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स्कूल में मासूम बच्ची पर हमला, छात्र ने बेंच पर सिर पटककर ईंट से किया वार

पंचकूला. पंचकूला सेक्टर-20 के सरकारी स्कूल में दिल दहला देने वाली घटना हुई है। क्लास रूम के अंदर तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे ने नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची पर बेरहमी से हमला किया। छात्र इतने गुस्से में था कि उसने ईंट से छह साल की मासूम बच्ची के चेहरे पर एक के बाद एक कई वार किए। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई, लेकिन हमला कर रहे बच्चे का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बच्ची की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना 28 अक्टूबर की शाम की बताई जा रही है। स्कूल में उस समय इवनिंग क्लास चल रही थी। शिक्षकों की कमी के चलते दोनों बच्चे एक ही कक्षा में बैठते थे। कक्षा पहली मंजिल पर है। किसी बात को लेकर दोनों बच्चों में झगड़ा हो गया और उसने बच्ची पर हमला कर दिया।

चयनित विद्यार्थियों को एक साल तक निःशुल्क कोचिंग के साथ आवास और भोजन की सुविधा

सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का सुनहरा अवसर, दक्षणा फाउंडेशन देगा साथ कक्षा 10 के अंकों और पारिवारिक आय के आधार पर होगा चयन, पात्र विद्यार्थी ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन लखनऊ आर्थिक अभाव मेधावी विद्यार्थियों के इंजीनियर और डॉक्टर बनने के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा के अवसरों को अधिक सुलभ बनाने और वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का विशेष अवसर मिल रहा है। दक्षणा फाउंडेशन की संयुक्त दक्षणा चयन परीक्षा (जेडीएसटी-2027) के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को एक वर्ष तक निःशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो प्रतिभा और मेहनत के बावजूद महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। निःशुल्क तैयारी की सुविधा मिलने से उन्हें इंजीनियरिंग और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश सरकार की शिक्षा संबंधी पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को मजबूत बनाना है। पुणे के निकट दक्षणा वैली में मिलेगी तैयारी की सुविधा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में जेडीएसटी-2027 के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे के निकट स्थित दक्षणा वैली परिसर में एक वर्ष तक जेईई अथवा नीट की तैयारी कराई जाएगी। इस दौरान कोचिंग के साथ रहने और भोजन की सुविधा भी निःशुल्क मिलेगी। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम होगा और छात्र अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। अंकों और आय के निर्धारित मानकों पर मिलेगा अवसर समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 12 विज्ञान वर्ग में पढ़ने वाले और मई 2027 तक बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। इंजीनियरिंग वर्ग में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए कक्षा 10 के गणित एवं विज्ञान विषयों में 85 प्रतिशत और छात्राओं के लिए 80 प्रतिशत कटऑफ निर्धारित है। अन्य श्रेणियों के लिए अलग मानक लागू होंगे। मेडिकल वर्ग में सामान्य श्रेणी के लिए 80 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 75 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 65 प्रतिशत कटऑफ तय है। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी अलग कटऑफ का प्रावधान है। पारिवारिक आय की शर्तों के तहत छात्रों के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम और छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय पांच लाख रुपये से कम होनी चाहिए। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले विद्यार्थी इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। प्रधानाचार्यों को पात्र विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश समाज कल्याण विभाग ने सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को इस योजना की जानकारी दें और पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के लिए प्रेरित करें। इससे योग्य विद्यार्थियों तक अवसर की जानकारी पहुंचाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।जेडीएसटी-2027 के लिए आवेदन दक्षणा फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट https://apply.scholarship.dakshana.org पर किया जा सकता है।

भोपाल में स्कूल के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षिका पर गंभीर आरोप; निलंबन की मांग पर अड़े

भोपाल राजधानी भोपाल के मिसरोद स्थित शासकीय विद्यालय में Z Alpha के छात्र-छात्राओं ने शिक्षिका को हटाने और निलंबित करने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यार्थी स्कूल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बच्चों से घर का काम करवाने का आरोप प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का आरोप है कि शिक्षिका बबिता कुशवाहा कथित रूप से अपने घर से संबंधित काम स्कूल में लेकर आती हैं और बच्चों से वह काम करवाती हैं। विद्यार्थियों का यह भी आरोप है कि काम करने से इनकार करने पर बच्चों के साथ कथित रूप से मारपीट की जाती है। मामला भोपाल के मिसरोद सरकारी स्कूल का है जहां Gen Alpha छात्रों ने अपनी ही शिक्षिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और शिक्षिका बबीता कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को प्रदर्शन पर बैठ गए हैं. छात्रों ने स्कूल प्रशासन से दो टूक कहा कि अगर निलंबन नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रहेगा. स्टूडेंट्स का कहना है कि बबीता कुशवाह घर का काम कराती हैं काम नहीं करने पर फेल करने की धमकी देती हैं. प्रोजेक्ट के लिए पैसे मांगती हैं पैसे नहीं देने पर पाइप से पिटाई करती हैं।  निलंबन की मांग पर अड़े छात्र विद्यार्थियों ने कहा कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। छात्रों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की। शिक्षिका को दूसरी जगह भेजा गया विद्यार्थियों के विरोध के बाद शिक्षिका को दूसरी जगह भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं और निलंबन की मांग कर रहे हैं। फिलहाल विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच और प्रशासन की रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कार्रवाई न होने तक आंदोलन की चेतावनी छात्रों ने शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्कूल में धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी शिकायतें स्कूल प्रशासन के सामने रखीं और कहा कि जब तक शिक्षिका के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।  छात्रों ने लगाए 2500 रुपए लेने के आरोप बताया जा रहा है कि 11वीं के छात्रों ने 3 अक्टूबर को प्राचार्य को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग भी की थी. इस आवेदन में उन्होंने लिखा था कि भर्ती परीक्षाओं के दौरान उनसे सफाई कराने, रोल नंबर लिखने और बेंच सही करने जैसे कई काम करवाए जाते हैं. काम कराने के लिए रविवार को भी स्कूल बुलाया गया था. छात्रों ने आरोप लगाए कि मैडम हर महीने प्रोजेक्ट के नाम पर 2500 रुपए मांगती हैं. वह क्लास में पढ़ाती नहीं है बल्कि अपने मोबाइल में लगी रहती है।  मामले के सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग के सामने भी छात्रों की शिकायतों की जांच कर उचित कदम उठाने की चुनौती है. अब देखना होगा कि छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। 

MP के 630 विद्यार्थी जाएंगे अहमदाबाद, विज्ञान केंद्र और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का करेंगे भ्रमण

मध्यप्रदेश के विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे अहमदाबाद विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का करेंगे भ्रमण मंत्री सिंह 27 सितंबर को भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से 630 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना भोपाल प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान और अनुभवों का विस्तार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। 27 सितंबर को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से 630 सदस्यीय दल रवाना होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दल में प्रदेश के लगभग 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल होंगे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभवों से जोड़ने में सहायक होगा। उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों में ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविध उपलब्धियों, वैज्ञानिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान और अनुभवों को समृद्ध करना है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के अध्ययन से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने, नई संभावनाओं को समझने तथा अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी। प्रदेश के विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उनके ज्ञान और अनुभवों का विस्तार करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों को तीन दिवसीय अहमदाबाद का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। 27 सितंबर को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन भोपाल से 630 सदस्यीय दल रवाना होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दल में प्रदेश के लगभग 520 विद्यार्थी, 104 शिक्षक और विभाग के 6 नियंत्रण अधिकारी शामिल होंगे। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी विज्ञान केंद्र, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों का अवलोकन करेंगे। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभवों से जोड़ने में सहायक होगा। उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों में ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेश के लगभग 65 हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की थी। अब ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक्सपोजर विजिट का अवसर प्रदान किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को अहमदाबाद के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों, विज्ञान केंद्र तथा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविध उपलब्धियों, वैज्ञानिक गतिविधियों और शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उनके ज्ञान और अनुभवों को समृद्ध करना है। स्कूल शिक्षा विभाग की यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष के अध्ययन से आगे बढ़कर प्रत्यक्ष अनुभवों के माध्यम से सीखने, नई संभावनाओं को समझने तथा अपने शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी।

भोपाल: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, आईईएचई में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर हुआ स्वागत

महाविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र की हुई शुरुआत, आईईएचई भोपाल में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया गया आत्मीय स्वागत Working Together Towards Excellence के संकल्प के साथ शुरू हुई नई शैक्षणिक यात्रा भोपाल प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों में बुधवार से नए शैक्षणिक सत्र 2026 की शुरुआत हो गई है। उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए "दीक्षारंभ प्रवेश उत्सव एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम" उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण, भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं तथा उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं से परिचित कराते हुए उच्च शिक्षा की नई यात्रा के लिए तैयार करना था। इस अवसर पर संस्थान के वार्षिक संकल्प "Working Together Towards Excellence" को विद्यार्थियों के समक्ष मार्गदर्शक विचार के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों का मुख्य प्रवेश द्वार पर अक्षत एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। हरित वसुंधरा क्लब के तत्वावधान में विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन, अध्ययन संसाधनों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा उच्च शिक्षा में सफलता के लिए आवश्यक कौशलों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने तथा संस्थान की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपराओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संस्थान के संचालक डॉ. (प्रो.) प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता एवं कौशल विकास का सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि आईईएचई भोपाल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने संस्थान के इस वर्ष के संकल्प "Working Together Towards Excellence" का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्कृष्टता का लक्ष्य तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब शिक्षक एवं विद्यार्थी सहयोग, समर्पण और सहभागिता की भावना के साथ मिलकर कार्य करें। उन्होंने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उज्ज्वल एवं सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। दीक्षारंभ समारोह के अंतर्गत वाणिज्य, कला एवं विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए पृथक-पृथक अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में विद्यार्थियों का शिक्षकों से परिचय कराया गया तथा पाठ्यक्रम, अध्ययन पद्धति, अकादमिक अवसरों, अनुसंधान गतिविधियों एवं संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई | मानसिक स्वास्थ्य के बारे में दी गई जानकारी दीक्षारंभ कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण "Mental Health and Wellness Program" रहा। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यबल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं सकारात्मक जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। 1 जुलाई 2026 को आयोजित सत्र में एम्स भोपाल की बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुराधा कुशवाहा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण में सहज रूप से समायोजित होने, अध्ययन एवं व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने तथा मानसिक रूप से सुदृढ़ रहने के व्यावहारिक उपाय बताए। वहीं, 2 जुलाई 2026 को सागर पब्लिक स्कूल, भोपाल की मनोवैज्ञानिक डॉ. इंदु सिंह विद्यार्थियों से संवाद कर मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन देंगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के शिक्षकों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा व्यक्तित्व विकास, ज्ञान विस्तार एवं उज्ज्वल भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ पहुंचे अभिभावक इस अवसर पर कुल 756 नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 117 अभिभावकों  ने भी कार्यक्रम में सहभागी होकर संस्थान की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान संस्थान का वार्षिक टैगलाइन "Working Together Towards Excellence" विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के सामूहिक संकल्प के रूप में प्रतिध्वनित हुआ। उल्लेखनीय है कि संस्थान की सामान्य परिषद के अध्यक्ष उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कार्यसमिति के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा के मार्गदर्शन में संस्थान निरंतर उत्कृष्टता एवं नवाचार की दिशा में अग्रसर है।  

डिजिटल लॉकर में सुरक्षित होगा भविष्य, ‘क्रेडिट बैंक’ में जमा होगी पढ़ाई; उच्च शिक्षा को केंद्र की बड़ी सौगात

विशेष आलेख ​डिजिटल लॉकर में भविष्य, 'क्रेडिट बैंक' में जमा होगी पढ़ाई ​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में केंद्र की बड़ी सौगात                रायपुर       ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छत्तीसगढ़ को मिली सबसे बड़ी सौगातों में से एक—'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य के उच्च शिक्षा परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से सत्र 2023-24 से अनिवार्य रूप से लागू हुई यह योजना वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है। अब राज्य का हर छात्र अपनी जेब में डिजिटल यूनिवर्सिटी लेकर घूम रहा है। ​क्या है यह 'क्रेडिट बैंक' और कैसे बदलेगी जिंदगी?     ​कल्पना कीजिए एक ऐसे बैंक की, जहाँ पैसा नहीं बल्कि आपकी पढ़ाई और कॉलेज के 'क्रेडिट' (अंक) जमा होते हैं। यदि किसी वजह से आपकी पढ़ाई बीच में छूट जाए, तो यह बैंक आपकी मेहनत को बेकार नहीं जाने देता। ​      मान लीजिए बस्तर के किसी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र को पारिवारिक कारणों से सेकंड ईयर के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पहले की व्यवस्था में उसकी दो साल की पढ़ाई 'जीरो' मान ली जाती थी। अब पहले दो वर्षों में छात्र ने जो भी अंक या 'क्रेडिट' कमाए हैं, वे उसकी ABC ID के जरिए डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेंगे। दो या तीन साल बाद जब वह दोबारा पढ़ना चाहेगा, तो वह रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी अन्य विश्वविद्यालय में सीधे 'थर्ड ईयर' में प्रवेश ले सकेगा। इसे ही "मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट" कहा गया है। ​छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति का 'स्कोरकार्ड'     ​यह एकीकृत डिजिटल सिस्टम न केवल छात्रों के दस्तावेजों को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि उन्हें देशव्यापी स्तर पर अपनी पढ़ाई को सुगम बनाने की आजादी भी दे रहा है। वर्तमान में यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है, जिसके दायरे में राज्य के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं आ रहे हैं। ​     इस महा-अभियान में राज्य के अग्रणी विश्वविद्यालय जैसे पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर), और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर) सहित सभी शासकीय एवं निजी महाविद्यालय पूरी सक्रियता के साथ भागीदार बन चुके हैं। ​शत-प्रतिशत केंद्रीय सहयोग        तकनीक की यह इतनी बड़ी अवसंरचना (Infrastructure) छत्तीसगढ़ को पूरी तरह निःशुल्क मिली है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसके चलते राज्य सरकार पर आर्थिक भार पूरी तरह से शून्य है। ​डिजीलॉकर बना 'सुरक्षा कवच': गुम होने का डर खत्म     ​अक्सर दुर्घटना या लापरवाही के कारण छात्रों की मूल अंकसूची (Marksheet) या डिग्रियां नष्ट हो जाती थीं, जिसके बाद उन्हें यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ते थे। अब इस समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया है। ​विश्वविद्यालयों को सीधे 'नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी' (NAD) पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे छात्र की डिग्री और सर्टिफिकेट सीधे उसके डिजीलॉकर में अपलोड हो रहे हैं।  ये डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से उतने ही मान्य हैं जितनी मूल हार्ड कॉपी। यानी नौकरी के इंटरव्यू में अब भारी-भरकम फाइल ले जाने की जरूरत नहीं, सिर्फ मोबाइल ही काफी है। ​'ग्लोबल' हो रहा है छत्तीसगढ़ का युवा     ​इस योजना ने सुदूर वनांचल जैसे सुकमा, बीजापुर या सरगुजा के कॉलेजों को भी नेशनल पोर्टल से सीधे जोड़कर अमीर और गरीब छात्र के बीच का डिजिटल फासला पूरी तरह खत्म कर दिया है।     ​'ABC ID' के माध्यम से छत्तीसगढ़ का युवा अब सिर्फ अपने राज्य तक सीमित नहीं है। उसके क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा ने उसे पूरे देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़ दिया है। यह सिर्फ कागजों का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के 6.5 लाख युवाओं के सपनों को मिला एक नया 'डिजिटल पंख' है।  विष्णु प्रसाद वर्मा  सहायक संचालक

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, हर कॉलेज में काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य

वि‌द्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम, हर कॉलेज में काउंसलर जरूरी मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश स्टॉफ प्रशिक्षण, अभिभावक जागरुकता और मेंटर प्रणाली भी होगी लागू भोपाल वि‌द्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में जारी इन निर्देशों के अंतर्गत अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलर की नियुक्ति के साथ कई अन्य व्यवस्थाएं भी अनिवार्य कर दी गई हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, जिन संस्थानों में 100 या उससे अधिक वि‌द्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहां कम से कम एक प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति करना अनिवार्य होगा। कम छात्र संख्या वाले संस्थानों को बाहरी विशेषज्ञों से जुडकर काउंसलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। काउंसलर के रूप में मनोविज्ञान में स्नातकोतर, प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, सामाजिक कार्य विशेषज्ञ या संबंधित क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति नियुक्त किए जा सकेंगे। संस्थान में केवल काउंसलर नियुक्ति पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे संस्थान को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना आवश्यक है। इसी उ‌द्देश्य से सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों, प्रशासनिक स्टॉफ और सुरक्षा कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रशिक्षणों में मानसिक स्वास्थ्य, प्राथमिक सहायता, वि‌द्यार्थी के व्यवहार में आए परिवर्तनों की पहचान तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही वि‌द्यार्थियों के अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया गया है। संस्थानों को निर्देश दिए गए है कि वे अभिभावकों के लिए नियमित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे वे अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों को समझ सके और समय रहते उचित सहयोग प्रदान कर सकें। विद्यार्थियों की व्यक्तिगत निगरानी और मार्गदर्शन के लिए 25 से 40 छात्रों पर एक मैंटर नियुक्त किया जाएगा। यह मेंटर वि‌द्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यवहार और मानसिक स्थिति पर नजर रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। साथ ही अभिआवकों से संपर्क बनाए रखते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहयोग करेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करते हुए निर्धारित प्रारूप में जानकारी विभाग को शीघ्र प्रेषित करें। मॅटोर-मॅटी (गार्जियन ट्यूटर) व्यवस्था प्रत्येक संस्थान द्वारा 25-40 वि‌द्यार्थियों पर एक मेंटर की नियुक्ती की जाएगी। यह दायित्व किसी प्राध्यापक को दिया जाएगा, जिसे सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा। मेंटर वि‌द्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और व्यवहार की निगरानी और कमजोर वि‌द्यार्थियों की पहचान कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। मानसिक तनाव व व्यक्तिगत समस्याओं में सहयोग करना। अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखना। कैरियर मार्गदर्शन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये प्रेरित करना। सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में वि‌द्यार्थिों की सहभागिता बढ़ाना। विद्यार्थियों के रिकॉर्ड व काउंसलिंग रजिस्टर का संधारण करना होगा। संस्थाओं में प्रदर्शित से होंगे हेल्पलाइन नंबर परिसर में प्रमुख स्थानों पर वॉल पेटिंग से हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। Dial-112 Tele-MANAS-14416 उमंग हेल्पलाइन 14425 उच्च शिक्षा विभाग की विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुश्री ऊषा नायर ने कहा, विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। काउंसलर नियुक्ति के साथ स्टॉफ प्रशिक्षण, अभिभावक सहभागिता और मेंटर प्रणाली को लागू कर हम एक सुरक्षित और सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन निर्देशों के क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संस्थानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

सहेलियों को बॉयफ्रेंड बनाने का दबाव: हॉस्टल से बाहर की गई छात्रा, मोबाइल ऐप से जुड़ती थी अज्ञात युवकों से

 इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब डेटा साइंस फर्स्ट ईयर की एक छात्रा की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं. छात्रा पर आरोप है कि वह हॉस्टल की अन्य छात्राओं को कॉलेज लाइफ एन्जॉय करने के बहाने गलत रास्तों पर धकेलने की कोशिश कर रही थी.  मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली यह छात्रा एक विशेष वर्ग से ताल्लुक रखती है. हॉस्टल की 5 छात्राओं ने लिखित शिकायत की है कि वह उन पर 'बॉयफ्रेंड' बनाने का लगातार मानसिक दबाव बना रही थी.  छात्रा पर आरोप है कि वह तमाम मोबाइल ऐप्स के जरिए अज्ञात युवकों से वीडियो कॉल करती थी और अन्य छात्राओं को भी उन युवकों से बात करने के लिए प्रेरित करती थी.   छात्राओं की शिकायत के बाद वार्डन ने जब आरोपी छात्रा के सामान की तलाशी ली, तो वहां से कई आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद होने की बात सामने आई है. यूनिवर्सिटी का एक्शन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. आरके सिंघई ने कड़ा रुख अपनाया है. छात्रा को तत्काल प्रभाव से हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है. पूरे मामले की सत्यता और नेटवर्क का पता लगाने के लिए 5 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है. प्रबंधन इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा.  कुलगुरु का बयान कुलगुरु आरके सिंघई ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल के माहौल से समझौता नहीं किया जाएगा. जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर छात्रा पर आगे की अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी.

छात्रा के साथ अभद्रता पर बवाल, यूपी में नस्लीय टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश

गोरखपुर साउथ दिल्ली के मालवीय नगर में किराए के फ्लैट में एसी लगवाने के दौरान अरुणाचल प्रदेश की एक प्रतियोगी छात्रा और उसकी दो सहेलियों द्वारा लगाए गए नस्लीय टिप्पणी के आरोपों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब यूपी के गोरखपुर शहर में उत्तर-पूर्व भारत की एक मेडिकल छात्रा बदसलूकी की घटना सामने आ गई है। छात्रा ने आरोप लगाया है कि शहर के ओरियन मॉल से बाहर निकलने के दौरान उसके साथ ‘बैड टच’ और दुर्व्यवहार की यह घटना हुई। घटना 22 फरवरी की रात करीब आठ बजे की बताई जा रही है। छात्रा ने नस्लीय टिप्प्णी किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक घटना के बारे में कोई भी जानकारी होने से इनकार किया है। एम्स गोरखपुर से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही इस छात्रा ने आरोप लगाया है कि घटना उस वक्त हुई जब वह मॉल से बाहर निकल रही थी। छात्रा के अनुसार तीन युवकों ने उसका पीछा करते हुए नस्लीय टिप्पणी की और गाली-गलौज की। डॉक्टर उत्तर-पूर्व भारत की रहने वाली हैं। मॉल से लेकर एम्स गोरखपुर के गेट नंबर दो तक, लगभग डेढ़ किलोमीटर तक तीनों उनके पीछे-पीछे चलते रहे। आरोप है कि गेट नंबर दो के पास सेना शिविर के पास एक युवक ने शर्ट उतारकर अशोभनीय हरकत की और डॉक्टर के साथ ‘बैड टच’ किया। इस मामले को लेकर नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (नाफोर्ड) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग किया है। पोस्ट में इसे गंभीर नस्लीय उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न का मामला बताया गया है। नाफोर्ड क्या है नाफोर्ड का फुल फार्म नॉर्थ ईस्ट फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स है। यह संगठन मुख्यत:रेजिडेंट डॉक्टरों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए लड़ता है। यह संगठन रेजिडेंट डॉक्टरों के अधिकारों की सुरक्षा और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करता है। इस मामले में नाफोर्ड ने कहा है कि रेजिडेंट डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपनी सेवाएं दे सकें। संगठन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी से इनकार कर रही पुलिस गोरखपुर में पुलिस तक अभी यह मामला नहीं पहुंचा है। कैंट और एम्स थाना पुलिस ने ऐसे किसी मामले की औपचारिक जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में क्या हुआ है? रिपोर्ट्स के अनुसार दिल्ली के मालवीय नगर थाना क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियां एक फ्लैट के चौथे फ्लोर पर किराए पर रहती हैं। 20 फरवरी की दोपहर वे अपने फ्लैट में एसी लगवा रही थीं। इस दौरान ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया गया। ड्रिलिंग के दौरान गलती से थोड़ा मलबा और धूल नीचे के फ्लोर पर गिर गई। इससे नाराज नीचे के फ्लैट में रहने वाला दंपती ऊपर पहुंचा और आपत्ति जताई। आरोप है कि इस दौरान पति-पत्नी ने युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनके उत्तर-पूर्वी मूल को लेकर नस्लीय और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।  

विदेश भेजने का सपना दिखाकर मेडिकल कॉलेज की छात्रा को फंसाया, IELTS सेंटर संचालक पर शिकंजा

फरीदकोट हालाबाद मुदकी जिला फिरोजपुर की निवासी एक लड़की ने आईईएलटीएस सेंटर के मालिक के खिलाफ ब्याज पर पैसे देने के बहाने कार में बिठा कर अश्लील  हरकतें करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद लड़की के बयान के आधार पर सिटी पुलिस कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही थी और अस्पताल में पढ़ाई शुरू करने से पहले वह आईईएलटीएस सेंटर में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। वहीं उसकी और उसके परिवार की मुलाकात आईईएलटीएस सेंटर के मालिक गुरप्रीत सिंह से हुई, जो मोगा जिले के ढुड़ी का निवासी है। उसने अपने भाई का यूके वीजा दिलाने के लिए गुरप्रीत सिंह को 2 लाख रुपये दिए थे। वीज़ा न मिलने पर उसने शिकायतकर्ता द्वारा दी गई राशि लौटा दी, लेकिन ब्याज पर और अधिक धन देने के बहाने शिकायतकर्ता को अपनी कार में बैठाकर उसके साथ अभद्रता की, अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी भी दी इस संबंध में सहायक थानेदार अकालप्रीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।