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राहुल गांधी केस अपडेट: सुनवाई की नई तारीख 3 सितंबर तय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए तीन सितंबर की तिथि सोमवार को तय की। राहुल गांधी ने वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका नए सिरे से सुनवाई करने के लिए एसीजेएम की अदालत के पास भेज दिया जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने इस उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह मामला अमेरिका में सिखों के संबंध में 2024 में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नागेश्वर मिश्रा के वकील के अनुरोध पर न्यायमूर्ति समीर जैन ने सोमवार को सुनवाई टाल दी और अगली तिथि तीन सितंबर तय की। वाराणसी के नागेश्वर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) के समक्ष एक आवेदन किया था जिसने 28 नवंबर, 2024 को इस मामले में सुनवाई के बाद राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उक्त भाषण अमेरिका में दिया गया, इसलिए यह मामला उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। अदालत द्वारा मामला खारिज किए जाने को राव ने पुनरीक्षण अदालत के समक्ष चुनौती दी जिसने उनकी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और एसीजेएम को इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया। यह मामला सितंबर, 2024 का है। अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है। उनके इस बयान को लेकर विरोध हुआ था और इसे भड़काऊ और विभाजनकारी बताया गया था। वाराणसी के निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 28 नवंबर, 2024 को यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया था कि यह मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। इसके बाद, नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की जिसे अदालत द्वारा 21 जुलाई, 2025 को स्वीकार कर लिया गया। अब राहुल गांधी ने इस निर्णय के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है जिसमें दलील दी गई है कि वाराणसी की अदालत का आदेश गलत, अवैध और न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है।  

बीमार कैदियों की रिहाई पर बड़ा फैसला, योगी सरकार बनाएगी नियम आसान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित बंदियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित नियमों को अधिक सरल, स्पष्ट तथा मानवीय दृष्टिकोण से परिभाषित किए जाने की आवश्यकता जताई। सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रदेश की नीति को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र बंदियों की रिहाई स्वतः विचाराधीन होनी चाहिए और इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राणघातक रोग से पीड़ित होने की आशंका वाले सिद्धदोष बंदी, जिसे मुक्त करने पर उसके स्वस्थ होने की उपयुक्त संभावना है तथा वृद्धावस्था, अशक्तता या बीमारी के कारण भविष्य में ऐसा अपराध करने में स्थायी रूप से असमर्थ बंदी, जिसके लिए वह दोषी ठहराया गया हो, के साथ-साथ घातक बीमारी या किसी प्रकार की अशक्तता से पीड़ित सिद्धदोष बंदी जिसकी मृत्यु निकट भविष्य में होने की संभावना हो, के संबंध में प्रदेश के सभी कारागारों में सर्वेक्षण कर वास्तविक संख्या का आकलन किया जाए। इनमें महिलाओं, बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रिहा करने की व्यवस्था हो।   मुख्यमंत्री ने कैदियों को कृषि, गोसेवा आदि कार्यों से जोड़कर उनकी जेल अवधि के सदुपयोग करने के लिए व्यवस्था बनाने की भी आवश्यकता बताई। सीएम योगी ने कहा कि जेल मैनुअल में यह भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना आवश्यक है कि किन बीमारियों को असाध्य रोग की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समयपूर्व रिहाई उन्हीं मामलों में की जानी चाहिए, जहां से सामाजिक जोखिम न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हत्या, आतंकवाद, देशद्रोह, महिला और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध जैसे मामलों में रिहाई कतई नहीं की जानी चाहिए। नियमों में बदलाव पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन बार जनवरी, मई और सितंबर में पात्र बंदियों के मामलों की स्वतः समीक्षा की व्यवस्था हो। यदि किसी बंदी को रिहाई न दी जाए तो उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं और उसे यह अधिकार मिले कि वह उस निर्णय को चुनौती दे सके। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुझाई गई प्रणाली को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बंदियों को न्यायिक अधिकारों का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, त्वरित और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए तथा जल्द ही नई नीति का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।

मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी में 48 घंटे बारिश से तबाही, कई जिलों में खतरे की चेतावनी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में रुक रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  2 सितंबर को भी होगी भारी बारिश  मौसम विभाग ने 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 2 सितंबर तक भारी बारिश की आशंका है। लखनऊ सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसूनी रेखा उत्तर की ओर खिसकी है। इस कारण दो सितंबर तक कहीं भारी तो कहीं अत्यधिक भारी बारिश होगी।  इन जिलों में अलर्ट जारी विभाग के अनुसार, राज्य के लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, भदोही, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी व आसपास के इलाकों में भी अधिक बारिश के आसार हैं। 

यूपी में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए जरूरी नया नियम, CM योगी ने किया सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर आप बाइक या स्कूटी पर बिना हेलमेट पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा। कब से शुरू हुआ ये नियम? सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, 1 सितंबर यानी आज (1 सितम्बर) सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। अभियान का मकसद क्या है? इस अभियान का उद्देश्य किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट पहनना जरूरी है और यह आपकी जान बचा सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लोग लापरवाही ना करें और हेलमेट पहनने की आदत डालें। कौन-कौन देखेगा अभियान की निगरानी? हर जिले में जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूचना विभाग लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। लखनऊ में आज पहला दिन? लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर पहले ही पोस्टर और बोर्ड लगा दिए गए थे। पंप कर्मियों ने लोगों से कहा कि 'हेलमेट पहनिए, तभी पेट्रोल मिलेगा।' बहुत से लोग नियम मानते नजर आए, लेकिन जो बिना हेलमेट पहुंचे उन्हें वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि 'पहले हेलमेट, फिर ईंधन।' इसका मकसद सिर्फ आपकी सुरक्षा है। हेलमेट से आपकी जान बच सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

शिकायत लेकर पहुंचे, मुस्कान लेकर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया 'जनता दर्शन' प्रदेश भर से आए हर फरियादी के पास पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याएं सुनीं, अफसरों को निराकरण का दिया निर्देश छोटे बच्चों से भी आत्मीयता से मिले मुख्यमंत्री लखनऊ  अपनी फरियाद लेकर सितंबर की पहली सुबह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे फरियादी मुस्कान लेकर लौटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से 50 से अधिक फरियादी आए। मुख्यमंत्री सभी के पास पहुंचे, उनकी समस्या जानी और प्रार्थना पत्र लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी की समस्याओं का निराकरण हो और हर पीड़ित से फीडबैक भी लिया जाय। अभिभावकों के साथ आये छोटे बच्चों से भी मुख्यमंत्री आत्मीयता से मिले। हालचाल जाना और चॉकलेट भी दी।  निश्चिंत होकर घर जाइये, आपकी हर समस्या का होगा समाधान   मुख्यमंत्री हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे, समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि निश्चिंत होकर घर जाइये, आपकी समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक की समस्याओं का समाधान कर खुशहाल उत्तर प्रदेश बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है।  अधिकारियों को निर्देश-निस्तारण करें और फीडबैक लें सीएम ने 'जनता दर्शन' में आए लोगों की बात सुनी। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले आए, जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। 15 मामले जमीन, छह पुलिस, 4 मामले नाली, सड़क, खड़ंजे तथा 4 मामले आर्थिक सहायता से जुड़े भी आये। वहीं बेटी की शिक्षा, स्थानांतरण, आवास आदि के लिए भी सीएम के समक्ष लोगों ने गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने सभी को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बच्चों को कराया अपनत्व का अहसास  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा-पुचकारा। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। कुछ बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान किया और पढ़-लिखकर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य बनाने का आशीर्वाद दिया।

सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी कुछ जिलों की अप्रिय घटनाओं पर सीएम सख्त, पुलिस कप्तानों से ली कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री योगी ने शारदीय नवरात्र से मिशन शक्ति का नया चरण, जिलों को अभी से तैयारी के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उदासीनता या ढिलाई मिली तो कठोर कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाई जाएं। प्रत्येक संवेदनशील स्थल, बाजार, शिक्षण संस्थान और सार्वजनिक स्थान पर उनकी उपस्थिति और गश्त निरंतर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं को निर्भय वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, इस पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ जिलों से प्राप्त अप्रिय घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों से मामले में अब तक हुई कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएँ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी शारदीय नवरात्र से ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने के लिए अभी से सभी जिलों को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता, सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को सुनिश्चित करना है।

राधारानी अभिषेक दर्शन के दौरान अफरा-तफरी, बैरियर टूटने से श्रद्धालु घायल

बरसाना  राधारानी के जन्म के दौरान पुलिस प्रशासन ने बैरियर लगाकर भीड़ को रोक रखा था, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ ने पुलिस का बैरियर तोड़कर भागने लगे। इस दौरान तीन लोग चुटैल हुए। गनीमत रही है कि बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों से किसी बड़े हादसे को नहीं होने दिया। तुरंत गिरे लोहे के बैरियर को हटा दिया। वृषभान दुलारी के अभिषेक दर्शनों के लिए रात्रि दो बजे से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा। इस दौरान पीली कोठी से लेकर कटारा पार्क तक जगह जगह पुलिस प्रशासन ने बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं की भीड़ को रोक रखा था।   श्रद्धालुओं की भीड़ ने बैरियर तोड़ दिया अभिषेक दर्शनों के लिए सुबह करीब तीन बजे कस्बे के कटारा पार्क पर श्रद्धालुओं की भीड़ ने बैरियर तोड़ दिया। इस दौरान कुछ श्रद्धालु बैरियर कूदते नजर भी आए। बैरियर गिरने से अचानक श्रद्धालु भागने लगे। इस दौरान एक युवती सहित तीन लोग चुटैल हो गए। गनीमत यह रही कि बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों ने गिरे लोहे के बैरियर को तुरंत हटा दिया। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। पुलिस द्वारा कस्बे में लगाए गए जगह जगह बैरियर रविवार सुबह से लेकर शाम तक भीड़ का दबाव बनता रहा।

मायावती ने तेज की बिहार चुनावी तैयारियां, बसपा कार्यकर्ताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी और पूरे कार्यक्रम का दिशा निर्देशन वह खुद करेंगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बिहार विधानसभा के लिए जल्द अगले कुछ महीनों में ही होने वाले चुनाव में बसपा उम्मीदवारों के चयन समेत पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक में गहन चर्चा और समीक्षा की गई। इस दौरान अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के मद्देनजर आने वाले दिनों में पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया गया।" मायावती ने बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी और तन-मन-धन से आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने से बिहार में बसपा की यात्रा और जनसभाएं शुरू हो जाएंगी। इस संबंध में भी मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं। बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट कहा है कि सभी कार्यक्रम उनके दिशा-निर्देशन में होंगे। इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद और केंद्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ-साथ बिहा इकाई को सौंपी गई है। अपने पोस्ट में मायावती ने लिखा, "बिहार एक बड़ा राज्य है और इसलिए वहां की जरूरतों को देखते हुए सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटा गया है। इसी हिसाब से पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग से उनकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया।" बसपा की बैठक में राज्य इकाई ने चुनावी तैयारियों और रणनीति के बाद मायावती को भी बेहतर परिणाम लाने की भरोसा दिया है। इससे पहले मायावती ने ओडिशा और तेलंगाना राज्य में भी संगठन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बसपा सुप्रीमो ने पोस्ट में लिखा, "उन्होंने उत्तर प्रदेश पैटर्न पर ओडिशा और तेलंगाना में जिला-बूथ कमेटी बनाने के अलावा पार्टी का जनाधार बढ़ाने के टारगेट को लेकर समीक्षा बैठक की।"

चीन पर निर्भरता घातक, अखिलेश ने जताई उद्योगों पर संकट की आशंका

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के चीन दौरे को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चीन से आने वाले सामानों पर भारत की बढ़ती निर्भरता ने देश के उद्योगों, कारखानों और दुकानों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि तथाकथित आत्मनिर्भर, स्वदेशी और चीनी सामान के बहिष्कार के भाजपाई जुमलों का चिंताजनक सच। चीन से आने वाले सामानों पर जिस तरह भारत की निर्भरता बढ़ती जा रही है, उसका बुरा असर हमारे उद्योगों, कारखानों और दुकानों के लगातार घटते जा रहे काम-कारोबार पर पड़ा है। इससे बेरोजगारी भी बेतहाशा बढ़ रही है। उन्होंने आगे लिखा कि भाजपा चीनी चाल की क्रोनोलॉजी समझे। पहले चीन अपना माल भारत के बाज़ारों में भर देगा। ⁠इससे चीन पर निर्भरता इतनी बढ़ जाएगी कि उनकी हर ग़लत हरकत को नजरअंदाज करने के लिए भाजपाई मजबूर हो जाएंगे। सपा मुखिया ने लिखा कि उसके बाद चीन हमारे उत्पादों और उद्योगों को धीरे-धीरे बंद करवाने के कगार तक ले जाएगा। ⁠उसके बाद मनमाने दाम पर हर चीज़ सप्लाई करेगा। अखिलेश यादव ने कहा कि उसके बाद महंगाई-बेरोजगारी बढ़ाएगा। उसके बाद जब महंगाई-बेरोजगारी ज्यादा होगी तो सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी कई गुना बढ़ जाएगा। उसके बाद दूसरों के सहारे पर चल रही, बिना बहुमत की भाजपा की सरकार और भी कमजोर होकर लड़खड़ा जाएगी। उन्होंने कहा कि उसके बाद ख़ुद ही लड़खड़ाती भाजपा की सरकार चीन के अतिक्रमण को चुनौती नहीं दे पायेगी … उसके बाद हमारी भूमि पर चीन अपना कब्जा और बढ़ाएगा। उसके बाद भाजपा दोहराएगी कि “न कोई न कोई अगर ये बात ‘ड्रोनवालों’ को समझ नहीं आ रही है तो उत्तर प्रदेश में विराजमान ‘बुलडोजर’ वाले प्रवासी जी ही ये सच्चाई समझकर जवाब दे दें कि चीन द्वारा हमारी कितनी जमीन हड़प ली गयी है, क्योंकि उनका मूल निवास स्थान भी तो चीनी कब्जे का शिकार हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपाई बस देश का क्षेत्रफल बता दें। मतलब ये बता दें कि भाजपा सरकार के आने के समय देश की कुल भूमि जितनी थी, अब भी उतनी ही है या अब चीनी कब्जे के बाद घट गयी है। दिल्ली वाले न सही तो लखनऊ वाले ‘पलायन स्पेशलिस्ट’ ही बता दें कि हमारी कितनी भूमि का पलायन हो गया है, वैसे जनता ये बखूबी समझती है कि भूमि का पलायन थोड़े ना होता है, जो वो चलकर कहीं चली गयी होगी।

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय हों: मुख्यमंत्री

बोले मुख्यमंत्री, शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा शारदीय नवरात्र में प्रारंभ होगा ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण, जिलों को अभी से व्यापक तैयारी के निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य प्रभावी बनाए जाएं, जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए: मुख्यमंत्री बरसात व डेंगू के प्रकोप से निपटने को नगर निकाय जलभराव निकासी व सफाई पर दें विशेष ध्यान नकली-अधोमानक दवाओं की बिक्री पर शून्य सहिष्णुता, सतत चौकसी और कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश खरीफ सीजन में खाद की कमी नहीं होनी चाहिए, कालाबाजारी-जमाखोरी पर कठोरतम कार्रवाई होगी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने की प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू की रोकथाम एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा यूपीएसएसएससी की पीईटी आयोजन की तैयारियों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों से कहा, परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता हर हाल में हो सुनिश्चित पीईटी- 2025 को लेकर नकारात्मकता फैलाने वालों के साथ पूरी कठोरता से निपटे पुलिस: मुख्यमंत्री 06 और 07 सितम्बर को 48 जिलों में प्रस्तावित है पीईटी, 25.31 लाख युवाओं ने कराया है पंजीयन आईजीआरएस आवेदनों/शिकायतों के यथोचित निस्तारण के आधार पर जनपदों की स्थिति की रैंकिंग भी जारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जन शिकायतों और समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी दशा में अक्षम्य है। उन्होंने कहा है कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम पर प्राप्त हो रही प्रत्येक जन शिकायत और समस्या का शिकायतकर्ता की दृष्टि से संतुष्टिपरक समाधान होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, जनहित सर्वोपरि है। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा।  मुख्यमंत्री, रविवार देर रात प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, आगामी त्यौहारों की तैयारियों, बाढ़ की स्थिति, डेंगू नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और सक्रिय की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी नवरात्र में ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ होगा, जिसके लिए सभी जिलों को अभी से व्यापक तैयारियां कर लेनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त जन शिकायतों की मंडलवार, जनपदवार, तहसीलवार, ज़ोनवार, रेंजवार, जिला पुलिस और थाना स्तर पर रैंकिंग जारी की। संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि हर पीड़ित की भावना का सम्मान करते हुए पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मिथ्या अथवा भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से होगी। मुख्यमंत्री ने हाल के पर्व-त्योहारों के सकुशल सम्पन्न होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और आगामी बरावफ़ात, अनंत चतुर्दशी व विश्वकर्मा पूजा के दृष्टिगत पुलिस-प्रशासन को पहले से अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित जनपदों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाए तथा इनमें जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन अवश्य लिया जाए। बरसात के मौसम में बीमारियों की आशंका को देखते हुए उन्होंने नगर निकायों को जलभराव की तत्काल निकासी व सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों का सतत आयोजन करने और सर्पदंश के उपचार हेतु सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। नकली या अधोमानक दवाओं की बिक्री पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में ऐसी एक भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं होगी। प्रशासन को सतत चौकसी और कड़ी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खरीफ सीजन के लिए खाद की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी किसान को खाद की कमी न हो, आपूर्ति शृंखला की सघन निगरानी की जाए और कालाबाजारी या जमाखोरी पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। बैठक में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 06 और 07 सितम्बर को प्रस्तावित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि परीक्षा 48 जिलों में बनाए गए 1479 केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें 25.31 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रश्न पत्रों की गोपनीयता, सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती, लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम, नगर यातायात व्यवस्था और बारिश के मौसम में परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबंधन सुनिश्चित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन परीक्षा आयोजन संस्था के साथ समन्वय कर अभ्यर्थियों को हरसंभव सुविधा उपलब्ध कराए।