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भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूलों में रहेगा अवकाश

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर  प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए  पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।

Encounter Update: मारी गई नक्सली लीडर रूपी का अंतिम संस्कार, ‘हिडमा सांग’ के साथ दी गई विदाई

जगदलपुर. कांकेर के जंगलों में हुई सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारी गई नक्सली कमांडर रूपी का अंतिम संस्कार विवादों में घिर गया है. रूपी का तेलंगाना के मेडक जिले में अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान कुछ लोग लाल झंडे लेकर नाचते एक शहीद के तौर पर ‘रूपी’ को अंतिम विदाई देते हुए विवादित ‘हिडमा गाना’ गाते नजर आ रहे हैं, इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. बता दें कि सुरक्षा बलों ने 13 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली, आरामझोरा और हिडूर के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. जैसे ही जवान जंगल के अंदर पहुंचे, नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से तेज गोलीबारी हुई. मुठभेड़ के बाद हालात शांत होने पर इलाके की तलाशी ली गई, जिसमें एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ. मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली की पहचान रूपी के रूप में हुई है, जो एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) रैंक की कमांडर थी. लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय आखिरी तेलुगू महिला नक्सली कैडर मानी जा रही थी. वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला नक्सली के अंतिम संस्कार के लिए तेलंगाना के मेडक जिले ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार के दौरान का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें कुछ लोग लाल झंडे लेकर नाचते और विवादित गीत बजाते दिखाई दे रहे हैं. यह उसी तरह का मंजर था, जब हिडमा को अंतिम विदाई दी गई थी.

मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने जनगणना के महाभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील जनगणना के सटीक आंकड़े आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करने में होती है मददगार रायपुर    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।             मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।            मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।             मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।          इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल मनोज कुमार पिंगुआ,  कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

Women Empowerment: ‘नारी शक्ति सम्मान’ सीजन-4 शुरू, समाज में योगदान देने वाली महिलाओं को मिला सम्मान

रायपुर. राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी: नारी शक्ति सम्मान अवॉर्ड शो सीजन-04’ सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त पहल के रूप में उभरकर सामने आया। इस भव्य कार्यक्रम ने समाज में महिलाओं की भूमिका और उनकी उपलब्धियों को नई पहचान देने का कार्य किया। फाउंडेशन की संस्थापक एवं निदेशक उषा शर्मा ने संबोधन में उषा शर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि हर महिला को यह एहसास दिलाना है कि वह सक्षम है, आत्मनिर्भर है और अपने सपनों को साकार कर सकती है।” उन्होंने आगे बताया कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन निरंतर ऐसे मंच तैयार कर रहा है, जहां महिलाओं को पहचान, अवसर और प्रोत्साहन मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीपिका चिखलिया और विशेष अतिथि के रूप में कांची सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। दोनों अतिथियों ने भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर गृहिणियों से लेकर प्रोफेशनल महिलाओं तक, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह मंच उन अनसुनी कहानियों को सामने लाने का माध्यम बना, जो अक्सर समाज की नजरों से दूर रह जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह ने माहौल को उत्साह और प्रेरणा से भर दिया। हर पल नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन आगे भी इसी तरह महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

बिहार के नए CM सम्राट चौधरी को साय का संदेश: जनकल्याण और सुशासन की जताई उम्मीद

रायपुर. रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच दूरभाष पर हुई इस बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने चौधरी के उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि चौधरी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से राज्य में तेजी से प्रगति सुनिश्चित होगी। सीएम साय ने अपने संदेश में विश्वास जताया कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित करेगा। सीएम साय ने कहा कि, सम्राट चौधरी का राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण राज्य के विकास को नई दिशा और गति देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि, बिहार सरकार जनता के कल्याण और विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से आगे बढ़ेगी। अपने संदेश में मुख्यमंत्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि, यह नेतृत्व ‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि, केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से विकास की गति और तेज होगी। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी ने बीते बुधवार ही बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है। उनके नेतृत्व में राज्य की राजनीति में नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।

Good Governance Campaign: 1 मई से ‘सुशासन तिहार’ की शुरुआत, अधिकारियों को तय समय में तैयारियों के आदेश

राजनांदगांव. शासन द्वारा जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में 1 मई से सुशासन तिहार 2026 शुरू किया जाएगा। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा में सभी अधिकारियों को इसकी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने इसके साथ ही सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतराई में पावर प्लांट में हुए हादसे के मद्देनजर सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों को सुरक्षा संबंधी मापदण्डों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ऐसे हादसों से बचाव के लिए सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। जिससे हरित ऊर्जा की ओर लोगों का रूझान बढ़ेगा। इस योजना के अंतर्गत कालोनी में भी सोलर पैनल लगवाने के लिए जनमानस को प्रोत्साहित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करें। कलेक्टर ने कहा कि मिशन जल रक्षा के तहत कृषकों को धान के बदले अन्य फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित करें और रबी सीजन में किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने से जल संरक्षण को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था की समीक्षा की।

आरटीई कोटे के तहत स्कूल चयन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में निकली लॉटरी, बच्चों को मिला मौका

दुर्ग. बच्चों की किस्मत की लॉटरी आखिरकार खुल गई। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों के क्लास वन में प्रवेश देने के लिए लाटरी के माध्यम से स्कूलों का चयन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में निकाली गई। प्रथम चरण की लॉटरी में 1059 बच्चों को स्कूल आवंटित किया गया है। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों में आरटीई की इस बार कुल 1427 सीटें है। जबकि स्वीकृत आवेदनों की संख्या 1899 है। प्रथम चरण की लॉटरी के लिए इस बार सहायक संचालक, 5 पालक, निजी विद्यालय संगठन से जुड़े 2 पदाधिकारी, 2 पालक संघ के प्रतिनिधि तथा 2 मीडिया प्रभारी को विशेष रूप से रायपुर बुलाया गया था। इनकी मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। विभाग की ओर सहायक संचालक समृद्धि जोशी तथा आरटीई कक्ष प्रभारी राजदीप मौजूद थे। दुर्ग जिले के 528 निजी विद्यालयों के प्रारंभिक कक्षाओं में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत भर्ती के लिए 3485 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। इनमें से 900 यानी करीब 26% आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। केवल 1899 आवेदन ही स्वीकृत किए गए हैं। इन्हीं आवेदनों पर लॉटरी 15 अप्रैल को निकाली गई। अब 1 मई से 30 मई तक स्कूल दाखिला की प्रक्रिया की जाएगी। वैसे इस बार आरटीई के तहत प्रवेश के लिए निर्धारित सीटों की संख्या में भारी कटौती की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार करीब एक तिहाई सीटों की कटौती हुई है। इस वर्ष केजी-1, केजी – 2 तथा नर्सरी का कांसेप्ट खत्म कर दिया गया है। इस वजह से निजी स्कूलों में आरटीई के तहत केवल पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसके लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित थी। पिछले वर्ष आरटीई की 4267 सीट थी। यानी इस बार 2840 सीटों की कटौती की गई है।

जन समस्याओं पर सख्त CM साय: कलेक्टरों को तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक मई से शुरू होने जा रहे प्रदेशव्यापी ‘सुशासन तिहार’ के मद्देनजर तमाम कलेक्टरों को पत्र लिखा है. पत्र में शासन की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए जन शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान एवं जन समस्या निवारण शिविरों के आयोजन पर जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने पत्र में बताया कि सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून के मध्य जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक 15-20 ग्राम पंचायतों के समूह पर और नगरीय क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर शिविर आयोजित किए जाएं. इन शिविरों में विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता सुनिश्चित करने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ वितरण करने, शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण करने के साथ प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान की बात कही गई है. शिविर के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मुख्य सचिव व प्रभारी सचिव के समय-समय पर शामिल होंगे. इसके साथ प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे. साथ ही विभिन्न योजनाओं से लोगों को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी लेंगे. शिविर में आमजन से मुलाकात के साथ दोपहर के बाद जिला मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और विभिन्न योजनाओं व परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी, साथ ही आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा राज्य स्तर से बिंदुवार समीक्षा पत्रक उपलब्ध कराए जाएंगे. 30 अप्रैल तक व्यापक कार्रवाई के दिए निर्देश सुशासन तिहार के पहले कलेक्टरों से 30 अप्रैल तक भूमि संबंधी प्रकरण – नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन का त्वरित निराकरण, मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान, विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लंबित भुगतान एवं प्रकरणों का निराकरण, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन के अलावा बिजली संबंधी शिकायतों के अलावा हैण्डपंप सुधार और पात्रता अनुसार उज्जवला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था / सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की बात कही है. 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर दी बधाई

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार  विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चौधरी के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से बिहार में तीव्र प्रगति सुनिश्चित होगी। उल्लेखनीय है कि सम्राट चौधरी ने आज ही बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है।

सुकमा की बेटी लावण्या को मिली नई मुस्कान, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद

रायपुर.  कहते हैं कि सही समय पर मिला इलाज किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है। सुकमा जिले की 13 वर्षीय बालिका टुंकी लावण्या की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है, जिसने कठिन परिस्थितियों और वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार एक नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास पाया है। लावण्या, जो कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) की निवासी है, जन्म से ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसके बचपन पर सामाजिक झिझक और आत्मविश्वास की कमी का भी गहरा असर डाल रही थी। परिवार में जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर भय के कारण लंबे समय तक उसका उपचार नहीं हो पाया। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली जब लावण्या मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर में पहुंची। शिविर में कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण से मिली। उन्होंने लावण्या को स्वास्थ्य शिविर में जांच कराके बेहतर इलाज का प्रबंध किया।  स्वास्थ्य शिविर बना जीवन बदलने का मोड़ शिविर में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ लावण्या की जांच की, बल्कि उसके परिवार को समझाकर इलाज के लिए तैयार किया। इसी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाया गया। जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लावण्या को कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजा गया। इस दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। 10 अप्रैल 2026: जब दर्द की जगह उम्मीद ने ले ली सभी प्रक्रियाओं और समन्वय के बाद आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को लावण्या का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके जीवन के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी थी। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों का दर्द और ताने जैसे उसी दिन समाप्त हो गए। मुख्यमंत्री ने की मुलाकात, दिया आशीर्वाद इस कहानी का सबसे भावुक पल तब आया जब 13 अप्रैल 2026 को सुकमा दौरे के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लावण्या से मुलाकात की। उन्होंने लावण्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उसे फल भेंट किए और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। सरकारी योजनाओं की सफलता की मिसाल बनी लावण्या आज लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग का समर्पण और समय पर उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चमत्कार कर सकते हैं। लावण्या अब न सिर्फ स्वस्थ है, बल्कि उसके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी लौट आया है। उसकी मुस्कान आज पूरे सुकमा के लिए प्रेरणा बन चुकी है।