ले कर अपना नजरिया जरूर ठीक करें। सकारात्मक सोचें और जितना भी आपके पास है उसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करें। बच्चों के या अपने मन में ये कभी ना डालें कि आप इतना पैसा नहीं कमा सकते हैं या पैसा बुरी चीज है। जैसी सोच रखेंगे यकीन मानें वैसी ही चीजें आपकी लाइफ में होती नजर आएंगी।

कछुए की मूर्ति से बनता है घर में पॉजिटिव एनर्जी का माहौल, जानें कहाँ और कैसे रखें

माना जाता है कि जिस घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखा जाता है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का माहौल बना रहता है। वहीं वास्तु नियमों की अनदेखी करने पर व्यक्ति को वास्तु दोष का सामना करना पड़ता है, जिससे कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस तरह अपने घर में कछुए की मूर्ति रख सकते हैं, जिससे आपको लाभ होगा। मिलते हैं ये फायदे वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में कछुए की मूर्ति (tortoise vastu tips) रखने से जीवन में धन-समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। साथ ही इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी बढ़ता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर बनी रहती है। इतना ही नहीं वास्तु के अनुसार, घर में कछुए की मूर्ति रखने से वास्तु दोष भी दूर होता है। किस दिशा में रखना है शुभ कछुए की मूर्ति को हमेशा घर की उत्तर या फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं। इस दिशा में पीतल, सोना या फिर चांदी से बनी कछुए की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। वहीं अगर आप क्रिस्टल से बनी कछुए की मूर्ति रख रहे हैं, तो इसे ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में कछुए की इस तरह की मूर्ति घर में रखना शुभ माना गया है, जिसमें कछुआ पानी के अंदर हो। इस पानी को रोजाना बदलना चाहिए। कहां रखें कछुएं की मूर्ति बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी कछुए की मूर्ति रखना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इसे बच्चों के कमरे में रख सकते है। इसके साथ ही कछुए की मूर्ति को मुख्य द्वार के पास रखना भी लाभकारी माना जाता है। मूर्ति को कुछ इस तरह से रखें कि कछुए का मुंह घर के अंदर की तरफ हो।  

चांद का दीदार कब होगा? जानें करवा चौथ पर आपके शहर की सटीक टाइमिंग

भोपाल   वो शुभ घड़ी अब आ गई है, जब देशभर में सुहागने चांद को देखकर पति की लंबी उम्र की दुआएं करेंगी. इस साल करवा चौथ का व्रत आज रखा जा रहा है. यह व्रत हर साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है. करवा चौथ पर सुहागनें पूरे दिन भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की दीर्घायु के उपवास रखती हैं और रात को चंद्र दर्शन के बाद ही कुछ ग्रहण करती हैं. इसलिए इस दिन सुहागनों को बड़ी बेसब्री से चांद के निकलने का इंतजार रहता है. आइए जानते हैं कि इस साल आपके शहर में करवा चौथ का चांद कितने बजे दिखाई देगा. करवा चौथ कि तिथि  हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 10 अक्टूबर  को शाम 07 बजकर 38 मिनट तक रहने वाली है. उदिया तिथि के चलते करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को रखा जाएगा. कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद?  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल करवा चौथ पर चांद निकलने का समय रात 8 बजकर 14 मिनट बताया जा रहा है. हालांकि भारत के विभिन्न शहरों में इसका समय थोड़ा अलग भी हो सकता है. आपके शहर में कितने बजे दिखेगा चांद?  शहर चंद्रोदय का समय दिल्ली रात 8 बजकर 13 मिनट गुरुग्राम रात 8 बजकर 13 मिनट गाजियाबाद रात 8 बजकर 13 मिनट नोएडा रात 8 बजकर 13 मिनट मुंबई रात 8 बजकर 55 मिनट कोलकाता शाम 7 बजकर 45 मिनट चेन्नई शाम 7 बजकर 30 मिनट चंडीगढ़  रात 8 बजकर 8 मिनट लुधियाना रात 8 बजकर 11 मिनट देहरादून रात 8 बजकर 4 मिनट शिमला शाम 7 बजकर 48 मिनट पटना शाम 7 बजकर 48 मिनट लखनऊ रात 8 बजकर 42 मिनट इंदौर रात 8 बजकर 33 मिनट भोपाल रात 8 बजकर 26 मिनट अहमदाबाद रात 8 बजकर 47 मिनट जयपुर रात 8 बजकर 22 मिनट रायपुर शाम 7 बजकर 43 मिनट करवा चौथ पर कैसे खोलें व्रत? (Karwa Chauth 2025 Vrat) करवा चौथ पर सुबह सूरज निकलने से पहले सरगी खा लें. स्नानादि के बाद भगवान को याद करते हुए व्रत का संकल्प लें. इसके बाद एक चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाकर देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित करें. करवा माता की भी एक तस्वीर स्थापित कर लें. उनके समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित करें. उन्हें चावल, रोली, जल, फल, फूल, मिठाई आदि अर्पित करें. इसके बाद दोपहर के समय या अभिजीत मुहूर्त में करवा चौथ की कथा सुनें. इसके बाद शाम को शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा करें. उन्हें हलवा-पूरी का भोग लगाएं. फिर पूजा के बाद छन्नी से चंद्रमा के दर्शन करें और अपने पति का चेहरा भी देखें. इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके उपवास खोलें.

आज किस राशि की चमकेगी किस्मत? 10 अक्टूबर का राशिफल एक नज़र में

मेष राशि- आज के दिन खर्च बढ़ सकते हैं। आप अनजाने में कुछ ऐसे काम कर सकते हैं, जो आपके रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गलतफहमियां या बहस से बचना बेहतर है। बैलेंस बनाएं। वृषभ राशि- आज के दिन इमोशनल दूरी आपके रिश्ते को चुनौती दे सकती है। खुला दिमाग रखने और अपनी फीलिंग पर भरोसा करने की चुनौती महसूस होगी। हर अवसर आपके लॉंग टर्म लक्ष्य के अनुरूप नहीं होगा। मिथुन राशि- आज नेचर में कुछ समय बिताएं। सिरियस बातचीत में इनवॉल्व होंगे। आज की एनर्जी आपको वर्तमान में रहने, अपनी इच्छाओं के साथ तालमेल बिठाने और उन्हें वास्तविकता में लाने के लिए प्रोत्साहित करती है। कर्क राशि- आज के दिन नए लोगों से मिलने के लिए तैयार रहें। रोमांस के दरवाजे खुल सकते हैं। धन के मामले में इरादों को क्लियर तौर पर समझे बिना कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। सिंह राशि- आज के दिन अपनी दिल का ध्यान रखें। अपने मोबाईल फोन और स्क्रीन के बिना रहने के लिए कुछ समय जरूर निकालें। अपनी पसंद को लेकर सावधान रहना चाहिए। टास्क समय पर करें। कन्या राशि- आज के दिन नए शौक और एक्टिविटी खोजें, जो आपको खुशी दें। अपनी पसंद-नापसंद पर ध्यान दें। नई चीजों के लिए खुले रहें, लेकिन जिसके आप योग्य हैं उसके अलावा किसी और चीज के लिए समझौता न करें। तुला राशि- आज के दिन सही दिशा अपनाने और सही लोगों से मिलने में मदद के लिए अपने इंट्यूशन पर भरोसा करें। काम पर फोकस बनाए रखें। सेहत व डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। वृश्चिक राशि- आज के दिन अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, सामाजिक समारोह और डेटिंग के लिए टाइम निकालना जरूरी है। वर्तमान पर विचार करें और नए नेटवर्क बनाएं। अपनी जीवनशैली को स्टेबल करने पर ध्यान दें। धनु राशि- आज के दिन आपका पास्ट या आपके आस-पास के लोग कुछ प्रॉब्लम पैदा कर सकते हैं। सोल्यूशन पर फोकस करें और सुनिश्चित करें कि आप अपने करीबियों से खुलकर बात करें। मकर राशि- आज के दिन अपने दिल की राह पर चलें। गहरी बातचीत या गतिविधियों में इन्वॉल्व हों। बिजी शेड्यूल आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है। सावधानी से धन को खर्च करें। कुंभ राशि- आज के दिन अपने विचारों और भावनाओं को अपने साथी के सामने खुलकर जाहिर करें। आप आसानी से अपने विचारों में खो सकते हैं। नए कनेक्शन बनाते समय सावधान रहें। मीन राशि- आज के दिन विचारों को अपने डीसीजन पर हावी न होने दें। अपने प्रेम जीवन को लेकर संदेह का अनुभव कर सकते हैं। खुद पर ध्यान केंद्रित करें और अपनी खुशी पर फोकस रखें।

शादीशुदा महिलाओं के लिए खास: करवा चौथ चंद्र उदय 8:12 PM, पूजा का समय नोट करें

ग्वालियर सौभाग्यवती महिलाएं अपने सौभाग्य की कामना करने के लिए करवा चौथ व्रत के लिए सज-संवरकर तैयार हैं। हाथों में मेहंदी, नैनों में काजल, दोनों हाथों में रंग-बिरंगी चूड़ियां पहनकर 10 अक्टूबर शुक्रवार को निर्जल व्रत का संकल्प सरगी के साथ तड़के लेंगीं। पहले सूर्यास्त और फिर चांद का इंतजार रहेगा। भगवान चंद्र देव भी व्रतधारी महिलाओं के संकल्प को पूरा करने के लिए रात आठ बजकर 12 मिनट पर उदय होंगे। भगवान चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के माथे पर चंदन और अक्षत से तिलक कर उनके हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का पारण करेंगीं। व्रत को लेकर उत्साहित नवविवाहिताएं विवाह के उपरांत पहली बार करवा चौथ व्रत रखने वाली नवविवाहिताएं व्रत को लेकर अधिक उत्साहित हैं। वे माता करवा से भी प्रार्थना कर रहीं हैं कि उनके निर्जल व्रत के संकल्प पूरा करने के लिए आशीष दें। एक पखवाड़े से चल रही करवा चौथ व्रत की तैयारियां एक पखवाड़े से महिलाएं करवाचौथ व्रत की तैयारियां कर रहीं हैं। इस व्रत में महिलाएं 16 शृंगार करके सजती-संवरती हैं। व्रत के लिए परिधान तैयार करने से लेकर पति और स्वजन के लिए व्यंजन बनाती हैं। पिछले एक सप्ताह से करवाचौथ के लिए खरीदारी की जा रही है।   व्रत की पूर्व संध्या पर दोनों हाथों में मेहंदी लगवाई। ब्यूटी पार्लर भी पहले बुक कर रखा था। पार्लरों पर भी गुरुवार को भारी भीड़ रही। मेहंदी और चूड़ी पहनाने वालों के यहां भी कतार लगी थी। ऐसी मान्यता है कि व्रत के साथ सुहाग का सामान सौभाग्यवती महिलाओं को दान करने से पति की दीर्घायु आशीर्वाद प्रदान करते हैं। करवा चौथ पर बनेगा ग्रहों का दुर्लभ संयोग ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि करवाचौथ पर इस बार ग्रहों का अद्भुत संयोग बनने जा रहा है। दरअसल, इस दिन शनि-मीन राशि में रहेंगे, गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। शुक्र, सूर्य कन्या राशि में एक साथ रहेंगे। इसके अलावा इस बार कृतिका नक्षत्र में पूजन होगा। वहीं यह पर्व शुक्रवार का दिन है तो इस वजह से भी व्रती महिलाओं को गणेश भगवान और मां लक्ष्मी दोनों का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। पूजा का शुभ समय पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि नौ अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होगी और 10 अक्टूबर की शाम सात बजकर 38 मिनट इसका समापन होगा। करवाचौथ की पूजा करने का शुभ समय सुबह पांच बजकर 16 मिनट से शाम छह बजकर 29 मिनट बजे तक रहने वाला है। वहीं चंद्रमा का उदय रात्रि आठ बजकर 12 मिनट पर होगा।