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मुख्यमंत्री साय ने ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ महाअभियान अंतर्गत 500 नए तरिया का किया शिलान्यास

रायपुर. छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया महाअभियान” का आज जशपुर के रणजीता स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। अभियान के अंतर्गत “नवा तरिया, आय के जरिया” के तहत प्रदेश में 500 नए तरिया (तालाब) के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और कृषि कार्यों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार होगा। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण, जल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर कार्य किए जाएंगे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत इस महाअभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध 15 अप्रैल 2026 तक 13,000 से अधिक डबरी निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। यह उपलब्धि अभियान की गति और प्रभावशीलता को दर्शाती है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि जल ही जीवन और विकास का आधार है। ‘मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया’ अभियान के माध्यम से हम गांव-गांव में जल संरक्षण को जन आंदोलन बना रहे हैं। इससे न केवल पानी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन, बत्तख पालन, सिंघाड़ा उत्पादन, सब्जी उत्पादन और वृक्षारोपण जैसे विविध आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे।  ग्रामीण स्तर पर इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन, बैनर, ग्राम सभाओं में जागरूकता अभियान तथा क्यूआर कोड के माध्यम से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आजीविका डबरी से जुड़े कार्यों में स्व सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। हितग्राही परिवार की महिला सदस्य का नाम नागरिक सूचना पटल में अंकित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं की अधिकारिता और भागीदारी मजबूत हो सके। इसके तहत उन्नत तकनीक आधारित योजना निर्माण और ग्राम सभा की स्वीकृति के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो रही है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से यह अभियान ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का कार्य करेगा। “मोर गांव, मोर पानी, मोर तरिया” महाअभियान जशपुर सहित पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाते हुए ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभर रहा है। इस अवसर पर  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अध्यक्ष छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

चिन्हारी योजना से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को मिल रही है नई शक्ति

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा संचालित चिन्हारी योजना राज्य की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाकारों को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। इस योजना के माध्यम से न केवल पारंपरिक कला रूपों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि कलाकारों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से भी सशक्त किया जा रहा है। चिन्हारी योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोक कलाकारों, शिल्पकारों, गायकों और नर्तकों की पहचान कर उनका पंजीयन किया जा रहा है। इससे एक व्यापक सांस्कृतिक डेटाबेस तैयार हो रहा है, जो भविष्य में कला के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होगा। योजना के अंतर्गत चयनित कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तथा उन्हें राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला प्रस्तुत करने के अवसर भी दिए जाते हैं। इसके साथ ही मेलों, उत्सवों और शासकीय कार्यक्रमों में इन कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, जिससे उन्हें व्यापक पहचान मिल रही है। चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृतिनई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देते हुए अनुभवी कलाकारों के मार्गदर्शन में युवाओं को पारंपरिक कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चिन्हारी योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू विलुप्त होती लोक परंपराओं का संरक्षण और पुनर्जीवन है। इसके तहत लोक नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक शिल्प को संरक्षित कर उन्हें नई ऊर्जा प्रदान की जा रही है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों के जरिए इन कलाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, स्थानीय कला को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। चिन्हारी योजना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और कलाकारों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: 2426 किमी सड़क निर्माण का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शिलान्यास

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित रणजीता स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेज-04) के अंतर्गत स्वीकृत 774 सड़कों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया। इन सड़कों की कुल लंबाई 2426.875 किलोमीटर है, जिनके निर्माण पर ₹2225.44 करोड़ की लागत आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्यूनिटी हॉल के जीर्णोद्धार के लिए ₹80 लाख की राशि प्रदान करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सड़कों का भूमिपूजन ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इन सड़कों के निर्माण से लगभग 781 बसाहटों को बारहमासी पक्की सड़क सुविधा प्राप्त होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।  उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई थी, जो उनकी दूरदर्शी सोच का परिणाम है और आज यह योजना ग्रामीण भारत की जीवनरेखा बन चुकी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में सड़क नेटवर्क के विस्तार में अभूतपूर्व तेजी आई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम जनमन योजना के माध्यम से राज्य के अधिकांश गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तथा रायपुर से जशपुर होते हुए धनबाद तक सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे जशपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में समितियों की संख्या बढ़कर 2573 हो गई है। ये समितियां किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं उनके निकट उपलब्ध कराएंगी तथा धान विक्रय प्रक्रिया को सरल बनाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है और होली से पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में 10000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरण कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने नागरिकों से आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सही आंकड़े ही सटीक विकास योजनाओं का आधार बनते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत प्रदेशभर में शिविर आयोजित कर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है तथा ₹757 करोड़ के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य में नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिससे अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी तेजी से विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज जिन 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है, उनका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।  उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 1300 से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे ये क्षेत्र भी मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू कर अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती निहारिका बारीक ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-04 के अंतर्गत राज्य में 3065 सड़क विहीन बसाहटों का चिन्हांकन किया गया है। बैच-2 में 1000 बसाहटों के लिए 2684 किलोमीटर लंबाई की 975 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, जबकि शेष 1284 बसाहटों के लिए डीपीआर तैयार किए जा रहे हैं।  उन्होंने बताया कि पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के लिए 2902 किलोमीटर लंबाई की 807 सड़कों एवं 123 वृहद पुलों के निर्माण हेतु ₹2477 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनसे 871 बसाहटें लाभान्वित होंगी। अब तक 1735 किलोमीटर लंबाई की 356 सड़कें पूर्ण कर 356 बसाहटों को जोड़ दिया गया है।  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक कुल 47,847 किलोमीटर लंबाई की 10,119 सड़कों एवं 581 वृहद पुलों को स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिनमें से 42,250 किलोमीटर लंबाई की 8713 सड़कें और 444 पुल पूर्ण किए जा चुके हैं। जशपुर जिले में इस योजना के तहत कुल 77 सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी लंबाई 197.26 किलोमीटर तथा लागत ₹196.20 करोड़ है। विभिन्न विकासखंडों में इन सड़कों का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर: जल जीवन मिशन के तहत बुलगा में बदलाव, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा स्वच्छ पेयजल

रायपुर : जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल समय की हो रही बचत, घर-घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल रायपुर जल जीवन मिशन ने छत्तीसगढ़ के बुलगा (Bulga) जैसे गांवों में घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाकर जीवन स्तर को बदल दिया है। बुलगा गाँव में अब हर घर में नल का कनेक्शन है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को दूर से पानी लाने की मेहनत से मुक्ति मिली है।           ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संचालित ’जल जीवन मिशन’ अब ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया आधार बन रहा है। कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय करने वाली महिलाओं के आंगन में आज नल से जल की धार बह रही है। इसी बदलाव की एक बानगी सरगुजा जिले के लूण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बुलगा में देखने को मिली है। मीलों का सफर थमा, आंगन में आई खुशहाली           बुलगा निवासी श्रीमती जीवंती बाई ने बताया कि एक समय था जब पीने के साफ पानी का इंतजाम करना दिन का सबसे कठिन कार्य था। पानी के लिए उन्हें घर से काफी दूर जाना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और शारीरिक थकान होती थी। “पहले पानी लाने के लिए बहुत लंबा लाइन लगाना  पड़ता था, लेकिन अब हमारे घर में नल का कनेक्शन लग गया है। अब सुबह और शाम दोनों वक्त नियमित रूप से शुद्ध पानी घर पर ही मिल जाता है। समय की बचत से खेती- किसानी को मिल रहा बढ़ावा नल कनेक्शन लग जाने से जीवंती बाई के परिवार के समय की बड़ी बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि पानी लाने में जो वक्त खराब होता था, अब उस समय का उपयोग वे खेती-किसानी और अन्य घरेलू कार्यों में कर रही हैं। इससे न केवल उनकी जीवनशैली सुधरी है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों के लिए भी अतिरिक्त समय मिल रहा है। शासन की योजना के लिए जताया आभार           गांव के हर घर में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचने पर जीवंती बाई ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से ग्रामीण महिलाओं का जीवन अब पहले से कहीं अधिक सुगम और सम्मानजनक हो गया है।              जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से लुण्ड्रा के दूरस्थ अंचलों में जल जीवन मिशन के लक्ष्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि हर ग्रामीण परिवार को ’शुद्ध जल-स्वच्छ पेयजल’ प्राप्त हो सके।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाने वाले IPS डॉ. संतोष कुमार सिंह की सराहना, PMO और अजीत डोभाल ने किया सम्मानित

रायपुर  छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अफसर और रायपुर पुलिस मुख्यालय के DIG डॉ. संतोष कुमार सिंह (Dr. Santosh Kumar Singh) ने इंटरनेशनल लेवल पर अपनी एकेडमिक अचीवमेंट से छत्तीसगढ़ और देश का मान बढ़ाया है। उनकी हालिया प्रकाशित रिसर्च बुक "Institutionalization of Peacebuilding: Functioning of the United Nations Peacebuilding Commission in Sierra Leone & Burundi" की देश के टॉप ऑफिशियल्स ने जमकर तारीफ की है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने डॉ. सिंह को पत्र लिखकर उनके काम की सराहना की है। डॉ. संतोष कुमार सिंह की यह बुक मुख्य रूप से अफ्रीका के दो देशों सिएरा लियोन और बुरुंडी में संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति स्थापना आयोग की भूमिका पर आधारित है। यह बुक इंटरनेशनल लेवल पर शांति बहाली के लिए किए जा रहे एफर्ट्स और उसमें आने वाले इंस्टीट्यूशनल चैलेंजेस (Institutional Challenges) का एक डिटेल एनालिसिस करती है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने डॉ. संतोष कुमार सिंह को पत्र लिखकर उनके डीप रिसर्च वर्क की तारीफ की है। डोभाल ने लिखा कि यह बुक संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग के काम करने के तरीके को समझने के लिए एक शानदार बैकग्राउंड तैयार करती है। उन्होंने कहा कि आज के संघर्षपूर्ण ग्लोबल सिनेरियो में इस तरह के 'नए दृष्टिकोण' (New Approach) की काफी ज्यादा जरूरत है। 

बलौदाबाजार : डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में प्रवेश हेतु आवेदन 28 अप्रैल तक

बलौदाबाजार जिले में संचालित डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में प्री प्राथमिक क़ी प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश हेतु आवेदन 28 अप्रैल तक निर्धारित किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएव्ही मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल सकरी, छरछेद एवं टिकुलिया में 8 प्रतिशत निःशुल्क शासकीय कोटा के लिये आरक्षित है जिसमें प्रत्येक स्कूल में 7 सीट अनुसूचित जति एवं जनजाति वर्ग के बीपीएल श्रेणी के लिए आरक्षित है। इन स्कूलों में प्री प्राथमिक क़ी प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश हेतु निर्धारित तिथि तक आवेदन सम्बधित स्कूल अथवा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यलय में जमा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ, बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर बढ़ाया हौंसला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ : बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर वरिष्ठजनों का बढ़ाया हौंसला वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सुविधा से सुसज्जित केंद्र : योग, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कौशल विकास की मिलेगी एक ही छत के नीचे सुविधा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।  इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।

बलौदाबाजार : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत ऋण हेतु आवेदन आमंत्रित

बलौदाबाजार जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्यम स्थापित करने के लिये इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित किया गया है। प्रसंस्कण उद्योग इत्यादि को ऋण सहायता राष्ट्रीयकृत बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत नवीन या विद्यमान माईक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमों यथा मसाला उद्योग, मुरमरा (मुर्रा), पोहा, मिनी राईस मिल, राईस मिल, आटा चक्की, पशु आहार उद्योग, दलिया, बेकरी उत्पाद, आचार, पापड़, नमकीन, भुजिया, चिप्स, मिष्ठान निर्माण, जैम जैली, जूस एवं पल्प तथा अन्य फल एवं सब्जी प्रसंस्कण उद्योग इत्यादि को ऋण सहायता राष्ट्रीयकृत बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।योजना में प्रोजेक्ट लागत के 35 प्रतिशत पर क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी का प्रावधान है। अधिकतम सब्सिडी 10 लाख रू. तक प्रति उद्यम है। आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए तथा इसके लिए कोई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं है। आवेदन के लिए कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, संयुक्त जिला कार्यालय भवन, कक्ष क्रमांक 63, 71 में संपर्क कर सकते है । योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जितेन्द्र धिरही, प्रबंधक मोबाईल नंबर- +91-90988-98088, प्रमोद कुमार टण्डन, प्रबंधक मोबाईल नंबर- +91-98935-72140 एवं नारायण सिंह ठाकुर, प्रबंधक मोबाईल नंबर-98271-92183 पर भी संपर्क कर सकते है। क्रमांक/65

अम्बिकापुर : प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 48 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत

अम्बिकापुर अपर कलेक्टर सरगुजा द्वारा प्राकृतिक आपदा में मृतकों के वारिसों को 48 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। जिसमें तहसील बतौली के बांसाझाल निवासी प्रदीप कुजूर की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस संध्या, तहसील बतौली के शिवपुर निवासी चकलू की मृत्यु आकाशीय बिजली से होने पर उनके वारिस फुलसुंदरी, तहसील बतौली के विसुनपुर निवासी फुलकुवंर की मृत्यु सांप के काटने से होने पर उनके वारिस नईहर साय, तहसील बतौली के भटको निवासी नेहरू की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस भुली बाई, तहसील सीतापुर के केरजू निवासी आरव अग्रवाल की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस नवीन अग्रवाल, तहसील सीतापुर के गुतुरमा निवासी आंचल अचगले की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस भीमबली अचगले, तहसील सीतापुर के शिवनाथपुर निवासी संजीत कुमार की मृत्यु आकाशीय बिजली से होने पर उनके वारिस उमेश राम, तहसील सीतापुर के भंवराडांड निवासी रामपति मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस खन्नू राम, तहसील सीतापुर के देवगढ़ निवासी मयंक पैकरा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस तिजेश्वर पैकरा, उप तहसील राजापुर के बंदना निवासी सुनीला मांझी की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस धरमसाय नाग,  उप तहसील राजापुर के कोटछाल निवासी तिहारो बाई की मृत्यु मधुमक्खी के काटने से होने पर उनके वारिस विशाल एक्का,  उप तहसील राजापुर के जामकानी निवासी जितेंन्द्र पैकरा की मृत्यु पानी में डूबने से होने पर उनके वारिस जगरमति एवं तहसील मैनपाट के कण्डराजा निवासी सरजू यादव की मृत्यु आकाशीय बिजली से होने पर उनके वारिस जगवन्ती यादव को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इस राशि की मंजूरी राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6-4 संशोधित प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत दी गई है।

रायपुर : बड़े कारंली एनीकट में तटरक्षण कार्य के लिए 4.97 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड-गीदम के बड़े कारंली एनीकट में तटरक्षण कार्य हेतु 4 करोड़ 97 लाख 65 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से बांयी तट में 330 मीटर एवं दायीं तट में 250 मीटर कुल 580 मीटर में तटरक्षण कार्य किया जाएगा। एनीकट तटरक्षण को कराने के लिए मुख्य अभियंता गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।