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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर किया पोस्ट- गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति-पत्र

2017 से पहले भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश-पहुंच की होती थी चर्चा: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति-पत्र  विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की हो चुकी सीधी भर्ती: सीएम उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी बढ़ रही आगे: मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद आई सकारात्मक खेल संस्कृति से युवाओं व नागरिकों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मैदान में मेधा, उपलब्धि पर सम्मान और प्रतिभा को राष्ट्र सेवा का अवसर, यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई खेल संस्कृति है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले खिलाड़ियों की अनदेखी व 2017 के बाद नई खेल नीति की भी चर्चा की।  गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को दिए जाएंगे नियुक्ति-पत्र  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि इसी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए आज उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) एवं 132 आरक्षी (पीएसी) सहित कुल 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 2017 से पहले उपेक्षित था खेल कोटा मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज खिलाड़ियों के लिए खुल रहे सरकारी सेवा के द्वार उस बदलाव की तस्वीर भी हैं, जो उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 के बाद देखी है। इससे पहले खेल कोटा उपेक्षित था और भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश व पहुंच की चर्चा होती थी। डबल इंजन सरकार ने खिलाड़ियों को रोजगार और सुरक्षित भविष्य से जोड़ा मुख्यमंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने खेल प्रतिभाओं को रोजगार व सुरक्षित भविष्य से जोड़ा है। इसी का परिणाम है कि विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित खिलाड़ियों को उनके स्वर्णिम भविष्य हेतु अनंत शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

CM योगी और हिमंता बिस्वा सरमा ने काशी में किए बाबा विश्वनाथ और काशी कोतवाल के दर्शन

मुख्यमंत्री योगी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने काशी कोतवाल और बाबा विश्वनाथ का किया दर्शन-पूजन वाराणसी  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। दोनों मुख्यमंत्री ने बाबा काल भैरव और बाबा विश्वनाथ का पूजन-अर्चन कर राष्ट्र के सुख, समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और  असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा  सबसे पहले काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आरती की । इसके बाद दोनों मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और गर्भगृह में जाकर  जलाभिषेक किया और षोडशोपचार पूजन कर लोक कल्य़ाण की कामना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काल भैरव मंदिर में मौजूद बच्चों को स्नेह के साथ चॉकलेट दी।

गोमती के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित इलाकों में योगी सरकार का राहत अभियान तेज

लखनऊ गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में योगी सरकार के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य लगातार तेज किए जा रहे हैं। बुधवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने पूरे दिन जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में रहकर राहत व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने जोन-6 के सैठा तथा जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर समेत विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। 12 अस्थायी रैन बसेरों में प्रभावित परिवारों को आश्रय नगर आयुक्त ने जलभराव की स्थिति के साथ नावों के संचालन, पेयजल, स्वच्छता, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और राहत सुविधाओं की समीक्षा की। प्रभावित इलाकों में करीब 20 पानी के टैंकर भेजे गए हैं। साथ ही 10 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल भी उपलब्ध कराया गया है। जलभराव प्रभावित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं, इनमें दाउद नगर में 10 तथा लोहरामऊ और मिल्लत नगर में एक-एक अस्थायी रैन बसेरा शामिल है। जबकि जोन-6 में करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 26 लोग रैन बसेरे में रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं। रैन बसेरों में बेड, फोल्डिंग, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट की सुविधा दी गई है। प्रभावित इलाकों में 90 नावों से रेस्क्यू अभियान राहत कार्यों के तहत जिला प्रशासन की 90 नावें प्रभावित क्षेत्रों में संचालित हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं। दाउद नगर में दो शिफ्टों में 25-25 कर्मचारियों तथा लोहरामऊ और मिल्लत नगर में 25-25 कर्मचारियों को लगाया गया है। जोन-6 के सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज सहित विभिन्न क्षेत्रों में नावों एवं स्टीमर से लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य जारी है। लक्ष्मी हॉस्पिटल के पीछे एक नाव विशेष रूप से राहत सामग्री वितरण के लिए लगाई गई है। 250 सफाईकर्मियों के साथ फॉगिंग अभियान तेज स्वच्छता और बीमारी से बचाव के लिए यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी लगातार काम कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा चुका है। इसमें जोन-3 और जोन-6 के क्षेत्र शामिल हैं। जलभराव वाले ऐसे स्थानों, जहां सामान्य मशीनों से पहुंचना कठिन है, वहां ड्रोन के माध्यम से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों के अलावा एलएसए की दो बड़ी मशीनों से भी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। अस्थायी भंडार केंद्र का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती युनिवर्सिटी में बनाए गए अस्थायी भंडार केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था देखी तथा सामग्री के व्यवस्थित रख-रखाव और आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों तक समय से पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। पानी उतरते ही शुरू होगा विशेष सफाई अभियान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान राहत कार्यों के साथ ही जलस्तर कम होने के बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी भी पूरी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए अलग-अलग टीमें निर्धारित की जा रही हैं। पानी उतरते ही इन टीमों द्वारा सड़कों और बस्तियों में जमा कीचड़, कचरे एवं गंदगी की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा और आवश्यक दवाओं का छिड़काव तथा फॉगिंग कराया जाएगा। इसका उद्देश्य जलभराव के बाद संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों के संभावित प्रसार को नियंत्रित करना है।

ट्रैफिक प्रॉब्लम से बचा सकती है क्वांटम तकनीक, यूपीएसआईएफएस में छात्रों ने प्रस्तुत किए प्रेजेंटेशन

लखनऊ प्रदेश की तकनीक आधारित फॉरेंसिक शिक्षा को योगी सरकार लगातार बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) लखनऊ में बुधवार को क्वांटम टेक्नोलॉजी पर स्टेज प्रेजेंटेशन आयोजित किया गया। इसमें संस्थान के लॉ, बीटेक और एमटेक के छात्र-छात्राओं ने भविष्य की योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी और विशेषज्ञों से नई तकनीक की बारीकियां सीखीं। छात्र-छात्राओं के समूहों ने ‘डिस्कवरी एवं क्वांटम कंप्यूटिंग के माध्यम से यातायात समस्या का समाधान’ विषय पर विषय विशेषज्ञ डॉ. पवन शर्मा और हेराल्ड डी कोस्टा के समक्ष प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण के दृष्टिगत वाहनों का आइडल टाइम कम करके सीओटू (CO2) उत्सर्जन और ईंधन की खपत घटाने तथा ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के विषय पर भी प्रकाश डाला। सुरक्षा और रियल-टाइम स्पीड के लिए TLS 1.3 एन्क्रिप्शन और GDPR नियमों के साथ डेटा सुरक्षित रखते हुए सेकंडों में सटीक रूट तय करने की प्रक्रिया भी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही फॉरेंसिक व इमरजेंसी लॉजिस्टिक्स के तहत भविष्य में एंबुलेंस, पुलिस और फॉरेंसिक सेवाओं के लिए प्राथमिकता वाले ट्रैफिक रूट तैयार करने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।  विषय विशेषज्ञ और आईटी एक्सपर्ट (यूएसए) डॉ. पवन शर्मा ने कहा कि संस्थान की ओर से छात्र-छात्राओं को जो तकनीकी माहौल दिया जा रहा है, वह काबिले तारीफ है। छात्र-छात्राओं ने टेक्नोलॉजी विषय पर अपनी अद्भुत पकड़ बनाई है और आज के प्रेजेंटेशन में उनकी दक्षता प्रदर्शित हो रही है।   संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित फॉरेंसिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस तरह के कार्यक्रम से युवा पीढ़ी का ज्ञानवर्धन होता है तथा बच्चे दुनिया में होने वाले तकनीकी प्रयोगों (क्वांटम टेक्नोलॉजी लॉ विथ लैब) से रूबरू होते हैं। उन्होंने विषय विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुतियों के लिए टीमों की सराहना की।  डॉ. गोस्वामी ने कहा कि इन प्रयोगों के माध्यम से क्वांटम चिप्स बनेंगी, जो फॉरेंसिक साइंस एंड एप्लीकेशन (क्वांटम क्रिप्टोग्राफी) में प्रभावशाली होंगी। उन्होंने तकनीक के लाभ और भविष्य के लक्ष्य तथा ‘ट्रैफिक कंजेशन’ जैसी गंभीर समस्या के समाधान के विषय पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थान क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में अग्रणी होकर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में अपर निदेशक संजीव सुमन, उप निदेशक चिरंजीव मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. निमिशा, डॉ. सेंथिल शिवासुब्रमण्यम सहित जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी आदि उपस्थित रहे।

योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी में तेजी से बन रहे सुरक्षित और सुविधाजनक पिंक टॉयलेट

योगी सरकार तेजी से बना रही सुरक्षित और सुविधाजनक पिंक टॉयलेट 189 नगरीय निकायों में 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण की प्रक्रिया प्रगति पर प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक बनाए जा चुके हैं 950 पिंक टॉयलेट स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत महिला केंद्रित स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार बाजारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर विकसित किए जा रहे पिंक टॉयलेट लखनऊ, शहरी स्वच्छता व्यवस्था को अधिक समावेशी और महिला केंद्रित बनाने के लिए योगी सरकार ने महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में पिंक टॉयलेट विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब तक करीब 950 पिंक टॉयलेट बनाए जा चुके हैं।  महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित हो रहे पिंक टॉयलेट विभागीय जानकारी के मुताबिक, 189 नगरीय निकायों में करीब 275 पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण कार्य संबंधित प्रक्रिया प्रगति पर है। इन ब्लॉक्स में कुल 1,100 सीटें होंगी। वर्ष 2025 में प्रदेश के नगरीय निकायों में पिंक टॉयलेट ब्लॉक्स के निर्माण का आवंटन किया गया था। इन पिंक टॉयलेट्स को विशेष रूप से महिला उपयोगकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है।  जेंडर-फ्रेंडली स्वच्छता सुविधाओं के साथ रखरखाव पर विशेष फोकस शहरों के बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अलग, सुरक्षित और सुविधाजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नगर विकास विभाग का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए बेहतर स्वच्छता सुविधाएं शहरी जीवन की आवश्यक जरूरतों में शामिल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों को जेंडर-फ्रेंडली स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मौजूदा स्वच्छता परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव और उपयोग योग्य स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पिंक टॉयलेट्स से शहरी स्वच्छता व्यवस्था बनी अधिक सुरक्षित और समावेशी सरकार की इस पहल के तहत महिलाओं और बालिकाओं को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता व्यवस्था में उनकी आवश्यकताओं को केंद्र में रखने का प्रयास किया जा रहा है। पिंक टॉयलेट्स के विस्तार से शहरों में महिला-अनुकूल सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा तथा नगरीय स्वच्छता व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, सम्मानजनक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। महिलाओं की सुविधा के अनुसार बनेंगे पिंक शौचालय नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवश्यकतानुसार पिंक शौचालयों के निर्माण के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिन नगरीय निकायों में इसकी आवश्यकता होगी, वहां मांग के अनुसार पिंक शौचालयों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर विकास विभाग तत्पर है।

यीडा क्षेत्र में निवेश को नई रफ्तार, 25 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट

ग्रेटर नोएडा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को लगातार मजबूती मिल रही है। इसी क्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में बुधवार को 25 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से करीब ₹3,155 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जबकि लगभग 95 एकड़ भूमि पर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। इनसे 9,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।  कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश यीडा की ओर से जारी एलओआई में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सबसे अधिक 11 कंपनियां सेक्टर-8डी के जनरल इंडस्ट्री क्षेत्र में निवेश करेंगी। इसके अलावा सेक्टर-29 में 8 कंपनियों को एलओआई दिया गया है। इनमें 3 कंपनियां अपैरल पार्क, एक हैंडीक्राफ्ट पार्क और चार कंपनियां जनरल इंडस्ट्री में स्थापित होंगी। इसी तरह एक कंपनी मेडिकल डिवाइस पार्क, तीन कंपनियां मिक्स्ड लैंड यूज और दो कंपनियां प्रस्तावित फार्मा पार्क में निवेश करेंगी। इस तरह प्रस्तावित निवेश के जरिए पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ मेडिकल डिवाइस और फार्मा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।  योगी सरकार की निवेश नीति को मिल रहा परिणाम उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। यीडा क्षेत्र में सामने आए ये निवेश प्रस्ताव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ₹3,155 करोड़ का प्रस्तावित निवेश और 9 हजार से अधिक रोजगार के अवसर इस बात का प्रमाण है कि यीडा क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार सृजन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। करीब 95 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित ये परियोजनाएं क्षेत्र में नए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और आर्थिक गतिविधियों को गति देंगी।  यीडा बन रहा निवेश और रोजगार का नया केंद्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने की नीति का प्रभाव यीडा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, विकसित हो रहा औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न सेक्टरों के लिए तैयार किए जा रहे विशेष औद्योगिक पार्क यीडा को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बना रहे हैं। हालिया 25 एलओआई इसी बढ़ते निवेश विश्वास की नई कड़ी हैं, जो आने वाले समय में क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को और गति देने की क्षमता रखते हैं।

नौकरी तलाशने से आगे बढ़कर समाधान प्रस्तुत कर रहे युवा, यूपी राइज में दिखी नई सोच

ग्रेटर नोएडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन में युवाओं की ऊर्जा और नवाचार को अवसरों से जोड़ने पर जोर है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यूपी राइज ने युवाओं को अपनी नई सोच को समाधान और स्टार्टअप के रूप में सामने रखने का मंच दिया। बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा युनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में किसी युवा ने पशुओं के घाव के उपचार को आसान बनाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट हाइड्रोजेल तैयार किया तो किसी ने कारोबारियों और कुशल वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच दूरी कम करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया। युवाओं के इन आइडिया में समस्या की पहचान के साथ उसके व्यावहारिक समाधान और रोजगार के नए अवसर तलाशने की सोच भी दिखाई दी। यूपी राइज के दौरान युवाओं ने अपने नवाचारों को मेंटर्स के सामने प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, संभावित चुनौतियों और भविष्य में बड़े स्तर पर लागू करने की संभावनाओं को लेकर प्रतिभागियों से सवाल किए। इससे युवाओं को अपने आइडिया को सिर्फ प्रस्तुति तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यावहारिक रूप देने की दिशा में सोचने का अवसर मिला। घाव के उपचार को आसान बनाने का प्रयास, रिएक्ट हाइड्रोजेल अव्वल प्रतियोगिता में रिएक्ट हाइड्रोजेल स्टार्टअप की फाउंडर इरम जहां के प्रोजेक्ट को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया। इरम ने बताया कि उन्होंने एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले हाइड्रोजेल पर काम किया है। इसका उद्देश्य पशुओं में होने वाले घावों के उपचार की प्रक्रिया को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि अभी घाव के उपचार में अलग-अलग दवाओं और एंटीबायोटिक के इस्तेमाल की जरूरत पड़ सकती है। उनका विकसित हाइड्रोजेल इस प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में तैयार किया गया है। इरम का प्रोजेक्ट इस मायने में खास रहा कि इसमें पशु स्वास्थ्य से जुड़ी एक व्यावहारिक समस्या के लिए उत्पाद आधारित समाधान प्रस्तुत किया गया। मेंटर्स के सामने उन्होंने इसके उपयोग और संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सही प्रतिभा को सही कारोबार से जोड़ेगा ‘साथी’ रनर-अप पुरस्कार फालिया और उनके साथी ताबिश के स्टार्टअप ‘साथी’ को मिला। दोनों ने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो उद्यमियों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच ब्रिज का काम करेगा। फालिया ने बताया कि आज कारोबारियों को अपने संस्थान के लिए कुशल लोगों की जरूरत होती है, जबकि वर्किंग प्रोफेशनल्स बेहतर अवसर तलाशते हैं। ‘साथी’ दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेगा। फालिया ने बताया कि उनका प्रयास सही कौशल वाले व्यक्ति को सही कारोबारी अवसर से जोड़ने का है। इससे कारोबारियों को प्रतिभा तलाशने और प्रोफेशनल्स को अपनी क्षमता के अनुरूप अवसर पाने में मदद मिल सकती है। सवालों से परखी गई नवाचार की जमीन कार्यक्रम में युवाओं ने अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं के बारे में मेंटर्स को जानकारी दी। मेंटर्स ने प्रतिभागियों से उनके आइडिया की व्यावहारिकता, संभावित चुनौतियों और उसे बड़े स्तर पर लागू करने की योजना को लेकर सवाल किए। उज्ज्वल सिंह, विश्व शर्मा, पंकज जैन और मनीष नाथ ने मेंटर की भूमिका निभाई। प्रतिभागियों के लिए यह संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा कि उन्हें अपने आइडिया को विशेषज्ञों की कसौटी पर परखने और उसके व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला। नवाचार को उत्पाद, सेवा या स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए किन पहलुओं पर काम करना होगा, इस पर भी चर्चा हुई। युवाओं को नए अवसर मिलने से बदलेगी तस्वीर : खारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्टोरी टेलर और इनफ्लुएंसर परितोष आनंद रहे। शारदा युनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. सिबाराम खारा ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी युवा आबादी है, जो ऊर्जा और नई सोच से भरी हुई है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में युवाओं को दिशा और नए अवसर मिल रहे हैं, जिसका प्रभाव आने वाले समय में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और इसमें युवाओं की भागीदारी अहम है। 'शक्ति क्षेत्र’ में योजनाओं और अवसरों की जानकारी कार्यक्रम में ‘शक्ति क्षेत्र’ में विभिन्न स्टॉल लगाए गए। यहां युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और अवसरों की जानकारी दी गई। उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों से भी प्रतिभागियों को परिचित कराया गया। यूपी राइज का यह मंच प्रतियोगिता से आगे युवाओं को अपनी सोच को परखने का अवसर देता नजर आया। स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का समाधान हो या रोजगार और कारोबार के बीच बेहतर समन्वय बनाने का प्रयास, युवाओं ने अपने आइडिया के जरिए यह दिखाया कि कैंपस में तैयार हो रही नई सोच को व्यावहारिक समाधान में बदला जा सकता है। सरकार की ओर से उपलब्ध अवसर और ऐसे मंच इस सोच को स्टार्टअप और आगे चलकर रोजगार सृजन से जोड़ने की राह तैयार कर रहे हैं।

काशी में ‘नमो बुक फेस्ट’ का शुभारंभ, पीएम मोदी पर 500 से अधिक किताबों की लगी प्रदर्शनी

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पदों पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर काशी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय ‘नमो बुक फेस्ट’ का बुधवार को शुभारंभ हुआ। फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और विभिन्न संवैधानिक पदों पर उनके 25 वर्षों के कार्यकाल से जुड़ी पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी ‘नमो बुक फेस्ट’ में पहुंचे। उनके साथ जापान के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे भी फेस्ट में शामिल हुई। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई 500 से अधिक किताबों को देखकर अकी आबे ने विशेष रुचि दिखाई। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई विभिन्न पुस्तकों का अवलोकन किया । फेस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, विचारों, सार्वजनिक दायित्वों और विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान से संबंधित पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया है। ‘नमो बुक फेस्ट’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत सीएमपीपीआर (काउंसिल फॉर मीडिया एंड पब्लिक पॉलिसी रिसर्च) के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने किया। दो दिवसीय इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े साहित्य और पुस्तकों के माध्यम से उनके 25 वर्षों के संवैधानिक सफर को प्रस्तुत किया जा रहा है।

कभी यूपी में अराजकता के तांडव की दिखती थी डरावनी तस्वीर, अब माफिया मिट्टी में मिल गएः सीएम योगी

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 वर्ष में बदली काशी व 10 वर्ष में बदले यूपी का आईना देशवासियों को दिखाया। वडनगर से काशी आए बाइकर्स व अतिथियों से संवाद करते हुए मेजबान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यूपी में 10 वर्ष पहले माफिया जहां खड़ा हो जाता था, वह जमीन उसकी हो जाती थी। जिस जमीन पर सपाई की नजर पड़ गई, वह उसकी हो जाती थी। सूर्यास्त के बाद बेटी बाहर नहीं निकल सकती थी, व्यापारी भय के साये में जीने को मजबूर थे। त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। यूपी में अराजकता के तांडव की डरावनी तस्वीर दिखती थी, लेकिन पीएम मोदी के मार्गदर्शन में माफिया अब मिट्टी में मिल गए। विरासत के रूप में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, भव्य-दिव्य कुंभ, मथुरा-वृंदावन की चहलपहल नए भारत के नए यूपी की पहचान बन गई है।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुजरात के वडनगर से काशी तक निकली बाइक सेवा यात्रा के समापन समारोह को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान पर मनमोहक रंगोली के समक्ष छात्राओं संग फोटो भी खिंचवाई। सेवा संकल्प पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई।  7 अक्टूबर 2001 को गुजरात की धरती पर हुआ करिश्माई नेतृत्व का आगमन  सीएम योगी ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात की धरती पर करिश्माई नेतृत्व का आगमन हुआ। उस समय गुजरात आपदा से त्रस्त था। भुज के भूकंप ने पूरे देश को कंपा दिया था। लोग गुजरात को लेकर चिंतित थे। उस दौरान मैंने भी गुजरात जाकर देखा कि कई महीने तक भूकंप के झटके आए। इसके बावजूद मोदी जी के करिश्माई नेतृत्व में गुजरात फिर उठ खड़ा हुआ।  मोदी जी ने गुजरात को मॉडल स्टेट के रूप में चमकाया सीएम योगी ने कहाकि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (अब प्रधानमंत्री) ने गुजरात को मॉडल स्टेट के रूप में चमकाया। उस दौरान कुछ लोगों ने दुस्साहस करते हुए उजड़े हुए गुजरात की सुरक्षा पर सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मुंह की खानी पड़ी। ठीक उसी तरह आज पूरा भारत सुरक्षित, समृद्ध, वैश्विक मानचित्र पर ताकत के रूप में उभरा है।  सीएम योगी ने दी पीएम मोदी को बधाई मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के सफलतम 25 वर्ष पूरे होने पर सीएम योगी ने प्रदेशवासियों की तरफ से पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरा भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के अहर्निश कार्यकाल को उत्सव के रूप में मना रहा है। मेजबान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी की जन्मभूमि वडनगर से कर्मभूमि वाराणसी में आए अतिथियों का स्वागत किया।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना तब पूरी होगी, जब हर जनपद, कस्बा, गांव, राज्य प्रयास करते हुए आत्मनिर्भर व विकसित होने की संकल्पना को पूरा कर सके।  ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना का अहसास करा रही यात्रा सीएम योगी ने कहा कि वडनगर से काशी की यह यात्रा पीएम के 25 वर्ष के सेवा संकल्पों का अभिनंदन करने का अवसर है। यह यात्रा पीएम मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना का भी अहसास करा रही है। काशी विश्वनाथ से मां गंगा का जल लेकर हाटकेश्वर महादेव और गुजरात की नदियों का जल भगवान विश्वनाथ को समर्पित करने 10 राज्यों से होते हुए गर्मी, बरसात व अन्य परिस्थितियों का सामना करते हुए बाइकर्स काशी की धरा पर आए हैं।  राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अभियान ने प्राप्त की ऊंचाई सीएम योगी ने विश्वास जताया कि युवाओं की ऊर्जा भारत को 2047 तक विकसित करने के लिए लगेगी। उन्होंने कहाकि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान का जो कार्यक्रम तय किया है, वह ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। सीएम योगी ने युवाओं से अपील की कि राष्ट्रीय अध्य़क्ष का संदेश लेकर आगामी कार्यक्रमों के लिए खुद को तैयार करें।  समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा, वडोदरा के सांसद व भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमांग जोशी, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री/ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सुरेंद्र पटेल, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र आदि मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर; कई जिलों को मिले नए SP

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. शासन ने एडीजी से लेकर एसपी स्तर तक के 20 IPS अधिकारियों का तबादला किया है. इस फेरबदल में कई जिलों के कप्तान बदले गए हैं. बाराबंकी, बस्ती, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, हापुड़ और जालौन समेत कई जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है।  इन जिलों के बदले गए एसपी तबादला सूची के मुताबिक सतीश गणेश को ADG क्राइम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं भगवान स्वरूप को ADG टेक्निकल के साथ ADG क्राइम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।  जिलों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. रवीना त्यागी को बाराबंकी का SP, ओमवीर सिंह को बस्ती का SP और ए राजा को बलिया का SP बनाया गया है. वहीं सर्वेश मिश्रा को मऊ और विनय कुमार सिंह को गाजीपुर की कमान सौंपी गई है।  इन बड़े जिलों में कप्तानों का फेरबदल     बागपत के SP सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बनाया गया है.      मुजफ्फरनगर के वर्तमान SSP संजय कुमार को सेनानायक, 04वीं वाहिनी PAC, प्रयागराज के पद पर भेजा गया है.     बस्ती के SP यशवीर सिंह को जौनपुर का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है.     वहीं जौनपुर के निवर्तमान SP कुंवर अनुपम सिंह को SP (PAC मुख्यालय), लखनऊ भेजा गया है.     लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात DCP रवीना त्यागी को बाराबंकी का नया SP बनाया गया है.      वहीं बाराबंकी के निवर्तमान SP अर्पित विजयवर्गीय को लखनऊ में नया DCP बनाया गया है.     गाजीपुर के SP इराज राजा को ट्रांसफर कर बलिया का नया SP बनाया गया है.      जालौन के SP विनय कुमार सिंह को गाजीपुर जिले की कमान सौंपी गई है.     DGP मुख्यालय में तैनात पूर्णेन्दु सिंह को बागपत का नया SP बनाया गया है.      आजमगढ़ (नगर) के SP मधुबन कुमार सिंह को हापुड़ का नया SP तथा मथुरा के अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत को जालौन का नया SP बनाया गया है. ADG स्तर पर किसे मिले जिम्मेदारी ए0 सतीश गणेश: अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ) के पास से ADG अपराध का अतिरिक्त प्रभार हटा लिया गया है. वे अब पूर्ववत ADG (यातायात एवं सड़क सुरक्षा) की जिम्मेदारी संभालेंगे।  भगवान एस0 श्रीवास्तव: अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं, लखनऊ) को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ ADG अपराध (Crime), लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।  सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का SSP बनाया गया है. इसके अलावा पूर्णेन्दु सिंह को बागपत, मधुबन कुमार सिंह को हापुड़ और सुरेश चंद्र रावत को जालौन का SP बनाया गया है।  कमलेश बहादुर को SP लोक शिकायत बनाया गया  तबादला सूची में यशवीर सिंह को जौनपुर का SP बनाया गया है. कुंवर ज्ञानंजय सिंह को DCP प्रयागराज और अर्पित विजयवर्गीय को DCP लखनऊ की जिम्मेदारी मिली है. कमलेश बहादुर को SP लोक शिकायत बनाया गया है।  इसके अलावा कुंवर अनुपम सिंह को PAC मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है, जबकि संजय कुमार को चौथी वाहिनी प्रयागराज का सेनानायक बनाया गया है. चिराग जैन को SP सिटी बरेली और मानुष पारीक को SP सिटी आजमगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है. आलोक राज नारायण को एडिशनल SP मथुरा बनाया गया है।