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राम मंदिर संग अयोध्या में दिखेगी वाल्मीकि व निषादराज की आस्था

– पीएम मोदी ने “मन की बात” में किया विशेष उल्लेख, कहा दर्शन जरूर करें – संगमरमर से बनी महर्षि वाल्मीकि व निषादराज गुह्य की प्रतिमाएं स्थापित – अक्टूबर 2025 तक श्रद्धालुओं को मिलेगा दर्शन का सौभाग्य – रामायण की समरस परंपरा को साकार करेगा भव्य रामजन्मभूमि परिसर अयोध्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण अंतिम चरण में है। यह पावन धाम अब श्रद्धालुओं के लिए लगभग पूर्णता की ओर अग्रसर है। इसी क्रम में भगवान श्रीराम की कथा से जुड़े महापुरुषों, महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य के राम मंदिर का निर्माण भी तेजी से संपन्न हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के 126वें एपिसोड में महर्षि वाल्मीकि और रामायण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अगले महीने 7 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है। महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े आधार स्तंभों में से एक हैं। उन्हीं की रचना रामायण ने मानवता को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मूल्यों से परिचित कराया। श्रीराम ने सेवा, समरसता और करुणा से सबको अपने साथ जोड़ा। यही कारण है कि रामायण में माता शबरी और निषादराज जैसे पात्रों का विशेष स्थान है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के निर्माण के साथ ही महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर भी स्थापित किए गए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जब भी कोई अयोध्या जाए, तो रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज मंदिर के दर्शन अवश्य करे। संगमरमर की प्रतिमाओं से सजेगा मंदिर परिसर बता दें कि रामजन्मभूमि परिसर में बीते शनिवार को सप्तमंडप में निषादराज गुह्य और महर्षि वाल्मीकि की भव्य प्रतिमाओं की स्थापना की गई। ये प्रतिमाएं जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकारों द्वारा विशेष संगमरमर पत्थर से तराशी गई हैं। इन मूर्तियों को मंदिर के दक्षिणी हिस्से में स्थित अंगद टीले के समीप स्थापित किया गया है। ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, आगामी अक्टूबर 2025 के बाद यह परिसर श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण रूप से खोल दिया जाएगा। तब देशभर से आने वाले भक्त रामलला के दर्शन के साथ महर्षि वाल्मीकि और निषादराज गुह्य की प्रतिमाओं के भी दर्शन कर पाएंगे। अयोध्या बनेगी आस्था और समरसता का प्रतीक धार्मिक विद्वानों का मानना है कि अयोध्या का यह स्वरूप भारतीय संस्कृति की समरस परंपरा का जीवंत प्रतीक बनेगा। भगवान श्रीराम केवल अयोध्या के ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। ऐसे में महर्षि वाल्मीकि और निषादराज के मंदिर श्रद्धालुओं को यह संदेश देंगे कि रामकथा केवल राजाओं और महलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाली धारा है।

पोलियो को हराकर हज़ारों महिलाओं की ताकत बनीं हिना नाज़

मिशन शक्ति-5.0  – कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं हिना – योगी सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी व लाभ दिलाने में करती हैं महिलाओं की मदद – अबतक 26 हजार से अधिक महिलाओं की कर चुकी हैं मदद लखनऊ कठिनाइयाँ जब हौसलों से टकराती हैं, तो इतिहास बनता है। कुछ ऐसी ही कहानी है एटा जिले की मोहल्ला पोस्तीखाना, कस्बा सकीब हिना नाज की। हिना योगी सरकार के मिशन शक्ति अभियान के जरिए जरिए नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की प्रेरक मिसाल बनी हैं। बचपन से एक पैर से पोलियोग्रस्त होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कासगंज जिला प्रोबेशन कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हिना साहस और सेवा-भावना की जीती-जागती मिसाल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने हिना जैसे समर्पित महिलाओं को नारी शक्ति के रूप में सशक्त किया, जो पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही हैं। हिना नाज़ रोज़ सुबह घर से निकलकर कासगंज कार्यालय पहुँचती हैं। रोजना 150 किलोमीटर की दौड़ लेकिन न ठंड उन्हें रोकती है, न तपती धूप। उनका एक ही संकल्प है, किसी भी पात्र महिला को योजनाओं से वंचित न रहने देना। जिला प्रोबेशन कार्यालय में आने वाली महिलाओं के लिए वे अब सहारा और उम्मीद का प्रतीक बन चुकी हैं। हिना स्वयं दस्तावेज़ों का सत्यापन करती हैं, कंप्यूटर फीडिंग का पूरा कार्य संभालती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि हर पात्र महिला को समय पर पेंशन मिले। उनकी कार्यशैली में ईमानदारी और संवेदनशीलता झलकती है। जब उन्होंने शुरुआत की थी, तब जिले में केवल करीब 8,000 महिलाएं निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ उठा रही थीं। लेकिन उनके अथक प्रयासों और लगन से सितम्बर 2025 तक यह संख्या 26,928 तक पहुँच गई। साथ में योगी सरकार की और स्पॉन्सरशिप योजना के तहत बच्चों को योजना का लाभ दिलाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ रही हैं। यह उपलब्धि बताती है कि यदि निष्ठा और लगन हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। असली शक्ति शारीरिक सामर्थ्य में नहीं, बल्कि मनोबल और आत्मविश्वास की दृढ़ता में होती है। हिना मानती हैं कि शारीरिक चुनौतियाँ इंसान की शक्ति को परिभाषित नहीं करतीं। वो कहती हैं कि “खुश रहने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता नहीं होती, बस खुद पर भरोसा होना चाहिए।” उन्होंने अपने संघर्ष को ही अपनी शक्ति बनाया और आज हज़ारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाया जा रहा मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर केंद्रित है। हिना नाज़ का जीवन इस अभियान की सजीव तस्वीर है। उन्होंने यह साबित किया है कि महिला सशक्तीकरण केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीनी स्तर पर महिलाओं की बदलती सोच और आत्मविश्वास से साकार होता है। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी हिना की मेहनत और सकारात्मक ऊर्जा हर एटा और कासगंज दोनों जिलों की महिलाओं को संबल देती है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर अब अन्य महिलाएँ भी उनसे प्रेरणा लेती हैं और मार्गदर्शन प्राप्त करती हैं। आज हिना नाज़ न केवल कासगंज और एटा की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं। वे यह सिखाती हैं कि यदि मन में सेवा की भावना और कार्य के प्रति निष्ठा हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती।

यूपी में महिला उद्यमिता को मिल रही नई उड़ान

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस में दिख रहा महिला शक्ति का जलवा   डॉ. निधि जैन की प्रेरक यात्रा अन्य महिलाओं को भी कर रही है प्रेरित  लखनऊ के छोटे से कमरे से शुरू हुआ सफर, आज नोएडा तक पहुंचा लखनऊ चिकनकारी को वैश्विक पहचान दिला रहीं डॉ. निधि जैन 30 से 40 महिलाओं को रोजगार देकर रच रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी योगी सरकार की नीतियों से महिला उद्यमिता को मिल रहा संबल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से बदला उत्तर प्रदेश का कारोबारी परिदृश्य महिला सुरक्षा और आत्मविश्वास से बढ़ा व्यापार का हौसला हैंडमेड चिकनकारी डिज़ाइन ने खींचा खरीदारों का ध्यान ग्रेटर नोएडा आठ साल पहले लखनऊ में के छोटे से कमरे में बैठी डॉ. निधि जैन के पास केवल सपने थे और उन्हें पूरा करने का जज्बा। परिवार और समाज की तमाम जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपने हुनर पर विश्वास किया और महिला परिधानों में पारंपरिक लखनऊ चिकनकारी और इंब्रायडरी को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। शुरुआत में संसाधन सीमित थे, लेकिन हौसला अटूट। यही वजह रही कि उनका छोटा-सा काम धीरे-धीरे लखनऊ शहर से निकलकर नोएडा तक पहुंच गया। आज उनके पास न केवल लखनऊ में, बल्कि नोएडा में भी आधुनिक स्टूडियो हैं, जहां 30 से 40 महिलाएं रोज़गार पा रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उनके ब्रांड को एक पहचान दिलाई है। खास बात यह है कि उनके द्वारा बनाई गई कढ़ाई पूरी तरह से हैंडमेड होती है, जिसमें एक-एक डिजाइन तैयार करने में महीनों का समय लग जाता है। योगी सरकार ने दिया नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का विश्वास डॉ. जैन मानती हैं कि उनकी सफलता की कहानी केवल उनकी मेहनत की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदले माहौल की भी गवाही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में महिला उद्यमियों के लिए जो नीतियाँ बनीं, उनका उन्हें सीधा लाभ मिला। चाहे ब्याजमुक्त लोन हो, आसान सब्सिडी स्कीम्स हों या बिज़नेस स्थापित करने की सहूलियत—आज हर महिला को प्रदेश में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। डॉ. जैन कहती हैं कि योगी सरकार ने महिला उद्यमियों को फुल सपोर्ट दिया है। आज हम सर उठाकर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में योगदान कर पा रहे हैं। यूपीआईटीएस 2025 से महिला शक्ति को मिला बड़ा मंच उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) इस नई सोच और बदलते परिदृश्य का सबसे बड़ा प्रमाण है। लखनऊ और नोएडा से अपने ब्रांड को खड़ा करने वाली डॉ. जैन भी इस शो का हिस्सा बनीं। उन्होंने स्टॉल नंबर 15 पर अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। यहां आने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने उनके चिकनकारी डिज़ाइनों की खूब सराहना की। उनके स्टॉल पर महिलाओं की भागीदारी और रोजगार का मॉडल देखकर अन्य महिला उद्यमियों को भी प्रेरणा मिली। उनके अनुसार, यूपीआईटीएस 2025 केवल एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि यह संदेश है कि उत्तर प्रदेश अब महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और अनुकूल निवेश गंतव्य बन चुका है। बदलते उत्तर प्रदेश में बदलती महिलाएं डॉ. निधि जैन के मुताबिक, पिछले साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। व्यापार करना और व्यापार शुरू करना अब बेहद आसान हो गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से व्यापारियों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचने में आसानी हो रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि अब महिला उद्यमियों को सुरक्षा और आत्मविश्वास दोनों मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल आज डॉ. निधि जैन जैसी उद्यमी न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर दे रही हैं। इस तरह की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव का साक्षी बन रहा है। डॉ. निधि जैन की यह यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जहां महिला उद्यमियों को न सिर्फ सपने देखने की आजादी मिली है, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए सरकार की ठोस नीतियां और समर्थन भी मिल रहा है।

मौलाना तौकीर का खेल बदला? धार्मिक और राजनीतिक बयानबाजी पर बरेली में पलटा असर

बरेली  बरेली बवाल में जेल भेजा गया मौलाना तौकीर रजा एक बार नहीं, बल्कि हर बार अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहा है। मौलाना के तल्ख टिप्पणी से कई बार शहर का माहौल खराब हो चुकी है। सीएए, एनआरसी से लेकर अपने समाज से जुड़े तमाम संवेदनशील मुद्दों पर उनकी तकरीरें माहौल गरमा चुकी हैं। तीखी बयानबाजी के चलते मौलाना कई बार नजरबंद हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी उसकी बयानबाजी से जहर उलगना बंद नहीं हुआ। लेकिन शुक्रवार को बरेली बवाल के लिए लोगों को उकसाने के मामले में उसका दांव उलटा पड़ गया। इस बार मौलाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे जेल जाना पड़ा। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां कट्टर और भड़काऊ भाषणों के लिए पहचाने जाते हैं। हर नया बयान उनके विवादों के ग्राफ में इजाफा करता गया है। धर्म से लेकर राजनीति तक, हर मुद्दे पर उनके तीखे बोल न सिर्फ बहस को जन्म देते हैं, बल्कि कई बार प्रशासन और समाज दोनों को असहज स्थिति में डाल देते हैं। विवादित बयान देने के लिए चर्चित है मौलाना तौकीर 2017 में बोले, तुम्हारे धर्म में भी तो एक महिला के पांच-पांच पति होते हैं। महिला को पता भी नहीं होता है कि उसके बच्चे का बाप कौन है। 2020 में सीएए को वापस नहीं लिए जाने पर गलियों में खून बहने की धमकी दी थी। 2022 में नूपुर शर्मा के बयान को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन का किया था एलान। 2022 में कहा था जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आ गया तो संभलेगा नहीं। 2023 में अयोध्या मामले में उन्होंने कहा कि अब सड़क पर लड़ाई लड़ी जाएगी। 2024 में दूसरे धर्म के 23 युवाओं का सामूहिक निकाह कराने का एलान किया। 2025 में ऐलान करके जुमा नमाज के दिन लोगों को प्रदर्शन के लिए इक्ट्ठा किया। नफरत भरी तकरीर करके इक्ट्ठा की हमेशा भीड़ मौलाना ने बरेली में जेल भरो आंदोलन का एलान किया था और अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सड़क पर उतरे थे। उनके आह्वान पर हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया। कहा था कि हमें मजबूर कर दिया गया है। मुल्क में नफरत का माहौल बनाया हुआ है। मौलाना ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अगर संज्ञान नहीं ले रहा है तो हम अपनी हिफाजत खुद करेंगे। हमें कानूनी अधिकार है कि अगर कोई हम पर हमलावर होता है तो उसे जान से मार दें।  

यूपीआईटीएस 2025 बना उद्योग जगत के लिए गेम-चेंजर

यूपीआईटीएस 2025  योगी सरकार की नीतियों से उद्यमियों को मिल रही नई पहचान बुलंदशहर से ग्रेटर नोएडा तक गूंज रही सफलता की कहानियां बी2बी मीटिंग्स ने प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले नए कारोबार के रास्ते विदेशी बाजार में सराहे जा रहे यूपी के प्रोडक्ट्स ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना यूपी के उद्योगों के विकास की रीढ़ ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश निवेश और उद्योग का नया हब बन चुका है। इस मेगा इवेंट में शामिल देश-विदेश के उद्यमियों ने न सिर्फ अपने प्रोडक्ट्स की शानदार ब्रांडिंग की, बल्कि प्रदेश सरकार की पहल की सराहना करते हुए खुले दिल से सीएम योगी का आभार भी जताया। बी2बी मीटिंग्स के जरिए उद्यमियों को बेहतरीन बिजनेस लीड्स मिली हैं, जो एमओयू में बदलकर भविष्य की मजबूत आर्थिक साझेदारी की नींव रख रही हैं। योगी सरकार ने उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक दरवाजे- गौरव गुप्ता बुलंदशहर के उद्यमी गौरव गुप्ता ने कहा कि बी2बी मीटिंग्स के जरिए उन्हें वैश्विक खरीदारों से मिलने का अवसर मिला। कई विदेशी बायर्स के साथ उनकी मीटिंग्स हुई हैं और कुछ ने एमओयू भी साइन किए हैं। गौरव ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म हमारे लिए बहुत मददगार है। योगी सरकार ने उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में जो कदम उठाए हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। व्यापक बिजनेस लीड्स से बढ़ रहा आत्मविश्वास- वंश  ग्रेटर नोएडा के उद्यमी वंश दरगन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां आकर बहुत सुकून मिला। योगी सरकार ने उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए शानदार पहल की है। यहां हमें न केवल बिजनेस लीड्स मिली हैं, बल्कि अपने कारोबार को अन्य देशों तक ले जाने का रास्ता भी खुला है। विदेशी बाजार में पसंद आ रहे यूपी के प्रोडक्ट्स- यश ग्रेटर नोएडा के यश ने बताया कि उनके इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स को विदेशी बायर्स ने बहुत पसंद किया है। उन्होंने कहा कि हम प्रतिदिन बी2बी मीटिंग्स कर रहे हैं और हमें ढेरों बिजनेस लीड्स मिल रही हैं। यूपीआईटीएस और योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल हम जैसे उद्यमियों के लिए बेहद हेल्पफुल है। इसके लिए हम प्रदेश सरकार और सीएम योगी का तहेदिल से आभार जताते हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया मॉडल यूपीआईटीएस 2025 यह दिखा रहा है कि किस तरह उत्तर प्रदेश अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का मॉडल बन रहा है। योगी सरकार द्वारा बनाए गए निवेश-हितैषी माहौल ने उद्यमियों को आत्मविश्वास और अवसर दोनों दिए हैं। यही वजह है कि छोटे शहरों से लेकर बड़े उद्योगपति तक, हर कोई इस आयोजन को गेम-चेंजर मान रहा है। यूपीआईटीएस 2025 ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच और नीतियां उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग और वैश्विक व्यापार की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही हैं। उद्यमियों ने मिलकर यही कहा कि“थैंक्यू योगी जी, आपने हमारे सपनों को नया आयाम दिया।”

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और वैश्विक पहचान की राह पर बढ़ता उत्तर प्रदेश

यूपीआईटीएस 2025 यूपीआईटीएस से विदेशी बाजार तक पहुंच बना रहीं उत्तर प्रदेश की महिला उद्यमी एमओयू के जरिए मिल रही नई पहचान और बड़े मौके कानपुर से दिल्ली-एनसीआर तक गूंजी सफलता की कहानियां ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना बदलाव का आधार, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश कर रहा यूपी सरकार के प्रयासों ने बढ़ाई बिजनेस लीड्स और अवसर, ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर दम दिखा रहीं प्रदेश की महिलाएं ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) ने इस बार महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास और संभावनाओं को नई उड़ान दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए बिजनेस-फ्रेंडली माहौल और महिलाओं को बढ़ावा देने वाली नीतियों का असर इस इवेंट में साफ नजर आया। यहां देश और विदेश से आए बायर्स के साथ महिला उद्यमियों ने बड़ी डील्स साइन कीं, जिससे उनके ब्रांड्स को न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक पहचान भी मिली। यूपीआईटीएस 2025 ने यह साबित कर दिया है कि सही नीति और मजबूत नेतृत्व से महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का मौका मिलता है। योगी सरकार के प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को न केवल निवेश और व्यापार का हब बनाया है, बल्कि महिला उद्यमिता को भी नई पहचान दी है। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई क्रांति साबित हो रहा है। संगीता को मिला 10 हजार डॉलर का एमओयू  कानपुर की एंटरप्रेन्योर संगीता सिंह ने बताया कि यह इवेंट मेरे लिए बहुत लाभकारी साबित हुआ है। मैं लगातार तीसरे वर्ष इसमें पार्टिसिपेट कर रही हूं। हर बार की तरह इस बार भी मुझे फॉरेन बॉयर्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। शनिवार को ही मैंने यहां पर 10 हजार डॉलर का एमओयू साइन किया है। मोदी सरकार और योगी सरकार ने जिस तरह से प्रदेश में महिला उद्यमियों को प्रमोट किया है वो बेहद शानदार है और इससे महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम हो रही है।  वैश्विक पहचान का मिल रहा अवसर- श्रुति  दिल्ली एनसीआर की श्रुति चंडक ने भी यूपीआईटीएस में फॉरेन बायर्स के साथ बड़ी डील साइन करते हुए एमओयू किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और सीएम योगी की वजह से आज इस इवेंट का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। यूपीआईटीएस के रूप में यह एक प्लेटफॉर्म मिला है, जहां महिला उद्यमियों को भी अपने ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाने में सफलता मिल रही है। सीएम योगी का इसके लिए आभार जताती हूं।  महिला उद्यमियों के लिए बेहतर है माहौलः रबलीन कॉरिस क्वीन प्रा.लि. की रबलीन कौर ने बताया कि इस आयोजन का हिस्सा बनकर वो बहुत खुश हैं। यूपीआईटीएस में सम्मिलित होने का यह उनका पहला मौका है और उन्हें यहां बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उनके फूड प्रोडक्ट्स को यहां फॉरेन बॉयर्स ने बहुत सराहा है। उन्हें बहुत अच्छी बिजनेस लीड्स मिली हैं, जो इवेंट के बाद एमओयू में बदलेंगी। वहीं, हमने कुछ एमओयू भी साइन किए हैं। यहां का माहौल वाकई महिला उद्यमियों के लिए बहुत शानदार है। यूपी सरकार ने इसके लिए जो प्रयास किए हैं वो सराहनीय हैं।  विदेशी महिला बायर्स ने भी सरकार के प्रयास को सराहा रबलीन ने मॉरीशस की एक कंपनी के साथ एमओयू किया। कंपनी की प्रतिनिधि ने भी योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां पर जो प्रोडक्ट्स दिख रहे हैं वो वर्ल्ड क्लास हैं। इन प्रोडक्ट्स को निश्चित रूप से विदेशों में भी काफी पसंद किया जाएगा। उन्होंने योगी सरकार को इस इवेंट के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यहां का माहौल बिजनेस प्रमोशन के लिए वाकई यादगार है।  ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बना महिला सशक्तिकरण का आधार प्रदेश सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जो नीतियां लागू की हैं, उनका सबसे अधिक लाभ महिला उद्यमियों को मिल रहा है। एकल विंडो सिस्टम, निवेश को सरल बनाने की प्रक्रिया और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले विशेष प्रोत्साहन पैकेज ने उत्तर प्रदेश को महिला उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं की भूमि बना दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच स्पष्ट है किमहिला सशक्तिकरण बिना आर्थिक आत्मनिर्भरता के संभव नहीं। इसी दृष्टिकोण से सरकार ने महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, लोन सुविधाएं, स्किल डेवलपमेंट और मार्केट एक्सेस जैसे क्षेत्रों में मजबूती दी है। यूपीआईटीएस इसी सोच का ठोस उदाहरण है, जहां महिला उद्यमियों को अपने ब्रांड्स को आगे बढ़ाने और विदेशी बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

पंचतत्व में विलीन हुए प्रो. यूपी सिंह, मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

प्रो. सिंह के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर पहुंचे सीएम योगी, पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर किया नमन एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि देने उमड़े लोग गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। पावन राप्ती नदी के राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह ने दी। अंतिम संस्कार से पहले गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. यूपी सिंह के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर जाकर उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रो. सिंह का शनिवार तड़के निधन हो गया था। बलरामपुर से गोरखपुर आए मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रो. यूपी सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने स्मृतिशेष महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने प्रो. सिंह के पुत्रद्वय प्रो वीके सिंह, प्रो. राजीव कृष्ण सिंह और अन्य परिजनों से आत्मीय संवाद कर उन्हें ढांढस भी बंधाया। यहां महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह आदि ने भी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष रहे प्रो. यूपी सिंह को श्रद्धांजलि दी। प्रो. सिंह के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर तथा पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा व अंतिम संस्कार के समय महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारी, सदस्य, परिषद की संस्थाओं के प्रमुख, शिक्षक, कर्मचारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  प्रो. यूपी सिंह के पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा फूलों से सजे वाहन पर उनके आवास राजेंद्र नगर से होते हुए गोरखनाथ मंदिर, धर्मशाला, ट्रैफिक तिराहा, कालीमंदिर, गोलघर, कलेक्ट्री चौराहा, भगत सिंह चौक, अलहदादपुर, प्रेमचंद पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी होते हुए राप्ती घाट पुल के किनारे से नगर निगम द्वारा निर्मित श्मशान घाट तक पहुंची। यहां वैदिक विधि विधान से उनकी अंत्येष्टि की गई। इस मौके पर प्रो. विश्वनाथ तिवारी, एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश जी, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक शीतल पांडेय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव, डॉ. राजवंत राव, डॉ राजेंद्र भारती सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और आम नागरिक उपस्थित रहे।

योगी सरकार 35 हजार स्काउट-गाइड्स के लिए तैयार करेगी डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में विश्वस्तरीय व्यवस्था

– 23 से 29 नवंबर तक लखनऊ में चलेगी 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी, मेजबानी करेगी योगी सरकार  – टेंट सिटी में होंगे 3500 टेंट, 64 रसोई, 1600 शौचालय, 100 बिस्तरों का अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी – भूमि पूजन के साथ शुभंकर और लोगो भी होगा लॉन्च, नवंबर में पीएम मोदी करेंगे जम्बूरी का उद्घाटन, राष्ट्रपति करेंगी समापन – एडवेंचर, संस्कृति, शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ेगी युवा ऊर्जा, योगी सरकार के प्रयासों से 61 साल बाद यूपी को मिली जम्बूरी की मेजबानी लखनऊ उत्तर प्रदेश एक ऐतिहासिक अवसर का गवाह बनने जा रहा है। 61 साल बाद भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन यूपी में होगा। इसके डायमंड जुबली ग्रैंड फिनाले की तैयारियों का आगाज़ सोमवार (29 सितंबर) को भूमि पूजन के साथ होगा। इसके बाद अगले 55 दिनों में ये टेंट सिटी पूरी तरह से आकार ले लेगी। राजधानी लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, सेक्टर-15, वृंदावन योजना में सुबह 11:30 बजे वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भूमि पूजन करेंगे। इसी मंच से 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी का लोगो और शुभंकर भी लॉन्च किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इनमें उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और भारत स्काउट गाइड यूपी के अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य डॉ. महेन्द्र सिंह विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। 35 हजार स्काउट्स-गाइड्स की मेजबानी करेगी टेंट सिटी भूमि पूजन के साथ जिस भूमि पर टेंट सिटी तैयार की जाएगी, वहां 35 हजार स्काउट्स और गाइड्स के लिए अस्थायी लेकिन विश्वस्तरीय सुविधाएं बसाई जाएंगी। इसमें लगभग 3500 टेंट होंगे, जिनमें प्रतिभागियों का ठहराव होगा। इसके अलावा 64 सामूहिक रसोई घर, 1600 शौचालय और स्नानागार, 100 दुकानों वाली ‘जम्बूरी मार्केट’, प्रदर्शनियों के लिए विशाल हॉल और मीटिंग एरिया बनाए जाएंगे। इसमें प्रत्येक प्रतिभागी दल के लिए अलग आवासीय सुविधा होगी। स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए 100 बिस्तरों वाला अस्पताल और 15 डिस्पेंसरी स्थापित की जाएंगी, ताकि 23 से 29 नवंबर तक चलने वाले इस मेगा आयोजन में किसी भी प्रतिभागी को स्वास्थ्य सुविधा की कमी न हो। इसके साथ ही पूरा परिसर प्लास्टिक फ्री होगा, जहां ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। वाई-फाई जोन, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग हॉल के साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन की व्यवस्था होगी।  आयोजित होंगी साहसिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियां जम्बूरी में आने वाले स्काउट्स-गाइड्स हाई रोप्स, जिपलाइन, ट्रैकिंग और एडवेंचर पार्क जैसी गतिविधियों से साहसिक अनुभव प्राप्त करेंगे। वहीं फर्स्ट एड, गांठें बांधना और जीवन रक्षा जैसी स्काउटिंग की मूल विधाओं से व्यवहारिक जीवन जीने की कला सीखेंगे। सांस्कृतिक मंच पर ग्लोबल विलेज, लोक नृत्य, नाटक और गीत-संगीत का रंग बिखरेगा। विज्ञान और तकनीक की दुनिया से रूबरू कराने के लिए रोबोटिक्स और विज्ञान प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। साथ ही सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और टीमवर्क आधारित गतिविधियां युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करेंगी। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी होंगे सहभागी 24 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जम्बूरी का भव्य उद्घाटन करेंगे। समापन 28 नवंबर को राष्ट्रपति महोदया के कर-कमलों से होगा। इस बीच पूरे एक सप्ताह तक चलने वाला यह महाकुंभ युवाओं को नेतृत्व, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी की सीख देगा। यूपी के लिए गौरव का क्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से 61 वर्ष बाद राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश को मिली है। लखनऊ में बनने वाली यह टेंट सिटी न केवल आयोजन का केंद्र होगी बल्कि यह संदेश भी देगी कि उत्तर प्रदेश अब बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी के लिए पूरी तरह सक्षम है। भूमि पूजन के साथ ही इस ऐतिहासिक जम्बूरी की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। पिछली बार 1964 में प्रयागराज में आयोजित हुआ था जम्बूरी भारत में पहली बार जम्बूरी का आयोजन 1953 में हैदराबाद में हुआ था। उसके बाद से अब तक 18 राष्ट्रीय जम्बूरी हो चुकी हैं। 1964 में प्रयागराज ने चौथे जम्बूरी की मेजबानी कर उत्तर प्रदेश का नाम इतिहास में दर्ज कराया था। अब, छह दशकों से अधिक समय बाद, योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से यूपी को फिर से यह मौका मिला है। युवा शक्ति का महापर्व बनेगा आयोजन जम्बूरी एक सप्ताह का ऐसा आयोजन होगा जिसमें देश-विदेश से हजारों युवा स्काउट और गाइड्स एक अस्थायी टेंट सिटी में रहेंगे। वे न केवल एडवेंचर, खेलकूद, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और टीमवर्क जैसी जीवन मूल्यों को भी आत्मसात भी करेंगे। प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं जम्बूरी का हिस्सा जम्बूरी का प्रधानमंत्री मोदी से भी गहरा रिश्ता है। 2009 में जब स्काउटिंग के 100 वर्ष पूरे हुए थे, उस वक्त अहमदाबाद में आयोजित जम्बूरी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने भाग लिया था। बतौर प्रधानमंत्री, वे देशभर के 35 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों को लखनऊ में संबोधित करेंगे।

दर्शकों से खचाखच भरे हाल में हुआ भव्य आयोजन

यूपीआईटीएस 2025 ग्रेटर नोएडा हॉल खचाखच भरा था… दर्शकों को खादी फैशन शो का बेसब्री से इंतज़ार था। जैसे ही रोशनी जली और संगीत गूंजा, सबकी निगाहें रैंप की ओर टिकी रह गईं। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के तीसरे दिन आयोजित “री-स्पन: द खादी एडिट” ने उत्तर प्रदेश की कपड़ा विरासत को आधुनिक अंदाज़ में प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रदेश के एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उत्पादन, वस्त्र एवं हथकरघा मंत्री राकेश सचान भी मौजूद रहे। हौट कॉउचर में खादी की विरासत “री-स्पन: द खादी एडिट” ने खादी को पारंपरिक परिधान से निकालकर आधुनिक फैशन की धुरी के रूप में पेश किया। रैंप पर मॉडल्स ने खादी की विविधता को हौट कॉउचर (Haute Couture) अंदाज़ में प्रदर्शित किया। कहीं चिकनकारी और रेशमी बुनावट को इंडो-वेस्टर्न लुक में ढाला गया तो कहीं खादी को ऑफिस वियर, कैज़ुअल्स और पार्टी वियर की शक्ल में प्रस्तुत किया गया। कारीगरों को मिला वैश्विक मंच शो का उद्देश्य केवल फैशन का प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि यह स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के कौशल को दुनिया तक पहुँचाने का जरिया भी बना। विदेशी बायर्स, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और फैशन डिज़ाइनरों ने खादी की संभावनाओं पर गहरी रुचि दिखाई। खादी की आधुनिक प्रस्तुति ने इसे सस्टेनेबल फैशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्थापित किया। खादी के जादू ने छोड़ी अमिट छाप करीब दो घंटे तक चले “री-स्पन: द खादी एडिट” का समापन तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हुआ। रोशनी, संगीत और खादी के अनूठे डिज़ाइनों से सजा यह मंच दर्शकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुआ। शो ने यह संदेश स्पष्ट किया कि खादी केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि भविष्य के फैशन का भी मजबूत आधार है।

शारदीय नवरात्रि में गोरक्षपीठाधीश्वर ने मां के चरणों में लगाई हाजिरी

गो माता को खिलाया गुड़, बच्चों से मिले, दी चॉकलेट मंदिर में आये श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, व्यवस्थाओं का लिया जायजा लखनऊ गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को बलरामपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने मां पाटेश्वरी मंदिर में रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर की व्यवस्थाओं व नवरात्रि मेले की तैयारियों की जानकारी ली।  इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार प्रातः तुलसीपुर में देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन, पूजन-अर्चन किए। मां की आरती उतारी। मुख्यमंत्री ने मां से सुखी, स्वस्थ व प्रसन्नचित्त उत्तर प्रदेश की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री गोशाला गए, जहां उन्होंने गायों को गुड़ व चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।  इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। बच्चों को देखकर उनके पास पहुंचे और हालचाल जाना। फिर उन्हें चॉकलेट भी दी और खूब मन लगाकर पढ़ने को कहा। इस दौरान मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी, कालीबाड़ी मंदिर गोरखपुर के महंत रवींद्र दास भी मौजूद रहे।