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CM साय का जमीनी जुड़ाव: चंदागढ़ में निर्माणाधीन घर में ईंट जोड़कर दिया प्रेरणा संदेश

रायपुर. सुशासन तिहार 2026 के तहत सीएम विष्णुदेव साय के प्रदेशव्यापी दौरे की शुरुआत हो चुकी है. अभियान के पहले दिन सीएम साय का हेलीकॉप्टर जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में उतरा. प्रदेश के मुखिया के आगमन पर ग्रामीणों में खुशी का माहौल बन गया. उन्होंने गमछा पहनाकर स्वागत किया. इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल उपस्थित रहे.  जनसेवा का संदेश, श्रमदान का उदाहरण  चंदागढ़ में उस वक्त मुख्यमंत्री साय की सामने आई जब, उन्होंने पीएम आवास योजना के हितग्राही के निर्माणाधीन घर में स्वंय सिमेंट लगाकर ईंट जोड़ी और हौसला बढ़ाया. वहीं उन्होंने जनता के साथ फोटो भी खिंचवाई. सुशासन का अर्थ केवल व्यवस्था नहीं : सीएम साय सीएम साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि हर नागरिक तक समयबद्ध समाधान पहुंचाना है. त्वरित कार्रवाई और त्वरित निदान के संकल्प के साथ सरकार जनविश्वास को और मजबूत कर रही है. पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रदेश सरकार निरंतर ऐसे निर्णय और प्रयास कर रही है, जो सीधे नागरिकों के जीवन को सरल, सुगम और सशक्त बनाते हैं. ‘सुशासन तिहार’ इसी सोच का सशक्त प्रतिबिंब है. एक ऐसा जनआंदोलन, जो जनभागीदारी को बढ़ाते हुए विकास को नई गति और दिशा दे रहा है, तथा शासन और जनता के बीच विश्वास को और प्रगाढ़ बना रहा है. 1 मई से 10 जून तक सुशासन तिहार सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी. पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी. शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं.

औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं

छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं  रायपुर छत्तीसगढ़ के वनांचल की गोद में छिपी अमूल्य औषधि संपदा अब केवल स्वास्थ्य का आधार नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का नया अध्याय बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की जिस परिकल्पना को साकार कर रही है, उसे वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और  छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में धरातल पर उतार रहा है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक पहचान          वनांचल में बिखरे पारंपरिक ज्ञान को महज एक स्मृति न रहने देने के संकल्प के साथ बोर्ड ने इसे वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ने का निर्णय लिया है। इसके तहत उन स्थानीय वैद्यों और जानकारों का चिन्हांकन शुरू किया गया है, जिनके पास असाध्य रोगों के उपचार का अद्भुत ज्ञान है। बोर्ड का प्रयास इन महिलाओं को एक उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिले और वे स्वयं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकें। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस विरासत का सम्मान है जिसे ग्रामीण महिलाओं ने सदियों से सहेजकर रखा है। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक जड़ी-बूटी और जनजातीय ज्ञान को अब आधुनिक विज्ञान के माध्यम से नई पहचान मिल रही है। राज्य के वनों में छिपे औषधीय खजाने को वैज्ञानिक आधार पर प्रमाणित कर, उसे आजीविका के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। संग्रहण से प्रसंस्करण तक- उद्यमिता की नई उड़ान          आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव तब दिखाई दे रहा है, जब जड़ी-बूटियों का संग्रहण करने वाली महिलाएं अब संग्राहक से आगे बढ़कर निर्माता की भूमिका में नजर आ रही हैं। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, महिला स्व-सहायता समूहों को औषधि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के उन्नत गुर सिखाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल औषधीय पौधों का संरक्षण कर रही है, बल्कि वनवासियों और लघु वन उपज संग्राहकों की आय में वृद्धि करके उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक सक्रिय वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और जड़ी-बूटियों के विपणन के लिए छत्तीसगढ़ जनजातीय स्थानीय स्वास्थ्य परंपराएं और औषधीय पादप बोर्ड सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह संस्था हर्बल उत्पादों की खेती, मूल्य संवर्धन, और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करती है। मूल्य संवर्धन (वेल्यू एडिशन)         छत्तीसगढ़ में जड़ी-बूटी मूल्य संवर्धन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से राज्य के समृद्ध वन संसाधनों को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित (प्रोसेस) करके उनके आर्थिक मूल्य को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार 'छत्तीसगढ़ हर्बल्स' ब्रांड के तहत इन उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। जब ये महिलाएं वनों से प्राप्त कच्ची सामग्री को साफ कर, सुखाकर उसे चूर्ण, अर्क या तेल के रूप में परिवर्तित करती हैं, तो उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। इस मूल्य संवर्धन का सीधा आर्थिक लाभ उनके बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे बिचौलियों का वर्चस्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। 65 से अधिक लघु वन उपज प्रजातियों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी और उनका प्रसंस्करण किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख हर्बल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम है। छत्तीसगढ़ हर्बल्स को वैश्विक पहचान                   छत्तीसगढ़, जिसे 'जड़ीबूटि गढ़' भी कहा जाता है, अपने घने जंगलों, विशेषकर बस्तर में 160 से अधिक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक खजाना है। यहाँ की मिट्टी में अश्वगंधा, सर्पगंधा, गोक्षुरा (गोखरू), कुटकी और तिखुर जैसी औषधियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। बाजार की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए बोर्ड ने विपणन (मार्केटिंग) तंत्र को पारदर्शी बनाया है। प्रदेश के छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड को सशक्त करने के लिए प्रदर्शनियों और रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से इन उत्पादों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'व्होकल फार लोकल' और मुख्यमंत्री के 'लखपति दीदी' अभियान को सफल बनाने में यह रणनीति संजीवनी का कार्य कर रही है। नर्सरी प्रबंधन और स्थानीय रोजगार         जड़ी बूटियों को किचिन गार्डन, होम गार्डन में खिड़की, बालकनी, टेरिस पर गमलों, या अन्य कंटेनरों में कभी भी उगाया जा सकता है। कंटेनर गार्डनिंग या ग्रो बैग में जड़ी-बूटियां उगाने का एक फायदा यह भी है कि जड़ी-बूटी को उसकी जरूरत के आधार पर मिट्टी, पोषक तत्व, सूर्य प्रकाश और नमी के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है तथा गमलों में उगाई गई प्रत्येक जड़ी-बूटी (हर्बल) को उसकी आदर्श स्थितियां दे सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से औषधीय पौधों की 'मदर नर्सरी' विकसित करने की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपी जा रही है। इससे दुर्लभ जड़ी-बूटियों की प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए बारहमासी रोजगार के द्वार खुल गए हैं, जिससे वनांचल से होने वाले पलायन पर भी अंकुश लगा है। समृद्ध नारी, सशक्त छत्तीसगढ़        राज्य शासन का यह समेकित दृष्टिकोण इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड केवल एक प्रशासक की नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। सामूहिक नेतृत्व और संस्थागत सुधारों पर जोर देने से आज छत्तीसगढ़ की बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वनांचल की महिलाओं के चेहरे पर उपजी मुस्कान एक समृद्ध और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ की सच्ची तस्वीर पेश कर रही है।       धनंजय राठौर        संयुक्त  संचालक        अशोक कुमार चंद्रवंशी सहायक जनसंपर्क अधिकारी

वीर सपूतों को आखिरी सलाम: IED ब्लास्ट में शहीद 4 जवान, गम में डूबा गांव

कांकेर छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों को नारायणपुर पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई। कैसे हुआ था हादसा ? बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है।

99% लाने वाली अंशुल को मिला खास सम्मान: डिप्टी सीएम के गिफ्ट से खुशी का ठिकाना नहीं

लोरमी. छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं परीक्षा में 99 प्रतिशत लाकर टॉप करने वाले अंशुल को आज डिप्टी सीएम अरुण साव से खास उपहार मिला. डिप्टी सीएम शनिवार को अंशुल के घर पहुंचे. परिजनों ने उनका फूल भेंटकर स्वागत किया. डिप्टी सीएम ने अंशुल को मिठाई के साथ खास गिफ्ट देते हुए बधाई दी. साथ ही मेहनत और लगन से आगे भी नई उंचाइयों को छूने की शुभकामनाएं दी. दरअसल, बिलासपुर दौरे के बीच डिप्टी सीएम अरुण साव सीजीबीएसई  के 10वीं कक्षा के टॉपर अंशुल के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बधाई देते हुए मिठाई खिलाई. साथ ही अंशुल को खास तोहफा भी दिया. अब वायरल हो रहे वीडियो में टॉपर अंशुल अपने खास गिफ्ट को परिवार के साथ खोलते नजर आ रहा है. जैसे ही गिफ्ट का रैपर खुलता है, अंशुल की खुशी का ठिकाना नहीं रहता. वीडियो में दिख रहा उसका रिएक्शन ही सब बयां कर रहा है. अंशुल के चेहरे की मुस्कान ने यह बता दिया कि एक छात्र के लिए बड़े जनप्रतिनिधियों से मिलने वाला प्रोत्साहन कितना मायने रखता है. इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा में 3 टॉपर गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 29 मार्च को 10वीं और 12वीं बोर्ड के परिणाम घोषित किया. इस बार 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 3 टॉपर बने. महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 594 नंबर के साथ बाजी मारी है. इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलोदा की परीरानी प्रधान शामिल हैं. इसके अलावा मुंगेली के अंशुल शर्मा भी टॉपर रहे. इन तीनों ने ही 99.00% अंक प्राप्त किए हैं. 42 स्टूडेंट्स ने मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है. इनमें से टॉप-10 में 8 छात्राएं शामिल है. हाई स्कूल परीक्षा की मुख्य परीक्षा 21 फरवरी 2026 से 13 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 3,20,535 छात्र शामिल हुए. इनमें 1,42,881 बालक और 1,77,654 बालिकाएं शामिल हैं. प्रदेशभर में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. वहीं हायर सेकेंडरी परीक्षा की मुख्य परीक्षा 20 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक आयोजित हुई, जिसमें कुल 2,45,785 छात्र शामिल हुए. इनमें 1,02,975 बालक और 1,42,810 बालिकाएं शामिल हैं. इस परीक्षा के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए थे.

रायपुर में IPL का रोमांच, आज से मिलेंगी मैच की टिकटें

रायपुर क्रिकेटर लवर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है. रायपुर के शहीद वीर नारायण अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में इस साल दो आईपीएल मैच होने वाले हैं. पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाला है. इस मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री आज से https://shop.royalchallengers.com/ticket पर शुरू होने वाली है. आरबीसी ऑफिशियल्स की ओर से बताया गया कि टिकट केवल आधिकारिक आरसीबी वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध हैं. अनौपचारिक प्लेटफॉर्म या वेबसाइटों को टिकट बेचने का दावा करने वाले लोगों से बचने, आधिकारिक वेबसाइट और ऐप पर निर्भर रहने की सलाह दी गई है. एम-टिकट विवरण एम-टिकट में महत्वपूर्ण विवरण जैसे प्रवेश द्वार, आंतरिक द्वार, स्टैंड, पंक्ति और सीट नंबर शामिल होंगे. स्टेडियम के प्रवेश द्वार को खोजने के लिए, स्टेडियम मैप और स्टैंड इंडेक को देख सकते हैं. वहीं बाहर आने के लिए उन्हें इंतजार नहीं करना चाहिए. मैप में स्टैंड नाम, पार्किंग जोन, रैंप, द्वार, मेडिकल कमांड सेंटर और एम्बुलेंस स्थान शामिल हैं, जो आपको आसानी से नेविगेट करने में मदद करेंगे. स्टेडियम पहुंचने से पहले अपने स्टैंड और संबंधित प्रवेश द्वार के डिटेल्स की जांच कर लें.   बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा. दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे. अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी. टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी. मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है. 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे।

शानदार उपलब्धि: वंदना शिशु शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास

शानदार उपलब्धि: वंदना शिशु शिक्षा निकेतन के विद्यार्थियों ने रचा सफलता का नया इतिहास मनेन्द्रगढ़/एमसीबी वनांचल क्षेत्र जनकपुर स्थित वंदना शिशु शिक्षा निकेतन इंग्लिश हायर सेकेंडरी स्कूल का इस वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहद उत्कृष्ट और प्रशंसनीय रहा। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। कक्षा 12वीं में नव्या गुप्ता ने 87% अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, वहीं अविनाश सोनी और गौरव कुशवाहा ने 73-73%, सिम्मी पांडे ने 72% और स्वाति गुप्ता ने 71% अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी तरह कक्षा 10वीं में राजेश यादव ने 80% अंक लाकर विद्यालय का नाम रोशन किया, जबकि शैलेन्द्र अहिरवार (70%) और मीनाक्षी सिंह (65%) ने भी सराहनीय सफलता हासिल की। विशेष उल्लेखनीय बात यह रही कि इस वर्ष प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक रही, जो विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण और शिक्षकों के समर्पण को दर्शाता है। विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती नीरजा सिंह ने विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को इस सफलता का प्रमुख आधार बताया। अभिभावकों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए इस शानदार परिणाम पर हर्ष व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व आयोजित आंतरिक परीक्षाओं में भी शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया था, जिसमें सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा शिक्षकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। कुल मिलाकर, यह परिणाम न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी विधायक धरमजीत सिंह बोले— “श्रमिक का पसीना राष्ट्र निर्माण की नींव”; साइडिंग को पूर्ण क्षमता से शुरू करने का ऐलान बिलासपुर  अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर उसलापुर गुड्स शेड वेलफेयर ट्रक ओनर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘श्रमोत्सव’ ने बिलासपुर के औद्योगिक परिदृश्य में नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर हजारों श्रमिकों, ड्राइवरों और ट्रक मालिकों की उपस्थिति के बीच तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने वर्ष 2013 से बंद पड़े उसलापुर गुड्स शेड को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की घोषणा की। विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने कहा कि उसलापुर रेलवे साइडिंग केवल एक लोडिंग पॉइंट नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक धुरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर शेड निर्माण, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। संरक्षक नरेश अग्रवाल ने श्रमिक एकता की ताकत पर बल देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है—अधिकार संघर्ष से ही प्राप्त होते हैं। अध्यक्ष ईश्वर सिंह चंदेल ने श्रमिकों को “रेलवे सैनिक” बताते हुए अनिवार्य दुर्घटना बीमा और ईएसआई जैसी सुविधाओं की मांग रखी। नेता जीत सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे संघर्ष का परिणाम है और अंतिम श्रमिक तक लाभ पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। एकता और भाईचारे का संदेश हाजी सैयद राशिद अली ने कहा कि श्रमिक का पसीना धर्म से परे होता है और यही एकता क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इम्तियाज अली (राजू नाज) ने श्रमिक एकजुटता को शोषण के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताते हुए हर संघर्ष में साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विकास की रूपरेखा सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) सदस्य डॉ. दीपक जायसवाल ने EPF और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पार्षद प्रतिनिधि संजय सिंह ने क्षेत्र में सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम में अशोक श्रीवास्तव, इस्माइल भाई, राजू खान, डब्लू राना, राजू बाली, मिर्जा आरिफ बेग, शशिम खान, मंजीत सिंह, रामकिशोर यादव ‘उक्कू’, हाजी मो. अकबर बक्शी, सरदार परमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजेश टंडन, बिहारी लाल, राजेंद्र कौशिक, सलाम अली, धीरज यादव, सलीम भाई, महावीर सिंह, गुड्डू झा, अजयपाल सिंह, पंकज सिंह, रामसिंह यादव, संतोष कौशिक, महेन्द्र सिंह छाबड़ा, विशाल मरावी, अजय अग्रवाल और बंटी छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कलम की आज़ादी ही लोकतंत्र की मजबूती : विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर अधिवक्ता संजय गुप्ता का संदेश

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिवक्ता संजय गुप्ता ने क्षेत्र के सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक सशक्त और आधारभूत स्तंभ है, जो समाज को सही दिशा देने के साथ-साथ सत्य को उजागर करने और आमजन तक सटीक जानकारी पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत अहम होती है। पत्रकार न केवल समाज की समस्याओं को उजागर करते हैं, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी जनजागरूकता लाने का कार्य करते हैं। यही कारण है कि पत्रकारिता को राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। अधिवक्ता संजय गुप्ता ने आगे कहा कि आज के दौर में पत्रकारों के समक्ष कई चुनौतियाँ हैं, बावजूद इसके वे निर्भीकता और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।अंत में उन्होंने कहा कि "कलम की आज़ादी ही लोकतंत्र की मजबूती है", और इसी भावना के साथ हमें पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखते हुए समाज और देश के हित में कार्य करना चाहिए।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: 10 तारीख को प्रयास स्कूल प्रवेश परीक्षा, जगदलपुर तैयार

जगदलपुर. जगदलपुर में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर सामने आया है. प्रयास आवासीय विद्यालय में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है. कक्षा 9वीं में दाखिले के लिए 10 मई को परीक्षा आयोजित होगी. यह योजना मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित है. विद्यालय में 9वीं से 12वीं तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है. साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. छात्रों को आवासीय सुविधा और विशेष प्रशिक्षण का लाभ मिलता है. ग्रामीण और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है. प्रवेश के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में यह पहल अहम है. विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाता है. अभिभावकों और छात्रों में इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है.

देश के 4 सपूत शहीद: अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, हर आंख हुई नम

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। DRG की टीम जब छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी, तभी यह हादसा हुआ। आज उन चार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नारायणपुर पुलिस लाइन में किया गया। वीर सपूतों को जब अंतिम विदाई दी गई, तो माहौल गमगीन हो उठा। कैसे हुआ था हादसा ? बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से बस्तर में नक्सल चुनौती को उजागर किया है। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, लेकिन वीर सपूतों इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले और परमानंद कोर्रम की शहादत ने हर दिल में देशभक्ति और सम्मान की भावना को और मजबूत कर दिया है।