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प्रोटोकॉल विवाद में फंसे यूपी मंत्री का बेटा, निजी सचिव को पद से हटाया गया

लखनऊ योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह को प्रोटोकॉल दिलाने का पत्र जारी करना मंत्री के निजी सचिव को महंगा पड़ा। इस मामले नाराजगी जताते हुए स्वतंत्रदेव सिंह ने अपने निजी सचिव आनंद शर्मा को हटा दिया है। कहा जा रहा है कि मंत्री की बिना जानकारी में लाए निजी सचिव द्वारा यह पत्र जालौन के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जारी किया गया था। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने और मीडिया में आने के बाद आनंद शर्मा ने पत्र को फर्जी करार दिया। बता दें कि मंत्री पुत्र अभिषेक सिंह को जालौन में आयोजित तिरंगा यात्रा में भाग लेने जाना था। कोई आधिकारिक पद न होने के बावजूद मंत्री के निजी सचिव द्वारा जालौन के डीएम-एसपी को मंत्री पुत्र को प्रोटोकॉल दिलाने के लिए पत्र जारी कर दिया गया था। यह पत्र गत दिवस वायरल हो गया था। शुक्रवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह द्वारा बिना जानकारी में लाए इस तरह का पत्र जारी करने पर पद से हटा दिया। विपक्ष साध रहा था निशाना जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे को प्रोटोकॉल देने को लेकर जारी हुए पत्र के वायरल होते ही विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया था। सपा और कांग्रेस के नेता इस पर सवाल खड़े कर रहे थे। 14 अगस्त को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निजी सचिव आनंद कुमार द्वारा जालौन के डीएम और एसपी को भेजे गए पत्र में अभिषेक सिंह को स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन प्रोटोकॉल दिए जाने का उल्लेख था। यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। इसके बाद सवाल उठाया जाने लगा कि आखिर किस आधार पर मंत्री के परिवार के किसी सदस्य को प्रशासनिक प्रोटोकॉल दिया जा सकता है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को तत्काल घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता विश्वविजय सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा- ‘वंशवाद को लेकर सर्वाधिक शोर मचाने वाली भाजपा के सरकार में अब मंत्री पुत्र को भी प्रोटोकॉल! जलशक्ति मंत्री के पुत्र को बिना किसी पद पर रहते प्रोटोकॉल देना यूपी भाजपा सरकार के नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।’ सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने यह पत्र साझा करते हुए सवाल उठाए थे।  

भीषण सड़क दुर्घटना से कोहराम: टेंपो के परखच्चे उड़ने से 5 लोगों की गई जान

पीलीभीत पीलीभीत जिले के जहानानाबाद क्षेत्र में शनिवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हुआ। कार और टेंपो की टक्कर से टेंपो में सवार मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जहानाबाद सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू किया। हादसा जहानाबाद क्षेत्र के बिसेन गांव के पास हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हुआ। राहगीरों के अनुसार टेंपो पीलीभीत की ओर से आ रहा था। टेंपों में करीब 10 लोग सवार थे। इस दौरान अमरिया की ओर से आई कार से टेंपो की आमने-सामने की भिंड़त हो गई। जोरदार टक्कर में टेंपो क्षतिगस्त होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। चीख पुकार के बीच मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। चालक कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर जहानाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को जहानाबाद सीएचसी ले जाया गया। जहां मासूम समेत पांच लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल पांच अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचायतनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी। हादसे में इनकी हुई मौत हादसे में नगर पंचायत नौगवां पकड़िया निवासी राजदा (45 वर्ष) पत्नी अल्ताफ, उनकी दो वर्षीय नातिन हमजा पुत्री सुल्तान, जानिसार पुत्र जागीर शाह निवासी पश्चिम बंगाल, टेंपो चालक विजय (30 वर्ष) पुत्र लीलाधर निवासी खमड़िया दलेलगंज और फरीदा की मौत हुई है। घायलों में मृतक मासूम की मां मुस्कान, फरजंद अली, सहरीना व फैजुल आदि शामिल हैं। इनका उपचार चल रहा है। अस्पताल पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पांच लोगों की मौत हुई है। बाकी लोग घायल हैं। उनका उपचार चल रहा है। एक गंभीर घायल को बरेली रेफर किया गया है। 

सिर्फ 16 महीने बाद यूपी की सियासी परीक्षा, नए गुणा-गणित में जुटी पार्टियां

लखनऊ सियासी मंचों से भले ही लोक कल्याणकारी उद्देश्यों की बातें की जाएं, सियासत की धुरी को लोगों के अच्छे और सरल जीवन यापन पर केंद्रित करने के दावे हों लेकिन फिलहाल यूपी की राजनीतिक हकीकत इससे बिलकुल इतर नज़र आ रही है। यूपी में नेताओं की ‘परीक्षा’ यानी विधानसभा चुनाव अभी 16 महीने दूर हैं लेकिन कमोबेश सभी सियासी दल खासतौर पर राजग में सहयोगी दल से लेकर खुद भाजपा के विधायक जातीय जोड़-घटाना करने में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च में होने हैं। ऐसे में विपक्षी दल सपा पीडीए को मजबूत करने में जुटी है। सपा जिलों-जिलों में ‘पीडीए’ सम्मेलन शुरू कर रही है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिन्दवी कहते हैं कि मंडल हो या फिर जिला स्तर पर कांग्रेस ‘संगठन सृजन’ के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संगठन में 60 फीसदी हिस्सेदारी दलितों, मुस्लिमों और अन्य पिछड़ों की हो। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल गठित की गई है और 14 जुलाई को भागीदारी न्याय सम्मेलन किया गया। खुद भाजपा में जातीय जोड़-घटाना जोरों पर है। प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अटकी होने के मद्देनज़र जातीय खेमे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अपनी दावेदारी के संकेत दे रहे हैं। पहले आंवला में भाजपा के कद्दावर मंत्री धर्मपाल सिंह के जरिये लोध सम्मेलन किया गया। वहीं कुर्मियों की ओर से ‘सरदार पटेल बौद्धिक मंच’ के बैनर तले लखनऊ में सम्मेलन किया गया। इसके कर्ताधर्ता इंजीनियर अवनीश सिंह थे। उन्हें जलशक्ति मंत्री का सबसे करीबी माना जाता है। इस सम्मेलन में अपना दल के नेता आशीष पटेल ने भी जोरशोर से शिरकत की। इसके जरिये भी सियासी संदेश देने की कोशिश की गई। इसी तर्ज पर अलीगढ़ में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर ‘हिन्दू गौरव दिवस’ के रूप में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित कर ताकत दिखाई गई। वैसे यह कार्यक्रम हर वर्ष होता रहा है लेकिन चुनावों के मद्देनज़र इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर अति अन्य पिछड़ी जातियों की सियासत करने वाले निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने भी पुरानी मांग उठाना शुरू कर दी है। ‌उन्होंने दिल्ली में ताकत दिखाकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का प्रयास किया है कि अति पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा देने की उनके दल की मांग पर ध्यान दिया जाए। क्षत्रिय विधायकों में भी लामबंदी के प्रयास क्षत्रिय विधायकों ने भी लखनऊ के एक होटल में कुटुंब सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। इसमें सपा से हटाए गए क्षत्रिय विधायकों अभय सिंह व राकेश सिंह ने भी शिरकत की थी। राजनीतिक विश्लेषक पूर्व आईजी अरुण कुमार गुप्ता कहते हैं-‘छोटे दलों ने यह कवायद विधानसभा चुनाव में टिकटों की दावेदारी के मद्देनज़र की है। इसे ताकत दिखाने और सत्तारूढ़ दल व विपक्ष के बीच तवज्जो मिलने की सौदेबाजी के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं सत्तारूढ़ दल के धड़ों की यह मशक्कत प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चयन की दावेदारी के रूप में भी देखी जा रही है।  

इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर हमला: देश को तोड़ा, बचा भारत स्वतंत्रता के नाम पर सौंपा

नई दिल्ली आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि "संघ जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं." इंद्रेश कुमार के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में भारत के विकास में आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ के कार्यों की सराहना करना, उनके मुताबिक, एक बड़ा संकेत है. आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता के लिए कुछ नहीं किया, वे उनके पूर्वज थे. जैसे हमारे पूर्वजों ने भी स्वतंत्रता संग्राम लड़ा. सच यह है कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा किया और जो बचा, उसे स्वतंत्र घोषित किया गया." इंद्रेश कुमार ने हिमालय की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पोषण करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी चीन, कभी पाकिस्तान और कभी पश्चिमी ताकतें हिमालय के सांस्कृतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती हैं.  बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा, दलाई लामा वापस जाएंगे! आरएसएस नेता ने कहा, "हिमालय परिवार इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि हिमालय की सुरक्षा हो, वह भारत को सुरक्षा का आश्वासन दे और चीन के अतिक्रमण से मुक्त हो. हमारा लक्ष्य है कि कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराएं." इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा और दलाई लामा वहां वापस लौटेंगे. साथ ही, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उत्तर-पूर्व को संकट में न डाले. ऑपरेशन सिंदूर और भारत की स्थिति इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और चीन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को सबक सिखाया. उन्होंने कहा, "भारत ने पाकिस्तान में बने चीनी एयरबेस तबाह कर दिए, जिन्हें भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था. चीन कुछ नहीं कर पाया. पाकिस्तान को मिले तुर्की के ड्रोन्स भी नष्ट कर दिए गए." आरएसएस नेता ने दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, नागरिकों को नहीं. साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई मध्यस्थ था, न है, न होगा. उन्होंने कहा, "पीओके वापस लेना ही बाकी है और हम इसे भी पूरा करेंगे. आज भारत अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप के बराबर खड़ा है. भारत दुनिया से संघर्ष खत्म करेगा और शांति और सद्भावना लाएगा."  

उमर अंसारी पर कार्रवाई, गाजीपुर से कासगंज जेल में भेजा गया

गाजीपुर  यूपी में आईएस-191 गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को शनिवार की सुबह गाजीपुर से कासगंज जेल भेज दिया गया। अलसुबह छह बजे कड़ी सुरक्षा में उमर को कासगंज के लिए रवाना कर दिया गया। माना जा रहा है कि देर शाम तक उमर कासगंज पहुंच जाएंगे। उमर को 50 हजार की इनामी अपनी मां आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में अर्जी दाखिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। करीब एक महीने से उमर जेल में बंद है। उमर का बड़ा भाई अब्बास अंसारी भी चित्रकूट जेल में अवैध रूप से पत्नी से मुलाकात के दौरान पकड़े जाने के बाद लंबे समय तक कासगंज की जेल में ही बंद था। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब्बास बाहर आया और इन दिनों जमानत पर है। मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी के नाम से शहर कोतवाली के देवड़ी बल्लभ दास में दर्ज संपत्ति कुछ साल पहले कुर्क की गई थी। गैंगस्टर एक्ट में कुर्क संपत्ति को छुड़ाने के लिए मुख्तार के छोटे बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में अधिवक्ता लियाकत अली के जरिए याचिका दाखिल की थी। आरोप है उमर ने इस याचिका में अपनी मां और 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया था। मामला प्रकाश में आने पर मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर अंसारी और उसके अधिवक्ता लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में एडीजे कोर्ट ने जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी। इसके बाद उमर को गाजीपुर की जिला जेल में रखा गया था। इसी बीच गाजीपुर जेल से कासगंज शिफ्ट करने का फरमान लखनऊ से आया। इसके बाद शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उमर को गाजीपुर से कासगंज जेल के लिए रवाना कर दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को वकील लियाकत अली की भी अग्रिम जमानत अर्जी एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दी थी। लियाकत को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।  

विवाहिता की रहस्यमय मौत, पंचायत के बाद ससुराल लौटने के कुछ ही समय में हुई घटना

गोरखपुर  यूपी के गोरखपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां शनिवार की सुबह एक नव विवाहिता का शव उसके कमरे में बेड पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को महिला थाने से विवाहिता को पंचायत के बाद विदा कराकर ससुराल के लोग ले गए थे और शनिवार को उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से विवाहिता अक्सर मायके में रहती थी। मृतक की मां ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराई है। गुलरिहा पुलिस मामले की जांच कर रही है। खोराबा क्षेत्र के नौवा अव्वल के रहने वाले महेंद्र गुप्ता ने 23 वर्षीय बेटी संध्या गुप्ता की शादी 8 मई 2025 को गुलरिहा क्षेत्र के जंगल नाकिन छोटका टोला के रहने वाले अवनीश गुप्ता से की थी। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं चल रहा था। इस वजह से संध्या अक्सर मायके में रहती थी। शुक्रवार को महिला थाने में लड़का व लड़की पक्ष की पंचायत हुई और लड़की को युवक विदा कराकर अपने घर ले गया था,शनिवार की सुबह संध्या का शव बेड पर पड़ा मिला,वही कमरे का दरवाजा खुला था। सुबह मृतका के ससुराल पक्ष ने डायल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची गुलरिहा पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मर्चरी गृह भेज दिया है। मृतका की मां ने दहेज हत्या की दी तहरीर मृतका की मां ने गुलरिहा पुलिस को लिखित तहरीर देकर बताया है कि शादी के बाद से ससुराल के लोग बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग की बात बेटी अपनी मां से बताती थी। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा इसी बात के इंतजार में शनिवार की सुबह फोन पर सूचना मिला कि बेटी संध्या को उसका पति अवनीश, ससुर ओमप्रकाश,सास सुमित्रा,ननद गुड़िया व मनीषा मिलकर दहेज के लिए हत्या कर दी। वहीं लड़का पक्ष का आरोप है कि शादी से पहले संध्या का गांव के एक युवक से प्रेम संबंध था। इस वजह से वह अक्सर मायके भागकर जाती थी। शादी के बाद से पति को कभी नजदीक नहीं आने दी थी।  

24 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, रविवार से जारी होगा नया अलर्ट

लखनऊ  यूपी में मानसून एक बार फिर से लौट आया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।  उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से माैसम ने करवट ली है। माैसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रुक-रुक कर कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। शुक्रवार को दक्षिणी, पूर्वी और तराई के इलाके में कहीं हल्की तो कही मध्यम बारिश देखने को मिली।  पूर्वी यूपी के जाैनपुर में सर्वाधिक 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं लखीमपुर खीरी और महराजगंज में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रयागराज, सोनभद्र, वाराणसी, आगरा समेत प्रदेश के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 59 जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने नये वेदर सिस्टम के असर से यूपी के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश के आसार हैं। 24 व 25 अगस्त को बारिश के और जोर पकड़ने के संकेत हैं।   यहां है भारी बारिश का येला अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, लखनऊ, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में। यहां है वज्रपात की आशंका सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर आदि में।   राजधानी में आज से बढ़ेगा बारिश का जोर राजधानी में बीते दो दिनों से माैसम ने करवट ली है। बादलों की सक्रियता बढ़ने से यहां छिटपुट बूंदाबांदी का दाैर जारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक अगले दो दिनों तक लखनऊ में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। 24 व 25 अगस्त को लखनऊ में मध्यम से भारी बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। शुक्रवार को दोपहर में हजरतगंज, डालीबाग, गोमतीनगर, आलमबाग आदि इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं। दिन भर बादलों की आवाजाही बने रहने से उमस भरी गर्मी में कमी आई। इससे अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री की मामूली गिरावट के साथ 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।  

दिल दहला देने वाली घटना: पिता को दिखाई बेटी से मारपीट का वीडियो, मौत के बाद भाई की आत्मदाह की कोशिश

कानपुर  कानपुर में एक विवाहिता के साथ ससुरालियों ने जुल्म की इंतहा कर दी। विवाहिता के पिता को कॉल कर बेटी से मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया। पिता से यह भी कहा कि बेटी को बचा सको तो बचा लो। परेशान पिता तत्काल बेटी के ससुराल पहुंचे तो देर हो चुकी थी। बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। पिता और परिजनों ने ससुरालियों पर हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे के पास शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद एडीसीपी वेस्ट ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी घंटों लोग सड़क पर ही जमे रहे। पनकी थाने में तैनात होमगार्ड रामप्रसाद ने दो साल पहले अपनी बेटी पूजा की शादी बारासिरोही निवासी हिमांशु तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद से ही प्लॉट और बुलेट की मांग को लेकर ससुरालियों ने पूजा को प्रताड़ित कर रहे थे। शुक्रवार को पूजा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। विवाहिता के परिजनों ने ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर शनिवार को केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान ससुरालियों पर कार्रवाई न होने और बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि ससुरालियों के खिलाफ परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मौके पर परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाहिता के पिता ने बताया कि शुक्रवार को ससुरालियों ने उन्हें कॉल कर बेटी के साथ मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया था। साथ ही धमकी दी थी कि इसे बचा सको तो बचा लो। आनन-फानन में घर पहुंचे पिता को उनकी बेटी फंदे पर लटकी मिली। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या कर उसे लटकाया गया है।  

अब सहकारी बैंकों में भी क्यूआर कोड से होगा भुगतान, किसानों को खाद वितरण में बढ़ोतरी

लखनऊ  मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड से भुगतान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार पहले से अधिक खाद बांटी गई है। किसान सहकारी समितियों से खाद ले रहे हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार को सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड के जरिये भुगतान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम महात्मा गांधी मार्ग स्थित यूपी को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड में हुआ। इस मौके पर मंत्री ने किसानों को हो रही खाद समस्या से लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसान सहकारी समिति पर खाद ले रहे हैं। इस बार पहले से ज्यादा खाद बांटी गई है।  मंत्री ने आगे कहा कि समितियों की मरम्मत भी कराई जा रही है। अब तक 980 सहकारी समिति की मरम्मत की गई। सपा शासनकाल में बंद समिति को चालू किया गया है। सभी को 10 लाख की मदद की गई है। हर जगह इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है। बिजली के लिए हम लोग सोलर लाइट लगवा रहे हैं। सभी बंद समितियां खोली जा रही हैं। दूसरी जगह से भी मैन पवार का इंतजाम किया जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more