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दुनिया के पहले खरबपति बनने की राह पर एलन मस्क, कई देशों की अर्थव्यवस्था से ज्यादा हुई संपत्ति

वाशिंगटन एलन मस्क खरबपति बनने से केवल 29 अरब डॉलर दूर हैं। उनकी संपत्ति में गुरुवार को आया 274 अरब डॉलर का उछाल उनके SpaceX के आईपीओ से आया है।एलन मस्क अब ताईवान (976.72 अरब डॉलर) आयरलैंड (779.38 अरब डॉलर), बेल्जियम (776.73 अरब डॉलर), स्वीडन (760.48 अरब डॉलर), इजरायल (719.85 अरब डॉलर), अर्जेंटीना (688.38 अरब डॉलर) जैसे देशों से भी अमीर हो गए हैं। उनका कुल नेटवर्थ इन देशों की जीडीपी से भी अधिक है। कैसे बनेंगे दुनिया के पहले खरबपति ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक एलन मस्क की कुल दौलत 971 अरब डॉलर हो गई है। जबकि, फोर्ब्स रियल टाइम बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक अब वह 982 अरब डॉलर के मालिक हैं। रॉयटर्स के अनुमान के अनुसार शेयर मार्केट में स्पेसएक्स की लिस्टिंग के बाद मस्क की दौलत एक ट्रिलियन डॉलर के पार चली जाएगी और वह दुनिया के पहले खरबपति बन जाएंगे। SpaceX का सबसे बड़ा IPO SpaceX ने अपने IPO में 75 अरब डॉलर जुटाए हैं। कंपनी के शेयर 135 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए हैं, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य करीब 1.77 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 152 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गया है। इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा IPO माना जा रहा है। SpaceX क्यों है इतना खास? 2002 में शुरू हुई SpaceX आज रॉकेट लॉन्च, स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट और AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। निवेशक इसे भविष्य की सबसे बड़ी टेक और स्पेस कंपनियों में गिन रहे हैं। IPO को संस्थागत और रिटेल निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। भारत के सबसे अमीर लोगों से कितने आगे? ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार गौतम अडानी की संपत्ति लगभग 115 अरब डॉलर और मुकेश अंबानी की संपत्ति उससे भी कम है। ऐसे में मस्क की संभावित 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ भारत के शीर्ष अरबपतियों की संपत्ति से कई गुना अधिक होगी। निवेशकों की नजर लिस्टिंग पर अब पूरी दुनिया की नजर SpaceX की लिस्टिंग पर है। अगर शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी आती है तो एलन मस्क आधिकारिक तौर पर दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन सकते हैं। इस साल 2026 में मस्क की संपत्ति में 351 अरब डॉलर का इजाफा हो चुका है यानी कुल 56.7% की बढ़ोतरी। इसमें गुरुवार को 274 अरब डॉलर की उछाल शामिल है, जो भारत के कई राज्यों के वार्षिक बजट से कई गुना अधिक है। यह राशि भारत की कई बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप के बराबर है।

जनसंख्या में बड़ा बदलाव: भारत में प्रजनन दर 1.9, विशेषज्ञों ने जताई नई चुनौती की चेतावनी

नई दिल्ली टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने भारत की जनसंख्या संबंधी बदलती तस्वीर पर चिंता जताई है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हालिया प्रजनन दर के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने कहा कि भारत की जन्म दर अब रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे पहुंच चुकी है और देश के शिक्षित वर्ग में यह दर कई वर्ष पहले ही इस स्तर से नीचे आ गई थी. मस्क ने अपने पोस्ट में लिखा, 'भारत की जन्म दर रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे गिर चुकी है. सबसे अधिक शिक्षित आबादी में यह दर कई साल पहले ही रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे पहुंच गई थी.' उनकी यह टिप्पणी 2024 के सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की रिपोर्ट के बाद आई है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate-TFR) घटकर 2.1 से 1.9 बच्चे प्रति महिला रह गई है. क्या होता है रिप्लेसमेंट लेवल? जनसंख्या विशेषज्ञों के अनुसार 2.1 बच्चे प्रति महिला की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट लेवल माना जाता है. इसका अर्थ है कि एक जनरेशन (पीढ़ी) अपनी अगली जनरेशन को बिना माइग्रेशन (प्रवासन) के स्थिर रूप से रिप्लेस कर सके. यदि किसी देश की प्रजनन दर लंबे समय तक रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे बनी रहती है, तो जनसंख्या वृद्धि धीमी पड़ जाती है और भविष्य में नकारात्मक भी हो सकती है. जनसंख्या वृद्धि के नकारात्मक (Negative Population Growth) होने का मतलब है कि किसी देश या क्षेत्र में लोगों की कुल संख्या बढ़ने के बजाय घटने लगे. सरल शब्दों में: यदि जन्म लेने वाले लोगों की संख्या + आने वाले प्रवासी (Immigrants), मरने वाले लोगों की संख्या + बाहर जाने वाले प्रवासी (Emigrants) से कम हो जाए, तो जनसंख्या वृद्धि दर नकारात्मक हो जाती है. नेगेटिव पॉपुलेशन ग्रोथ क्या है? उदाहरण के लिए: एक साल में 10 लाख बच्चे पैदा हुए और 12 लाख लोगों की मृत्यु हो गई. प्रवासन का प्रभाव शून्य रहा. मतलब दूसरे देश से कोई प्रवासी नहीं आया और अपने देश से कोई बाहर नहीं गया तो ऐसी स्थिति में आबादी 2 लाख कम हो जाएगी. इसे नकारात्मक जनसंख्या वृद्धि कहा जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार कम प्रजनन दर से आबादी के बूढ़े होने, वर्क फोर्स कम होने, पेंशन, हेल्थ सर्विस, और सोशल वेलफेयर पर खर्च बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने जैसी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं. कम बच्चे पैदा होने से समाज में बुजुर्गों का अनुपात बढ़ जाता है. युवाओं की संख्या कम होने से उद्योगों और सेवाओं में श्रमिकों की कमी हो सकती है. वर्क फोर्स की कमी का मतलब प्राडक्शन और टैक्स कलेक्शन में कमी आना. अधिक बुजुर्ग आबादी के कारण सरकारों को पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है. यानी ऐसी स्थिति में सरकार की आमदनी घटती है और खर्चा बढ़ जाता है. भारत में जनसांख्यिकीय बदलाव संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की 2025 की 'स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन' रिपोर्ट में भी भारत की प्रजनन दर 1.9 बच्चे प्रति महिला बताई गई है, जो रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से कम है. हालांकि 1.46 अरब से अधिक आबादी के साथ भारत अब भी दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है, लेकिन नए आंकड़े संकेत देते हैं कि देश अब जनसांख्यिकीय संक्रमण (Demographic Transition) के नए दौर में प्रवेश कर रहा है. इस चरण की पहचान छोटे परिवारों, कम प्रजनन दर और धीमी जनसंख्या वृद्धि से होती है. जन्म दर और प्रजनन दर में अंतर अक्सर जन्म दर (Birth Rate) और प्रजनन दर (Fertility Rate) को एक ही माना जाता है, लेकिन दोनों अलग-अलग संकेतक हैं. जन्म दर (Birth Rate): किसी वर्ष में प्रति 1,000 आबादी पर होने वाले जीवित जन्मों की संख्या. कुल प्रजनन दर (TFR): एक महिला के जीवनकाल में औसतन पैदा होने वाले बच्चों की संख्या है. दोनों संकेतक आपस में जुड़े हुए हैं. जब प्रजनन दर लगातार घटती है तो समय के साथ जन्म दर भी कम होती है, जिससे जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और समाज में बुजुर्ग आबादी का अनुपात बढ़ने लगता है. सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में सिर्फ- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड ही ऐसे राज्य हैं जहां प्रजनन दर अब भी रिप्लेसमेंट लेवल से ऊपर बनी हुई है.

अंतरिक्ष में होगा दुनिया का पहला डेटा सेंटर? एलन मस्क के महाप्लान पर सरकार से अनुमति की मांग

लॉस एंजिल्स एलन मस्क ने अंतरिक्ष पर राज करने की तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल अंतरिक्ष से इंटरनेट उपलब्ध कराने के बाद अब SpaceX अंतरिक्ष में डेटा सेंटर्स का जाल बिछाने की तैयारी में है। इसके लिए मस्क ने अमेरिकी रेगुलेटर FCC से अनुमति मांगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार मस्क 10 लाख सैटेलाइट्स का एक ऐसा समूह लॉन्च करना चाहते हैं, जो सीधे सूरज की रौशनी से ऊर्जा लेकर AI डेटा सेंटर्स को चलाएंगे। इस कदम के साथ मस्क Google, Meta और OpenAI जैसी कंपनियों को बड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रहे हैं। यह मिशन सफल होता है, तो डेटा स्टोरेज और प्रोसेसिंग की दुनिया पूरी तरह से बदल सकती है। सर्वर के लिए बिजली नहीं बनेगी संकट जमीन पर डेटा सेंटर चलाने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है। ऐसे में डेटा सेंटर पर्यावरण के लिए ही एक चुनौती बन जाते हैं। हालांकि स्पेस में बनने वाले डेटा सेंटर को इन दोनों ही चीजों की जरूरत नहीं होगी। दरअसल अंतरिक्ष में बनने वाले डेटा सेंटर की उर्जा खपत सौर ऊर्जा से पूरी हो जाएगी। बता दें कि अंतरिक्ष में सूरज की रौशनी हमेशा उपलब्ध रहती है, ऐसे में स्पेसएक्स के डेटा सेंटर को अंतरिक्ष में उर्जा की कमी नहीं होगी। मस्क की ओर से मांगी गई अनुमति के मुताबिक इससे न सिर्फ बिजली का खर्च कम होगा, बल्कि रखरखाव की लागत भी लगभग शून्य हो जाएगी। ऐसे में यह पारंपरिक डेटा सेंटर्स की तुलना में काफी सस्ते और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाला ऑप्शन साबित होगा। 10 लाख सैटेलाइट्स का लक्ष्य और स्टारशिप का सहारा रिपोर्ट के मुताबिक,(REF.) अंतरिक्ष में इस समय 15,000 सैटेलाइट एक्टिव हैं, ऐसे में मस्क की ओर से 10 लाख सैटेलाइट के आवेदन ने सभी को चौंका दिया है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह संख्या डिजाइन के लचीलापन के लिए तय की गई है। मस्क के सपने को सच करने का जिम्मा स्टारशिप रॉकेट पर होगा। मस्क का मानना है कि स्टारशिप जैसे पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट लाखों टन वजन अंतरिक्ष में ले जा सकते हैं। अगर मस्क का स्टारशिप सफल होता है, तो इससे डेटा प्रोसेसिंग उस उच्च स्तर पर पहुंच जाएगी, जिसकी तुलना किसी मौजूदा सिस्टम से नहीं की जा सकती। xAI और SpaceX आ सकते हैं साथ इस बीच यह खबर भी आ रही है कि मस्क अपनी दो कंपनियों xAI और SpaceX का विलय कर सकते हैं। इसके साथ-साथ इस साल के आखिर तक एक बड़े पब्लिक ऑफरिंग यानी कि IPO लाने की तैयारी भी चल रही है। दरअसल मस्क अपनी दो कंपनियों को मिलाकर खुद का सैटेलाइट नेटवर्क और अपना खुद का AI सिस्टम पाना चाहते हैं। इससे उन टेक कंपनियों को सीधी टक्कर मिलेगी जो फिलहाल AI की रेस में आगे हैं। अंतरिक्ष में डेटा प्रोसेसिंग से डेटा ट्रांसफर की स्पीड बढ़ जाएगी। इसका फायदा मस्क के बाकी के प्रोजेक्ट्स को भी मिलेगा।

एलन मस्क का बड़ा कदम: धोखाधड़ी के आरोप में ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट से 134 अरब डॉलर हर्जाना

नई दिल्ली   टेस्ला के सीईओ और एआई कंपनी एक्सएआई के फाउंडर एलन मस्क ने ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा दायर किया है। मस्क ने आरोप लगाया है कि ओपनएआई ने अपने गैर-लाभकारी उद्देश्य को छोड़ दिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी करके उनके साथ धोखा किया। एलन मस्क ने इस मामले में 79 अरब डॉलर से लेकर 134 अरब डॉलर तक के हर्जाने की मांग की है। मस्क के वकील ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में इस हर्जाने की जानकारी दी। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब एक संघीय न्यायाधीश ने ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें वे अप्रैल के अंत में होने वाले जूरी ट्रायल से बचना चाहते थे। यह मुकदमा अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के ऑकलैंड शहर में चलेगा। अदालत में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, मस्क ने साल 2015 में ओपनएआई की स्थापना में मदद की थी और उस समय 38 लाख डॉलर की शुरुआती राशि दी थी। मस्क का कहना है कि आज ओपनएआई की कीमत करीब 500 अरब डॉलर हो चुकी है और उन्हें इस मूल्य का हिस्सा मिलना चाहिए। मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने कहा कि जैसे किसी स्टार्टअप में शुरुआती निवेश करने वाला व्यक्ति बाद में बहुत बड़ा मुनाफा कमा सकता है, उसी तरह ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट ने जो गलत फायदा कमाया है, उस पर अब एलन मस्क का भी हक बनता है। एलन मस्क ने साल 2018 में ओपनएआई के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में अपनी खुद की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी शुरू की। साल 2024 में उन्होंने ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की। मस्क का आरोप है कि सैम ऑल्टमैन ने ओपनएआई को गैर-लाभकारी संस्था से मुनाफे वाली कंपनी में बदलने की योजना बनाई, जो गलत है। हालांकि, ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट ने एलन मस्क के सभी आरोपों को गलत बताया है। ओपनएआई ने अपने बयान में कहा कि एलन मस्क का मुकदमा बेबुनियाद है और यह सिर्फ कंपनी को परेशान करने की कोशिश है। कंपनी ने कहा कि वह अदालत में सच साबित करने के लिए तैयार है। ओपनएआई ने निवेशकों को पहले ही चेतावनी दी थी कि जैसे-जैसे मामला आगे बढ़ेगा, एलन मस्क इस तरह के चौंकाने वाले दावे करते रहेंगे। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। चैटजीपीटी निर्माता ओपनएआई ने अक्टूबर में अपनी कंपनी की संरचना में बदलाव की घोषणा की थी। इसके तहत माइक्रोसॉफ्ट को कंपनी में 27 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई, लेकिन गैर-लाभकारी संस्था का नियंत्रण अभी भी बना रहेगा। सैम ऑल्टमैन ने एलन मस्क के मुकदमे को कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल बताया और कहा कि इसका मकसद सिर्फ एक प्रतिस्पर्धी कंपनी की रफ्तार को धीमा करना है। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, ओपनएआई ने गलत तरीके से 65.50 अरब से 109.43 अरब डॉलर तक का फायदा कमाया, जबकि माइक्रोसॉफ्ट को 13.30 अरब से 25.06 अरब डॉलर तक का लाभ हुआ। एलन मस्क ने यह भी कहा है कि वे सिर्फ नुकसान की भरपाई ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त जुर्माने की मांग भी करेंगे।

बैकफुट पर एलन मस्‍क! भारत सरकार की सख्‍ती के बाद Grok AI के दुरुपयोग पर सख्‍त संदेश

नई दिल्ली एलन मस्‍क के ग्राेक एआई की मदद से लोगों की आपत्त‍िजनक तस्‍वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार के सख्‍त रवैये के बाद मस्‍क भी ऐसे मामलों पर बैकफुट पर द‍िखाई दे रहे हैं। शुरुआत में ऐसी तस्‍वीरों पर मजाक‍िया प्रतिक्र‍िया देने वाले मस्‍क अब कानून की दुहाई दे रहे हैं। उन्‍होंने कहा है कि Grok AI का इस्तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाने वालों को वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने वालों को मिलती है। याद रहे कि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म X से 72 घंटों के अंदर पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। क्‍या है पूरा मामला एलन मस्‍क के सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स (X) पर बीते कई दिनों से महिलाओं की अश्‍लील तस्‍वीरें बनाई जा रही थीं। हद तो तब हो गई जब एक यूजर ने एआई की मदद से मस्‍क की बिकनी पहने हुए तस्‍वीर बनाई और उसे पोस्‍ट किया। इस पोस्‍ट पर गंभीरता बरतने के बजाए मस्‍क मजे लेते हुए नजर आए, जिसने कई लोगों को गुस्‍से से भर दिया। पूरे मामले पर राज्‍यसभा सदस्‍य प्रि‍यंका चतुर्वेदी ने भी केंद्रीय मंत्री अश्चिनी वैष्‍णव को चिट्ठी लिखकर एक्‍शन लेने की मांग की थी, जिसके बाद सरकार की तरफ से एक्‍स को नोटिस भेजकर 72 घंटों में जवाब देने काे कहा गया कि कंपनी ने इस मामले में क्‍या कार्रवाई की है। कानूनी कार्रवाई का डर सरकार ने एक्‍स से कहा था कि वह अपने प्‍लेटफॉर्म से सभी आपत्‍त‍िजनक कंटेंट को हटाए। ऐसा नहीं किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, एक्‍स को कानूनी कार्रवाई का डर सता रहा था। X पर पोस्‍ट हो रहे ऐसे कंटेंट पर एलन मस्‍क ने प्रतिक्र‍िया देते हुए लिखा (ref.) कि जो भी ग्रोक का इस्‍तेमाल करके गैरकानूनी कंटेंट बनाता है उसे वही सजा मिलेगी जो गैरकानूनी कंटेंट अपलोड करने पर मिलती है। यह भी कहा गया था कि कुछ लोग कह रहे हैं कि ग्रोक गलत तस्‍वीरें बना रहा है। यह ऐसा है कि किसी मामले में कुछ बुरा लिखने के लिए पेन को दोषी ठहराया जाए। पेन खुद यह तय नहीं करता कि क्‍या लिखा जाए। ग्रोक भी यही करता है। जो उससे कहा जाता है, वही वो करता है। पहले भी विवादों में रहा है ग्रोक एआई चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी एआई के मुकाबले ग्रोक एआई अपने जवाबों से विवादों में रहा है। प‍िछले साल उसने तमाम नेताओं और मंत्र‍ियों को कोसा था। यहां तक कि उनके लिए गाली और अभद्र भाषा का इस्‍तेमाल किया था। तब भी ग्रोक एआई को लेकर विवाद हुआ था। अपने विवादित बयानों में Grok, इस्राइल और अमेरिका पर गाजा में नरसंहार करने का आरोप लगा चुका है। Grok ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत और एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट्स का हवाला दिया। इसके अलावा Grok ने ट्रंप को इशारों ही इशारों में पीडोफाइल तो नेतन्याहू को वॉर क्रिमिनल बता दिया था।

एलन मस्क से टकराव के बीच मादुरो का बड़ा दांव: गिरफ्तारी पर ट्रंप को सराहा, देश में 1 महीने इंटरनेट फ्री

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी है। मस्क ने इस सैन्य सफलता को पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी जीत करार देते हुए कहा कि यह दुनिया भर के तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। इससे पहले फरवरी 2025 में एलन मस्क ने तर्क दिया था कि अमेरिका को दूसरे देशों में शासन परिवर्तन की कोशिश करने के बजाय अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान देना चाहिए।   शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी थी कि अमेरिकी सेना ने एक गुप्त अभियान में निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने ट्वीट किया, "बधाई हो राष्ट्रपति ट्रंप! यह पूरी दुनिया के लिए एक जीत है और हर जगह मौजूद दुष्ट तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट संदेश है। वेनेजुएला अब उस समृद्धि और खुशहाली का हकदार है, जिसकी उसे प्रतीक्षा थी।" फ्री इंटरनेट इसके साथ ही मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने वेनेजुएला के नागरिकों के लिए एक महीने (3 फरवरी 2026 तक) के लिए मुफ्त इंटरनेट सेवा देने का भी ऐलान किया है, ताकि वहां के लोग दुनिया से जुड़े रह सकें। आपको बता दें कि एलन मस्क और निकोलस मादुरो के बीच पिछले काफी समय से कड़वाहट रही है। मादुरो ने मस्क को अपना 'कट्टर दुश्मन' बताया था और वेनेजुएला में 'X' पर प्रतिबंध भी लगाया था। मस्क लगातार मादुरो को तानाशाह कहते रहे हैं और वहां के विपक्ष का समर्थन करते आए हैं। मस्क का यह ताजा बयान उनके उसी पुराने रुख की पुष्टि करता है। निकोलस मादुरो की यह गिरफ्तारी अमेरिका द्वारा उन पर रखे गए इनाम को दोगुना करने के कुछ महीने बाद हुई है। अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी में उनकी कथित भूमिका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने उन पर 50 मिलियन डॉलर (लगभग 415 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी पर अब अमेरिका में 'नार्को-टेररिज्म' से जुड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मस्क के साथ-साथ कई अन्य वैश्विक नेताओं ने भी इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जबकि वेनेजुएला के भीतर इसे लेकर तनाव बना हुआ है।  

स्पेसएक्स और टेस्ला से बढ़ी संपत्ति: एलोन मस्क का नया 600 अरब डॉलर का रिकॉर्ड

न्यूयॉर्क दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk ) ने एक बार फिर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। फोर्ब्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को उनकी कुल संपत्ति 600 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करते हुए करीब 677 अरब डॉलर तक पहुंच गई। यह उपलब्धि अब तक किसी भी इंसान ने हासिल नहीं की थी। स्पेसएक्स बनी दौलत बढ़ने की सबसे बड़ी वजह मस्क की नेटवर्थ में आई इस जबरदस्त उछाल के पीछे उनकी स्पेस कंपनी स्पेसएक्स की अहम भूमिका रही। हाल ही में कंपनी की वैल्यूएशन बढ़कर करीब 800 अरब डॉलर हो गई है। मस्क के पास स्पेसएक्स में लगभग 42 फीसदी हिस्सेदारी है, जिससे केवल वैल्यूएशन बढ़ने के कारण ही उनकी संपत्ति में करीब 168 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। गौरतलब है कि अक्टूबर में मस्क 500 अरब डॉलर की नेटवर्थ पार करने वाले पहले व्यक्ति बने थे और अब उन्होंने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 2026 में आ सकता है स्पेसएक्स का आईपीओ स्पेसएक्स की यह नई वैल्यूएशन एक टेंडर ऑफर के जरिए सामने आई है, जो अगस्त के मुकाबले दोगुनी बताई जा रही है। कंपनी की योजना 2026 में आईपीओ लाने की है, जिसे अब तक की सबसे बड़ी लिस्टिंग माना जा रहा है। टेस्ला ने भी बढ़ाया मस्क का खजाना मस्क की दौलत बढ़ाने में उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला का भी योगदान रहा। साल 2025 में अब तक टेस्ला के शेयर करीब 13 फीसदी चढ़ चुके हैं। मस्क के पास कंपनी में लगभग 12 फीसदी हिस्सेदारी है। सोमवार को टेस्ला के शेयरों में करीब 4 फीसदी की तेजी देखी गई, जब मस्क ने बताया कि कंपनी की रोबोटैक्सी तकनीक का परीक्षण हो रहा है, जिसमें अब आगे की सीट पर सेफ्टी मॉनिटर की जरूरत नहीं पड़ रही। ट्रिलियन डॉलर का पे पैकेज नवंबर में टेस्ला के शेयरहोल्डर्स ने मस्क के लिए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के पे पैकेज को मंजूरी दी थी। यह कॉरपोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वेतन पैकेज माना जा रहा है। निवेशकों का मानना है कि मस्क टेस्ला को सिर्फ ईवी कंपनी नहीं, बल्कि एआई और रोबोटिक्स की दिग्गज बनाने की दिशा में ले जा रहे हैं। xAI भी चर्चा में एलन मस्क की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI भी सुर्खियों में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 15 अरब डॉलर की नई फंडिंग जुटाने की बातचीत कर रही है, जिससे इसकी वैल्यूएशन करीब 230 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने की ओर इस पूरे घटनाक्रम पर मस्क, टेस्ला, स्पेसएक्स या xAI की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि बाजार और निवेशकों में जबरदस्त उत्साह है। मस्क की संपत्ति अब दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति से सैकड़ों अरब डॉलर आगे निकल चुकी है और वे तेजी से दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने की दिशा में बढ़ते नजर आ रहे हैं।

इतिहास रचने के करीब एलन मस्क: 600 अरब डॉलर से आगे बढ़ी नेटवर्थ, ट्रिलियनेयर बनने की दौड़ में सबसे आगे

नई दिल्ली  टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बनने की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और ऐसे कई फैसले ले रहे हैं, जिससे वह यह उपलब्धि आने वाले कुछ वर्षों में ही हासिल कर सकते हैं। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मस्क की कंपनी स्पेसएक्स 800 अरब डॉलर की वैल्यू पर टेंडर ऑफर लाने की तैयारी कर रही है। इससे मस्क की नेटवर्थ 168 अरब डॉलर बढ़कर 677 अरब डॉलर होने का अनुमान है। फोर्ब्स के मुताबिक, मस्क दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी संपत्ति 600 अरब डॉलर से अधिक हो गई है। इसके साथ ही स्पेसएक्स अगले साल 1.5 ट्रिलियन डॉलर पर इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है, जिससे मस्क की संपत्ति में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। मस्क के पास इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला में 12 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसकी वैल्यू 197 अरब डॉलर है, जिसमें स्टॉक ऑप्शन शामिल नहीं है। इसके अलावा, मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई होल्डिंग्स 230 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर नई फंडिंग जुटाने जा रही है और मस्क की इस कंपनी में हिस्सेदारी 53 प्रतिशत है और जिसकी वैल्यूएशन करीब 60 अरब डॉलर है। सितंबर 2021 में मस्क 200 अरब डॉलर की संपत्ति का आंकड़ा पार करने वाले तीसरे व्यक्ति बने थे। नवंबर 2021 में उनकी कुल संपत्ति 300 अरब डॉलर, दिसंबर 2024 में 400 अरब डॉलर और अक्टूबर में 500 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। इस महीने की शुरुआत में, मस्क ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि स्पेसएक्स 800 अरब डॉलर की फंडिंग जुटा रही है या नासा उनकी अंतरिक्ष कंपनी को सब्सिडी दे रही है। फोर्ब्स के मुताबिक, मस्क के बाद संपत्ति के मामले में दूसरे स्थान पर गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज हैं, जिनकी संपत्ति 253 अरब डॉलर है। तीसरे स्थान पर 235 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ लैरी एलिसन हैं।

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर 1257 करोड़ का जुर्माना, यूरोपीय संघ का कड़ा कदम

 लंदन यूरोपीय संघ के नियामकों ने शुक्रवार को एलन मस्क के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर डिजिटल नियमों का पालन न करने के लिए 12 करोड़ यूरो (लगभग 14 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया। यूरोपीय आयोग ने यह निर्णय दो साल पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद लिया है। यह जांच 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के डिजिटल सेवा अधिनियम (डीएसए) के तहत की गई थी। ⁠डीएसए एक व्यापक कानून है जो सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मंच से कहता है कि यूरोप के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए वे ज्यादा जिम्मेदारी लें और अपनी साइट पर आने वाली हानिकारक या गैर-कानूनी सामग्री तथा उत्पादों को तुरंत हटाएं। अगर वे ऐसा नहीं करते तो बहुत भारी जुर्माना लग सकता है। आयोग ने कहा कि वह सोशल मीडिया मंच एक्स को डीएसए की पारदर्शिता आवश्यकताओं के तीन अलग-अलग उल्लंघनों के कारण दंडित कर रहा है। नियामकों ने कहा कि ‘एक्स’ के नीले टिक निशान नियमों का उल्लंघन करते हैं क्योंकि उनका भ्रामक डिजाइन उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी और गलत जानकारी के जोखिम में डाल सकता है।

AI इनसाइक्लोपीडिया Grokipedia का नया नाम जल्द, एलन मस्क ने पुष्टि की

मुंबई  टेक दिग्गज एलन मस्क ने इस बात की जानकारी दी है कि AI-संचालित इनसाइक्लोपीडिया Grokipedia का नाम अस्थायी है, जिसे उनकी कंपनी आगे बदल सकती है. गौरतलब है कि xAI ने पिछले महीने 'सच, संपूर्ण सच और केवल सच' प्राप्त करने के उद्देश्य से AI-जनित  इनसाइक्लोपीडिया लॉन्च किया था. Grokipedia के शुरुआती लॉन्च के कुछ ही हफ़्तों बाद, एलन मस्क ने इस बात की पुष्टि की है कि भविष्य में इस प्लेटफ़ॉर्म का नाम बदल दिया जाएगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने बताया कि, "जब Grokipedia काफ़ी अच्छा हो जाएगा (अभी काफ़ी समय बाकी है), तो हम इसका नाम बदलकर एनसाइक्लोपीडिया Galactica कर देंगे. उन्होंने आगे बताया कि, "यह ऑडियो, इमेज और वीडियो सहित सभी ज्ञान का एक ओपन-सोर्स संग्रह होगा. अलेक्जेंड्रिया लाइब्रेरी का विज्ञान-कथा संस्करण बनाने में मदद के लिए @xAI से जुड़ें!" एलन मस्क ने Grokipedia के साथ मिलकर मानव जाति को मंगल और उससे भी आगे ले जाने के अपने मिशन में भी हिस्सा लिया. उन्होंने आगे कहा कि, "इसकी प्रतियां पत्थर पर उकेरी जाएंगी और चांद, मंगल और उससे भी आगे भेजी जाएंगी. इस बार, यह खोई नहीं जाएगी." नाम बदलने के प्रयास के साथ, एलन मस्क एक बार फिर विज्ञान कथा के प्रति अपने प्रेम को दिखा रहे हैं. द इनसाइक्लोपीडिया Glactica एक काल्पनिक, आकाशगंगा-व्यापी संदर्भ पुस्तक है, जिसे आइज़ैक असिमोव की फाउंडेशन सीरीज में प्रस्तुत किया गया है. बता दें कि एलन मस्क पहले भी कई बार असिमोव की प्रशंसा कर चुके हैं और सभ्यता, तकनीक और मानवता के दीर्घकालिक अस्तित्व के बारे में अपनी सोच को आकार देने का श्रेय लेखक को दे चुके हैं. यहां तक कि एलन मस्क का Grok AI चैटबॉट भी 'द हिचहाइकर गाइड टू द गैलेक्सी' से अपना व्यक्तित्व संदर्भ लेता है. कंपनी ने Grok के लिए अपनी घोषणा पोस्ट में कहा कि चैटबॉट का उद्देश्य 'कुछ हद तक बुद्धिमता और विद्रोही स्वभाव के साथ सवालों के जवाब देना' है, जैसा कि इस उपन्यास में काल्पनिक गाइड में है. क्या है Grokipedia? यह AI-संचालित इनसाइक्लोमीडिया, एलन मस्क के xAI द्वारा विकसित चैटबॉट, Grok की पावर पर चलता है. विकिपीडिया के विपरीत, Grokipedia के लेख मानव संपादकों द्वारा नहीं लिखे जाते हैं. इसके बजाय, ग्रोक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) इन पृष्ठों पर दी गई जानकारी की 'फैक्ट चेक' करता है, और यूजर इनमें कोई सीधा एडिट नहीं कर सकते हैं. हालांकि, Grokipedia के लॉन्च के तुरंत बाद, कई यूजर्स ने बताया कि प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद अधिकांश सामग्री लगभग Wikipedia से हूबहू कॉपी की गई थी.