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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा से लांच करेंगे बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क

अब स्वदेशी 4जी नेटवर्क से जुड़ेंगे यूपी के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्र  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा से लांच करेंगे बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भी होगा आयोजन का लाइव टेलीकास्ट, सीएम योगी रहेंगे मौजूद  4जी नेटवर्क लॉन्चिंग का यूपी को होगा बड़ा लाभ, 240 गांवों के 24 हजार से ज्यादा लोग होंगे लाभान्वित  उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल ने अब तक 6659 साइट्स पर स्थापित की हैं 4जी सेवाएं  डिजिटल भारत निधि से 141 साइट्स का काम पूरा, योगी सरकार ने निशुल्क उपलब्ध कराई ग्राम सभा की भूमि  बीएसएनएल की 4जी टेक्नोलॉजी पूर्णतः स्वदेशी है, 4जी से 5जी में आसानी से किया जा सकेगा अपग्रेड  सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में विकसित की स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी  यूपी सहित पूरे देश के 26700 असम्पर्कित गांव जुड़ेंगे 4जी से, 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर लाभान्वित होंगे  पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू करने वाला दुनिया का पांचवां देश बना भारत  92,600 4जी टावरों में से 18,900 टावर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) परियोजना के तहत लगाए गए  लखनऊ  स्वदेशी आत्मनिर्भरता के संकल्प को नई ऊंचाईयों पर ले जाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा से देश का पहला पूर्णतः स्वदेशी 4जी नेटवर्क राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सिर्फ एक तकनीकी लॉन्च नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया के सपनों को साकार करने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जहां भारत दुनिया का पांचवां ऐसा देश बना जाएगा, जो अपना पूर्ण स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू करेगा, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय पहल से उत्तर प्रदेश को इस क्रांतिकारी उपलब्धि का विशेष लाभ मिलेगा। इस महाआयोजन का लाइव टेलीकास्ट लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (आईजीपी) में भी होगा, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।  उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव स्वदेशी को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार स्वदेशी केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि नए भारत की मजबूती का आधार है। इसी दृष्टि को मूर्त रूप देते हुए बीएसएनएल की इस पहल से उत्तर प्रदेश को विशेष सौगात मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी इस अवसर पर पूरे देश में 97,500 मोबाइल टावर और 443 स्वदेशी टॉवरों का उद्घाटन करेंगे, जिस पर लगभग 37 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। इस क्रांतिकारी कदम से उत्तर प्रदेश के अब तक नेटवर्क से कटे 240 गांवों के 24 हजार से अधिक लोग पहली बार हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ उठा पाएंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह महत्वाकांक्षी पहल न सिर्फ देशभर के दूरस्थ इलाकों तक, बल्कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती और पिछड़े क्षेत्रों तक भी डिजिटल सेवाएं पहुंचाएगी, जहां अब तक या तो मोबाइल कनेक्टिविटी बिल्कुल नहीं थी या फिर लोग केवल 2जी नेटवर्क तक ही सीमित थे। यूपी में 6659 साइट्स पर 4जी सेवाएं बीएसएनएल के मुख्य महाप्रबंधक यूपी ईस्ट अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बीएसएनएल ने अब तक 6659 साइट्स पर 4जी सेवाएं स्थापित कर दी हैं। इनमें 142 साइट्स डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) से मंजूर हुई हैं, जिनमें से 141 पर काम पूरा हो चुका है। यूपी सरकार ने इन स्थलों पर ग्राम सभा की भूमि निशुल्क उपलब्ध कराई है। बॉर्डर आउट पोस्ट्स (बीओपी) और बॉर्डर इंटेलिजेंस पोस्ट्स (बीआईपी) पर भी अब 4जी नेटवर्क पहुंच सकेगा। यूपी में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की 68 साइट्स मंजूर की गई हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। यही नहीं, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों (चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र) में मौजूद 2जी सेवाओं को 4जी में अपग्रेड किया जा रहा है। कुल 78 साइटों में से 25 पर काम पूरा हो चुका है। आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि उन्होंने बताया कि बीएसएनएल के लिए सी-डॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर रिकॉर्ड 22 महीने में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित की, जिसे सॉफ्टवेयर के जरिए आसानी से 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा। इस कदम से यूपी सहित पूरे देश के लगभग 26700 असम्पर्कित गांवों को जोड़ा गया है, जिससे 20 लाख से अधिक नए सब्सक्राइबर लाभान्वित होंगे। इसमें उत्तर प्रदेश का बड़ा योगदान होगा, जहां सीमावर्ती और पिछड़े इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहल से भारत अब दुनिया का पांचवां ऐसा देश बन गया है जिसने पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेलीकॉम स्टैक विकसित और लागू किया है। बीएसएनएल के कुल 92,600 4जी टावरों में से 18,900 टावर डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) परियोजना के तहत लगाए गए हैं। यह विस्तार डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। बीएसएनएल की शानदार वापसी उन्होंने बताया कि लगभग 18 वर्षों में पहली बार बीएसएनएल ने लगातार दो तिमाहियों में लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में ₹2262 करोड़ और चौथी तिमाही में ₹280 करोड़ का लाभ हुआ। कंपनी का कुल वार्षिक घाटा 58% घटकर ₹2247 करोड़ पर (FY24 में ₹5370 करोड़ था) आ गया। परिचालन राजस्व 7.8% बढ़कर ₹20,841 करोड़ हो गया। EBITDA दोगुना से अधिक होकर ₹5,396 करोड़ पहुंच गया और मार्जिन 23.01% पर सुधर गया। ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि सरकारी पुनरुत्थान पैकेज और रणनीतिक निवेशों ने बीएसएनएल को वित्तीय मजबूती दी है। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में सीजीएम, यूपी ईस्ट अरुण कुमार गर्ग के साथ ही , सीजीएम यूपी वेस्ट अरुण कुमार सिंह, पीजीएम एसएंडएम नई दिल्ली दीपक गर्ग, डीडीजी डीओटी नई दिल्ली राजेश कुमार सोनी और एडिशनल डीजी यूपी ईस्ट वीरेंदर कुमार शामिल रहे।

सीएम योगी के निर्देश पर स्कूली बच्चों को दिलाई जा रही जल संरक्षण की शपथ

व्यापार बढ़ाने के साथ जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  जल जीवन मिशन की स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में जल संरक्षण के बारे में बता रहे कर्मचारी सीएम योगी के निर्देश पर स्कूली बच्चों को दिलाई जा रही जल संरक्षण की शपथ  सेल्फी प्वाइंट और गेमिंग जोन बना युवाओं के आकर्षण का केन्द्र ग्रेटर नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड शो व्यापार को बढ़ावा देने और यूपी की संस्कृति से रूबरू कराने के साथ-साथ दुनियाभर से आने वाले दर्शकों और कारोबारियों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक कर रहा है। ट्रेड शो एरिया के हॉल नंबर-7 में बनाई गई जल जीवन मिशन की स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में दर्शक एक तरफ जहां नए बुंदेलखंड और पुराने बुंदेलखंड की कहानी देखकर अभिभूत हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जल संरक्षण का पाठ भी पढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदर्शनी में आने वाले दर्शकों को बताया जा रहा है कि कैसे जल की एक-एक बूंद जीवन के लिए कीमती है और कौन से छोटे-छोटे उपाय करके जल संरक्षण किया जा सकता है। प्रदर्शनी में आने वाले स्कूली बच्चों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई जा रही है।  करीब 496 वर्ग मीटर एरिया में लगाई गई इस प्रदर्शनी में नए और पुराने बुंदेलखंड के साथ-साथ फोटो गैलरी भी दर्शकों को खूब लुभा रही है। इस फोटो गैलरी से लोग जल जीवन मिशन की सफलता को समझ रहे हैं। कैसे जल जीवन मिशन के जरिए हर ग्रामीण घर तक नल कनेक्शन पहुंच रहा है। साथ ही रोजगार के अवसर कैसे युवाओं को मुहैया हो रहे हैं। इसके बारे में भी फोटो गैलरी के माध्यम से समझया जा रहा है।  सेल्फी प्वाइंट और गेमिंग जोन बना युवाओं के आकर्षण का केन्द्र स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में बने सेल्फी प्वाइंट और गेमिंग जोन युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। गेम के माध्यम से भी युवाओं को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा नोएडा जैसे शहर में रहने वाले बच्चे और युवा सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी खींचकर ग्रामीण परिवेश से रूबरू हो रहे हैं।  सफलता की जो कहानी फोन पर सुनते थे आज उसे देख भी रहे हैं प्रदर्शनी में आई रीना ने बताया कि वो महोबा की रहने वाली हैं। मगर लंबे समय से नोएडा में हैं। जल जीवन मिशन से उनके गांव में आए बदलाव की कहानी जो वो फोन पर सुनती थीं। उसे प्रदर्शनी के माध्यम से देखकर अच्छा लग रहा है। वहीं दिल्ली निवासी शालू ने बताया कि उन्होंने बुंदेलखंड में ट्रेन से पानी ले जाने की कहानी सुनी थी। मगर नए बुंदेलखंड और पुराने बुंदेलखंड का प्रोटोटाइप देखकर ये समझ में आ रहा है कि कैसे जल जीवन मिशन ने ग्रामीण लोगों के परिवेश को बदला है।  बुंदेलखंडी नृत्य से जीते दिल शुक्रवार को स्वच्छ सुजल गांव प्रदर्शनी में बुंदेलखंडी गानों पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनी में आए दर्शकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कई बुंदेलखंडी गानों पर प्रस्तुति दी गई।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के दूसरे दिन भारत-रूस बिजनेस डायलॉग का आयोजन

यूपी में निवेश की अपार संभावनाएं, हरसंभव मदद करेगी सरकार–राकेश सचान यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 के दूसरे दिन भारत-रूस बिजनेस डायलॉग का आयोजन दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा यह आयोजन: मंत्री पीएम मोदी के दूरदर्शी विजन से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा ग्रेटर नोएडा “उत्तर प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव मदद करेगी।” यह कहना है उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी, हथकरघा और वस्त्र मंत्री राकेश सचान का। उक्त बातें उन्होंने शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दूसरे दिन आयोजित भारत-रूस बिजनेस डायलॉग को संबोधित करते हुए कहीं। मंत्री राकेश सचान ने रूस के अधिकारियों और कारोबारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन से भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सहयोग से आज की साझेदारी तक राकेश सचान ने कहा कि भारत के औद्योगिकीकरण के समर्थन करने के दिनों से आज रणनीतिक साझेदारी तक हमारा सहयोग रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अब विभिन्न सेक्टरों तक विकसित हुआ है। हाल के वर्षों में यह साझेदारी और प्रगाढ़ हुई है तथा दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है। भारत ने वर्ष 2025 तक रूस से अपने व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। सचान ने विश्वास जताया कि यह लक्ष्य अवश्य हासिल होगा।  MSME यूपी की ताकत मंत्री ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने MSME क्षेत्र की शक्ति पर विशेष बल दिया था। उत्तर प्रदेश में देश की सबसे अधिक 9 मिलियन MSME इकाइयां कार्यरत हैं, जो राज्य की लगभग 15 प्रतिशत आबादी को रोजगार देती हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना ने स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाई है। निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश 25 करोड़ से अधिक की आबादी वाला विशाल बाजार है, जो निवेशकों को स्थायी अवसर प्रदान करता है। यहां उद्योगों को उत्पादन और उपभोग दोनों स्तर पर मजबूती मिलती है। उन्होंने रूस से आग्रह किया कि अपनी उन्नत प्रौद्योगिकी के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में सहयोग करे। ट्रेड शो केवल मेला नहीं मंत्री राकेश सचान ने कहा कि “यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक मेला भर नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र और राज्य के विकास को नए क्षितिज से जोड़ने का उपक्रम है।” उन्होंने विश्वास जताया कि इस आयोजन से भारत-रूस कारोबारी रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। भारत-रूस रिश्तों के लिए मील का पत्थर साबित होगा बिजनेस डायलॉग यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारत-रूस बिजनेस डायलॉग दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा। डायलॉग का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने किया। इस अवसर पर Invest UP पर आधारित शॉर्ट मूवी भी प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम का संचालन रूस की डेप्युटी हेड ऑफ द इकोनॉमिक डिपार्टमेंट ज्लाटा अंटुशेवा ने किया और स्वागत भाषण डेप्युटी ट्रेड कमिश्नर डॉ. इवगेनी जेंचेंको ने दिया। डायलॉग में बोलते हुए पैरामाउंट कम्युनिकेशन के एमडी संदीप अग्रवाल ने कहा कि भारत और रूस एक-दूसरे के भरोसेमंद साथी हैं। भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और पावर, टेलीकॉम, ऊर्जा से लेकर डिफेंस तक दोनों देशों के मजबूत कारोबारी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग ‘कास्ट इफेक्टिव और रिलायबल’ है और फार्मास्युटिकल सेक्टर में सहयोग के जरिए नई उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। कारोबारी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे रूस की प्रतिनिधि ज्लाटा अंटुशेवा ने कहा कि भविष्य में हमारे कारोबारी रिश्ते और अधिक प्रगाढ़ होंगे। वहीं, डॉ. अजय सहाय ने कहा कि भारत-रूस संबंध केवल ट्रेड तक सीमित नहीं हैं बल्कि मार्केट एक्सेस, शिपिंग रूट और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के विशाल ढींगरा ने एमएसएमई सेक्टर में सहयोग की उम्मीद जताई। वहीं संगठन के पदाधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भारत-रूस रिश्तों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश बन चुका है और यहां निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

प्रदेश के दो दर्जन से अधिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर 27 सितंबर से होगी ‘सुर साधना’

कलाकारों की सुर साधना से सजेगा उत्तर प्रदेश  प्रदेश के दो दर्जन से अधिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर 27 सितंबर  से होगी 'सुर साधना'  यूपी के पंजीकृत कलाकारों को मंच उपलब्ध कराएगी योगी सरकार  लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क व कुड़िया घाट में भी होगा अविस्मरणीय आयोजन  गोरखपुर के रामगढ़ताल, वृंदावन के प्रेम मंदिर, मुजफ्फरनगर के शुक तीर्थ, मीरजापुर के विंध्याचल मंदिर, अयोध्या में राम की पैड़ी, सीतापुर के नैमिषारण्य धाम समेत प्रदेश के कई जनपदों में होगा आयोजन लोक नृत्य के कलाकारों को 15 हजार, भजन/लोकगायकों को 10 हजार और अन्य विधाओं के कलाकारों को पांच हजार भी देगी योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार के नेतृत्व में नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में स्थानीय कलाकार 'सुर साधना' करेंगे। यह आयोजन 27 सितंबर (शनिवार) से होगा। इसके जरिए योगी सरकार पंजीकृत कलाकारों को मंच मुहैया कराएगी। यह आयोजन राजधानी लखनऊ, वाराणसी, झांसी, मथुरा, गोरखपुर, आगरा, सीतापुर, अयोध्या समेत अनेक जनपदों में होगा। राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क व कुड़िया घाट समेत प्रदेश के दो दर्जन से अधिक धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर यह आयोजन होगा। सरकार लोक नृत्य के कलाकारों को 15 हजार, लोकगायकों को 10 हजार और अन्य विधाओं के कलाकारों को पांच हजार रुपये पारिश्रमिक स्वरूप भी देगी।   यह होगी सांस्कृतिक गतिविधियां योगी सरकार पंजीकृत लोक कलाकारों को मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने, पारंपरिक लोक कलाकारों के संरक्षण व संवर्धन, शहरी/ग्रामीण दर्शकों को लोक संस्कृति से जोड़ने व सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य से यह आयोजन करा रही है। 27 सितंबर से होने वाली सुर साधना में कलाकारों द्वारा लोकगायन, भजन/कीर्तन, लोकनृत्य/लोकनाट्य प्रस्तुति, कठपुतली/जादू, शास्त्रीय गायन/वादन, किस्सागोई/दास्तानगोई व काव्य पाठ आदि होगा।  स्थानीय कलाकारों को दी जाएगी प्राथमिकता  उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने पर्यटकों के साथ-साथ आम लोगों को भी लोककलाओं की तरफ आकर्षित करने की कवायद शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर लोक कलाकारों की प्रस्तुति होगी। सुर साधना में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। कलाकारों को मंच मुहैया कराने के साथ ही पारिश्रमिक भी दिया जाएगा। लोकनृत्य के लिए 15 हजार रुपये, भजन/लोकगायन के लिए 10 हजार रुपये व अन्य विधाओं- जादू, कठपुतली, किस्सागोई दास्तानगोई, काव्य पाठ आदि के लिए कलाकारों को पांच हजार रुपये प्रदान किया जाएगा।  प्रदेश के इन स्थानों पर होगा आयोजन  कुसुमवन सरोवर मथुरा झांसी का किला, झांसी रामघाट, चित्रकूट नया अस्सी घाट वाराणसी त्रिवेणी घाट प्रयागराज जनेश्वर मिश्र पार्क लखनऊ कुड़िया घाट लखनऊ  शिल्पग्राम, आगरा बटेश्वर धाम आगरा डााइट ऑडिटोरियम विकास भवन बदायूं नैमिषारण्य धाम सीतापुर रामगढ़ताल गोरखपुर राम की पैड़ी अयोध्या सामौर बाबा धाम फिरोजाबाद सीता समाहित स्थल, भदोही पाल्हमेश्वरी देवी मंदिर आजमगढ़ विंध्यवासिनी देवी मंदिर, विंध्याचल प्रेम मंदिर, वृंदावन शुक्र तीर्थ मुजफ्फरनगर देवीपाटन मंदिर, बलरामपुर गढ़ मुक्तेश्वर हापुड़ मां शाकुंभरी देवी मंदिर सहारनपुर शीतला माता मंदिर मैनपुरी   

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरु किया POSH अधिनियम पर जागरूकता अभियान

मिशन शक्ति- 5.0 योगी सरकार का बड़ा अभियान, हर कार्यस्थल बनेगा महिलाओं के लिए सुरक्षित महिला एवं बाल विकास विभाग ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुरु किया POSH अधिनियम पर जागरूकता अभियान अभियान के पहले दिन योगी सरकार ने 75 जनपदों में 50,000 महिलाओं को किया जागरूक – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की नई नींव रख रही है योगी सरकार की यह मुहिम – प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाएंगे POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम  – POSH अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी हुई चर्चा  – POSH अधिनियम पर जागरूकता खोलेगी महिलाओं के अधिकारों की नई राह – मिशन शक्ति 5.0 के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए चार दिन में 3.85 लाख से अधिक लोगों तक पहुंची योगी सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाया जा रहा मिशन शक्ति 5.0 अब प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ “सुरक्षित कार्यस्थल-सशक्त नारी” अभियान और सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न से संरक्षण संबंधी कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के प्रावधानों के प्रति प्रतिभागियों और आमजन को जागरूक करना था। अभियान के  पहले दिन विभिन्न आयोजनों में प्रदेश की लगभग 50,000 महिलाओं ने हिस्सा लिया। जागरूकता अभियान में सरकारी-निजी कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी, महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यें, कॉलेज छात्राएं, अधिवक्ता, श्रमिक संगठन और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तिकरण मुहिम का हिस्सा यह अभियान कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतिकार) अधिनियम, 2013 (POSH) और कामकाजी महिलाओं के वित्तीय-कानूनी अधिकारों पर केंद्रित है, जो नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में नया आयाम जोड़ रहा है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य मिशन शक्ति-5.0 का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। इन आयोजनों में POSH अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिनियम कार्यस्थल पर शारीरिक, मौखिक या गैर-मौखिक आचरण को, जो महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में परिभाषित करता है। दस से अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जबकि जिला स्तर पर स्थानीय समिति शिकायतों की सुनवाई करती है। शिकायत दर्ज करने की समय-सीमा तीन महीने है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है। 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना जरूरी है। यह अधिनियम महिला की गोपनीयता की रक्षा करता है और दोष सिद्ध होने पर नियोक्ता को अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना का प्रावधान है। नियोक्ता का दायित्व है कि कार्यस्थल सुरक्षित बने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों और समिति की सिफारिशों का पालन हो। महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर दिया गया जोर कार्यक्रमों में POSH अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा की गई। मातृत्व अवकाश के लाभ, समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रावधान, श्रमिक कानूनों के तहत विशेष सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग और बीमा योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण ही वास्तविक महिला सुरक्षा का आधार है। यह अभियान मिशन शक्ति-5.0 के तहत महिलाओं के प्रति सकारात्मक व्यवहारिक परिवर्तन लाने का प्रयास है, ताकि वे कानूनों, योजनाओं और अवसरों से जुड़कर सशक्त समाज की आधारशिला बन सकें। नारी सुरक्षा का नया अध्याय है मिशन शक्ति-5.0 यह अभियान मिशन शक्ति-5.0 के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने का प्रयास है। सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत यह आयोजन कार्यस्थलों को महिलाओं के लिए वीमेन फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके अलावा विभाग ने 22 से 25 सितंबर तक के विभिन्न कार्यक्रमों में 3,85,681 व्यक्तियों को जागरूक किया, जिसमें 1,65,822 पुरुष-बालक और 2,19,857 महिलाएं-बालिकाएं शामिल रहीं। यह पहल योगी सरकार की ‘सशक्त नारी, सुरक्षित कार्यस्थल’ की थीम को साकार कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं है, बल्कि यह एक सतत सामाजिक परिवर्तन का अभियान है। POSH अधिनियम के प्रति जागरूकता इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा लक्ष्य है कि हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए न केवल सुरक्षित हो, बल्कि ऐसा वातावरण बने जहां वे सम्मान और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें। हर महिला और बच्चा तभी सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनेगा, जब समाज स्वयं जिम्मेदारी लेकर आगे आए। प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे आयोजित प्रमुख सचिव ने बताया कि विभाग ने यह भी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि आगामी महीनों में प्रत्येक जिले में नियमित अंतराल पर POSH से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नियोक्ताओं और संगठनों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति उत्तरदायी बनाया जाएगा। महिलाओं की कानूनी साक्षरता और वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी से "सशक्त नारी, सुरक्षित कार्यस्थल" का सपना साकार किया जाएगा।

सीएम योगी द्वारा मिली छात्रवृत्ति से प्रसन्न छात्राओं ने कहाः धन्यवाद योगी जी

छात्राओं के खिले चेहरेः छात्रवृत्ति का मिला लाभ, सुरक्षा का सीखा जरूरी पाठ सीएम योगी द्वारा मिली छात्रवृत्ति से प्रसन्न छात्राओं ने कहाः धन्यवाद योगी जी कार्यक्रम में छात्रवृत्ति प्राप्त करने के साथ ही छात्राओं को मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी सुरक्षा के विभिन्न आयामों से कराया गया अवगत छात्राओं को दी गई 1090, 112 जैसे विभिन्न हेल्पलाइन व अन्य सुरक्षात्मक उपायों के सही इस्तेमाल की जानकारी -कार्यक्रम में सुरक्षा, स्वावलंबन तथा सतत विकास लक्ष्यों समेत विभिन्न पहलुओं के बारे में छात्राओं को किया गया जागरूक लखनऊ शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेश की ‘भावी नारी शक्ति’ के स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए सीएम योगी द्वारा की गई अनुकरणीय पहल से छात्राओं के चेहरे खिल उठे। एक ओर योगी सरकार ने उन्हें छात्रवृत्ति देकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का कार्य किया, वहीं दूसरी ओर मिशन शक्ति के अंतर्गत छात्राओं को सुरक्षा के विभिन्न आयामों से अवगत कराकर उन्हें जागरूक व सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किया गया। छात्राओं को जहां समय से पूर्व छात्रवृत्ति मिलने की खुशी थी, वहीं उन्हें यह भी बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से कौन-कौन से कदम अपनाने चाहिए, किस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर किस प्रकार की समस्या में सहायता प्राप्त की जा सकती है तथा पुलिस की मदद कैसे ली जानी है।          इससे छात्राओं में सुरक्षा की भावना प्रबल हुई और ‘सशक्त भारत–सशक्त उत्तर प्रदेश’ के निर्माण में उनके संकल्प को और सुदृढ़ करने में मदद मिली। इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव, स्वावलंबन तथा प्रदेश के विकास हेतु सतत विकास लक्ष्यों समेत विभिन्न पहलुओं पर भी छात्राओं को जानकारी दी गई, जिससे उनमें जागरूकता का विस्तार हुआ। छात्रवृत्ति है एक बीज, जो भविष्य में उत्पन्न करेगा सकारात्मक परिणाम राजीव गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज की छात्रा साक्षी मिश्रा ने छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि कार्यक्रम में मुझे महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी मिली। हेल्पलाइन नंबर और आपात स्थितियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता का संचार हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति एक बीज है, जो आगे चलकर हमारे देश और राज्य के लिए सकारात्मक परिणाम उत्पन्न करेगा। वहीं, बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की कक्षा 12 की छात्रा सफिया बानो ने कहा कि सीएम योगी के प्रयास से 6 महीने पूर्व ही छात्रवृत्ति का लाभ मिला, जिससे आगे की पढ़ाई में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में पुलिस विभाग की सहभागिता से नारी सशक्तिकरण के बारे में जागरूकता का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि स्वयं की सुरक्षा के लिए 1090 समेत किन हेल्पलाइन नंबरों और उपायों का उपयोग किया जा सकता है, इसके बारे में हमें जानकारी दी गई। इसी प्रकार, कक्षा 9 की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा कि सीएम योगी द्वारा छात्रवृत्ति प्राप्त कर मैं बेहद खुश हूं और समय से पहले छात्रवृत्ति मिलने पर उन्हें धन्यवाद देना चाहती हूं। किसी से डरने की जरूरत नहीं बख्शी का तालाब स्थित बेहटा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा अफशा बानो के अनुसार नारी सशक्तिकरण को लेकर सीएम योगी की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी बेहद उपयोगी रही। अब किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई लड़की को कोई लड़का परेशान करे तो 1090 या 112 पर तुरंत कॉल करके पुलिस की सहायता ली जा सकती है। पुलिस और सीएम योगी के प्रयास न केवल अनुकरणीय हैं बल्कि सुरक्षा, आत्मरक्षा और उन्नयन के लिहाज से छात्राओं के लिए बेहद सहायक सिद्ध हो रहे हैं। वहीं, भाखामऊ की रहने वाली कक्षा 12 की छात्रा कुसुम भारती ने सीएम योगी से मुलाकात पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि आज हम सब खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि राज्य की नीतियां इस विषय पर केंद्रित हैं। मिशन शक्ति के जरिए हमें यह सीखने को मिला कि अगर कोई हमें छेड़े तो 112 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा काशी चौरसिया ने भी छात्रवृत्ति का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, धन्यवाद योगी जी, आपके प्रयास प्रदेश के सभी छात्र-छात्राओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं और छात्राओं में आत्मबोध, नारी सशक्तिकरण तथा सुरक्षा जैसे विषयों के प्रति जागरूकता प्रसार के साथ उन्हें सुरक्षित महसूस कराने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

महाकुंभ की टीम महाराष्ट्र में फायर एंड सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित

प्रयागराज महाकुंभ का योगी सरकार का फायर सेफ्टी मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए बना  रोल मॉडल महाकुंभ की टीम महाराष्ट्र में फायर एंड सेफ्टी एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित मुंबई के इंस्टीट्यूट ऑफ फायर इंजीनियर्स इंडिया द्वारा आयोजित इंटरनेशनल समारोह में टीम को दिया गया अवार्ड टीम महाकुंभ गोवा और दिल्ली में भी हासिल कर चुकी है अवार्ड महाकुंभ-25 में टीम ने अत्याधुनिक उपकरणों के प्रयोग और क्विक रिस्पॉन्स के चलते सभी दुर्घटनाओं पर सफलतापूर्वक पाया था काबू लखनऊ प्रयागराज महाकुंभ फायर एंड सेफ्टी मॉडल देश भर के अन्य राज्यों में बड़े आयोजनों के लिए एक रोल मॉडल बनता जा रहा है। अपने कौशल, रणनीति और क्विक रेस्पॉन्स से प्रयागराज महाकुंभ को आग की बड़ी दुर्घटनाओं और जन हानि से बचाने वाली इस टीम को महाराष्ट्र में सम्मान से नवाजा गया है। महाराष्ट्र तीसरा राज्य है, जिसने प्रयागराज के फायर सेफ्टी मॉडल पर टीम को सराहा और सम्मानित किया है। अब महाराष्ट्र में भी फायर सेफ्टी टीम महाकुंभ ने लहराया परचम महाराष्ट्र के मुंबई मे गोरेगांव में Institute of Fire Engineers India  द्वारा आयोजित इंटरनेशनल स्तर के समारोह में महाकुंभ मेला 2025 के दौरान अगुवाई करने वाली अग्निशमन तथा आपात सेवा की टीम को Fire and Safety Excellence अवार्ड से सम्मानित किया गया है जो फायर एंड सेफ्टी के फील्ड में दिया जाने वाला उत्कृष्ट अवॉर्ड है। इंस्टिट्यूट ऑफ़ फायर इंजीनीयर्स इंडिया के डायरेक्टर जनरल यू.एस छिल्लर ने यह अवॉर्ड टीम को दिया। टीम में जिन लोगों को सम्मानित किया गया उसमें महाकुंभ में टीम की अगुवाई करने वाली आई पी एस पद्मजा चौहान, महाकुंभ के फायर सेफ्टी के नोडल अफसर प्रमोद कुमार शर्मा और चीफ फायर ऑफिसर अंकुश मित्तल शामिल हैं। अग्निशमन तथा आपात सेवा एवं महिला तथा बाल सुरक्षा संगठन का नेतृत्व कर रही एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया की महाकुम्भ-25 में मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन में यूपी अग्निशमन तथा आपात सेवा के अधिकारीयों एवं कर्मचारियों ने अपने अथक परिश्रम के बल पर बड़ी से बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं पर सफलता पूर्वक काबू पाया व शून्य जनहानि के लक्ष्य को साधा। महाकुंभ में नोडल अधिकारी रहे सीएफओ प्रमोद शर्मा ने कहा कि सीएम योगी के सुरक्षित महाकुम्भ के संकल्प को साकार करने में यूपी फायर एवं इमरजेंसी सर्विसेज के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना महाकुम्भ-2025 को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई। महाराष्ट्र के पहले दिल्ली और गोवा से भी मिले अवॉर्ड महाकुंभ की इस टीम ने महाराष्ट्र के पहले गोवा और दिल्ली में भी अपने कौशल को लेकर अवार्ड हासिल किए हैं। महाकुंभ में समापन बाद गोवा में संपन्न हुए एक कार्यक्रम में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत ने  अग्निशमन तथा आपात सेवा का नेतृत्व कर रही एडीजी पद्मजा चौहान (IPS) व महाकुम्भ मेला के दौरान अग्निश्मन तथा आपात सेवा के नोडल ऑफिसर रहे सीएफओ प्रमोद शर्मा को महाकुम्भ के लिए की गई विशेष तैयारियों और क्विक रिस्पांस को सम्मानित किया। इसी तरह देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में यशोभूमि कन्वेंसन हाल में संपन्न हुए FSAI ( Fire and Security Association of India) द्वारा आयोजित इंटरनेशनल स्तर के कार्यक्रम में महाकुंभ मेला 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश के अग्निशमन विभाग की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए इस टीम को  सम्मानित किया गया। यहां इस टीम महाकुंभ को ब्रेवरी एवं सुपर हीरो ऑफ़ फायर सर्विसेज अवार्ड से सम्मानित किया गया जो FSAI द्वारा दिया जाने वाला सर्वोत्तम पुरस्कार था I महाकुंभ में कामयाबी की टीम की इस रणनीति पर मिला अवार्ड प्रयागराज के संगम तट पर दुनिया के सबसे बड़े मानवीय समागम, महाकुम्भ में  2025 में 66.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में पुण्य की डुबकी लगायी।  4000 हेक्टेयर ने बसाए गए महाकुम्भ नगर में  24 बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं के साथ छुटपुट 185 अग्नि दुर्घटनाएं हुई । इस महाकुंभ में तैनात हुई  यूपी अग्निशमन तथा आपात सेवा विभाग की टीम ने अपने अत्याधुनिक उपकरणों और मुस्तैदी से महाकुम्भ जैसे महा-आयोजन में बिना किसी जनहानि के अग्नि दुर्घटनाओं पर काबू पाया और लगभग 16.5 करोड़ रूपये से अधिक की धन हानि को  बचाया। टीम में 1500 प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी और  अग्निशमन तथा आपात सेवा के STRG ( Specially Trained Rescue Group) और 351 अग्निशमन वाहनों वाली इस टीम की अगुवाई की अग्निशमन तथा आपात सेवा के नोडल ऑफिसर रहें सीएफओ प्रमोद शर्मा ने की।

योगी सरकार की मेजबानी में लखनऊ में जुटेंगे 32 हजार युवा

सिर्फ आयोजन नहीं, 'जम्बूरी' बनेगा युवाओं के जीवन में बदलाव की प्रक्रिया योगी सरकार की मेजबानी में लखनऊ में जुटेंगे 32 हजार युवा  देशभर के 30 हजार और 2 हजार विदेशी युवा करेंगे संयुक्त अभ्यास – आत्मनिर्भरता, अनुशासन और टीमवर्क का होगा अभ्यास – राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता को मिलेगा बढ़ावा – वैश्विक भाईचारे और समाजसेवा की भावना को जगाएगा जम्बूरी  – जीवनभर की यादें, मित्रता और प्रेरणा देगा लखनऊ में होने वाला ये आयोजन लखनऊ  प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवंबर 2025 में आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक शिविर नहीं, बल्कि युवाओं के जीवन को नई दिशा देने वाली प्रक्रिया साबित होगी। देशभर के 30 हजार और 2 हजार विदेशी युवाओं के साथ भारत स्काउट एंड गाइड्स द्वारा आयोजित यह आयोजन न केवल स्काउटिंग आंदोलन को मजबूती देगा, बल्कि समाज के लिए जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक तैयार करने का भी मंच बनेगा। योगी सरकार इस महा आयोजन की मेजबान है, लिहाजा आयोजन के जरिए राष्ट्रीय एकता का संदेश भी प्रसारित होगा।  नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की मिलेगी सीख जम्बूरी की सबसे बड़ी देन युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास है। अस्थायी टेंट सिटी में सीमित संसाधनों के बीच रहकर प्रतिभागी आत्मनिर्भरता, अनुशासन और समय प्रबंधन सीखेंगे। यही अनुभव आगे चलकर उन्हें समाज और राष्ट्र के लिए प्रभावी नेतृत्वकर्ता बनाते हैं। राष्ट्रीय एकता और वैश्विक भाईचारा का पैदा होगा भाव यह आयोजन युवाओं को देश के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के कई देशों से आए साथियों से मिलने का अवसर देगा। संवाद और सहभागिता से उनमें सांस्कृतिक विविधता की समझ गहरी होगी और वैश्विक भाईचारे की भावना मजबूत होगी। यही अनुभव भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराएगा आयोजन करीब 5 दिन चलने वाले इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के प्रोजेक्ट्स इसका अहम हिस्सा होंगे। इन गतिविधियों से युवाओं में दायित्वबोध और संवेदनशीलता का विकास होगा। यही सीख उन्हें भविष्य में समाज की बेहतरी और देश की प्रगति के लिए कार्य करने की प्रेरणा देगी। जीवनभर की यादें और रिश्ते जम्बूरी के दौरान बने अनुभव और रिश्ते जीवनभर युवाओं के साथ रहते हैं। यही कारण है कि स्काउटिंग से जुड़े लोग इसे अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानते हैं। एडवेंचर, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, विज्ञान की खोज और टीमवर्क युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र के लिए तैयार करते हैं। योगी सरकार के प्रयासों से मिली मेजबानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद राष्ट्रीय जम्बूरी की मेजबानी मिली है। लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर बनने वाली भव्य टेंट सिटी में 32 हजार प्रतिभागियों और 3 हजार स्टाफ के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। 29 सितंबर को भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 24 नवंबर को इसका उद्घाटन करेंगे, जबकि राष्ट्रपति महोदया 28 नवंबर को इसका समापन करेंगी। भविष्य की राह तय करेगा आयोजन लखनऊ में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय जम्बूरी 2025 युवाओं को यह संदेश देगी कि राष्ट्र का विकास तभी संभव है जब युवा अनुशासित, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनें। यह आयोजन प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं, आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत और ग्रीन एवं सस्टेनेबल भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 19वीं राष्ट्रीय जम्बूरी न केवल स्काउटिंग आंदोलन का नया अध्याय होगी, बल्कि यह भारत और विश्व के हजारों युवाओं को जीवनभर की प्रेरणा और दिशा देने वाला आयोजन भी साबित होगा।  

सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति

छात्रवृत्ति से वंचित पांच लाख से अधिक छात्रों को दीपावली से पहले दी जाएगी छात्रवृत्ति: सीएम योगी  – सीएम योगी आईजीपी में छात्रवृत्ति वितरण समारोह में चार लाख छात्रों को वितरित की छात्रवृत्ति – बोले, वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी जा रही – वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी – वर्ष 2017 से पहले सितंबर-अक्टूबर की छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल में दी जाती थी, इसमें भी होता था भेदभाव – सीएम बोले, हमारी सरकार ने पिछली सरकारों में छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को दी स्कॉलरशिप  – विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा – हमारा प्रयास होना चाहिए हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है  लखनऊ, अनुसूचित जाति-जनजाति के करीब पांच लाख छात्रों को संस्थान की ओर से डाटा अपलोड न करने की वजह से छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी क्योंकि डाटा लॉक हो गया था। ऐसे छात्रों को दीपावली से पहले छात्रवृत्ति देने के लिए पैसा तैयार कर लिया गया है। छात्रवृत्ति से वंचित सभी छात्रों को दीपावली से पहले उनके खाते में छात्रवृत्ति भेज दी जाएगी। वहीं जिनकी वजह से छात्रों को स्कॉलरशिप नहीं मिल पायी है, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी ताकि आने वाले समय में ऐसी त्रुटि न हो। किसी भी देश और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का पैमाना शिक्षा से शुरू होता है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आईजीपी में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में कही। इस दौरान सीएम योगी ने कई छात्रों को छात्रवृत्ति वितरित की।  हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति एक-एक बच्चे को दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति वितरित की जाती थी, लेकिन छात्र के खाते में पहुंचती नहीं थी। इसमें मनमानी होती थी। वहीं जो छात्रवृत्ति छात्रों को सितंबर-अक्टूबर में प्राप्त होनी चाहिए थी, वह छात्रवृत्ति मार्च-अप्रैल तक पहुंचती थी। इसमें भी भेदभाव होता था। वर्ष 2016 में अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति ही नहीं दी गई। जब वर्ष 2017 में हमारी सरकार आई, तो हमने वर्ष 2016-17 और 2017-18 की छात्रवृत्ति प्रदेश के एक-एक बच्चे को दी गयी। उन्हाेंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 से 12 वीं के अनुसूचित जाति-जनजाति और सामान्य जाति के 4 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध करायी जा रही है। इसमें पहले चरण में 1 लाख 12 हजार छात्र  छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के ढाई लाख से अधिक छात्र-छात्राएं और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 25,000 छात्र-छात्राएं सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017-18 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक अनुसूचित जाति-जनजाति के 1 करोड़ 23 लाख छात्रों को 9,150 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई है। यह पैसा डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा गया। वर्ष 2017-18 से  2024-25 में सामान्य वर्ग के 58 लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं को 5,945 करोड़ रुपए उनके अकाउंट में भेजे गये।  कुछ लोग आत्मनिर्भर भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे सीएम योगी ने छात्रों से कहा कि आपके हाथों में आने वाली पीढ़ी का नेतृत्व आने वाला है, उसके लिए अभी से मानसिक रूप से तैयार रहिये। हम कैसा भारत चाहते हैं, इस पर अभी से सोचना होगा। याद रखिएगा विभाजनकारी ताकतों ने देश को गुलाम बनाया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत के लिए अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए फिर से बाधक बन करके समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हमें बंटना नहीं है, हमें एकजुट होकर के बेहतर शिक्षा के लिए हर छात्र को स्कूल तक पहुंचाना है। हर छात्र और वंचित को स्कूली शिक्षा के साथ जोड़ना है। उसकी शिक्षा के उन्नयन के लिए प्रयास करना है। आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है, डीबीटी के जरिये सीधे खाते में भेजी जा रही धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017-18 में 1,648 करोड़ 91 लाख, 2018-19 में 1,883 करोड़ 96 लाख, 2019-20 में 1,887.29 करोड़, 2020-21 में 1,505 करोड़ 53 लाख, 2021-22 में 1,581 करोड़ 42 लाख, 2022-23 में 1,813 करोड़ 97 लाख, 2023-24 में 2,608 करोड़ 13 लाख, 2024-25 में 2,861 करोड़ 38 लाख और 2025-26 में 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति दी गयी। सीएम ने कहा कि वर्ष  2017-18 में 1,648 करोड़ छात्रवृत्ति दी जाती थी और आज 2025-26 में स्कॉलरशिप दोगुनी हो चुकी है। आज 3,124 करोड़ 45 लाख रुपये छात्रवृत्ति पिछड़े वर्ग के छात्रों को उपलब्ध करायी जा रही है। सरकार द्वारा लगातार राशि में वृद्धि करते हुए छात्रों को योजना से जोड़ा जा रहा है। सरकार द्वारा छात्रवृत्ति को तकनीक से बेहतर करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वेरिफिकेशन की कार्रवाई को आगे बढ़ाना, डीबीटी के माध्यम से छात्रों के अकाउंट में पैसा भेजने की कार्रवाई की जा रही है ताकि बीच में किसी का भी हस्तक्षेप न हो। सीएम ने कहा कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स, सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा की बड़ी भूमिका है। दुनिया में जहां भी वंचित और उपेक्षित तबका है, अगर उन्हें विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो सबसे पहले उनकी प्रायोरिटी शिक्षा होती है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में  वंचित छात्रों को स्कॉलरशिप और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था के साथ जोड़ा जा रहा है। हर छात्र को स्कॉलरशिप देने के लिए वन नेशन वन स्कॉलरशिप की व्यवस्था लागू की गई सीएम ने कहा कि हमारे देश ने ही शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाया। आरटीई के तहत हर छात्र स्कूली शिक्षा प्राप्त कर सके, इसे अनिवार्य किया गया है। वहीं हर छात्र स्नातक तक शिक्षा फ्री में प्राप्त हो सके, इसके लिए अनेक स्कीम तैयार की गई और राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनायी गयी है। इसके अलावा हर छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री … Read more

शशिबाला सोनकर ने नमकीन यूनिट से लिखी महिला सशक्तीकरण की नई कहानी

मिशन शक्ति-6 योगी सरकार ने किया सहयोग, टेलर से उद्यमी बनीं मीरजापुर की शशिबाला  शशिबाला सोनकर ने नमकीन यूनिट से लिखी महिला सशक्तीकरण की नई कहानी   ओम साई आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शशिबाला की जिंदगी में हुई बदलाव की शुरुआत  – आज इनके फूड प्रोसेसिंग यूनिट में 12 नियमित और 2-5 सीजनल कर्मचारी करते हैं काम लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद की 56 वर्षीय शशिबाला सोनकर मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। कभी सिलाई कर घर का खर्च चलाने वाली शशिबाला के जीवन में योगी सरकार की योजनाओं ने बड़ा बदलाव लाया। मिशन शक्ति अभियान के तहत शशिबाला को योगी सरकार का सहयोग मिला और वह आज एक सफल उद्यमी बनकर प्रदेश भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं।   छोटी बरैनी, कछवां की निवासी शशिबाला ने सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत और साहस से नमकीन यूनिट का सफल उद्यम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने शशिबाला जैसे लाखों ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है, जो नारी गरिमा को नई ऊंचाई दे रही है। 12वीं तक पढ़ी-लिखी शशिबाला ने जीवन में लिंग भेदभाव और रंग-रूप जैसी चुनौतियों का सामना किया, साथ ही तीन बेटियों पालन-पोषण की जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने हर परिस्थिति को अपनी शक्ति और संकल्प से अवसर में बदला। ससुराल पक्ष से आर्थिक या नैतिक समर्थन न मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। सिलाई का काम शुरू कर उन्होंने घर खर्च और बच्चों की पढ़ाई का बोझ उठाया। 2018 में ‘ओम साई आजीविका महिला स्वयं सहायता समूह’ (SHG) से जुड़कर उनकी जिंदगी में बदलाव की शुरुआत हुई। इस समूह ने उन्हें वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया। आज वे समूह की कोषाध्यक्ष हैं और अन्य महिलाओं को सशक्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने नमकीन यूनिट शुरू करने का दिया अवसर शशिबाला का उद्यमी सफर तब रंग लाया जब डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ‘एक लाख महिला उद्यमी कार्यकम’ से उन्हें नमकीन यूनिट शुरू करने का अवसर मिला। शशिबाला बताती हैं कि “अपनी योजना को साकार करने के लिए विभिन्न स्रोतों से धन जुटाया। 2 लाख रुपये (CLF से CCL), 1 लाख रुपये (CIF), 2 लाख रुपये (कैसफॉर) और 10 लाख रुपये (PMEGP के तहत आर्यावर्त बैंक से ऋण)। अपनी जमीन पर स्थापित इस फूड प्रोसेसिंग यूनिट में 12 नियमित और 2-5 सीजनल कर्मचारी काम करते हैं, जिनका मासिक वेतन 5,000 से 28,000 रुपये तक है। यूनिट मासिक 50,000 से 90,000 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही है, और उत्पाद मिर्जापुर, भदोही व वाराणसी के वितरकों तक पहुंच रहे हैं।“ अपने उद्यम को औपचारिकता और विस्तार देने के लिए शशिबाला ने Udyam Registration, FSSAI Registration, Flipkart और ONDC पर डिजिटल पंजीकरण करवाया। KBBL, udyME मेला और जिला स्तरीय उद्यमी सम्मेलनों (DEC) में भाग लेकर उन्होंने नेटवर्किंग और विपणन रणनीति सीखी। मिशन शक्ति के तहत मिले प्रशिक्षण और सरकारी सहयोग ने उन्हें सुरक्षा और आत्मविश्वास दिया, जिससे वे अपने समुदाय में बदलाव की अगुआ बन सकीं। शशिबाला कहती हैं कि उनकी अगली योजना बेकरी और चॉकलेट निर्माण इकाई स्थापित करना है, जिसमें उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक मशीनरी और अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जरूरत होगी। उनका अच्छा CIBIL स्कोर और पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन भविष्य में और सहयोग दिलाने में मददगार साबित होगा। “मैंने कठिनाइयों को चुनौती मानी। सरकार की योजनाओं ने मुझे और मेरी बेटियों को सम्मान दिया।,”