samacharsecretary.com

04 मार्च 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा बड़ा लाभ

मेष राशि आज आप पार्टनर का खास ध्यान रखें क्योंकि वे किसी बात पर आपसे नाराज़ हो सकते हैं। पुरानी बातों को दोबारा न छेड़ें। रिश्ते को संभालने और बचाने की कोशिश करें, तभी स्थिति सुधरेगी। वृषभ राशि वृषभ राशि के लव लाइफ में आज कोई नया व्यक्ति आ सकता है। कमिटेड लोगों के पार्टनर किसी बात से नाराज़ हो सकते हैं। आपको सलाह है कि बेवजह की बहस से बचें, शांति और समझदारी से काम लें। मिथुन राशि मिथुन राशि के प्रेम जीवन में आज प्यार भरी बातें होंगी। साथ में कोई खास प्लान बन सकता है। पार्टनर के साथ घूमने जाने का मौका मिलेगा, जिससे रिश्ता और मजबूत होगा। कर्क राशि कर्क राशि के लव लाइफ में बिना कुछ कहे भी गलतफहमी बढ़ सकती है। पार्टनर से विवाद संभव है और शक की स्थिति बन सकती है। हालांकि शाम तक माहौल फिर से सामान्य हो जाएगा। सिंह राशि आपके रिलेशनशिप में कुछ मुद्दे बढ़ सकते हैं। कोई पुरानी बात आपको परेशान करेगी जिसके कारण मूड ऑफ रह सकता है, इसलिए धैर्य से काम लें। कन्या राशि कन्या राशि के लव लाइफ की स्थिति आज अच्छी रहने वाली है। डेट पर जाने का प्लान बन सकता है। कोई ऑनलाइन मैसेज आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। प्यार में नया ट्विस्ट आएगा। तुला राशि तुला राशि के रिश्ते में आज प्यार जताना जरूरी है, वरना दूरी बढ़ सकती है। पुराना विवाद खत्म करना ही बेहतर रहेगा। आपको सलाह है कि दूसरों की बात पर यकीन ना करें।  वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि को कोई नया पसंद आ सकता है। कुछ लोगों का मूड आज थोड़ा ऑफ रह सकता है, खासकर शाम के समय। फिर भी प्यार को मौका देने की कोशिश करें। धनु राशि धनु राशि के लोगों को आज ज्यादा ओवरथिंकिंग करने से बचाव करना होगा। पुराने दिन फिर से खास बन सकते हैं। रात में प्यार भरी बातचीत होगी, लेकिन नींद कम आ सकती है। मकर राशि आज मकर राशि को पुराना प्यार याद आ सकता है और उसकी कमी महसूस होगी। शाम तक मूड हल्का करने के लिए कहीं घूमने जा सकते हैं। पार्टनर को बहुत मिस करेंगे। कुंभ राशि कुंभ राशि को लोगों के मन में आज पार्टनर की जिंदगी को लेकर सवाल आएंगे। आप उन्हें बहुत प्यार करते हैं, इसलिए छोड़ना मुश्किल लगेगा। आज अपने मन को मजबूत रखना होगा। मीन राशि मीन राशि के प्रेम जीवन में आज कोई नया व्यक्ति बीच में आ सकता है। पार्टनर से दिल की बातें करें। साथ में घूमने या डिनर डेट का प्लान बन सकता है।

वास्तु शास्त्र की चेतावनी: शेर की तस्वीर से बढ़ सकता है तनाव और विवाद

घर सजाते समय हम अक्सर सुंदर पेंटिंग और आकर्षक तस्वीरें लगा लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार हर चित्र घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है। विशेष रूप से शेर की तस्वीर को लेकर वास्तु में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वास्तु ग्रंथ जैसे समरांगण सूत्रधार, प्रासाद मंडन और बृहत संहिता में बताया गया है कि घर में रखी वस्तुएं वहां रहने वाले लोगों के स्वभाव, संबंध और समृद्धि पर गहरा प्रभाव डालती हैं। शेर की तस्वीर क्यों मानी जाती है अशुभ? शेर को जंगल का राजा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन वास्तु के अनुसार शेर आक्रामकता, अहंकार और प्रभुत्व (Dominance) का प्रतीक भी है। घर में शेर की तस्वीर लगाने से: परिवार के सदस्यों में वाद-विवाद बढ़ सकते हैं। क्रोध और तनाव की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में अहंकार टकराव पैदा कर सकता है। वास्तु सिद्धांत कहते हैं कि घर शांति और सौहार्द का स्थान है, इसलिए यहां उग्र और हिंसक पशुओं की तस्वीरें लगाने से बचना चाहिए। नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा आक्रामक पशुओं की तस्वीरें घर की सकारात्मक ऊर्जा को बाधित कर सकती हैं। वास्तु के अनुसार, दीवारों पर लगे चित्र मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। शेर, बाघ या युद्ध दर्शाने वाली तस्वीरें मानसिक अशांति बढ़ा सकती हैं। निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। बच्चों के स्वभाव पर भी असर पड़ता है। किन तस्वीरों से बचें? वास्तु के अनुसार निम्न पक्षियों/पशुओं की तस्वीरें भी घर में नहीं लगानी चाहिए गिद्ध, उल्लू, कौआ, बाज और बगुला। इनको अशुभ संकेत और एकाकीपन का प्रतीक माना गया है। कौन सी तस्वीरें मानी जाती हैं शुभ? घर में शांत और सकारात्मक प्रतीकों वाली तस्वीरें लगाना श्रेष्ठ माना गया है। जैसे: गाय – समृद्धि और मातृत्व का प्रतीक सात दौड़ते घोड़े – सफलता और प्रगति हाथी – शक्ति और स्थिरता कछुआ – दीर्घायु हंस – ज्ञान और विवेक मोर – सौभाग्य और सुंदरता ये प्रतीक घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द बढ़ाते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ऊर्जा का केंद्र होता है। इसलिए सजावट करते समय केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि उसके प्रभाव को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप घर में सुख-शांति और समृद्धि चाहते हैं, तो शेर जैसी आक्रामक तस्वीरों से बचें और शुभ प्रतीकों को अपनाएं।

जब डर और असफलता घेर लें, तब पढ़ें भगवद गीता के ये 7 श्लोक — श्रीकृष्ण का दिव्य समाधान

जीवन में जब असफलता, तनाव और असमंजस घेर लेते हैं, तब सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है। ऐसे समय में हजारों साल पहले कही गई बातें भी आज उतनी ही प्रासंगिक लगती हैं। महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया उपदेश आज हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। आज भी लोग कई ऐसी सिचुएशन में फंस जाते हैं, जहां से निकलने का कोई रास्ता समझ नहीं आता। अगर आप भी जिंदगी की भंवर में अटक गए हैं, तो भगवद गीता में संकलित श्री कृष्ण द्वारा कही गई अमर शिक्षाओं से कुछ सीख लें। भगवद गीता में लिखे ये 7 श्लोक आपकी सोच को बदल देंगे और जिंदगी की हर कठिनाई को सरल कर देंगे। 1. कर्म पर ध्यान दें, फल की चिंता छोड़ें "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।" अर्थ: आपका अधिकार केवल कर्म करने में है, फल पर नहीं। आज के समय में लोग रिजल्ट को लेकर ज्यादा परेशान रहते हैं। गीता का यह श्लोक सिखाता है कि अगर आप पूरी निष्ठा से काम करेंगे, तो परिणाम आपके पक्ष में ही आएगा। 2. संतुलित मन ही असली शक्ति है "योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय।" अर्थ: संतुलित होकर और आसक्ति छोड़कर कर्म करो। जब मन स्थिर होता है, तभी सही निर्णय लिए जा सकते हैं। यह श्लोक मानसिक संतुलन और फोकस की अहमियत बताता है। ज्यादातर लोग दो नांव में पैर रखकर चलने की कोशिश करते हैं। 3. खुद को गिरने मत दो "उद्धरेदात्मनाऽत्मानं नात्मानमवसादयेत्।" अर्थ: मनुष्य को स्वयं अपना उत्थान करना चाहिए। जीवन में मुश्किलें आएंगी, लेकिन हार मान लेना विकल्प नहीं है। आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है। खुद को हर स्थिति में उठाने की कोशिश करें। 4. अच्छे कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाते "न हि कल्याणकृत्कश्चिद् दुर्गतिं तात गच्छति।" अर्थ: जो शुभ काम यानी अच्छे कर्म करता है, उसके साथ कभी बुरा नहीं होता। ईमानदारी और अच्छाई का रास्ता भले लंबा हो, लेकिन अंत में जीत उसी की होती है। 5. श्रद्धा से मिलता है ज्ञान "श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्।" अर्थ: श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति ही ज्ञान प्राप्त करता है। सफलता के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि धैर्य और विश्वास भी जरूरी है। अगर आप सोचते हैं कि सबकुछ जल्दी हो जाए, तो ऐसा नहीं होगा। किसी भी चीज को पाने के लिए धैर्य रखना जरूरी है। 6. हर घटना के पीछे एक उद्देश्य है "अहं सर्वस्य प्रभवो मत्तः सर्वं प्रवर्तते।" अर्थ: समस्त सृष्टि का मूल कारण मैं हूं। यह श्लोक हमें सिखाता है कि जीवन में जो भी होता है, उसका एक गहरा उद्देश्य होता है। जैसे कहा जाता है जो होता है अच्छे के लिए होता है, उसमें जरूर आपका कुछ लाभ छिपा होता है। 7. गुस्सा आपका दुश्मन है "क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः" अर्थ: यह श्लोक सिखाता है कि गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। एक पल का क्रोध सालों की मेहनत और रिश्तों को खत्म कर सकता है। यदि आप सफलता और खुशहाली चाहते हैं, तो अपने मन और भावनाओं कंट्रोल रखना सीखें।  

आज शाम 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा चंद्र ग्रहण, थोड़े समय के लिए दिखेगा प्रभाव

साल के पहले चंद्र ग्रहण के लगने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है. आज दोपहर को 03 बजकर 20 मिनट पर इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी. इस ग्रहण की समाप्ति शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर हो जाएगी. ये ग्रहण 03 घंटे 26 मिनट तक रहेगा. चूंकि ये ग्रहण भारत में नजर आने वाला है, इसलिए इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है. इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर ही लग गया है. देशभर में ग्रहण के सूतक काल के विशेष नियमों का पालन किया जा रहा है. मंदिरों के कपाट बंद हैं. घरों में पूजा-पाठ समेत तमाम धार्मिक कार्य और खानपान बंद है. भारत में जब चंद्रोदय होगा तो चांद को ग्रहण लगा हुआ होगा. भारत में यह चंद्र ग्रहण ग्रस्तोदित रूप में नजर आने वाला है. भारत में 20 से 25 मिनट ही रहेगा ग्रहण का प्रभाव शाम 4 बजकर 34 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा. भारत में ये ग्रहण करीब 20 से 25 मिनट ही नजर ही नजर आने वाला है. भारत में आज शाम को 06 बजकर 20 मिनट के बाद ग्रहण लगा चांद दिखने लगेगा. चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा. इसके बाद 06 बजकर 46 मिनट पर ये चंद्र ग्रहण खत्म हो जाएगा. दिल्ली समेत इन बडे़े शहरों में ग्रहण के दिखने का समय     दिल्ली-एनसीआर: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     प्रयागराग: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 08 मिनट पर दिखेगा.     कानपुर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 14 मिनट पर दिखेगा.     वाराणसी: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बदकर 04 मिनट पर दिखेगा.     पटना: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     रांची: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर दिखेगा.     कोलकाता: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 05 बजकर 43 मिनट पर दिखेगा.     भुवनेश्वर:यहां चंद्र ग्रहण 05 बजकर 54 मिनट पर दिखेगा.     गुवाहाटी:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 27 मिनट पर दिखेगा.     चेन्नई: यहां चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 21 मिनट पर दिखेगा.     बेंगलुरु: यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 32 मिनट पर दिखेगा.     हैदराबाद:यहां चंद्र ग्रहण शाम 06 बजकर 26 मिनट पर दिखेगा.     ईटानगर:यहां चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 07 मिनट पर दिखेगा. इस सभी स्थानों पर ग्रहण शाम को 06 बजकर 46 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. ग्रहण के बाद क्या करें? शाम को ग्रहण के समाप्त होने के बाद सबसे पहले पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें. खुद स्नान करें और फिर ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें.

जीवित अवस्था में मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग

भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है-हे अर्जुन! ज्ञान वह परम स्थिति है, जिसे पाकर कोई मोह में नहीं फंसता! यह आध्यात्मिक अवस्था अगर जीवन के अंतकाल में भी मिल जाए तो मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। शरीर, शरीर से जुड़े लोगों, सगे-सम्बन्धियों या जहां-जहां से भी इस शरीर को सुख मिलता है, हमारा हर उस वस्तु के प्रति मोह हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम जिंदगी भर सुख को ढूंढते रहते हैं और इसकी वजह से मोह पक्का होता जाता है। एक ऐसी अवस्था आ जाती है, जहां यह पक्का हो जाता है कि सुख मिले या न मिले, मोह बरकरार रहता है। जहां से सुख मिलता है, वहीं हमारा संसार बन जाता है। व्यक्ति अपने सुख से बाहर नहीं निकलना चाहता। इसलिए सुख की चाह मोह के रूप में उसे इस संसार में बांधे रखती है। अध्यात्म के रास्ते ही व्यक्ति अपना मन संसार और इसके सुखों से हटाकर अपनी चेतना से जोड़ लेता है, जिसकी ताकत से यह शरीर, इन्द्रियां, मन, बुद्धि सब चलता है। उसे ब्रह्म भी कहते हैं। उस ब्रह्म की स्थिति का आनंद लेने के बाद संसार के सब सुख फीके लगने लगते हैं। यही शारीरिक आनंद से ऊपर उठने का वक्त होता है। यह अवस्था मोहमाया का अंत कहलाती है, जब व्यक्ति जीवित रह कर भी मोक्ष की अवस्था को प्राप्त कर लेता है।  

3 मार्च को लगेगा 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, कर्क-कन्या-मीन राशि वालों को बरतनी होगी सावधानी

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। यह ग्रहण भारत समेत पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में दिखाई देगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक स्थिति, आर्थिक निर्णय और स्वास्थ्य पर पड़ता है। खासतौर पर कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता हो सकती है। आइए जानते हैं इन राशियों पर संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय। कर्क राशि: धन और स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं, इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव इस राशि पर अधिक माना जाता है। ग्रहण आपके धन भाव में प्रभाव डाल सकता है, जिससे आर्थिक मामलों में अस्थिरता आ सकती है। बड़े निवेश या महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। वाणी पर संयम रखें, सामाजिक या पारिवारिक विवाद से बचें। आंख, गला या पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। उपाय: चंद्र मंत्र “ॐ सोमाय नमः” का जप करें और सोमवार को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें। कन्या राशि: खर्च बढ़ने की आशंका कन्या राशि के लिए यह ग्रहण द्वादश भाव (हानि भाव) में प्रभाव डालेगा। इस कारण संचित धन खर्च हो सकता है। परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर खर्च बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में सतर्क रहें और ऑफिस राजनीति से दूरी बनाए रखें। नौकरी की तलाश कर रहे जातकों को अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करना शुभ रहेगा। मीन राशि: शत्रु पक्ष से सावधान मीन राशि के लिए ग्रहण छठे भाव में प्रभाव डालेगा, जो शत्रु और ऋण का भाव माना जाता है। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए कार्यों में सावधानी रखें। ऑनलाइन लेन-देन में सतर्क रहें, धोखाधड़ी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। अनावश्यक खर्च और गलत संगति से बचें। उपाय: नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और गरीबों को दान करें। ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करें। ग्रहण के बाद स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र दान दें। क्या न करें: ग्रहण काल में भोजन पकाने या खाने से बचें (धार्मिक मान्यता अनुसार)। बड़े आर्थिक फैसले टालें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। चंद्र ग्रहण को ज्योतिष में संवेदनशील समय माना जाता है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्तिगत कुंडली पर निर्भर करता है, फिर भी कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को 3 मार्च 2026 के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उचित उपाय अपनाकर संभावित नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज , सूतक काल की टाइमिंग अभी से नोट कर लें

इंदौर  Chandra Grahan 2026 Rashifal: 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. खास बात यह है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य होगा और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा. मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ नहीं किया जाता. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की सफाई कर गंगाजल का छिड़काव किया जाता है और फिर नियमित पूजा-अर्चना शुरू होती है. भारत में कब लगेगा चंद्र ग्रहण? साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर को 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. बता दें, कि सूतक काल ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है और ऐसे में 3 मार्च को सूतक काल 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा. इस समय मूर्ति स्पर्श और भोजन बनाने या खाने की मनाही होती है. दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक, कितने बजे दिखेगा ब्लड मून? 1. दिल्ली- शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 20 मिनट) 2. प्रयागराज– शाम 06:08 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 38 मिनट) 3. कानपुर- शाम 06:14 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 32 मिनट) 4. वाराणसी– शाम 06:04 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 43 मिनट) 5. पटना- शाम 05:55 से लेकर शाम 06:46 तक ( कुल 51 मिनट) 6. रांची– शाम 05:55 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 51 मिनट) 7. कोलकाता- शाम 05:43 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 1 घंटा 03 मिनट) 8. भुवनेश्वर- शाम 05:54 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 52 मिनट) 9. गुवाहाटी– शाम 05:27 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 1 घंटा 19 मिनट) 10. चेन्नई-  शाम 06:21 से लेकर शाम 06:46 तक ( कुल 26 मिनट) 11. हैदराबाद– शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 20 मिनट) 12. बेंगलुरु– शाम 06:32 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 14 मिनट) ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इसका प्रभाव खासतौर पर कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है.  चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing) इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा.  कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण?  यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा. किन राशियों के लिए शुभ संकेत? ज्योतिषीय गणना के आधार पर यह ग्रहण कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए करियर के क्षेत्र में अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को पहचान मिल सकती है। मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों को आर्थिक मोर्चे पर राहत मिल सकती है। अचानक धन लाभ या रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। बैंक बैलेंस मजबूत हो सकता है। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए यह समय पुराने प्रयासों का फल देने वाला हो सकता है। अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं और पारिवारिक वातावरण में खुशी का माहौल रहेगा। मकर राशि- मकर राशि के लिए यह अवधि अपेक्षाकृत स्थिर और संतुलित रहेगी। कामकाज में शांति बनी रहेगी और मानसिक दबाव कम हो सकता है। किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी? जहां कुछ राशियों को लाभ के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ राशि वालों को संयम और सतर्कता रखने की सलाह दी जा रही है। मेष राशि- मेष राशि वालों को मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सावधानी रखनी होगी। किसी विवाद या बहस में पड़ने से बचें। कर्क और कन्या राशि- इन दोनों राशियों के लिए आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। बिना सोचे-समझे निवेश न करें। धन हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सिंह राशि- ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। थकान, बदन दर्द या ऊर्जा में कमी महसूस हो सकती है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को मानसिक तनाव से बचने की सलाह दी जाती है। काम का दबाव या पारिवारिक जिम्मेदारियां मन पर असर डाल सकती हैं। धनु राशि– धनु राशि के जातकों को बच्चों की पढ़ाई या सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। कुंभ और मीन राशि- इन राशियों के लिए वैवाहिक जीवन में थोड़ी अनबन के संकेत हैं। संवाद बनाए रखना और जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचना बेहतर रहेगा। ग्रहण काल में क्या करें?- ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है। सूतक काल के नियमों का पालन करना परंपरागत रूप से महत्वपूर्ण समझा जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की भी सलाह दी जाती है। चंद्र ग्रहण का प्रभाव ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का असर सबसे पहले मन और भावनाओं पर पड़ेगा. इस दौरान व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता, चिंता या निर्णय लेने में भ्रम महसूस हो सकता है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है. तो आइए जानते हैं कि चंद्रग्रहण किन राशियों के लिए अशुभ रहेगा. कर्क राशि  कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा होते हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर ग्रहण का प्रभाव अधिक महसूस हो सकता है. आर्थिक मामलों, निवेश और प्रॉपर्टी से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें. परिवार, खासकर माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें और वाणी में संयम बनाए रखें. उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और ''ऊं नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करें. सिंह राशि यह ग्रहण सिंह राशि में ही लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले 15 दिनों तक बड़े फैसले … Read more

03 मार्च 2026 का राशिफल: जानें सभी राशियों का हाल, किसे मिलेगा लाभ और कौन रहेगा सतर्क

मेष 3 मार्च के दिन घूमने-फिरने का प्लान भी बन सकता है। प्रोडक्टिविटी आज रोज के मुकाबले नॉर्मल से स्लो रहेगी। आपकी प्लानिंग पूरी होने में देरी हो सकती है। कॉन्फिडेंस में आपके कमी आ सकती है। लाइफ पार्टनर के साथ बॉन्ड को स्ट्रांग बनाने के लिए आप डेट प्लान कर सकते हैं। वृषभ 3 मार्च के दिन दोपहर के बाद नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। व्यवसायियों को अपने खर्चों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। जीवनसाथी के साथ बहस करने से बचें क्योंकि मनमुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है। मिथुन 3 मार्च के दिन कारोबार फलेगा-फूलेगा। अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद कर सकते हैं। आज का दिन धन के मामले में अच्छा रहेगा। अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने और कुछ नई स्किल्स सीखने में निवेश करने के लिए यह अच्छा दिन होगा। कर्क 3 मार्च के दिन आपको आज सीनियर्स के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है। हो सकता है आप पॉलिटिक्स का शिकार हो जाएं। अहंकारी न होने का प्रयास करें और सुझावों के प्रति खुले रहें, भले ही वे आपके जूनियर्स से ही क्यों न आए हों। सिंह 3 मार्च के दिन आज आपको खासतौर पर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए। मेंटल हेल्थ पर ध्यान दें। आज का दिन संतोषजनक रहेगा। आपकी कड़ी मेहनत आपको प्रमोशन दिला सकती है और नया कार्यभार मिलने की भी बड़ी संभावना है। कन्या 3 मार्च के दिन की शुरुआत अच्छी होगी लेकिन अंत मध्यम रहेगा। और आप मनमुताबिक परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। आर्थिक स्थिति उम्मीद के मुताबिक रहेगी लेकिन कुछ अप्रत्याशित खर्चे तनाव का कारण बन सकते हैं। तुला 3 मार्च के दिन आपके काम की तारीफ होगी। यह एक सपने के सच होने जैसा दिन होगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और व्यवसायी अपने काम का विस्तार करेंगे और अच्छा मुनाफा हासिल करेंगे। वृश्चिक 3 मार्च के दिन पार्टनरशिप में व्यवसाय करने वालों में मतभेद हो सकता है, जिससे दरार पड़ सकती है। कुछ अप्रत्याशित घटनाएं आपके काम करने की स्पीड को धीमा कर सकती हैं। दोपहर में आपको कुछ राहत मिलने की संभावना है। धनु 3 मार्च के दिन खुद और स्किन को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। फिटनेस पर ध्यान दें और तनाव से दूर रहें। आज का दिन आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। मकर 3 मार्च के दिन आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ सकते हैं। बिजनेस में फाइनेंशियल कमजोरी का अनुभव हो सकता है। कुछ नुकसान होने की भी आशंका है। आज आपको पॉजिटिव एटीट्यूड मेन्टेन करना चाहिए। कुंभ 3 मार्च के दिन तनाव से बचने के लिए सेल्फ केयर पर फोकस करें। परिवार के किसी सदस्य से कोई गुड न्यूज मिल सकती है। करियर और फाइनेंशियल लाइफ आज नॉर्मल रहेगी। मीन 3 मार्च के दिन करियर में कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा। हाइड्रेटेड रहें और सेल्फ-केयर पर फोकस करें। आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। आपको अपनी फाइनेंशियल कंडीशन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचना है, तो स्टीव जॉब्स की इन 5 बातों को कभी न भूलें

एप्पल कंपनी के मुख्य संस्थापक स्टीव पॉल जॉब्स किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। स्टीव ने iPhone, iPad, Mac के जरिए टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। सिंपल लेकिन क्रिएटिव होने में वह ज्यादा विश्वास रखते थे और काम को दिल से करने वाले लोगों को पसंद करते थे। स्टीव ने फुल फोकस के साथ काम किया और दुनिया एप्पल जैसी टेक्नोलॉजी से मिलवाया जो काफी तेज और बेहतरीन है। आज हर हाथ में एप्पल के मोबाइल दिखते हैं और इसका श्रेय स्टीव जॉब्स को ही जाता है। वह करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है और उनकी कुछ आदतों को हर किसी को अपनाना चाहिए। अगर आप दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते हैं, तो स्टीव की इन बातों को गांठ बांध लें। स्टीव जॉब्स की खास आदतें- सिंपल बट क्रिएटिव स्टीव जॉब्स का कहना था कि सादगी से क्रिएटिविटी बढ़ती है। वह खुद हमेशा काफी सिंपल रहें और उन्हें हमेशा सिर्फ ब्लैक टर्टलनेक टी-शर्ट और जींस में देखा गया। उनका कहना था कि किसी भी चीज पर काम करो, तो तब तक लगे रहो जब तक वो परफेक्ट न हो जाए। हर काम की बारीकी मैटर करती है, फिर चाहे उसके लिए कितना भी इंतजार करना पड़े। फोकस हटना नहीं चाहिए स्टीव जॉब्स का कहना था कि आप किसी भी काम को फुल फोकस के साथ करते हैं, तभी उसमें पारंगत हो सकते हैं। इसी वजह से आपको सफलता मिलेगी। स्टीव ने एप्पल के कई सारे प्रोडक्ट्स को हटाकर सिर्फ 10 चीजों को लिया था, जिससे वह उन्हें बेहतर ढंग से बना सकें। ना कहना सीख लें उनका मानना था कि ना कहना भी एक कला है, जो हर व्यक्ति की सीख लेनी चाहिए। वरना आप लोगों की हां में हां मिलाते हुए पीछे खड़े रह जाएंगे। स्टीव का कहना था कि जब आप 1000 चीजों को ना कहेंगे तब जाकर आप खुद की किसी 1 चीज पर फोकस बढ़ा सकेंगे। फोकस करने से ही आपको सफलता मिलेगी। रिस्क लेना जरूरी है स्टीव जॉब्स को कुछ कारणों से एप्पल कंपनी से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी बल्कि NeXT और Pixar जैसे सॉफ्टवेयर बनाकर ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ये उनके रिस्क लेने की मिसाल है। वह फेल हो सकते थे लेकिन उन्होंने बिना डरे रिस्क लेने का फैसला किया। लक्ष्य तय करो स्टीव जॉब्स का कहना था छोटे और बड़े अलग-अलग गोल्स सेट करो और उसे पूरा करने के लिए स्ट्रैटजी बनाओ। जब आप गोल्स बनाकर चलते हैं, तो सफलता मिलती है। ऐसे में आप सही डिसीजन मेकर भी बनकर उभरते हो। स्टीव जॉब्स रोजाना एक जैसे कपड़े इसलिए पहनते थे, क्योंकि वह इन कपड़ा चुनने जैसे छोटे फैसलों में अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहते थे।

भद्रा दोष और चंद्र ग्रहण: कब होगा होलिका दहन, आज या कल? जानें शुभ मुहूर्त

बुराई पर अच्छाई की जीत का महापर्व होलिका दहन को लेकर इस साल बड़ा कंफ्यूजन बना हुआ है। कुछ लोग कह रहे हैं कि 2 मार्च को होलिका दहन होगा तो कुछ 3 मार्च की तिथि बता रहे हैं। दरअसल, इस बार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है जिस वजह से ये असमंजस बना हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को यह उत्सव बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है। हालांकि, इस वर्ष होलिका दहन पर 'भद्रा' का साया रहने के कारण शुभ मुहूर्त को लेकर काफी चर्चा है। भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना जाता है, इसलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार भद्रा के पुंछ काल में ही अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। आइए जान लेते हैं कि होलिका दहन इस साल आज किया जाएगा या कल और किस समय होगी पूजा… क्यों किया जाता है होलिका दहन? होलिका दहन क्यों किया जाता है वो सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। बता दें कि भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अधर्मी होलिका के अंत की यह कथा हमें नकारात्मकता को त्याग कर सकारात्मकता अपनाने का संदेश देती है। हालांकि होलिका दहन को लेकर कई सारी पौराणिक कथाएं प्रचलित है। आइए जानते हैं कि आज रात भद्रा कब तक रहेगी, पूजा का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त क्या है और किस विधि से पूजा करने पर आपके परिवार में सुख-समृद्धि आएगी। होलिका दहन 2026: तिथि और पूर्णिमा का समय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार तिथियों का गणित कुछ इस प्रकार है: पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026, सोमवार शाम 05:55 बजे से। पूर्णिमा तिथि समापन: 3 मार्च 2026, मंगलवार शाम 05:07 बजे तक। विशेष: 2 मार्च को होलिका दहन होगा, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का प्रभाव रहेगा और 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जाएगी। भद्रा का साया: क्यों है इस बार होलिका दहन खास? 2 मार्च को जैसे ही पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, वैसे ही भद्रा का प्रारंभ भी शाम 05:55 बजे से हो जाएगा, जो अगले दिन 3 मार्च की सुबह 05:28 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा मुख में होलिका दहन को 'अशुभ' माना गया है। ऐसी स्थिति में जब भद्रा पूरी रात व्याप्त हो, तब भद्रा पुंछ के समय में दहन करना शास्त्र सम्मत और कल्याणकारी होता है। कब किया जाएगा होलिका दहन जानें शुभ मुहूर्त? आज रात भद्रा के पुंछ काल में दहन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त निम्नलिखित है: होलिका दहन मुहूर्त: मध्य रात्रि 12:50 बजे से 02:27 बजे तक (2 मार्च की रात)। नोट: इस सीमित समय में ही पूजा और दहन संपन्न करना लाभकारी रहेगा। होलिका पूजन की संपूर्ण विधि और मंत्र पूजा के समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें और नीचे बताई गई विधि अनुसार पूजा करें- जल अर्पण: पूजा स्थल पर दूध और घी मिश्रित जल छिड़कें। सामग्री अर्पण: अक्षत, फूल, रोली, हल्दी, मूंग, गुड़ और गेहूं की सात बालियां अर्पित करें। परिक्रमा: कच्चा सूत लेकर होलिका की 3 या 7 बार परिक्रमा करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। सिद्ध मंत्र: पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करें: ओम होलिकायै नम: ओम प्रह्लादाय नम: ओम नृसिंहाय नम: पूजा सामग्री की चेकलिस्ट शुभ फल की प्राप्ति के लिए पूजा में इन चीजों को शामिल करना न भूलें: सूखी लकड़ियां और गोबर के उपले (बड़कुल्ले) की माला। कच्चा सूत, अक्षत, रोली, फूल और हल्दी। गुलाल, बताशा, नारियल, मिठाई और कपूर। एक कलश में शुद्ध जल। धार्मिक महत्व: क्यों जलाई जाती है होली? होलिका दहन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि विश्वास की जीत है। यह कथा भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और भगवान नरसिंह के अवतार की याद दिलाती है। मान्यता है कि होलिका की पवित्र अग्नि में घर की नकारात्मकता, बीमारियां और बुरी शक्तियां जलकर भस्म हो जाती हैं। सामूहिक रूप से दहन करने से सामाजिक एकता और भाईचारा बढ़ता है।