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शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री

विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायतामुख्यमंत्री 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित 100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया दोपहर का भोजन, आत्मीय संवाद कर जाना परिवार का हाल-चाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रज्ज्वलित किया ‘आशीर्वाद का दीया’ रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें – इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है। श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है। 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे – सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में … Read more

सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त

सेवा संकल्प अभियान: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से आत्मनिर्भरता की राह पर रानू कैवर्त बिहान से जुड़कर हुनर को बनाया कारोबार का आधार, सिलाई से किराना और मुर्गी पालन से हैचरी तक कई गतिविधियों से सालाना 2 से 3 लाख रुपये की आय रायपुर,   गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड की ग्राम पंचायत अंडी निवासी श्रीमती रानू कैवर्त की सफलता ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर श्रीमती रानू कैवर्त ने अपने हुनर, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़ा और आज उनकी वार्षिक आय लगभग 2 से 3 लाख रुपये तक पहुंच गई है। श्रीमती रानू कैवर्त शिव गुरु महिला स्व-सहायता समूह की सचिव हैं। बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का उपयोग करते हुए एक ही व्यवसाय पर निर्भर रहने के बजाय कई आजीविका गतिविधियों को अपनाया। सिलाई कार्य, कपड़ों की दुकान, किराना स्टोर, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी जैसे कार्यों को उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया। इन प्रयासों ने न केवल उनकी आय के स्रोतों में विस्तार किया, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया। आज श्रीमती रानू कैवर्त अपनी मेहनत और बहुआयामी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से सालाना लगभग 2 से 3 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लखपति दीदी’ संकल्प से महिलाओं को मिला नया अवसर श्रीमती रानू कैवर्त की सफलता को ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की उस व्यापक पहल से जोड़कर देखा जा सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को प्रमुखता दी है। केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल, उद्यमिता और संस्थागत ऋण तक पहुंच के लिए सहायता दी जाती है। लखपति दीदी पहल इसी मिशन का एक परिणाम है, जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों को टिकाऊ आधार पर कम से कम एक लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। केन्द्र सरकार के अनुसार जुलाई 2026 तक देशभर में 10.08 करोड़ ग्रामीण परिवारों को लगभग 92 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका था और 3.46 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी के रूप में सक्षम हुई थीं। छत्तीसगढ़ में भी लाखों महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत   2.79 लाख स्व-सहायता समूह सक्रिय थे और लगभग 29.78 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही थीं। यह व्यवस्था महिलाओं को केवल समूह से जोड़ने तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका और सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है। केन्द्र सरकार की ओर से समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड जैसी सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है, जिससे महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूंजी और संस्थागत सहयोग प्राप्त कर सकें। एक नहीं, कई आजीविका गतिविधियों से बढ़ी आय रानू कैवर्त की कहानी की खासियत यह है कि उन्होंने अपनी आय के लिए एक ही साधन पर निर्भर रहने के बजाय कई गतिविधियों को जोड़ा। सिलाई और कपड़ों की दुकान से लेकर किराना व्यवसाय, बटेर पालन, देशी मुर्गी पालन और हैचरी तक के कार्यों ने उनके लिए आय के अलग-अलग अवसर तैयार किए हैं। रानू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने का अवसर मिला। बिहान समूह से प्राप्त सहयोग और मार्गदर्शन का बेहतर उपयोग करते हुए उन्होंने अलग-अलग आजीविका गतिविधियां अपनाईं। उनके अनुसार, समूह से जुड़ने से उनमें अपने दम पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। महतारी वंदन योजना से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल श्रीमती रानू कैवर्त को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्राप्त होती है। उनके अनुसार नियमित आर्थिक सहायता से घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आत्मविश्वास मजबूत हुआ है। अपनी सफलता और आत्मनिर्भरता की दिशा में मिले अवसरों के लिए श्रीमती रानू कैवर्त ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। सेवा संकल्प अभियान में सामने आई आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी श्रीमती रानू कैवर्त की कहानी यह बताती है कि जब ग्रामीण महिलाओं को संगठन, मार्गदर्शन, वित्तीय एवं आजीविका संबंधी अवसर मिलते हैं और वे अपनी मेहनत व हुनर को व्यवसाय से जोड़ती हैं, तो परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आई यह कहानी केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन व्यवस्था, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प और राज्य में बिहान के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को मिल रहे सहयोग के बीच बने समन्वय की एक मिसाल है। रानू कैवर्त ने अपने हुनर और मेहनत को अवसर से जोड़कर आत्मनिर्भरता की राह बनाई है और अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

AI के क्षेत्र में नई उड़ान भरेगा छत्तीसगढ़, ₹500 करोड़ के मुख्यमंत्री AI मिशन से बदलेगा भविष्य

एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़ 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य                   रायपुर दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं। 500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन             भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे।           योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग           इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा। सुशासन एवं उद्योग          सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। AI सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24X7 सहायता प्रदान करने के लिए AI संचालित टूल का उपयोग किया जाता है। नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब          नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी (IIIT) नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर           नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा।  प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।        धनंजय राठौर        सयुक्त संचालक, जनसंपर्क

मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढ़ियों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ

मुक्ताकाशी मंच में सजेगी काव्य की महफिल, नामचीन कविगण करेंगे रचनाओं का पाठ सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर को होगा ‘भव्य काव्य संध्या’ का आयोजन, छत्तीसगढ़ के नामचीन कवियों के साथ लखनऊ और जबलपुर के रचनाकार भी देंगे प्रस्तुति रायपुर संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर 2026 को रायपुर के महंत घासीदास स्मारक परिसर स्थित मुक्ताकाशी मंच में ‘भव्य काव्य संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे से आयोजित इस विशेष काव्य संध्या में छत्तीसगढ़ के नामचीन कविगण अपनी बहुचर्चित रचनाओं की प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित रचनाकार भी अपनी साहित्यिक प्रस्तुतियों से काव्य संध्या की गरिमा बढ़ाएंगे। लखनऊ की श्रृंगार रस की कवयित्री सुश्री सोनी मिश्रा अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देंगी, वहीं जबलपुर के श्री विनोद नयन भी काव्य पाठ करेंगे। छत्तीसगढ़ के स्थानीय कवियों की सहभागिता के साथ यह आयोजन साहित्य और काव्य प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह काव्य संध्या साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक विशेष आयोजन है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण काव्य पाठ और साहित्यिक प्रस्तुतियों से सराबोर होगा, जहां श्रोताओं को विभिन्न रस और भावों से जुड़ी रचनाएं सुनने का अवसर मिलेगा। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन 18 सितंबर को शाम 7 बजे से महंत घासीदास स्मारक परिसर, रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में किया जाएगा। साहित्य एवं कविता प्रेमियों से इस काव्य संध्या में सहभागिता का आह्वान किया गया है। उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के तहत सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित ‘भव्य काव्य संध्या’ छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को मंच प्रदान करने का अवसर भी बनेगी।

लखपति दीदी भानुकला बैगा की सफलता को मंत्री ने सराहा, योजनाओं से बदली ग्रामीणों की जिंदगी

सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीणों के बीच पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल पीएम जनमन आवास के हितग्राहियों से की आत्मीय मुलाकात,  लखपति दीदी भानुकला बैगा की सफलता को सराहा जनकल्याणकारी योजनाओं से बदली जिंदगी, सेवा संकल्प अभियान में सामने आईं सफलता की कहानियां रायपुर,   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की समर्पित जनसेवा के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर हितग्राहियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत धनौली पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों से मुलाकात की और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मंत्री अग्रवाल ने पीएम जनमन आवास योजना के हितग्राही कार्तिक राम बैगा एवं धीरपाल सिंह बैगा के नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया। उन्होंने दोनों परिवारों से चर्चा कर आवास मिलने के बाद उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जाना। हितग्राहियों ने पक्का आवास मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया। सेवा संकल्प अभियान के दौरान ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने धीरपाल सिंह बैगा की पत्नी श्रीमती भानुकला बैगा की सफलता की कहानी भी जानी। श्रीमती भानुकला बैगा ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के महिला स्वसहायता समूह से जुड़ी हैं और बकरी पालन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। स्वसहायता समूह से जुड़कर निरंतर मेहनत और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के माध्यम से उन्होंने लखपति दीदी बनने की उपलब्धि हासिल की है। मंत्री अग्रवाल ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाओं का स्वसहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने श्रीमती भानुकला बैगा को आगे भी अपनी आजीविका गतिविधियों को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया। आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही से जाना योजना का लाभ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद की कड़ी में मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयुष्मान भारत योजना के हितग्राही नेमचंद गुर्जर से भी मुलाकात की। उन्होंने गुर्जर एवं उनके परिवार से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली और आयुष्मान भारत योजना से मिले लाभ के बारे में जाना। नेमचंद गुर्जर ने बताया कि उन्होंने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से उपचार का लाभ लिया है। उन्होंने रेबीज का टीकाकरण भी कराया है। मंत्री अग्रवाल ने योजना से मिले लाभ की जानकारी लेते हुए परिवार के स्वास्थ्य का हालचाल जाना। ग्रामीणों की आत्मीयता से अभिभूत हुए मंत्री अग्रवाल मुलाकात के दौरान गुर्जर परिवार ने मंत्री राजेश अग्रवाल का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें गरमा-गरम स्वादिष्ट भुट्टा खिलाया। ग्रामीण परिवार के इस सहज और आत्मीय आतिथ्य के लिए मंत्री अग्रवाल ने परिवार का धन्यवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों और मंत्री के बीच सहज संवाद का वातावरण बना रहा। मंत्री राजेश अग्रवाल ने ग्रामीणों से सेवा संकल्प अभियान में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने ग्रामीणों से ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाकर अभियान से जुड़ने और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लाभार्थी अपने अनुभव साझा कर दूसरे लोगों को भी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। सेवा संकल्प अभियान इसी जनभागीदारी और सेवा भावना को व्यापक बनाने का माध्यम है। इस अवसर पर विधायक प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, कलेक्टर विजय दयाराम के., जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल रमेन डेका से मंत्री टंकराम वर्मा ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल  रमेन डेका से मंत्री टंकराम वर्मा ने की सौजन्य भेंट रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंकराम वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

आशीर्वाद के दीये’ से रोशन होगा छत्तीसगढ़, सेवा संकल्प अभियान में जनभागीदारी

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान में हर घर जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’, सेवा और समर्पण के संकल्प से जगमगाएगा छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल का प्रदेशवासियों से आह्वान, 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, आभार और सकारात्मकता का दें संदेश रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से प्रदेशभर में सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने छत्तीसगढ़वासियों से आह्वान किया है कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाएं और सेवा, समर्पण, आभार एवं सकारात्मकता के इस सामूहिक संकल्प का हिस्सा बनें।           पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह आशा, सद्भाव, सकारात्मकता और सेवा की भावना का भी प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ के माध्यम से हम अपने परिवार और समाज में सेवा की भावना को और मजबूत करने का संकल्प ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम जब प्रदेश के घर-घर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होंगे, तब यह दृश्य जनभागीदारी की शक्ति और सामूहिक संकल्प की भावना का संदेश देगा।           उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल दीप जलाने की पहल तक सीमित न रखें, बल्कि इसे किसी जरूरतमंद की सहायता, बुजुर्गों के सम्मान, बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण अथवा समाज के लिए किए जाने वाले किसी सकारात्मक योगदान के संकल्प से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सेवा के लिए बड़े साधनों की नहीं, बल्कि संवेदनशील मन और सहयोग की भावना की आवश्यकता होती है। सेवा और समर्पण के 25 वर्ष, जनभागीदारी का नया संकल्प           ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी विभिन्न पहलें आयोजित की जाएंगी।           अभियान का उद्देश्य सेवा और समर्पण की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना तथा नागरिकों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार जनकल्याण के कार्यों में सहभागी बनाना है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी व्यापक भावना की शुरुआत का प्रतीक बनेगा। घर-घर का दीप बनेगा सेवा और सकारात्मकता का संदेश           मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि एक दीपक का प्रकाश भले ही छोटा हो, लेकिन जब लाखों दीप एक साथ प्रज्ज्वलित होते हैं तो वह सामूहिक ऊर्जा और एकता का बड़ा संदेश बन जाता है। इसी भावना के साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल में प्रदेश के प्रत्येक परिवार की सहभागिता महत्वपूर्ण है।           उन्होंने कहा कि 17 सितंबर की शाम 7 बजे जब गांवों, कस्बों और शहरों में घर-घर दीप जलेंगे, तो यह केवल रोशनी का उत्सव नहीं होगा, बल्कि सेवा के प्रति कृतज्ञता और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करने का सामूहिक अवसर होगा। यह दीप हमें प्रेरणा देगा कि हम अपने आसपास किसी एक व्यक्ति, परिवार या समुदाय के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपनी ओर से कुछ योगदान करें। सेवा को जीवन का संस्कार बनाने का आह्वान           पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में सेवा को सदैव जीवन-मूल्य के रूप में देखा गया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कोई विद्यार्थी अपनी प्रतिभा से, युवा अपने नवाचार से, महिला अपने अनुभव और सामुदायिक सहभागिता से, किसान जल एवं पर्यावरण संरक्षण से और कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज के लिए योगदान दे सकता है।           उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ पहल के माध्यम से हम अपने पूर्वजों, बुजुर्गों और समाज से मिले संस्कारों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए सेवा और संवेदनशीलता की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी ले सकते हैं। विभिन्न गतिविधियों से जुड़ेगा समाज का हर वर्ग           ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘आशीर्वाद का दीया’ के साथ विभिन्न सामाजिक एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के माध्यम से बच्चों और विद्यार्थियों को अपने सपनों के भारत की कल्पना को चित्र और भाषण के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा। ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से संगीत, नाटक और स्थानीय कला के जरिए सेवा एवं सामाजिक बदलाव की कहानियों को सामने लाया जाएगा।           ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय की सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित करने, ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की वास्तविक कहानियों को सामने लाने तथा ‘सेवा संकल्प यात्रा’ और ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के माध्यम से सेवा एवं जनभागीदारी का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।           इसी प्रकार ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी पहलें समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी क्षमता और रचनात्मकता के साथ अभियान से जोड़ेंगी। हर परिवार बने सेवा संकल्प का सहभागी           मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ किसी एक व्यक्ति, संस्था या विभाग का अभियान नहीं है। इसकी सफलता प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे 17 सितंबर की शाम 7 बजे अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएं और अपने परिवार के साथ सेवा का एक संकल्प भी लें।           उन्होंने कहा कि यह संकल्प किसी जरूरतमंद की सहायता करने, किसी बुजुर्ग का सम्मान करने, किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करने, पौधा लगाने, जल … Read more

सेवा संकल्प अभियान: रायगढ़ में 5 लाख दीपों से रोशन होगा शहर, 17 सितंबर से आगाज

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ में जलेंगे 5 लाख दीप 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ से होगी अभियान की शुरुआत सिंदूर पार्क में 40 हजार से अधिक दीपों से जगमगाएगा रायगढ़ वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य कार्यक्रम में होंगे शामिल रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत रायगढ़ जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिले में 17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ के साथ अभियान की शुरुआत होगी। इस अवसर पर जिले में 5 लाख दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। रायगढ़ शहर के सिंदूर पार्क में शाम 7 बजे 40 हजार से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी इस मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। ‘आशीर्वाद का दीया’ जनभागीदारी, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति विश्वास का प्रतीक होगा। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही सहित जिलेवासी अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित करेंगे। नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी अधिक से अधिक घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार एवं शुभकामनाओं के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का संदेश देगी। योजनाओं की जानकारी से लेकर सेवा गतिविधियों तक जनभागीदारी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के दौरान राज्य, जिला, विकासखंड, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाना, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना तथा सेवा गतिविधियों में आमजन की भागीदारी बढ़ाना है। बच्चों और युवाओं की सहभागिता से ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं से आए सकारात्मक बदलावों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर होंगी। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण एवं सामुदायिक सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं ‘कहानी बदलाव की’ के तहत योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की प्रेरक अनुभव एवं सफलता की कहानियां साझा की जाएंगी। रक्तदान, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण पर रहेगा जोर अभियान के दौरान रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, योग एवं ध्यान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग तथा कैरियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प और नशामुक्ति जागरूकता को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, जल स्रोतों की सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कंपोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीरगाथा एवं सैनिकों का सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल तथा सहकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से मजबूत होगा नागरिकों और शासन के बीच संवाद सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘जल-जन सेवा संकल्प’, ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इन पहलों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के साथ ही आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने के लिए विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’ से शुरू होने वाला यह अभियान सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

सरिया में विकास कार्यों की प्रगति पर मंथन, ओपी चौधरी ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

रायपुर : सरिया क्षेत्र में विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की हुई समीक्षा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों के क्रियान्वयन तथा निर्धारित समय-सीमा में उन्हें पूर्ण करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की सतत निगरानी करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की बात कही। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह शासन की प्राथमिकता है। विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग से कार्यों में गति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।