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अंधेरे से उजाले की ओर: कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने जगाई नई उम्मीद

अंधेरे से उजाले की ओर- कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन ने भरी उम्मीद की रोशनी रायपुर, जब हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिल जाए, तो शारीरिक बाधाएं भी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकतीं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की कहानी आज सुशासन और संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बन चुकी है। विशेष पिछड़ी जनजाति से ताल्लुक रखने वाला यह दंपति दृष्टिबाधित है, लेकिन आज इनके चेहरे की मुस्कान सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्रतिबद्धता को बयां कर रही है। प्रधानमंत्री के हाथों मिली खुशियों की चाबी        कृष्णा और अनिता के परिवार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक मोड़ राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर आया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने हाथों से कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के घर की चाबी सौंपी। यह मात्र एक कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि वर्षों के अभाव और असुरक्षा के बाद मिला वह सम्मान था, जिसकी इस दंपति ने कल्पना की थी। अपनी मेहनत और शासकीय अनुदान के मेल से इन्होंने न केवल घर बनाया, बल्कि अपने भविष्य की सुरक्षित बुनियाद भी रखी। मनरेगा- आत्मनिर्भरता की नई इबारत       पक्के घर के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन के लिए महात्मा गांधी नरेगा (डळछत्म्ळ।) इस परिवार का सबसे बड़ा संबल बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता ने हार नहीं मानी। वे मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का कार्य करते हैं। वर्ष 2024-25 में 86 दिनों का रोजगार और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिनों का काम मिलने से उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कृष्णा और अनिता के लिए सुशासन का अर्थ केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का अवसर और भविष्य की एक नई किरण है। योजनाओं के सुरक्षा कवच और बदला जीवन        शासन की बहुआयामी योजनाओं ने इस परिवार के इर्द-गिर्द सुरक्षा का एक घेरा तैयार कर दिया है। अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन की उपलब्धता, आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी मिली, जिससे इलाज की चिंता खत्म हुई और दिव्यांग पेंशन के माध्यम से निरंतर वित्तीय सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा प्राप्त हुआ।          'अंधेरे से उजाले की ओर' कृष्णा और अनिता के जीवन में सुशासन  के सकारात्मक प्रभाव की एक प्रतीकात्मक कहानी है, जो दर्शाती है कि कैसे सरकारी योजनाएं, पारदर्शिता और जवाबदेही आम नागरिकों का जीवन बदल सकती हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

रायपुर : नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और सांसद विजय बघेल भी हुए शामिल रायपुर लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी। नगर पालिका बनेगा धमधा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की घोषणा  उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं।  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायकगण सर्वडोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सर्वसुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।

धमधा के विकास को मिलेगा नया रफ्तार, नगर पालिका गठन का ऐलान

रायपुर. लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री श्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षद एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।

“मेहनती युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त”, CGPSC आरोपी को HC से राहत नहीं

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि पेपर लीक करना मेहनत करने वाले युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। मामले की सुनवाई जस्टिस बिभु दत्त गुरु की सिंगल बेंच में हुई। सीजी पीएससी की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों की जांच सीबीआई कर रही है। इस मामले में रायपुर के शांति नगर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने चयन के बदले उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए तक की मांग की थी। मामले की जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था। प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को उत्कर्ष ने करीब 30-35 उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उसके जवाब दे दिए थे। मुख्य परीक्षा के समय भी मोबाइल से प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे उम्मीदवारों को याद कराया जाता था। मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने धारा 164 के तहत दिए बयान में बताया कि उत्कर्ष ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे। 8 मई 2022 को बुक की गई बस से उम्मीदवारों को बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के जरिए मुख्य परीक्षा की तैयारी करवाई गई। मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। प्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए हैं। बता दें कि CGPSC 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को हुई, जिसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सलेक्शन लिस्ट जारी की गई थी।

07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का होगा त्रिवेणी संगम

07 मई को ग्राम पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का त्रिवेणी संगम छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के अवसर पर ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति रायपुर  छत्तीसगढ़ की ग्राम पंचायतों में कल 07 मई को विकास और जन-सेवा का एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। सुशासन तिहार के तत्वावधान में राज्य भर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देना और धरातल पर मौजूद समस्याओं का तत्काल समाधान करना है। प्रमुख उद्देश्य एवं समाधान         इस अभियान के केंद्र में ग्रामीण हितग्राही हैं। आयोजन का मुख्य लक्ष्य मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा। पात्र हितग्राहियों को शासन की जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना। विकास के तीन मुख्य स्तंभ         रोजगार दिवस 7 मई को मनरेगा कार्यों की सघन समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। शासन का विशेष लक्ष्य स्वीकृत आवासों को आगामी 90 दिनों के भीतर पूर्ण कराना है। जल संरक्षण हेतु “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर विशेष चर्चा और कार्य होंगे, जिससे मत्स्य पालन या अन्य माध्यमों से आजीविका बढ़ सके। तकनीक और सहभागिता से सुशासन         अब योजनाओं की जानकारी हासिल करना और भी आसान होगा। सरकार क्यूआर (फत्) कोड आधारित सूचना प्रणाली को बढ़ावा दे रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजधानी क्षेत्र में होगा तेज विकास, छत्तीसगढ़ का स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र

स्टेट कैपिटल रीजन: छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा राजधानी क्षेत्र बनेगा आर्थिक शक्ति केंद्र, महानगरों की तर्ज पर होगा तेज विकास    आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति रायपुर छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन  (SCR) के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। रायपुर सहित दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को औपचारिक गति मिल गई है।             राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित समेकित विकास             स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के अंतर्गत विभिन्न शहरों को एकीकृत करते हुए क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा, जिससे अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित हो सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग संभव हो। मुख्यमंत्री की पहल से विकास को मिली नई गति              मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस ऐसे शहरी तंत्र के निर्माण पर है जहां बेहतर आवास, उच्च स्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों, साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिले तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास को आगे बढ़ाया जा सके। 2031 तक 50 लाख आबादी के लिए व्यापक तैयारी             अनुमान है कि वर्ष 2031 तक स्टेट कैपिटल रीजन की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इस संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा दीर्घकालीन योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इन योजनाओं में आधुनिक परिवहन प्रणाली का विकास, सड़कों और कनेक्टिविटी का विस्तार, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा स्मार्ट शहरी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे के लिए बजट में प्रावधान किया गया है, जिससे क्षेत्र में तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण करेगा समन्वित संचालन              स्टेट कैपिटल रीजन के प्रभावी विकास और प्रबंधन के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए केंद्रीय नियामक और समन्वयकारी संस्था के रूप में कार्य करेगा। यह प्राधिकरण दीर्घकालीन विकास योजनाएं तैयार करने, अधोसंरचना परियोजनाओं को लागू करने, निवेश को आकर्षित करने तथा विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी इसके सदस्य होंगे। साथ ही एक कार्यकारी समिति भी गठित की गई है, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगी। कानूनी आधार से विकास को मिली मजबूती               इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विधिक आधार प्रदान करने के लिए The Chhattisgarh Capital Region Development Authority Act, 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम प्राधिकरण की संरचना, शक्तियों, कार्यप्रणाली और वित्तीय अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित होती है। वित्तीय संसाधनों की सुदृढ़ व्यवस्था              राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए राजधानी क्षेत्र विकास निधि और पुनरावृत्ति निधि की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को विशेष उपकर लगाने, परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और अपना वार्षिक बजट तैयार करने का अधिकार भी दिया गया है। इससे विकास कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी। निवेश, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा             स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। इसके परिणामस्वरूप नए उद्योग स्थापित होंगे, सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह क्षेत्र भविष्य में राज्य का प्रमुख आर्थिक हब बनकर उभर सकता है। पहली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय            छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक विधानसभा में 11 मार्च 2026 को आयोजित हो चुकी है, जिसमें राजधानी क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर चर्चा की गई।             इसके साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय एवं वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति तथा प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही भूमि विकास और आवंटन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर भी सहमति बनी। प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपए के प्रावधान की जानकारी भी बैठक में दी गई। समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक पहल            राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र तेजी से एक बड़े शहरी समूह के रूप में विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्टेट कैपिटल रीजन की परिकल्पना इसी आवश्यकता का परिणाम है, जो भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।            स्टेट कैपिटल रीजन की पहल … Read more

पानी की समस्या पर CM साय ने लिया त्वरित एक्शन, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने आज सुबह नाला और ढोढ़ी के दूषित जल की मीडिया रिपोर्ट्स को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ जमीन पर सुनिश्चित करना है.

लेबर रजिस्ट्रेशन की झंझट खत्म, कारोबारियों को एक दिन में मिलेगा प्रमाणपत्र

रायपुर. छत्तीसगढ़ में व्यापार करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य के श्रम विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021’ में संशोधन का प्रस्ताव जारी किया है। नए नियम के लागू होने से दुकान मालिकों को 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलेगा। नई व्यवस्था में दुकानदारों को अपनी दुकान की ‘श्रम पहचान संख्या’ (लेबर रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यही नहीं यदि किसी दुकानदार को अपने पंजीकरण प्रमाण-पत्र में कोई बदलाव (जैसे- नियोजक या भागीदार का नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या कार्य का स्वरूप आदि) करना है, तो इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए मात्र 100 रुपये का संशोधन शुल्क तय किया गया है। आवेदन और शुल्क प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर ही नया संशोधित प्रमाण-पत्र भी ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा। श्रम विभाग के नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक दुकान और स्थापना के मालिक की यह जिम्मेदारी होगी कि वह पंजीकरण प्रमाण-पत्र को दुकान के नाम के साथ अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करे। इसे ऐसे स्थान पर लगाया जाना चाहिए, जहां से यह आसानी से देखा और पढ़ा जा सके। तो दुकानदार की होगी पूरी जिम्मेदारी चूंकि यह नई डिजिटल व्यवस्था पूरी तरह से स्वघोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) पर आधारित है, इसलिए विभाग ने कड़ा प्रावधान किया है। यदि आवेदन में दी गई कोई भी जानकारी, तथ्य या दस्तावेज झूठे, त्रुटिपूर्ण या भ्रामक पाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केवल दुकानदार की ही होगी। सरकार ने 30 दिनों के भीतर मांगे सुझाव राज्य शासन ने इस राजपत्र अधिसूचना का ड्राफ्ट जारी करते हुए आम जनता और इस नियम से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से आपत्तियां और सुझाव मंगाए गए हैं। अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 30 दिनों के भीतर उप सचिव, श्रम विभाग, मंत्रालय के कार्यालय में कार्यालयीन समय में अपने सुझाव या आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। तय समय में प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस तरह करना होगा आवेदन बताया गया है कि इसके लिए श्रम पहचान संख्या के लिए निर्धारित प्रारूप (फॉर्म-2) में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने के महज 24 घंटे के भीतर वेबपोर्टल के जरिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाएगा। यह प्रमाण- पत्र स्वघोषणा पर आधारित और पूरी तरह से सिस्टम-जनरेटेड होगा, जिसमें किसी भी अधिकारी के फिजिकल हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्यमंत्री साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल

मुख्यमंत्री  साय ने दूरभाष पर पद्मश्री फुलबासन यादव से की चर्चा, जाना हालचाल पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर फुलबासन यादव ने जताया संतोष, कहा- मिला पूरा सहयोग पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देश रायपुर पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर श्रीमती फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली।    मुख्यमंत्री  साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री  फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।

हारी सीटों पर कांग्रेस की रणनीति पर साव का तंज, कहा- “इस पार्टी का कुछ नहीं होना”

रायपुर. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से हारने वाली सीटों पर कांग्रेस ने फोकस करने वाले बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कुछ नहीं होना है. कांग्रेस के पास न नेतृत्व है, ना नीयत है. अर्बन नक्सल की तरह देश में भ्रम और अफवाह फैलाने का काम कर रही कांग्रेस पूरी तरह से एक्पोज हो चुकी है. जनता इनसे दूर जा चुकी है. इसका लाभ उन्हें नहीं होगा. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया से चर्चा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है. छत्तीसगढ़ में एक अच्छा वातावरण बना है, बस्तर विकास की ओर आगे बढ़ेगा, बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प पूरा होगा. वहीं कांग्रेस के गृहमंत्री शाह के उद्योगपतियों के लिए जमीन देखने आने वाले बयान पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अफवाह फैला रही है. वे इसी तरह का बयान देते हैं. जिससे लगता है कि कांग्रेस अर्बन नक्सल्स की तरह काम कर रही है. उन्हें बस्तर में पेयजल की समस्या, अस्पताल, सड़क निर्माण की चिंता नहीं है. 3 लाख 91 हजार आदिवासी भाइयों ने बस्तर ओलंपिक में अपना पंजीयन कराया, उन्हें इसकी चिंता नहीं है. देश की जनता ने कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकारा है. सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस जनता के बीच जाकर सरकार की खामियां गिनाए जाने पर उप मुख्यमंतमरी साव ने कहा कि लोगों ने कांग्रेस को अपने घर, अपने मन से निकाल दिया है, उसका कुछ होना नहीं है. वहीं पद्मश्री फूलबासन यादव के अपहरण की कोशिश पर साव ने कहा कि इस तरह की बात मैने भी सुनी है. प्रशासन संज्ञान लेगा. छत्तीसगढ़ का ये वातावरण नहीं है. वहीं कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश को अपराध का गढ़ बनाया. वे किस मुंह से ऐसी बातें बोलते हैं.