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साड़ी गुणवत्ता पर सरकार सख्त, मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर जांच तेज

रायपुर.  राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र जारी कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में साड़ी वितरण के लिए जारी किए गए क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता में कमी और निर्धारित मापदंडों में विचलन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किए गए परीक्षण में कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद अब मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संचालक महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी पत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराएं। यदि जांच में मापदंडों से किसी प्रकार का विचलन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जिन स्थानों पर निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित हुई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण नई साड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि शासन स्तर पर पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पारदर्शी ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर  गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

Census Training Update: अंबेडकर जयंती में शामिल होने वालों को राहत, री-ट्रेनिंग का मौका

बिलासपुर. कलेक्टर एवं जिले के प्रमुख जनगणना अधिकारी संजय अग्रवाल ने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर जनगणना प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है. कार्यक्रम में भाग लेने के कारण अनुपस्थित रहने वालों को अनुपस्थित नहीं माना जाएगा. उनका प्रशिक्षण बाद में पूरा कर लिया जाएगा. गौरतलब है कि भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल होते हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 14 अप्रैल 2026 को आयोजित जनगणना प्रशिक्षण में यदि कोई प्रशिक्षार्थी अंबेडकर जयंती के कार्यक्रमों में भाग लेने के कारण अनुपस्थित रहता है, तो उसे अनुपस्थित की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी प्रशिक्षार्थियों का प्रशिक्षण बाद में किसी अन्य उपयुक्त जनगणना बैच के साथ पूर्ण कराया जाएगा, ताकि उनके प्रशिक्षण और जनगणना कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो. इससे अधिकारी-कर्मचारियों को जहां राष्ट्रीय महापुरुष की जयंती में सहभागिता का अवसर मिल सकेगा वहीं शासकीय कार्य भी प्रभावित नहीं होगी.

Korba News: हसदेव नदी प्रदूषण मामले में HTPP पर 18 करोड़ का जुर्माना

कोरबा. एक तरफ हसदेव नदी को संरक्षित करने प्रयास किए जा रहे हैं, दूसरी ओर एचटीपीपी प्रबंधन नदी के पानी में राखड़ घोल कर प्रदूषण फैला रहा है. बार बार की जा रही लापरवाही पर जल संसाधन विभाग ने संयंत्र पर 18 करोड़ से अधिक का जुर्माना जिले के अन्य औद्योगिक संयंत्रों के संचालन में समस्या खड़ी हो रही थी. निगम के जल शोधन में भी परेशानी हो रही थी. जिस पर जल संसाधन विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है. हसदेव नदी के जल प्रदूषण को लेकर जल संसाधन विभाग ने सख्त रूख अपनाया है. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के दर्री स्थित एचटीपीपी पर यह जुर्माना ठोका गया है. बताया जा रहा है कि एचटीपीपी की इस लापरवाही से संयंत्र पर 18 करोड़ रूपए से अधिक का भारी भरकम जुर्माना ठोंका गया है. नगर निगम आयुक्त ने पूर्व में कटघोरा एसडीएम को नदी में किए जा रहे प्रदूषण को तत्काल रोकने के निर्देश देते हुए पत्र लिखा गया था. जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले के अन्य संयंत्र भी हसदेव नदी के पानी का इस्तेमाल संयंत्र संचालन के लिए करते हैं. राखड़ युक्त पानी के कारण उक्त संयंत्रों के संचालन में परेशानी आ रही थी. जिसे लेकर जल संसाधन विभाग ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जांच की. जांच में एचटीपीपी प्रबंधन द्वारा नदी में राखड़ घोले जाने की पुष्टि होने पर दो बार वार्निंग दी गई.

सैदा गोदाम में पीडीएस चावल चोरी का बड़ा खुलासा, प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर पर मिली भगत के गंभीर आरोप

सैदा गोदाम में पीडीएस चावल चोरी का बड़ा खुलासा, प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर पर मिली भगत के गंभीर आरोप   सकरी   सैदा क्षेत्र के शासकीय गोदाम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए आने वाले चावल में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और चोरी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यह अवैध गतिविधि कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि विगत कई वर्षों से लगातार संचालित हो रही है, जिसमें कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, नियम स्पष्ट है कि गोदाम में चावल का भंडारण होने के बाद उसे सीधे उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाया जाना चाहिए। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। आरोप है कि चावल से भरी गाड़ियों को रात के समय जानबूझकर सुनसान स्थानों, पेट्रोल पंपों या अंधेरे इलाकों में खड़ा किया जाता है, जहां से धीरे-धीरे चावल की चोरी कर ली जाती है। इस पूरे मामले में “लेवर मजदूरों” का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है, जबकि स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि यह एक संगठित और सुनियोजित गोरखधंधा है। इसमें बाहर से आए कुछ  ड्राइवरों  की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है, जो इस अवैध गतिविधि हिस्सा बनकर के जरिए तेजी से लाभ कमा रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर महीने स्टॉक मिलान के दौरान 1से2 क्विंटल चावल कम निकलता है जिससे स्टेज (स्टॉक घाटा) बन जाता है नियम के दबाव के घाटे की भरपाई दुकानदारो को अपनी जेब से करनी पड़ती है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है  सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही इस गोरखधंधे पर लगाम लग पाई। इससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है? उठ रहे बड़े सवाल: क्या गोदाम प्रबंधन इस पूरे मामले में शामिल है? ट्रांसपोर्टरों की भूमिका कितनी संदिग्ध है? संबंधित अधिकारी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं? वर्षों से चल रहे इस गोरखधंधे पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय दुकानदारों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि गरीबों के हक का अनाज खुलेआम लूटा जा रहा है और जिम्मेदार लोग मूकदर्शक बने हुए हैं। दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके और पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वर्षों से चल रहे इस कथित घोटाले पर कोई निर्णायक कार्रवाई हो पाती है या नहीं।

Bank Fire News: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, जिला सहकारी बैंक के जरूरी रिकॉर्ड नष्ट

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज सुबह जिला सहकारी बैंक में आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कंप्यूटर सिस्टम, कैश काउंटर और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गईं। समय रहते कैश को सुरक्षित बचा लिए गए। यह घटना गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम ओटेबंद स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग की शाखा की है। जानकारी के मुताबिक, बैंक की छत पर बंदरों का झुंड उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे बैंक में आग भड़क उठी। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। गुंडरदेही पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू इसी दौरान बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग लगते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। मामले की जांच की जाएगी गुंडरदेही पुलिस के अनुसार, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। फिलहाल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, जिसके बाद ही कुल क्षति स्पष्ट हो पाएगी।

Fake Medicine Racket Exposed: रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 गिरफ्तार

रायपुर. नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए रायपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें इंदौर से दवा सप्लाई करने वाले के साथ सारंगढ़ और भाठापारा में मेडिकल दुकान संचालित करने वाले शामिल हैं. तीनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. जानकारी के अनुसार, प्रदेश स्तर पर खेले जा रहे इस खेल की जानकारी तब पहली बार सामने आई, जब गोगांव स्थित एक ट्रांसपोर्ट में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ी गई थी. जांच में पता चला कि ये दवाएं इंदौर से मंगाई गई थीं. इसके बाद ड्रग विभाग की टीम ने सारंगढ़ और भाठापारा के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की. इस बीच जनवरी के महीने में सारंगढ़ के एक मेडिकल स्टोर संचालक की रायपुर में सहायक औषधि नियंत्रक संजय कुमार नेताम से एक रेस्टोरेंट में मुलाकात का वीडिया सोशल मीडिया में वायरल हुआ, जिसमें फाइल दिखाने और संदिग्ध व्यवहार के आरोप लगे. इस वाकये के बाद संजय कुमार नेताम को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. जांच में पुष्टि हुई कि आरोपियों द्वारा इंदौर से नकली दवाओं की सप्लाई कराई जा रही थी, जिसे स्थानीय मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से बाजार में खपाया जा रहा था. पुलिस ने इंदौर से दवाओं की सप्लाई कराने वाला रोचक अग्रवाल, सारंगढ़ के मेडिकल स्टोर संचालक खेमराम बानी और भाठापारा के मेडिकल स्टोर संचालक सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.

नारी शक्ति से लोकतंत्र होगा मजबूत: CM साय ने कहा, ‘अब समय है नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का’

नारी शक्ति की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: अब नारी शक्ति के प्रतिनिधित्व को नई ऊंचाई देने का समय – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है। मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के  सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

छात्रों के लिए जरूरी अपडेट: PAT-PPVT के फॉर्म 27 अप्रैल तक, 21 जून को एग्जाम

रायपुर. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा अकादमी सत्र 2026 में प्रवेश हेतु (पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी) 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. 33 कृषि महाविद्यालयों, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों के साथ ही 1-1 वानिकी महाविद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा. व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय तथा दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 33 कृषि महाविद्यालयों, 4 कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों, 17 उद्यानिकी महाविद्यालयों के साथ ही 1-1 वानिकी महाविद्यालय, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, पशु चिकित्सा महाविद्यालय, दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं मत्स्य पालन महाविद्यालय में अकादमी सत्र 2026 में प्रवेश हेतु (पी.ए.टी एवं पी.पी.वी.टी) 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. इन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. इन परीक्षाओं का आयोजन छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिला मुख्यालयों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा. आवेदकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन व्यवस्था से किया जाएगा. शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी आवेदक, जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा.

श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा में सहारा: नोनी बाबू योजना के तहत 50 लाख तक की मदद

मोहला/रायपुर. छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के बच्चों को पाठ्यक्रमों तक पढ़ाई करने वाले है। वहीं, शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना है। योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं से लेकर स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर 5,000 से 12,500 तक की सहायता राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में दी जाती छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा में प्रदेश के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख की प्रोत्साहन राशि तथा दोपहिया वाहन खरीदने हेतु अतिरिक्त 1 लाख का अनुदान भी दिया जाता है। योजना में विदेश में एक वर्षीय मास्टर कोर्स हेतु अधिकतम 50 लाख तक की सहायता, प्रवेश परीक्षा शुल्क एवं अन्य शैक्षणिक खर्च वहन करने का प्रावधान भी है, जिसके लिए श्रमिक का कम से कम 3 वर्ष पूर्व पंजीयन अनिवार्य है। इस योजना का लाभ पंजीकृत श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को ही मिलेगा और आवेदन परीक्षा परिणाम जारी होने के 6 माह के भीतर करना होगा। पात्र हितग्राही जिला श्रम कार्यालय, श्रम संसाधन केंद्र या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जिसके सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे उनके खाते में स्थानांतरित की जाती है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अच्छे नंबर लाओ और सरकार की ओर से इनाम पाओ। जी हां, छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों के उन बच्चों को स्कॅालरशिप देती है, जो पढ़ाई के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए अच्छे नंबर लेकर आते हैं। छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के अंतर्गत चल रही 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना'के तहत श्रमिकों के मेधावी बच्चों को सरकार की ओर से अच्छे नंबर लाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हालांकि इसके लिए पहली शर्त यही है कि बच्चा परीक्षा में कम से कम 75 फीसदी नंबर लेकर आए। छत्तीसगढ़ बोर्ड ने आज 10वीं और 12वीं का र‍िजल्‍ट जारी कर द‍िया है। परीक्षा में पास होने वाले छात्र-छात्राएं योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना क्या है? प्रोत्साहन राशि पाने के लिए क्या करना होगा? आइए जानते हैं मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना क्या है? छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (Chhattisgarh Building and Other Construction Workers Welfare Board) की एक महत्वपूर्ण योजना है। 'मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना' के तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को आर्थिक मदद देकर उन्हें पढ़ाई में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इस योजना के तहत छात्रों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर अलग-अलग प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य पढ़ाई-लिखाई में अच्छा करने वाले श्रमिकों के बच्चों को आगे बढ़ने के लिए आर्थिक मदद मुहैया कराना है ताकि उन्हें कोई दिक्कत न हो। अगर कोई पंजीकृत निर्माण श्रमिक कम से कम 90 दिन तक रजिस्ट्रेशन बनाए रखता है और उसके दो बच्चों में से कोई भी 75% से ज्यादा नंबर लाता है तो उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य श्रमिकों के बच्चों को पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का मौका देना श्रमिकों के परिवारों की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार करना  बेटियों को भी पढ़ाने-लिखाने के लिए प्रोत्साहित करना मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के लिए जरूरी दस्तावेज  श्रमिक का पंजीकरण प्रमाण पत्र बैंक पासबुक की कॉपी आधार नंबर मोबाइल नंबर आवेदक छात्र की पिछले साल की मार्कशीट  वर्तमान सत्र में पढ़ाई करने का प्रिंसिपल द्वारा जारी सर्टिफिकेट