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शनिदेव को प्रसन्न करने का आसान उपाय, जानें दीपक जलाने की सही दिशा

आज शनि जयंती की शाम पीपल के पेड़ के नीचे दीया जरूर जलाएं। इसी के साथ शनिदेव के एक खास मंत्र का भी जाप करें। हिंदू धर्म में शनिवार के दिन शनि भगवान की पूजा का विशेष महत्व होता है और शनि जयंती है तो आज का दिन और भी खास बन चुका है। बता दें कि लंबे इंतजार के बाद ऐसा संयोग बना है कि शनिवार के दिन ही शनि जयंती पड़ रही हो। आज न्याय और कर्मों के देवता कहने जाने वाले शनिदेव की पूजा करने से जिंदगी के कई कष्ट धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और शनिदेव की कृपा मिल सकती है। शनि जयंती की शाम बहुत ही शक्तिशाली और विशेष मानी जाती है। आज शाम दीया जलाकर शनिदेव से सुख-शांति की कामाना करने से उनकी कृपा जरूर मिलती है। वहीं अगर दीए को सही दिशा और सही मंत्र के साथ जला लिया जाए तो पूजा का महत्व और भी बढ़ जाएगा। शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त शनिदेव की पूजा का एक मुहूर्त निकल चुका है। अब शाम का एक मुहूर्त बचा है जोकि विशेष है। आम तौर पर शनिदेव मंदिर में भक्तों की भीड़ शाम में ही नजर आती है। दरअसल शनिदेव की पूजा के लिए शाम का समय ही सबसे शुभ माना जाता है। आज शनि जयंती की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07:05 बजे से शुरु होकर रात 08:23 बजे तक होगा। दीया जलाते समय पढ़ें ये मंत्र शनिदेव के नाम का दीया पीपल के पेड़ नीचे जलाया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और साथ ही मन को शांति मिलती है। ॐ शं शनैश्चराय नमः माना जाता है कि इस मंत्र के जाप का शांत मन से जाप किया जाए तो शनिदेव प्रसन्न होकर सारे दुख हर लेते हैं। इस मंत्र का जाप 11, 21 या फिर 108 बार किया जा सकता है। आज का दिन विशेष है तो कोशिश करें कि इस मंत्र का जाप 108 बार ही किया जाए। इस दिशा में जलाएं शनि जयंती का दीया वास्तु शास्त्र की मान्यता के हिसाब से शनिदेव की पूजा करते समय पश्चिम दिशा शुभ मानी जाती है। इसी दिशा की ओर मुंह करके ही दीया जलाना चाहिए। मान्यता है कि आज शाम को चार जगह दीया जलाना चाहिए। शनि मंदिर और पीपल के पेड़ के नीचे तो दीया जरूर ही जलाएं। साथ ही हनुमान मंदिर और घर के मुख्य द्वार पर भी सरसों के तेल का दीया जलाकर भगवान शनिदेव को मन ही मन याद करें और ऊपर बताए गए मंत्र का जाप करें।

बिजनेस में छाई मंदी होगी दूर, घर की इस जगह लगाएं उगते सूरज की फोटो

 सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का खास महत्व है। इसमें घर की दीवारों पर लगाई जाने वाली तस्वीरों का लोगों के जीवन पर पड़ने वाला खास प्रभाव बताया गया है। लोग अपने घर और ऑफिस में उगते हुए सूरज की तस्वीर लगाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाना अधिक शुभ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर और ऑफिस में उगते हुए सूर्य की फोटो क्यों लगाई जाती है। अगर नहीं पता, तो आइए आपको बताते हैं इसकी खास वजह और नियम के बारे में। करियर में होगी खूब उन्नति- सूर्य देव को मान-सम्मान, सफलता तेज और यश का कारक माना जाता है। इसलिए घर में उगते हुए सूरज की फोटो लगाने से जॉब और बिजनेस में खूब तरक्की होती है और काम से आ रही बाधा दूर होती है। साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिलती है। सकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार- वास्तु के मुताबिक, घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। परिवार के सदस्यों के मन में नए विचार आते हैं। सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। मान-सम्मान में होती है वृद्धि- अगर आपके बनते काम बिगड़ रहे हैं, तो घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस फोटो को घर में लगाने से सभी कामों में सफलता मिलती है और कार्यक्षेत्र में आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। किस दिशा में लगाएं फोटो- पूर्व दिशा से सूर्य उदित होते हैं। इसलिए इस दिशा में उगते हुए सूर्य की फोटो को लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे शुभ परिणाम मिलते हैं। इसके अलावा आप उत्तर-पूर्व दिशा में भी उगते हुए सूर्य की फोटो लगा सकते हैं। इन दिशाओं में भूलकर भी न लगाएं फोटो- अगर आप घर में उगते हुए सूर्य की फोटो लगाना चाहते हैं, तो पश्चिम या दक्षिण दिशा की दीवार पर भूलकर भी न लगाएं। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में फोटो को लगाने से परिवार के सदस्यों को वास्तु दोष की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही ध्यान रखें कि फोटो में सूर्य की किरणें सुनहरी होनी चाहिए। अधिक ज्यादा लाल वाले भाव वाली तस्वीरें लगाने से बचें।  

वास्तु शास्त्र: बाथरूम में खाली बाल्टी क्यों मानी जाती है अशुभ, जानें इसका असर

 अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग हमें टोकते हैं कि बाथरूम में बाल्टी को कभी खाली नहीं छोड़ना चाहिए. कई लोग इसे पुराने जमाने की बात या अंधविश्वास मानकर छोड़ देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र में इसके पीछे बहुत गहरे अर्थ छिपे हैं? आइए समझते हैं कि खाली बाल्टी आपके जीवन पर क्या असर डाल सकती है. 1. पैसों की तंगी और फिजूलखर्ची वास्तु के अनुसार, पानी का सीधा संबंध धन (पैसे) से होता है. जैसे बहता पानी रुकता नहीं, वैसे ही खाली बाल्टी अभाव यानी कमी को दिखाती है. माना जाता है कि अगर बाल्टी खाली है, तो घर में पैसा टिकता नहीं है और बेवजह के खर्चे बढ़ जाते हैं. वहीं भरी हुई बाल्टी घर में बरकत और खुशहाली का संकेत है. 2. घर में बढ़ता है तनाव बाथरूम एक ऐसी जगह है जहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) पैदा हो सकती है. वास्तु एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाली बाल्टी इस नकारात्मकता को अपनी ओर खींचती है. इससे घर के लोगों के मन में चिड़चिड़ापन, तनाव और आपस में झगड़े होने की संभावना बढ़ जाती है. 3. ग्रहों का खेल (शनि और चंद्रमा) ज्योतिष में पानी का नाता चंद्रमा से है और सफाई का नाता शनि देव से. अगर बाल्टी गंदी या खाली पड़ी है, तो शनि और चंद्रमा का संतुलन बिगड़ जाता है. इससे आपके बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं,  किस्मत साथ नहीं देती. 4. अनुशासन और शांति अगर हम विज्ञान या मनोविज्ञान की बात करें, तो साफ-सुथरा और व्यवस्थित बाथरूम आपके दिमाग को शांति देता है. भरी हुई बाल्टी इस बात का प्रतीक है कि आप अपने संसाधनों का सही प्रबंधन कर रहे हैं. बिखरा हुआ बाथरूम और खाली बाल्टी आलस और अनुशासन की कमी को दर्शाती है. ये 3 छोटे बदलाव बदल देंगे आपकी किस्मत: रात को बाल्टी भरकर सोएं: रात में सोने से पहले बाल्टी को साफ पानी से भर दें. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. नीले रंग की बाल्टी: वास्तु में नीला रंग बहुत शुभ माना गया है. अगर संभव हो तो बाथरूम में नीले रंग की बाल्टी और टब का इस्तेमाल करें, यह पैसों की तंगी दूर करने में मदद करता है. खाली बाल्टी को उल्टा रखें: अगर आपको बाल्टी खाली रखनी ही है, तो उसे सीधा न छोड़ें. हमेशा धोकर उल्टा करके रखें.

अधिकमास क्या है और क्यों खास माना जाता है?

 अधिकमास इस बार 17 मई यानी कल से शुरू हो रहा है और इसका समापन 15 जून तक रहेगा. यह अतिरिक्त महीना हर साल नहीं आता, बल्कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इसे खास तौर पर हमारे कैलेंडर को संतुलित करने के लिए जोड़ा जाता है. दरअसल, चंद्र कैलेंडर लगभग 354 दिनों का होता है, जबकि सौर कैलेंडर 365 दिनों का. ऐसे में दोनों के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए अधिकमास रखा जाता है, ताकि हमारे त्योहार सही मौसम में ही आएं. लेकिन यह सिर्फ कैलेंडर ठीक करने के लिए ही नहीं है. धार्मिक दृष्टि से यह महीना बहुत खास माना जाता है. इसे भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) को समर्पित किया जाता है. मान्यता है कि इस पूरे महीने में किए गए पूजा-पाठ, दान और ध्यान का फल कई गुना बढ़ जाता है. इसलिए इसे एक तरह से पूरे महीने चलने वाला आध्यात्मिक उत्सव भी कहा जाता है. अधिकमास में क्या करें (पुण्य कर्म) अधिकमास को पुण्य कमाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है. यह एक ऐसा मौका है जिसे आपको गंवाना नहीं चाहिए. इस पूरे महीने में ध्यान अच्छे और निस्वार्थ कामों पर रखना चाहिए, जिससे मन और आत्मा शुद्ध होती है. 1. भगवान विष्णु की पूजा करें यह महीना भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) को समर्पित होता है, इसलिए उनकी पूजा सबसे जरूरी मानी जाती है. आप रोज विष्णु सहस्रनाम का पाठ कर सकते हैं. सत्यनारायण व्रत कथा सुनना या पढ़ना भी बहुत शुभ होता है. यहां बड़ी पूजा नहीं, बल्कि सच्चे मन से की गई भक्ति ज्यादा महत्वपूर्ण होती है. 2. दान करें अधिकमास में किया गया दान कई गुना फल देता है. यह सिर्फ पैसे का दान नहीं है, बल्कि भावना सबसे जरूरी होती है. आप अन्न दान, वस्त्र दान या दीप दान कर सकते हैं. जरूरतमंदों की मदद करना इस महीने का सबसे सीधा और असरदार उपाय माना जाता है. 3. जप और तप करें इस महीने में मंत्र जाप और व्रत रखना बहुत लाभदायक होता है. 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का रोज जाप करें, अगर संभव हो तो तुलसी की माला से 108 बार जप करें. व्रत रखने से मन और इंद्रियों पर नियंत्रण आता है और ध्यान भगवान में लगता है. 4. धार्मिक ग्रंथ पढ़ें इस समय आप भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत पुराण या रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ पढ़ सकते हैं. इससे ज्ञान बढ़ता है और जीवन को सही दिशा मिलती है. सिर्फ पढ़ें ही नहीं, बल्कि उसकी बातों को अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें. अधिक मास में क्या नहीं करना चाहिए शुभ कार्य न करें: जैसे शादी (विवाह), मुंडन और गृह प्रवेश बड़ी खरीदारी से बचें: नया घर, गाड़ी या महंगे गहने न खरीदें नई शुरुआत न करें: नया बिजनेस शुरू करना, घर बनवाना या किसी प्रोजेक्ट की शुरुआत करना टालें क्यों टालें ये काम? क्योंकि ये सभी काम हमारी इच्छाओं और भौतिक सुखों से जुड़े होते हैं. अधिकमास हमें सिखाता है कि थोड़े समय के लिए इन चीजों से ध्यान हटाकर अपनी आत्मा और अध्यात्म पर ध्यान दें. पूरे महीने का व्रत और नियम जो लोग अधिकमास में अपनी भक्ति को और गहरा बनाना चाहते हैं, वे पूरे महीने व्रत रख सकते हैं. यह एक कठिन लेकिन बहुत ही फलदायी साधना मानी जाती है. अगर आप यह व्रत करते हैं, तो आपको एक सही दिनचर्या अपनानी होती है. इस दौरान आपका भोजन बहुत साधारण और सात्विक होना चाहिए. दिन में सिर्फ एक बार खाना खाएं और उसमें प्याज, लहसुन, अनाज और मांसाहार से पूरी तरह परहेज करें. फल, दूध और व्रत में खाए जाने वाले आहार जैसे साबूदाना आदि का सेवन करें. आपकी दिनचर्या ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) उठकर स्नान और पूजा से शुरू होनी चाहिए. यह व्रत शरीर को कष्ट देने के लिए नहीं, बल्कि मन को शांत करने और भगवान की भक्ति में लगाने के लिए किया जाता है. अधिकमास की कथा अधिकमास से जुड़ी यह कथा बहुत सुंदर और भावुक है. पहले इस अतिरिक्त महीने का कोई देवता नहीं था, इसलिए इसे मलमास कहा जाता था, यानी ऐसा महीना जिसे अशुभ या बेकार माना जाता था. इस महीने में कोई त्योहार या शुभ काम नहीं किए जाते थे, इसलिए यह खुद को उपेक्षित और दुखी महसूस करता था. यह कथा हमें उस भावना से जोड़ती है, जब कोई खुद को महत्वहीन समझने लगता है. अपनी परेशानी लेकर यह महीना भगवान विष्णु के पास गया. पद्म पुराण के अनुसार, भगवान विष्णु ने जब इस महीने की परेशानी सुनी तो उन्होंने इसे अपना लिया. उन्होंने न सिर्फ इसे महत्व दिया, बल्कि अपना ही एक नाम पुरुषोत्तम भी इसे दे दिया. तभी से यह महीना पुरुषोत्तम मास कहलाने लगा. भगवान विष्णु ने यह भी कहा कि जो भक्त इस महीने में बिना किसी स्वार्थ के पूजा-पाठ, दान और अच्छे कर्म करेगा, उसे उनका विशेष आशीर्वाद मिलेगा और उसका पुण्य कई गुना बढ़ेगा. इस तरह जो महीना पहले उपेक्षित था, वही सबसे पवित्र और खास बन गया.

वास्तु शास्त्र: घर की सीढ़ियों पर क्यों नहीं बैठना चाहिए? जानें इसके पीछे की मान्यताएं और असर

हमारे वास्तु शास्त्र में घर की हर एक चीज का काफी खास महत्व बताया गया है. चाहे हमारे घर का मुख्य दरवाजा हो, किचन हो या फिर घर की सीढ़ियां ही क्यों न हों. जब आप इसमें बताया गए नियमों का सही से पालन करने लगते हैं तो आपकी जिंदगी काफी सुखद और समृद्धि से भरी हुई हो जाती है. वहीं, इन नियमों को नजरअंदाज करने से जीवन में परेशानियों के बढ़ने का भी खतरा रहता है. हमारे वास्तु शास्त्र में घर की सीढ़ियों को लेकर भी कुछ खास नियम बताये गए हैं, जिनमें आपको इस सवाल का जवाब भी मिल जाता है कि आखिर आपको क्यों घर की सीढ़ियों पर नहीं बैठना चाहिए. आज हम आपको इसी सवाल का जवाब इस आर्टिकल में देने वाले हैं. जब आप इस आर्टिकल को पढ़ लेंगे तो दोबारा कभी भी घर की सीढ़ियों पर बैठने की गलती नहीं करेंगे. सीढ़ियों पर बैठने से रुकती है पॉजिटिव एनर्जी वास्तु शास्त्र के अनुसार आपके घर में जो भी एनर्जी होती है वह लगातार एक जगह से दूर जगह घूमती रहती है. आपकी घर की सीढ़ियां ही इस एनर्जी के ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर जाने का रास्ता मानी जाती है. ऐसे में जब कोई भी आकर सीढ़ियों पर बैठ जाता है, तो वह एनर्जी के फ्लो में रुकावट बन जाता है. मान्यताओं के अनुसार जब आप ऐसा करते हैं तो घर में पॉजिटिव एनर्जी घटने लगती है और साथ ही स्ट्रेस और बेचैनी बढ़ने लग जाती है. फिनांशियल प्रॉब्लम्स से भी जोड़ा जाता है इसे वास्तु शास्त्र में हमारी घर की सीढ़ियों को ही जीवन में तरक्की करने का और आगे बढ़ने का संकेत माना गया है. ऐसे में अगर आप घर की सीढ़ियों में बैठते हैं या फिर लंबे समय तक खड़ा रहते हैं, तो हो सकता है कि आपकी तरक्की में रुकावट आ जाए. मान्यताओं के अनुसार आपकी यह गलती पैसों से जुड़ी दिक्कतों को भी बढ़ा सकती है. कई बार इसकी वजह से आपको मेहनत का भी पूरा फल नहीं मिलता है. परिवार के रिश्तों पर भी पड़ सकता है असर आपके घर का माहौल कैसा है और वहां की एनर्जी कैसी है इस बात का असर पारिवारिक रिश्तों पर भी काफी गहरा पड़ता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर की एनर्जी बैलेंस्ड न रहे, तो छोटी से छोटी बातों पर भी स्ट्रेस और झगड़े बढ़ने लग जाते हैं. इसके अलावा जब आप सीढ़ियों पर बैठे रहते हैं या फिर उसे गंदा करके रखते हैं तो पूरे घर का माहौल भारी लगने लगता है. कई बार इसकी वजह से परिवार में झगड़े और बहस भी बढ़ जाते हैं. हेल्थ पर भी पड़ सकता है निगेटिव असर वास्तु शास्त्र के अनुसार आपको इसलिए भी घर की सीढ़ियों पर नहीं बैठना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा आपके घर में आने-जाने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई बार सीढ़ियों के आसपास धूल जमा हो जाती है, जिस वजह से इसका असर आपकी सेहत पर भी पड़ सकता है.  

वट सावित्री व्रत 2026: परिक्रमा के दौरान इस मंत्र से मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

आज यानी 16 मई को देश भर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए वट सावित्री का व्रत रख रही हैं.  इस दिन बरगद (वट) के पेड़ की पूजा और परिक्रमा का सबसे ज्यादा महत्व होता है.  शास्त्रों के अनुसार, अगर आज परिक्रमा करते समय एक विशेष मंत्र का जाप किया जाए, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. आज पूजा का सबसे उत्तम समय अगर आप आज पूजा करने जा रही हैं, तो समय का खास ख्याल रखें. ज्योतिषियों के मुताबिक, आज पूजा का सबसे महाशुभ मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त) सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक है.  इस 54 मिनट के दौरान पूजा और परिक्रमा करना बेहद फलदायी माना गया है. परिक्रमा करते समय इस मंत्र का करें जाप बरगद के पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत या कलावा लपेटते हुए महिलाओं को कम से कम 7 या 11 बार परिक्रमा करनी चाहिए.  परिक्रमा के दौरान मन ही मन इस पौराणिक मंत्र का जाप करना चाहिए: "यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च। तानि सर्वाणि नश्यन्तु प्रदक्षिण पदे-पदे।।" इसका आसान अर्थ क्या है? इस मंत्र का मतलब है कि जाने-अनजाने में हमारे इस जन्म या पिछले जन्मों के जो भी पाप या कमियां रही हों, इस पवित्र वृक्ष की परिक्रमा (प्रदक्षिणा) के हर एक कदम के साथ वे सभी नष्ट हो जाएं और हमारे परिवार में सुख-शांति आए. बरगद की पूजा क्यों है इतनी खास? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ की जड़ों में ब्रह्मा जी, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं (डालियों) में साक्षात शिव जी का वास होता है. इसके साथ ही, सावित्री ने इसी पेड़ के नीचे अपने पति सत्यवान के प्राण वापस पाए थे.  यही वजह है कि आज के दिन इस पेड़ की पूजा करने से तीनों देवों के साथ माता सावित्री का भी आशीर्वाद एक साथ मिल जाता है.

वट सावित्री व्रत 2026: सुहागिन महिलाएं आज कर रही पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

 आज देश भर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए वट सावित्री का व्रत रख रही हैं.  हिंदू धर्म में इस व्रत का बहुत बड़ा महत्व है. मान्यता है कि इसी दिन माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और भक्ति से यमराज के हाथों से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस छीन लिए थे.  तभी से शादीशुदा महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को यह व्रत रखती हैं. इस बार का वट सावित्री व्रत और भी खास है क्योंकि आज शनिवार होने की वजह से शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या का बेहद शुभ संयोग भी बन रहा है. पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? ज्योतिषियों के मुताबिक, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि आज सुबह 05:11 बजे से शुरू हो चुकी है, जो देर रात (अगले दिन सुबह) 01:30 बजे तक रहेगी. पूजा वैसे तो सुबह से की जा रही है, लेकिन पूजा करने का सबसे उत्तम और महाशुभ समय सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे के बीच (अभिजीत मुहूर्त) है.  इस समय में की गई पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है. पूजा की थाली में क्या-क्या होना चाहिए? अगर आप पूजा के लिए जा रही हैं, तो अपनी थाली में ये चीजें रखना न भूलें: बांस का पंखा (जिससे बरगद के पेड़ और सत्यवान-सावित्री को हवा झली जाती है) लाल या पीला कलावा (कच्चा सूत) धूप, अगरबत्ती, घी का दीपक और कपूर रोली, चंदन, हल्दी और अक्षत (साबुत चावल) भीगे हुए चने, फल (विशेषकर आम और खरबूजा) और मिठाई सुहाग का सामान (सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, आदि) और एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल बरगद के पेड़ की पूजा का महत्व और विधि इस व्रत में बरगद (वट) के पेड़ की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव जी) तीनों देवों का वास होता है और यह पेड़ दीर्घायु (लंबी उम्र) का प्रतीक है. महिलाएं आज के दिन नए कपड़े पहनकर, पूरा 16 श्रृंगार करके बरगद के पेड़ को जल व दूध अर्पित करती हैं.  इसके बाद पेड़ पर हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाकर फल-फूल चढ़ाती हैं.  फिर पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत या कलावा लपेटते हुए 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. अंत में हाथ में भीगे चने लेकर वट सावित्री की कथा सुनी जाती है. सुखी दांपत्य जीवन के लिए आज करें ये उपाय चूंकि आज शनिवार भी है, इसलिए आज के दिन कुछ खास उपाय करने से वैवाहिक जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं: पति-पत्नी मिलकर करें दीपदान: आज शाम को बरगद के पेड़ के नीचे या पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे शनि दोष दूर होता है. भीगे चने का दान: आज पूजा में चढ़ाए गए भीगे चने और कुछ सिक्के किसी जरूरतमंद को दान करने से घर में बरकत आती है. अगर गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करें? कई बार सेहत ठीक न होने, गर्भावस्था या अनजाने में महिलाओं से कोई गलती हो जाती है और व्रत टूट जाता है. ऐसी स्थिति में घबराने या मन छोटा करने की जरूरत नहीं है. शास्त्रों में इसके कुछ आसान उपाय बताए गए हैं: माफी मांगें: अगर अनजाने में कुछ खा-पी लिया है, तो भगवान विष्णु और माता सावित्री के सामने हाथ जोड़कर अपनी भूल के लिए माफी मांगें. भगवान भाव के भूखे होते हैं, वे क्षमा कर देते हैं. दान-पुण्य करें: व्रत टूटने के दोष से बचने के लिए किसी जरूरतमंद महिला या ब्राह्मण को अनाज, फल या सुहाग की सामग्री (जैसे सिंदूर, चूड़ियां) दान करें. हवन या कीर्तन: मन की शांति और शुद्धि के लिए घर में छोटा सा गायत्री हवन कर सकती हैं या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप कर सकती हैं. व्रत का पारण (व्रत खोलना) कैसे करें? वट सावित्री व्रत का पारण करने का भी खास नियम है.  कथा और परिक्रमा पूरी होने के बाद महिलाएं यमराज के प्रतीक के रूप में बरगद के पेड़ की एक कली (कोपल) और ७ भीगे हुए चने को पानी के साथ निगलकर अपना व्रत खोलती हैं. इसके बाद घर के बड़ों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता है.

घर में अपने आप उग आए तुलसी के पौधे का क्या है संकेत? जानें वास्तु और ज्योतिष मान्यता

 हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है. अमूमन हम घर में तुलसी का पौधा नर्सरी से लाकर या बीज डालकर लगाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आंगन या गमले में अचानक अपने आप ही तुलसी का पौधा पनपने लगता है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में इसे महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक बहुत ही शुभ और रहस्यमयी संकेत माना जाता है. अगर आपके घर में भी बिना बीज डाले तुलसी उग आई है, तो इसके पीछे कुछ अर्थ छिपे होते हैं जिसे जानना बेहद जरूरी है, इसके साथ ही कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी होता है. 1. ईश्वरीय कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी का अपने आप उगना इस बात का प्रमाण है कि आपके घर की ऊर्जा सकारात्मक है. तुलसी वहीं पनपती है जहां सात्विकता का वास होता है. यह संकेत देता है कि आपके घर पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा है और आने वाले समय में आपके परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी. 2. आर्थिक लाभ और तरक्की का इशारा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, घर के उत्तर या पूर्व दिशा में अचानक तुलसी का उगना आर्थिक उन्नति का संकेत है. यह बताता है कि आपके रुके हुए काम अब पूरे होने वाले हैं, इससे धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे. अगर आप व्यापार करते हैं, तो यह मुनाफे की ओर इशारा करता है. 3. परिवार में शुभ समाचार का आगमन ऐसी मान्यता है कि तुलसी का पौधा खुशहाली का प्रतीक है.  यदि यह आपके आंगन के बीचों-बीच या मुख्य गमले में उगता है, तो जल्द ही परिवार में किसी मांगलिक कार्य (जैसे विवाह या संतान जन्म) की सूचना मिल सकती है. यह घर के सदस्यों के बीच बढ़ते प्रेम और सामंजस्य का भी प्रतीक है. 4. तुलसी के साथ ये पौधे उगें तो क्या करें? अक्सर तुलसी के साथ कुछ खरपतवार या अन्य छोटे पौधे भी उग आते हैं.  वास्तु के अनुसार, तुलसी के गमले को हमेशा साफ रखना चाहिए. यदि तुलसी के साथ दूब (घास) उग आए, तो उसे हटाना नहीं चाहिए बल्कि बढ़ने देना चाहिए, क्योंकि दूब गणेश जी को प्रिय है. हालांकि, कटीली घास या जंगली पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए ताकि तुलसी की ऊर्जा प्रभावित न हो. 5. इन बातों का रखें विशेष ध्यान (जरूरी नियम) उखाड़ें नहीं: अगर तुलसी ऐसी जगह उगी है जहाँ वह बाधा बन रही है, तो उसे तुरंत उखाड़कर फेंकें नहीं.  उसे सावधानी से मिट्टी सहित निकालकर किसी दूसरे साफ गमले में स्थापित कर दें. स्थान का चुनाव: तुलसी को कभी भी दक्षिण दिशा (South) में न रखें.  इसे हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में ही जगह दें. स्वच्छता: जहां तुलसी का पौधा उगा हो, वहां जूते-चप्पल न रखें और न ही वहां गंदगी होने दें.

शनि जयंती 2026: तुला, मकर और कुंभ राशि वालों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा

 शनि जयंती हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, जो न्याय के देवता और कर्मों के फल देने वाले भगवान शनि को समर्पित होता है. शनि जयंती वह दिन है जब भगवान शनि का जन्म हुआ था. यह हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाती है. शनि जयंती आज (16 मई) को मनाई जा रही है. इस दिन शनिदेव की पूजा-उपासना करने से शनि दोष कम होता है, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव घटता है, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कर्मों के बुरे फल से राहत मिलती है. ज्योतिषियों की मानें तो, शनिदेव की कुछ प्रिय राशियां जिनपर उनकी कृपादृष्टि बनी रहती है. आइए जानते हैं कि शनिदेव की प्रिय राशियों के बारे में, जिनका शनि जयंती से गोल्डन टाइम शुरू होगा. तुला राशि: शनि का मजबूत प्रभाव तुला राशि में शनि को बहुत शक्तिशाली माना जाता है. यहां शनि अपने उच्च स्थान पर होता है, इसलिए इसका असर गहरा होता है. इस राशि के लोग सोच-समझकर फैसले लेते हैं और न्याय की भावना रखते हैं. सफलता इन्हें थोड़ा देर से मिलती है, लेकिन स्थायी होती है. ये लोग कानून, प्रशासन, मैनेजमेंट और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अच्छा नाम कमा सकते हैं. शनि इन्हें सही रास्ता दिखाने में मदद करता है और जीवन में संतुलन बनाए रखता है. मकर राशि: मेहनत से बनता भविष्य मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि होते हैं, इसलिए इस राशि पर इसका विशेष प्रभाव रहता है. शुरुआती जीवन में संघर्ष और मेहनत ज्यादा देखने को मिलती है, खासकर 30 साल की उम्र तक. लेकिन इसके बाद जीवन में सुधार आने लगता है. मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने लगता है और करियर में स्थिरता आती है. ऐसे लोग लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हैं और सोच-समझकर कदम बढ़ाते हैं. धीरे-धीरे ये धन, सम्मान और सफलता हासिल करते हैं. कुंभ राशि: शनि की मूल शक्ति का असर कुंभ राशि को शनि की मूल त्रिकोण राशि माना जाता है, जहां इसका प्रभाव संतुलित और स्थिर रहता है. इस राशि के लोग नई सोच रखने वाले और दूरदर्शी होते हैं. ये तकनीक, रिसर्च, सामाजिक कार्य और बड़े संगठनों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं. मुश्किल परिस्थितियों में भी ये हिम्मत नहीं हारते. समय के साथ इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है और जीवन में स्थिरता आती है. 30 की उम्र के बाद जीवन में बदलाव ज्योतिष के अनुसार शनि का असली प्रभाव 30 साल की उम्र के आसपास साफ दिखने लगता है. इन तीनों राशियों के जातकों के जीवन में इस समय के बाद स्थिरता बढ़ती है. करियर सही दिशा में आगे बढ़ता है और कमाई भी मजबूत होने लगती है. अनुभव का फायदा मिलता है और फैसले ज्यादा बेहतर होते हैं. माना जाता है कि शनि की कृपा पाने के लिए ईमानदारी, अनुशासन और लगातार मेहनत सबसे जरूरी उपाय हैं.

आज का राशिफल: प्रेम, नौकरी और पैसों के मामले में किन राशियों की चमकेगी किस्मत?

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए आज का दिन भागदौड़ वाला जरूर रहेगा, लेकिन फायदा भी देगा। सुबह से ही काम का दबाव बना रह सकता है। कई लोग एक साथ आपसे उम्मीद रखेंगे, इसलिए थोड़ा थकान महसूस हो सकती है। हालांकि अच्छी बात ये है कि मेहनत का रिजल्ट भी दिखाई देगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। जो लोग काफी समय से किसी अच्छे मौके का इंतजार कर रहे थे, उन्हें कोई नई खबर मिल सकती है। बिजनेस करने वालों को पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन खर्च भी बढ़ सकते हैं। घर के किसी काम में पैसा लग सकता है। रिश्तों में थोड़ा धैर्य रखना जरूरी होगा। पार्टनर की बातों को नजरअंदाज करने से दूरी बढ़ सकती है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन सिरदर्द और थकान परेशान कर सकती है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। कई मामलों में राहत मिलेगी, लेकिन कुछ चीजें मन को परेशान भी कर सकती हैं। कामकाज में सुधार दिखाई देगा। ऑफिस में आपके सुझाव लोगों को पसंद आ सकते हैं। जो लोग नया काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समय ठीक कहा जा सकता है। पैसों के मामले में फायदा होने के संकेत हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। हालांकि खर्च भी साथ-साथ बढ़ेंगे। घर या परिवार से जुड़ा कोई खर्च अचानक सामने आ सकता है। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी। पार्टनर का साथ मिलेगा और परिवार के लोगों के साथ समय अच्छा बीतेगा। सेहत के मामले में लापरवाही न करें। आंखों में जलन या शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन राहत देने वाला रह सकता है। पिछले कुछ समय से जो मानसिक दबाव चल रहा था, उसमें कमी महसूस होगी। कामकाज में धीरे-धीरे चीजें आपके हिसाब से बनने लगेंगी। ऑफिस में लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे। नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मीडिया, लेखन, सोशल मीडिया या टीचिंग से जुड़े लोगों को फायदा होने के संकेत हैं। पैसों की स्थिति पहले से बेहतर होगी। रुका हुआ पैसा मिल सकता है। हालांकि किसी कागज या सरकारी काम में जल्दबाजी करने से बचना होगा। रिश्तों में प्यार बना रहेगा। पार्टनर के साथ समय अच्छा बीतेगा। परिवार में भी माहौल शांत रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है, लेकिन नींद पूरी न होने की वजह से थकान महसूस हो सकती है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए दिन अच्छा माना जा रहा है। कामकाज में सुधार होगा और रुके हुए काम धीरे-धीरे आगे बढ़ सकते हैं। ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन की खबर मिल सकती है। बिजनेस करने वालों को नए लोगों से फायदा मिलेगा। पैसों के मामले में राहत मिलेगी। कमाई बढ़ाने के नए मौके मिल सकते हैं। हालांकि घर या परिवार की वजह से खर्च भी बढ़ सकते हैं। रिश्तों में अपनापन बना रहेगा। पार्टनर के साथ गलतफहमी कम होगी और बातचीत बढ़ेगी। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा। सेहत पहले से बेहतर रहेगी। जो लोग तनाव या थकान से परेशान थे, उन्हें राहत महसूस हो सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए दिन थोड़ा संभलकर चलने वाला रहेगा। काम का दबाव बढ़ सकता है। ऑफिस में कुछ लोग आपके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अगर आप शांत रहेंगे तो स्थिति संभल जाएगी। बिजनेस में फायदा होगा, लेकिन किसी पर आंख बंद करके भरोसा करना नुकसान दे सकता है। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी। पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। परिवार के लोगों के साथ समय अच्छा रहेगा। रिश्तों में छोटी-छोटी बातों पर बहस होने की संभावना है, इसलिए गुस्से पर कंट्रोल रखें। सेहत के मामले में पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। बाहर का ज्यादा खाना खाने से बचें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में फायदेमंद रह सकता है। नौकरी और बिजनेस दोनों जगह आपके काम की तारीफ होगी। कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अगर लंबे समय से कोई काम अटका हुआ था तो उसमें राहत मिलने के संकेत हैं। पैसों की स्थिति पहले से मजबूत होगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। निवेश करने का मन बनेगा, लेकिन सोच-समझकर फैसला लेना बेहतर रहेगा। रिश्तों में प्यार बना रहेगा। पार्टनर के साथ समय अच्छा बीतेगा। परिवार में भी माहौल खुशहाल रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन बदलते मौसम की वजह से हल्की कमजोरी महसूस हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए दिन थोड़ा व्यस्त रहेगा। काम ज्यादा रहेगा और आराम कम मिलेगा। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ लोग नौकरी बदलने का मन बना सकते हैं। बिजनेस में भी नए मौके सामने आ सकते हैं। पैसों के मामले में दिन ठीक रहेगा। कमाई होगी, लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। किसी पुराने दोस्त या रिश्तेदार से मुलाकात हो सकती है। रिश्तों में धैर्य रखना जरूरी रहेगा। पार्टनर आपकी किसी बात से नाराज हो सकता है। समय रहते बात साफ कर लेना बेहतर रहेगा। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। कमर दर्द या थकान परेशान कर सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन भावनात्मक रह सकता है। छोटी-छोटी बातों का असर मन पर जल्दी होगा। कामकाज में सुधार दिखाई देगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ होगी। कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। बिजनेस करने वालों को फायदा मिलेगा। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना होगा। रिश्तों में थोड़ा संभलकर चलना जरूरी रहेगा। पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो सकती है। गुस्से में बोले गए शब्द परेशानी बढ़ा सकते हैं। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन नींद पूरी न होने की वजह से चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहने वाला है। कामकाज में तेजी दिखाई देगी। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी करने वालों को अच्छे मौके मिल सकते हैं। बिजनेस में भी फायदा होने के संकेत हैं। नए लोगों से संपर्क बढ़ेगा। पैसों … Read more