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रूस की 30 कंपनियों ने दिखाई यूपी में रुचि, ग्रेटर नोएडा में B2B संवाद से खुले निवेश के नए अवसर

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस–भारत व्यापार संवाद ने खोले सहयोग के नए द्वार रूस की 30 कंपनियों ने दिखाई यूपी में रुचि, ग्रेटर नोएडा में B2B संवाद से खुले निवेश के नए अवसर तीन घंटे की अवधि में 240 से अधिक लक्षित B2B बैठकें संपन्न हुईं ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में 2025 के अवसर पर इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार को रूस–भारत व्यापार संवाद पर केंद्रित एक विशेष बी2बी (B2B) बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस संवाद में 85 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिसके तहत मात्र तीन घंटे की अवधि में 240 से अधिक लक्षित B2B बैठकें संपन्न हुईं। रूस की 30 कंपनियाँ विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय उद्यमियों के साथ व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा करने, रणनीतिक साझेदारियाँ स्थापित करने और द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु सक्रिय रूप से शामिल हुईं। इन सेक्टर्स पर हुई चर्चा प्रतिनिधित्व किए गए प्रमुख क्षेत्र थे विनिर्माण (औद्योगिक एवं इंजीनियरिंग), ऊर्जा, उपयोगिताएँ एवं अवसंरचना, एफएमसीजी, आईटी एवं डिजिटल समाधान, रसायन एवं सौंदर्य प्रसाधन, पैकेजिंग, चिकित्सा एवं चिकित्सा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घटक एवं ट्रांसमिशन, खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि, पर्यटन, व्यापार एवं थोक वितरण और पशुपालन। चर्चाओं में परस्पर हित के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर बल दिया गया और उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के लिए एक गतिशील केंद्र के रूप में उभरते हुए प्रस्तुत किया गया। रूसी निवेशकों ने राज्य के विस्तारित औद्योगिक आधार, सक्रिय शासन और क्षेत्र-विशिष्ट प्रोत्साहनों में गहरी रुचि दिखाई। आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा इस सत्र की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार ने की, जबकि सह-अध्यक्षता इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री शशांक चौधरी ने की। यह आयोजन दोनों पक्षों की आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करने और सतत विकास के नए मार्ग खोलने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। साथ ही, यह उत्तर प्रदेश की वैश्विक निवेश सहयोग के लिए रणनीतिक स्थिति और निवेशक अनुकूल नीतियों को उजागर करता है। रूस–भारत व्यापार संवाद ने सहयोग और निवेश संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव स्थापित किया है, जो भविष्य में दीर्घकालिक साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद

विकसित यूपी महाअभियान के अग्रिम सेनानी हैं ग्राम प्रधान: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद  मुख्यमंत्री बोले ग्राम प्रधान लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की धुरी बनेगा ग्रामीण भारत: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रधानों को याद दिलाये प्रधानमंत्री के पंच प्रण, कहा विकसित यूपी के लिए हर प्रदेशवासी का योगदान जरूरी आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है: मुख्यमंत्री विकसित यूपी अभियान के बारे में ग्राम प्रधानों को किया जागरूक, कहा; पंचायत की खुली बैठक में करें चर्चा, हर प्रदेशवासी का सुझाव अमूल्य प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने में गांवों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर गांव समृद्ध और आत्मनिर्भर होंगे, तो प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेगा और जब प्रदेश आत्मनिर्भर होगा तो विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से संवाद कर रहे थे। यह संवाद नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 के संकल्पों से परिचित कराते हुए उनसे इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस दौरान ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 अभियान के बारे में जानकारी देने वाली एक वीडियो फ़िल्म भी दिखाई गई और क्यूआर कोड तथा पोर्टल के माध्यम से सुझाव देने के तरीके से अवगत भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। जब देश की स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होंगे, तब भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना हम सबका साझा लक्ष्य है। इस महान लक्ष्य की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृतकाल के लिए प्रधानमंत्री जी ने 'पंच प्रण' लिए हैं, हर नागरिक इनको अपने जीवन मे उतारे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि यदि गांव सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा और यदि भारत सशक्त होगा तो विश्व मंच पर उसका नेतृत्व सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन और अव्यवस्था के बोझ तले दबा हुआ था। किसान कठिन परिस्थितियों में परिश्रम करते थे, लेकिन सिंचाई, तकनीक और विपणन की सुविधाएँ सीमित थीं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें अधूरी थीं। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं थे। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव सरकारी व्यवस्थाओं में गहराई तक जकड़े हुए थे। पलायन की पीड़ा आम परिवारों को झेलनी पड़ती थी और गरीबी के कारण बच्चों की असमय मौतें होती थीं। लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र ने उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा को नई पहचान दी है। आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है। 07 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपए हो रही है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 01 लाख 20 हजार रुपये हो गई है। इन 08 वर्षों में 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का निर्माण हुआ है और अब अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है। इसमें तीन प्रमुख थीम रखी गई हैं; अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति। अर्थ शक्ति के अंतर्गत कृषि, उद्योग, निवेश और पर्यटन को नई गति दी जाएगी। सृजन शक्ति के तहत आधुनिक बुनियादी ढाँचा और हरित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं जीवन शक्ति का लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण है। इसके तहत 12 सेक्टर निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे अहम है क्योंकि लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि होने के नाते वे ही इस महाअभियान के सच्चे शिल्पकार और अग्रिम सेनानी हैं। उन्होंने कहा कि आपके सुझावों के आधार पर एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जो अगले 22 वर्षों में विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा और रोडमैप तय करेगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे अपनी पंचायत की बैठकों में विकसित उत्तर प्रदेश के इस अभियान पर चर्चा करें, गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों में लोगों को जोड़ें और समर्थ पोर्टल पर अधिक से अधिक सुझाव दिलाएँ। ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे पंचायत की खुली बैठक में जरूर पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। आने वाली पीढियां आपके सुझावों पर गर्व करेगी। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों लोगों की ऊर्जा इस यात्रा से जुड़ेगी, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना एक विराट जन-आंदोलन के रूप में साकार होगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि वे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की राह पर आगे बढ़ें और विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएँ।

अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके

दशहरा बुराई और आतंक के दहन का प्रतीक, उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए यही समय है-सही समय है: मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों में सम्प्रदाय विशेष द्वारा जुलूस प्रदर्शनों से अराजकता फैलाने की कोशिशों पर मुख्यमंत्री सख्त, कहा, हर उपद्रवियों को सरकार कुचल देगी अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके उपद्रवी बचेंगे नहीं, कार्रवाई ऐसी होगी कि दोबारा अराजकता फैलाने की सोच नहीं सकेंगे: मुख्यमंत्री कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद सहित विभिन्न जिलों की घटनाओं पर नाराजगी, उपद्रवियों पर तुरंत एफआईआर, संपत्ति तक जांच के आदेश हर उपद्रवी चिन्हित हो, वीडियो फुटेज व सोशल मीडिया मॉनीटरिंग से कोई भी बच न पाए: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, छेड़खानी, चेन स्नेचिंग, एसिड अटैक पर थाने से लेकर पीआरवी तक जवाबदेही तय होगी: मुख्यमंत्री गरबा-डांडिया में बहरूपियों की घुसपैठ रोकें, मिशन शक्ति 5.0 को जमीन पर उतारें: मुख्यमंत्री ड्रोन से रेकी और चोरी की अफवाहों पर कड़ा एतराज, अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी व चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर पूरी तरह लगाम, मुख्यमंत्री ने कहा आदेशों का अक्षरशः पालन हो दुर्गा पूजा व रावण दहन कार्यक्रमों में सुरक्षा सर्वोपरि, सुरक्षित ऊंचाई से अधिक बड़ी प्रतिमा न हो, विसर्जन के वैकल्पिक इंतजाम जरूरी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, बूचड़खानों का औचक निरीक्षण करें पुलिस कप्तान, मानक अनुपालन सुनिश्चित करें यूपी आईटीएस में उमड़ रहा लोगों का उत्साह, बोले मुख्यमंत्री, कोई जाम न हो, सुरक्षा पुख्ता रहे जिलों में प्रभारी मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के दौरों और बैठकों को प्राथमिकता में रखे जिला प्रशासन, कोर ग्रुप की बैठकों को मुख्यमंत्री कार्यालय तक रिपोर्ट करें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई के साथ कुचल देगी। पर्व-त्योहारों के अवसर पर कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा अशांति फैलाने के कुत्सित प्रयासों पर कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है। उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतज़ार न करें, यही समय है, सही समय है।" हाल के दिनों में कानपुर नगर, वाराणसी, मुरादाबाद, बदायूं, महराजगंज, उन्नाव, संभल, आगरा और बरेली में आपत्तिजनक जुलूस और भड़काऊ नारेबाजी की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह सब प्रदेश का माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान कर उनकी संपत्ति तक की जांच हो। इन जुलूसों में शामिल एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वीडियो फुटेज खंगालें, सोशल मीडिया मॉनीटरिंग करें और हर एक उपद्रवी पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जोनल एडीजी, आईजी, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों सहित फील्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शारदीय नवरात्र से प्रारंभ मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों में बहरूपिये अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश दिए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, चेन स्नेचिंग या एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर न केवल थाने और चौकी की जवाबदेही तय होगी बल्कि पीआरवी की भूमिका भी जांची जाएगी। दशहरे के बाद जोनल एडीजी इसकी थानावार समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज आदि जिलों में ड्रोन के जरिए रेकी व चोरी की अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी हो और पुलिस लगातार गश्त करती रहे। चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाई जाए ताकि गलत सूचनाओं से जनता आतंकित न हो। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर भी सख्ती दिखाई और कहा कि शासन के स्पष्ट आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाए। जाति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की कोशिशों को पूरी तरह खत्म करना होगा। त्योहारों के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिमाएं सुरक्षित सीमा से अधिक ऊंची न हों और नदियों में जलस्तर अधिक होने के कारण विसर्जन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दुर्गा पूजा समितियों से संवाद कर सुरक्षित व्यवस्था बनाएं और रावण दहन कार्यक्रम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराएं। गो-तस्करी और बूचड़खानों पर कठोर कार्रवाई की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कप्तान औचक निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि बूचड़खाने मानक के अनुरूप ही संचालित हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारी भीड़ और विदेशी खरीदारों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सप्ताहांत में संभावित बड़ी भीड़ को देखते हुए कहीं भी यातायात जाम न हो और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर ने बताया कि दूसरे दिन लगभग 49 हजार लोगों ने ट्रेड शो का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि प्रभारी मंत्रियों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ जनों से बने कोर ग्रुप के निर्देशों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इनकी बैठकों के विवरण से मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने विकसित यूपी@2047 के अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास के भी निर्देश दिए।

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।

सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में दिख रहा युवाओं का जोश सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई विभिन्न मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर रही जबरदस्त भीड़ योगी सरकार की पहल से बढ़ा स्टार्टअप्स का मनोबल ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में आयोजित सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों छात्र-छात्राओं ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नए बिजनेस आइडियाज और इनोवेटिव उद्यमों की जानकारी प्राप्त की। 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी और मथुरा से आए 700 से अधिक छात्रों समेत एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी विजिट की। समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं। खास तौर पर ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई। वहीं, क्यूटीएम, ग्रिप इंटरनेशनल, प्रॉस्पर ग्रुप और कोशिश सस्टेनेबल साल्यूशन्स के मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर भी जबरदस्त भीड़ रही। स्टार्टअप्स और फूड ब्रांड्स का आकर्षण कॉनक्लेव के दौरान 20 से अधिक बी टू बी मीटिंग्स सम्पन्न हुईं। इसके साथ ही डॉ. गैराज, मिस्टर सैंडविच, धोबीलाइट, अर्द्धसैनिक कैंटीन और अमूल इंडिया जैसे स्टार्टअप्स व ब्रांड्स ने छात्रों को अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का मार्गदर्शन किया। योगी सरकार की पहल से बढ़ा आत्मविश्वास सीएम युवा कॉनक्लेव ने स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार की नीतियां और UPITS-2025 जैसे प्लेटफॉर्म न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो : सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह

ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई विभिन्न मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर रही जबरदस्त भीड़ योगी सरकार की पहल से बढ़ा स्टार्टअप्स का मनोबल ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में आयोजित सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों छात्र-छात्राओं ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नए बिजनेस आइडियाज और इनोवेटिव उद्यमों की जानकारी प्राप्त की। 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी और मथुरा से आए 700 से अधिक छात्रों समेत एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी विजिट की। समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं। खास तौर पर ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई। वहीं, क्यूटीएम, ग्रिप इंटरनेशनल, प्रॉस्पर ग्रुप और कोशिश सस्टेनेबल साल्यूशन्स के मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर भी जबरदस्त भीड़ रही। स्टार्टअप्स और फूड ब्रांड्स का आकर्षण कॉनक्लेव के दौरान 20 से अधिक बी टू बी मीटिंग्स सम्पन्न हुईं। इसके साथ ही डॉ. गैराज, मिस्टर सैंडविच, धोबीलाइट, अर्द्धसैनिक कैंटीन और अमूल इंडिया जैसे स्टार्टअप्स व ब्रांड्स ने छात्रों को अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का मार्गदर्शन किया। योगी सरकार की पहल से बढ़ा आत्मविश्वास सीएम युवा कॉनक्लेव ने स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार की नीतियां और UPITS-2025 जैसे प्लेटफॉर्म न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से वर्चुअल संवाद

  आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है: मुख्यमंत्री विकसित यूपी अभियान के बारे में ग्राम प्रधानों को किया जागरूक, कहा; पंचायत की खुली बैठक में करें चर्चा, हर प्रदेशवासी का सुझाव अमूल्य प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा: मुख्यमंत्री लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' की परिकल्पना को साकार करने में गांवों की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर गांव समृद्ध और आत्मनिर्भर होंगे, तो प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेगा और जब प्रदेश आत्मनिर्भर होगा तो विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के 57 हजार ग्राम प्रधानों और सदस्यों से संवाद कर रहे थे। यह संवाद नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 के संकल्पों से परिचित कराते हुए उनसे इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। इस दौरान ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी@2047 अभियान के बारे में जानकारी देने वाली एक वीडियो फ़िल्म भी दिखाई गई और क्यूआर कोड तथा पोर्टल के माध्यम से सुझाव देने के तरीके से अवगत भी कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। जब देश की स्वतंत्रता के सौ वर्ष पूरे होंगे, तब भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना हम सबका साझा लक्ष्य है। इस महान लक्ष्य की प्राप्ति में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। आजादी के अमृतकाल के लिए प्रधानमंत्री जी ने 'पंच प्रण' लिए हैं, हर नागरिक इनको अपने जीवन मे उतारे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है कि यदि गांव सशक्त होंगे तो भारत सशक्त होगा और यदि भारत सशक्त होगा तो विश्व मंच पर उसका नेतृत्व सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़ेपन और अव्यवस्था के बोझ तले दबा हुआ था। किसान कठिन परिस्थितियों में परिश्रम करते थे, लेकिन सिंचाई, तकनीक और विपणन की सुविधाएँ सीमित थीं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें अधूरी थीं। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं थे। भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव सरकारी व्यवस्थाओं में गहराई तक जकड़े हुए थे। पलायन की पीड़ा आम परिवारों को झेलनी पड़ती थी और गरीबी के कारण बच्चों की असमय मौतें होती थीं। लेकिन बीते आठ वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। प्रधानमंत्री जी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र ने उत्तर प्रदेश की दिशा और दशा को नई पहचान दी है। आज उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, स्थिरता और शांति का पर्याय बन चुका है। 07 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपए हो रही है। प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये से बढ़कर 01 लाख 20 हजार रुपये हो गई है। इन 08 वर्षों में 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' का निर्माण हुआ है और अब अगले 04 वर्षों में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक प्रदेश होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है। इसमें तीन प्रमुख थीम रखी गई हैं; अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति। अर्थ शक्ति के अंतर्गत कृषि, उद्योग, निवेश और पर्यटन को नई गति दी जाएगी। सृजन शक्ति के तहत आधुनिक बुनियादी ढाँचा और हरित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं जीवन शक्ति का लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण है। इसके तहत 12 सेक्टर निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में ग्राम प्रधानों की भूमिका सबसे अहम है क्योंकि लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि होने के नाते वे ही इस महाअभियान के सच्चे शिल्पकार और अग्रिम सेनानी हैं। उन्होंने कहा कि आपके सुझावों के आधार पर एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जो अगले 22 वर्षों में विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा और रोडमैप तय करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे अपनी पंचायत की बैठकों में विकसित उत्तर प्रदेश के इस अभियान पर चर्चा करें, गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों में लोगों को जोड़ें और समर्थ पोर्टल पर अधिक से अधिक सुझाव दिलाएँ। ग्राम प्रधानों को भेजे गए पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसे पंचायत की खुली बैठक में जरूर पढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद के तीन और प्रदेश स्तर पर 05 सर्वोत्तम सुझावों को पुरस्कृत किया जाएगा। आने वाली पीढियां आपके सुझावों पर गर्व करेगी। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों लोगों की ऊर्जा इस यात्रा से जुड़ेगी, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना एक विराट जन-आंदोलन के रूप में साकार होगा। उन्होंने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि वे ग्रामोदय से राष्ट्रोदय की राह पर आगे बढ़ें और विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएँ।  

दशहरा गिफ्ट: यूपी के लाखों छात्रों के खाते में पहुंचे ₹89.96 करोड़, सीएम योगी ने किया ट्रांसफर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार ने 26 सितंबर, शुक्रवार को 3. 96 लाख से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति का तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टूडेंट्स से अपील की है कि वह इस छात्रवृत्ति का उपयोग अपनी पढ़ाई लिखाई के लिए करें. सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2025-26 में वंचित वर्गों को ₹2,825 करोड़ की छात्रवृत्ति अब तक वितरित की है. राजधानी लखनऊ में आयोजित वितरण कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी ₹11 करोड़ से बढ़ाकर ₹35 करोड़ किया है सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की एक बड़ी भूमिका है. आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में वंचितों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़कर उत्तम और बेहतरीन शिक्षा के माध्यम से उनके विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है. शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर आज लखनऊ में छात्रवृत्ति वितरण समारोह के अंतर्गत 3 लाख 96 हजार से अधिक विद्यार्थियों को ₹89. 96 करोड़ की धनराशि का हस्तांतरण किया. सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलमय शुभकामनाएं! सीएम ने छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में एक संबोधन के दौरान कहा कि हमें बंटना नहीं है, हम एकजुट रहकर बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुँचाना है. याद रखना इन विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था. अब नए भारत के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो काम चल रहा है. उस आत्मनिर्भर विकसित भारत के लिए जो अभियान चल रहा है उसके लिए ये फिर से बाधक बन रही हैं. सीएम ने कहा कि कुछ ताकतें समाज को बांटने का काम कर रही हैं. हमारा प्रयास होना चाहिए. हमको बंटना नही है. हमे एकजुट होकर बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल पहुंचाना है. हर वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है. आज सरकार हर कार्य कर रही है. समाज कल्याण विभाग द्वारा अनेक कार्य हो रहे हैं. पहले हजारों बच्चे इससे वंचित रह जाते थे – सीएम योगी सीएम ने दावा किया कि पहले स्कॉलरशिप में भेद भाव होता था. मार्च अप्रैल तक आती थी. अब यह सितंबर महीने में ही मिलने जा रही है. आज सीधे छात्रों के खाते में छात्रवृत्ति जाती है. पहले हजारों बच्चे इससे वंचित रह जाते थे. उन्होंने कहा कि यह वर्ष शताब्दी संकल्प वर्ष चल रहा है. शताब्दी वर्ष में हम 2047 के संकल्प अभियान को लेकर चल रहे हैं. विकसित भारत का विकसित उत्तरप्रदेश की नींव अभी से रखनी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार छात्रवृत्ति योजना में वृद्धि कर रही है. तकनीकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन, डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण हो रहा है. सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है. अल्पसंख्यक छात्रों को भी उच्च सुविधा दी जा रही है. सीएम ने कहा कि बाबा साहेब कहते थे कि जब तक हम अच्छी शिक्षा नही लेंगे. कोई सरकार कल्याण नही कर सकती. सरकार पर आश्रित नही रहकर सरकार की बेहतर सुविधाओ को उपयोग करते हुए आगे बढ़ना होगा. वो सभी महापुरुष जिन्होने अपनी प्रतिभा से समाज को दिशा दी वो किसी के मोहताज थे. उन्होंने अपने प्रतिभा से समाज का मार्गदर्शन किया.  

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।

पवेलियन में राज्य की धरोहर, संस्कृति और लजीज जायकों की झलक, एआर फोटो बूथ बना युवाओं का पसंदीदा

यूपी पर्यटन पवेलियन में दिखी संस्कृति की झलक, बनारस के घाट और बुद्ध सर्किट ने खींचा ध्यान ग्रेटर नोएडा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में हॉल नंबर-7 का स्टॉल नंबर-12 दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां आते ही आगंतुकों को ऐसा अनुभव मिलता है मानो वे किसी मेले में नहीं, बल्कि सीधे उत्तर प्रदेश की धरती पर पहुँच गए हों। कहीं बनारस के घाटों की झलक दिखती है तो कहीं काशी विश्वनाथ धाम और बुद्ध सर्किट की भव्यता नज़र आती है। यही नहीं, आधुनिक तकनीक से लैस एआर फोटो बूथ युवाओं की सेल्फी और तस्वीरों का नया केंद्र बन गया है। बनारस का माहौल, गंगा आरती का अनुभव स्टॉल के प्रवेश द्वार को बनारस की गंगा आरती से प्रेरित कर डिजाइन किया गया है। आगंतुक जैसे ही अंदर आते हैं, उन्हें दीप जलाए कलाकारों और गंगा घाट की नकल करते चबूतरों पर बैठे प्रस्तुति देते कलाकार दिखाई देते हैं। स्टॉल में लगाए गए इन बीआर अनुभव (Immersive VR) के जरिए आगंतुकों को ऐसा आभास होता है मानो वे गंगा की लहरों पर नाव में सवार होकर बनारस की यात्रा कर रहे हों। स्टॉल पर मौजूद दीपिका सिंह ने बताया, “गंगा आरती से प्रेरित यह माहौल हर आगंतुक को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। हमारा प्रयास है कि लोग यूपी के पर्यटन स्थलों से भावनात्मक रूप से जुड़ें।” बुद्ध सर्किट द्वार पर युवाओं की भीड़ स्टॉल में बनाया गया बुद्ध सर्किट द्वार युवाओं का पसंदीदा सेल्फी प्वाइंट बन चुका है। गाजियाबाद से आए आगंतुक अमित ने कहा, “बुद्ध के उपदेश आज के समय में और भी ज़्यादा प्रासंगिक हैं। यह द्वार न केवल एक फोटो स्पॉट है बल्कि संदेश देता है कि शांति और करुणा हमारी जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए।” स्टॉल में आने वाले छात्र और शोधार्थी भी इसे बेहद रोचक मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह यूपी के बौद्ध पर्यटन सर्किट के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है। धरोहर और जायकों का संगम स्टॉल केवल धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां यूपी की हस्तकला और लजीज जायकों का भी संगम दिखता है। सहारनपुर की लकड़ी की कारीगरी, कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का ब्रासवर्क, भदोही के कालीन, वाराणसी की बूटीदार सिल्क साड़ी, आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा और बनारसी पान यहां आने वाले हर आगंतुक को आकर्षित कर रहे हैं। दीपिका सिंह ने बताया, “हमने कोशिश की है कि इस छोटे से हिस्से में पूरा यूपी समा जाए। कोई स्वाद लेना चाहे या स्मृति चिन्ह साथ ले जाना चाहे, यहां सब उपलब्ध है।” मंदिरों संग डिजिटल फोटो और तकनीकी नवाचार यूपी पर्यटन विभाग के इस स्टॉल की सबसे बड़ी विशेषता एआर फोटो बूथ है। यहां आगंतुक अपनी पसंद का मंदिर या पर्यटन स्थल चुनकर उसके साथ डिजिटल फोटो खिंचवा सकते हैं। फोटो खिंचने के तुरंत बाद आगंतुकों को एक क्यूआर कोड दिया जाता है, जिसे स्कैन कर वे अपनी तस्वीरें सीधे मोबाइल पर डाउनलोड कर सकते हैं। दिल्ली से आए युवा पर्यटक नेहा ने कहा, “यह अनुभव बिल्कुल नया है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं सचमुच मथुरा के मंदिर में खड़ी हूं। इसे देखकर मेरे दोस्तों ने भी स्टॉल पर आने की जिद की।” यूपी की पहचान और निवेश की संभावना इस स्टॉल के जरिए न केवल पर्यटन स्थलों को प्रमोट किया जा रहा है बल्कि ‘एक जिला, एक उत्पाद’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी सामने लाया गया है। इस तरह की प्रस्तुति न केवल युवाओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है, बल्कि राज्य में निवेश और पर्यटन को भी बढ़ावा देती है।  स्टॉल की खासियत ▪️बनारस की गंगा आरती से प्रेरित प्रवेश द्वार और घाट जैसा माहौल ▪️इन वीआर अनुभव से नाव में बैठकर बनारस का वर्चुअल भ्रमण सा अनुभव ▪️बुद्ध सर्किट गेट युवाओं का पसंदीदा सेल्फी प्वाइंट ▪️कन्नौज का इत्र, मुरादाबाद का ब्रासवर्क, भदोही के कालीन समेत यूपी की समृद्ध विरासत ▪️एआर फोटो बूथ से मंदिरों और धरोहरों के साथ डिजिटल फोटो और तुरंत डाउनलोड सुविधा