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मंत्रालय महानदी भवन में 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

रायपुर  रायपुर में 15 अप्रैल 2026 को राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में पूर्वान्ह 11:30 बजे से शुरू होगी। बैठक का आयोजन मंत्रालय महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में किया जाएगा, जहां प्रदेश के विभिन्न विभागों से जुड़े अहम प्रस्तावों और नीतिगत निर्णयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। माना जा रहा है कि इसमें विकास योजनाओं, बजट आवंटन, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इसके अलावा राज्य में चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी एजेंडा का हिस्सा हो सकती है। मुख्यमंत्री की अगुवाई में होने वाली इस बैठक से प्रदेश की नीतिगत दिशा तय होने की उम्मीद है। अधिकारियों और मंत्रियों के बीच समन्वय स्थापित कर जनहित से जुड़े निर्णयों को गति देने पर भी विशेष जोर रहेगा। यह बैठक आगामी समय में छत्तीसगढ़ के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

रायपुर की बैंक सखी आशा एक्का ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की, 5 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन

रायपुर : बैंक सखी बन आशा एक्का ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत, 5 करोड़ से अधिक का किया ट्रांजेक्शन बुजुर्गों और असहाय के लिए सहारा बनीं बैंक सखी आशा एक्का ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल क्रांति से जोड़ रही बिहान की दीदीयां रायपुर ग्रामीण अंचलों में महिला सशक्तिकरण और डिजिटल बैंकिंग को घर-घर पहुंचाने में 'बिहान' की दीदियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम कांति प्रकाशपुर की रहने वाली आशा एक्का आज जिले की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं, जो घर की चारदीवारी से निकलकर आर्थिक आजादी की राह चुनना चाहती हैं। बैंक सखी और बैंक मित्र के रूप में सेवा वर्ष 2017 से 'बिहान' (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी आशा एक्का ने अपनी 12वीं तक की शिक्षा का सदुपयोग करते हुए बैंक सखी और बैंक मित्र की जिम्मेदारी संभाली। वे न केवल एक गृहिणी हैं, बल्कि गाँव की बैंकिंग व्यवस्था की मुख्य कड़ी बन चुकी हैं। आशा बताती हैं कि उनके पति छोटे किसान हैं और घर पर किराना दुकान चलाते हैं, लेकिन बिहान से जुड़ने के बाद उनकी पहचान और आमदनी दोनों में बड़ा बदलाव आया है। बुजुर्गों और असहाय के लिए बनीं सहारा आशा का कार्य केवल ट्रांजेक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सेवा भाव से भी कार्य कर रही हैं। गाँव की बुजुर्ग महिलाएँ जिन्हें पेंशन लेने दूर जाना पड़ता है या मनरेगा के मजदूर जिन्हें मजदूरी भुगतान के लिए बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं, आशा उन सभी का भुगतान गाँव में ही सुनिश्चित करती हैं। वे कहती हैं, "जो लोग बैंक आने-जाने में असमर्थ हैं, मैं उनके घर जाकर बैंकिंग सेवा प्रदान करती हूँ। जब वे खुशी से दुआएं देते हैं, तो काम की थकान मिट जाती है।" 5 करोड़ का ट्रांजेक्शन और आत्मनिर्भरता श्रीमती आशा एक्का अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये का वित्तीय ट्रांजेक्शन कर चुकी हैं। इस कार्य से उन्हें हर  महीने 10 से 12 हजार रुपये की सम्मानजनक आय हो रही है। इस आर्थिक संबल से वे अपने दो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिला पा रही हैं।  शासन की योजनाओं का जताया आभार अपनी सफलता का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को देते हुए आशा ने कहा कि बिहान योजना ने हम जैसी गरीब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने इस अवसर के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार करते हुए कहा कि आज हम जैसी हजारों ग्रामीण महिलाएं महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण पेश कर रही हैं, जो न केवल अपने परिवार की आजीविका चला रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल क्रांति से भी जोड़ रही हैं।

रायपुर: बंजर डंप क्षेत्र से हरा-भरा जंगल बनाने की दिशा में गेवरा की अनूठी पहल

रायपुर : बंजर डंप क्षेत्र से हरा-भरा जंगल बनने की ओर गेवरा की अनूठी पहल मिश्रित प्रजातियों के पौधों का सफल रोपण कर बंजर भूमि को हरियाली में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। कोरबा जिले के गेवरा परिक्षेत्र में स्थित 12.45 हेक्टेयर के डंप क्षेत्र में 33 हजार 935 मिश्रित प्रजातियों के पौधों का सफल रोपण कर बंजर भूमि को हरियाली में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की इस पहल की सराहना की है। जहां हरियाली संभव नहीं थी, वहां उगा जंगल           कोयला खनन के बाद डंप क्षेत्रों में उपजाऊ मिट्टी नीचे दब जाती है, जबकि ऊपर पत्थर, कोयला अवशेष और अनुपजाऊ मिट्टी रह जाती है। ऐसे क्षेत्र आमतौर पर बंजर हो जाते हैं और वहां पौधों का उगना बेहद कठिन होता है। लेकिन वन विकास निगम के प्रयासों से यही बंजर भूमि अब धीरे-धीरे हरियाली से ढकती जा रही है। वैज्ञानिक पद्धति से किया गया वृक्षारोपण           डंप क्षेत्र में जल स्तर कम होने और पोषक तत्वों की कमी को ध्यान में रखते हुए विशेष उपाय किए गए। वर्मी कम्पोस्ट, नीमखली और डीएपी का उपयोग कर मिट्टी को उर्वर बनाया गया, जीपीएस सर्वे और सीमांकन के बाद व्यवस्थित गड्ढे तैयार किए गए, 3–4 फीट ऊंचाई के स्वस्थ पौधों का चयन कर रोपण किया गया। मिश्रित प्रजातियों से बढ़ेगी जैव विविधता            इस क्षेत्र में नीम, शीशम, सिरस, कचनार, करंज, आंवला, बांस, महोगनी, सहतूत, महुआ और बेल जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इनसे आने वाले समय में यह क्षेत्र पक्षियों, गिलहरी और अन्य वन्य जीवों के लिए अनुकूल आवास बन सकेगा। निरंतर देखभाल से मिल रही सफलता           रोपण के बाद पौधों की नियमित देखभाल की जा रही है, जिसमें सिंचाई, निंदाई- गुड़ाई,खाद डालना, सुरक्षा और घास कटाई मृत पौधों का समय पर प्रतिस्थापन जैसे कार्य शामिल हैं। वर्ष 2025 से 2029 तक 5 वर्षों तक रखरखाव के बाद इस विकसित हरित क्षेत्र को एसईसीएल गेवरा को सौंपा जाएगा। प्रेरणादायक परिणाम          यह पहल दर्शाती है कि सही योजना, तकनीक और सतत प्रयासों से पत्थरीली व अनुपजाऊ भूमि को भी घने जंगल में बदला जा सकता हैl गेवरा का यह डंप क्षेत्र आने वाले वर्षों में एक सघन, हरित और जैव विविधता से भरपूर मानव-निर्मित जंगल के रूप में विकसित होगा, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक पहल बन चुकी है।

मोहला : पीएम-आशा योजना में किसानों को राहतः चना, मसूर और सरसों पंजीयन की तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ी

मोहला : पीएम-आशा योजना में किसानों को राहतः चना, मसूर और सरसों पंजीयन की तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ी – रबी फसल उपार्जन हेतु पंजीयन जारी, नेफेड खरीदेगा एमएसपी पर चना, मसूर और सरसों – किसानों को 20 अप्रैल तक करना होगा पंजीयन, समर्थन मूल्य पर होगी फसलों की खरीदी मोहला  प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान पीएमआशा योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत दलहनी एवं तिलहनी फसलों चनाए मसूर और सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 20 अप्रैल 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल  https://kisan.cg.nic.in/ पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जिसके लिए वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ ऋण पुस्तिका बी-1, पी-II आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति देना आवश्यक है।          राज्य शासन के निर्देशानुसार, जिन किसानों की गिरदावली या डीसीएस अपूर्ण है, उनके फसल और रकबे के सत्यापन हेतु पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र मान्य किया जाएगा। इसके आधार पर अधिसूचित सहकारी समितियां उपार्जन की प्रक्रिया पूरी करेंगी। जिले में उपार्जन कार्य के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नेफेड को केंद्रीय एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज खरीदेगी।         सरकार द्वारा रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जिसमें चना 5875  रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपए प्रति क्विंटल और सरसों 6500 रुपए प्रति क्विंटल शामिल हैं। उपार्जन के लिए जिले में विकासखंड मोहला की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गोटाटोला और विकासखंड चौकी की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति आमाटोला को अधिकृत केंद्र बनाया गया है। किसानों से सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक उपज खरीदी जाएगी। योजना के तहत प्रति एकड़ चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल और सरसों 5 क्विंटल की सीमा तक समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।

विद्यालयों में पढ़ाई बने परिणामोन्मुखी: दीप मंत्र के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम, बोले मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं-स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही। शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक के. कुमार, उपसंचालक ए.एन. बंजारा, डीईओ हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

माँ भारती के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद को नमन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में प्रतिमा का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा प्रवास के दौरान अंबिकापुर के आकाशवाणी चौक पर माँ भारती के वीर सपूत, अमर क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का  अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन हर भारतीय के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और अदम्य वीरता की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद जी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा का अमूल्य संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज़ाद जी के आदर्श हमें यह सिखाते हैं कि राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ते हुए ही हम एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि नई पीढ़ी महान स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके। इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

धान से आगे बढ़ें किसान: दलहन, तिलहन और सब्जी खेती को बढ़ावा, कॉमन्स पर बनी रणनीति

रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव बोरा ने कहा कि कॉमन्स पर जनजातिय समुदायों के अटूट विश्वास उनके सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण, विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका है। उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन की बात करें तो स्थानीय लोग नीति-कार्यान्वयन में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत बदलाव के लिए सरकार एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया में है। इस टास्क फोर्स का उद्देश्य पूरे राज्य में अधिक प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के मध्य संतुलित समन्वय सुनिश्चित करना है। कॉमन्स सम्मेलन संवाद में सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टिकोणों को केंद्र में रखा गया था, जिसकी शुरुआत पद्मपुरस्कार से सम्मानित जागेश्वर यादव और पांडी राम मंडावी तथा गौर मारिया नृत्य कलाकार सुलक्ष्मी सोरी जैसे सम्मानित अतिथियों के प्रारंभिक उद्बोधनों से हुई। साझा प्राकृतिक संसाधनों (कॉमन्स) के सुशासन और सामुदायिक संरक्षण पर केंद्रित दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ कॉमन्स कंवीनिंग” का शुभारंभ आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया। कार्यशाला नवा रायपुर ट्राइबल रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सेक्टर-24, में आयोजित हो रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के जनजातीय विकास विभाग के सहयोग से “प्रॉमिस ऑफ कॉमन्स” पहल के अंतर्गत विभिन्न साझेदार संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। कल 10 अप्रैल को मुख्य सचिव विकास शील जनजातीय नीति पर संवाद में शामिल होंगे। वहीं समापन सत्र में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम शामिल होंगे। जल जंगल, जमीन, संस्कृति और पर्यावरण विरासत संरक्षण एवं संवर्धन में कॉमन्स की प्रभावी भूमिका बोरा ने कहा कि इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों और जनजातीय विरासत के बीच गहरे जुड़ाव को पहचानते हुए, एक विशेष स्टूडियो स्थापित करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट सामने आएगा और यह स्टूडियो पारंपरिक लोक गीतों और स्वदेशी वाद्य यंत्रों की धुन, दस्तावेज़ीकरण, पहचान और कॉपीराइट सुरक्षा के लिए समर्पित होगा। इन साझा संसाधनों के संरक्षण के संबंध में, बोरा ने कहा कि वैश्वीकरण और आधुनिक जीवन शैली जैसे चुनौतियों के बीच संतुलित तरीका अपनाते हुए, साझा ज्ञान का विकास कैसे करें और अपनी आकांक्षाओं, विरासत और भविष्य को कैसे बेहतर बनाएँ। राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि यह सम्मेलन संवाद के लिए एक विशाल मंच साबित हुआ है, जिसमें छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न संगठनों के नीति विशेषज्ञ, पंचायतों के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और समुदाय के समर्पित सदस्य शामिल हैं। यह विविध समूह छत्तीसगढ़ में कॉमन्स (साझा संसाधन) के रूप में वर्गीकृत 70 लाख एकड़ ज़मीन पर चर्चा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इस ज़मीन में जंगल, घास के मैदान और जल निकाय शामिल हैं, जो ग्रामीण और जनजातीय आबादी के लिए जीवनरेखा का काम करते हैं। कॉमन्स कन्विनिंग के पहले दिन, विशेषज्ञों ने राज्य के विशाल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा में सामुहिक देखरेख की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया गया।

मोहला : जिले में आयोजित चावल उत्सव, राशन कार्डधारियों को तीन माह का चावल एक साथ वितरित

मोहला : जिले में आयोजित चावल उत्सव, राशन कार्डधारियों को तीन माह का चावल एक साथ वितरित  पारदर्शिता और समय पर राशन सुनिश्चित करने के लिए जिले में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा चावल उत्सव  हितग्राहियों के ई-केवायसी और राशन वितरण में सुधार के साथ जिले में हो रहा है चावल उत्सव  जिले की 197 उचित मूल्य दुकानों पर 79,439 राशन कार्डधारियों के लिए खाद्यान्न का आबंटन  मोहला  राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल उत्सव का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर चावल उपलब्ध कराना है।            चावल उत्सव के दौरान उचित मूल्य दुकानों पर राशन कार्डधारियों को निर्धारित मात्रा में चावल, शक्कर, नमक एवं चना वितरित किया गया। साथ ही हितग्राहियों की ई-केवायसी प्रक्रिया भी पूरी कराई जा रही है, ताकि भविष्य में उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके। जिले में कुल 197 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 79,439 राशन कार्डधारियों के लिए खाद्यान्न का आबंटन किया गया है। इन हितग्राहियों को अप्रैल, मई एवं जून 2026 के लिए चावल एकमुश्त प्रदान किया जाएगा। वहीं, एपीएल कार्डधारियों को उनकी मासिक पात्रता के अनुसार अलग-अलग माह में चावल वितरण किया जाएगा।            चावल उत्सव में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की भी उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन में योगदान दिया। इसी कड़ी में बीपीएल कार्डधारी श्री योगेश कुमार ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शासकीय उचित मूल्य दुकानों से उन्हें समय पर तीन माह का चावल एकमुश्त प्राप्त हो रहा है। आयोजन के दौरान हितग्राहियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे उपयोगी और हितकारी बताया।

मुख्यधारा में लौटे युवा, अब करेंगे मतदान: सुकमा में 116 आत्मसमर्पितों को मिला मतदाता अधिकार

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित युवाओं को अब लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। सुकमा जिले के पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों का मतदाता परिचय पत्र (वोटर आईडी कार्ड) बनाकर उन्हें मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। जिला शासन के इस सकारात्मक कदम से अब ये पुनर्वासित युवा अपने मताधिकार का प्रयोग कर पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य,  विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का चयन कर सकेंगे। इतना ही नहीं, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को और मजबूत करते हुए अब वे भविष्य में स्वयं भी चुनाव लड़ने के पात्र बन गए हैं। यह बदलाव उनके जीवन में सम्मान, अधिकार और आत्मविश्वास की नई शुरुआत माना जा रहा है। सरकार की नीति से बदली जिंदगी जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन की नक्सल पुनर्वास नीति का लाभ आत्मसमर्पित युवाओं को लगातार दिया जा रहा है। पुनर्वास केंद्र में निवासरत 116 हितग्राहियों के राशन कार्ड, जॉब कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड पंजीयन के साथ-साथ पीएम आवास योजना सर्वे भी पूरा कराया गया है। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना सुनिश्चित हो गया है। कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण में 48 हितग्राही, सिलाई मशीन प्रशिक्षण में 5 हितग्राही, कृषि उद्यमी एवं राजमिस्त्री प्रशिक्षण में 265 हितग्राही, वाहन चालक प्रशिक्षण में 14 हितग्राही और मुर्गी पालन प्रशिक्षण में 25 हितग्राही कुल मिलाकर 317 पुनर्वासित युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को पहचान और अधिकार दिला रही है, बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर भी कर रही है।