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यूपी में डेयरी क्षेत्र में साहीवाल गाय की भूमिका और योगी सरकार की योजनाओं में योगदान

लखनऊ  साहीवाल गाय (Sahiwal Cow) भारत की सबसे उन्नत देसी दुधारू नस्ल है, जो पंजाब के साहीवाल जिले (अब पाकिस्तान में) से उत्पन्न हुई। योगी सरकार की मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना और नंद बाबा दुग्ध मिशन में साहीवाल को प्राथमिक नस्ल के रूप में चुना गया है। 2025 तक 11,000+ साहीवाल गायें UP के किसानों को ₹80,000 अनुदान (2 गायों पर) से वितरित की गईं, जिससे दूध उत्पादन 10-15 लीटर/दिन और आय ₹50,000+ मासिक तक पहुंची। साहीवाल का दूध A2 प्रोटीन युक्त, FAT 4.5-5.5%, SNF 9%+ और स्वास्थ्यवर्धक है, जो बच्चों की वृद्धि, इम्यूनिटी में लाभकारी है। यह नस्ल गर्मी सहनशील, रोग प्रतिरोधक और कम चारा वाली है, जो UP Dairy Policy 2022 के तहत आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन रही है। साहीवाल गाय की प्रमुख विशेषताएं: वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण विशेषता    विवरण    लाभ (UP संदर्भ में) 1. शारीरिक संरचना    – रंग: गहरा लाल-भूरा (महोगनी रेड)। – सींग: छोटे, मध्यम मुड़े हुए। – कान: मध्यम, लटकते हुए। – कूबड़: बड़ा, मांसल। – वजन: वयस्क गाय 400-500 किग्रा, बैल 600-700 किग्रा।    – मजबूत शरीर: UP के ग्रामीण फार्म में आसान रखरखाव। – आकर्षण: बाजार में उच्च मूल्य। 2. दूध उत्पादन क्षमता    – प्रतिदिन: 10-15 लीटर (औसत), अधिकतम 25+ लीटर। – लैक्टेशन पीरियड: 300-320 दिन। – वार्षिक: 3,000-4,000 लीटर। – FAT: 4.5-5.5%, SNF 9-9.5%।    – उच्च आय: ₹50/लीटर पर ₹5,000-7,500 मासिक (2 गायें)। – A2 दूध: प्रीमियम ₹80-120/लीटर। 3. दूध की गुणवत्ता    – A2 बीटा-कैसिन: पाचन में आसान, एलर्जी-मुक्त। – उच्च प्रोटीन, कैल्शियम: हड्डी/दांत मजबूत। – प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट: कैंसर/हृदय रोग में लाभ।    – स्वास्थ्य बाजार: UP Mart, Amul, Parag पर डिमांड। – निर्यात: G20 गिफ्टिंग में चयन। 4. पर्यावरण अनुकूलता    – गर्मी सहनशील: 48°C तक। – कम चारा: 30-35 किग्रा हरा/6-8 किग्रा सूखा चारा। – रोग प्रतिरोधक: FMD, ब्रूसेलोसिस, मास्टाइटिस।    – UP जलवायु: गर्मी/सूखे में जीवित। – कम लागत: ₹1,800 मासिक रखरखाव। 5. प्रजनन और दीर्घायु    – पहला ब्यांत: 34-38 माह। – ब्यांत अंतराल: 12-13 माह। – उम्र: 16-20 वर्ष (12+ लैक्टेशन)।    – दीर्घकालिक लाभ: 1 गाय से 12+ बछड़े। – बछड़ा मूल्य: ₹40,000-60,000। 6. आर्थिक लाभ    – गोबर: 18-22 किग्रा/दिन (खाद/गैस/पेंट)। – गौमूत्र: 6-8 लीटर/दिन (दवा/कीटनाशक)।    – अतिरिक्त आय: ₹12,000+ मासिक (गोबर पेंट)। उत्तर प्रदेश में साहीवाल गाय का योगदान: योगी सरकार की योजनाओं से •    स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: 2 साहीवाल गायें + ₹80,000 अनुदान → 60 लीटर दूध/दिन। •    नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: 10 साहीवाल गायें + ₹11.80 लाख → 150 लीटर/दिन। •    NDDB-PCDF MoU: पंजाब/हरियाणा से उच्च गुणवत्ता साहीवाल आयात, कानपुर/गोरखपुर प्लांट में प्रोसेसिंग। •    परिणाम: 38.78 मिलियन टन दूध में 12%+ साहीवाल योगदान। 41,000+ SHG महिलाएं लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: UP में साहीवाल से समृद्धि 1.    आजमगढ़ के रामू यादव (SC किसान):  o    2024: 2 साहीवाल गायें + ₹80,000। o    2025: 70 लीटर दूध/दिन, ₹50,000 मासिक। A2 दूध से प्रीमियम बिक्री। 2.    झांसी SHG (सुमित्रा देवी):  o    10 साहीवाल गायें नंदिनी से। o    अब: ₹1.2 लाख मासिक, गोबर पेंट निर्यात। योगी आदित्यनाथ का उद्धरण •    लॉन्च 2023:  "साहीवाल गाय दूध की रानी है। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, A2 दूध से स्वास्थ्य क्रांति!" निष्कर्ष: साहीवाल – UP का दुग्ध स्वर्ण साहीवाल गाय उच्च दूध, A2 गुणवत्ता और कम रखरखाव से योगी सरकार की डेयरी क्रांति का प्रतीक है। आवेदन करें, साहीवाल अपनाएं! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश

विशेष आर्टिकल- मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना: देसी गाय पालन से किसानों की आय दोगुनी, 80 हजार तक अनुदान

लखनऊ  मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 6 जून 2023 को लॉन्च की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू यह योजना स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों (साहीवाल, गिर, थार पारकर, हरियाणा) के संवर्धन को बढ़ावा देती है, ताकि दूध उत्पादन बढ़े, ग्रामीण रोजगार सृजित हो और देसी नस्लें संरक्षित रहें। योजना के तहत दो गायों की यूनिट स्थापित करने पर 40% अनुदान (अधिकतम ₹80,000) मिलता है, जो कुल लागत (लगभग ₹2 लाख) का बड़ा हिस्सा कवर करता है। 2025 तक 2,100+ इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिससे दूध उत्पादन 38.78 मिलियन टन (देश का 16%) पहुंचा। यह योजना UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत है, जो महिला SHG, SC/ST/OBC को प्राथमिकता देती है। आवेदन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in। योजना का उद्देश्य: देसी गौ-पालन से आत्मनिर्भरता •    दूध उत्पादन वृद्धि: प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ाना। •    नस्ल संरक्षण: स्वदेशी गायों (हरियाणा, पंजाब, गुजरात से खरीद) को प्रोत्साहन। •    आय वृद्धि: किसानों की मासिक आय ₹5,000 से ₹50,000+ तक। •    रोजगार सृजन: ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख+ परिवार लाभान्वित। •    महिला सशक्तिकरण: SHG के माध्यम 40% कोटा। योजना के प्रमुख लाभ: विस्तृत संरचना योजना दो गायों की इकाई पर फोकस करती है, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, इंश्योरेंस और अन्य खर्च शामिल हैं: लाभ की श्रेणी    विवरण    प्रभाव (2025 तक) वित्तीय अनुदान    – 40% सब्सिडी: कुल ₹2 लाख पर ₹80,000 (प्रति गाय ₹40,000)। – बैंक लोन: शेष पर 5% ब्याज सब्सिडी (5 वर्ष)। – SC/ST/OBC: 35% अतिरिक्त।    – आय: 50-60 लीटर दूध/दिन से ₹20,000+ मासिक। – NPA: 2.5% से कम। गाय खरीद और परिवहन    – नस्लें: साहीवाल (हरियाणा/पंजाब), गिर (गुजरात), थार पारकर (राजस्थान)। – ट्रांसपोर्ट: 40% अनुदान (अधिकतम ₹40,000/गाय)।    – उन्नत नस्ल: 8-12 लीटर दूध/गाय/दिन। – संरक्षण: 11,000+ देसी गायें। इंफ्रास्ट्रक्चर सहायता    – शेड/फीड: ₹50,000 तक सब्सिडी। – पशु बीमा: ₹10 लाख कवरेज (मुफ्त प्रथम वर्ष)। – चारा: 50% सब्सिडी (1 वर्ष)।    – स्वास्थ्य: रोगमुक्त पशुधन। – बाजार: PCDF/Amul लिंकेज। प्रशिक्षण और मार्केटिंग    – 15-दिवसीय कोर्स: RSETI/CFC में मुफ्त। – डिजिटल भुगतान: तत्काल ट्रांसफर। – UP Mart: ऑनलाइन बिक्री।    – गुणवत्ता: FAT/SNF सुधार। – अतिरिक्त आय: गोबर पेंट से ₹10,000+। विशेष प्राथमिकता    – महिलाएं/SHG: 40% कोटा। – ग्रामीण फोकस: 18 जिलों (झांसी, गाजीपुर, देवरिया आदि) में प्राथमिकता।    – 41,000+ महिलाएं जुड़ीं। – पलायन रोक: गांव में स्थिरता। आवेदन प्रक्रिया: •    पात्रता: UP निवासी, 18+ आयु, 2+ गायें न हों, शेड उपलब्ध। •    दस्तावेज: आधार, बैंक पासबुक, भूमि प्रमाण-पत्र। •    चरण: ऑनलाइन आवेदन → ई-लॉटरी → सत्यापन → अनुदान वितरण। •    अंतिम तिथि: 23 अगस्त 2025 (द्वितीय चरण)। हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX। प्रेरक उदाहरण: योजना से जीवन परिवर्तन 1.    झांसी के शाश्वत सिंह (दो गायों की यूनिट):  o    2024: ₹80,000 अनुदान से साहीवाल गायें खरीदीं। o    2025: ₹25,000 मासिक आय, परिवार सशक्त। "योजना ने पलायन रोका।" 2.    गाजीपुर के अमितेश सिंह:  o    अनुदान: गिर नस्ल पर ₹80,000। o    अब: 50 लीटर दूध/दिन, ₹40,000 मासिक। SC लाभार्थी के रूप में अतिरिक्त 35%। 3.    देवरिया के पशुपालक:  o    40% अनुदान: थार पारकर गायें। o    प्रभाव: आय दोगुनी, SHG में महिला भागीदारी। योगी आदित्यनाथ के उद्धरण: योजना पर दृष्टि •    लॉन्च (6 जून 2023):  *"स्वदेशी गौ संवर्धन से देसी नस्लें संरक्षित होंगी। ₹80,000 अनुदान से किसान आत्मनिर्भर, दूध क्रांति आएगी।" •    बजट समीक्षा 2025:  *"योजना से दूध उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण UP मजबूत। स्वदेशी गौ-पालन हमारी सांस्कृतिक धरोहर।" निष्कर्ष: स्वदेशी गौ संवर्धन – UP का दुग्ध भविष्य मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना ₹80,000 अनुदान से दो गायें, एक परिवार की समृद्धि का मंत्र दे रही है। योगी सरकार का प्रयास विकसित भारत-2047 को मजबूत करेगा। आवेदन करें, लाभ लें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

विशेष आर्टिकल-नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: योगी सरकार का डेयरी सशक्तिकरण मॉडल और इसके व्यापक लाभ

लखनऊ नंदिनी कृषक समृद्धि योजना नंद बाबा दुग्ध मिशन की प्रमुख उप-योजना है, जिसे 6 जून 2023 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च किया। यह योजना 10 दुधारू देसी गायों (साहीवाल, गिर, थार पारकर) की इकाई स्थापित करने पर ₹11.80 लाख तक सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे किसानों की मासिक आय ₹50,000+ तक पहुंच रही है। 2025 तक 600 इकाइयां प्रदेश स्तर पर स्थापित हो चुकी हैं, और मिनी नंदिनी (2 गायों पर ₹80,000) के साथ 2,100+ इकाइयां चल रही हैं। योजना UP Dairy Policy 2022 के साथ एकीकृत है, जो ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण और देसी नस्ल संरक्षण को बढ़ावा देती है। आवेदन पोर्टल: nandbabadugdhmission.up.gov.in। लाभों का विस्तृत विश्लेषण: किसान, परिवार और समाज के लिए लाभ की श्रेणी    विवरण    प्रभाव (2025 तक) 1. वित्तीय सब्सिडी    – 50% अनुदान: कुल लागत ₹23.60 लाख में ₹11.80 लाख सरकार देती है। – बैंक लोन: शेष ₹11.80 लाख पर 5% ब्याज सब्सिडी (5 वर्ष, ₹1 करोड़ तक)। – मिनी नंदिनी: 2 गायों पर ₹80,000 अनुदान।    – आय वृद्धि: ₹5,000 से ₹50,000+ मासिक। – NPA दर: 2.5% से कम। 2. पशुधन और आहार सहायता    – 10 देसी गायें: मिशन द्वारा चयनित उच्च दूध उत्पादक नस्लें। – चारा/फीड: 1 वर्ष तक 50% सब्सिडी पर गुणवत्ता आहार। – पशु बीमा: ₹10 लाख तक कवरेज (प्रथम वर्ष मुफ्त)।    – दूध उत्पादन: 100-120 लीटर/दिन (10 गायें)। – स्वास्थ्य: रोगमुक्त पशुधन। 3. इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहायता    – शेड निर्माण: ₹5 लाख तक सब्सिडी। – बुल्क मिल्क कूलर: 35% सब्सिडी (₹1 करोड़ तक)। – प्रशिक्षण: 15-दिवसीय RSETI + CFC कोर्स (मुफ्त)। – डिजिटल भुगतान: दूध बिक्री पर तत्काल बैंक ट्रांसफर।    – गुणवत्ता: दूध FAT/SNF में सुधार। – बाजार पहुंच: PCDF/Amul से सीधा लिंक। 4. महिला और SC/ST/OBC प्राथमिकता    – 40% कोटा: महिलाएं/SHG। – 35% अतिरिक्त सब्सिडी SC/ST/OBC को। – SHG लिंकेज: बालिनी मॉडल की तरह समूह गठन।    – 41,000+ महिलाएं जुड़ीं। – सशक्तिकरण: घर से CEO तक। 5. अतिरिक्त आय स्रोत    – गोबर गैस प्लांट: ₹1 लाख सब्सिडी। – गोबर पेंट/खाद: ₹50,000/वर्ष बिक्री सहायता। – UP Mart लिंकेज: ऑनलाइन बिक्री।    – प्रति इकाई ₹10,000+ अतिरिक्त मासिक। 6. दीर्घकालिक लाभ    – आयुष्मान भारत: स्वास्थ्य कवर। – बच्चों की शिक्षा: आय से स्कूल फीस। – पलायन रोकथाम: गांव में स्थिर रोजगार।    – 1 लाख+ परिवार लाभान्वित। प्रेरक उदाहरण: नंदिनी से समृद्धि तक 1.    झांसी की मीरा देवी (SHG लीडर):  o    2023: नंदिनी से 10 गायें + ₹11.80 लाख। o    2025: ₹60,000 मासिक, 50 महिलाओं की टीम। गोबर पेंट से ₹15,000 अतिरिक्त। o    उद्धरण: "नंदिनी ने मुझे घर से बाजार तक पहुंचाया।" 2.    आजमगढ़ के रामू यादव (SC किसान):  o    मिनी नंदिनी: 2 गायें + ₹80,000। o    अब: ₹25,000 मासिक, बेटी की इंजीनियरिंग। o    प्रभाव: "पहले मजदूरी, अब मालिक।" 3.    गोरखपुर की प्रिया सिंह (महिला उद्यमी):  o    पूर्ण नंदिनी: 10 गायें। o    अब: 120 लीटर दूध/दिन, Amul निर्यात, ₹1 लाख मासिक। योगी आदित्यनाथ के उद्धरण: नंदिनी पर दृष्टि •    लॉन्च (6 जून 2023):  "नंदिनी योजना से हर किसान को 10 देसी गायें, ₹11.80 लाख सब्सिडी – आय दोगुनी, गांव आत्मनिर्भर!" •    बजट 2025:  "नंद बाबा मिशन की नंदिनी से 1 करोड़ नौकरियां। देसी गायें हमारी धरोहर और अर्थव्यवस्था।" निष्कर्ष: नंदिनी – किसान का स्वर्णिम भविष्य नंदिनी योजना ₹11.80 लाख सब्सिडी से 10 गायें, 1 परिवार की समृद्धि का मंत्र दे रही है। आवेदन करें, आत्मनिर्भर बनें! जय किसान! जय उत्तर प्रदेश!

200+ पुलिसवाले जांच के घेरे में, लखनऊ की रिपोर्ट के बाद सिस्टम में हड़कंप

गाजियाबाद यूपी के गाजियाबाद जिला कमिश्नरेट पुलिस में लखनऊ की सोशल मीडिया सेल से आई एक रिपोर्ट के बाद हड़कंप मच गया है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक्टिव पुलिसकर्मियों पर अफसरों की निगाहें टिक गई हैं। पुलिस की वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर छा रहे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।   सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में कई ऐसे पुलिसवाले हैं, जो इंस्टाग्राम पर रीलबाजी कर खूब सुर्खियों में बने रहते हैं। कोई सिंघम बन रहा है तो कोई गश्त के दौरान सेल्फी ले रहा है। लखनऊ की सोशल मीडिया सेल से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह पुलिस अनुशासन के बिल्कुल खिलाफ है। सोशल मीडिया पर एक्टिव ऐसे पुलिसकर्मियों पर जल्द एक्शन लिया जाएगा। कमिश्नरेट ने 200 से ज्यादा सोशल मीडिया एकाउंट्स की निगरानी शुरू कर दी है। कुछ पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है और अब फिर नई लिस्ट तैयार की जा रही है।  सिस्टम से बाहर किए जाएंगे रीलबाज पुलिसकर्मी वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर कोई वर्दीधारी पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर फिजूल की हरकत करते पाया गया, तो इसे अनुशासनहीनता मानते हुए उस पुलिसवाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में जिले के 'रीलबाज पुलिसकर्मियों' के दिन मुश्किल में नजर आ रहे हैं।   

बिहार में सत्ता बदलने का संकेत! अखिलेश बोले—तेजस्वी की ही बनेगी सरकार

बरेली यूपी के बरेली पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, पिछले चुनाव में भाजपा ने अपने हिसाब से अधिकारियों की जगह-जगह पोस्टिंग करा दी थी। उन्होंने आरोप लगाया, लोकसभा चुनाव में भाजपा के एजेंट बनकर अधिकारियों ने वोटिंग कराई थी। लाखों लोगों को वोट डालने से वंचित कर दिया था। अखिलेश यादव बरेली में बहेड़ी विधायक अताउर रहमान की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। शादी समारोह निपटाने के बाद अखिलेश ने प्रेस कान्फ्रेंस की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के रिजल्ट पर भी विस्तार से चर्चा की। एग्जिल पोल में दिख रही एनडीए की जीत को अखिलेश ने गलत बताया। उन्होंने कहा, शुक्रवार को वोटिंग की गिनती शुरू होने के साथ ही एग्जिट पोल के सभी नतीजे धराशाई हो जाएंगे।   बिहार में तेजस्वी यादव की ही सरकार बनेगी। लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव बोले, अगर अधिकारी धांधली न करते तो परिणाम कुछ और होता। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। बोले-धांधली को लेकर हमने कई बार शिकायत की लेकिन चुनाव आयोग ने कोई ध्यान नहीं दिया। भाजपा सरकार हमेशा से लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाती रही है। एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, उत्तर प्रदेश में एसआईआर का काम शुरू करके तीन महीने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को उलझा दिया है। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने सपा कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, पीडीए प्रहरी बनकर हर वोट की रक्षा करें। किसी का वोट बने से ना छूटने पाए। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस बार भाजपा का आयोग बनकर नहीं रहेगा। अखिलेश बोले, बरेली के लिए समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव में अपना अलग मेनिफेस्टो खुद तैयार करेगी। सपा जिला अध्यक्ष अगम मौर्य के यहां पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के आने पर कुछ देर के लिए भगदड़ मच गई। अखिलेश यादव से मिलने, हाथ मिलाने के चक्कर में जुटी भीड़ अनियंत्रित हो गई। लोगों में धक्कामुक्की होने लगी और आवास में घुसने की कोशिश के चलते अफरातफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को भी पसीना छूट गया। गेट पर सीढ़ी और रैंप पर कई लोग फिसल गए। भगदड़ में एक सिपाही, सपा की कार्यकत्री समेत कई लोग गिरकर घायल हो गए।  

ट्रकों की अवैध पासिंग के नाम पर उगाही! 7000 रुपए लेते पकड़े गए RTO-खनन विभाग के अधिकारी

लखनऊ यूपी एसटीएफ (UPSTF) ने ओवरलोड ट्रकों को अवैध तरीके से पास कराने वाले एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट में परिवहन विभाग और खनन विभाग के कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि बालू और मौरंग से लदे ओवरलोड ट्रकों को बिना चेकिंग के यूपी में चलाने के लिए दलाल एक ट्रक से 7000 रुपये वसूलते थे। इसमें से 5000 रुपये सीधे आरटीओ और खनन विभाग के अफसरों तक पहुंचते थे। कई जिलों में छापेमारी, एफआईआर दर्ज UPSTF ने लखनऊ, फतेहपुर, उन्नाव और रायबरेली में एक साथ छापेमारी की। जांच के बाद एआरटीओ, पीटीओ और खनन अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के मड़ियांव थाने में एआरटीओ राजू बंसल, पीटीओ मनोज भारद्वाज समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज। फतेहपुर के खनन अधिकारी देशराज पटेल सहित 6 लोगों पर एफआईआर। रायबरेली, एआरटीओ पुष्पांजली और एक अन्य आरोपी को नामजद किया गया है। वहीं, उन्नाव के शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में अफसरों के साथ उनके गनर और ड्राइवरों के नाम भी शामिल हैं, जो इस अवैध वसूली में भूमिका निभा रहे थे। ऐसे चलता था वसूली का खेल एसटीएफ की जांच में सामने आया कि बांदा-हमीरपुर से लेकर लखनऊ तक ओवरलोड ट्रकों को पास कराने का पूरा नेटवर्क चल रहा था। दलाल रात में ही अधिकारियों को ट्रक नंबर और वसूली गई रकम की जानकारी भेज देते थे ताकि सुबह किसी भी चेकिंग में ट्रक को न रोका जाए। अगर कोई ट्रक पकड़ा भी जाता, तो बिना चालान के छोड़ दिया जाता था। इस कार्रवाई के बाद यूपी एसटीएफ ने पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की जांच तेज कर दी है। अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि इस सिंडिकेट से जुड़े और कौन-कौन से अफसर और कर्मचारी हैं।

CBI का बड़ा एक्शन: रिश्वतखोर बैंक मैनेजर को 5 साल की जेल, 50 हजार का जुर्माना

लखनऊ  यूपी के लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत ने अंबेडकर नगर बसखारी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामस्वरूप मिश्रा को घूसखोरी के मामले में दोषी पाते हुए 5 साल की सश्रम कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 7 मार्च 2017 को एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसे बैंक ऑफ बड़ौदा, बासखरी शाखा से “कामधेनु योजना” के तहत 20 लाख 25 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया था। ऋण की कुछ राशि उसके खाते में जमा भी हुई, लेकिन अचानक खाता संचालन रोक दिया गया। जब शिकायतकर्ता ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक रामस्वरूप मिश्रा से कारण पूछा, तो उन्होंने खाते को चालू करने के लिए 30 हजार रुपये की घूस मांगी। इसके बाद में बातचीत के दौरान उन्होंने 25 हजार रुपये की रिश्वत राशि स्वीकार करने पर सहमति जताई। राम स्वरूप मिश्रा को सीबीआई टीम ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम के रूप में हस्ताक्षरित खाली चेक स्वीकार करते समय रंगे हाथों पकड़ लिया और चेक बरामद कर लिया था। जांच पूरी होने के बाद 31 मार्च 2017 को चार्जशीट दायर की गई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामस्वरूप मिश्रा को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई। पुलिस पर फायरिंग के आरोपी की जमानत मंजूर वहीं एडीजे नीलकांत मणि त्रिपाठी की कोर्ट ने पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के आरोपी अनुज रावत की जमानत अर्जी साक्ष्य के अभाव में मंजूर कर ली है। आरोपी को 50-50 हजार की दो जामनतें दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने जमानत आदेश में कहा है कि मामले में आरोपी द्वारा चलाई गई गोली दारोगा के करीब से निकलना बताया गया है और पुलिस पार्टी के किसी सदस्य को कोई चोट आई हो ऐसी कोई रिपोर्ट पत्रावली पर नहीं है। साथ ही इस घटना और आरोपी के पास से बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है। पत्रावली के अनुसार सुशांत गोल्फ सिटी थान प्रभारी उपेंद्र सिंह रिपोर्ट दर्ज कराई थी की वह अपनी टीम के साथ छह सितंबर को क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर एक मोटरसाइकिल को रोकने का प्रयास किया तो उस पर सवार लोग भागने लगे। भागन में बाइक समेत गिर गए, जिसमें एक फरार हो गया था तथा पुलिस से घिरे अनुज रावत ने गोली चला दी। इस पर जवाबी फायर किया तो आरोपी अनुज रावत के पैर में गोली लगी।  

वृंदावन में होगी मंदिर की तकनीकी जांच, आईआईटी रुड़की ने संभाली कमान

मथुरा  यूपी में मथुरा के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर की इमारत को किसी सुधार की जरूरत है या नहीं इसके लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने गुरुवार सुबह बांके बिहारी मंदिर का सर्वे किया। गुरुवार को पहुंची आईआईटी रुड़की की टीम ने मंदिर के हर हिस्से को देखा। गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर हाईपावर कमेटी ने बांके बिहारी मंदिर का स्ट्रक्चर ऑडिट कराने का निर्णय लिया था। इसी के तहत आईआईटी रुड़की की टीम गुरुवार को यहां पहुंची।   इस बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि हाईपावर कमेटी की टीम द्वारा लिये गये निर्णय के तहत आईआईटी रुड़की से इंजीनियरों की टीम यहां पहुंची है और उसने सर्वे किया है। उन्होंने कहा कि बांके बिहारी मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। मंदिर का स्ट्रक्चर कैसा है, इसमें सुधार की कोई जरूरत तो नहीं है, यह देखने के लिए टीम को बुलाया गया है। टीम दो दिन यहां सर्वे करेगी। आईआईटी रुड़की की टीम मंदिर में सर्वे करने के बाद इसके स्थायी समाधान भी खोजेगी ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके। रुड़की से आई टीम ने आज आकर अपना सर्वे शुरू किया है। टीम के द्वारा सर्वे रिपोर्ट को तैयार किया जाएगा। उसे आगामी 19 नवंबर को हाई पावर्ड कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। जिस पर कमेटी कोई ठोस फैसला ले सकती है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में सर्वे के लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने प्रवेश के बाद ठाकुर श्रीबांके बिहारी जी के दर्शन किए। टीम लीडर प्रो. संजय के साथ आईआईटी रुड़की से एक सहायक, सेवायत दिनेश गोस्वामी और मंदिर के मैनेजर मुनीश शर्मा भी रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रवेश करने और निकलने के सभी रास्तों दिखाया। गुरुवार को मंदिर के दोनों जगमोहन, पीछे का आंगन और चबूतरे का बारीकी से अध्यन किया है।

ऐतिहासिक निर्णय: अब यूपी में महिलाओं को नाइट शिफ्ट पर डबल पेमेंट, सुरक्षा बंदोबस्त भी पुख्ता

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। इस नए फैसले के तहत अब यूपी में महिलाएं रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक फैक्ट्रियों और उद्योगों में काम कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें अपनी सहमति देनी होगी।     डबल सैलरी और सुरक्षा का वादा योगी सरकार द्वारा जारी नए आदेश में महिलाओं की सुरक्षा और हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। रात की शिफ्ट (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को सामान्य वेतन से डबल सैलरी दी जाएगी। ओवर टाइम की सीमा 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही कर दी गई है, जिसके लिए भी सामान्य दर से डबल रेट पर भुगतान होगा। रात में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा गार्ड, CCTV निगरानी और Transport सुविधा अनिवार्य रूप से मुहैया कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने से रोकने के बजाय उन्हें सुरक्षित माहौल में काम करने की सुविधा देना है। फैक्ट्री एक्ट में भी किया संशोधन महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों को लचीलापन देने के लिए Factories Act, 1948 में संशोधन किया गया है। अब काम के घंटे 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे तक किए जा सकते हैं, बशर्ते हफ्ते में कुल कार्य घंटे 48 से अधिक न हों। यह आदेश केवल सामान्य उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि 29 श्रेणियों के जोखिमभरे उद्योगों पर भी लागू होगा। अब इन खतरनाक उद्योगों में भी महिलाएं अपनी सहमति से काम कर सकती हैं, लेकिन स्वास्थ्य और सुरक्षा के विशेष प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। यूपी सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ता है, जिससे उनकी रोजगार भागीदारी और आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होगा।  

योगी सरकार के सक्रिय प्रयासों से अब किसान फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की ओर हो रहे अग्रसर

मुख्यमंत्री योगी के सख्त निर्देशों का असर, उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में आई उल्लेखनीय कमी योगी सरकार के सक्रिय प्रयासों से अब किसान फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की ओर हो रहे अग्रसर 20 प्रमुख जनपदों में पराली जलाने की घटनाओं में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है एटा, कौशांबी, सीतापुर और उन्नाव जैसे जनपदों में सबसे कम पराली जलाने की घटनाएं लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों और सतत मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राज्य सरकार के सक्रिय प्रयासों से अब किसान फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। कम हुई पराली जलाने की घटनाएं मथुरा, पीलीभीत, सहारनपुर, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, कौशांबी, एटा, हरदोई, जालौन, फतेहपुर, महराजगंज, कानपुर देहात, झांसी, मैनपुरी, बहराइच, इटावा, गोरखपुर, अलीगढ़, उन्नाव और सीतापुर जैसे कुल 20 जनपदों में पराली जलाने की घटनाओं में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है। इसमें भी एटा, कौशांबी, सीतापुर और उन्नाव जैसे जनपदों में सबसे कम पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं। यह स्थिति बताती है कि मुख्यमंत्री योगी के निर्देशों का जमीनी असर दिखाई देने लगा है। सेटेलाइट से की जा रही निगरानी सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया था कि पराली जलाने की घटनाओं की सेटेलाइट से निगरानी की जाए। साथ ही किसानों को वैकल्पिक उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। प्रशासन द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों, कंपोस्टिंग तकनीक और बायो-डीकंपोजर के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जुर्माने और जिम्मेदारी की सख्त व्यवस्था राज्य सरकार ने पराली जलाने वालों के खिलाफ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क तय किया है। इसके अनुसार, दो एकड़ से कम क्षेत्र पर ₹2,500, दो से पांच एकड़ तक ₹5,000, पांच एकड़ से अधिक पर ₹15,000 क्षतिपूर्ति शुल्क लगेगा। साथ ही प्रत्येक 50 से 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जा रही है, जो अपने क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करेंगे।