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पेंशन बंद हुई? चिंता ना करें, बस ये काम करें और फिर शुरू हो जाएगी रकम

नई दिल्ली देशभर में करोड़ों पेंशन भोगियों को हर साल अपनी पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होता है। इस वर्ष लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तय की गई थी। लेकिन अनेक पेंशनर्स किसी न किसी कारण यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं कर सके, जिसके चलते 1 दिसंबर से उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अब क्या करें पेंशनर्स? यदि अंतिम तिथि छूट गई है तो चिंता की बात नहीं है। नियमों के अनुसार, जैसे ही पेंशनर्स लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर देते हैं, उनकी रुकी हुई पेंशन फिर से शुरू कर दी जाती है। यानी आपकी पेंशन बंद नहीं होगी, केवल प्रमाणपत्र जमा होने तक रोकी रहती है। लाइफ सर्टिफिकेट कैसे जमा करें? 1. ऑफलाइन तरीका जो पेंशनर्स बैंक के जरिए सर्टिफिकेट जमा करना चाहते हैं, उन्हें बैंक शाखा में जाना होगा। साथ ले जाएं:     आधार कार्ड     पेंशन आईडी     बैंक पासबुक     पासपोर्ट साइज फोटो बैंक कर्मचारी आपकी पहचान की पुष्टि करने के बाद आपका लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर देंगे। 2. ऑनलाइन तरीका (घर बैठे सुविधा) तकनीक की मदद से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अब बेहद सरल हो गया है। आप यह कार्य जीवन प्रमाण ऐप या जीवन प्रमाण पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं। प्रक्रिया:     ऐप/पोर्टल पर जाएँ     आधार नंबर दर्ज करें     बायोमेट्रिक सत्यापन करें इसके तुरंत बाद आपका सर्टिफिकेट ऑनलाइन जमा हो जाएगा। 80 वर्ष से अधिक और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए खास सुविधा बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा को देखते हुए बैंक और पोस्ट ऑफिस घर पर ही लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सेवा प्रदान करते हैं। संबंधित कर्मचारी उनके घर पहुंचकर पहचान की पुष्टि करते हैं और प्रक्रिया पूरी करते हैं।  

पायलटों के अवकाश नियमों में ढील: DGCA के फैसले से इंडिगो की उड़ान पर मंडरा रहा संकट होगा कम?

नई दिल्ली  उड़ान में दिक्कतों का सामना कर रही प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन इंडिगो समेत अन्य एविएशन कंपनियों को विमानन नियामक डीजीसीए ने बड़ी राहत दी है। डीजीसीए ने कहा कि वह उस आदेश को वापस ले रहा है जिसमें कहा गया था कि चालक दल के सदस्यों के अनिवार्य आराम के घंटों को साप्ताहिक अवकाश से अलग रखना जरूरी होगा। इसमें कहा गया है कि परिचालन में मौजूदा व्यवधानों और विभिन्न एयरलाइंस द्वारा इस संबंध में दिए गए अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगों की उड़ानें बड़ी संख्या में रद्द हुई हैं। एयरलाइन ने शुक्रवार को अकेले दिल्ली हवाई अड्डे पर यहां से जाने वाली 135 और यहां आने वाली 90 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने इस व्यवधान के लिए मुख्य रूप से डीजीसीए के नये नियमों को जिम्मेदार ठहराया है जिसमें चालक दल के लिए हर सप्ताह कम से कम 48 घंटे अनिवार्य आराम का प्रावधान किया गया है। उसने गुरुवार को डीजीसीए के साथ बैठक में नियम के अनुपालन फरवरी तक रियायत की मांग की थी। साथ ही बताया था कि अगले दो-तीन दिन तक उड़ानों का रद्द होना जारी रहेगा। इसके बाद 8 दिसंबर से वह अपनी उड़ानों की संख्या में कटौती कर रही है। इंडिगो का बढ़ा संकट बता दें कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया है। शुक्रवार को 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और कई यात्री हवाई अड्डों पर तीन दिनों तक फंसे हुए हैं। हवाई अड्डों पर अराजकता का माहौल दिखा। इंडिगो की कई उड़ानें 12 घंटे से अधिक देरी से चलीं, यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन किया और सामान खोने की शिकायतें भी सामने आईं। पायलटों की कमी और योजनागत कमियों के कारण आज व्यवधान का चौथा दिन है। रोजाना करीब 2,300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो की समय पर उड़ान भरने की दर (ओटीपी) मंगलवार के 35 प्रतिशत से गिरकर बुधवार को 19.7 प्रतिशत पर आ गई।  

गोल्ड के नए रेट का अपडेट: 5 दिसंबर को 10 ग्राम का भाव क्या है, जानें 22-24 कैरेट के ताजे रेट

इंदौर  दिसंबर महीने में सोने चांदी की कीमतों में परिवर्तन का दौर लगातार जारी है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की प्लानिंग कर रहे है तो पहले ताजा चेक कर लीजिए। आज 5 दिसंबर को सोने के दाम में 270 रूपए प्रति 10 ग्राम का उछाल आया है लेकिन चांदी की कीमतों में 4000 रूपए प्रति किलो की गिरावट आई है। शुक्रवार को 22 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) 1, 19,250 , 24 कैरेट का भाव 1, 30,080 और 18 ग्राम सोने का रेट 96,700 रुपए पर ट्रेंड कर रहे है। वहीं 1 किलो चांदी का रेट (Silver Rate Today) 1, 87,000 रुपए चल रहा है। आईए जानते है आपके शहर का 18, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव…… शुक्रवार का 18 कैरेट सोने का ताजा भाव     दिल्ली व जयपुर सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 97,600/- रुपये।     कोलकाता और मुंबई सराफा बाजार में 97,450/- रुपये।     इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 97,500 चल रहा है।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 10,015/- रुपये पर ट्रेड कर रही है। शुक्रवार का 22 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 1,19,150/- रुपये ।     जयपुर, लखनऊ, दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold price Today) 1,19, 250/- रुपये ।     हैदराबाद, केरल, कोलकाता, मुंबई सराफा बाजार में 1 19,100/- रुपये ट्रेंड कर रहा है। शुक्रवार का 24 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,29,980 रुपये     दिल्ली जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1, 30, 080/- रुपये।     हैदराबाद, केरल, बैंगलुरू और मुंबई सराफा बाजार में 1,29, 930/- रुपये ।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 1,30, 910 /- रुपये पर ट्रेंड कर रहा है। पढ़िए शुक्रवार का आपके शहर का चांदी का लेटेस्ट रेट     जयपुर कोलकाता अहमदाबाद लखनऊ मुंबई दिल्ली सराफा बाजार में 01 किलोग्राम चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 1,87,000 /- रुपये     चेन्नई, मदुरै , विजयवाड़ा, विशाखापटनम, हैदराबाद और केरल सराफा बाजार में कीमत 1,96,000/- रुपये।     भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 1,87,000/ रुपए ट्रेंड कर रही है। कैसे चेक करें प्योरिटी? सोना खरा है या नहीं?     ISO (Indian Standard Organization) द्वारा सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं।     24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है।     24 कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24 = 1.00) होनी चाहिए।     22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं।     22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए।     24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।     24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं और इसी के आभूषण बनाते है। चांदी पर हॉलमार्किंग का नियम     सोने के बाद अब 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्यूलरी पर हॉलमार्किंग का नियम लागू कर दिया है।     चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। आप बिना हॉलमार्क वाली चांदी भी खरीद सकते हैं।     हॉलमार्किंग के नियमों के तहत, चांदी पर 6 अंकों का यूनिक HUID कोड होगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि गहना किस शुद्धता का है और वह असली है या नहीं।     भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चांदी की शुद्धता के लिए 6 नए स्टैंडर्ड 800, 835, 900, 925, 970 और 990 तय किए हैं। 925 या 9250 अंक का मतलब है कि चांदी 92.5% शुद्ध है।  

लैरी एलिसन की दौलत में उछाल, अडानी-अंबानी की संपत्ति भी बढ़ी

मुंबई  दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कभी मस्क की अरबपति नंबर वन की कुर्सी के खतरा बन रहे लैरी एलिसन ने अपना रुतबा वापस हासिल कर लिया है। एक बार फिर एलिसन दुनिया के सबसे रईसों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए है। कुछ दिन पहले उन्हें गूगल अल्फाबेट के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन ने पछाड़ कर चौथे नंबर पर कर दिया था। टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर हैं। भारत के मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। गुरुवार को उनकी दौलत में करीब एक अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अंबानी 106 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ 18वें स्थान पर हैं। अडानी की दौलत में भी गुरुवार को 284 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। 84.2 अरब डॉलर के साथ अब भी वह 20वें स्थान पर हैं। अरबपतियों की टॉप-10 लिस्ट में कौन कहां एलन मस्क: टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर हैं। मस्क की दौलत में गुरुवार को 5.55 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनके पास 467 अरब डॉलर की कुल संपत्ति है। इस साल अबतक मस्क ने अपनी संपत्ति में 34.8 अरब डॉलर जोड़े। लैरी एलिसन: ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक लैरी एलिसन को 7.17 अरब डॉलर का फायदा हुआ। इनकी कुल संपत्ति अब 274 अरब डॉलर है। इस साल अबतक अपनी संपत्ति में 81.5 अरब डॉलर जोड़ चुके हैं। लैरी पेज: दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज को गुरुवार को 1.55 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और इनकी कुल संपत्ति 272 अरब डॉलर हो गई है। इस साल के सबसे बड़े गेनर्स अब लैरी पेज हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक उनकी दौलत में इस साल अबतक 104अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। सर्गेई ब्रिन: सर्गेई ब्रिन की दौलत में 1.45 अरब डॉलर की गिरावट हुई और अब उनके पास 253 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। ये ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में चौथे स्थान पर हैं। इस साल कमाई में दूसरे नंबर पर सर्गेई ब्रिन हैं, जिनकी दौलत इस साल 94.7 अरब डॉलर बढ़ी है। जेफ बेजोस: अमेजन के जेफ बेजोस की संपत्ति 2.76 अरब डॉलर गिरकर 251 अरब डॉलर हो गई। इस साल कमाई की बात करें तो बेजोस केवल 12.8 अरब डॉलर ही कमा पाए हैं। जुकरबर्ग : मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में सबसे अधिक 7.54 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनका नेटवर्थ 234 अरब डॉलर हो गया है। दुनिया के अमीरों की लिस्ट में जुकरबर्ग छठे स्थान पर हैं। बर्नार्ड अर्नाल्ट: सातवें स्थान पर फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट हैं। इनकी संपत्ति में 1.50 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और उनके पास 202 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। इस साल अबतक इन्होंने 26.1 अरब डॉलर जोड़े हैं। स्टीव बाल्मर: स्टीव बाल्मर ने गुरुवार को 1.02 अरब डॉलर कमाए। इनका नेटवर्थ अब 167 अरब डॉलर हो गया है। जेनसेंग हुआंग: एनवीडिया के मालिक जेनसेंग हुआंग को 3.31 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। अब इनके पास 159 अरब डॉलर की संपत्ति है और ये दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 9वें पायदान पर आ गए हैं। इस साल इनकी संपत्ति में 45.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। वॉरेन बफे: माइकल डेल को पछाड़ 10वें स्थान पर पहुंचे वॉरेन बफे को गुरुवार को 503 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। अब उनके पास 151 अरब डॉलर की दौलत है।

फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे पर SEBI की कार्रवाई, ट्रेडिंग एकेडमी के फाउंडर को लौटाने होंगे ₹546 करोड़

मुंबई  SEBI ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर अवधूत साठे को सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया है और 546 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया है. रेगुलेटर ने कहा कि ये पैसा बिना रजिस्ट्रेशन वाली इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी एक्टिविटी के जरिए इकट्ठा किया गया था, जिसने हजारों रिटेल इन्वेस्टर्स को गुमराह किया है. ये भारत में किसी फिनफ्लुएंसर से जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है. 4 दिसंबर को जारी किया गया ये आदेश, SEBI के फिनफ्लुएंसर इकोसिस्टम को साफ करने की कोशिश में एक टर्निंग पॉइंट है, जहां कई ऑनलाइन ट्रेनर एजुकेशन देने का दावा करते हैं लेकिन बिना किसी रेगुलेटरी लाइसेंस के स्पेसिफिक स्टॉक टिप्स, गाइडेंस और लाइव ट्रेडिंग कॉल देते हैं. SEBI की नजर में कैसे आया ये मामला  SEBI की जांच तब शुरू हुई जब शिकायतें मिलीं कि साठे की एकेडमी सिर्फ ट्रेडिंग कोर्स ही नहीं दे रही थी. बल्कि लाइव मार्केट सेशन के दौरान खरीदने और बेचने के कॉल भी दे रही थी. जांच शुरू होने के बाद SEBI ने वीडियो, व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया कंटेंट, पेमेंट स्ट्रक्चर और पार्टिसिपेंट्स की गवाही का एनालिसिस किया. SEBI द्वारा बताए गए एक उदाहरण में साठे को एक लाइव ट्रेडिंग सेशन करते हुए दिखाया गया था. जहां उन्होंने पार्टिसिपेंट्स को एक खास कीमत पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स ट्रेड में एंट्री करने का निर्देश दिया था, साथ ही स्टॉप-लॉस और टारगेट भी बताया था.  SEBI ने कहा कि ये बात एजुकेशन से कहीं आगे की थी और ये सीधे तौर पर इन्वेस्टमेंट रिकमेंडेशन बन गया था.  गारंटीड रिटर्न का झूठा एहसास SEBI ने बताया कि एकेडमी के 'काउंसलिंग बैच' एक स्ट्रक्चर्ड सिस्टम थे जिसके जरिए साठे और उनकी टीम पार्टिसिपेंट्स को रियल ट्रेड पर गाइड करती थी. अक्सर तुरंत इंस्ट्रक्शन देने के लिए प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल करती थी. इनमें से कुछ ग्रुप में सैकड़ों मेंबर थे जो ज्यादा फीस देते थे. SEBI ने पाया कि ASTA अक्सर हाई-प्रोबेबिलिटी स्ट्रेटेजी का एडवर्टाइजमेंट करती थी और कोर्स को प्रमोट करने के लिए प्रॉफिटेबल ट्रेड के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करती थी. रेगुलेटर ने कहा कि इससे 'गारंटीड रिटर्न का झूठा एहसास' पैदा होता है, ये इन्वेस्टर-प्रोटेक्शन नियमों के खिलाफ है.  कौन हैं अवधूत साठे? देश के एक मशहूर फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे, अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर हैं. वो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग से जुड़े कोर्स बेचते हैं. साठे की एकेडमी 2017 के लॉन्च हुई थी और बाद में ये बड़ी एंटिटी बनाई गई. अवधूत साठे की एकेडमी में इंट्रो सेशन से लेकर हाई-एंड मेंटरशिप तक कई तरह के कोर्स दिए जाते हैं. 

इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने से मुंबई-हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट्स पर पड़ा असर, 550 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली   देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो के परिचालन संकट ने गुरुवार को भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. एयरलाइन ने पूरे देश में 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिनमें अकेले दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में 191 उड़ानें प्रभावित हुईं. हजारों यात्रियों को लंबी कतारों, इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा. अब हालात बिगड़ने और डीजीसीए की सख्ती के बीच इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी कर मौजूदा स्थिति पर माफी मांगी और जल्द सामान्य संचालन बहाल करने का भरोसा दिया. एयरलाइन ने कहा, “पिछले दो दिनों में इंडिगो के नेटवर्क और संचालन में व्यापक व्यवधान आया है. हम सभी यात्रियों और हितधारकों से खेद प्रकट करते हैं. हमारी टीमें MOCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं. ग्राहकों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है और उनसे अपने उड़ानों की स्थिति जांचने की अपील की गई है.” नवबंर महीने में 1200 से अधिक फ्लाइट्स रद्द बता दें कि इंडिगो, जो प्रतिदिन लगभग 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देती है, पिछले कुछ दिनों से गंभीर परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो सामान्य दिनों में करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है. आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानें घंटों देरी से चलीं. डीजीसीए ने लगाई फटकार इस प्रदर्शन में गिरावट के बाद डीजीसीए ने जांच का आदेश दिया और एयरलाइन से विस्तृत कारण बताए जाने को कहा. जवाब में इंडिगो ने बताया कि 1,232 उड़ानों में से 755 उड़ानें स्टाफ की कमी के कारण रद्द हुईं. 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों के कारण रद्द हुईं. डीजीसीए ने सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए नए कदम उठाने, अधिक क्रू भर्ती, बेहतर योजना और निगरानी की सलाह दी है. सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण हजारों यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई, वीडियो और तस्वीरें शेयर करके एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कई यात्रियों ने टिकट रिफंड, रीबुकिंग में देरी और जानकारी की कमी को लेकर शिकायतें कीं. इस बीच, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्ट ने कर्मचारियों के नाम भेजे ईमेल में स्थिति पर चिंता जताई और इसे कई परिचालन चुनौतियों का मिश्रित परिणाम बताया. यह ईमेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने लिखा, “हम रोजाना 3.8 लाख यात्रियों की सेवा करते हैं और चाहते हैं कि हर ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले. पिछले दिनों हम यह वादा पूरा नहीं कर सके और हमने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी है.” उन्होंने परिचालन संकट के कारण गिनाए, जिनमें शामिल हैं- मामूली तकनीकी खामियां, शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़भाड़ और नई FDTL नॉर्म्स का प्रभाव. संकट से उबरने की कवायद इंडिगो ने दावा किया है कि परिचालन सुधार के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है. एयरलाइन का कहना है कि वह DGCA के निर्देशों का पालन करेगी और स्टाफ तथा प्रबंधन की कमी से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र सुलझाएगी. फिलहाल यात्रियों को उड़ान स्थितियों की लगातार जांच करने और आवश्यक यात्रा दस्तावेजों के साथ समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है.

रेपो रेट पर RBI के संभावित फैसले से बाजार में हलचल, निवेशकों की घबराहट से गिरावट तेज़

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक आज रेपो रेट पर फैसले का ऐलान करेगे. इससे पहले ही शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 150 अंक टूट गया, जबकि निफ्ट में 40 अंकों की गिरावट आई थी. लेकनि अभी तेजी के साथ निफ्टी 26000 के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि सेंसेक्‍स 85283 पर बना हुआ है.  बीएसई सेंसेक्‍स के 14 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 16 शेयरों में शानदार उछाल आई है. बैंकिंग, डिफेंस और आईटी शेयर  इस तेजी को लीड कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा उछाल जोमैटो, बीईएल और बजाज फाइनेस जैसे शेयरों में देखी जा रही है. रिलायंस, ट्रेंट, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स के श्‍ेयरों में करीब 1 फीसदी की गिरावट है.  ये शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे  हिंदुस्‍तान कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी के शेयरों में आज करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 20 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Kaynes Technology India के शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं. इंडिया सीमेंट और राउट मोबाइल के शेयर में 4 फीसदी की कमी आई है.  इन सेक्‍टर्स में उछाल  सेक्‍टर की बात करें तो मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएययू बैंक, हेल्‍थकेयर, कंज्‍यूमर्स को छोड़कर आईटी, एफएमसीजी और ऑटो सेक्‍टर्स में उछाल आई है. इस सेक्‍टर्स के शेयर तेजी दिखा रहे हैं. वहीं डिफेंस शेयर भी अच्‍छी तेजी दिखा रहे है. बीएसई पर आज 3,342 शेयर एक्टिव हैं, जिसमें से 1326 शेयरों में उछाल दिख रही है और 1847 शेयरों में गिरावट आई है. वहीं 169 शेयर अनचेंज हैं. 42 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर है और 140 शेयर 52 सप्‍ताह के न‍िचले स्‍तर पर हैं. 72 शेयरों में अपर सर्किट और 66 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. आरबीआई के फैसले का इंतजार  गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक की 2 दिनों तक चली मोनिटरी पॉलिसी की बैठक में लिए गए फैसले का आज ऐलान होगा. आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा आरबीआई के फैसले का ऐलान करेंगे, जिसमें रेपो रेट में कटौती का अनुमान लगाया जा रहा है. उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में आरबीआई 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. हालांकि अभी इस उम्‍मीद पर शेयर बाजार रिएक्‍ट नहीं कर रहा है. 

इलेक्ट्रिक व्हीकल बिक्री नवंबर में 61% बढ़ी, बावजूद इसके महीने-दर-महीने सेल्स में आई गिरावट

मुंबई   भारत का इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मार्केट नवंबर में साल-दर-साल 61 प्रतिशत बढ़ा है. बीते माह कार निर्माता कंपनियों ने कुल 14,739 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जिससे यह साल 2025 का पांचवां सबसे अच्छा महीना बन गया. वहीं Tata Motors ने 42 प्रतिशत EV शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है, जबकि JSW MG Motor और Mahindra टॉप तीन में अपनी जगह बनाए हुए हैं. नवंबर 2025 का महीना नई कार निर्माता कंपनियों के लिए भी एक खास महीना रहा. वियतनामी कार निर्माता VinFast भारत में मौजूद 16 EV कंपनियों में सातवें नंबर पर पहुंच गई, जबकि Tesla ने रिटेल एक्टिविटी का अपना तीसरा महीना पूरा किया. पुरानी कार निर्माताओं के पोर्टफोलियो बढ़ाने और नए ब्रांड्स के पॉपुलर होने के साथ, नवंबर के आंकड़ों से पता चलता है कि EV सेगमेंट मज़बूती से मज़बूत हो रहा है, भले ही अक्टूबर के पीक के बाद कुल PV सेल्स स्थिर हो गई हो. मास-मार्केट EV निर्माता Tata Motors की बिक्री: नवंबर में Tata Motors ने 42 प्रतिशत शेयर के साथ मास-मार्केट EV सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखा है. कंपनी के पोर्टफोलियो में Tata Punch EV और Nexon EV की ज़बरदस्त डिमांड सबसे आगे रही. वहीं Tiago EV ने भी लगातार वॉल्यूम बनाए रखा, जिससे कंपनी को दूसरे मेनस्ट्रीम प्लेयर्स पर अपनी बढ़त बनाने में मदद मिली. JSW MG Motor की बिक्री: नवंबर में MG Motor की EV सेल्स की बात करें तो यह स्टेबल रही. e-PV मार्केट में कंपनी ने 25 प्रतिशत शेयर पर कब्ज़ा किया, जिसे ज़्यादातर MG Windsor EV से सपोर्ट मिला. फरवरी (3,489 यूनिट्स) के बाद नवंबर 2025 का दूसरा सबसे कम बिक्री का महीना रहा, जबकि जुलाई में सालाना सबसे ज्यादा 5,350 यूनिट्स दर्ज किया गया. Mahindra Auto की बिक्री: Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने अपनी पकड़ बनाकर रखी है और Mahindra BE 6 और XEV 9e की डिमांड मज़बूत रही. कंपनी ने अपनी पहली मास-मार्केट तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV, Mahindra XEV 9S को भी लॉन्च किया है, जिससे इसकी लाइनअप बढ़ गई है. महिंद्रा ने पिछले महीने 2,940 इलेक्ट्रिक SUV बेचीं, जिससे उसे e-PV सेगमेंट में 20 प्रतिशत शेयर मिला. Kia India की बिक्री: Kia India की बात करें तो बीते माह कंपनी ने 463 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, और इस बिक्री के साथ कंपनी बाजार में चौथा स्थान हासिल किया है. इस सफलता का मुख्य श्रेय पॉपुलर Kia Carens Clavis EV MPV को जाता है. पिछले महीने कंपनी का कुल EV शेयर 3 प्रतिशत था. BYD India की बिक्री: दुनिया की सबसे बड़ी EV बनाने वाली कंपनी की लोकल ब्रांच BYD India पांचवें नंबर पर आ गई है. कंपनी जनवरी से अपने Sealion 7 मॉडल की कीमत बढ़ाने का प्लान बना रही है. हालांकि, जो कस्टमर 31 दिसंबर से पहले बुकिंग करेंगे, उन्हें अभी की कीमतें ही मिलेंगी. Hyundai Motor India की बिक्री: Hyundai Motor ने नवंबर में 372 EV बेचीं, जो साल-दर-साल 1,671 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी है और कंपनी को 2.52 प्रतिशत EV मार्केट शेयर मिला. इस बढ़ोतरी में ज़्यादातर Hyundai Creta Electric का हाथ रहा है, हालांकि इस साल की शुरुआत में शुरुआती बढ़त के बाद बिक्री कम हो गई है. कुल मिलाकर, मास-मार्केट EV सेगमेंट में महीने-दर-महीने अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसमें बेहतर अवेलेबिलिटी, बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ते व मिड-रेंज इलेक्ट्रिक मॉडल्स में बढ़ती दिलचस्पी ने मदद की.

सरकार का नया आदेश: पान मसाला के सभी आकार के पैकेटों पर MRP और जरूरी सूचनाएं देना अनिवार्य

 नई दिल्ली  पान मसाला उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी तरह के पान मसाला पैकेटों (चाहे उनका आकार और वजन कुछ भी हो) के ऊपर खुदरा बिक्री मूल्य (Retail Sale Price) और दूसरी जरूरी उपभोक्ता सूचनाएं प्रदर्शित करनी होंगी। यह नियम अगले साल 1 फरवरी से लागू करना अनिवार्य होगा। खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा इससे पहले, 10 ग्राम या उससे छोटे पान मसाला पैकेटों को कुछ अनिवार्य घोषणाएं नहीं करने से छूट मिली हुई थी। अक्सर इन छोटे पैकेटों पर कीमत नहीं लिखी होती थी, जिससे ग्राहकों को गुमराह किया जा सकता था। हालांकि, अब इस नए आदेश के बाद, इन छोटे पैक वाले पान मसाला पैकेटों के ऊपर भी खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा और उपभोक्ता संरक्षण (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम 2011 के तहत सभी आवश्यक घोषणाएं प्रदर्शित करनी होंगी। उत्पाद की बेहतर और स्पष्ट जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि छोटे पैकेटों पर गुमराह करने वाली या धोखा देने वाली कीमतों को रोका जा सके। मंत्रालय को उम्मीद है कि इस पहल से ग्राहक को उत्पाद की बेहतर और स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे वे खरीदने का सही फैसला ले सकेंगे। यह आदेश सीधे तौर पर ग्राहकों के हितों की रक्षा करेगा।

GST राहत पर रुपये की मार, रोजमर्रा की चीज़ों के दाम होंगे बढ़े हुए: फोन से लिपस्टिक तक

नईदिल्ली   आजकल रुपया जिस रफ्तार से गिर रहा है, उसने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने ही वाला है. असर सीधा उन चीज़ों पर पड़ने वाला है, जिन्हें आप और हम रोज़मर्रा में इस्तेमाल करते हैं, जैसे मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप, एसी, फ्रिज, मेकअप और यहां तक कि गाड़ियां भी. हाल ही में सरकार ने जीएसटी कम किया था, जिससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन रुपये की यह गिरावट से वह भी कम होती दिख रही है. रुपये की कमजोरी सबसे ज्यादा उन कंपनियों को दिक्कत दे रही है, जो अपने प्रोडक्ट्स के पुर्ज़े या पूरा प्रोडक्ट विदेश से मंगाती हैं. पिछले कुछ महीनों से कच्चे माल की लागत बढ़ रही थी, फिर भी कंपनियां दाम बढ़ाने से हिचक रही थीं, क्योंकि जीएसटी घटने के बाद सरकार का रुख सख्त था. लेकिन अब जब डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर हो गया है, तो कंपनियां इस नुकसान को और ज़्यादा झेल नहीं पा रही हैं. इकॉनमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और बड़े घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने साफ़ कर दिया है कि दिसंबर से जनवरी के बीच वे कीमतों में 3 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेंगी. इसका कारण मेमोरी चिप, कॉपर और दूसरे जरूरी हिस्सों के दाम काफी बढ़ जाना बताया जा रहा है. कई चीज़ों की लागत का 30 से 70 प्रतिशत तक हिस्सा विदेशों पर निर्भर है, इसलिए रुपये की कमजोरी सीधे लागत को बढ़ा देती है. GST का फायदा रुपये ने खाया सुपर प्लास्ट्रोनिक्स (Super Plastronics) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीत सिंह मारवाह ने कहा, “GST में कटौती का जो फायदा मिला था, वह पूरा का पूरा रुपये की कमजोरी और पुर्जों की बढ़ी कीमतों से खत्म हो जाएगा.” उन्होंने यह भी बताया कि मेमोरी चिप्स के दाम चार महीनों में छह गुना बढ़ गए हैं. उनके अनुसार, “हमें डर है कि जीएसटी कटौती से जो मांग बढ़ी थी, वह फिर से कमजोर पड़ सकती है.” कंपनियां पहले रुपये को 85–86 रुपये प्रति डॉलर के बीच मानकर अपनी प्लानिंग बना रही थीं, लेकिन सीधा 90 रुपये का स्तर पार कर जाने से स्थिति बिगड़ गई है. हैवल्स (Havells) ने LED टीवी पर लगभग 3 फीसदी, सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने 7–10 फीसदी, और गोदरेज एप्लायंसेज़ ने एसी और फ्रिज पर 5–7 फीसदी बढ़ोतरी का संकेत दिया है. कंपनियों ने सरकार को निजी तौर पर यह भी बताया है कि लगातार बढ़ती लागत को अब वे खुद से झेलना संभव नहीं है. ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी प्रभावित रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स के बाद सौंदर्य उत्पादों का क्षेत्र भी प्रभावित होगा. शिसेडो (Shiseido), मैक (MAC), बॉबी ब्राउन (Bobbi Brown), क्लीनिक (Clinique) और द बॉडी शॉप (The Body Shop) जैसे विदेशी ब्रांडों के उत्पाद पहले से ही महंगे थे, और अब रुपये की कमजोरी इन्हें और अधिक महंगा बना देगी. शॉपर्स स्टॉप ब्यूटी (Shoppers Stop Beauty) के मुख्य अधिकारी बीजू कासिम ने कहा कि कमजोर रुपया हमारे विदेश से मंगाए जाने वाले सौंदर्य उत्पादों की लागत बढ़ा देता है. इसलिए कुछ महंगे आयातित उत्पादों में कीमत बढ़ाना आखिरकार आवश्यक हो ही जाता है. वाहन सेक्टर भी इससे अछूता नहीं है. हाल ही में दोपहिया और छोटी कारों पर जीएसटी घटा था, जिससे बिक्री में अक्टूबर में 17 फीसदी और नवंबर में 19 फीसदी उछाल आया. लेकिन रुपये की गिरावट इस गति को फिर से रोक सकती है. Mercedes-Benz India के प्रमुख संतोष अय्यर ने कहा, “लग्जरी वाहनों की कीमतें आगे बढ़ेंगी… हम 26 जनवरी से कीमतों में बदलाव पर विचार कर रहे हैं.” ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों का कहना है कि रुपये की गिरावट का सीधा और पूरा असर लागत पर पड़ता है… हालांकि कंपनी अभी बढ़ोतरी का स्तर तय नहीं कर पाई है.