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खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, आत्मनिर्भरता और सतत जीवनशैली का प्रतीक बनकर उभरा

यूपीआईटीएस 2025 में दिखी खादी की दमक फैशन शो में खादी की बुनावट और आधुनिक डिज़ाइन का शानदार मेल देखने को मिला खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, आत्मनिर्भरता और सतत जीवनशैली का प्रतीक बनकर उभरा ODOP और विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं ने कारीगरों व बुनकरों को दिया बड़ा संबल सस्टेनेबल फैशन के प्रति जागरूकता से खादी ‘फैब्रिक ऑफ फ्यूचर’ बनकर उभरी यूपीआईटीएस 2025 ने दिखाया उत्तर प्रदेश खादी को ग्लोबल ब्रांड बनाने की राह पर अग्रसर योगी सरकार ने बढ़ाया आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का सफर ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में खादी का जादू छाया रहा। खादी न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनकर सामने आई, बल्कि फैशन की दुनिया में अपनी आधुनिक पहचान भी दर्ज कराई। शानदार फैशन शो में मॉडल्स ने खादी के परिधानों की ऐसी श्रृंखला प्रस्तुत की, जिसमें परंपरागत शिल्प कौशल और आधुनिक डिज़ाइन का अनोखा संगम देखने को मिला। इसने यह संदेश दिया कि खादी ‘ट्रेडिशन टू ट्रेंड’ की यात्रा तय कर चुकी है और अब वैश्विक फैशन का हिस्सा बन रही है। योगी सरकार का विशेष फोकस मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील कर रहे हैं। खादी भी स्वदेशी परिधानों का महत्वपूर्ण अंग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तर प्रदेश ने खादी और हैंडलूम को नई पहचान दी है। योगी सरकार खादी को सिर्फ परिधान तक सीमित नहीं मानती, बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली का मजबूत आधार मानती है। योगी सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना ने हजारों बुनकरों और कारीगरों को सीधा लाभ पहुंचाया है। सरकार का लक्ष्य है कि खादी को स्थानीय से वैश्विक स्तर तक ब्रांड बनाकर उत्तर प्रदेश को ‘हैंडलूम हब’ के रूप में स्थापित किया जाए। उत्तर प्रदेश में खादी का बढ़ता चलन राज्य में खादी उत्पादों की खपत लगातार बढ़ रही है। युवाओं में टिकाऊ फैशन को लेकर बढ़ती जागरूकता ने खादी को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बना दिया है। यही वजह है कि आज खादी को ‘फैब्रिक ऑफ फ्यूचर’ कहा जाने लगा है। वैश्विक मंच पर खादी की गूंज यूपीआईटीएस 2025 में खादी की प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश न केवल परंपरा को संजो रहा है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उसे वैश्विक मंच पर भी स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सरकार का प्रयास है कि खादी को सिर्फ एक कपड़े के रूप में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, कारीगरी और सतत विकास के प्रतीक के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। सरकार का प्रयास इसी दिशा में है। उत्तर प्रदेश ने खादी को वैश्विक फैशन जगत में उतारकर दुनिया को यह दिखाया है कि स्थानीय शिल्प और आत्मनिर्भरता से भी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई जा सकती है।

जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

बूढ़ी मां के दर्द को सुन द्रवित हुए सीएम योगी, कैंसर पीड़ित बेटे को भिजवाया अस्पताल जनता दर्शन :शारदीय नवरात्रि में प्रदेशवासियों की समस्या से रूबरू हुए मुख्यमंत्री  हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे मुख्यमंत्री, सभी की समस्या सुन निस्तारण के लिए अफसरों को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री आवास से सरकारी एंबुलेंस द्वारा सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया मरीज     नर सेवा ही नारायण सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री  लखनऊ  शक्ति स्वरूपा मां जगतजननी की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रूप देख द्रवित मां के कलेजे ने उन्हें खूब आशीर्वाद दिया। मां की जुबां में दर्द था, लेकिन आंखों में उस समय सुकून आ गया, जब वह अपना दर्द यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ से बयां कर ली। नर सेवा को नारायण सेवा और 25 करोड़ प्रदेशवासियों को परिवार मानने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को एक बूढ़ी मां का दर्द सुन द्रवित हो गए। सीएम योगी ने तत्काल उनके कैंसर पीड़ित बेटे को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाया और बेहतर इलाज का निर्देश दिया। कभी दर-दर भटक रही कानपुर की गरीब महिला के लिए शारदीय नवरात्रि उम्मीद की किरण लेकर आया, जब वह सोमवार को 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचीं।  सीएम ने सरकारी एंबुलेंस से पीड़ित को भिजवाया हॉस्पिटल  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह 'जनता दर्शन' किया। इस दौरान प्रदेश के 50 से अधिक पीड़ित पहुंचे। मुख्यमंत्री एक-एक करके सभी के पास पहुंचे, उनका प्रार्थना पत्र लिया और अफसरों को तत्काल उचित निराकरण का निर्देश दिया। इसी बीच कानपुर के रायपुरवा की 63-64 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री जी से कहा कि महाराज, हमारे जवान बेटे को कैंसर हो गया है। हम गरीब हैं, इलाज नहीं करा पा रहे। हमारे पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए। इलाज के लिए कुछ आर्थिक सहायता मिल जाए। बुजुर्ग महिला की यह बात सुन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल उस बच्चे को कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियिलिटी इंस्टीट्यूट भिजवाने और उपचार प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 'जनता दर्शन' से सीधे उसे अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी जांच प्रारंभ हो गई।  नर सेवा ही नारायण सेवा मुख्यमंत्री ने हर पीड़ित से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर सेवा, नारायण सेवा को अंगीकृत कर कार्य कर रही है। सभी प्रदेशवासियों के चेहरे पर खुशी लाना सरकार का उद्देश्य है। इसे लेकर ही सरकार नियमित रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के लिए किसी भी पीड़ित ने स्वयं, जनप्रतिनिधि या किसी भी माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, उसे सहायता उपलब्ध कराई गई है। हमारी सरकार हर पीड़ित के साथ है। इलाज के लिए सरकार आगे भी आर्थिक सहायता निरंतर रूप से उपलब्ध कराती रहेगी। अन्य पीड़ितों ने भी सीएम को बताई पीड़ा  'जनता दर्शन' में मथुरा-वृंदावन और लखनऊ से आए व्यक्ति ने अवैध निर्माण की भी शिकायत की। वहीं साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर भी नोएडा के पीड़ित ने अपनी बात रखी। इलाज के लिए आर्थिक सहायता, पुलिस, प्रशासन, राजस्व, बिजली आदि से जुड़े मामले भी लोगों ने रखा।  नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा, दी चॉकलेट  'जनता दर्शन' में कई फरियादियों के साथ बच्चे भी आए, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुलार भी किया। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। सीएम योगी ने सभी बच्चों को चॉकलेट-टॉफी भी प्रदान की।

बरेली हिंसा का सच उजागर, मोहम्मद नदीम गिरफ्तार, मौलाना तौकीर से जुड़े राज फोड़े

बरेली आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही है और हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर रही है. इसी कड़ी में पुलिस तौकीर रजा के 77 मददगारों को तलाश रही है और अपने रडार पर रखी हुई है. इसके अलावा मौलाना तौकीर का अतीक अहमद से भी कनेक्शन का मामला सामने आ रहा है.   मौलाना तौकीर का अतीक से कनेक्शन? बरेली हिंसा का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर का अब अतीक अहमद से कनेक्शन ढूंढ जा रहा है. दरअसल, जिस होटल में तौकीर छिपा हुआ ता, उसी होटल में अतीक का एक बहुत करीबी भी छिपा हुआ था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.  मौलाना तौकीर रजा का करीबी गिरफ्तार कर लिया गया है. मौलाना तौकीर रजा का लेफ्ट हैंड मो नदीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मोहम्मद नदीम आईएएमसी का पूर्व जिला अध्यक्ष भी रह चुका है. मो नदीम बरेली बवाल के मास्टर माइंड में से एक है. मोहम्मद नदीम ने लगातार पुलिस को गुमराह किया. व्हाट्सअप काल कर लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाता था. यूपी में पोस्टर वॉर की गूंज तेज हो गई है. एक ओर जहां प्रदेश में ‘I Love Muhammad’ के पोस्टर से विवाद गहराता जाता रहा है, वहीं दूसरी ओर आगरा में एक बड़ा बैनर लगाया गया है जिस पर लिखा है ‘आई लव श्री योगी आदित्यनाथ जी.’ इस पोस्टर में देखा जा सकता है कि एक बुलडोजर भी है, साथ ही लिखा है योगी का बुलडोजर अपराधी का गेम ओवर. बरेली में शुक्रवार को हुए बवाल के बाद शांति है. रविवार को बरेली पुलिस ने 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था. 15 आरोपियों को जेल भेजा गया. वहीं 6 का शांति भंग में चालान किया गया. कोतवाली थाना क्षेत्र से 13 और 12 बारादरी थाना क्षेत्र से दो उपद्रवी जेल भेजे गए. तौकीर रजा के 77 मददगार पुलिस के रडार पर है. इनमें नगर निगम के चार-पांच पार्षद भी शामिल हैं. पुलिस प्रशासन वक्फ संपत्ति पर कब्जा किए हुए नेताओं की लिस्ट भी बना रही है. वहीं तौकीर रजा के बड़े भाई तौफीक रजा ने शांति की अपील मुस्लिम शख्स ने दी सीएम योगी को चेतावनी, अभद्र भाषा का किया उपयोग उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ केस आग की तरह फैल चुका है. कानपुर से शुरू हुए इस विवाद ने बरेली में बड़ा रूप ले लिया, जो हिंसा में बदल गया. जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए मौलाना तौकीर रजा समेत मुस्लिम समुदाय के कई लोगों कि गिरफ्तार कर लिया. वहीं अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स, जो पेशे से ड्राइवर है, वह सीएम योगी को लेकर अभद्र भाषा का उपयोग कर रहा है. आरोपी का नाम इमरान खान है और वह कह रहा है कि सीएम योगी बरेली और कानपुर की पुलिस कम पड़ जाएगी. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.  

चंगाई सभा में 50 से ज्यादा हिंदू परिवार हुए धर्मांतरित, लखनऊ में बढ़ी चर्चाएँ

लखनऊ  यूपी की राजधानी लखनऊ में निगोहां पुलिस ने बक्तौरीखेड़ा और आस-पास के 50 से अधिक हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले को गिरफ्तार किया है। चंगाई सभा में वह कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाता था। गठिया, मिर्गी, सांस और अन्य गंभीर बीमारियां ठीक करने का झांसा देकर प्रार्थना सभा में बुलाता था। बाइबिल पढ़ाता। पवित्र जल छिड़कता और प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाता था। लोगों का ब्रेनवॉश कर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काता और आर्थिक लालच देकर ईसाई बना देता था। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी मलखान निगोहां के बक्तौरी खेड़ा मेहन्दौली का रहने वाला है। काफी समय से क्षेत्र में धर्मांतरण की सूचना मिल रही थी। इसलिए एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में टीम तैयार की गई थी। थानाध्यक्ष अनुज, सर्विलांस और अन्य टीमें लगाई गईं। साक्ष्य जुटाकर पुलिस टीम ने शनिवार को मलखान को हुलास खेड़ा मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसने करीब 10 साल पहले ईसाई धर्म ग्रहण करने के बाद नाम मैथ्यू रख लिया। अपने भाई-भतीजों और बच्चों का नाम भी बदल दिया। इसके बाद अपने खेत में एक कमरा बनाकर महीने में दो बार चंगाई सभा करने लगा। उसमें महिलाओं-बच्चों और पुरुषों को बुलाता था। उन्हें बीमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का प्रलोभन देता था। उन्हें बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मांतरण कराता था। वह अब तक आस-पड़ोस के गांवों के करीब 50 लोगों का धर्मांतरण करा चुका है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। उसके घर से दो बाइबिल और प्रचार प्रसार की सामग्री बरामद की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा डीसीपी ने की है। इस मामले में हिंदू संगठनों ने पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन किया था। फंडिंग की जांच शुरू एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि ईसाई बनाने के बाद मलखान लोगों की आर्थिक मदद भी करता था। उसे फंडिंग कौन करता था, इस बिंदु की जांच की जा रही है। मलखान और उसके परिवारीजनों के बैंक खातों की जांच की जा रही है।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री बोले– खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार है

उद्यमियों को मिलेगा निःशुल्क स्टॉल प्रदेश के सभी जिलों में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजन खादी वस्त्र नहीं, विचार है– राकेश सचान जीएसटी सुधार से एमएसएमई सेक्टर को मिली ताकत मोदी सरकार के प्रयासों से खादी की बिक्री में दोगुनी बढ़ोतरी ग्रेटर नोएडा केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में कटौती के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्यमियों को बड़ा तोहफा दिया है। खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में 9 से 16 अक्टूबर तक आठ दिवसीय ट्रेड शो आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में उद्यमियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपने उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सकें। यह घोषणा मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) के चौथे दिन “खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन” विषय पर आयोजित सेमिनार में की। एमएसएमई सेक्टर को मिली नई ऊर्जा राकेश सचान ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर सुधार किया गया है, जिससे एमएसएमई सेक्टर को नई ऊर्जा मिली है। पहले केवल मंडल स्तर पर ट्रेड शो आयोजित होते थे, लेकिन यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की सफलता को देखते हुए सरकार ने इसे अब जिला स्तर पर भी ले जाने का निर्णय लिया है। इन शो में खादी, टेक्सटाइल, ODOP समेत सभी सेक्टर के उद्यमी भाग लेंगे। अधिकारियों को इसके लिए उपयुक्त स्थान तय करने के निर्देश दे दिए गए हैं। खादी उत्पादन और शोरूम घटने पर चिंता मंत्री ने कहा कि खादी के उत्पादन और शोरूम की संख्या घटने पर सरकार गंभीर है। इस पर विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स से लगातार विमर्श हो रहा है। युवाओं को खादी से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों में खादी शोरूम खोलने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिए बेहतर है खादी राकेश सचान ने कहा कि बाजार में उपलब्ध अधिकांश कपड़े पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक हैं, जबकि खादी पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित है। उन्होंने खादी को महंगा मानने की धारणा को गलत बताते हुए कहा कि अन्य कपड़ों की तुलना में खादी सस्ती है। दोगुनी हुई खादी की बिक्री मंत्री ने बताया कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यभार संभाला है, तब से खादी को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री लगातार खादी को डिजाइन और तकनीक से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बीते वर्षों में खादी की बिक्री दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ‘यूपी का स्वाद’ बेमिसाल, जायकों के संग उमड़ी भीड़

यूपीआईटीएस 2025 – ट्रेड में सजी परंपरागत व्यंजनों से फूड स्ट्रीट, हर जिले की खासियत एक ही जगह – पारंपरिक जायकों के संग अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स खरीदने को उमड़ रहे युवा, युवाओं के लिए खास आकर्षण बनी क्यूएसआर चेन – महिला उद्यमियों के हाथों से बने व्यंजन, कुल्हड़ और मिट्टी के बर्तनों से सजी परंपरा ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का सबसे आकर्षक पहलू इस बार का फूड कोर्ट बन गया है। यहां लगे ‘यूपी का स्वाद’ स्टॉल्स पर प्रदेश के हर कोने से लाए गए परंपरागत व्यंजन लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। खाने-पीने के इन जायकों ने न सिर्फ आगंतुकों का मन मोह लिया है बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को भी देश-दुनिया के सामने जीवंत कर दिया है। प्रदेश के हर शहर का अनोखा जायका इस फूड कोर्ट में ऐसा इंतजाम किया गया है कि आगंतुक एक ही जगह पर पूरे प्रदेश का जायका चख सकें। मुरादाबाद का दाल और बिस्किट रोटी, लखनऊ का मशहूर गालौटी कबाब और टुंडे कबाब से लेकर लखनवी बिरयानी तक हर स्वाद मौजूद है। बनारस का पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ वाली चाय लोगों की खास पसंद बन रहे हैं। कानपुर का दही जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेडाई, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज का तहरी और लस्सी, गोरखपुर का ठेकुआ और बलिया की लिट्टी-चोखा भी बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं मेरठ का रबड़ी और गजक, अयोध्या की गुजिया और देसी घी की मिठाइयां तथा बरेली का आलू टिक्की और सीक कबाब मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। लोकल से ग्लोबल स्वाद की झलक इस फूड कोर्ट में यूपी की पहचान को न सिर्फ परंपरागत व्यंजन बल्कि पॉपुलर क्यूएसआर (Quick Service Restaurants) भी पेश कर रहे हैं। डोमिनोज़, सबवे, केएफसी, पिज्जा हट, बर्गर किंग जैसे ब्रांड्स के साथ-साथ वॉव मोमोज़, चायोस, टाको बेल और बीकानेरवाला जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्वाद भी मौजूद हैं। इन ब्रांडेड स्टॉल्स पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं, खासकर युवा वर्ग इन व्यंजनों का लुत्फ उठा रहा है। ग्रामीण उद्यमियों का हुनर भी खास आकर्षण यूपीएसआरएलएम (उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) की ओर से भी विशेष फूड स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें ग्रामीण महिलाओं और उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन आगंतुकों को खूब पसंद आ रहे हैं। ये स्टॉल न सिर्फ स्वाद परोस रहे हैं बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की झलक भी पेश कर रहे हैं। भीड़ ने बना दिया ‘खाऊ गली’ का माहौल फूड कोर्ट का नजारा ऐसा है मानो पूरा प्रदेश एक ही छत के नीचे आ गया हो। जहां-जहां व्यंजन रखे हैं, वहां भीड़ का जमावड़ा लगा हुआ है। ‘यूपी की खाऊ गली’ सेक्शन में बनारस, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, बलिया, गोरखपुर और गाजीपुर के स्वादिष्ट व्यंजन पेश किए जा रहे हैं। यहां शाम होते ही तिल रखने की जगह नहीं बचती। हर कोई अपने परिवार और दोस्तों संग चाट, मिठाई और पेय पदार्थों का आनंद ले रहा है। यूपी का स्वाद बेमिसाल फूड कोर्ट में आए आगंतुकों का कहना है कि यहां का हर व्यंजन प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का अहसास करा रहा है। एक ही जगह पर पूरे यूपी का स्वाद मिल जाना अद्भुत है। कई विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय व्यंजनों का स्वाद चखते हुए उत्साह जताया। खासतौर पर लखनऊ के कबाब और बनारस का पान विदेशी मेहमानों को खूब भा रहे हैं। फूड कोर्ट में लगे स्टॉल्स केवल खानपान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय जीवनशैली भी सामने आई है। कुल्हड़ में परोसी गई चाय और मिट्टी के बर्तनों में सजी व्यंजन थाली ने लोगों को पारंपरिक स्वाद का असली अनुभव दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगा यह फूड कोर्ट न सिर्फ लोगों की भूख मिटा रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश के असली ‘स्वाद’ को दुनिया तक पहुंचा रहा है। प्रदेश के हर जिले और शहर की विशेषता यहां मौजूद है, जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि “यूपी का स्वाद सचमुच बेमिसाल है।

आत्मनिर्भर पंचायतों से ही साकार होगी विकसित यूपी की परिकल्पना: मुख्यमंत्री

जिला और क्षेत्र पंचायतों से मुख्यमंत्री का आह्वान, नवाचारों को अपनाएं, लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को भी दें वरीयता विकसित यूपी की परिकल्पना साकार करने मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों से सहयोग का किया आह्वान विकसित यूपी@2047” को जन-जन का संकल्प बनाने में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की सबसे बड़ी भूमिका त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कड़ी: मुख्यमंत्री सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में विकसित यूपी@2047 विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाए: मुख्यमंत्री प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आत्मनिर्भर पंचायतें ही विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 की परिकल्पना को साकार कर सकती हैं। उन्होंने जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद करते हुए आह्वान किया कि पंचायतें अपनी वार्षिक कार्ययोजना में नवाचारों को बढ़ावा दें और लोककल्याण के साथ आय संवर्धन को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से विकास के नए मॉडल तैयार होंगे और यही आत्मनिर्भरता व सुशासन का आधार बनेगा। ‘विकसित यूपी@2047’ संवाद शृंखला के अंतर्गत रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर अभियान से संबंधित एक वीडियो फ़िल्म दिखाई गई तथा क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से सुझाव साझा करने की प्रक्रिया से प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित यूपी@2047’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना और जनभागीदारी का ऐतिहासिक संकल्प है। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और पंचायतें ही इस महान लक्ष्य की वास्तविक शिल्पकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली सबसे अहम कड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। प्रदेश की जीडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 35 लाख करोड़ की ओर अग्रसर है, प्रति व्यक्ति आय 52 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुँची है। 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है, जिससे 60 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। महिला कार्यबल भागीदारी 13% से बढ़कर 34% तक पहुँची है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र की परिकल्पना हेतु स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। तीन थीम; 'अर्थशक्ति, सृजनशक्ति और जीवनशक्ति' तथा 12 प्राथमिक सेक्टर चिन्हित किए गए हैं। अगले पाँच वर्षों में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को बताया कि विकसित यूपी@2047 विषय पर विधानमंडल के मानसून सत्र में 27 घंटे की विशेष चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि 'विकसित यूपी@2047' की सफलता में पंचायतों की भागीदारी सर्वोपरि है। इसी क्रम में सभी पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र, बुकलेट और लीफलेट भेजे गए हैं, जिनमें विशेष क्यूआर कोड व पोर्टल उपलब्ध हैं। इसके माध्यम से आमजन अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे इस पत्र को बैठकों में पढ़ें, जनता को अभियान से जोड़ें और गाँव-गाँव, वार्ड-वार्ड तक संदेश पहुँचाएँ। उन्होंने बताया कि अब तक 11 लाख से अधिक लोग अपने सुझाव साझा कर चुके हैं। प्रत्येक जनपद से तीन और प्रदेश स्तर पर पाँच सर्वश्रेष्ठ सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिला और क्षेत्र पंचायतों में “विकसित यूपी@2047” विषय पर संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संवाद केवल विचार-विनिमय नहीं, बल्कि साझा संकल्प का अवसर है। जब हर ग्राम, हर ब्लॉक और हर जिला आत्मनिर्भरता व सुशासन का प्रतीक बनेगा, तब उत्तर प्रदेश विकसित भारत 2047 का पथप्रदर्शक राज्य बनेगा।

यूपीआईटीएस में सौर ऊर्जा से चलने वाला आधुनिक UAV बना आकर्षण

यूपीआईटीएस 2025 आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को योगी सरकार दे रही नया आयाम पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में है खास इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है पायलट समेत केवल दो लोगों की टीम इसे नियंत्रित कर सकती है इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) में इस बार सौर ऊर्जा से संचालित हाई-एंड्यूरेंस UAV (Unmanned Aerial Vehicle) लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूरी तरह इलेक्ट्रिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह ड्रोन कई मायनों में खास है। इसकी ऊंचाई क्षमता 5 किलोमीटर तक है और यह एक बार उड़ान भरने पर लगातार 12 घंटे तक आसमान में रह सकता है। निर्माताओं ने बताया कि यह UAV लगभग 200 मीटर लंबे रनवे से आसानी से उड़ान भर सकता है। इसका संचालन बेहद सरल है और केवल दो लोगों की टीम, जिसमें एक पायलट शामिल होता है, इसे नियंत्रित कर सकती है। विशेष बात यह है कि इसका सेटअप सिर्फ 30 मिनट में तैयार हो जाता है। योगी सरकार का विज़न, नवाचार और सुरक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राज्य को रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप हब बनाने के प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिला है। यह UAV इन्हीं प्रयासों का प्रतीक है, जिसमें लगभग 75% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यूपीआईटीएस में यह प्रदर्शनी योगी सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। विशेष तकनीक "Auxiron" से किया गया विकसित कंपनी ने इस UAV में एक अनोखी तकनीक “Auxiron” विकसित की है, जो पंखों को झुकाकर सूर्य की किरणों को कैच करती है। इससे सोलर पैनल से अधिकतम ऊर्जा उत्पन्न होती है और UAV की उड़ान अवधि कई गुना बढ़ जाती है। Auxiron न केवल एयरोडायनमिक ड्रैग को कम करता है, बल्कि विमान को बिना स्लिपिंग के सीधी उड़ान भरने में भी मदद करता है। इस पेटेंटेड तकनीक के चलते UAV दिन में आठ घंटे अतिरिक्त और रात में चार घंटे बैटरी बैकअप के साथ उड़ सकता है। रक्षा और नागरिक उपयोग यह UAV खासकर इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉन्नसेंस (ISR) मिशनों के लिए आदर्श है। कंपनी के मुताबिक इसके कई डिफेंस और सिविलियन उपयोग हैं: ▪️सीमा क्षेत्रों में निगरानी और दुश्मन की गतिविधियों पर नजर ▪️पाइपलाइन और पावरलाइन निरीक्षण ▪️खोज एवं बचाव अभियान (Search & Rescue) ▪️आपदा प्रबंधन और राहत कार्य ▪️सटीक कृषि और पर्यावरण मॉनिटरिंग भविष्य की योजनाएं कंपनी का कहना है कि जून-जुलाई 2025 से हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (HALE) UAV प्रोग्राम पर भी काम शुरू होगा। इसे "प्स्यूडो सैटेलाइट" कहा जा रहा है, जो लंबे समय तक ऊंचाई पर रहकर बार्डर मॉनिटरिंग, शुरुआती चेतावनी और संचार नेटवर्क जैसे कार्यों में क्रांति ला सकता है। यूपीआईटीएस-2025 में इस UAV के स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोग और डिफेंस सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे और इसकी तकनीकी खूबियों को करीब से समझा। वो कहते हैं कि यह कहना गलत नहीं होगा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब डिफेंस और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में नई उड़ान भर रहा है।

ग्रामीण इलाकों से मिल रहे सबसे ज्यादा फिडबैक, अबतक 9.5 लाख ग्रामीणों ने दिये सुझाव

शहरी क्षेत्रों से आए लगभग 3 लाख सुझाव, शिक्षा, कृषि और विकास पर जनता दे रही खुलकर अपने सुझाव फीडबैक देने के मामले में महाराजगंज, संभल और सोनभद्र सबसे आगे, इटावा और फिरोजाबाद से सबसे कम फीडबैक लखनऊ उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में जारी योगी सरकार का 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' नई ऊंचाइयां छू रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में करीब 300 नोडल अधिकारी और प्रबुद्धजन विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद कर न सिर्फ बीते 8 वर्षों की उपलब्धियां साझा कर रहे हैं, बल्कि जनता से भविष्य की योजनाओं पर सुझाव भी ले रहे हैं। अभियान में रविवार तक करीब 12.5 लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से लगभग 9.5 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 3 लाख शहरी क्षेत्रों से आए हैं। युवा, महिला, किसान, छात्र और वरिष्ठ नागरिक सभी वर्ग इसमें उत्साहपूर्वक भागीदारी कर रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा और कृषि पर आम जनमानस की राय एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए विकसित पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक कुल 12.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। फीडबैक में सबसे ज्यादा राय शिक्षा क्षेत्र पर आई। लोग चाहते हैं कि सरकारी स्कूलों को और मज़बूत किया जाए और शिक्षा को डिजिटल तरीके से आगे बढ़ाया जाए। कृषि क्षेत्र पर भी बड़ी संख्या में सुझाव मिले हैं, जिसमें किसानों को और सुविधाएं देने और बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करने जैसी बातें प्रमुख रहीं। फीडबैक देने में महाराजगंज, संभल, सोनभद्र, कानपुर देहात और गोरखपुर सबसे आगे हैं। वहीं इटावा, फिरोजाबाद, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर में सबसे कम भागीदारी रही है। जनता के सुझाव महाराजगंज के नागरिकों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने और बंद पड़ी गन्ना मिलों को फिर से चालू कराने की मांग की है। गाजियाबाद की सुषमा ने बच्चों की पढ़ाई को रोचक और खेल-कौशल आधारित बनाने का सुझाव दिया, ताकि मानसिक और शारीरिक विकास साथ-साथ हो सके। लखनऊ के रणजीत पटेल ने 112 पुलिस की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मोबाइल वैन शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने शिक्षा में सरकारी स्कूलों को बढ़ावा देने और बेरोजगारी दूर करने के लिए सेवानिवृत्ति आयु घटाने का सुझाव दिया। मऊ की वंदना सिंह ने कॉलोनियों में सड़क और नाली की समुचित व्यवस्था की आवश्यकता बताई और निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुझाव के आधार पर सरकार तैयार करेगी विजन डॉक्युमेंट सरकार इन सुझावों का विश्लेषण कर 'विकसित उत्तर प्रदेश 2047' का विजन डॉक्युमेंट तैयार करेगी। इसमें आम जनता की राय सीधे तौर पर शामिल होगी, ताकि विकास योजनाएं ज़मीनी जरूरतों से जुड़कर आगे बढ़ सकें। सर्वाधिक अच्छे सुझावों को जनपद और प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। 

एक साथ मंच पर उतरीं केजीबीवी की 68,000 बालिकाएं, सामाजिक बुराइयों पर करारा प्रहार

– प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में आयोजित हुआ नुक्कड़ नाटक – दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिकाओं ने दिया संदेश – मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत अभिनय में झलका बालिकाओं का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता – बालिकाएं ही समाज में बदलाव की असली प्रेरणा हैं: मोनिका रानी लखनऊ  रविवार को प्रदेशभर के 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की 68,000 बालिकाएँ नुक्कड़ नाटकों के मंच पर उतरीं और दहेज, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जोरदार और प्रेरक संदेश दिया। अभिनय कर रही बालिकाओं ने अपने अपने पात्र के साथ पूरी तरह से न्याय किया। मिशन शक्ति 5.0 की यह पहल बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व और जागरूकता का अद्भुत प्रेरक उदाहरण बनी।  बता दें कि इस पहल की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 सितंबर को किया गया था और अब यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के निर्देशन में पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से गति पर है। बालिकाओं ने दिया सशक्त संदेश नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बालिकाओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर करारा प्रहार करते हुए समाज को सशक्त संदेश दिया। दहेज प्रथा को सामाजिक कलंक बताते हुए यह स्पष्ट किया गया कि बेटी का सम्मान उसकी शिक्षा और योग्यता में है, न कि दहेज में। बाल विवाह के खिलाफ प्रस्तुतियों में यह जोर दिया गया कि नाबालिग विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य में बाधा डालता है। बाल श्रम पर आधारित नाटकों ने यह रेखांकित किया कि शिक्षा से वंचित बचपन समाज और राष्ट्र दोनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इस पहल के दौरान बालिकाओं ने टीमवर्क, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का भी विकास किया। पुलिस, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय के साथ हुए संवाद ने बालिकाओं में सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया। बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को मिला बल मिशन शक्ति 5.0 के तहत आयोजित यह कार्यक्रम नवरात्रि के शुभ अवसर पर बालिकाओं की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता की त्रयी को साकार करता हुआ नजर आया है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जब बेटियों को मंच और अवसर मिलता है, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव की सबसे सशक्त वाहक बन सकती हैं। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि बालिकाएँ भविष्य में समाज और राष्ट्र की नेतृत्वकारी भूमिका निभाकर विकास की नई राहें खोलेंगी। वास्तव में, यह पहल इस बात का प्रतीक है कि शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास ही नारी सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार हैं।