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आज है हनुमान जन्मोत्सव, संकटमोचन की इन 5 शक्तियों में छिपा है सफलता का मंत्र, आत्मविश्वास से होगा बेड़ा पार

 आज 2 अप्रैल को  हनुमान जयंती का पर्व मनाया जा रह  . हर वर्ष यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है.आज के दिन हनुमान जी की पूजा-उपासना करना बहुत ही शुभ माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों में हनुमान जी को भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त और अपार शक्ति का प्रतीक बताया गया है. उन्हें साहस, समर्पण और अटूट विश्वास का रूप माना जाता है. मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा करने से डर, बीमारी और नकारात्मकता दूर होती है और व्यक्ति को जीवन में सही दिशा मिलती है. आज के समय में जब लोग किसी न किसी परेशानी से गुजर रहे हैं तो ऐसे में हनुमान जी से जुड़ी कथाएं हमें हिम्मत और सकारात्मक सोच देती हैं. ये सिर्फ पौराणिक कथाएं नहीं हैं, बल्कि जीवन को समझने और आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाती हैं. हनुमान जयंती के मौके पर आइए उनकी कुछ खास शक्तियों और उनसे मिलने वाली सीख को समझते हैं. 1. भक्ति ही सबसे बड़ी ताकत हनुमान जी की सबसे बड़ी शक्ति उनकी श्रीराम के प्रति भक्ति थी. वे हर काम करने से पहले प्रभु को याद करते थे. यही वजह थी कि कठिन से कठिन परिस्थिति में भी वे सफल हुए. इससे सीख मिलती है कि सच्चा विश्वास और समर्पण हमें मजबूत बनाता है. 2. साहस और समझदारी- पर्वत उठाने की कथा जब लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे, तब उन्हें बचाने के लिए संजीवनी बूटी लानी थी. हनुमान जी को जब सही जड़ी-बूटी पहचान में नहीं आई, तो वे पूरा पर्वत ही उठा लाए. यह दिखाता है कि मुश्किल समय में सही फैसला और हिम्मत कितनी जरूरी होती है. 3. आत्मविश्वास- समुद्र पार करना लंका जाने के लिए हनुमान जी ने एक ही छलांग में समुद्र पार कर लिया था. उन्होंने बिना डर के अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया. यह कहानी सिखाती है कि अगर आत्मविश्वास मजबूत हो, तो बड़ी से बड़ी दूरी भी छोटी लगने लगती है. 4. बुद्धि और चालाकी- लंका में प्रवेश जब हनुमान जी लंका पहुंचे, तो उन्होंने सूक्ष्म रूप धारण कर माता सीता को खोजा था. उन्होंने अपनी समझदारी से हर चुनौती का सामना किया था और सही समय पर सही कदम उठाया था. इससे सीख मिलती है कि केवल ताकत ही नहीं, बल्कि बुद्धि भी उतनी ही जरूरी है. 5. अन्याय के खिलाफ खड़े होना- लंका दहन हनुमान जी ने रावण के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई और पूरी लंका को जला दिया था. यह दिखाता है कि गलत के सामने चुप नहीं रहना चाहिए. सही के लिए खड़ा होना भी एक बड़ी ताकत है.

हनुमान जी और श्रीराम का भाई वाला नाता, क्या है दिव्य खीर का रहस्य?

हनुमान जी को श्रीराम का अद्भुद भक्त माना जाता है. वीरों के वीर फिर भी स्वभाव से सरल हनुमानजी के जन्म की कथा बहुत विचित्र और रहस्यों से भरी है. वह माता अंजना और वानरराज केसरी के पुत्र थे. लेकिन कई ग्रंथों और कहानियों में उन्हें श्रीराम का ही एक भाई बताया जाता है. इसके पीछे कई तरह के तर्क आधार बनते हैं. श्रीराम ने खुद भी हनुमानजी से कहा था कि, 'तुम मम प्रिय भरतहिं सम भाई' यानी तुम मुझे भरत के समान भाई जैसे प्रिय हो. यानी श्रीराम भी खुद हनुमान जी को अपना एक भाई ही मानते थे. क्या है माता अंजना के शाप की कहानी लेकिन, आनंद रामायण में हनुमानजी के जन्म की कहानी ये बताती है कि कैसे हनुमानजी श्रीराम के भाई हुए. बात ऐसी है कि स्वर्ग की एक अप्सरा थी पुंजिकस्थला. वह वायुदेव से प्रेम करती थीं. एक बार दोनों एक सरोवर में खेल रहे थे. वहीं उसके तट पर एक ऋषि साधना में लीन थे. अप्सरा को ये बात पता नहीं थी. वह हथेली में जल कर बार-बार इधर-उधर उछाल रही थी. ठंडे पानी की बूंदे बार-बार पड़ने से ऋषि की साधना में बाधा आई तो उन्होंने अप्सरा को वानर हो जाने का शाप दे दिया. दशरथ जी के यज्ञ का हनुमानजी के जन्म से कनेक्शन वही अप्सरा अगले जन्म में अंजना नाम से वानरकुल में जन्मी. समय आने पर वानर राज केसरी से उनका विवाह हुआ. कई वर्षों तक जब उन्हें संतान नहीं हुई तब अंजना ने शिवजी की तपस्या की. ठीक इसी दौरान अयोध्या में राजा दशरथ पुत्र की कामना के लिए यज्ञ करा रहे थे. यज्ञ से अग्निदेव ने उन्हें दिव्य चरु (खीर) प्रसाद में दी. जिसे राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानीयों में बांट दिया. कहते हैं कि जैसे ही रानी कैकेयी अपने हिस्से की खीर खाने वाली थीं कि उससे पहले ही एक चील ने थोड़ी सी खीर अपनी चोंच में दबा ली और उड़ चली. उधर अंजना माता की तपस्या से प्रसन्न शिवजी उन्हें वरदान देने आए थे. ठीक इसी वक्त चील के मुंह से खीर के अंश अंजना की हथेली में गिरे, शिवजी के आदेश से उन्होंने उसे ग्रहण किया. इसी से हनुमान जी का जन्म हुआ. कुछ जगहों पर ऐसा भी जिक्र आता है कि जब शिवजी अंजना माता को वरदान देने जा रहे थे, इससे पहले उन्होंने वायुदेव को आदेश दिया कि वह अयोध्या से खीर का कुछ अंश उड़ा कर ले आएं. वायुदेव ने रानी कैकेयी के हिस्से की खीर से ही कुछ अंश उड़ा लिए थे. कहानियों में एक तर्क ऐसा भी है कि अग्निदेव ने खीर के तीन कटोरे दिए थे. उस वक्त रानी सुमित्रा वहां नहीं थीं, इसलिए कैकेयी ने दो कटोरे उठाए थे कि एक वह सुमित्रा को दे देंगी, लेकिन इससे पहले ही एक चील खीर का एक कटोरा लेकर उड़ गई. तब बड़ी राना कौशल्या और कैकेयी ने अपने-अपने कटोरे से एक-एक कौर खीर सुमित्रा को खिलाई थी. इसलिए सुमित्रा दो पुत्रों की माता बनीं. राम कौशल्या के पुत्र हुए. कैकेयी के भरत हुए और कैकेयी के ही हाथ से उड़ी खीर से हनुमान जी का जन्म हुआ. इसलिए हनुमान जी भरत के समान ही श्रीराम के प्रिय भाई हुए. क्योंकि उनके जन्म का रहस्य भरत और उनकी मां कैकेयी से जुड़ा हुआ है. कहने को तो वह लक्ष्मण के समान प्रिय भाई भी हो सकते थे. क्योंकि लक्ष्मणजी ने तो श्रीराम को मिला वनवास भी सिर्फ साथ निभाने के लिए भोगा था, क्यों भरत जी के बराबर भाई जैसा है हनुमान जी का दर्जा हनुमान जी को भरत के समान भाई मानने का यही रहस्य है. लोक मान्यता में भी जब रामदरबार की बात होती है तो उसमें राम जी के भाइयों के साथ हनुमान जी भी शामिल होते हैं. दीपावली के अगले दिन कई जगहों पर जो गोवर्धन पूजा होती है, उसमें पांच भाई बनाए जाते हैं, जिन्हें रामजी और रामजी के भाई माना जाता है. इन पांचों भाइयों में एक हनुमान जी ही शामिल किए जाते हैं. भक्ति में भाई का भाव जोड़कर हनुमान जी केवल सेवक नहीं, बल्कि रामकथा के सबसे आत्मीय पात्र बन जाते हैं.

Aaj Ka Rashifal 2 April 2026: मेष को मिलेगा नया काम, कर्क-मकर रहें अलर्ट, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल

मेष: मेष राशि वालों के लिए दिन संतुलित रहेगा। काम की शुरुआत थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे चीजें आपके पक्ष में होती जाएंगी। ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसे समय पर पूरा करना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बेवजह खर्च करने से बचें। परिवार में सहयोग मिलेगा। छोटी बातों को नजरअंदाज करना बेहतर रहेगा। वृषभ: वृषभ राशि वालों का दिन शांत तरीके से बीतेगा। काम में स्थिरता रहेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है। कार्यस्थल पर किसी की बात से मन प्रभावित हो सकता है, लेकिन ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। पैसों का संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत ठीक रहेगी, दिनचर्या नियमित रखें। मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। काम पूरे होने से संतोष मिलेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। धन से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा। दोस्तों या करीबी लोगों से बातचीत मन को हल्का करेगी। कर्क: कर्क राशि वालों को काम में थोड़ा दबाव महसूस हो सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। ऑफिस में धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन समय के साथ स्थिति संभल जाएगी। सेहत का ध्यान रखें। सिंह: सिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छा संकेत दे रहा है। काम में सफलता मिलने की संभावना है। ऑफिस में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें। तुला: तुला राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रह सकता है। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। ऑफिस में माहौल सहयोगी रहेगा। पैसों के मामले में स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार में तालमेल बना रहेगा। मन शांत रहेगा। धनु: धनु राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों से जुड़ी स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मकर: मकर राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। समय का सही उपयोग करना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में किसी बात पर मतभेद हो सकता है, लेकिन समझदारी से हल निकल सकता है। कन्या: कन्या राशि वालों को योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। काम उम्मीद के अनुसार पूरा न होने से मन थोड़ा परेशान हो सकता है। ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ‌वृश्चिक: वृश्चिक राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। काम में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य रखें। आर्थिक मामलों में समझदारी जरूरी है। परिवार में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। कुम्भ: कुंभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहने की संभावना है। काम में सफलता मिल सकती है। ऑफिस में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है। परिवार और दोस्तों का साथ मिलेगा। मीन: मीन राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कुछ काम पूरे होंगे, कुछ में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा। खुद को शांत रखें।

भूलकर भी किसी को न बताएं ये 3 बातें, चाणक्य नीति के अनुसार बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें

आचार्य चाणक्य ने अपनी किताब चाणक्य नीति में समाज और परिवार में जीने के सलीके को बहुत बारीकी से बताया है. उन्होंने अपनी किताब  चाणक्य नीति में पैसे, सेहत, बिजनेस, दांपत्‍य जीवन, जीवन में सफलता से जुड़े कई चीजों के बारे में विस्तार से बताया है. मुश्किल समय में ये किताब हमेशा ही सही रास्ता दिखाती है. अपनी किताब में चाणक्य ने तीन ऐसी बातों के बारें में भी लिखा है, जिसके बारें में आप को किसी से बात नही करनी चाहिए: #3 व्यवसाय में हुए नुकसान के बारे में ना करें अगर आप को आपके बिजनेस में नुकसान हो रहा है तो इसका जिक्र आप को किसी और से नहीं करना चाहिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो विरोधी आप को कमजोर समझेंगे और आपका ही नुकसान कर सकते हैं. इसके अलावा वो आप से भी दूरी भी बना सकते है. इसी वजह से आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र किसी से नहीं करनी चाहिए. #2 आतंरिक कलह के बारें में ना करें किसी से बात आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अगर आप की परिवार में लड़ाई जा रही है या फिर आप की पत्नी से बन नहीं रही है तो इस बात का जिक्र किसी और नहीं करना चाहिये. ऐसा करने से समाज में आप की छवि ख़राब होती है. लोग आपके दांपत्य जीवन का भी मजाक बनाते हैं,जिसका असर आप के रिश्तों पर भी पढ़ता है. #1 धोखे के बारें में ना करें बात आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि अगर आप को किसी से धोखा मिला है तो आप को इस बात का जिक्र नहीं करना चाहिए क्योंकि आप को लोग कमजोर और उदार समझ लेंगे और भविष में आप का ही नुकसान कर सकते हैं. 

मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ये 4 तस्वीरें, घर में आएगी कंगाली और तनाव, वास्तु दोष से रहें सावधान

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता के लिए घर का हर एक कोना वास्तु के अनुरूप होना चाहिए। जिन घरों में वास्तु शास्त्र अच्छा होता है वहां पर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है, वहीं जिन घरों में वास्तु संबंधित दोष होता है वहां पर कई तरह की रुकावटें आती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मुख्य दरवाजा होता है क्योंकि यही वह स्थान है जो जहां से सबसे ज्यादा सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का वास्तु शास्त्र जितना साफ, सुंदर और वास्तु सम्मत होता है घर पर उतनी ही ज्यादा खुशियां, सुख, समृद्धि और शांति आती है। घर के मुख्य दरवाजे पर कई तरह की तस्वीरें लगाने का प्रचलन होता है। लेकिन कुछ ऐसी तस्वीरें भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं घर के मुख्य दरवाजे पर कौन-कौन सी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए। घर के मुख्य दरवाजे पर न लगाएं ऐसी तस्वीरें – घर के मुख्य दरवाजे पर कभी मृत्यु, हिंसा, खून और संघर्षों से संबंधित कोई भी तस्वीर को नहीं लगाना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे पारिवारिक जीवन में तनाव और समस्याओं में इजाफा हो सकता है। – घर के मुख्य दरवाजे पर कभी गहरे रंगों वाली तस्वीरों को नहीं लगाना चाहिए। इससे घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ सकता है। ऐसे में हल्के रंगों वाली तस्वीरों को प्राथमिकता देनी चाहिए। – घर के मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी नकारात्मक चीजों से संबंधित चित्र नहीं लगवाना चाहिए। इससे घर के वातावरण में अशांति और संघर्ष का वातावरण बनता है। – घर के मुख्य दरवाजे पर कभी भी कोई तस्वीर को उल्टी दिशा में नहीं लटकाना चाहिए। इसे वास्तु शास्त्र में अच्छा नहीं माना जाता है। घर के मुख्य दरवाजे पर लगाएं ऐसी तस्वीरें – शुभ प्रतीकों और देवी-देवताओं से जुड़ी हुई तस्वीरें -घर के मुख्य द्वार पर प्यार और खुशी की प्रतीक वाली तस्वीरों को लगाना शुभ माना जाता है। -घर के मुख्य दरवाजे पर ऊं, स्वास्तिक, दीपक और अन्य दूसरे मांगलिग प्रतीकों को लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। – घर के मुख्य दरवाजे पर हमेशा साफ-सफाई रखना होनी चाहिए। इससे सुख-समृद्धि और सपंन्नता आती है।  

मंगल का मीन में गोचर, शनि के साथ खतरनाक युति, इन 4 राशियों पर टूटेगा मुसीबतों का पहाड़

ज्योतिष के अनुसार मंगल को ऊर्जा और साहस का ग्रह माना जाता है. द्रिक पंचांग के मुताबिक, 2 अप्रैल 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर मंगल मीन राशि में प्रवेश करेंगे. मीन जल तत्व की राशि है, जबकि मंगल अग्नि तत्व का ग्रह है, इसलिए इन दोनों का मेल थोड़ा असामान्य माना जा रहा है. खास बात यह है कि मीन राशि में पहले से मौजूद शनि के साथ मंगल की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है. मंगल मीन राशि में विराजमान 2 अप्रैल से लेकर 11 मई 2026 तक रहेंगे, लेकिन 14 अप्रैल तक का समय ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि तब तक सूर्य भी मीन राशि में रहेंगे. यानी इन शुरुआती दिनों में मीन राशि में 3 ग्रह एक साथ होने से कुछ राशियों के लिए यह स्थिति थोड़ी कठिन हो सकती है. ये राशियां रहें सावधान इस दौरान मेष राशि के लोगों को गुस्से पर कंट्रोल रखने की जरूरत है, नहीं तो गलत फैसले हो सकते हैं. वृषभ राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट संभालकर चलें. कन्या राशि के लोगों को अपनी बातों पर ध्यान देना होगा, क्योंकि छोटी बात भी विवाद बढ़ा सकती है. वहीं मीन राशि के लिए यह समय सबसे ज्यादा सतर्क रहने का है, क्योंकि यही युति उनकी ही राशि में बन रही है. इन राशियों को इस समय स्वास्थ्य के मामले में भी थोड़ा सावधानी रखनी होगी. सिर दर्द, तनाव, एंजाइटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए रोजमर्रा की जिंदगी में संतुलन रखें, पर्याप्त पानी पिएं और बेवजह की चिंता से दूर रहें. इस समय बड़े फैसले लेने या जोखिम वाले निवेश करने से बचना बेहतर रहेगा. मंगल गोचर का देश-दुनिया पर प्रभाव ज्योतिष के मुताबिक, मंगल गोचर देश-दुनिया पर भी असर डाल सकता है. राजनीति, समाज और प्राकृतिक घटनाओं में हलचल देखने को मिल सकती है. हालांकि, इन बातों को लेकर घबराने की बजाय सतर्क रहना ज्यादा जरूरी है. करें ये विशेष उपाय अगर इस समय को बेहतर बनाना है तो कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. जरूरतमंदों की मदद करें, खासकर काम करने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार रखें. मंदिर में सेवा करें, हनुमान जी की पूजा करें और बड़ों का सम्मान करें. इससे नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

हनुमान जयंती पर भूलकर भी न करें ये 6 गलतियां, बजरंगबली हो सकते हैं नाराज, पूजा में रखें विशेष सावधानी

चैत्र महीने की पूर्णिमा का दिन धार्मिक रूप से काफी खास माना जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को हनुमान जयंती व जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व 2 अप्रैल यानी कल मनाया जाएगा. इस दिन भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ हनुमान जी की पूजा करते हैं. मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ रहती है और लोग बजरंगबली को प्रसाद चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं. कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से डर, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है. ज्योतिषियों की मानें तो, हनुमान जयंती के दिन कुछ गलतियों से सावधान रहना चाहिए. तो आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में. किसी को ना करें परेशान हनुमान जयंती के दिन किसी भी जानवर या वानर को परेशान नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से बजरंगबली नाराज हो जाते हैं. महिलाएं न छूएं हनुमान जी की प्रतिमा हनुमान जयंती के दिन स्त्रियों को हनुमान जी की प्रतिमा छूने से या स्पर्श करने से बचना चाहिए. कहते हैं कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं. भगवान राम न करें अपमान हनुमान जयंती के दिन भगवान राम का सम्मान करना चाहिए. मान्यता है कि अगर इस दिन श्रीराम की अनदेखी या अपमान किया जाता है, तो हनुमान जी प्रसन्न नहीं होते हैं. इसलिए कहा जाता है कि सिर्फ हनुमान जी की पूजा ही नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति श्रद्धा रखना भी उतना ही जरूरी है. नमक का सेवन ना करें हनुमान जयंती के दिन व्रत रख रहे हैं तो इस दिन भूल से भी नमक का सेवन न करें. बल्कि, मीठे भोजन से इस व्रत का पारण करना चाहिए. ता​मसिक चीजों का सेवन ना करें हनुमान जयंती के दिन खान-पान में शुद्धता रखें. इस दिन मांस, मछली, अंडा, प्याज और लहसुन जैसी चीजों से दूरी बनाकर रखें. मान्यता है कि तामसिक भोजन से परहेज करने से पूजा का फल अधिक मिलता है और मन भी शांत रहता है. काले रंग के वस्त्र ना करें धारण इस दिन बजरंगबली की पूजा करते समय भूलकर भी काले या सफेद रंग के वस्त्र धारण न करें. इसके परिणाम बहुत ही अशुभ हो सकते हैं. बल्कि, हनुमान जी की पूजा केवल लाल रंग के वस्त्र पहनकर करना चाहिए.  

1 अप्रैल 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक, जानें किसका साथ देगा भाग्य और कैसे बितेगा आपका दिन

मेष राशि मेष राशि वालों के लिए दिन ठीक रहेगा। सुबह काम थोड़ा धीमा रहेगा। बाद में गति पकड़ लेगा। ऑफिस में कोई नया काम मिल सकता है। उसे टालना ठीक नहीं रहेगा। समय पर निपटाना जरूरी होगा। पैसों को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है, लेकिन खर्च पर नजर रखें। घर में माहौल सामान्य रहेगा। छोटी बात पर कहासुनी हो सकती है, लेकिन मामला वहीं शांत हो जाएगा। रिश्तों में अपनी बात मनवाने की कोशिश न करें। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए दिन सिंपल रहेगा। काम चलता रहेगा, लेकिन मन बीच-बीच में भटकेगा। ऑफिस में किसी की बात खटक सकती है। उसे दिल पर न लें तो बेहतर रहेगा। पैसे आते-जाते रहेंगे। कोई बड़ी दिक्कत नहीं दिख रही। घर में माहौल ठीक रहेगा। परिवार का साथ मिलेगा। रिश्तों में बात करने से चीजें ठीक रहेंगी। सेहत सामान्य है, बस नींद पूरी रखें। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए दिन काम का रहेगा। जो काम हाथ में लेंगे, उसे पूरा कर पाएंगे। ऑफिस में आपकी बात सुनी जाएगी। सीनियर भी नोटिस करेंगे। पैसों के मामले में राहत मिल सकती है। कहीं से पैसा आ सकता है। घर में माहौल अच्छा रहेगा। लव लाइफ ठीक रहेगी। कर्क राशि कर्क राशि वालों को आज थोड़ा ध्यान रखना होगा। काम में दबाव रहेगा। गलती की गुंजाइश कम है। ऑफिस में किसी बात पर बात बढ़ सकती है। शांत रहना बेहतर रहेगा। पैसों के मामले में जल्दबाजी न करें। घर में किसी की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। रिश्तों में दूरी न आने दें। पेट या नींद से जुड़ी दिक्कत रह सकती है। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। काम में पकड़ बनी रहेगी। लोग आपकी बात मानेंगे। ऑफिस में तारीफ मिल सकती है। पैसों के मामले में फायदा हो सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा। कोई अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में समय ठीक रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए दिन राहत वाला रहेगा। पुराने काम पूरे हो सकते हैं। मन हल्का रहेगा। ऑफिस में काम आसानी से होगा। सीनियर का साथ मिलेगा। पैसों में सुधार दिखेगा। घर में अच्छा माहौल रहेगा। रिश्ते ठीक रहेंगे। सेहत भी ठीक रहेगी। धनु राशि धनु राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे बनेंगे। ज्यादा भागदौड़ नहीं होगी। पैसों में हल्का सुधार दिख सकता है। घर में माहौल ठीक रहेगा। परिवार साथ देगा। रिश्तों में कोई बड़ी दिक्कत नहीं दिख रही। सेहत भी ठीक रहेगी। मकर राशि मकर राशि वालों के लिए दिन थोड़ा दबाव वाला रहेगा। काम ज्यादा रहेगा। समय कम लगेगा। ऑफिस में गलती से बचें। पैसों की स्थिति सामान्य है। घर में किसी बात पर तनाव हो सकता है। रिश्तों में दूरी आ सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। काम बनेंगे। ऑफिस में फायदा हो सकता है। आपकी मेहनत दिखेगी। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी। घर में माहौल अच्छा रहेगा। रिश्ते ठीक रहेंगे। सेहत भी ठीक रहेगी। कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए दिन थोड़ा उलझन वाला रह सकता है। काम में रुकावट आएगी। प्लान के हिसाब से चीजें नहीं चलेंगी। ऑफिस में दबाव रहेगा। सीनियर सख्त रह सकते हैं। पैसों की स्थिति ठीक है, लेकिन खर्च बढ़ सकते हैं। घर में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है। रिश्तों में दूरी बन सकती है। पेट की दिक्कत परेशान कर सकती है। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन मेहनत वाला है। काम ज्यादा रहेगा। रिजल्ट आने में समय लग सकता है। ऑफिस में बदलाव को लेकर सोच सकते हैं। पैसों के मामले में संभलकर चलें। खर्च बढ़ सकते हैं। घर में माहौल थोड़ा भारी रह सकता है। रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार होगा। मीन राशि मीन राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। काम में उतार-चढ़ाव रहेगा। कुछ काम अटक सकते हैं। हालांकि परेशान होने की जरूरत नहीं है। पैसों में सावधानी रखें। घर में माहौल सामान्य रहेगा। रिश्तों में बातें क्लियर रखें। स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें।

ज्योतिष गणना,अप्रैल में बनेगा ‘मालव्य राजयोग’, इन 4 बड़े ग्रहों के राशि परिवर्तन से मचेगी हलचल

अप्रैल महीने से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होती है. हिंदू कैलेंडर और धार्मिक लिहाज से अप्रैल का महीना बहुत खास महत्व का होता है. सनातन धर्म में इस माह कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं. मार्च-अप्रैल के महीने में ही हिंदू नववर्ष का आरंभ भी होता है. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ग्रह गोचर के लिहाज से अप्रैल का महीना बड़ा ही ख़ास माना जा रहा है. सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र ये चार बड़े ग्रह अप्रैल के महीने में राशि परिवर्तन करेंगे. महीने की शुरुआत में मंगल का गोचर मीन राशि में होगा. इसके बाद बुध 11 अप्रैल को मीन राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं सूर्य का गोचर 14 अप्रैल को अपनी उच्च राशि मेष में होगा. 19 अप्रैल को शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ में गोचर कर जाएंगे. इस महीने सूर्य, मंगल, बुध और शनि की युति मीन राशि में होगी. शनि और सूर्य पहले से ही मीन राशि में मौजूद हैं. वहीं, इस महीने शुक्र का गोचर भी स्वराशि वृषभ में होगा. शुक्र के स्वराशि वृषभ में गोचर करने से मालव्य राजयोग बनेगा. ज्योतिष शास्त्र में मालव्य राजयोग को प्रभावशाली और शक्तिशाली राजयोग माना गया है. 2 अप्रैल 2026 को मंगल मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे भावनात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होगी. इसके बाद 11 अप्रैल को बुध भी मीन राशि में प्रवेश करेंगे. फिर 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे, जहां वह उच्च के माने जाते हैं. वहीं 19 अप्रैल को शुक्र वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जो सुख-सुविधाओं, प्रेम और भौतिक सुखों में वृद्धि का संकेत देता है. वहीं महीने के अंत में 30 अप्रैल को बुध मेष राशि में गोचर करेंगे, जिससे निर्णय लेने की क्षमता तेज होगी. ऐसे में ग्रहों के इस महत्वपूर्ण बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा. 2 अप्रैल को मंगल का मीन राशि में गोचर अप्रैल माह में पृथ्वी पुत्र और युद्ध के देवता मंगल गुरु ग्रह की राशि मीन में प्रवेश करेंगे. 02 अप्रैल को मंगल मीन राशि में गोचर करने वाले हैं, जहां पर पहले से शनिदेव विराजमान हैं जिसके कारण मीन राशि में शनि-मंगल की युति बनेगी. मीन राशि पर देवगुरु बृहस्पति का स्वामित्व होता है. वहीं ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता और मंगल को युद्ध, साहस, पराक्रम और भूमि आदि का कारक ग्रह माना जाता है. शनि और मंगल दोनों की ही गिनती पाप ग्रहों में होती है और दोनों का एक ही राशि में आने से प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा. हालांकि कुंडली में ग्रहों की स्थिति से कुछ राशि वालों के लिए बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे कुछ राशि वालों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को भी मिल सकता है. 11 अप्रैल को बुध का मीन राशि में गोचर बुध 11 अप्रैल 2026 को मेष राशि की यात्रा को विराम देते हुए मीन राशि में गोचर करेंगे. बुध के राशि परिवर्तन से लोगों में रचनात्मकता बढ़ेगी. शेयर मार्केट बढ़ने की संभावना है. बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है. बिजनेस करने वाले लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा. अनाज और खाने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं. बुध के मीन राशि में गोचर करते ही राशि के जातकों को अच्छा धनलाभ हो सकता है. 14 अप्रैल को सूर्य का मेष राशि में गोचर सूर्य हर एक माह में अपनी राशि बदलते हैं, जिसे सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष में सूर्य ग्रहों के राजा हैं. सूर्य 14 अप्रैल को मीन राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मेष राशि में सूर्य उच्च का फल देते हैं. ज्योतिष में सूर्य को एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. सूर्य को आत्मा और पिता का कारक भी कहा गया है. सूर्य शुभ होने पर व्यक्ति को उच्च पद की प्राप्ति होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को सिंह राशि का स्वामी माना गया है. सूर्य के मीन से निकलकर मेष राशि में गोचर के साथ मीन मलमास समाप्त हो जायेगा और इसकी वजह से रुके हुए मांगलिक कार्यक्रम, विवाह आदि फिर से शुरू हो जाएंगे. 19 अप्रैल को शुक्र का वृषभ राशि में गोचर रविवार 19 अप्रैल दोपहर 3:28 बजे शुक्र ग्रह अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. वैदिक ज्योतिष में शुक्र को सुख, यश, प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. जब शुक्र अपनी ही राशि में प्रवेश करते है तो उसकी शक्ति और प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. वृषभ एक स्थिर राशि है जो पृथ्वी तत्व से संबंधित है और भौतिक सुख-सुविधाओं से इसका गहरा जुड़ाव है. यह प्रभाव केवल भौतिक सुखों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में संतुलन, सौंदर्य और रचनात्मकता भी लाता है. शुक्र का वृषभ राशि में प्रवेश जीवन को अधिक सुखी और संतुलित बनाता है. 30 अप्रैल को बुध का मेष राशि में गोचर बुध देव 30 अप्रैल 2026 को मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे और वे इस स्थिति में 14 मई तक रहेंगे. बुध के राशि परिवर्तन होने से इनकम, निवेश और लेन-देन पर असर पड़ता है. जिससे कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है तो कुछ लोगों को नुकसान भी होता है. इस ग्रह के कारण शेयर मार्केट से जुड़े लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं. साथ ही शरीर में नसें, तंत्रिका तंत्र, गले और स्किन से जुड़ी बीमारी भी बुध की वजह से होती है. इस ग्रह के कारण तर्क शक्ति पर असर पड़ता है. साथ ही पत्रकारिता, शिक्षा, लेखन और वकालात से जुड़े लोगों के कामकाज में भी बड़े बदलाव होते हैं.

क्यों रहते हैं परेशान? जानें वो 5 बातें जिन्हें अपनाकर हर दिन लगेगा ‘तोहफा’

यकीन मानिए खुश रहना इतना भी मुश्किल नहीं है। बस जरूरत है तो कुछ चीजों को जानने की और उन्हें एक्सेप्ट करने की। आइए जानते हैं जिंदगी के कुछ कड़वे सच, जिन्हें जितनी जल्दी जान लेंगे उतना खुश रहेंगे। हर किसी को जानने चाहिए जीवन के 5 कड़वे सच, हमेशा खुश रहेंगे और खुलकर जीएंगे हर इंसान अपनी लाइफ में खुश रहना चाहता है, लेकिन फिर भी कई बार दुख, परेशानी और तनाव हमें घेर ही लेते हैं। दरअसल, ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि हम जीवन के कुछ बेहद सरल लेकिन गहरे सच को नजरअंदाज कर देते हैं। जो व्यक्ति इन बातों को समझ लेता है, वो छोटी-छोटी बातों में उलझता नहीं और हर हाल में खुश रहना सीख जाता है। जबकि जो इंसान इन सच्चाइयों को नजरअंदाज करके बेवजह की उम्मीद लगाए बैठा रहता है, उसे दुख और परेशानी के सिवा कुछ नहीं मिलता है। यकीन मानिए खुश रहना इतना भी मुश्किल नहीं है। बस जरूरत है तो कुछ चीजों को जानने की और उन्हें एक्सेप्ट करने की। आइए जानते हैं जीवन से जुड़े इसी सच को। हर चीज पर हमारा कंट्रोल नहीं हो सकता हम अक्सर सोचते हैं कि सब कुछ हमारे हिसाब से हो, हर परिस्थिति वैसी बने जैसी हम चाहें। लेकिन सच्चाई तो यही है कि जीवन में बहुत सी चीजें हमारे हाथ में नहीं होतीं, जैसे-पूरी मेहनत के बाद भी फल ना मिलना, किसी दूसरे का आपके साथ बुरा व्यवहार करना या अचानक कोई मुश्किल खड़ी हो जाना। जब हम ये मान लेते हैं कि हर चीज को नियंत्रित करना नामुमकिन है, तो मन को शांति मिलने लगती है। नियंत्रण की जरूरत कम हो जाती है और हम चीजों को स्वीकार करना सीख जाते हैं। यही बात हमारी चिंता को घटाकर खुश रहने की राह खोलती है। परिवर्तन संसार का नियम है कहने को तो ये बात बेहद छोटी है, लेकिन इसमें एक गहरी सच्चाई छुपी हुई है। लोग ये बात सुन तो लेते हैं लेकिन मानने को तैयार नहीं होते कि समय के साथ चीजें बदल जाती हैं। अच्छे दिन आते हैं और चले भी जाते हैं, वैसे ही बुरे वक्त भी हमेशा के लिए नहीं होते। अगर हम इन बातों को समझ लें कि हर चीज बदलने वाली है, तो हम दुख के समय टूटते नहीं और सुख के समय घमंड नहीं करते। परिवर्तन को जीवन का हिस्सा मानना हमें संतुलित बनाए रखता है और लाइफ के इस बैलेंस में ही सच्चा सुख छिपा हुआ है। तुलना करना दुख की सबसे बड़ी जड़ है इंसान के दुख की सबसे बड़ी वजह है कि वह दूसरों से अपनी तुलना करता है। किसी और की जिंदगी को देखकर, खुद को कम आंकने लगता है। आजकल सोशल मीडिया के दौर में तो ये चीजें और भी बढ़ गई हैं। अगर सुखी जीवन जीना है तो दूसरों से तुलना करना बंद करना होगा। हर इंसान को यह समझना चाहिए कि हर इंसान की जिंदगी का सफर अलग-अलग होता है। जब दो लोगों के चेहरे एक से नहीं होते तो भला दो इंसानों की जिंदगी एक जैसी कैसे हो सकती है। बस ये छोटी सी बात जो समझ जाता है, उसका जीवन बहुत आसान और सुलझा हुआ हो जाता है। सब कुछ हमेशा परफेक्ट नहीं होता जीवन में सब कुछ ठीक हो, हर काम बिना रुकावट के पूरा हो, ऐसी उम्मीद करना भी दुख का एक कारण है। असल जिंदगी में अधूरे काम, अधूरे सपने और उलझने हमेशा रहेंगी। कई बार परफेक्शन का पीछा करना ही दुख का कारण बन जाता है। जब हम लाइफ की इसी अनसर्टेनिटी को अपनाते हैं, तो हम प्रेजेंट में जीना सीखते हैं और यही प्रेजेंट हमें खुश रहने का रास्ता दिखाता है। हर नया दिन ईश्वर का दिया हुआ एक तोहफा है हम अक्सर भविष्य की चिंता में या बीते कल के पछतावे में खो जाते हैं, जो हमारे दुख का एक बड़ा कारण बन जाता है। लेकिन हर किसी को समझना चाहिए कि हर नया दिन, जीवन की नई शुरुआत है। ईश्वर हमें एक नया दिन जीने का मौका दे रहे हैं, इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहिए और उसे भगवान का एक खूबसूरत तोहफा समझकर नई एनर्जी के साथ जीना चाहिए। जो इंसान हर नए दिन को नई शुरुआत मानकर जीना शुरु कर देता है, उसके जीवन के दुख खुद ब खुद कम हो जाते हैं।