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गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व तक कोई सोच भी नहीं सकता था कि उत्तर प्रदेश दंगामुक्त और माफियामुक्त होगा। पर, आज दंगामुक्त, माफियामुक्त उत्तर प्रदेश हकीकत है। अब यूपी में माफिया प्रवृत्ति हावी नहीं हो सकती। माफिया प्रवृत्ति को जड़मूल से उखाड़ दिया गया है। अब गुंडे यहां बहन, बेटियों और व्यापारियों के लिए खतरा नहीं बन सकते। अब यूपी का आमजन परेशान नहीं होता और न ही यहां के नौजवानों को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है। सीएम योगी शनिवार को गोरखपुर में दो कल्याण मंडपम (मानबेला व राप्तीनगर विस्तार योजना) का लोकार्पण करने के बाद मानबेला में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। दोनों कल्याण मंडपम का निर्माण गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा क्रमशः 2 करोड़ 65 लाख तथा 85 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। मानबेला में बने कल्याण मंडपम के लिए मुख्यमंत्री ने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है। कल्याण मंडपम के लोकार्पण समारोह में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सकारात्मक बदलाव इसलिए आया है कि 2017 से जनता ने अच्छी सरकार चुनी। अच्छी सरकारें अच्छे के लिए सोचती हैं। मुख्यमंत्री ने जनता के बीच कुछ सवाल रखे और फिर उसका जवाब भी दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश, फोरलेन कनेक्टिविटी, बंद खाद कारखाने को दोबारा चलाने, नए उद्योग लगवाने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। पर, आज देश में सबसे ज्यादा निवेश यूपी में हो रहा है। बड़े-बड़े उद्योग लग रहे हैं। हर तरफ फोरलेन सड़कों की कनेक्टिविटी हो रही है। गोरखपुर का बंद खाद कारखाना दोबारा चालू हो गया है। बीमारी के साथ बीमार मानसिकता का भी किया इलाज मुख्यमंत्री ने मानबेला के जिस क्षेत्र में कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया, वह क्षेत्र 2017 तक इंसेफेलाइटिस की चपेट वाला माना जाता था। इंसेफेलाइटिस के इलाज और उन्मूलन के लिए सांसद के रूप में लंबा संघर्ष करने वाले सीएम योगी को यह बात याद है। इसका उल्लेख भी उन्होंने अपने संबोधन में किया। कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में नवकी बीमारी (इंसेफेलाइटिस) से बहुत सारे बच्चे काल के गाल में समा जाते थे। आठ वर्षों में सरकार ने इंसेफेलाइटिस और उसके कारकों का इलाज तो किया ही, प्रदेश को बीमार हाल पर छोड़ देने वाली बीमार मानसिकता का भी इलाज किया। यहां उनका इशारा पूर्व की सरकार की तरफ था। मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री मानबेला में इंसेफेलाइटिस के दौर को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। कहा कि आठ वर्ष पहले इंसेफेलाइटिस का समाधान सोचना भी मुश्किल लगता था लेकिन आज इसका समाधान डबल इंजन सरकार द्वारा तय लक्ष्य से पहले हो गया है। सीएम ने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस सीजन में हर मां के चेहरे पर दहशत होती थी कि न जाने कौन सा बच्चा इंसेफेलाइटिस की चपेट में आ जाएगा। इंसेफेलाइटिस पर नकेल से अब बच्चों का भविष्य सुरक्षित है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के इलाज की व्यवस्था नहीं थी। एक बेड पर चार बच्चे भर्ती रहते थे। आज मेडिकल कॉलेज का इंसेफेलाइटिस वार्ड एयर कंडिशन्ड हो गया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार के समय आमजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि तबकी सरकार ने गरीब को उसके हाल पर छोड़ दिया था। इलाज के लिए अब किसी को कोई दिक्कत नहीं मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकार में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, इलाज के लिए योजनाओं के अभाव की चर्चा करते हुए कहा कि अब इलाज के लिए किसी को कोई दिक्कत नहीं है। सरकारी अस्पतालों में सभी सुविधाएं हैं तो साथ ही गरीबों और बुजुर्गों के लिए पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान स्वास्थ्य योजना भी है। यदि किसी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है तो उसके लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से भरपूर मदद की व्यवस्था है। सीएम योगी बताया कि राज्य सरकार एक साल में मुख्यमंत्री राहत कोष से 1100 करोड़ रुपये की मदद गंभीर बीमारियों से इलाज के लिए दे चुकी है। स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ कायाकल्प अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण की चर्चा करने के साथ ही करोड़ों रुपये खर्च कर प्रदेश के, खासकर पूर्वी उत्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प का विवरण भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि की 2017 के पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में इलाज का एकमात्र बड़ा केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज खुद बीमार था। उनकी सरकार आने के बाद अब वह स्वस्थ होकर मरीजों की बेहतरीन सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो गोरखपुर में एम्स भी खुल चुका है। खाद कारखाना और पिपराइच की बंद पड़ी चीनी मिल को चालू कराया मुख्यमंत्री मानबेला में थे तो इसके निकट उनके सुदीर्घ प्रयासों से दोबारा चालू खाद कारखाना का उल्लेख होना लाजिमी था। उन्होंने कहा कि बंद पड़े कारखाना और बंद पड़ी पिपराइच चीनी मिल का दोबारा शुरू होना सकारात्मक सोच का परिणाम है। उन्होंने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय को भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि विकास की सोच से ही बड़ी उपलब्धियों को हासिल किया जा सकता है। गीडा में लग रहीं दर्जनों फैक्ट्रियां, युवाओं को घर के पास मिल रहा रोजगार मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गोरखपुर में उद्योगों का लगना सपना था जबकि आज गीडा में दर्जनों बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लग रही हैं। युवाओं को रोजगार के लिए कहीं और नहीं जाना पड़ रहा है। वह घर-परिवार देखते हुए पास में ही नौकरी-रोजगार पा रहे हैं। हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच से राप्तीनगर विस्तार योजना के तहत स्पोर्ट्स सिटी आवासीय क्षेत्र में एलआईजी और ईडब्लूएस लाभार्थियों को आवंटन प्रमाण पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर गरीब को आवास उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। बताया कि आठ साल में यूपी में पीएम आवास योजना और प्राधिकरणों की स्कीम के तहत जरूरतमंदों को 57 लाख आवास उपलब्ध कराए गए। शासन-प्रशासन के सहयोग से जरूरमंद लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शासन का सहयोग उनके लिए यादगार बन रहा है। चेहरा या पार्टी देखकर नहीं, सबको मिल रहा लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार में योजनाओं का … Read more

‘नेशनल स्पेस डे’: बच्चों को अंतरिक्ष की रोचक दुनिया से कराया परिचय

– योगी सरकार ने शिक्षा को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के संकल्प को दिया नया आयाम – ग्रहों, उपग्रहों और ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर बच्चों ने की ‘डिजिटल यात्रा’ – नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप पहल, 'जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच' पर रहा ज़ोर लखनऊ, योगी सरकार की पहल पर आज प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में मनाए गए ‘नेशनल स्पेस डे’ ने बच्चों को भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों से सीधा रूबरू कराया। 1.48 करोड़ छात्र-छात्राओं ने डिजिटल संसाधनों के जरिये न केवल ग्रहों, उपग्रहों और ब्रह्मांड की उत्पत्ति की जानकारी पाई, बल्कि पहली बार चंद्रयान से लेकर गगनयान तक की पूरी यात्रा को विस्तार से जाना। छात्रों ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर देखकर और सीखकर भविष्य की तकनीकों को भी पहली बार व्यवस्थित रूप से समझा। इसके साथ ही विद्यालयों में आयोजित विशेष प्रदर्शनी, कार्यशालाओं और रचनात्मक गतिविधियों ने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की नई उड़ान समझने का अवसर दिया। इस अवसर पर बच्चों को समूह चर्चा, चित्रकला प्रतियोगिता, मॉडल प्रदर्शनी और डिजिटल सेशन से जोड़ा गया। इस दौरान उन्हें शिक्षकों और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिला। बच्चों में दिखी अंतरिक्ष व प्रौद्योगिकी के बारे में अधिक जानने की ललक कार्यक्रम के बाद छात्र-छात्राएँ काफी प्रसन्न नज़र आए। उनमें अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी के बारे में और अधिक जानने की गहरी जिज्ञासा दिखाई दी। उन्हें पहली बार चंद्रयान, आदित्य-एल1 और गगनयान जैसे मिशनों की पूरी कहानी मिली, जिसने भविष्य में न सिर्फ अंतरिक्ष के क्षेत्र में उड़ान भरने को प्रेरित किया बल्कि विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई रुचि और उत्साह भी जगा दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। योगी सरकार चाहती है कि बच्चे, किताबों से ज्ञान अर्जित करते हुए विज्ञान और तकनीक को भी व्यावहारिक रूप से समझें। उन्होंने कहा कि नेशनल स्पेस डे का मकसद बच्चों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति गहरी रुचि पैदा करना और उन्हें भविष्य के करियर विकल्पों की ओर प्रेरित करना है। शिक्षा विभाग पहले ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब जैसी पहलों से बच्चों को नई तकनीकों से जोड़ चुका है। अब स्पेस डे जैसे आयोजन इस दृष्टि को और व्यापक बनाएंगे और बच्चों में शोध व नवाचार की राह खोलेंगे।

क्रूरता की हदें पार! पहले पीटा फिर जिंदा आग के हवाले की गई निक्की

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा से सनसनीखेज मामला सामने आया है। दादरी थाना इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। गंभीर रूप से झुलसने पर महिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। दिल दहलाने वाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे। शादी के बाद से ही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थे। कई बार पंचायत कर समझौता किया। लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना। वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है कि बृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया। आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ में ज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया। विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया। साथ ही बहन के गले पर हमला किया। बर्बरता से उसे पीटा गया। जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई। आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया। उसने बहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। कंचन ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इसी दौरान कंचन ने मारपीट और आग लगाते हुए आरोपियों का वीडियो बना लिया। आनन-फानन निक्की को इलाज के लिए पहले फोर्टिस फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के वक्त कंचन का पति रोहित भाटी और ससुर सत्यवीर भी मौके पर मौजूद थे। कंचन की शिकायत पर पुलिस ने नामजद चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। शनिवार को महिला को आग लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। वहीं एक अन्य वीडियो में मृतका के पुत्र को यह करते हुए सुना जा सकता है कि उसके पापा ने मम्मा को लाइटर से जलाया। पिता का कहना है कि निक्की का एक पुत्र अविश (6) है। निक्की का पति शराब पीकर आए दिन लड़ाई करता है। वहीं, कंचन की एक पुत्री लाव्या (7) व विनीत (4) है। पुत्री की मौत से परिवार में मातम छाया है। मां की मौत से पुत्र का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पति को हिरासत में लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही अन्य की गिरफ्तारी की जाएगी। मृतका के परिजन और अन्य व्यक्ति विवेचना में अच्छी तरह कार्रवाई कराए जाने व कार्रवाई में कोई कमी न किए जाने की मांग को लेकर थाना कासना पर आए थे। सभी लोग वार्ता के बाद थाना से वापस चले गए।-सुधीर कुमार, एडीसीपी, ग्रेटर नोएडा जोन

यूपी में बन रहा फोर लेन हाईवे रुका, भूमि अधिग्रहण बना बड़ी चुनौती

परसपुर (गोंडा) चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग का निर्माण भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी न होने के कारण शुरू नहीं हो सका है। गोंडा के पांच गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। विभागीय अधिकारी 15 सितंबर के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद जता रहे हैं। केंद्र सरकार ने अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2019 में दी थी, इसका नाम 227 नेशनल हाईवे है। चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग को फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। 3350 करोड़ रुपये की लागत से 275 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण कराया जाना है, जिसे छह खंडों में बांटा गया है। वर्ष 2021 में कार्यदायी संस्था ने सेटेलाइट व ड्रोन से सर्वे का काम शुरू किया। बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी व गोंडा इस मार्ग का निर्माण होना है, जिसमें गोंडा जिले में 75 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जाएगा। जिले में घाघरा नदी पर पुल बनने के साथ ही बहुअन मदार मांझा, चरसडी, राजापुर, खैरा,अल्लीपुर खांडेराय, बखरिहा,बरौली, होकर परिक्रमा मार्ग निकाला जाएगा। जमीन पर पत्थर भी लगा दिया गया है लेकिन, परिक्रमा मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो रहा है। एनएचएआइ के सहायक अभियंता वेदप्रकाश ने कहा कि बस्ती, अंबेडकरनगर, अयोध्या व बाराबंकी में भूमि अधिग्रहणपूरा हो चुका है जबकि, गोंडा में बहुअन मदार मांझा, राजापुर, खैरा, अल्लीपुर खांडेराय व अमदही में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग का निर्माण छह पैकेज में होना है। पैकेज एक व दो का कार्य बस्ती में, पैकेज तीन में आंबेडकरनगर, चार में अयोध्या, पांच में बाराबंकी व छठे पैकेज में गोंडा में कार्य होगा। परियोजना का निर्माण 15 सितंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है। 

हनुमानगंज बाईपास खुला, अब वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर नहीं फंसेगा ट्रैफिक

वाराणसी  वाराणसी-सुलतानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-56) करीब तीन वर्ष के इंतजार के बाद पूरी तरह फोरलेन हो गया है। सुलतानपुर से करीब छह किलोमीटर आगे (जौनपुर की तरफ) सड़क डायवर्जन किया गया था क्योंकि हनुमानगंज बाईपास अधूरा पड़ा था, जिसे एक माह पहले ही चालू किया गया है। डायवर्जन की वजह से वाहन पुराने दो लेन मार्ग से गुजारे जा रहे थे, ऐसे में हनुमानगंज रेलवे क्रासिंग पर जाम लगता लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। करीब 4.70 किमी. डायवर्जन मार्ग लोहरामऊ से शुरू होकर दोमुहां (पखरौली) में फोरलेन सड़क पर जुड़ता था, लेकिन अब 5.97 किमी. बाईपास शुरू होने से जाम की समस्या दूर हो गई है। गोपालपुर के पास नया आरओबी भी बनाया गया है, इसके कारण वाहनों की निर्बाध आवाजाही मुमकिन हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने फोरलेन बाईपास का निर्माण 19 अक्टूबर 2022 को करीब 80 करोड़ लागत से शुरू कराया था लेकिन परियोजना विलंबित हो गई। यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2024 में ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ानी पड़ी।    विधानसभा की आश्वासन समिति के समक्ष मामला उठाया गया था, यह समिति प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही थी। हर महीने रिपोर्ट तलब होती। 15 जुलाई को प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया गया और ट्रैफिक चालू कर दिया गया। दिल्ली की कंपनी विद्या इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। विलंबित परियोजना के चलते कंपनी पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी चल रही है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि पुराने मार्ग की तुलना में बाईपास की 1233 मीटर लंबाई बढ़ाई गई है। परियोजना विलंबित होने से वाहनों को रेलवे क्रासिंग पार करते हुए जाना पड़ता था लेकिन अब समस्या नहीं होगी।  

साम्प्रदायिक तनाव को नियंत्रित करने फ्लैग मार्च, बक्सर में एसएसपी और पुलिस तैनात

मेरठ मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में पिकअप वाहन चलाने को लेकर विवाद बढ़कर साम्प्रदायिक तनाव में बदल गया। मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। वीडियो वायरल होने पर SSP विपिन ताड़ा ने भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की। मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के लू-बक्सर गांव में शुक्रवार को मामूली विवाद साम्प्रदायिक तनाव का कारण बन गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सारिक अपनी महिंद्रा पिकअप तेज गति से चला रहा था, जिसका बेगराज ने विरोध किया। इस बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।   मारपीट के दौरान धारदार हथियार भी चले, जिसमें एक पक्ष से ललिन, सौरभ, आदेश और गौरव घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष से फारूख, इकराम और अनस को चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।  इस बीच, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे गांव में तनाव और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एसएसपी विपिन ताड़ा भारी पुलिस बल के साथ बक्सर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष से बातचीत की और गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी।

विधायक की नाराजगी पर भड़के डॉक्टर, बोले- आपके जैसे कई आए-गए

गाजीपुर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एमएलए और डॉक्टर के बीच जमकर कहासुनी हुई। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टर ये कहते हुए कुर्सी से उठ गए कि आपके जैसे विधायक आए और गए। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल पुष्टि नहीं करता है। ये मामला शुक्रवार का है। जखनिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विधायक बेदी राम औचक निरीक्षण करने पहुंचे। सुबह 11 बजे तक कई कर्मचारी अनुपस्थित रहे तो कइयों ने उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं किया था। इस दौरान विधायक और सीएसची अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव के बीच कहासुनी हो गई। डॉक्टर विधायक पर बिना वजह दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कुर्सी छोड़कर केबिन से बाहर चले गए। इसके बाद विधायक ने मरीजों से बातचीत की और उसने मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार जखनिया विधायक बेदी राम सुबह करीब 11 बजे सीएचसी पहुंचे। इस दौरान अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव ने बताया कि 19 कर्मचारी कार्यरत है। जबकि संविदा पर 29 हैं। एएनएम की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाती है इसलिए उनके हस्ताक्षर रजिस्टर पर नहीं हुए हैं। सुभाषपा विधायक ने प्रभारी डॉक्टर से कहा कि अस्पताल पर जो भी कर्मचारी कार्यरत हैं उन्हें स्पष्ट निर्देश दीजिए कि वे आने के बाद उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के बाद ही काम शुरू करें। पूछताछ के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी और विधायक में नोकझोक होने पर डॉक्टर अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए। कहा कि सम्मान से और शासन की मंशा के अनुरूप ही कार्य कर रहा हूं। नाजायज ऊपर दबाव बनाया जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। इस दौरान विधायक ने वार्डो में भर्ती मरीजों से दवा,भोजन,नास्ता मिलने की पूछताछ की। मरीजों ने बताया कि उन्हें भोजन हो या नास्ता बाहर से मंगवाना पड़ता है। विधायक के भड़कने पर डॉक्टर ने कहा, "आप जिस तरह चिल्लाकर बात कर रहे हैं। ऐसा मुझे बिलकुल पसंद नहीं है। मैं नौकरी करूं या नहीं…मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं सरकार की मंशा के अनुरूप से काम कर रहा हूं। मैं इस्तीफा भेज दूंगा। आपके जैसे कई विधायक आए और गए।"  

इत्र की खुशबू और आध्यात्मिक सर्किट से महका उत्तर प्रदेश पर्यटन

पुरी में आईएटीओ सम्मेलन में उत्तर प्रदेश बना आकर्षण का केंद्र विगत साढ़े 8 वर्षों में योगी सरकार ने पर्यटन को दिया नया आयाम कन्नौज के इत्र और अयोध्या के दीपोत्सव ने सम्मेलन में बटोरीं सुर्खियां  2030 तक यूपी को भारत का सबसे विविध पर्यटन गंतव्य बनाने का लक्ष्य आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम है उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ धाम, श्रीराम मंदिर व कुंभ से अंतरराष्ट्रीय पहचान इको-टूरिज्म, वेलनेस और परफ्यूम टूरिज्म पर मुख्यमंत्री का फोकस लखनऊ/पुरी (ओडिशा), मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। ओडिशा के पुरी में चल रहे भारतीय पर्यटन ऑपरेटर संघ (आईएटीओ) के 40वें वार्षिक सम्मेलन में उत्तर प्रदेश चर्चा का मुख्य केंद्र रहा। 22 से 25 अगस्त तक आयोजित इस सम्मेलन का विषय “रीजुवेनेट इनबाउंड @2030” है और इसमें लगभग 1000 प्रतिनिधि (टूर ऑपरेटर, ट्रैवल मीडिया, होटल उद्योग और नीति निर्माता) शामिल हुए हैं। सम्मेलन के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश पर्यटन का स्टॉल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना, जहां कन्नौज की सैकड़ों साल पुरानी इत्र बनाने की परंपरा, काशी-अयोध्या-प्रयागराज का आध्यात्मिक त्रिकोण और दीपोत्सव व रंगोत्सव जैसे भव्य सांस्कृतिक आयोजनों की झलक प्रस्तुत की गई। विशेष रूप से कन्नौज के इत्र और परफ्यूम टूरिज्म ने प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य स्टॉल का उद्घाटन ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने किया। सम्मेलन में भाग लेते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएटीओ सम्मेलन हमारे लिए बड़ा अवसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाया जा रहा है। कन्नौज का इत्र, दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजन और धार्मिक धरोहर हमारे पर्यटन की खास पहचान हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक यहां आने वाला हर पर्यटक यूपी की संस्कृति और आध्यात्मिकता से गहरा जुड़ाव महसूस करे। पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी धरोहर और स्मारकों को दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां नई पर्यटन सुविधाएं, निजी निवेश और नए अनुभवों पर भी तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि नदी पर्यटन, वेलनेस, एग्रो टूरिज्म और परफ्यूम टूरिज्म जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे प्रदेश आने वाले पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव मिलेगा। यूपी टूरिज्म पर विशेष चर्चा सम्मेलन के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नेटवर्किंग सत्रों में रामायण सर्किट, वाराणसी के रिवरफ्रंट और दुधवा-बुंदेलखंड के इको-टूरिज्म पर विशेष चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने यह साफ किया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन केवल धार्मिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक और सतत पर्यटन मॉडल की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने बीते वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन, मथुरा-वृंदावन में विकास कार्य, नए हवाईअड्डों और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। आज यूपी में आने वाला हर पर्यटक यहां की आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम देखता है।  यूपी का प्रयास, पर्यटक न केवल यादें, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव की भावना भी लेकर जाए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएटीओ सम्मेलन हमें उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बहुमुखी पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। कन्नौज में इत्र पर्यटन से लेकर दीपोत्सव जैसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक उत्सवों तक, हम ऐसे अनुभव निर्मित कर रहे हैं जो विरासत को नवीनता के साथ जोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्ष 2030 तक, उत्तर प्रदेश आने वाला प्रत्येक पर्यटक न केवल यादें, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव की भावना भी लेकर जाए। अगले दो दिन तक जारी रहेगा कार्यक्रम अगले दो दिनों तक उत्तर प्रदेश पर्यटन सम्मेलन में अपने कार्यक्रम जारी रखेगा और निवेशकों व साझेदारों को प्रदेश में पर्यटन की नई संभावनाएं दिखाएगा। यह सम्मेलन साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल भारत के पर्यटन का भविष्य गढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के महानिदेशक सुमन बिल्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की चेयरमैन नीलू शर्मा और उत्तर प्रदेश पर्यटन के अधिकारी मौजूद थे।

मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न

सामान्य जल भराव व बाढ़ प्रभावित जनपदों में जलस्तर कम होने के साथ ही सभी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाए 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और अपशिष्ट निस्तारण पर जोर अगले 3 महीने व्यापक सफाई अभियान करने के निर्देश संचारी रोग फैलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई नगरों के आसपास कूड़े के पहाड़ और गलियों में परंपरागत कूड़े के ढेर अब नगरों की शब्दावली से होंगे दूर बड़े निकाय छोटे निकायों का कूड़ा लेकर उन्हें प्रोसेस करें बाढ़ प्रभावित जिलों में फ्लड मैन्युअल बनाने के निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जाए :मंत्री   के शर्मा लखनऊ, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जल स्तर कम होते ही स्वच्छता अभियान चलाने, बाढ़ प्रभावित जिलों में नगर विकास विभाग द्वारा अपना फ्लड मैन्युअल बनाने एवं प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मंत्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही नगर निकायों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए।उन्होंने अगले तीन महीने तक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाए जाने के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में संचारी रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं निकायकर्मी इसकी विशेष निगरानी रखें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही बरती गई और संचारी रोग फैलने की स्थिति उत्पन्न हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मंत्री शर्मा ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए फ्लड मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि बाढ़ प्रबंधन एवं राहत कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से किए जा सके। उन्होंने कहा कि अक्सर अधिकारियों के स्थानांतरण होते रहते हैं, फ्लड मैन्युअल से किसी भी अधिकारी को बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए अग्रिम कार्य योजना बनाने एवं आवश्यक कार्यवाही करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही नगर विकास मंत्री ने सामान्य जल भराव के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी सामान्य जल भराव वाले क्षेत्रों में जाएं, वहां कारण पता करें और ऐसे स्थाई उपाय करें कि भविष्य में वहां जल भराव की स्थिति उत्पन्न ना हो।इसके साथ ही संपूर्ण कार्य का डॉक्यूमेंटेशन भी करें।उन्होंने लखनऊ विधानसभा परिसर का उदाहरण देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया की जो भी उपाय हो वह स्थाई और ऐसे हो कि अगले वर्ष वहां जल भराव किसी भी कीमत पर ना हो। इसके अतिरिक्त, नगर विकास मंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी नगर निकाय यह सुनिश्चित करें कि 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हो तथा 100% अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में लखनऊ मॉडल को अपनाते हुए सभी नगर निकाय प्रभावी ढंग से कार्य करें।बैठक में नगर विकास मंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार के लिए तकनीक और नवीन उपायों का उपयोग किया जाए। नगर विकास मंत्री ने कहा की नगरों के पास आसपास कूड़े के पहाड़ और गलियों में परंपरागत कूड़े के जो देर हैं अब नगरों के शब्दावली से दूर होने चाहिए उन्होंने बड़े निकायों को छोटे निकायों का कूड़ा लेकर प्रोसेस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपने-अपने स्तर से स्वच्छता अभियान में सहयोग करें और कूड़ा इधर-उधर न फेंके।नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में वाराणसी,प्रयागराज के साथ ही विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी दी।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की शहरी निकायों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए।इस बैठक में राजधानी लखनऊ से वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार शुक्ला,अनुज झा,ऋतु सुहास सहित सभी संबंधित जिलों के अधिकारी वर्चुअल जुड़े रहे।

31 अगस्त को भागीदारी भवन में आयोजित होगा ‘विमुक्त जाति दिवस’

– सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में सामाजिक समावेश को बढ़ावा दे रही राज्य सरकार – विमुक्त जातियों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित कर रही है योगी सरकार लखनऊ, योगी सरकार समाज के हाशिए पर रहे विमुक्त जाति समुदाय को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में 31 अगस्त को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में ‘विमुक्त जाति दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से विमुक्त जाति समुदाय के लोग हिस्सा लेंगे, जो सामाजिक समावेश और सशक्तीकरण का प्रतीक होगा। ‘विमुक्त जाति दिवस’ का ऐतिहासिक महत्व है। 31 अगस्त 1952 को भारत सरकार ने अंग्रेजों द्वारा थोपे गए काले कानून ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ को समाप्त किया था, जिसने कई समुदायों को अपराधी घोषित कर उनके अधिकार छीन लिए थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार इस दिन को ‘विमुक्त जाति दिवस’ के रूप में मनाकर इन समुदायों को सम्मान और नई पहचान दे रही है। योगी सरकार विमुक्त जातियों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित कर रही है। इसके तहत विमुक्त जाति के लोगों को पट्टे पर भूमि आवंटन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने विमुक्त जातियों के लिए समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएं इन समुदायों को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आवासीय योजनाओं के माध्यम से इनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि विमुक्त जाति के लोग समाज की मुख्यधारा में शामिल हों और उनके बच्चे उच्च शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जगह बनाएं। यह कार्यक्रम न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगा, बल्कि विमुक्त जातियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा। योगी सरकार की यह पहल विमुक्त जाति समुदाय के लिए नई आशा और अवसरों का प्रतीक है, जो उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।