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जीआरपी समीक्षा में सीएम योगी ने महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर दिया जोर

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार रात राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने खासकर भर्ती परीक्षाओं व बड़े आयोजनों के दौरान यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखे जाने का कड़ा निर्देश दिया। प्रदेश में आठ, नौ व 10 जून को सिपाही भर्ती की बड़ी परीक्षा होनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए। यूपी देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा जीरो टालरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता के साथ लागू किया जाए। रेलवे परिसरों, प्लेटफार्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी उत्तर प्रदेश वर्तमान में छह अनुभागों, 65 थानों तथा 89 अस्थायी चौकियों के माध्यम से कार्य कर रही है। प्रतिदिन 3031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1550 रेलवे स्टेशनों तथा 30 लाख से अधिक रेल यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व जीआरपी निभा रही है। उन्होंने हरिद्वार में अर्द्धकुंभ 2027 को लेकर अभी से तैयारियां शुरू किए जाने और विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने का भी निर्देश दिया। रेलवे ट्रैक की हो नियमित निगरानी मुख्यमंत्री ने रेलवे ट्रैक और ट्रेन सुरक्षा की समीक्षा के दौरान रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय और बेहतर करने का निर्देश दिया। बताया गया कि रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए संयुक्त गश्त, ड्रोन एवं सीसीटीवी आधारित निगरानी, डिजिटल सत्यापन, निरीक्षण एप के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा कबाड़ बाजारों एवं संवेदनशील स्थलों की निगरानी जैसे उपाय किए जा रहे हैं। पत्थरबाजी की घटनाएं पूरी तरह रुके मुख्यमंत्री ने रेलवे परिसरों और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि जनजागरूकता, सुरक्षा चौपाल, अभिभावकों और युवाओं की काउंसिलिंग, रेल मित्र नेटवर्क, त्वरित अभियोजन तथा प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे स्टेशन के प्रवेश व निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाओं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी तथा रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाए। महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। रेलवे नेटवर्क में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि आपरेशन मुस्कान के तहत एक जनवरी से 26 मई 2026 तक 860 बच्चों को बरामद किया गया। विभिन्न अभियानों के माध्यम से अब तक 2325 व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। बैठक में यह भी बताया गया कि हरदोई जीआरपी थाना उत्तर भारत का पहला आईएसओ 9001 प्रमाणित जीआरपी थाना बन चुका है।

हेल्पलाइन बनी बड़ा सहारा, एक फोन कॉल पर दूर हो रहीं दिव्यांगजनों की समस्याएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के दिव्यांगजन भी योगी सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में विभाग ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान कुल 7,707 शिकायतें प्राप्त हुईं थी, जिनमें से 7,428 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। इस प्रकार कुल 96.38 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया गया है। शिकायत निस्तारण का यह उच्च प्रतिशत राज्य सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और दिव्यांगजनों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों में विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित मामले शामिल हैं। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (पेंशन) योजना से संबंधित 7,281 शिकायतें, स्वावलंबन कार्ड से संबंधित 52 शिकायतें और दुकान निर्माण एवं संचालन योजना से संबंधित 67 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके अतिरिक्त शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना से संबंधित 23 शिकायतें, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना से संबंधित 69 शिकायतें और अन्य विषयों से जुड़ी 215 शिकायतें दर्ज की गईं थी। कृत्रिम अंग, स्वावलंबन कार्ड समेत अन्य शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण इसमें स्वावलंबन कार्ड, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना और अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि सरकार की दिव्यांगजन हितैषी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक तंत्र का प्रमाण है। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक दिव्यांगजनों की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। साथ ही शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी दिव्यांगजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।  एक फोन कॉल पर दिव्यांगजनों की समस्या हो रही दूर हेल्पलाइन व्यवस्था ने दिव्यांगजनों और शासन-प्रशासन के बीच एक प्रभावी संवाद स्थापित किया है, जिसके माध्यम से लाभार्थी अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। दिव्यांगजन अपनी समस्याओं, शिकायतों और योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-1995 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। दिव्यांगजनों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर रहा विभाग इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त कुल शिकायतों में से 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया गया है। विभाग का सतत प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर, पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके, ताकि किसी भी दिव्यांगजन को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम

लखनऊ केंद्रीय योजनाओं को योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बेहतर तरीके से कार्यान्वित कर रही है। इसी क्रम में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सोलर दीदियों के सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित एमएनआरई सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित सोलर दीदियों को ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा नियुक्ति पत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।  इस कार्यक्रम के दौरान सोलर दीदियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया। इस अवसर पर हनुमंत रिन्युवल कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि कंपनी चयनित सोलर दीदियों को ₹14,156 प्रतिमाह मानदेय प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक चयनित सोलर दीदी को कंपनी द्वारा निःशुल्क 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर संयंत्र तथा इंडक्शन स्टोव भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वच्छ ऊर्जा को अपने जीवन में अपनाने के साथ-साथ समाज में इसके प्रचार-प्रसार की प्रभावी भूमिका निभा सकें।  इस कार्यक्रम में उपस्थित एमएनआरई कैप कंसल्टेंट उपकारी नाथ ने बताया कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के ”सौर ऊर्जा युक्त भारत एवं महिला सशक्तीकरण” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, रूफटॉप सोलर स्थापना तथा अन्य सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी एवं सहायता प्रदान करेंगी। इनके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिकाधिक परिवार स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा से जुड़ सकेंगे।    उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के अंतर्गत सोलर दीदियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिसका संचालन संबंधित नगर निगमों के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार उपलब्ध कराने का एक अभिनव प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, हरित रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार को नई गति प्रदान करेगी। सोलर दीदियां घर-घर जाकर नागरिकों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।    इस कार्यक्रम में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार, यूपीनेडा के निदेशक रविन्दर सिंह, वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त  हिमांशु नागपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम था सुबह 10 बजे से लेकिन सात बजे से ही चकरौत पहुंचने लगे लोग

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह बलरामपुर में मां पाटेश्वरी का पूजन कर सभास्थल चकरौत पहुंचे। कटरा व करनैलगंज विधानसभा के बॉर्डर पर आयोजित इस जनसभा में दोनों ही विधानसभाओं के लोग पहुंचे। सुबह दस बजे मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में सुबह सात बजे से ही लोग पहुंचने लगे। सुबह दस बजे से पहले ही पंडाल लोगों से खचाखच भरा नजर आया और हर ओर भगवा लहराता दिखा।  मुख्यमंत्री योगी के मंच पर पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों ने भाषण दिया। जिले के जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान राम की प्रतिमा और गदा भेंट कर उनका स्वागत किया। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उन्हें मां शक्ति की प्रतिमा शक्ति और सेवा के प्रतीक के रूप में भेंट की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। मंच पर स्वागत उद्बोधन में कैसरगंज लोकसभा सांसद करन भूषण सिंह ने अपने भाषण में सीएम को बुलडोजर बाबा कहकर संबोधित किया। उनके इतना कहते ही पंडाल में जय  राम व बुलडोजर बाबा की जय के उद्घोष हुआ। वहीं, मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि गोंडा ऊर्जावान जनपद है। यहां के युवा ऊर्जावान, अन्नदाता किसान परिश्रमी और बहनें व बेटियां प्रतिभाशाली हैं। इस पर पंडाल में भाजपा के झंडे लहराते रहे। लोग कुर्सियों पर खड़े होकर सीएम का भाषण सुनते नजर आए।  युवाओं ने सराहा सीएम के विकास मॉडल को कटरा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए सुबह सात बजे से ही आ गया था। जिससे आगे पहुंचकर उन्हें देख भी सके और ठीक से सुन भी सके। उनके साथ आए मनीष, शिवम व अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री के विकास मॉडल को सराहा। कहा कि बुलडोजर बाबा के राज में जितनी तेजी से बुलडोजर चलता है, उससे ज्यादा तेज गति से विकास का पहिया भी चलता है। इसीलिए सीएम योगी को सुनने आए हैं। इसी तरह करनैलगंज से पहुंचे आलोक मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि अच्छे जनप्रतिनिधि चुनें, एकदम सही है। सही जनप्रतिनिधियों को चुनने से ही सही ढंग से विकास होता है।

पहले रामभक्त नहीं जा पाते थे अयोध्या, अब रामद्रोही नहीं आ सकते अयोध्या: सीएम योगी

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि अब वह नहीं होगा, जो 2017 के पहले होता था। 2015-16 में दुर्गा पूजा में गोंडा में दंगे की चेष्टा की गई थी। तब मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन नहीं होने दिया जाता था। रामलीला में अड़चन डाली जाती थी। त्योहार व उत्सव से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग दंगाइयों व पेशेवर गुंडों के सामने नतमस्तक होते थे। प्रदेश में महीनों कर्फ्यू रहता था। लेकिन, अब किसी ने उत्सव के रंग में भंग डाला तो उसका वर्तमान के साथ भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के कटरा विधानसभा क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये व करनैलगंज में 260 करोड़ रुपये (कुल 516 करोड़ रुपये) की 262 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।  अब समान रूप से हो रहे विकास कार्य अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि असुरक्षा के वातावरण में निवेश नहीं होता। 2017 से पहले राज्य में पहचान का संकट, नौजवान बेहाल, किसान परेशान, बहन-बेटियां असुरक्षित थीं। जब विकास के पिछले पायदान में हमारी गिनती होती थी तो सम्मान भी नहीं मिलता था। अब सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 826 विकास खंडों, 762 नगर निकायों, लगभग 14 हजार वार्डों, 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को बिना रोक-टोक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। तुष्टिकरण, अराजकता की भेंट चढ़ गया था गोंडा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा के युवा ऊर्जावान, किसान परिश्रमी, बहन-बेटियां प्रतिभाशाली हैं। कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने अपने हुनर की छाप देश-दुनिया तक पहुंचाने में कोई कोताही नहीं की। गोंडा ने स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई, लेकिन आजादी के बाद यहां जो अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह तुष्टिकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद, जातिवाद की भेंट चढ़ गया और इसका खामियाजा जनपद को भुगतना पड़ा। गोंडा विकास के अभाव में पिछड़ता गया। अब स्वागत होता है यूपी वालों का सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा भी आ गया, जब अन्य जनपदों की भांति ही गोंडा के नौजवानों के सामने भी पहचान का संकट हो गया। प्रदेश में नौकरी-रोजगार नहीं था। नौजवान जब बाहर जाते थे तो अन्य प्रदेशों के लोग 10 कदम की दूरी बना लेते थे। शंका भरी निगाहों से देखते थे। 12 वर्ष में पीएम मोदी व 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का परिणाम है कि अब यूपी का नाम आते ही सामने वाले का चेहरा खिल जाता है और वह आपको गले लगाने को उतावला दिखता है।  बिना भेदभाव गोंडा का नौजवान भी पाता है सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि अब बाहर वाले मित्रवत व्यवहार करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि भगवान राम की असीम कृपा प्राप्त करनी है तो अयोध्या के बगल वाले जनपद गोंडा वालों से मैत्री करो। अब यूपी के नौजवानों को सरकारी नौकरी मिल रही है। यूपी पुलिस की 60,244 भर्तियों में गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर के नौजवानों को भी नौकरी मिली। नियुक्ति पत्र देने से पहले मैं सूची देखता हूं तो खुशी होती है कि गोंडा का नौजवान भी बिना भेदभाव सरकारी नौकरी पाता है। नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं, गोंडा में भी हो रहा निवेश उन्होंने कहा कि अब निवेश केवल नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में नहीं हो रहा, बल्कि गोंडा में भी निवेश होने से स्थानीय नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। अभी मंच पर 20 लाभार्थियों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिला। अब चेहरा नहीं देखा जाता, बल्कि हर जाति, मत-संप्रदाय के पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल रहा है। मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ विजन के तहत सरकार बिना भेदभाव घर-घर तक विकास योजनाएं पहुंचा रही है।  तब रामभक्त नहीं आ पाते थे, अब रामद्रोही नहीं आ पाते अयोध्या  मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हो गया। गोंडा वालों ने तो राम मंदिर आंदोलन को अपनी आंखों से देखा है। 40 साल से ऊपर की पीढ़ी ने आंदोलन में भाग लिया और तत्कालीन सरकारों के अत्याचारों को झेला। तब राम का नाम लेने पर प्रतिबंध था, डंडे व गोलियां चलती थीं। रामभक्त अपने प्रभु राम की अयोध्या में नहीं जा सकते थे। अब अयोध्या में रामभक्त ही जा सकते हैं, रामद्रोही नहीं। पूर्वज भी आशीर्वाद दे रहे हैं कि वर्तमान पीढ़ी कितनी धन्य है, जिसने राम मंदिर का निर्माण देखा। बुजुर्गों के आंखों में खुशियों के आंसू हैं तो पूर्वजों की आत्मा संतुष्ट है। आपने कमल का बटन दबाया तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिला सीएम योगी ने कहा कि बिना भेदभाव पात्रों को गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। गोंडा में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज, कंपोजिट विद्यालय आदि का सपना साकार हो रहा है। हमारी सरकार ने सांसद-विधायकों के हर प्रस्ताव को स्वीकृत किया। जब आपने कमल का बटन दबाया तो विकास कार्यों, गरीब कल्याणकारी कार्यों, विरासत के सम्मान, नौकरी, निवेश के जरिए रोजगार संभव हो पा रहा है। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हुआ तो यूपी पर धन की वर्षा हो रही है। गलत लोगों को चुनेंगे तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा सीएम ने मतदाताओं से कहा कि अच्छे लोगों को चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। गलत लोगों को चुनने पर खामियाजा भुगतना पड़ता है। 2017 के पहले विकास एक गांव तक ही सीमित था। लेकिन, डबल इंजन सरकार बनी तो हमने कहा कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ सैफई नहीं, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर में भी बनेगा। अब ऐसा कोई भी जिला नहीं है, जहां मेडिकल कॉलेज-इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है। हर जनपद में विकास हो रहा है।  दो-दो विधानसभा क्षेत्रों का एक साथ दौरा करेंगे और विकास की सौगात देंगे  सीएम ने श्रावस्ती की पौराणिकता का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एयरपोर्ट निर्माण हो रहा है। महाराजा सुहेलदेव ने एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब दिया था। आक्रांताओं को दहलाने वाला शौर्य कैसा होना चाहिए, महाराज सुहेलदेव उसके प्रतीक हैं। स्वाधीनता के लिए किस प्रकार के त्याग-बलिदान की आवश्यकता होनी चाहिए, गोंडा उसका प्रतीक है। जब अच्छी सरकारें आईं, तब गरीबों को रोजगार, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाया। हमने तय किया … Read more

फैजाबाद के ‘डंका शाह’ की कहानी, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जगाई आजादी की आग

 अयोध्या  जिले के फैजाबाद शहर की शहादत की एक कहानी अनसुनी है। यह कहानी एक बागी संत मौलाना अहमदुल्लाह शाह की है जिन्होंने देश की आजादी के लिए बलिदान दे दिया था। उनको 156 साल पहले 5 जून 1858 को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासकों के इशारे पर धोखा देकर मार दिया गया था। नगाड़ा साथ लेकर चलते थे मौलाना मौलाना अहमदुल्लाह शाह की कहानी उस साहस और बलिदान को याद दिलाती है, जिसने भारत की आजादी की 1857 की पहली महान लड़ाई को आकार दिया था। मौलाना अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था। कहा जाता है कि वे अपने साथ एक नगाड़ा लेकर चलते थे जिससे लोगों को उनके आगमन का संकेत मिलता था। जीवन आजादी के लिए समर्पित करने की प्रेरणा बताया जाता है कि अहमदुल्लाह शाह के आध्यात्मिक गुरु एक हिंदू साधु थे, जिन्होंने उन्हें देश को आजादी दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित किया था। उनके बारे में 'अवध एब्स्ट्रैक्ट प्रोसीडिंग्स' सहित अन्य अभिलेखीय रिकॉर्ड में लिखा गया है कि उनका प्रभावशाली व्यक्तित्व था और वे जोशीले भाषण देते थे। वे अपने भाषणों से लोगों में जोश भर देते थे और उनको अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने को प्रेरित करते थे। वे बिना थके अलग-अलग इलाकों का दौरा करते थे और जहां भी जाते थे, लोगों का समर्थन जुटाने में सफल होते थे। मौलाना को अंग्रेज मानते थे बड़ा खतरा अंग्रेज मौलाना अहमदुल्लाह शाह को एक गंभीर खतरा मानते थे। एक समय उनके लखनऊ और आगरा जैसे बड़े शहरों में प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश भी जारी किए गए थे। उनकी मौजूदगी से ही अंग्रेजी शासन के अधिकारी सतर्क हो जाते थे। सार्वजनिक सभाओं के दौरान उन्हें सेना के जवान घेर लेते थे। सन 1857 की क्रांति के दौरान क्रांतिकारियों ने उन्हें अपनी 22वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट का नेता नियुक्त किया था। हालांकि कर्नल लेनॉक्स ने उन्हें पकड़कर मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन बागियों ने उन्हें छुड़ा लिया था। फैजाबाद उनका मुख्य केंद्र था। वे यहीं से पूरे अवध में अंग्रेजी शासन के विरोध की गतिविधियां चलाते थे। शाहजहांपुर के राजा ने कराई थी हत्या जब उनकी सेना लखनऊ की ओर बढ़ी तो वहां उनका फिर से अंग्रेजों से सामना हुआ। उन्हें विशेष रूप से चिनहट की लड़ाई (30 जून 1857) में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाता है। उनके बढ़ते प्रभाव के चलते वे औपनिवेशिक शासन के मुख्य निशाने पर आ गए थे। जब वे औपनिवेशिक शासन के विरोध में संघर्ष के लिए समर्थन मांगने जा रहे थे, तब शाहजहांपुर के राजा जगन्नाथ सिंह ने उनकी हत्या कर दी थी। यह घटना 5 जून 1857 को हुई थी।  

मुख्यमंत्री ने किए मां पाटेश्वरी के दर्शन

लखनऊ/बलरामपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किया। उन्होंने मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया।  सीएम योगी शुक्रवार को बलरामपुर पहुंचे। यहां विकास कार्यों के लोकार्पण- शिलान्यास के बाद मंदिर में रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह दर्शन-पूजन के बाद मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। सीएम ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा व स्वच्छता की समुचित व्यवस्था का भी निर्देश दिया।  स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों, संतों आदि से मुलाकात भी की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने गोंडा के लिए प्रस्थान किया।  दर्शन-पूजन के दौरान महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी गोरखपुर के महंत रविंद्र दास जी, विधायक पलटूराम, कैलाश नारायण शुक्ल आदि भी मौजूद रहे।

शिक्षकों के लिए खुशखबरी: तदर्थ सेवा अवधि अब पेंशन गणना में शामिल होगी

प्रयागराज  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने तदर्थ (एडहॉक) सेवा अवधि को पेंशन और अन्य सेवा लाभों की गणना में शामिल करने के मामले में शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र ने कानपुर के उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) द्वारा छह मई 2026 को पारित उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ताओं को तदर्थ सेवाओं का लाभ देने से इनकार किया गया था। हाई कोर्ट के इस निर्णय से प्रभावित शिक्षकों को सीधा लाभ होगा। उन्हें हाई कोर्ट के इस निर्णय का फायदा पेंशन में मिलेगा। रमेश सिंह चौहान और तीन अन्य शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपनी संपूर्ण सेवा अवधि, जिसमें तदर्थ सेवाकाल भी शामिल है, को पेंशन, चयनित ग्रेड और पदोन्नति संबंधी लाभों की गणना में जोड़ने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके दावे को केवल इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि मामला सर्वोच्च न्यायालय में लंबित एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के दायरे में है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि तदर्थ सेवाओं को पेंशन प्रयोजन के लिए मान्य करने का मुद्दा पहले ही नंद लाल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में तय हो चुका है। अदालत ने माना कि वर्तमान मामला पूर्व में दिए गए निर्णयों से पूरी तरह आच्छादित है। इसके बाद कोर्ट ने उप शिक्षा निदेशक को तदर्थ सेवा अवधि जोड़कर पेंशन की पुनर्गणना करने, समस्त बकाया भुगतान सुनिश्चित करने और आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत होने के दो महीने के भीतर पूरी कार्रवाई संपन्न करने का निर्देश दिया। साथ ही याचिका का निस्तारण कर दिया गया। जाहिर है कि इस आदेश के बाद अब संबंधित शिक्षकों की तदर्थ (एडहॉक) सेवा अवधि को भी पेंशन और अन्य सेवा लाभों की गणना में शामिल किया जाएगा।

“राम नाम पर पहले पाबंदी थी” – गोंडा में विपक्ष पर जमकर बरसे सीएम योगी

गोंडा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा को 515.6 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले यहां पर भगवान श्रीराम का नाम लेने पर प्रतिबंध था। भगवान का नाम लेने वाले श्रद्धालुओं पर डंडे बरसते थे। अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब अगर कोई उत्सव के रंग में भंग डालने का काम करेगा तो उसका भविष्य स्वाहा हो जाएगा। सीएम योगी ने गोंडा में परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद गोंडा का विकास तुष्टीकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद और जातिवाद की भेंट चढ़ गया था। उसी का खामियाजा गोंडा को भुगतना पढ़ा। जहां सरयू मैया की असीम कृपा रहनी चाहिए थी। जहां फसले लहलहाते हुए देश के पेट को भरने का कार्य करती। वह जनपद पिछड़ता गया। सीएम योगी ने कहा कि महाराज सुहेलदेव हमारे लिए प्रेरणा है। आक्रांताओं को दहलाने वाला शौर्य कैसा होना चाहिए, महाराज सुहेलदेव उसके प्रतीक हैं। विदेशी आक्रांताओं के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए, विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए इसकी प्रेरणा महराज सुहेलदेव ने हम सबको एक हजार वर्ष पहले दी थी। देश की आजादी में कैसे त्याग और बलिदान होना चाहिए गोंडा उसका प्रतीक है। आज गोंडा के पास अपना इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर कॉलेज है। कम्पोजिट विद्यालय और अस्पताल बन रहे हैं। गोंडा में जहां जो चाहिए वो विकास किया जा रहा है। विकास के कार्य, गरीब कल्याणकारी कार्य, विरासत से जुड़े हुए कार्य, नौजवानों के लिए नौकरी और निवेश के माध्यम से रोजगार हो। यह तब संभव हो पा रहा है, जब आपने कमल का बटन दबाया। अच्छी सरकार चुनोगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। सीएम योगी ने कहा कि अब तो श्री अयोध्या धाम में राम भक्त के अलावा कोई 'रामद्रोही' घुस ही नहीं सकता है। ऐसी व्यवस्था कर दी गई है। आज अयोध्या चमक रही है। एक नई अयोध्या का मॉडल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि 2015-16 में भी दुर्गा पूजा के समय गोंडा में दंगे का प्रयास किया गया था। मां दुर्गा की पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन नहीं किया जाता था। उत्सव के पहले उपद्रव होता था। उन्होंने कहा कि बेटी सुरक्षित नहीं। व्यापारी सुरक्षित नहीं। और सत्ता में बैठे लोग 2017 के पहले इन दंगाई और पेशेवर गुंडो के सामने नतमस्तक होते थे। प्रदेश में कर्फ्यू रहता था। अब उत्सव के रंग में किसी ने भंग डालने का काम किया तो उसका वर्तमान तो जाएगा ही, उसका भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। 500 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है। अब उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और कोई भी अपराधियों के रंग में भंग नहीं डाल सकता। अयोध्या में अब रामभक्तों के अलावा कोई रामद्रोही कदम भी नहीं रख सकता।

ऑनलाइन सीट बुकिंग कर स्टेज कैरिज की तरह चल रहीं बसों पर होगी सख्त कार्रवाई

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) के तहत संचालित उन बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीटवार बुकिंग कर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं। परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 9 से 11 जून तक प्रदेशव्यापी विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के प्रमुख मार्गों, एक्सप्रेस-वे और टोल प्लाजाओं पर 24 घंटे प्रवर्तन दल तैनात रहेंगे। विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा, ताकि नियमों के विपरीत संचालित हो रही बसों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। अवैध यात्री परिवहन पर रहेगी विशेष नजर परिवहन विभाग के अनुसार, कुछ पर्यटक परमिट धारक बसें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग यात्रियों को सीटवार टिकट बेचकर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं, जो परिवहन नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने और अवैध यात्री परिवहन को नियंत्रित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त टीमें करेंगी कार्रवाई डॉ. उदित नारायण ने बताया कि अभियान के दौरान परिवहन विभाग, यात्रीकर अधिकारियों और रोडवेज अधिकारियों की संयुक्त टीमें विभिन्न स्थानों पर जांच करेंगी। चेकिंग के दौरान दस्तावेजों, परमिट की शर्तों और संचालन प्रणाली की गहन पड़ताल की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गौतमबुद्ध नगर में पहले से जारी है कार्रवाई उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में प्रवर्तन विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। मई माह के दौरान 242 बसों की जांच की गई, जिनके खिलाफ विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब एक लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा वाहनों पर बकाया 67 लाख रुपये का कर भी जमा कराया गया। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के पालन पर जोर परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध यात्री परिवहन पर प्रभावी रोक लगाना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और परिवहन नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराना है। विभाग को उम्मीद है कि विशेष चेकिंग अभियान के माध्यम से नियमों के विरुद्ध संचालित हो रही बसों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।