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लखनऊ में 1 जून से भक्तिमय माहौल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य सुनाएंगे 9 दिवसीय श्रीराम कथा

लखनऊ में 1 जून से गूंजेगी श्रीराम कथा, जगद्गुरु रामभद्राचार्य करेंगे 9 दिवसीय कथा का वाचन योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल सीएम योगी ने जारी किया था श्रीराम कथा के भव्य मंच का पोस्टर लखनऊ लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में 1 जून से 9 जून तक पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज की 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। देश के विख्यात संत, जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का संदेश देंगे। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने की उम्मीद जताई है। योगी सरकार के कई मंत्री हो सकते हैं शामिल आयोजन समिति के मुताबिक, कथा के दौरान योगी सरकार के तमाम मंत्री विभिन्न तिथियों में शामिल हो सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कथा में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके मद्देनजर आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। गौरतलब है कि बीते शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर की अनुकृति पर आधारित कथा मंच के पोस्टर का विमोचन करते हुए आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी थीं। नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का होगा प्रसार आयोजकों का कहना है कि श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों, सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना को मजबूत करने का माध्यम भी है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सेवा, सदाचार और कर्तव्यबोध की भावना का विस्तार होता है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद 250 से अधिक ग्रंथों की रचना करने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य शिक्षा, साहित्य और अध्यात्म के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए देशभर में सम्मानित हैं।

41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी, सितम्बर में जारी होगा अंतिम परिणाम

होमगार्ड संगठन को आधुनिक, प्रशिक्षित और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर, मुख्यमंत्री ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री होमगार्ड के जवानों को अनिवार्य रूप से दी जाए सीपीआर व फर्स्ट एड की ट्रेनिंग, गोल्डन ऑवर के महत्व से भी कराया जाए अवगतः मुख्यमंत्री  41,424 पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया जारी, सितम्बर में जारी होगा अंतिम परिणाम सेवाकाल में मृत्यु पर आश्रितों को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता, दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ वितरित ₹104.80 करोड़ की 20 निर्माण परियोजनाएं प्रगति पर, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना को मिलेगा नया आयाम कल्याण, प्रशिक्षण और आधुनिकीकरण पर विशेष फोकस, होमगार्ड संगठन के लिए तैयार की गई व्यापक भविष्य की कार्ययोजना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  होमगार्ड विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा जनसेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय और नई चुनौतियों के अनुरूप इस संगठन को अधिक सक्षम, प्रशिक्षित, तकनीक-सक्षम और आधुनिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता विस्तार, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण और मानव संसाधन विकास से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि होमगार्ड स्वयंसेवक प्रत्येक परिस्थिति में प्रभावी भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में ही नहीं, बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी व्यवस्थाओं, सामुदायिक सेवा तथा जनजागरूकता अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से होमगार्ड संगठन की कार्यक्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पुलिस व होमगार्ड का जवान समाज का फर्स्ट रिस्पांडर होता है। किसी भी घटना में पीड़ित के पास सबसे पहले यही पहुंचते हैं, इसलिए इन्हें सीपीआर व फर्स्ट एड की अनिवार्य रूप से ट्रेनिंग दी जाए और गोल्डन ऑवर के महत्व के बारे में भी बताया जाए। इनकी सजगता जीवन बचाने में काफी महत्वपूर्ण होती है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। स्थापना के समय जहां मात्र 2,000 होमगार्ड व्यवस्थापित थे, वहीं आज 67,971 होमगार्ड उपलब्ध हैं। विभाग पुलिस बल के सहयोग, सार्वजनिक व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, आपातकालीन सेवाओं तथा लोककल्याण से जुड़े विविध दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। बताया गया कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में 3,812 होमगार्डों को ‘आपदा मित्र’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इसके अतिरिक्त 1,091 स्वयंसेवकों को अग्नि बचाव तथा 425 को बाढ़ बचाव कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने एनरोलमेंट प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ संपन्न की जाए। बैठक में बताया गया कि 3 नवंबर 2025 को जारी उत्तर प्रदेश राज्य होमगार्ड्स एनरोलमेंट मार्गदर्शिका के अंतर्गत 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई गई। अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में घोषित किए जाने की तैयारी है। चयनित अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के प्रशिक्षण संस्थानों में 90 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण प्रदान जाना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम, अनुशासित और पेशेवर होमगार्ड बल के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।  मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यप्रणाली में तकनीक के व्यापक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि पारदर्शिता और दक्षता के लिए डिजिटल प्रणालियों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण भत्ता ₹260 प्रतिदिन से बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के समकक्ष कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक होमगार्ड को प्रत्येक तीन वर्ष में ₹3,000 वर्दी भत्ता प्रदान किए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लगभग ₹104.80 करोड़ की लागत से स्वीकृत 20 निर्माण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।  होमगार्ड कल्याण से संबंधित उपायों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयंसेवकों और उनके परिवारों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में बताया गया कि सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में नामित आश्रित को ₹5 लाख की अनुग्रह सहायता प्रदान की जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में ₹157.65 करोड़ की अनुग्रह राशि वितरित की जा चुकी है। अप्रैल 2022 से अब तक 125 दिवंगत होमगार्ड स्वयंसेवकों के आश्रितों को विभिन्न बैंकिंग बीमा योजनाओं के माध्यम से ₹30 लाख से ₹45 लाख तक की बीमा सहायता प्राप्त हुई है। अंतरजनपदीय संचरण की स्थिति में देय दैनिक भोजन भत्ता ₹30 से बढ़ाकर ₹120 प्रतिदिन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड संगठन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया जाए। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को राज्य स्तरीय अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने की योजना है। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, आधुनिक परेड ग्राउंड, ड्रिल क्षेत्र, फिजिकल ट्रेनिंग एवं ऑब्स्टेकल कोर्स, आधुनिक छात्रावास, भोजनालय, डिजिटल पुस्तकालय, डिजिटल प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म तथा सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को आधुनिक, सक्षम, अनुशासित और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर बल के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रस्तावित योजनाओं एवं सुधारात्मक पहलों को निर्धारित समयसीमा में लागू करने के निर्देश दिए।

लोक भवन में सोमवार, 1 जून को होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन

मुख्यमंत्री करेंगे 223 मेधावियों का सम्मान, प्रदेशभर में 1682 विद्यार्थियों को मिलेगा पुरस्कार लोक भवन में सोमवार, 1 जून को होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन  मेधावियों को एक लाख रुपये, टैबलेट और प्रशस्ति पत्र मिलेगा, 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्य भी होंगे सम्मानित राज्य स्तरीय समारोह के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी आयोजित होगा मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम जिला स्तर पर कुल 1459 विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा, जिनमें 687 हाईस्कूल और 772 इंटरमीडिएट के विद्यार्थी होंगे शामिल जिला स्तरीय मेधावियों को 21 हजार रुपये की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रतिभा को प्रोत्साहन देने और विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सोमवार, 1 जून को मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया जाएगा। राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में आयोजित होने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के विभिन्न शिक्षा बोर्डों के 223 राज्य स्तरीय मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे। वर्ष 2018 से शुरू हुई इस पहल के माध्यम से प्रदेश सरकार लगातार मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर रही है। समारोह में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड के वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की धनराशि, टैबलेट, प्रशस्ति पत्र, मेडल और साफा प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों तथा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तरीय सम्मान के लिए कुल 223 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के 138 विद्यार्थी, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के 21 विद्यार्थी, सीआईएससीई बोर्ड के 33 विद्यार्थी तथा सीबीएसई बोर्ड के 31 विद्यार्थी शामिल हैं। इन 223 विद्यार्थियों में 85 छात्र और 138 छात्राएं हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी दर्शाता है। कार्यक्रम की एक विशेषता यह भी होगी कि राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के एक अभिभावक को शॉल भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभिन्न बोर्डों में सर्वोच्च अथवा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनके योगदान को भी सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया जा रहा है। राज्य स्तरीय समारोह के समानांतर प्रदेश के सभी जनपदों में भी मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। जिला स्तर पर कुल 1459 विद्यार्थियों को सम्मान मिलेगा, जिनमें 687 हाईस्कूल और 772 इंटरमीडिएट के विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें 617 छात्र और 842 छात्राएं हैं। जिला स्तरीय मेधावियों को 21 हजार रुपये की धनराशि, प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार वर्ष 2026 के मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में कुल 1682 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।

बागपत के हिलवाड़ी गांव पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी, सौंपा 5 लाख रुपये का चेक

मुख्यमंत्री राहत कोष से मिली मदद, पीड़ित परिवार को मिला संबल बागपत के हिलवाड़ी गांव पहुंचे जनप्रतिनिधि और अधिकारी, सौंपा 5 लाख रुपये का चेक योगी सरकार दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी: सांसद डॉ. राजकुमार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र स्थित हिलवाड़ी गांव में मृतक चंद्रपाल के पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। रविवार को सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, राज्य मंत्री केपी मलिक अधिकारियों के साथ गांव पहुंचकर चंद्रपाल के परिजनों से मुलाकात की और सहायता राशि का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिलाया। योगी सरकार दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी: डॉ. राजकुमार सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से 5 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक पीड़ित परिजनों को सौंपा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आरोपी बबलू और रविंद्र को भेजा जा चुका जेल दरअसल, हिलवाड़ी गांव निवासी इलेक्ट्रिशियन चंद्रपाल की हत्या की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बागपत पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या के आरोपी बबलू और रविंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सीएम योगी के निर्देश पर आगामी 5 से 21 जून तक प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान की तैयारी

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा प्रचार-प्रसार, चलेगा विशेष अभियान सीएम योगी के निर्देश पर आगामी 5 से 21 जून तक प्रदेशव्यापी जनजागरूकता अभियान की तैयारी जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह जनपद स्तर पर भी आयोजित होंगी किसान गोष्ठियां, जनसंवाद कार्यक्रम और प्रदर्शनी लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों का जनता के बीच प्रचार-प्रसार करेगी। इस अभियान से किसानों से लेकर हर वर्ग को सीधा लाभ मिल पाएगा। यह प्रचार अभियान 5 जून से शुरू होगा। इस संबंध में सिंचाई विभाग मुख्यालय में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग प्रदेश में कृषि विकास, जल सुरक्षा, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि आगामी 5 जून से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के साथ विभागीय जनजागरूकता कार्यक्रमों का शुभारंभ किया जाए। इसके अंतर्गत 5 से 21 जून 2026 तक प्रदेशभर में पदयात्रा, प्रदर्शनी, किसान संवाद, जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सिंचाई परियोजनाओं, राजकीय नलकूपों, नहर प्रणाली के सुदृढ़ीकरण, जल संरक्षण अभियानों, भूजल संवर्धन, आधुनिक सिंचाई तकनीकों तथा विभाग द्वारा किए गए विकास कार्यों की जानकारी आमजन एवं किसानों तक पहुंचाई जाएगी। किसानों को मिले वास्तविक लाभ बैठक में उपस्थित राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग की विशाल परियोजनाओं, आधारभूत संरचनाओं एवं विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच प्रस्तुत किया जाए, जिससे आमजन विभाग की भूमिका एवं उपलब्धियों से अवगत हो सकें। वहीं राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि लिफ्ट नहर योजनाओं के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सिंचाई सुविधाओं तथा नहरों के टेल तक पानी पहुंचाने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को विशेष रूप से जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि किसानों को विभाग की योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर किसान गोष्ठियों, जनसंवाद कार्यक्रमों, प्रदर्शनी एवं अन्य जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से विभाग की योजनाओं के प्रति व्यापक जागरूकता उत्पन्न की जाए।

प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने, फसलों और जनहानि का आकलन करने के आदेश

आंधी-बारिश को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने, फसलों और जनहानि का आकलन करने के आदेश सीएम योगी ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने तथा टूटे तारों, खंभों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा  लखनऊ  प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी आंधी, बारिश और तेज हवाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को कई जिलों में आंधी, बारिश और तूफान की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, राहत आयुक्त कार्यालय तथा संबंधित विभागों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन जनपदों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि अथवा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जनहानि अथवा पशुहानि हुई है, वहां प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुमन्य राहत राशि वितरित की जाए। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समयबद्ध सहायता पहुंचनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए। जहां भी कृषि क्षति की सूचना मिले, वहां राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर आकलन करे तथा शासन को रिपोर्ट उपलब्ध कराए, ताकि किसानों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जा सके। मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग को भी आंधी और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने तथा टूटे तारों, खंभों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित करें।  जनता से सावधानी बरतने की अपील  मुख्यमंत्री ने जनता से भी अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें, अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

योगी सरकार की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का सफल उदाहरण

शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 योगी सरकार की पारदर्शी एवं तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का सफल उदाहरण 72 जिलों के 1011 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित हुई परीक्षा, लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने किया प्रतिभाग एआई, फेस रिकग्निशन, बायोमैट्रिक अटेंडेंस, 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और लाइव कमांड कंट्रोल सिस्टम से हुई निगरानी लखनऊ, उत्तर प्रदेश में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026  प्रदेश के 72 जिलों के 1011 परीक्षा केन्द्रों पर सफलतापूर्वक, शांतिपूर्ण एवं शुचितापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी को सौंपी गई थी। परीक्षा में पंजीकृत 4,44,958 अभ्यर्थियों में से लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थी दोनों पालियों में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में पारदर्शी, नकलविहीन और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का मॉडल बनकर उभरा है। प्रदेश के 72 जिलों में स्थापित 1011 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 पूरी शुचिता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि परीक्षा में कुल 4,44,958 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें 2,72,659 महिला, 1,72,297 पुरुष तथा 2 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल थे। प्रथम पाली में सामान्य ज्ञान एवं भाषा विषय की परीक्षा तथा द्वितीय पाली में अभिरुचि परीक्षण एवं विषय योग्यता की परीक्षा आयोजित की गई। दोनों पालियों में लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। कासगंज और पीलीभीत में सर्वाधिक 95 प्रतिशत तथा गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 84 प्रतिशत उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निगरानी के लिए बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया, जहां से प्रदेश के सभी 1011 परीक्षा केन्द्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए लगभग 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और 5651 बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई थीं। परीक्षा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक, फिंगर प्रिंट आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन और रियल टाइम अटेंडेंस सिस्टम का उपयोग किया गया, जिससे केवल वास्तविक अभ्यर्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आधुनिक एआई सिस्टम के माध्यम से परीक्षा केन्द्रों के स्ट्रांग रूम, प्रवेश एवं निकास द्वारों तथा परीक्षा कक्षों की लगातार निगरानी की गई। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अनाधिकृत व्यक्ति की उपस्थिति पर तत्काल कंट्रोल रूम को अलर्ट प्राप्त हुआ और संबंधित केन्द्र से तुरंत संपर्क स्थापित कर स्थिति का सत्यापन किया गया। गोपनीय सामग्री के बॉक्स खोले जाने की सूचना भी सीधे कंट्रोल रूम में प्राप्त होती रही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली बार परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को और मजबूत बनाने के लिए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को जीपीएस आधारित बॉडी बॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए। इन कैमरों के माध्यम से प्रतिनिधियों की लाइव लोकेशन, परीक्षा केन्द्रों के निरीक्षण तथा गोपनीय सामग्री से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी कंट्रोल रूम से की गई। 29 और 30 मई को आयोजित बैठकों का भी सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय स्तर पर देखा गया। मंत्री ने बताया कि सभी परीक्षा केन्द्रों को VoIP (वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) आधारित संचार प्रणाली से जोड़ा गया था। इसके माध्यम से आयोजक विश्वविद्यालय और परीक्षा केन्द्रों के बीच सुरक्षित एवं त्वरित संवाद स्थापित किया गया। परीक्षा के दौरान प्राप्त विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक अलर्ट का रियल टाइम समाधान सुनिश्चित किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। पिछले वर्षों में प्रदेश ने भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 का सफल आयोजन इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में अब परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित, पारदर्शी, जवाबदेह और अभ्यर्थी हितैषी बन चुकी है। उन्होंने बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय, विश्वविद्यालय प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा परीक्षा आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में नवाचार और पारदर्शिता की इस प्रक्रिया को आगे भी निरंतर जारी रखेगी।

सूर्या चौहान केस: हत्या के बाद पुलिस कार्रवाई में मुख्य आरोपी ढेर

गाजियाबाद  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सूर्य चौहान की हत्या मामले ने जबरदस्त हलचल पैदा कर दी है। इस मामले में मुख्य आरोपी असद का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ का बकरीद से पहले का एक बयान खासी चर्चा में है। बकरीद के मौके पर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए थे। खुले में नमाज पढ़ने और सार्वजनिक स्थल पर पशुओं की कुर्बानी देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया था। सीएम योगी ने इससे पहले महिलाओं की सुरक्षा के मामले पर यमराज वाला बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बेटियों के साथ छेड़खानी और व्यापारियों के खिलाफ अपराध करने वालों को यह सोचना चाहिए कि अगले चौराहे पर यमराज इंतजार कर रहे होंगे। असद ने सीएम योगी की बात नहीं मानी। लगातार बढ़ी थी मांग सूर्या चौहान की हत्या के बाद से लगातार मामले में एक्शन की मांग हो रही थी। सूर्या की मां और भाई लगातार इस मामले में मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर की मांग कर रहे थे। इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने कांड के मुख्य आरोपी असद को ढेर कर दिया। 17 वर्षीय छात्र सूर्य प्रताप चौहान उर्फ सूर्या के हत्यारों पर लगातार एक्शन जारी है। गाजियाबाद पुलिस की ओर से असद पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 28 मई को 17 वर्षीय किशोर पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उसकी मौत हो गई थी। सूर्या की मौत के बाद से सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार के कड़े निर्देश के बाद भी हत्याकांड को अंजाम दिए जाने को लेकर चर्चा गरमाई। मामले में खोड़ा पुलिस पर भी सवाल खड़े हुए। हालांकि, मामले में सरकार की ओर से अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे। ऐसे में पुलिस लगातार एक्शन में दिखी। सीएम ने लगातार दिया हैं संदेश सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुंडे और माफियाओं को पिछले दिनों लगातार एक संदेश दिया है, अगर अपराध करोगे तो कार्रवाई के लिए भी तैयार रहना होगा। सीएम योगी ने लखनऊ से लेकर मऊ तक के कार्यक्रमों के दौरान साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में आज कोई बेटी की सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता है। प्रदेश में आज कोई व्यापारी से जबरन गुंडा टैक्स नहीं ले सकता है। प्रदेश में बेटियां नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। अगर कोई गुंडा बेटियों को छेड़ने का प्रयास करता है, तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने के लिए बैठे रहते हैं। यही बात उन्होंने अपराध करने वालों को भी कही थी। हालांकि, बकरीद के दिन सुनियोजित साजिश रचते हुए जिस प्रकार से असद ने अपने साथियों के साथ मिलकर सूर्या को मार डाला। यह एक प्रकार से सीएम योगी आदित्यनाथ की लगातार अपील को नजरअंदाज किए जाने के तौर पर देखा गया। अब इस मामले में योगी सरकार का सख्त एक्शन सामने आया है। असद के एनकाउंटर के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से सवाल खड़े किए जा रहे हैं। हालांकि, 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में आरोपी के एनकाउंटर के बाद पीड़ित परिवार संतोष जता रहा है। ब्रजेश पाठक का आया बयान सूर्या चौहान की हत्या मामले में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने सूर्या के हत्यारों को गिरफ्तार किया था। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मारा गया। डिप्टी सीएम ने कहा कि इस हत्याकांड और अपराध में शामिल हत्यारों एवं अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम योगी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। रीना भाटी ने भी बोला हमला सूर्या केस में खोड़ा नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष रीना भाटी ने कहा कि परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद थी। योगी सरकार ने कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बनाए रखा। यह एनकाउंटर एक कट्टरपंथी सोच वाले व्यक्ति के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर कोई भी ऐसी विचारधारा पर चलेगा, तो उसका भी यही हश्र होगा।  

फ्यूल सरचार्ज से महंगी हुई बिजली, बढ़कर आएगा बिल

 लखनऊ  बढ़ती महंगाई की मार से परेशान बिजली उपभोक्ताओं को जून में 10 प्रतिशत ज्यादा बिल भी देना होगा। भीषण गर्मी के चलते मई में कहीं अधिक बिजली का उपभोग होने से उपभोक्ताओं का वैसे ही जून में बढ़कर बिल आना था। अब बिजली कंपनियां मार्च माह के ईंधन अधिभार शुल्क(फ्यूल सरचार्ज) के लिए मई के बिल के साथ जून में सभी श्रेणियों के लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं से 1610 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूली भी करेंगी। इस संबंध में पावर कारपोरेशन ने आदेश जारी किया है। उपभोक्ताओं को जुलाई में भी जून के बिल के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। चूंकि विद्युत नियामक आयोग ने टैरिफ आदेश में विद्युत खरीद लागत 4.94 रुपये प्रति यूनिट अनुमोदित किया है और पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने 5.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद दिखाते हुए उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाला है, इसलिए विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मुख्य्मंत्री योगी आदित्यनाथ तथा ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से अधिभार शुल्क के तौर पर बिजली के बिल में की गई 10 प्रतिशत वृद्धि पर रोक लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा का कहना है कि बिजली कंपनियों ने विद्युत उत्पादन कंपनियों से दो वर्ष पुराने बकाए को जोड़ते हुए बिल तैयार कराया है। इसमें पुराने बकाए का 1400 करोड़ रुपये शामिल है। संबंधित आदेश में लिखा है कि अधिभार 20 प्रतिशत वसूला जाना चाहिए, जिससे यह लगता है कि जुलाई में भी उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार वसूलना जा सकता है। वर्मा ने आयोग से मांग की है कि ईंधन अधिभार वसूलने पर रोक लगे। उन्होंने कहा है कि मार्च में महंगी बिजली खरीदने की विस्तृत जांच हो। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51 हजार करोड़ रुपये सरप्लस निकल रहा है। ऐसे में ईंधन अधिभार बढ़ाने की स्थिति में उपभोक्ताओं पर भार डालने के बजाय उसे सरप्लस से ही समायोजित (एडजस्ट) किया जाए। उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालने के मामले को वह जल्द ही आयोग के समक्ष उठाएंगे। वह ईंधन अधिभार निर्धारण संबंधी नियमों में आवश्यक संशोधन की मांग करेंगे। उल्लेखनीय है कि मई में ईंधन अधिभार के एवज में 1.52 प्रतिशत बिजली का बिल कम हुआ था। इससे पहले अप्रैल में 2.14 प्रतिशत अधिक बिल देना पड़ा था।  

गोरखपुर में पर्यटन को नई उड़ान: रामगढ़ताल के बाद अब चिलुआताल तैयार

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक नया टूरिस्ट स्पॉट तैयार है। सीएम योगी आदित्यनाथ दो जून को इसका लोकार्पण करेंगे। गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए इसे एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, 20.39 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए चिलुआताल के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण के काम का लोकार्पण करेंगे। गोरखपुर के दक्षिणी छोर में रामगढ़ताल योगी सरकार द्वारा कराए गए कायाकल्प से गोरखपुर के टूरिज्म का हॉट स्पॉट बना हुआ है तो अब उत्तरी छोर पर चिलुआताल पर्यटकों को लुभा रहा है। चिलुआताल घाट के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा हो गया है। पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र प्रसाद यादव के मुताबिक चिलुआताल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 20 करोड़ 39 लाख रुपये की परियोजना को मूर्त रूप दिया गया है। उल्लेखनीय है कि चिलुआताल भी रामगढ़ताल की तरह दशकों से उपेक्षित पड़ा रहा। योगी सरकार ने पहले रामगढ़ताल का कायाकल्प कर उसे वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया तो अब चिलुआताल को संवारा गया है। कार्यदायी संस्था के रूप में यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से कराए गए कार्यों में 570 मीटर पाथवे निर्माण, घाट की सीढ़ियों का निर्माण, ताल किनारे रेलिंग, सोलर लाइट, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, बेंच, 400 मीटर एप्रोच रोड, 500 मीटर साइड वाल एवं नाली निर्माण, गेट के सुपर स्ट्रक्चर का कार्य, कैरेट बोल्डर और स्टोन पिचिंग, दुकान, टॉयलेट ब्लॉक का निर्माण आदि शामिल है। रामगढ़ताल के नौका विहार की तरफ विकसित होने से चिलुआताल की आभा निखरकर सामने आ रही है। लोग सुबह-शाम टहलने के लिए आना शुरू कर दिए हैं। सीएम योगी के विजन से विकसित चिलुआताल टूरिस्ट स्पॉट मनोरंजन के साथ रोजगार का केंद्र भी बनेगा। सात दुकानें यहां बनकर तैयार हो गईं हैं। घाट पर एक तरफ लोग सर्वाधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर मनोरंजन करेंगे वहीं लोग यहां लगी दुकानों पर जायके का आनंद भी ले सकेंगे। यही नहीं, चिलुआताल में भी रामगढ़ताल की तर्ज पर लोगों को बोटिंग करने की सुविधा मिलेगी।