samacharsecretary.com

शेयर बाजार में सुस्त ट्रेडिंग, बैंकिंग शेयरों ने दिखाया दम

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 63.57 अंक या 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,634.48 और निफ्टी 16.25 अंक या 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,212.05 पर था। बैंकिंग शेयरों में तेजी देखी गई। निफ्टी बैंक 162.30 अंक या 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 57,168.95 पर था। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 8 अंक की तेजी के साथ 59,620 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 4.80 की मामूली बढ़त के साथ 19,140.05 पर था। सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, रियल्टी, मीडिया, एनर्जी, प्राइवेट बैंक और इन्फ्रा इंडेक्स हरे निशान में थे। मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और कमोडिटीज लाल निशान में थे। सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, टेक महिंद्रा, एसबीआई, इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, आईटीसी, एक्सिस बैंक, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल और टाइटन टॉप गेनर्स थे। इटरनल (जोमैटो), सन फार्मा, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, बजाज फाइनेंस, बीईएल, टीसीएस और पावर ग्रिड टॉप लूजर्स थे। एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी एवं डेरिवेटिव्स अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि सुस्त शुरुआत के बाद, बुधवार के सत्र के दूसरे भाग में भारतीय शेयर बाजारों ने वापसी की और निफ्टी लगातार दूसरे दिन हरे निशान में बंद हुआ। इस सुधार का नेतृत्व इन्फोसिस, एसबीआई और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों ने किया, जो सूचकांक में बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों के रूप में उभरे। दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक, आयशर मोटर्स और सन फार्मा में गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने आगे कहा कि लगातार दो सत्रों के मजबूत प्रदर्शन के बाद, व्यापक बाजारों ने राहत की सांस ली। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक स्थिर रुख के साथ बंद हुए, जो व्यापक बाजार की तेजी में ठहराव को दर्शाता है। मिश्रित वैश्विक संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान में हुई। सुबह 9:46 पर सेंसेक्स 139 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,431 और निफ्टी 58 अंक या 0.23 प्रतिशत की कमजोर के साथ 25,137 पर था।

एलन मस्क के नेतृत्व वाली टेस्ला दिल्ली में जल्द शोरूम खोलने की योजना पर काम कर रही है

मुंबई  मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में मंगलवार को शोरूम खोलने के बाद एलन मस्क के नेतृत्व वाली टेस्ला दिल्ली में जल्द शोरूम खोलने की योजना पर काम कर रही है। टेस्ला के मुताबिक, वह नई दिल्ली में चार चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसमें 16 सुपरचार्जर होंगे, जबकि 15 डेस्टिनेशन चार्जर होंगे। टेस्ला ने मुंबई में 'एक्सपीरियंस सेंटर' लॉन्च करने के साथ देश में अपनी लोकप्रिय इलेक्ट्रिक एसयूवी मॉडल वाई को लॉन्च किया। टेस्ला ने आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के इर्द-गिर्द एक संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार करके विकास की बड़ी योजना तैयार की है। कंपनी के ईवी इकोसिस्टम में शोरूम, सर्विस सेंटर, डिलीवरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग स्टेशन, लॉजिस्टिक्स हब और कंपनी के ऑफिस शामिल हैं। मुंबई में टेस्ला ने प्रमुख क्षेत्रों जैसे लोअर परेल, बीकेसी, नवी मुंबई और ठाणे में चार प्रमुख चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण का ऐलान किया है। इसमें 16 सुपरचार्जर और 16 डेस्टिनेशन चार्जर होंगे। टेस्ला ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन उसके व्यापक मिशन का सिर्फ एक हिस्सा है। कंपनी का असली लक्ष्य एक सस्टेनेबल इकोसिस्टम बनाना है। कंपनी ने बताया कि दुनिया भर के 55 देशों में 80 लाख से ज्यादा टेस्ला वाहन वितरित किए जा चुके हैं और सिर्फ 2024 में ही ओवर-द-एयर (ओटीए) सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए 250 से ज्यादा नए फीचर जोड़े गए हैं। कंपनी समय के साथ कारों को और स्मार्ट बनाने के लिए ऐसे अपडेट जारी रखने की योजना बना रही है। कंपनी पहले से ही दुनिया भर में 70,000 से ज्यादा सुपरचार्जर के साथ 7,000 से ज्यादा सुपरचार्जिंग स्टेशन संचालित करती है। भारत के रोजगार बाजार को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, टेस्ला ने पुष्टि की कि वह पूरी तरह से स्थानीय प्रतिभाओं पर निर्भर रहेगी। उसने कहा, "देश में कंपनी के संचालन का नेतृत्व करने के लिए भारतीय नागरिकों को नियुक्त किया जाएगा, जिससे एक वैश्विक ब्रांड के लिए घरेलू नेतृत्व सुनिश्चित होगा।"

भारत को राहत: जून 2025 में व्यापार घाटे में गिरावट दर्ज

नई दिल्ली  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि इस साल जून में भारत का व्यापार घाटा कम होकर 18.78 अरब डॉलर रह गया, जबकि मई में यह 21.88 अरब डॉलर था। जून में भारत का निर्यात 35.14 अरब डॉलर पर स्थिर रहा है, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 35.16 अरब डॉलर था। मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में देश का आयात 3.71 प्रतिशत घटकर 53.92 अरब डॉलर रह गया, जबकि एक साल पहले यह 56 अरब डॉलर था। हालांकि, देश के सेवा क्षेत्र ने जून में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस दौरान सर्विस ट्रेड सरप्लस 15.62 अरब डॉलर रह गया है। बीते महीने भारत ने 32.84 अरब डॉलर की सेवाओं का निर्यात किया है, जबकि 17.58 अरब डॉलर की सेवाओं का आयात किया है। जून में व्यापारिक वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 67.98 अरब डॉलर रहा, जबकि वस्तुओं और सेवाओं का कुल आयात 71.50 अरब डॉलर रहा। जून में शुद्ध व्यापार घाटा 3.51 अरब डॉलर था। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने पिछले महीने मीडिया के साथ बातचीत में कहा था कि वैश्विक संघर्ष और अनिश्चितताएं भारतीय निर्यात को प्रभावित कर रही हैं, हालांकि सरकार शिपिंग और बीमा से संबंधित निर्यातकों की चिंताओं को दूर करने के लिए उनके साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है। ये आंकड़े अमेरिका और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं के बीच आए हैं। अमेरिका अपने कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए देश में व्यापक बाजार पहुंच चाहता है, जो भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में एक बड़ा मुद्दा है, क्योंकि इससे भारत में बड़ी संख्या में छोटे किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। वहीं, अमेरिका ने अन्य देशों को व्यापार वार्ता के लिए और अधिक समय देते हुए टैरिफ बढ़ोतरी को 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया है।

Kia Carens Clavis EV लॉन्च: दमदार रेंज और प्रीमियम फीचर्स के साथ नई क्रांति

मुंबई  Kia भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में एक बड़ी छलांग लगाने जा रही है। कंपनी 15 जुलाई को Carens Clavis EV को लॉन्च करने वाली है, जो देश की पहली मास-मार्केट सात-सीटर इलेक्ट्रिक MPV होगी। यह गाड़ी न केवल पर्यावरण के अनुकूल मोबिलिटी का विकल्प देगी, बल्कि बड़े परिवारों के लिए एक प्रैक्टिकल और प्रीमियम विकल्प भी साबित होगी। सस्टेनेबिलिटी के साथ कनेक्टेड टेक्नोलॉजी का मेल Kia Carens Clavis EV की लॉन्चिंग केवल एक वाहन की पेशकश नहीं है, बल्कि इसके साथ Kia भारत में अपना ईवी ईकोसिस्टम भी मजबूत करने जा रही है। AC होम चार्जिंग सेटअप से लेकर 1000 से अधिक सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों तक की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, Kia Connect ऐप के जरिए यूजर्स चार्जिंग की रियल-टाइम जानकारी, रूट नेविगेशन और डिजिटल पेमेंट जैसी सुविधाएं भी प्राप्त कर सकेंगे। डिज़ाइन में EV टच, ICE मॉडल जैसा बॉडी फॉर्म Carens Clavis EV का एक्सटीरियर डिज़ाइन इसके ICE वर्जन के जैसा ही रहेगा, लेकिन इसमें EV-स्पेसिफिक बदलाव देखने को मिलेंगे। इनमें क्लोज्ड ग्रिल, एयरोडायनामिक अलॉय व्हील्स, EV बैजिंग, 'स्टार मैप' LED DRLs और ट्रिपल पॉड LED हेडलाइट्स के साथ फ्यूचरिस्टिक लुक शामिल हैं। पीछे की ओर 'स्टार मैप' LED टेल लाइट इसे एक स्लीक और आकर्षक लुक देती है। लग्जरी फीचर्स से भरपूर इंटीरियर Clavis EV के इंटीरियर में 26.62 इंच का डुअल-स्क्रीन सेटअप होगा जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और इंफोटेनमेंट यूनिट को जोड़ा गया है। इसके अलावा अन्य हाई-एंड फीचर्स में शामिल हैं: —वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स —4-वे पावर्ड ड्राइवर सीट —एंबिएंट लाइटिंग —8-स्पीकर BOSE ऑडियो सिस्टम —स्मार्ट एयर प्यूरीफायर —वायरलेस चार्जिंग —रियर AC वेंट्स इन सभी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह MPV एक प्रीमियम केबिन अनुभव देगी। शक्ति और परफॉर्मेंस: 490 किमी तक की रेंज Kia ने इस गाड़ी की ARAI-प्रमाणित रेंज 490 किमी बताई है। इसमें Hyundai Creta Electric वाले बैटरी ऑप्शंस मिलने की संभावना है। हालांकि Carens का आकार बड़ा होने के कारण परफॉर्मेंस थोड़ा डिट्यून किया जा सकता है। इस EV में फ्रंट एक्सल पर मोटर होगी और पेडल शिफ्टर्स के माध्यम से रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग कंट्रोल मिलेगा। साथ ही, Vehicle-to-Load (V2L) और Vehicle-to-Vehicle (V2V) चार्जिंग की सुविधा भी दी जा सकती है। ADAS टेक्नोलॉजी और सेफ्टी में भी अव्वल Kia Clavis EV को सेगमेंट की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में से एक बनाने की कोशिश की गई है। इसमें निम्नलिखित सेफ्टी फीचर्स होंगे: —लेवल 2 ADAS फीचर्स जैसे: —अडैप्टिव क्रूज़ कंट्रोल —ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग —हाई बीम असिस्ट —ड्राइवर अटेंशन मॉनिटरिंग —6 एयरबैग्स —इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल —हिल स्टार्ट असिस्ट —ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक्स —360 डिग्री कैमरा —ब्लाइंड व्यू मॉनिटर —टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम —डुअल कैमरा डैशकैम कीमत और संभावित प्रभाव इसकी कीमत लगभग ₹17–18 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे यह उन ग्राहकों को आकर्षित करेगी जो फैमिली-फ्रेंडली, फीचर-लोडेड और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार वाहन की तलाश में हैं। Kia Carens Clavis EV की लॉन्चिंग न केवल Kia के लिए, बल्कि भारत के EV मार्केट के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। Kia Clavis EV की लॉन्चिंग भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक नई दिशा देने जा रही है। इसका अनूठा डिजाइन, लंबी रेंज, लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और सुरक्षा फीचर्स इसे देश की पहली मास-सेगमेंट EV MPV बनाते हैं। इसकी लॉन्च के साथ ही EV सेगमेंट में एक नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत भी हो सकती है।

भारत में टेस्ला ने लॉन्च की पहली कार, कीमत ₹60 लाख, रेंज कितनी? जानें

मुंबई  लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारतीय बाजार में टेस्ला कंपनी की कार लॉन्च हो ही गई। जी हां, आज 15 जुलाई को एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने मुंबई स्थित बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पहले शोरूम और एक्सपीरियंस सेंटर की ओपनिंग के साथ ही भारतीय बाजार में अपनी पहली कार टेस्ला मॉडल वाई लॉन्च करने की घोषणा की। टेस्ला मॉडल वाई की भारत में शुरुआती एक्स शोरूम प्राइस 60 लाख रुपये रखी गई है, जो कि रियर व्हील ड्राइव वेरिएंट की है। आइए, आपको टेस्ला की कारों की इंडिया लॉन्च के साथ ही सारी खासियतों के बारे में बताते हैं। टेस्ला मॉडल वाई के दो वेरिएंट टेस्ला भारत में दो मॉडल बेचेगी। पहला मॉडल है Model Y रियर-व्हील ड्राइव (RWD), जिसकी कीमत 60 लाख रुपये है। दूसरा मॉडल है Model Y लॉन्ग रेंज RWD, जिसकी कीमत 68 लाख रुपये है। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर कीमतों की जानकारी दी है। अमेरिका के मुकाबले भारत में इसकी कीमत काफी ज्यादा है। दअसल, इंपोर्ट ड्यूटी के साथ ही बाकी खर्चों वजह से टेस्ला की कारें भारत में अमेरिका, यूरोप और चीन के मुकाबले महंगी मिलेगी। अमेरिका में Model Y की शुरुआती कीमत लगभग 38.63 लाख रुपये है। वहीं, चीन में यह लगभग 31.57 लाख रुपये और जर्मनी में लगभग 46.09 लाख रुपये में मिलती है। इंपोर्ट ड्यूटी की वजह से महंगी हो जाती है कार आपको बता दें कि Model Y टेस्ला के शंघाई प्लांट से मुंबई आई हैं। इन गाड़ियों पर 21 लाख प्रति यूनिट से ज्यादा की इंपोर्ट ड्यूटी लगी है। दरअसल, भारत में 40,000 डॉलर से कम कीमत वाली पूरी तरह से बनी हुई गाड़ियों पर 70 फीसदी टैक्स लगता है। टेस्ला ऐसे समय में भारत में आई है, जब उसे बीवाईडी जैसी पॉपुलर चीनी ईवी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। बीवाईडी की कारें भारत में भी टेस्ला को कड़ी टक्कर देगी। वेरिएंट के हिसाब से भारत में टेस्ला Model Y की एक्स-शोरूम कीमतें दी गई हैं: Tesla Model Y RWD – ₹59.89 लाख Tesla Model Y Long Range RWD – ₹67.89 लाख टेस्ला का पहला शोरूम मुंबई में शुरू हो चुका है. अगला शोरूम जल्द ही नई दिल्ली में खुलने की उम्मीद है. Model Y की बिक्री की शुरुआत मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में की जाएगी. इसकी डिलीवरी 2025 के कैलेंडर वर्ष की तीसरी तिमाही से शुरू होगी. कितनी है दोनों कारों की रेंज Tesla Model Y के RWD वर्ज़न की दावा की गई रेंज एक बार फुल चार्ज पर 500 किलोमीटर है, जबकि Long Range RWD वर्ज़न की दावा की गई रेंज इससे बेहतर है, जोकि 622 किलोमीटर बताई गई है. यह रेंज WLTC (वर्ल्डवाइड हार्मोनाइज्ड लाइट व्हीकल्स टेस्ट साइकिल) के अनुसार बताई गई है. परफॉर्मेंस की बात करें तो, Model Y RWD वर्ज़न 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार 5.9 सेकंड में पकड़ सकता है. वहीं, Long Range RWD वर्ज़न यही गति 5.6 सेकंड में हासिल करता है. दोनों ही वर्ज़न की टॉप स्पीड 201 किमी/घंटा है.   दिल्ली में जल्द खुलेगा एक्सपीरियंस सेंटर यहां सबसे जरूरी बात यह है कि टेस्ला ने मुंबई में अपना शोरूम भी खोला है। दरअसल, एलन मस्क ने लगभग दो साल पहले भारतीय ईवी मार्केट में दिलचस्पी दिखाई थी। टेस्ला ने मार्च में मुंबई स्थित बीकेसी में जगह किराये पर ली थी। इसके बाद से कंपनी ने यहां भर्तियां की। जल्द ही दिल्ली में भी टेस्ला का एक्सपीरियंस सेंटर खुलेगा। कंपनी डीलरशिप की बजाय सीधे ग्राहकों को गाड़ियां बेचेगी। आने वाले समय में क्या टेस्ला भारत में कार बना सकती है, यह सवाल सभी के मन में हैं।

इंडियन सड़कों पर दौड़ेगी Tesla Model Y – लॉन्च से पहले जानिए इसकी रेंज और फीचर्स

नई दिल्ली एलन मस्क के नेतृत्व वाली अमेरिकन कार निर्माता कंपनी टेस्ला ने आधिकारिक तौर पर भारतीय बाजार में एंट्री का ऐलान कर दिया है। कल यानी 15 जुलाई 2025 कोटेस्ला की भारत में एंट्री होगी। इसके साथ ही 2003 में टेस्ला मोटर्स की नींव रखने के 22 साल बाद भारत में इसका ‘गृह प्रवेश’ हो रहा है। टेस्ला ने पहली बार भारत में अपनी एंट्री को लेकर सोशल मीडिया पर एक टीजर जारी किया है। यह टीजर बहुत सिंपल है। इसमें सिर्फ टेस्ला का लोगो और ‘इंडिया’ लिखा हुआ है, साथ ही कैप्शन दिया गया है – कमिंग सून यानी जल्द आ रहे हैं। समोसा-जलेबी और लड्डू पर भी मिलेगी सिगरेट जैसी वार्निंग, मोटापे के खिलाफ सरकार का नया प्लान, जानें क्या कहती है स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी  मस्क की कंपनी Tesla 15 जुलाई को मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में देश का अपना पहला शोरूम खोल रही है। कंपनी अपने EVs को इंडियन मार्केट में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टेस्ला भारत में Model Y को पेश करेगी। ये दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार है। इसे भारत में पूरी तरह से निर्मित यूनिट(CBU) के रूप में बेचा जाएगा। टेस्ला फिलहाल भारत की सड़कों पर अपनी दो पॉपुलर इलेक्ट्रिक कारों – Model Y (मॉडल वाई) और Model 3 (मॉडल 3) की टेस्टिंग कर रही है। एक खास बात यह है कि भारतीय मार्केट के लिए इनमें अमेरिका में इस्तेमाल होने वाला NACS चार्जिंग पोर्ट नहीं, बल्कि CCS2 चार्जिंग पोर्ट दिया जाएगा। टेस्ला ने 5 Model Y कारें मुंबई पोर्ट के जरिए भारत मंगाई हैं। ये सभी रियर-व्हील ड्राइव वर्जन हैं, जिन्हें शंघाई स्थित फैक्ट्री से इंपोर्ट किया गया है। ये गाड़ियां भारतीय सड़कों पर चल रही हैं और टेस्टिंग के दौरान कई बार देखी गई हैं। दूसरे देशों में फिलहाल Tesla Model Y दो वेरिएंट रियर-व्हील ड्राइव (RWD) और लॉन्ग-रेंज ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) में उपलब्ध है। किसी भी EV के लिए उसकी रेंज सबसे महत्वपूर्ण होती है। Tesla की कारें अपनी लंबी रेंज के लिए जानी जाती है। चीन लाइट-ड्यूटी व्हीकल टेस्ट साइकिल (CLTC) के अनुसार, Model Y RWD को एक बार फुल चार्ज करने पर 593 किमी की रेंज का दावा किया गया है, जबकि Model Y लॉन्ग रेंज AWD 750 किमी तक चल सकती है। RWD वर्जन सिर्फ 5.9 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है, जबकि डुअल मोटर्स वाला लॉन्ग-रेंज AWD वर्जन यही रफ्तार 4.3 सेकंड में पकड़ कर सकता है। Model Y का ग्राउंड क्लीयरेंस 167 मिमी है। इसमें 19-20 इंच के व्हील्स मिलते है। Tesla Model Y के फीचर्स Model Y अपने स्लोपिंग और कूपे जैसी अट्रैक्टिव डिजाइन के लिए जानी जाती है। इसका कर्व फ्रंट LED स्ट्रिप के साथ आता है। कार में आगे और पीछे LED लाइट्स दी गई है। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललाइट्स है। कुल मिलाकर बाहरी डिजाइन को सिंपल लेकिन काफी आकर्षक बनाया गया है। इंटीरियर भी बाहरी हिस्से की तरह अट्रैक्टिव है। इसमें एक स्लीक डैशबोर्ड के साथ 15.4 इंच का सेंटर टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलता है। ज्यादातर फंक्शन्स को इस बड़े इंफोटेनमेंट यूनिट से कंट्रोल किया जा सकता है। केबिन के अंदर आपको बहुत ज्यादा फैंसी चीजें नहीं मिलेंगी। फ्रंट सेंटर आर्मरेस्ट के पीछे एक और टचस्क्रीन यूनिट (8 इंच) है, जिसे विशेष रूप से पीछे बैठे यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी एक खास बात ये भी है कि पीछे वाली सीट पूरी तरह से फोल्डेबल है। Tesla Model Y की भारत में कितनी हो सकती है कीमत भारत में 40,000 अमेरिकी डॉलर तक की CBU कारों पर 70% का बेसिक कस्टम ड्यूटी लगता है। पिछले महीने ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया था कि Tesla के शंघाई कारखाने से पांच Model Y यूनिट मुंबई पहुंची है और प्रत्येक की कीमत सिर्फ 32,000 अमेरिकी डॉलर से कम बताई गई थी। इंडिया में इस पर ड्यूटी लगाने के बाद Tesla Model Y की कीमत करीब 50 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के आसपास हो सकती है।  

कानपुर से कैलिफोर्निया तक धमाल! Trapit Bansal को मिली जुकरबर्ग की 800 करोड़ की जॉब ऑफर

मुंबई  Meta CEO और Facebook के फाउंडर Mark Zuckerberg, AI सेक्टर के लिए बड़ी तैयारी कर रहे हैं. अभी वह Google, ChatGPT मेकर OpenAI को बड़ी चुनौती देने के लिए Superintelligence Labs का ऐलान कर चुके हैं और अब इस लैब्स के लिए बड़े लेवल पर हायरिंग कर रहे हैं. हाल ही उन्होंने कानपुर से पढ़ाई करने वाले Trapit Bansal को 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पैकेज देकर हायर किया था और अब वे Apple में काम कर चुके Ruoming Pang को शामिल करने जा रहे हैं.  Meta ने उनको एक बड़ा पैकेज का ऑफर दिया है, जिसकी कीमत 200 मिलियिन अमेरिकी डॉलर ( करीब 1670 करोड़ रुपये) है. इस सैलेरी के सामने OpenAI से Meta में Trapit Bansal की 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 800 करोड़ रुपये) का पैकेज आधा नजर आता है. Superintelligence Group में हो रही बड़े लेवल की हायरिंग  यहां आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि Superintelligence Group इकलौती जगह है, जहां की लोगों को सबसे ज्यादा सैलेरी पर हायर किया जा रहा है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Meta द्वारा दिया जा रहा ये पैकेज इसलिए दे रहे हैं ताकि कर्मचारी अपनी परफोर्मेंस को बरकरार रखें और टारगेट को हासिल कर सकें. अगर वे कंपनी को जल्दी छोड़ते हैं या फिर कंपनी के स्टॉक नीचे जाते हैं तो उनकी पेमेंट में कटौती की जा सकती है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बताया है कि सुपरइंटीलेंस लैब के लिए हायर किए जा रहे कर्मचारियों की सैलेरी में बॉनस, बेस सैलेरी और मेटा स्टॉक आदि को शामिल किया है. साथ ही अगर कोई कर्मचारी Meta में शामिल होने के लिए अपनी हिस्सेदारी छोड़ रहा है तो कंपनी उसकी भरपाई करने की कोशिश करती है.  OpenAI का बड़ा मार्केट शेयर  AI डेटा को एनालाइज करने वाली वेबसाइट Similarweb की रिपोर्ट के मुताबिक, Generative AI Tools Traffic में OpenAI का मार्केट शेयर 150 मिलियन्स से भी ज्यादा है. वहीं Google भी इस मामले में सेकेंड पॉजिशन पर है. अब Meta न्यू हायरिंग करके कई कंपनियों को पछाड़ना चाहती है.  WhatsApp में भी मिलता है Meta AI Meta के पास पहले से खुद का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) है, जिसका नाम Meta AI है. वैसे तो ChatGPT की तरह ही Meta AI  का पोर्टल और ऐप मौजूद है. यह ऐप Google Play Store और App Store पर है. इसके अलावा Meta AI  का यूज WhatsApp के अंदर भी किया जा सकता है, जिसके लिए मैसेजिंग ऐप के अंदर ही Meta AI का आइकन मिलता है. 

शेयर कीमतों में पंप एंड डंप स्‍कीम का यूज, सेबी की जांच के दायरे में BSE में लिस्‍टेड 200 कंपनियां

मुंबई  भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) मार्केट में हेरफेर से निपटने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहा है और भारतीय शेयर बाजार में कथित पंप-एंड-डंप की बड़े पैमाने पर जांच शुरू करेगा. एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 200 लिस्‍टेड कंपनियां बेखबर निवेशकों को शेयर की कीमतें बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप में जांच के दायरे में हैं. आशंका है कि ये कंपनियां पंप एंड डंप के जरिए शेयर कीमतों में हेरफेर कर रही हैं.  बिजनेस टुडे के मुताबिक, सेबी ने पिछले तीन दिनों में 80 से ज्‍यादा जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया है. नियामक ने 100 से ज्‍यादा कंप्यूटर्स और 150 मोबाइल फोनों से डेटा जब्त किया है, जो व्यापक डिजिटल जांच को दिखाता है. सेबी की ये व्‍यापक कार्रवाई निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कई महीनों से चलाए जा रहे एक व्‍यापक अभियान का हिस्‍सा है. अभी इस मामले में जांच जारी है.  जेन स्‍ट्रीट पर सेबी का बड़ा खुलासा Jane Street, एक ग्‍लोबल ट्रेडिंग फर्म है, जिसपर सेबी द्वारा रणनीतिक खरीद-बिक्री गतिविधियों के माध्यम से बैंक निफ्टी इंडेक्‍स में हेरफेर करने और कथित तौर पर रिटेल निवेशकों की कीमत पर भारी मुनाफा कमाने का आरोप लगाया गया है. सेबी के इस खुलासे के बाद भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों में खलबली मची है.   सेबी के अंतरिम आदेश ने Jane Street को भारतीय बाजारों में कारोबार करने से बैन कर दिया है. हालांकि कंपनी इन आरोपों से इनकार किया है और सेबी के फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रही है. सोलोमन एंड कंपनी की पार्टनर किंजल चंपानेरिया ने उपलब्ध कानूनी विकल्पों के बारे में बताया, 'सेबी के 3 जुलाई 2025 के आदेश के अनुसार, सेबी ने कई शर्तें लगाई हैं और संस्थाओं से और जानकारी मांगी है. इनमें जमा राशि, कारोबार का विवरण, संपत्तियों का विवरण आदि शामिल हैं.'  जेन स्‍ट्रीट के बाद एक्‍शन कें सेबी  इस खुलासे के बाद सेबी ने कई और फर्मों की जांच शुरू की है. कुछ ट्रेडिंग फर्म पर सेबी बारीकी से नजर रख रही है. वहीं शेयर बाजार में ट्रेडिंग वैल्‍यूम में भी गिरावट देखी जा रही है. जेन स्‍ट्रीट पर खुलासे के बाद BSE को भी नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है. कुछ आंकड़ें कहते हैं कि BSE के EPS में 4 फीसदी तक की गिरावट आ सकती है. 

Youtube पर कंटेंट क्रिएशन के लिए बदले नियम, ऐसे वीडियो बनाने वालों को नहीं मिलेगा पैसा

अब यूट्यूब से कमाई करना आसान नहीं रहेगा। 15 जुलाई से यूट्यूब की मॉनेटाइजेशन पॉलिसी में बड़ा बदलाव होने वाला है। दरअसल यूट्यूब मास-प्रोड्यूस्ड कंटेंट पर सख्ती बढ़ाने जा रहा है। बदले नियमों के मुताबिक अब यूट्यूब उन्हें ही वीडियो से कमाई करने का मौका देगा जो असली और नया कंटेंट बना रहे हैं। दरअसल यूट्यूब बड़ी संख्या में बनने वाले और एक जैसे वीडियो की पहचान को बेहतर बनाने जा रहा है ताकि ऐसे वीडियो से होने वाली कमाई को कम किया जा सके। यूट्यूब चाहता है कि दर्शकों को हर चैनल की तरह से नया और ओरिजनल कंटेंट मिले। 15 जुलाई से लागू होने जा रहे इन नए नियमों के बारे में डिटेल में जानते हैं और पता करते हैं कि आखिर किस तरह के वीडियो बनाने से अब यूट्यूब पर कमाई नहीं हुआ करेगी। क्या है नए नियम यूट्यूब की नई पॉलिसी के तहत अब अगर कोई क्रिएटर चाहता है कि उसकी वीडियो पैसा कमाए, तो जरूरी होगा कि उसका वीडियो ओरिजनल हो। अगर किसी वीडियो को किसी दूसरी जगह से उठाया जाता है, तो भी उसमें बदलाव करना जरूरी होगा। यूट्यूब चाहता है कि क्रिएटर्स के वीडियो व्यूज से ज्यादा जानकारी देने या दर्शकों का मनोरंजन करने पर केंद्रित होने चाहिए। इतना ही नहीं यह सख्ती ऐसे कंटेंट पर भी लागू होगी जो AI से बनाए जाते हैं। यूट्यूब यह सब अपने प्लेटफॉर्म से बोरिंग और एक जैसे कंटेंट की सफाई के लिए कर रहा है। यूट्यूब की ओर से इस बारे में जानकारी एक सपोर्ट पेज पर दी है। इस पर बताया गया है कि वह अपनी मॉनेटाइजेशन पॉलिसी को अपडेट करने जा रहे हैं। ऐसा 'मास-प्रोड्यूस्ड और रिपीट होने वाले कंटेंट' की पहचान करने के लिए किया गया है। इस सपोर्ट पेज पर यूट्यूब से साफ किया है कि उसने हमेशा से क्रिएटर्स से ओरिजनल और ऑथेंटिक कंटेंट बनाने की डिमांड की है। चैनल मोनेटाइज के लिए पूरी करनी होगी ये शर्तें यानी चैनल मोनेटाइज कराने के लिए आपके पास 1000 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स होने चाहिए. इसके अलावा चैनल पर 12 महीनों में 4000 पब्लिक वॉच आवर होने चाहिए या फिर 1 करोड़ शॉर्ट्स व्यू 90 दिनों में आने चाहिए. हालांकि, अब शर्त सिर्फ इतनी नहीं रहेगी, बल्कि आपका कंटेंट ओरिजनल और ऑथेंटिक होना चाहिए.  YouTube ये अपडेट स्पैम और AI कंटेंट की संख्या को कम करने और ओरिजनल कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए लेकर आ रहा है. ऐसे क्रिएटर्स जो इस अपडेट को मिस करते हैं, उन्हें डिमोनेटाइजेशन का सामना करना पड़ सकता है. भले ही उनके कंटेंट पर अच्छे नंबर आ रहे हो.  AI कंटेंट्स की बढ़ रही संख्या AI टेक्नोलॉजी की एंट्री के साथ ही YouTube पर ऐसे कंटेंट्स की बाढ़ सी आ गई है. कंपनी के हिसाब से इन लो-क्वालिटी मीडिया या कंटेंट को AI की मदद से जनरेट किया जा रहा है. उदाहरण के लिए किसी फोटो पर आपको आसानी से एक AI वॉयसओवर मिल जाएगा या फिर किसी वीडियो क्लिप पर AI वॉयसओवर टाइप का कंटेंट आपको यूट्यूब पर मिल जाएगा.  कई ऐसे चैनल्स भी हैं, जो AI कंटेंट जनरेट करके लाखों सब्सक्राइबर्स को जोड़ चुके हैं. ये वीडियोज AI की मदद से जनरेट किया जाते हैं और उन्हें असली की तरह पेश किया जाता है. ऐसे कंटेंट्स को लेकर ही YouTube पॉलिसी अपडेट को लेकर आ रहा है. कंपनी की मानें, तो ये छोटा अपडेट है, लेकिन इसका असर AI की मदद बल्क कंटेंट क्रिएट करने वालों पर पड़ेगा. शॉर्ट्स ने बदला ट्रेंड यूट्यूब पर एक जैसे वीडियो का ट्रेंड शॉर्ट्स की वजह से शुरू हुआ है। साल 2020-2021 में कंपनी ने रील्स जैसे वीडियो को अपने प्लेटफॉर्म पर पेश किया था। इस तरह के वीडियो को यूट्यूब पर शॉर्ट्स नाम दिया गया था। बड़ी बात यह है कि यूट्यूब से पहले इस तरह के वीडियो जिस भी प्लेटफॉर्म पर पॉपुलर थे जैसे कि टिकटॉक, वहां एक जैसा और रिपीट होने वाला कंटेंट आम बात था। अब क्योंकि प्लेटफॉर्म के तौर यूट्यूब का नेचर टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म से अलग इसलिए मॉनेटाइजेशन पॉलिसी में बदलाव करके रिपीट होने वाले वीडियो की सफाई यूट्यूब करना चाह रहा है। AI वीडियो पर भी गाज? हाल ही में यूट्यूब और अन्य वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर एआई वीडियो की बाढ़ देखने को मिली थी। यूट्यूब के सख्त नियमों का खामियाजा इस तरह के वीडियो को भी भुगतना पड़ सकता है। बताया जा रहा है रिवाइज्ड गाइडलाइन्स में AI से बने वीडियोज भी शामिल हो सकते हैं। यह ऐसे वीडियो होते हैं जहां क्रिएटर्स AI से जेनरेटेड आवाजों का इस्तेमाल करके किसी और के वीडियोज पर रिएक्ट करते हैं। हालांकि इस पर स्पष्ट जानकारी का फिलहाल इंतजार है।  

चीन और अमेरिका को पीछे छोड़ जापान ने मारी बाजी, इंटरनेट स्पीड में बना डाला वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली हाई स्पीड इंटरनेट आजकल हर किसी की जरूरत बन गया है। सभी लोग अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट इस्तेमाल करना चाहते हैं और इसके लिए 5G रिचार्ज प्लान्स खरीदते हैं या वाई-फाई लगवाना पसंद करते हैं। लेकिन, फिर भी कभी-कभी इंटरनेट की स्पीड स्लो हो जाती है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्या हो अगर आपको कभी भी बफरिंग का सामना न करना पड़े या डाउनलोडिंग शुरू करते ही मूवी या कोई और बड़ी फाइल फट से डाउनलोड हो जाए। आपको शायद यकीन न हो लेकिन जापान में यह सच हो चुका है। जापान में वैज्ञानिकों ने सबसे ज्यादा इंटरनेट स्पीड हासिल की है और सिर्फ यही नहीं उन्होंने इंटरनेट स्पीड के मामले में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है। ध्‍यान देने वाली बात है कि चीन और अमेरिका ट्रेड वॉर में उलझे हुए हैं और जापान ने यह कारनाम करके दिखाया है। आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं. वैज्ञानिकों ने बनाया इंटरनेट स्पीड का वर्ल्ड रिकॉर्ड दरअसल, जापान में वैज्ञानिकों की एक टीम ने इंटरनेट स्पीड का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 1.02 पेटाबिट प्रति सेकंड की जबरदस्त स्पीड हासिल की है। यह स्पीड इतनी फास्ट है कि बड़ी से बड़ी कोई फाइल पलक झपकते ही डाउनलोड हो सकती है. यह स्पीड इतनी तेज है कि आप एक सेकंड में नेटफ्लिक्स की पूरी लाइब्रेरी, 8K वीडियो या विकिपीडिया की सारी जानकारी हजारों बार डाउनलोड कर सकते हैं। कितनी तेज है स्पीड? यह स्पीड कितनी तेज है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह भारत में मिलने वाली औरत इंटरनेट स्पीड से लगभग 1 करोड़ 60 लाख गुना तेज है और अमेरिका में लोगों को मिलने वाली सामान्य स्पीड से 35 लाख गुना ज्यादा तेज है। वैज्ञानिकों ने किया कमाल यह कमाल जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस टेक्नोलॉजी (NICT) के वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने सुमितोमो इलेक्ट्रिक और इंटरनेशनल रीसर्चर्स के एक ग्रुप के साथ मिलकर फाइबर ऑप्टिक केबलों का इस्तेमाल करके एक सुपर हाई-स्पीड नेटवर्क बनाया। सबसे अच्छी बात यह है कि उन्होंने जो केबल इस्तेमाल किया है, वह आज हम जो केबल इस्तेमाल करते हैं, उसी साइज का है। अंतर सिर्फ अंदरूनी बनावट में है। इसमें एक कोर के बजाय 19 कोर हैं, जिसका मतलब है कि यह एक साथ बहुत ज्यादा डेटा ले जा सकता है। इन खास केबल्स का इस्तेमाल करके टीम ने 1,800 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तक भारी मात्रा में डेटा भेजा और वह भी बिना स्पीड कम हुए। उन्होंने ट्रांसमीटरों, रिसीवरों और लूपिंग सर्किट के साथ एक सेटअप का इस्तेमाल किया, जिससे डेटा आसानी से फ्लो होता रहा।