samacharsecretary.com

हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई, PCS-J 2022 विवाद में जस्टिस गोविंद माथुर की रिपोर्ट आई सामने

प्रयागराज  इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपी पीसीएस-जे 2022 मुख्य परीक्षा विवाद के मामले में बुधवार को पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर की अध्यक्षता वाली न्यायिक जांच समिति की ओर से प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट को खोला गया। न्यायालय ने रिपोर्ट खोलकर रिकॉर्ड पर लिया। न्यायालय ने सभी पक्षों को प्रारंभिक रिपोर्ट कार्यालय से प्राप्त करने और तीन सप्ताह के भीतर अपनी प्रतिक्रिया या शपथ-पत्र दाखिल करने को कहा है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए छह अगस्त की तारीख लगाई है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान खोली गई जस्टिस गोविंद माथुर की जांच रिपोर्ट प्रारंभिक रिपोर्ट है। एडवोकेट शाश्वत आनंद ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट दो सेट में है। 14 अन्य सेट में संलग्नक हैं। सुनवाई के दौरान याची श्रवण पांडेय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सैयद फारमान अहमद नक़वी, अधिवक्ता शाश्वत आनंद व सौमित्र आनंद तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से अधिवक्ता निशीथ यादव उपस्थित रहे। यूपी पीसीएस-जे 2022 की मुख्य परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, मूल्यांकन में अनियमितताओं और मेरिट सूची में विसंगतियों के आरोपों से संबंधित मामले में यूपीपीएससी ने पहले स्वीकार किया था कि दो बंडलों की उत्तर पुस्तिकाओं पर गलत मास्टर फेक कोड चिपकाए गए थे, जिससे कम से कम 50 उम्मीदवारों के अंक प्रभावित हुए। न्यायमूर्ति गोविंद माथुर को इन अनियमितताओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। न्यायालय ने यूपीपीएससी को जांच पूरी होने तक सभी संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।  

यात्रा मार्ग पर सख्ती: रेस्टोरेंट-ढाबों को लेना होगा लाइसेंस, बाहर लगानी होगी तस्वीर

बिजनौर यूपी में कांवड़ यात्रा मार्ग पर सभी रेस्टोरेंट-ढाबों का लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं लाइसेंस की फोटो दुकान के बाहर चस्पा करनी होगी। रेस्टोरेंट ढाबों का निरीक्षण शुरू भी कर दिया गया है। केवल रेस्टोरेंट-दुकानों की ही जांच नहीं होगी, सेवा शिविरों में कांवड़ियों के लिए बन रहे भोजन की भी जांच होगी। इसको लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। गौरतलब है कि श्रावण मास 11 जुलाई से शुरू हो रहा है। शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान खाने-पीने की चीजों में गुणवत्ता बनी रहे तथा किसी किस्म की परेशानी न हो। इसके लिए सर्तकता बरती जा रही है, ताकि शिवभक्तों को शुद्ध भोजन मिल सके। इस क्रम में यूपी के बिजनौर में चिड़ियापुर से लेकर आगे नजीबाबाद मार्ग पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम दुकानों के निरीक्षण कर रही है। साथ ही मंडावर मार्ग पर भी विभाग सभी रेस्टोरेंट व अन्य खाद्य पदार्थों की दुकानों की पड़ताल कर रहा है। कांवड़ पर बने रेस्टोरेंट सहित अन्य दुकानों के लिए खाद्य विभाग का लाइसेंस भी अनिवार्य कर दिया गया है। उन्हें दुकान के बाहर लाइसेंस की फोटो भी चस्पा करनी है, ताकि उसमें नाम पता भी स्पष्ट पढ़ा जा सके। इसके अलावा शिवभक्तों की सेवा में लगने वाले सेवा शिविरों में भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम जाकर भोजन की गुणवत्ता की जांच करेगी। बिजनौर में टीम लगातार निरीक्षण कर नमूने एकत्र कर रही है। टीम सभी दुकानदारों को कांवड़ यात्रा को लेकर सभी मानकों के बारे में जागरूक भी कर रही है। बिजनौर के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, संजीव सिंह ने कहा कि कांवड़ मार्ग पर लगभग सभी के लाइसेंस बने हुए हैं। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी रेस्टोरेंट, ढाबों का निरीक्षण कर लाइसेंस, मोबाइल नंबर, नाम, दाम की सूची चस्पा कराई जा रही है। स्वच्छता व गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।  

आगरा में भीषण सड़क हादसा, ऑटो को एक वाहन ने मारी टक्कर, दो की मौत, सीएम योगी ने जताया दुख

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहां ऑटो को एक वाहन ने टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मामला आगरा के थाना एत्मादपुर क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि आगरा के तोरा क्षेत्र के रहने वाले लोग एक ऑटो में सवार होकर यमुना एक्सप्रेसवे से जा रहे थे। तभी एक अज्ञात वाहन ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कमलेश और राजू के रूप में हुई है। ऑटो सवार सभी लोग आगरा के तोरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। इस हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सीएम योगी ने जनपद आगरा में हुए सड़क हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।” फिलहाल पुलिस इस हादसे की जांच में जुट गई है और अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। उल्लेखनीय है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर इससे पहले भी कई सड़क हादसे सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 15 मार्च को यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी और दो अन्य लोग घायल हो गए थे।  

गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा की धूम, सीएम योगी ने की विशेष आरती और पूजन

गोरखपुर गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का पारंपरिक रूप से विशेष पूजन किया। उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ और योगिराज बाबा गंभीरनाथ समेत नाथपंथ के सभी गुरुओं की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। सुबह पांच बजे से शुरू हुए गुरु पूर्णिमा के विशेष अनुष्ठान की पूर्णता सामूहिक महाआरती के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित सभी देव विग्रहों एवं गुरुओं की प्रतिमाओं का पूजन कर लोकमंगल की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने गुरु गोरखनाथ को रोट का महाप्रसाद भी अर्पित किया। मुख्यमंत्री योगी ने देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं और गुरु परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। वैसे तो गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं, गुरु गोरखनाथ जी तथा नाथपंथ के गुरुजन का दर्शन-पूजन उनकी दिनचर्या का हिस्सा होता है। पर, गुरु पूर्णिमा का अवसर गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजा का होता है। गुरुवार को गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायोगी गुरु गोरखनाथ सहित मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव विग्रहों और नाथपंथ के गुरुओं की प्रतिमाओं के समक्ष विधि विधान के साथ पूजन किया। अनुष्ठानिक कार्यक्रमों के क्रम में उन्होंने सबसे पहले नाथपंथ के आदिगुरु भगवान गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी पूजा की। योगी परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के पास पहुंचे और उनका पूजन किया। उसके बाद वह बारी-बारी से बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ समेत ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधि पर गए। सभी का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरु गोरखनाथ को रोट का महाप्रसाद भी अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना की अनुष्ठानिक प्रक्रिया संपन्न होने के बाद गुरु पूर्णिमा पर होने वाली परंपरागत महाआरती हुई तथा सभी गुरुओं के प्रति आस्था निवेदित की गई।  

तीसरे दिन भी नहीं टूटी छांगुर बाबा की कोठी, बुलडोजर एक्शन में अफसरों की जद्दोजहद जारी

बलरामपुर यूपी के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के काले साम्राज्य पर तीसरे दिन भी बुलडोजर का एक्शन जारी है. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाई गई छांगुर बाबा की आलीशान किलेनुमा कोठी पर प्रशासन का बुलडोजर गरज रहा है. हालांकि, बाबा की ये कोठी इतनी मजबूत है कि इसको तोड़ने के लिए जेसीबी को भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है.  जानकारी के मुताबिक, छांगुर बाबा ने अपनी इस मजबूत कोठी में 10 मिलीमीटर से 15 मिलीमीटर तक की मोटी-मोटी सरिया लगवा रखी हैं. इसका कंक्रीट मटेरियल भी ऐसा इस्तेमाल किया, जो आमतौर पर ब्रिज और पुल निर्माण में प्रयोग होता है. इसी के चलते बाबा की कोठी बेहद मजबूत है, जिसे तोड़ने में बुलडोजर को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.  आपको बता दें कि बलरामपुर स्थित छांगुर बाबा की जिस कोठी को जमींदोज किया जा रहा है, वह किसी महल से कम नहीं है. पूरी कोठी सीसीटीवी से लैस थी. प्राइवेट पावर प्लांट लगाया था. दर्जनों सोलर पैनल लगे थे. बाउंड्री पर कटीले तार बिछे थे. कथित तौर पर इनमें करंट दौड़ता था, ताकि कोई कोठी के पास भी न फटक पाए.  इतना ही नहीं इस कोठी के अंदर ही एक गुप्त कंट्रोल रूम भी था, जिससे पूरे घर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जाती थी. कंट्रोल रूम बाबा के बेडरूम था. अंदर जाने वाले हर व्यक्ति की रिकॉर्डिंग होती थी. मालूम हो कि छांगुर बाबा को उसकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन के साथ बीते शनिवार को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. दोनों बलरामपुर जिले के मधपुर के निवासी हैं. छांगुर बाबा के खिलाफ पहले से गैर जमानती वारंट जारी था. उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. फिलहाल, दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद रिमांड पर लेकर लखनऊ जिला जेल भेज दिया गया है. अब एटीएस उनसे पूछताछ करेगी.  इससे पहले, इसी केस में 8 अप्रैल को दो और आरोपियों जमालुद्दीन जो कि नसरीन का पति है और छांगुर बाबा के बेटे महबूब को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये दोनों भी बलरामपुर के रहने वाले हैं और फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों से इन बड़े सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे- इस अवैध धर्मांतरण के पीछे फंडिंग कहां से आई? अब तक कितने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया? इस संगठित गिरोह के सदस्य किन-किन राज्यों और जिलों में सक्रिय हैं? क्या इसके पीछे विदेशी ताकतों का इशारा था? इनकी खाड़ी देशों में किससे मुलाकात हुई और किनके निर्देश पर यह पूरा नेटवर्क चलाया जा रहा था?

यूपी में मानसून दक्षिण और बुंदेलखंड की तरफ शिफ्ट, आज इन 14 जिलों में होगी बारिश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र और मध्य प्रदेश से सटे जिलों में आज भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 40 जिलों में गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बुधवार को प्रदेश के तराई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बुधवार और बृहस्पतिवार के दौरान बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बुधवार को पश्चिम तराई, विंध्य क्षेत्र और बुंदेलखंड में अच्छी बारिश के आसार हैं। यहां है भारी वर्षा की चेतावनी बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में ।  यहां है मेघगर्जन और वज्रपात होने की संभावना बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही , कानपुर देहात, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।  

कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप, भाजपा सरकार सत्ता से जाएंगे तभी बदलाव आएगा : अखिलेश यादव

लखनऊ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। भाजपा का शासन हटेगा, तभी कानून व्यवस्था में सुधार होगा। वे प्रदेश सपा मुख्यालय पर विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित कर रहे थे। अखिलेश ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से जनता परेशान है। सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पाता है। भाजपा भूमाफिया बन गई है। उन्होंने कहा कि तालाब की सरकारी जमीनों पर भाजपाई अवैध कब्जे कर रहे हैं। जमीनों पर कब्जा करना ही भाजपा का एजेंडा है। सपा अध्यक्ष ने कहा आरएसएस उत्तर प्रदेश में नागपुर जैसा केंद्र बना रही है। भाजपा समाज में झूठ और नफरत फैला रही है। सांविधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। भाजपा लोकतंत्र और संविधान विरोधी है। अखिलेश ने कहा कि सपा कार्यकर्ता भाजपा से पूरी तरह सजग रहकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। वोटर लिस्ट पर विशेष ध्यान देना है। भाजपा वोटर लिस्ट को लेकर साजिश करती है। बच्चों ने अखिलेश को सौंपी अपनी राशि अखिलेश यादव को प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर गोरखपुर से आईं कक्षा तीन की बालिका रश्मिका यादव और कक्षा 6 के बालक राजेश यादव विक्की ने अपने गुल्लकों की राशि भेंट की। इन बच्चों के साथ उनकी मां शौर्य यादव ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात की। अखिलेश ने इन बच्चों की भावनाओं की भूरि-भूरि सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

लापता चार मासूम बच्चों की पानी भरे गड्ढे में मिली लाश

मेजा/प्रयागराज मेजा इलाके के बेदौली गांव से लापता चार मासूम बच्चों की बुधवार सुबह घर से कुछ ही दूरी पर पानी भरे गड्ढे में लाश उतराती हुई मिली तो सनसनी फैल गई। चारों बच्चों में दो भाई-बहन हैं। बाकी दो पड़ोसी हैं। सूचना पर मौके पर एसीपी मेजा एसपी उपाध्याय के साथ मेजा थाना अध्यक्ष राजेश उपाध्याय पहुंच गए। चारों बच्चों के शव को पहले सीएचसी रामनगर ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। घर में कोहराम मचा हुआ है।   मेजा थाना क्षेत्र के बेदौली गांव के आदिवासी बस्ती के ज्यादातर लोग गांव में स्थित ईंट भट्ठा या मनरेगा में मजदूरी का काम करते हैं। उनकी बस्ती के पास ही ईंट भट्ठा संचालित होता है। ईंट भट्ठा संचालक द्वारा मिट्टी निकालने के चक्कर में बड़ा गड्ढा कर दिया गया है। जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ है। मंगलवार शाम तीन बजे बस्ती के लोग मनरेगा के काम में चले गए थे। शाम पांच जब बस्ती के लोग घर आए तो हीरा आदिवासी का बेटा हुनर (5), हीरा आदिवासी की बेटी वैष्णवी (3), संजय आदिवासी का बेटा खेसारी लाल (5) और विमल आदिवासी का बेटा कान्हा (5) वर्ष घर से लापता थे। इन चारों बच्चों की खोजबीन पूरी बस्ती के लोग काफी देर तक किए लेकिन कुछ भी पता नहीं चल सका। मेजा पुलिस ने रात में ही चारों बच्चों के लापता होने पर गुमशुदगी दर्ज कर खोजबीन शुरू की थी, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। बुधवार सुबह छह बस्ती के लोगों की निगाह ईंट भट्ठा के बगल पानी भरे गड्ढे पर गई तो वहां पर चारों मासूम बच्चों की लाश उतरती हुई दिखी। ऐसे में सनसनी फैल गई। घर में कोहराम मच गया। बस्ती के लोगों ने चारों बच्चों की उतराती हुई लाश को बाहर निकाल लिया। सूचना पर एसीपी मेजा, एसडीएम मेजा सुरेंद्र प्रताप यादव सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक चारों बच्चे खेलते खेलते पानी भरे गड्ढे में चले गए। जिससे चारों मासूम बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने चारों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम मेजा ने बताया की चारों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए सहायता के रूप में दिया जाएगा। मेजा थाना क्षेत्र के बेदौली गांव में पानी में डूबने से जिन चार बच्चों की मौत हुई है उसमें दो बच्चे सगे भाई बहन हैं। यह बच्चे हीरा आदिवासी के हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।  घटना के बाद बस्ती में कोहराम मचा हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। परिवार के लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली।  

उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस सेवा में किया पदोन्नत, आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के 22 पीसीएस अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) काडर में पदोन्नति दे दी गई है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अधिसूचना के क्रम में इस संबंध में उत्तर प्रदेश के नियुक्ति विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, सहारनपुर के अपर आयुक्त भानु प्रताप यादव, यूपीएसएसएससी के परीक्षा नियंत्रक विधान जायसवाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव राजेश कुमार सिंह, सिद्धार्थनगर के सीडीओ बलराम सिंह, यीडा के विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया, यूपीपीएससी के उप सचिव देवी प्रसाद पाल, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की सचिव अंजू लता, दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय के संयुक्त निदेशक जयनाथ यादव, अपर निदेशक (प्रशासन) कृषि तथा अपर मेला अधिकारी कुंभ मेला दयानंद प्रसाद को पदोन्नति दी गई है। इसी तरह से यूपीपीएससी के उप सचिव विनोद कुमार गौड़ व विवेक कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त निदेशक मंडी परिषद सचिन कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व हाथरस बसंत अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वाराणसी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अयोध्या महेंद्र कुमार सिंह,, अपर जिलाधिकारी प्रशासन बिजनौर विनय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मुरादाबाद गुलाब चंद्र, सदस्य वक्फ न्याायधिकरण लखनऊ राम सुरेश वर्मा , अपर जिलाधिकारी प्रशासन गाजियाबाद रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) गौतमबुद्धनगर राजेश कुमार, उप निदेशक मंडी योगेंद्र कुमार और अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा निदेशालय नीलम को भी आईएएस काडर में पदोन्नति दे दे गई है। इन सभी अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान में तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है।

छांगुर बाबा को बताया जल्लाद, CM योगी बोले– कानून ने दिखाया अपना असर

आजमगढ़ आजमगढ़ पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा- अभी आपने देखा होगा कि कैसे बलरामपुर में समाज विरोधी, राष्ट्रद्रोही कार्यो में लिप्त तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई. आपने देखा होगा कैसे एक जल्लाद को हमने गिरफ्तार किया, जो हिंदू बहन-बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करता था, उनकी सौदेबाजी करता था.  सीएम योगी ने धर्मांतरण मामले में बोलते हुए आगे कहा कि अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्ती की जा रही है. हम समाज को टूटने नहीं देंगे. राष्ट्र विरोधी, समाज विरोधी तत्वों को चकनाचूर कर के रहेंगे. कानून के तहत इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे. साथ ही धरती माता की रक्षा भी करेंगे.  दरअसल, सीएम योगी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होने आजमगढ़ पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि धरती मां के स्वास्थ्य की रक्षा करेंगे और मां की स्मृतियों को भी जीवंत बनाएंगे. यह वृक्षारोपण अभियान इसी का परिणाम है. आपको बता दें कि धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन बलरामपुर में स्थित उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला और अब ED भी बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.  आजमगढ़ में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में वन माफिया, खनन माफिया के द्वारा अव्यवस्था फैलाई गई थी, विकास नहीं होता था, न वनाच्छादन होता था, हमने जो अभियान 8 वर्ष पहले शुरू किया था, वो अबतक 204 करोड़ पेड़ लगाने तक पहुंच चुका है. अबतक 8 वर्ष में 204 करोड़ वृक्षारोपण किया गया है. पिछली सरकार ने आजमगढ़ के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था. आज आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाता है तो देखने वालों की आंखे चमक जाती हैं.