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योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा

यूपीआईटीएस 2025  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल हैः सुरेश खन्ना प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी सेशन को किया संबोधित योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा  जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा ग्रेटर नोएडा  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल बन चुका है। अब यूपी सुरक्षा और सुशासन का पर्याय बन चुका है। प्रदेश विकास के पैमाने पर चौतरफा तरक्की कर रहा है। यह बातें उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित 'ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी' में कहीं। कार्यक्रम को प्रदेश के एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, वित्त विभाग के विशेष सचिव समीर वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य महा प्रबंधक इंदर मोहन सिंह समेत कई अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। यूपीआईटीएस उद्यमियों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। यह आयोजन किस कदर सफल है, इसका अंदाजा यहां बढ़ रही निवेशकों और उद्यमियों की संख्या से लगाया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि जब से केंद्र में एनडीए और यूपी में योगी सरकार आई है, कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है और संगठित अपराध खत्म हो चुका है। इसके चलते जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ बिना थके, बिना रुके यूपी के विकास के लिए सतत काम कर रहे हैं। 2017 से पहले यूपी की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन आज पूरी दुनिया में लोग यूपी को बेहतर कानून व्यवस्था और आर्थिक तरक्की के लिए जानते हैं। विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी लोग कहते हैं कि योगी जैसा नेता चाहिए। यूपी में बह रही विकास की गंगा  वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में यूपी का बजट और उसका आकार लगातार बढ़ा है। 2018 तक बजट का साइज 3 लाख करोड़ तक था जो आज बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति सही होने की वजह से यूपी में विकास की गंगा बह रही है और अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों की हर संभव मदद कर रही है। निवेशकों की सहूलियत के लिए निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसे एप बनाए गए हैं।  एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल  वित्त मंत्री ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने उत्पाद की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पाद भरोसेमंद ब्रांड बने। राष्ट्रीय बैंकों को सीडी रेश्यो सुधारने की नसीहत देते हुए खन्ना ने कहा कि प्राइवेट बैंकों की शर्तें और सिक्योरिटी मेजर्स राष्ट्रीय बैंकों से ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका सीडी रेश्यो बेहतर है। इसलिए नेशनलाइज्ड बैंकों को आत्मनिरीक्षण कर सुधार करना चाहिए और बैंकों को और अधिक उदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल है और अब तक 3700 करोड़ रुपये का एफडीआई आ चुका है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का परिणाम है।  जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ  सुरेश खन्ना ने कहा कि जीएसटी में राहत से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का एक्सपोर्ट 2014 से पहले 84,000 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 1,76,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। यूपी की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आया है। हमने अपने बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि की है और वर्ष 2024-25 में 59,000 करोड़ रुपये के राजस्व सरप्लस स्टेट बने हैं। हमारी आय हमारे खर्च से कहीं ज्यादा है और इस मामले में यूपी देश में सबसे आगे हैं। एमएसएमई सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर– राकेश सचान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश का बजट इस बार अब तक का सबसे बड़ा रहा और योगी जी के नेतृत्व में यूपी लगातार आर्थिक तरक्की कर रहा है। देश की जीडीपी में योगदान के मामले में यूपी का स्थान अब दूसरे नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। एक जिला, एक उत्पाद और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर योजना में 10 और ट्रेड जोड़े गए हैं, जबकि पहले केवल 12 ट्रेड थे। सचान ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सबसे बड़ा सेक्टर है जो रोजगार देता है। जीएसटी सुधारों के बाद इस सेक्टर में और अधिक तरक्की के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उद्यम प्रदेश बन रहा है। बड़ी संख्या में युवा अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदन कर रहे हैं। अब तक सात लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें रिव्यू करने के बाद बैंकों को भेजा गया है। लेकिन कई बार युवाओं को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई आती है। उन्होंने बैंकों से कहा कि उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि कोई भी युवा ऋण से वंचित न रह जाए। सचान ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों की यह भी मांग है कि जिस तरह किसानों को ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड दिया जाता है, उसी तर्ज पर एमएसएमई के लिए भी एक अलग क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए।

मौसम विभाग की चेतावनी: 15 राज्यों में तेज़ बारिश, 8 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ  शारदीय नवरात्र के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 सितंबर को आठ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश समेत 15 राज्यों में भी कहीं येलो तो कहीं ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर-पश्चिम और उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दवाब के कारण 30 सितंबर तक कहीं भयंकर बारिश तो कहीं तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. ऑल इंडिया वेदर फॉरकास्ट बुलेटिन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर से पहले तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भयंकर बारिश होने की संभावना है.   छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, रायलसीमा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भी भारी वर्षा होने की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी. कहां-कहां तेज बारिश के आसार भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, गुजरात, कोंकण और गोवा, कर्नाटक, केरल तट और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, श्रीलंका तट के साथ और उसके आसपास, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, म्यांमार तट, अंडमान सागर में भयंकर बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा दक्षिण, मध्य बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने और 65 किमी प्रति घंटे तक की गति से तूफानी मौसम रहने की संभावना है।   भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान देखें भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, गुजरात क्षेत्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। गरज के साथ तूफान आने की संभावना अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाओं के साथ गरज के साथ तूफान आने की संभावना है। बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, रायलसीमा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर बिजली और तेज़ हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) के साथ तूफान आने की संभावना है। असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, गुजरात राज्य, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बिजली के साथ गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। तेज़ हवाएं चलने की संभावना अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, गंगीय पश्चिम बंगाल, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, लक्षद्वीप, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम से सटे पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों और सोमालिया तट के साथ-साथ 45 किमी प्रति घंटे से 55 किमी प्रति घंटे की गति से 65 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। दक्षिण और उसके आसपास 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से 60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है।  

जिलाधिकारी आज़मगढ़ की साहसिक यात्रा

आज़मगढ़  दिनांक 19 सितम्बर, 2025 को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में  रविंद्र कुमार, आई0ए0एस0, जिलाधिकारी, आज़मगढ़ द्वारा 100वें कॉमन फाउंडेशन कोर्स के अधिकारी प्रशिक्षुओं को एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रदान किया गया।  कुमार द्वारा फाउंडेशन कोर्स के अंतर्गत अधिकारी प्रशिक्षुओं को पर्वतारोहण एवं ट्रेकिंग से सम्बन्धित साहसिक गतिविधियों पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र प्रदान किया गया। इस सत्र के दौरान  कुमार ने पीपीटी एवं व्याख्यान के माध्यम से प्रशिक्षुओं को न केवल पर्वतीय गतिविधियों की तकनीकी जानकारी दी, ताकि प्रशिक्षु अधिकारियों को दिये गये स्किल से भविष्य में पर्वतीय या आपदा-प्रवण क्षेत्रों अपनी फील्ड पोस्टिंग के दौरान आपदा प्रबन्धन में राहत एवं बचाव कार्यों में मदद मिल सके और जिससे आम  लोगों की जान-माल की सुरक्षा हो सके।  कुमार द्वारा पूर्व में भी कई बार पर्वतारोहण के विषय पर ट्रेकिंग से सम्बन्धित साहसिक गतिविधियों पर प्रशिक्षण सत्र प्रदान किया है।   रविन्द्र कुमार 2011 बैच के आई0ए0एस0 अधिकारी हैं। लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में प्रथम फेज की टेªनिंग के बाद सिक्किम में परीवीक्षा प्रशिक्षण के तहत तैनात थे। सिक्किम में डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग के दौरान वर्ष 2012 में एच0एम0आई0 दार्जीलिंग से बेसिक माउंटेनियरिंग प्रशिक्षण कोर्स एवं एडवांस माउंटेनियरिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा  कुमार ने सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में लम्बी-लम्बी ट्रेकिंग की एवं पर्वतारोहण का अभ्यास किया।   रविन्द्र कुमार द्वारा वर्ष 2013 में नेपाल रूट से एवरेस्ट अभियान प्रारम्भ किया। 10 दिन की ट्रैकिंग के बाद बेस कैम्प पहुँचे। वहाँ पहुँचने पर लगभग 2 सप्ताह तक अनुकूलन (Acclimatisation) हेतु अभ्यास किया, तत्पश्चात अनुकूल मौसम मिलने पर शिखर की ओर बढ़ना शुरू किया। अंतिम चढ़ाई के दौरान Death Zone में ऑक्सीजन मास्क का प्रयोग किया क्योंकि एवरेस्ट की ऊँचाई पर केवल एक-तिहाई ऑक्सीजन मिलती है। इस वर्ष कुल 9 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई, जिनमें से दो पर्वतारोहियों से  कुमार की पहले बेस कैम्प में मुलाकात भी हुई थी। उन्हें उन पर्वतारोही की मौत पर गहरा दुःख हुआ। अंततः  रविन्द्र कुमार ने 19 मई 2013 को शिखर पर पहुँचकर भारतीय तिरंगा लहराया।     जून 2013 में एवरेस्ट से लौटने के बाद सिक्किम के विभिन्न जिलो में एस0डी0एम0 एवं ए0डी0एम0 के रूप में तैनाती रही, जहाँ वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव भी करवाया। तत्पश्चात माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन का शुभारम्भ किया, तब रविन्द्र कुमार ने तय किया कि स्वच्छ भारत मिशन के बारे में लोगों को जागरूक करने हेतु दूसरी बार एवरेस्ट की चढ़ाई की जाये।  वर्ष 2015 में 5 सिविल सेवकों की एक टीम बनाई गई। जिसे माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 27 मार्च 2015 को ‘स्वच्छ भारत अभियान‘ के तहत हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया।  कुमार द्वारा टीम का नेतृत्व करते हुए ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत देश के लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से नेपाल (दक्षिण) मार्ग से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का प्रयास किया गया, परन्तु 25 अप्रैल, 2015 को आए विनाशकारी भूकंप के कारण उनका प्रयास विफल हो गया। नेपाल में भूकंप आने से एवरेस्ट पर हिमस्खलन (Avalanche) हुआ। इस भीषण भूकंप ने एवरेस्ट अभियान को गहरा झटका दिया। अभियान के दौरान अचानक आए हिमस्खलन से बेस कैम्प बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई टेंट नष्ट हो गए, कई पर्वतारोही घायल हुए और कई लोगो ने अपनी जान गवांई। नेपाल सरकार ने सभी अभियानों को रद्द कर दिया।  कुमार ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए घायल पर्वतारोहियों एवं शेरपाओं को अस्थायी अस्पताल तक पहुँचाने में मदद की। इस मानवीय कार्य एवं सेवा भावना को देखते हुए  रविन्द्र कुमार को हिमालयन रेस्क्यू एसोसिएशन, नेपाल ने प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह अभियान भले ही अधूरा रहा हो, लेकिन मानवता और सेवा के मूल्यों ने इसे अविस्मरणीय बना दिया। वर्ष 2019 में जल संरक्षण हेतु जागरूक करने के उद्देश्य ‘स्वच्छ गंगा स्वच्छ भारत एवरेस्ट अभियान’ केे तहत  रविन्द्र कुमार गंगा जल लेकर द्वारा उत्तरी मार्ग (चीन) से दिनांक 23 मई 2019 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी एवरेस्ट पर पुनः पहुँचे।   कुमार द्वारा एवरेस्ट शिखर पर तिरंगा लहराया एवं गंगाजल अर्पित करते हुए समस्त देशवासियों से जल बचाओ की अपील की।  कुमार द्वारा एवरेस्ट शिखर पर नमामि गंगे, स्वच्छ भारत मिशन एवं उत्तर प्रदेश सरकार का लोगो (प्रतीक चिन्ह्)  भी ले जाया गया। इस वर्ष 11 पर्वतारोहियों की मृत्यु हुई, जिनमें से कुछ साथी अभियान के दौरान मिले भी थे। चढ़ाई के दौरान कई पुरानी मृत देहें भी दिखीं, जो अत्यधिक ठंड के कारण दशकों बाद भी सुरक्षित पड़ी थीं। यह अभियान दृढ़ निश्चय, अनुशासन और भारत की सांस्कृतिक धरोहर के प्रति श्रद्धा का प्रतीक रहा।   रविन्द्र कुमार भारत के पहले और एकमात्र सिविल सेवक हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर दो बार अलग-अलग रास्तों से चढ़ाई की है, एक बार 2013 में दक्षिण (नेपाल) मार्ग से और 2019 में उत्तर (चीन) मार्ग से। वे उन 15 भारतीयों में से एक हैं, जिन्होंने नेपाल और चीन दोनों मार्गों से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की है।  कुमार ने माउंट एवरेस्ट के अलावा, उन्होंने 2014 में टिंगचेनखांग पीक (पश्चिम सिक्किम), 2015 में बीसी रॉय पीक (पश्चिम सिक्किम), जनवरी 2019 में तांगलांग-ला पीक (लेह) और मार्च 2019 में रेनोक पीक (पश्चिम सिक्किम) जैसी अन्य चोटियों पर भी चढ़ाई की है।  रविन्द्र कुमार वर्तमान में जिलाधिकारी आज़मगढ़ के पद पर तैनात हैं। वर्ष 2011 बैच के  रविन्द्र कुमार ने सिक्किम में नियुक्ति के दौरान एस0डी0एम0 तथा ए0डी0एम0 के पदीय दायित्वों का निर्वहन किया है। मई, 2016 में उत्तर प्रदेश कैडर में ट्रांसफर होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी, सीतापुर के पद पर रहे, जहां 2017 विधानसभा चुनाव सकुशल सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तत्पश्चात जिलाधिकारी, फर्रूखाबाद के पद पर स्थानान्तरित हुए। उसके बाद डेढ़ साल तक वर्ष 2019 में जल संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार में मा0 कैबिनेट मंत्री सु उमा भारती जी के निजी सचिव के रूप में कार्य किया, जिस दौरान दूसरी बार एवरेस्ट की सफलतम चढ़ाई की।  एवरेस्ट से लौटने पर जिलाधिकारी, बुलन्दशहर के रूप में अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन किया जहां ‘नागरिक संशोधन विधेयक’ एवं ‘कोविड’ के दौरान बहुत ही साहसिक एवं निडर भाव से सराहनीय कार्य किया।  वर्ष 2021 में जिलाधिकारी, झाँसी के पद पर स्थानान्तरित हुए जहां पर जल संरक्षण हेतु सरकार द्वारा चलाये गये कार्यक्रमों में विशेष अभिरूचि … Read more

नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य बन चुकी हैं सफल उद्यमी

मिशन शक्ति- 5.0 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के ग्राम जिन्दपुरा की नेहा कश्यप मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। एकता स्वयं सहायता समूह (SHG) की अध्यक्ष के रूप में नेहा ने 10 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जागरूक कर मशरूम खेती जैसे अभिनव उद्यम की नींव रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने नेहा को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान की नई राह भी दिखाई है। नेहा कश्यप की यात्रा तब शुरू हुई जब उन्होंने उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजना के तहत एकता समूह का गठन किया। समूह की कोषाध्यक्ष नूरजहां और सचिव माया देवी के साथ मिलकर नेहा ने 10 महिलाओं को छोटी-छोटी बचत के लिए प्रेरित किया। नेहा कश्यप कहती हैं “मैंने सोचा कि सीमित संसाधनों से भी हम अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। मशरूम खेती का विचार मुझे आया और समूह ने इसे स्वीकार किया। स्टार्टअप फंड, रिवाल्विंग फंड, सीआईएफ और सीसीएल से मिले वित्तीय सहयोग ने उनके सपने को पंख दिए।” नेहा ने अपने 42 फीट लंबे और 36 फीट चौड़े मशरूम फार्म की स्थापना की, जिसमें 30,000 रुपये की लागत आई। 10,000 रुपये झोपड़ी और बांस के प्लेटफॉर्म, 2,000 रुपये भूसा-कंपोस्ट, 3,000 रुपये के बीज, 2000 रुपये के रासायनिक दवाएं-खाद और 4,800 रुपये पारिश्रमिक पर खर्च हुए। परिवार के सहयोग से उन्होंने वटन और ढिंगरी प्रजाति की खेती शुरू की, जिससे मासिक 40,000 से 50,000 रुपये की आमदनी होती है। नेहा कहती हैं “मिशन शक्ति ने हमें प्रशिक्षण और सुरक्षा दी। अब हम आत्मनिर्भर हैं, मैं अपने समूह को और सशक्त करना चाहती हूं। सरकार का सहयोग हमें आगे बढ़ा रहा है।”  एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बनीं नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बन चुकी हैं। मशरूम खेती के अलावा बकरी पालन, जरी, और सिलाई जैसे कार्यों से उन्होंने रोजगार और आर्थिक सुधार हासिल किया। विकास खंड निगोही में ऐसे कई SHG हैं, जो मिशन शक्ति की बदौलत प्रगति कर रहे हैं। नेहा अब अपने मशरूम उद्यम को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं।  उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाने है लक्ष्य नेहा का लक्ष्य है कि उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाया जाए और समूह की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। वे चाहती हैं कि जिन्दपुरा गांव की महिलाएं आने वाले समय में पूरे जिले और प्रदेश के लिए आदर्श बनें। नेहा कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिशन शक्ति अभियान उनकी प्रेरणा का बड़ा आधार बना। इसने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की दिशा भी बदल सकती हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएँ संगठित हों और उन्हें अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति

एमपी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो यूपी सिंह का निधन गोरक्षपीठ के वर्तमान सहित तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने वाले विरले लोगों में शामिल रहे पूर्व कुलपति विद्वता, कर्मठता के साथ सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किए जाएंगे प्रो. सिंह सीएम योगी ने जताया शोक, रविवार को अंतिम संस्कार में भी होंगे शामिल गोरखपुर  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह (यूपी सिंह) का शनिवार सुबह निधन हो गया। 92 वर्षीय प्रो. सिंह पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। अध्यापन कार्य में आने के बाद से ही उनका पूरा जीवन गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को समर्पित रहा। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री रविवार को प्रो. सिंह के अंतिम संस्कार के समय गोरखपुर के राजघाट पर मौजूद रहेंगे। प्रो. सिंह अपने पीछे दो पुत्रों दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. वीके सिंह और यूपी कॉलेज के आचार्य प्रो. राजीव कृष्ण सिंह का परिवार छोड़ गए हैं।  मूल रूप से गाजीपुर जिले के निवासी प्रो. यूपी सिंह का जन्म 1 सितंबर 1933 को हुआ था। वह उन विरले लोगों में शामिल रहे जिन्हें गोरक्षपीठ के लगातार तीन पीठाधीश्वरों के सानिध्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। गणित विषय के विद्वान रहे स्वर्गीय सिंह की बतौर शिक्षक पहली नियुक्ति गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने एमपी शिक्षा परिषद के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में की थी। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महंत जी ने यह महाविद्यालय दान में दे दिया तब यूपी सिंह विश्वविद्यालय में गणित के शिक्षक हो गए। इस विश्वविद्यालय में वह आचार्य और गणित विभाग के अध्यक्ष के रूप में ख्यातिलब्ध रहे। अपनी शैक्षिक सेवा यात्रा में उन्होंने बाद में पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के कुलपति के रूप में भी सेवाएं दीं। महंत दिग्विजयनाथ जी के स्मृतिशेष होने के बाद प्रो. यूपी सिंह ने गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के मार्गदर्शन में एमपी शिक्षा परिषद की सेवा की। उनकी सेवा साधना का यह अनुष्ठान वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में आजीवन जारी रहा।  प्रो. यूपी सिंह को विद्वता, कर्मठता के साथ उनके सांगठनिक कौशल के लिए भी याद किया जाएगा। वह डॉ. भोलेन्द्र सिंह के बाद वर्ष 2018 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष बनाए गए और अंतिम सांस लेने तक इस पद पर बने रहे। शिक्षा परिषद द्वारा 2021 में जब महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर की स्थापना की गई तो उन्हें इसका प्रति कुलाधिपति बनाया गया। प्रो. यूपी सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक और विद्या भारती में भी विविध पद दायित्वों का सकुशल निवर्हन किया। उनके निधन पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में शोक की लहर है।  रविवार को राजघाट पर होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी भी आएंगे प्रो. यूपी सिंह का अंतिम संस्कार रविवार (28 सितंबर) को पावन राप्ती नदी के राजघाट पर दिन में 12 बजे से होगा। इस अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रो सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगे। इस बीच प्रो. सिंह के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर के अध्यक्ष, आदर्श शिक्षक, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में गणित विभाग के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष, पूर्व कुलपति प्रो. यू.पी. सिंह जी का निधन अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों एवं अनुयायियों को सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद एवं समाज के लिए उनका जीवन सदा मार्गदर्शक बना रहेगा।”

पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क’ का किया उद्घाटन

भारत आज तकनीक व डिजिटल क्रांति का वैश्विक लीडर बन चुका है – मुख्यमंत्री पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का किया उद्घाटन   देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगणों की रही ऑनलाइन मौजूदगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित   भारत की सेना दुनिया के अंदर सबसे सामर्थ्यशाली और शक्तिशाली बन करके उभरी है- सीएम योगी  डिफेंस सेक्टर में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत की आहट को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है- योगी आदित्यनाथ – भारत सभी के साथ मैत्री भाव के साथ कार्य करेगा, लेकिन किसी की गीदड़-भभकी के सामने झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं- सीएम योगी हमने बीएसएनएल की सेवाओं को प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों के साथ जोड़ दिया है- मुख्यमंत्री अब पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ते कार्यालयों के चक्कर, डिजिटल पेंमेंट से घर बैठे समय पर लोगों के मिल रहा लाभ- सीएम योगी  नेटवर्किंग हमारे लिए उन दूर-दराज के क्षेत्रों, बार्डर इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्किंग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। भारत न तो किसी की गीदड़ भभकी से डरेगा और न ही किसी दबाव के सामने झुकेगा। आज भारत तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का लीडर बनकर उभरा है। सीएम योगी शनिवार को स्वदेशी तकनीक पर आधारित बीएसएनएल 4G नेटवर्क और भारत नेट परियोजना के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने उड़ीसा में एक विशेष कार्यक्रम के तहत स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।   सीएम योगी ने कहा कि भारत नेट के स्वदेशी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और बीएसएनएल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग से जोड़ने का संकल्प लिया था, जो भारत नेट ने साकार किया। अब ग्राम सचिवालयों में आय, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रोजगार सृजन और बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण स्तर पर पहुंची हैं। बीसी सखियों के जरिए 100 करोड़ से अधिक का लाभांश ग्रामीणों तक पहुंचा है। बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को दूर-दराज के क्षेत्रों, खासकर नक्सल प्रभावित चंदौली, सोनभद्र और चित्रकूट में क्रांति लाने वाला है। आने वाले समय में 5G और 6G की भी तैयारी है। भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा नहीं- सीएम योगी सीएम ने कहा कि संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वदेशी सेना, स्वतंत्र विदेश नीति, स्वदेशी तकनीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी है, जो नए भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना को विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है। यहां का आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, रोबोटिक्स में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत की पहचान बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मैत्री भाव से विश्व के साथ चलेगा, लेकिन किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह संदेश हर मंच से दिया गया है।  सभी सरकारी योजनाओं में डिजिटल पेमेंट को मिल रही प्राथमिकता सीएम ने बीते दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पेंशन के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें आधा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। अब डीबीटी के जरिए 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन सीधे खाते में मिलती है। 60 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 6,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डिजिटल रूप से दी जा रही है। यूपीआई के जरिए भारत ने सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड बनाया है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम और डिजिटल क्रांति का प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले नेटवर्किंग में माफिया के हावी थे। 2017 के बाद ऐसे माफियाओं की कमर तोड़ी गई और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बीएसएनएल का 4G नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और गति देगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को हर क्षेत्र में जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव होगी।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

आई लव बुलडोजर पोस्टर लखनऊ की सड़कों पर, CM योगी का हुआ जिक्र

लखनऊ कानपुर से शुरू हुआ I Love Muhammad का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस विवाद ने लखनऊ की सड़कों पर भी एक नया माहौल तैयार कर दिया है। हाथों में तख्तियां लेकर और नारेबाजी करते हुए शहर के अलग अलग स्थानों ओर हो रहे प्रदर्शन के बीच अब इस विवाद में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आ चुके हैं, जिससे अब ये विवाद सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर सकता है। दरअसल, I Love Muhammad विवाद के बीच भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने शहर में जगह-जगह I Love Yogi Adityanath Ji और I Love Bulldozer लिखे होर्डिंग्स लगवाए हैं। इन पोस्टरों में सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर और बुलडोजर का चित्र लगाया गया है। अमित त्रिपाठी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ ने यूपी में गुंडों-माफियाओं पर बुलडोजर चलाकर शांति व्यवस्था कायम की है और जनता का विश्वास जीता है। योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर एक्शन पर पोस्टर वॉर लखनऊ के वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में अचानक I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji के पोस्टर नजर आने लगे। इन पोस्टरों में सीएम योगी की छवि को लॉ एंड ऑर्डर के मसीहा के रूप में दिखाया गया है। आपको बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अमित त्रिपाठी ने इन्हें लगवाया और कहा कि योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन से उत्तर प्रदेश में अपराधियों की कमर टूटी है और जनता सुरक्षित महसूस कर रही है। योगी के सख्त प्रशासन पर मिला जनसमर्थन भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी है और अपराधियों पर जिस तरह बुलडोजर चलाया है, वह पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों का उद्देश्य जनता को यह संदेश देना है कि यूपी में शांति और अमन-चैन CM योगी के कारण कायम है। इस कदम को योगी की बुलडोजर बाबा वाली छवि को और मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। 'I Love Muhammad' विवाद से जुड़ा नया सियासी एंगल इस पूरे घटनाक्रम की जड़ कानपुर का 4 सितंबर का विवाद है, जब बारावफात जुलूस के दौरान I Love Muhammad बैनर लगाया गया। विरोध के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और मामला बढ़ता चला गया। कई जगह हिंदू समुदाय ने I Love Mahadev/Mahakaal पोस्टर लगाए। अब लखनऊ में लगे I Love Bulldozer और I Love Yogi Adityanath Ji होर्डिंग्स को इस विवाद का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर सीएम योगी की सख्त छवि को केंद्र में रखता है।

यूपी ट्रेड शो में दर्शकों का उमड़ा सैलाब, दूसरे दिन पहुँचे 91 हजार से ज़्यादा लोग

बड़ी संख्या में पहुंच रहे युवा, शनिवार को और अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) के दूसरे दिन दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो के दूसरे दिन कुल 91,259 आगंतुक पहुंचे, जिनमें 23,758 बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) और 67,501 बी2सी (बिजनेस टू कंज्यूमर) शामिल रहे। पहले दिन आए 49 हजार आगंतुकों को जोड़कर दो दिनों में कुल 1,40,259 दर्शक ट्रेड शो पहुंचे। यह रिकॉर्ड-ब्रेकिंग फुटफॉल उत्तर प्रदेश की बढ़ती औद्योगिक ताकत और यूपीआईटीएस की वैश्विक पहचान को दर्शाता है। इस आयोजन को न केवल व्यापार जगत के पेशेवरों ने सराहा, बल्कि आम दर्शकों ने भी प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गहरी रुचि दिखाई। दिनभर चले विविध कार्यक्रमों में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग केंद्र में रहा। इसमें 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया और 240 से ज्यादा बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप लगभग 120 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जिनका अनुमानित मूल्य 5.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। दूसरे दिन एमएसएमई, शहरी विकास, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी कई विषयगत सत्र आयोजित किए गए। छात्रों और युवाओं की भारी भागीदारी ने भी आयोजन को विशेष बनाया। करीब दो हजार से अधिक युवा व्यापार-उन्मुख गतिविधियों से जुड़े, जबकि 362 छात्रों ने क्विज, माइम और मॉडल यूनाइटेड नेशंस जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाई। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। इसमें भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की नृत्य-नाटिका, श्रीकृष्ण लीला, रसिया गायन, चरकुला नृत्य और जयपुर के स्वराग बैंड की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो सरीखे और आयोजनों की जरूरत यूपीआईटीएस 2025 के दूसरे दिन आयोजित सत्र ‘एमएसएमई@2047 – एक विकसित भारत का इंजन’ में शामिल हुए केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए यूपीआईटीएस जैसे और आयोजन देशभर में होने चाहिए। इससे न केवल उद्यमियों को मंच मिलेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। मांझी ने कहा कि यूपी में हर जिले तक एमएसएमई को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार प्रयासरत है और ऐसी पहल पूरे देश में फैलनी चाहिए। इसी सत्र में प्रदेश के एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। जहां आवश्यकता होगी, नीतियों में संशोधन किया जाएगा और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। सचान ने कहा कि भारत को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य एमएसएमई की ताकत और योगदान के बिना पूरा नहीं हो सकता।

8.25 लाख प्रदेशवासियों ने साझा किए अपने मूल्यवान सुझाव

समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान 8.25 लाख प्रदेशवासियों ने साझा किए अपने मूल्यवान सुझाव अभियान के तहत सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों का संवाद जारी ग्रामीण क्षेत्रों से 6.3 लाख तो नगरीय क्षेत्रों से 1.75 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके अभियान से सर्वाधिक 4.5 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए 3.5 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु के तो 50 हजार सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए सबसे ज्यादा 2.85 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से, जबकि 1.5 लाख सुझाव नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से मिले स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, आईटी & टेक, इंडस्ट्री और सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर भी मिले सुझाव  महाराजगंज 65 हजार से अधिक फीडबैक के साथ अव्वल, कानपुर देहात और सम्भल भी पीछे नहीं लखनऊ समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 अभियान के तहत 26 सितम्बर, 2025 तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघटनों, मीडिया एवं आमजन से संवाद किया। इस दौरान विगत 8 वर्षों की विकास यात्रा पर जानकारी साझा करने के साथ भविष्य की विकास रूपरेखा पर चर्चा की गई। अभियान के तहत शुक्रवार तक लगभग 8.25 लाख प्रदेशवासियों ने अपने सुझाव साझा किए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 6.3 लाख तो वहीं नगरीय क्षेत्रों से लगभग 1.75 लाख प्रदेशवासी जुड़ चुके हैं। अभियान से जुड़ रहा युवा वर्ग सर्वाधिक 4.5 लाख सुझाव 31-60 आयु वर्ग के लोगों द्वारा दिए गए हैं, जबकि 3.5 लाख सुझाव  31 वर्ष से कम आयु वर्ग के लोगों ने दिए हैं। वहीं 50 हजार सुझाव सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए है। सर्वाधिक 2.85 लाख सुझाव शिक्षा क्षेत्र से, 1.5 लाख नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से, 60 हजार स्वास्थ्य क्षेत्र से, 65 हजार समाज कल्याण से, 1.7 लाख कृषि क्षेत्र से, 22 हजार आईटी & टेक, 23 हजार इंडस्ट्री तथा 15 हजार सुरक्षा से सम्बंधित विषयों पर प्राप्त हुए हैं। जनपद महाराजगंज से 65 हजार से अधिक, कानपुर देहात से 35 हजार, 34 हजार फीडबैक सम्भल से प्राप्त हुए हैं। प्राप्त हुए ये महत्वपूर्ण सुझाव सीतापुर से विमल कुमार के अनुसार उत्तर प्रदेश को 2047 तक समृद्ध और सशक्त राज्य बनाने के लिए गांव पंचायतों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए परिवहन और डिजिटल कनेक्टिविटी दो सबसे प्राथमिक कदम हैं, जो पूरे प्रदेश के विकास का आधार बन सकते हैं। गांवों तक बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहिए, ताकि ग्रामीण जनता के व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सके। गांवों में इंटरनेट की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र सरकार की योजनाओं, ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें। हापुड़ से सबनम का विचार है कि भारत को 2047 तक पर्यटन के क्षेत्र में विश्व अग्रणी बनाने के लिए सांस्कृतिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित विकास जरूरी है। ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों की देखभाल, स्वच्छता, सुरक्षा, और बेहतर परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने से देश को विविध अनुभवों का केंद्र बनाया जा सकता है। स्थानीय कला, हस्तशिल्प और व्यंजनों को प्रोत्साहित कर रोजगार बढ़ाया जा सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट गाइडेंस के जरिये पर्यटकों को सुगम जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी है। यदि सतत विकास और आधुनिकता का संतुलन रखा जाए तो भारत 2047 तक दुनिया का सबसे आकर्षक और विकसित पर्यटन स्थल बन सकता है। कानपुर देहात से प्रीति केशरी का सुझाव है कि परिवहन की सुरक्षा और सुगमता हेतु अच्छे मार्गों का निर्माण आवश्यक है। विद्यालय तक पहुँच के लिए सड़कों का चौड़ीकरण हो, ताकि बच्चों का विद्यालय तक पहुँचना सरल हो सके और ग्रामीण क्षेत्र तेजी से विकसित हों। यह व्यवस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी। लखनऊ से संतोष कुमार के अनुसार प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर एक प्रशिक्षित चिकित्सा टीम के साथ पशु एम्बुलेंस होनी चाहिए ताकि पशुओं को बेहतर उपचार मिल सके। टोल फ्री नंबर 1962 का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर किए जाने की आवश्यकता है। अधिकांश जनता इस संपर्क नंबर से अनजान है। इसे व्यापक रूप से प्रचारित किया जाना चाहिए।

धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी

योगी कैबिनेट में 22 प्रस्ताव मंजूर, कृषि खरीद से लेकर औद्योगिक निवेश तक हुए बड़े निर्णय – धान क्रय लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन, सेमीकंडक्टर निवेश और लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी – धान खरीद : कॉमन 2369, ग्रेड ए 2389 रुपये/क्विंटल – मक्का खरीद : 2400 रुपये/क्विंटल, 25 जिलों में 15,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – बाजरा खरीद : 2775 रुपये/क्विंटल, 33 जिलों में 2.2 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य – ज्वार खरीद : हाईब्रिड 3699, मालदांडी 3749 रुपये/क्विंटल, 50,000 मीट्रिक टन लक्ष्य – उज्ज्वला योजना : 1.86 करोड़ परिवारों को होली-दीपावली पर 2 मुफ्त सिलेंडर – आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे तक 90 km का नया लिंक एक्सप्रेसवे स्वीकृत, 7488 करोड़ आएगी लागत – डीएमएफ न्यास संशोधन 2025 : 70% निधि स्वास्थ्य-शिक्षा पर, राज्य पर कोई बोझ नहीं – शहरी विस्तारीकरण योजना : 970 करोड़ सीड कैपिटल रामपुर-अयोध्या समेत 5 शहरों के लिए स्वीकृत – 3 नई निजी यूनिवर्सिटी को अनुमति, यूपी में अब कुल 50 निजी विश्वविद्यालय होंगे – छात्रवृत्ति : एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के 4 लाख से अधिक छात्र होंगे लाभान्वित, डीबीटी से भेजे जाएंगे 647 करोड़ रुपए लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति प्रदान की गई। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी साझा की। खन्ना ने बताया कि सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली है, जो राज्य के आर्थिक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में नई दिशा प्रदान करेंगे। 2025-26 के लिए धान क्रय नीति की घोषणा कृषि क्षेत्र को राहत देने वाले फैसलों ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य संवर्धन योजना के अंतर्गत धान क्रय नीति की घोषणा की गई है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक धान की खरीद की जाएगी। गत वर्ष कॉमन धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो इस वर्ष बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसी प्रकार, ग्रेड ए धान के लिए पिछले वर्ष 2330 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले इस वर्ष 2389 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। कुल 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें वर्तमान में 3100 क्रय केंद्र कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इनकी संख्या बढ़ाकर 700 अतिरिक्त केंद्र जोड़े जाएंगे, ताकि किसानों को अधिक सुविधा मिल सके। खन्ना ने स्पष्ट किया कि सभी क्रय केंद्रों पर नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक कांटे और किसानों की अन्य सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित मोटा अनाज की खरीद नीति भी मंत्रिपरिषद ने मंजूर कर ली है, जो 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। मक्का की खरीद के लिए 2400 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2225 रुपये प्रति क्विंटल से 175 रुपये की वृद्धि दर्शाता है। मक्का की खरीद 25 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, गोंडा, बहराइच, बलिया, सोनभद्र, जौनपुर, मीरजापुर, देवरिया और ललितपुर शामिल हैं। इसके लिए 75 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 15 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय  बाजरा की खरीद के लिए 2775 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 2625 रुपये से 150 रुपये अधिक है। बाजरा की खरीद 33 जिलों में होगी, जिनमें बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई और उन्नाव प्रमुख हैं। 300 क्रय केंद्रों के माध्यम से 2 लाख 20 हजार मीट्रिक टन बाजरा खरीदा जाएगा। 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य ज्वार की खरीद नीति में भी वृद्धि की गई है। हाईब्रिड ज्वार के लिए 3699 रुपये प्रति क्विंटल तथा मालदांडी ज्वार के लिए 3749 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य निर्धारित किया गया है। ज्वार की खरीद 11 जनपदों में होगी, जिनमें कानपुर, कानपुर देहात, जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, मीरजापुर, उन्नाव और हरदोई शामिल हैं। 80 क्रय केंद्रों से 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इन नीतियों से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर विशेष जोर बैठक में ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत बनाने वाले फैसलों पर विशेष जोर दिया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) न्यास तृतीय संशोधन नियमावली 2025 को मंत्रिपरिषद ने अपना अनुमोदन दे दिया है। इस संशोधन से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। संशोधन के तहत जिला खनिज फाउंडेशन निधि (डीएमएफ) का 70 प्रतिशत हिस्सा प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में व्यय किया जाएगा। शेष 30 प्रतिशत निधि का उपयोग भौतिक संरचना विकास, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास में किया जाएगा। खन्ना ने कहा कि यह कदम खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाएगा। सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में एक और बड़ा फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत होली-दीपावली अवसर पर 1 करोड़ 86 लाख लाभार्थी परिवारों को दो नि:शुल्क एलपीजी गैस सिलेंडर प्रदान किए जाएंगे। यह निर्णय गरीब महिलाओं को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक क्षेत्र में भी राहत मिली है। मा. उच्चतम न्यायालय में दायर अपील 'प्रेमलता बनाम उत्तर प्रदेश सरकार' पर फैसले के अनुपालन में मृतक आश्रित योजना को संशोधित किया गया है। अब मृतक कर्मचारी के आश्रित को उसी कैडर में नौकरी … Read more