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BSP क्वार्टर पर सख्ती: सरकारी अफसरों को हटाने के लिए मंत्रालय ने दिए निर्देश

भिलाई नगर. बीएसपी आवासों में, खासकर बड़े आवासों में केन्द्र और राज्य सरकार के बड़े अफसर लंबे समय से जमे हुए हैं। तत्संबंध में की गई शिकायतों को इस्पात मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। इस्पात मंत्रालय ने बीएसपी मैनेजमेंट से कहा है कि सरकारी अफसरों से आवास खाली कराने की कार्रवाई करें, कम्पनी आवास आवंटित करने की प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद करें। ज्ञात हो कि सेक्टर 9, सेक्टर 10 सहित अन्य सेक्टरों के बीएसपी आवासों में केन्द्र और खासकर राज्य के सरकारी अफसर बड़ी संख्या में जमे हुए हैं। इनमें आईएएस और आईपीएस सहित अन्य अफसर शामिल हैं। सेक्टर 9 के बड़े आवास तो ज्यादातर सरकारी अफसरों के कब्जे में ही हैं। इनमें से कई अफसर वर्षों पूर्व रिटायर हो चुके हैं या कई का तबादला हो चुका है, बावजूद अपने रुतबे के बल पर आवासों में कब्जा जमाए में हुए हैं। बीएसपी आवासों सरकारी अफसरों के बड़ीसंख्या में कब्जा जमाये रखने की शिकायत केन्द्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात सचिव पहुंची तक है। बीएसपी आफिस स एसोसिएशन ने तो बाकायदा उनके खिलाफ मुहिम ही छेड़ रखा है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकारी अफसरों ने बड़े आवासों में बड़ी संख्या में कब्जा जमा रखा है इसके चलते बीएसपी के अफसरों को बड़े आवास नहीं मिल रहे हैं। इस्पात मंत्रालय के दबाव के बाद बीएसपी मैनेजमेंट अब सरकारी अफसरों द्वारा कब्जा जमाकर रखे गए आवासों को खाली कराने की कार्रवाई की जा सकती है। मैनेजमेंट ऐसे अफसरों की सूची राज्य सरकार को भेजकर भी उनसे आवास खाली कराने का अनुरोध कर सकता है। असल में राज्य के कई बड़े अफसर बीएसपी के बड़े आवासों का इस्तेमाल फार्म हाउस की तरह कर रहे हैं। इन अफसरों के पास राजधानी में भी आवास आवंटित है और वे सप्ताहांत में बीएसपी आवासों में आकर मात्र एक दो दिनों के लिए आते हैं। यह आवास खाली होने पर बीएसपी के बड़े अफसरों को आवंटित किए जा सकेंगे। जरूरी मामलों को सेल बोर्ड में रखें इस्पात मंत्रालय ने बीएसपी आवासों में सरकारी अफसरों के कब्जा जमाए रखने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। मंत्रालय की ओर से रिव्यू मीटिंग में राज्य और केन्द्र सरकार के अफसरों को कम्पनी आवास आवंटित करने की मौजदा प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद करने कहा गया।

PMGSY फेज-04 का शिलान्यास: एमसीबी जिले को 56 सड़कों की ऐतिहासिक सौगात, गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार

PMGSY फेज-04 का शिलान्यास: एमसीबी जिले को 56 सड़कों की ऐतिहासिक सौगात, गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया, जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) 2025-26 के तहत सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया गया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (SAGES) ऑडिटोरियम, मनेन्द्रगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। 2,225 करोड़ की लागत से 774 सड़कों को मंजूरी राज्यभर में कुल 774 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 2,426.875 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं के लिए 2,225.44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई दिशा मिलेगी। एमसीबी जिले को 56 सड़कों का बड़ा तोहफा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लिए यह योजना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। जिले में 56 सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिन पर 23,667.83 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनकी कुल लंबाई 264.63 किलोमीटर होगी, जिससे सुदूर गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। विकासखंडवार सड़कों का विवरण भरतपुर: 1 सड़क (2.00 किमी) – 180 लाख रुपये मनेन्द्रगढ़: 32 सड़कें (144.57 किमी) – 13,013.88 लाख रुपये खड़गवां: 23 सड़कें (118.06 किमी) – 10,473.95 लाख रुपये गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री का संदेश: “सड़क ही गांवों के विकास की रीढ़” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के दूरदराज गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “भारत गांवों का देश है और विकास की असली नींव गांवों में ही है। बिना सड़क के विकास की कल्पना अधूरी है।” साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योजना को नई गति मिलने की बात भी कही।

स्कूलों की मनमानी पर लगाम: निजी संस्थानों की जांच करेगा पांच सदस्यीय पैनल

दुर्ग. जिले में संचालित निजी स्कूलों द्वारा मनमानी किए जाने का आरोप लगा है। जिला शिक्षा विभाग को विभिन्न माध्यमों से इसकी शिकायत प्राप्त हुई है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। आरोप में कहा गया है कि कई निजी स्कूलों द्वारा गणवेश में परिवर्तन, पाठ्य पुस्तक को एक ही दुकान से क्रय करने बाध्य करना, पाठ्य पुस्तक बदलना सहित मनमाने ढंग से फीस वृद्धि की गई है। इसे लेकर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त निजी स्कूलों संबंधी शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा कार्यवाही करते हुए सर्व नोडल प्राचार्यों, शासकीय हाईस्कूल / हायर सेकेण्डरी जिला दुर्ग को 7 अप्रैल 2026 को सभी अशासकीय विद्यालयों से प्रतिवेदन मांगा गया। प्रतिवेदन प्राप्त होने उपरांत शिकायतों का निराकरण करने समिति का गठन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच दल में जे. पी. पाण्डेय, प्राचार्य, सेजेस पाहुंदा पाटन, राजेन्द्र चन्द्राकर, व्याख्याता, सेजेस बोरसी दुर्ग, सुनील कश्यप, व्याख्याता, शा.उ.मा.वि. कन्या भिलाई 03 पाटन, संदेश पाण्डेय, व्याख्याता, सेजेस मर्रा पाटन, सुमीत नायडु, सहायक ग्रेड 02, शा.क.उ.मा.वि. वैशालीनगर, भिलाई शामिल है। सर्व पालक निजी विद्यालय अपना साक्ष्य सहित बयान दर्ज कराने हेतु कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग में जांच समिति के 20 अप्रैल तक उपस्थित होने कहा गया है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बजरंग दल व जिला अध्यक्ष, भीम आर्मी भारत एकता मिशन छग को अपना पक्ष जांच समिति के समक्ष साक्ष्य सहित प्रस्तुत करने कहा गया है। इन्हें डीईओ कार्यालय में जांच समिति के समक्ष 18 अप्रैल को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक उपस्थित होने कहा गया है।

खनिजो के अवैध परिवहन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, 02 हाइवा व 03 ट्रैक्टर ट्राली जप्त

बिलासपुर कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार एंव उप संचालक के मार्गदर्शन मे जिला बिलासपुर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एंव भण्डारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।  खनिज अमला बिलासपुर द्वारा सकरी, गनियारी, तुरकाडीह, कोनी, मस्तूरी, पचपेड़ी, जोंधरा, गोपालपुर, कुकुरदिकला, भिलोनी, मानिकचौरी क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान सकरी क्षेत्र में खनिज गिट्टी का परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। पचपेड़ी क्षेत्र में खनिज ईट मिट्टी का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया। गोपालपुर क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। जोंधरा क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली वाहन को जप्त किया गया।मानिकचौरी क्षेत्र से खनिज रेत का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर ट्राली को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 05 वाहनों को पुलिस थाना सकरी व पचपेड़ी कि अभिरक्षा में रखा गया है। खनिजों के  अवैध उत्खनन,परिवहन, और भण्डारण पर खनिज विभाग,राजस्व विभाग व पुलिस विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है।

70 ट्रैक्टर अवैध डंप रेत जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई

70 ट्रैक्टर अवैध डंप रेत जब्त, कलेक्टर के निर्देश पर सख्त कार्रवाई अवैध खनन करते रंगे हाथ पकड़ाया जेसीबी और हाइवा बिलासपुर कलेक्टर  संजय अग्रवाल के सख्त निर्देशों के पालन में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ जिले में बड़ी कार्रवाई की गई। एसडीएम तखतपुर के मार्गदर्शन में आज सुबह ग्राम निरतु के घाट पर राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश दी।कार्रवाई के दौरान मौके पर अवैध रूप से रेत उत्खनन एवं परिवहन करते हुए एक जेसीबी और हाइवा को रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों वाहनों को तत्काल जब्त कर थाना कोनी के सुपुर्द किया गया। इस दौरान टीम ने ग्राम निरतु में अवैध रूप से डंप की गई रेत पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 70 ट्रैक्टर रेत को जब्त किया। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी  है कि अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

कानून का कड़ा शिकंजा: बस्तर में बाल विवाह मामले में 5 आरोपी, दोनों पक्षों पर FIR

बस्तर. बस्तर जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन ने पहली बार कड़ा रुख अपनाया है. नगर कोतवाली में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई. मामला जगदलपुर ब्लॉक के 21 मार्च 2026 को हुए विवाह समारोह से जुड़ा है. शुरुआत में यह सामान्य शादी लगी, लेकिन शिकायत के बाद जांच शुरू हुई. जांच में सामने आया कि वधु की उम्र 18 वर्ष से कम थी. सत्यापन के बाद बाल संरक्षण विभाग ने तत्काल कानूनी कार्रवाई की. वर और वधु पक्ष के कुल 5 लोगों को आरोपी बनाया गया है. जिले में चार वर्षों में 15 मामले सामने आने की जानकारी मिली है. पहले ऐसे मामलों में समझाइश देकर छोड़ने की परंपरा रही. अब प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से समझौता नहीं होगा. 18 से कम लड़की और 21 से कम लड़के की शादी अपराध है. दोषियों को 2 साल सजा या 1 लाख जुर्माना हो सकता है. यह कार्रवाई सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

ग्रामीण कनेक्टिविटी को बूस्ट: 250 करोड़ से बनेंगी 235.45 किमी सड़कें

बस्तर. बस्तर जिले में विकास को नई गति देने वाली बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हुई. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के तहत 86 कार्यों की आधारशिला रखी गई. इन सड़कों की कुल लंबाई 235.45 किलोमीटर बताई गई है परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 250 करोड़ रुपये है. कार्यक्रम का प्रसारण कुम्हरावंड सभागार में किया गया. ग्रामीण अंचलों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर दिया गया. लोहंडीगुड़ा, दरभा, बास्तानार और तोकापाल को बड़ा लाभ मिलेगा. दशकों पुरानी आवागमन समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है. जनप्रतिनिधियों ने इसे विकास की नई लकीर बताया. स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच आसान होगी. सड़कें गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगी. अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने निर्देश दिए गए. बस्तर के दूरस्थ इलाकों में अब विकास की रफ्तार और तेज होगी. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नई तकनीक की एंट्री जगदलपुर. बस्तर संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी तकनीकी सौगात मिली है. शहर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आधुनिक स्टेरलाइजर मशीन लगी है. यह सुविधा संभाग के सरकारी या निजी अस्पतालों में पहली बताई जा रही है. अब संवेदनशील उपकरणों को बाहर भेजने की जरूरत कम होगी. रायपुर या विशाखापत्तनम पर निर्भरता घटेगी. इलाज की लागत और समय दोनों में राहत मिलेगी. कैथेटर, ट्यूब, ग्लव्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित होंगे. गर्मी से खराब होने वाले उपकरण अब सुरक्षित तरीके से साफ होंगे. 250 लीटर क्षमता वाली मशीन अस्पताल में स्थापित की गई है. क्रॉस इन्फेक्शन का खतरा कम होने की उम्मीद है. आपातकालीन सर्जरी में भी तेज तैयारी संभव होगी. स्थानीय मरीजों को अब उच्च स्तरीय सुविधा घर के पास मिलेगी. यह उपलब्धि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है.

अवैध बोर खनन पर सख्ती : तुरकाडीह में कार्रवाई, बोर मशीन जब्त

अवैध बोर खनन पर सख्ती : तुरकाडीह में कार्रवाई, बोर मशीन जब्त बिलासपुर जिले के सकरी तहसील अंतर्गत ग्राम तुरकाडीह में अवैध बोर खनन की सूचना पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोर मशीन वाहन को जब्त कर लिया। तहसीलदार सकरी, थाना प्रभारी सकरी, थाना स्टाफ, हल्का पटवारी तुरकाडीह एवं थाना कोनी की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान बोर खनन कार्य में संलग्न व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की वैध अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर कलेक्टर के 06 अप्रैल 2026 के जारी आदेश के उल्लंघन के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बोर मशीन को जब्त कर थाना कोनी के सुपुर्द किया गया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए 6 अप्रैल 2026 से बोर खनन पर प्रतिबंध लागू किया है। प्रशासन द्वारा इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है तथा अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री ने क्रिएटर्स को दी नई पहचान दिखाने की चुनौती

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या के मायके के रूप में जानी जाती है। वनवास के 14 वर्षों में से अधिकांश समय भगवान श्रीराम ने यहीं व्यतीत किया, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर मिलते हैं। उन्होंने माता शबरी की भक्ति, दंडकारण्य और अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक-आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने संत गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा की यह परंपरा आज भी प्रदेश की आत्मा में समाहित है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ आज तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के परिणामस्वरूप प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रदेश का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित था, वहीं अब विकास की मुख्यधारा गांव-गांव तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, घने वन, संस्कृति और जनजातीय जीवन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनेस्को द्वारा बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बस्तर और छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि देश-दुनिया तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री साय ने उदाहरण देते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा उन्हें क्रिकेट किट भेजी गई—यह सोशल मीडिया की ताकत का प्रमाण है। प्रदेश में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही, “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के माध्यम से राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “नियद नेल्ला नार योजना” के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन, वनाधिकार पट्टा और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदूर गांवों तक पहुंचाई गई हैं। बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल युग पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन का प्रभाव आज गांव-गांव में दिखाई दे रहा है, जहां आम नागरिक भी डिजिटल भुगतान कर रहा है। उन्होंने क्रिएटर्स से इस परिवर्तन को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नक्सलवाद की छाया से बाहर निकलकर उभरता नया छत्तीसगढ़ आज देश के सामने एक सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी केवल संघर्ष और चुनौतियों के संदर्भ में देखा जाता था, वही आज विकास, शांति और संभावनाओं की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे पूर्वाग्रहों से परे जाकर छत्तीसगढ़ को समझें और यहां हो रहे वास्तविक परिवर्तन, जनजीवन में आए सकारात्मक बदलाव, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास की नई गति को अपने मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल माध्यम केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि धारणा निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति बन चुका है, ऐसे में क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सच्चाई और सकारात्मकता पर आधारित कंटेंट प्रस्तुत कर समाज में नई सोच और विश्वास का संचार करें। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, डॉ. गुरु पासवान, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में लिया भाग

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका – मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विधायक किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर अखिलेश सोनी, प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, प्रवीण सेन, विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।