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अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत

रायपुर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

बेसमेंट बना सट्टे का अड्डा: छत्तीसगढ़ में करोड़ों के ऑनलाइन जुए का खुलासा, 7 आरोपी पकड़े गए

भिलाई जिले में ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जामुल पुलिस ने संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो आधुनिक तकनीक और इंटरनेट मीडिया के जरिये करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रतिदिन तीन लाख से लेकर सात लाख रुपये तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है। किराए के मकान से चल रहा था नेटवर्क अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि जामुल पुलिस को जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत नालंदा स्कूल के पीछे सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 स्थित एक किराए के मकान में संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह के संचालन की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मौके पर दबिश दी गई, जहां आरोपितों को ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि आरोपितों द्वारा ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल एवं रूलेट जैसे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए बिछाया जाल ग्राहकों को इंस्टाग्राम एवं व्हाट्सएप के माध्यम से जोड़कर आईडी उपलब्ध कराई जाती थी तथा मोबाइल एवं लैपटॉप के माध्यम से सट्टा खिलाया जाता था। प्रकरण में जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है उसमें पोषण निषाद (26) अंजोरा, योगेश कुमार विश्वकर्मा (22) जलेबी चौक छावनी, गौरव तिवारी (26) कबीर नगर रायपुर, संजय कुमार जायसवाल (26) कैंप-1 जलेबी चौक, चुनेश निषाद (20) श्याम नगर छावनी, विक्रम सिंह उर्फ विक्की (30) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी और उदल हमणे (19) न्यू बसंत टाकीज़ के पास थाना छावनी शामिल हैं। बीएनएस और जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज प्रकरण में आरोपितों के विरुद्ध धारा 318(4) बीएनएस एवं 6, 7, 8 छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में प्रतिदिन तीन लाख रुपये से लेकर सात लाख तक के लेन-देन एवं करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य संपर्कों की तलाश में जुट गई है। म्यूल खातों के माध्यम से लेन-देन छिपाने का प्रयास पुलिस ने बताया कि गिरोह द्वारा विभिन्न सिम कार्ड एवं म्यूल बैंक खातों के माध्यम से अवैध लेन-देन को छिपाने का प्रयास किया जाता था। गिरोह में कार्यों का स्पष्ट विभाजन था तथा तकनीकी रूप से बाहरी व्यक्तियों द्वारा भी संचालन नियंत्रित किया जाता था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक लाख नगद रकम, सात बैंक पासबुक, 16 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण, लेन-देन संबंधी रजिस्टर और एक पासपोर्ट की जब्ती बनाई है।  

शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में गोंड समाज के पवित्र पूजा स्थल पर आयोजित बड़ादेव स्थापना कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विधि-विधान से बड़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक और आध्यात्मिक आयोजन हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह एवं वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अमिट प्रेरणा का स्रोत है। इसी प्रकार रानी दुर्गावती ने अपने अदम्य साहस और स्वाभिमान से गोंडवाना की गरिमा को अक्षुण्ण रखा। मुगल सेना के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय उन्होंने रणभूमि में वीरगति प्राप्त कर मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद  कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  आकांक्षा जायसवाल, उपाध्यक्ष  पवन साहू, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जिले में शिक्षा का बड़ा आयोजन: 22 मार्च को होगी साक्षरता परीक्षा, हजारों शिक्षार्थी तैयार

बिलासपुर जिलेभर में उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी, इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिले में 961 परीक्षा केंद्र  बनाए गए हैं, जिसमें 10705 पुरुष एवं 29348 महिला तथा 12 ट्रांसजेंडर शामिल* परीक्षा का समय प्रातः 10 बजे से शाम 05 बजे तक  निर्धारित किया गया है।     जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अनुसार, यह परीक्षा उन 15 वर्ष से अधिक आयु  के शिक्षार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है, जिन्होंने उल्लास साक्षरता केंद्रों  में पढ़ना-लिखना तथा सामान्य गणित (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जिला परियोजना अधिकारी ने बताया कि शिक्षार्थियों के नियमित कार्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के समय को लचीला बनाया गया है। प्रतिभागी अपने रोजी मजदूरी कार्य से समय निकालकर सुबह 10 बजे से शाम 05 बजे के बीच किसी भी समय परीक्षा केन्द्रों में पहुँच कर परीक्षा देकर अपनी साक्षर होने का आकलन करा सकते हैं।जिला प्रशासन ने सभी परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ केंद्राध्यक्षों तथा पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए ब्लॉक और ग्राम स्तर पर समन्वय समितियाँ सक्रिय की गई हैं।इस हेतु सयुंक्त संचालक शिक्षा , ने विशेष ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है तथा जिला स्तर पर भी जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विकासखंडों के लिये निरिक्षण दल बनाए है |    जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षार्थियों के बुनियादी पढ़ाई-लिखाई और संख्यात्मक  ज्ञान का मूल्यांकन करना है, ताकि उन्हें साक्षर होने का प्रमाण पत्र दिया जा सके मूल्यांकन परीक्षा में पढ़ना लिखना एवं सामान्य गणित का आकलन किया जाता है  | सभी परीक्षा केन्दों में प्रश्न पत्रों का सील बंद पैकेट केंद्राध्यक्षों की निगरानी में रखवाई जा चुकी है | परीक्षा में अधिक से अधिक उपस्थिति के लिये चयनित ग्राम पंचायतों के सचिव आँगन वाडी कार्यकर्ता मितानिन पंच सरपंच सभी से कलेक्टर बिलासपुर ने अपील की है कि अधिक से अधिक परीक्षा केन्द्रों में ले जाकर आकलन परीक्षा में शामिल कराएं कोटवार द्वारा दो दिन मुनादी और प्रभात फेरी तथा गांव के दीवारों में नारा लेखन के माध्यम से आकलन परीक्षा के लिये वातावरण निर्माण किया गया है कलेक्टर बिलासपुर ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले के समस्त असाक्षरों को परीक्षा केन्द्र में ले जाकर परीक्षा में शामिल करने प्रेरित करें।

व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर  चैत्र नवरात्रि की पावन चतुर्थी तिथि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय कबीरधाम जिले के ग्राम जुनवानी नर्मदा धाम में आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ विधि-विधान से यज्ञ की परिक्रमा की तथा व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिवादन किया और सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला साहू संघ द्वारा आयोजित पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ एवं  शिव महापुराण कथा में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज इस पावन यज्ञ में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज एक विशाल, शिक्षित और समृद्ध समाज है, जो सदैव समाज को दिशा देने का कार्य करता रहा है। उन्होंने दानवीर भामाशाह का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इसी समाज से थे, जिन्होंने अपने त्याग और दान से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि रायगढ़ में पूज्य  सत्यनारायण बाबा भी इसी समाज से हैं, जो पिछले 28 वर्षों से खुले आसमान के नीचे तपस्या में लीन हैं। ऐसे महान संत समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो उसका लाभ केवल उस समाज तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उससे पूरे राष्ट्र का विकास होता है। उन्होंने कहा कि साहू समाज इसी तरह संगठित और सशक्त होकर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहेगा।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यहां आयोजित रुद्र महाशिव यज्ञ एवं कथा से छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की तपोभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। भगवान राम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी धरती पर बिताया है, वहीं माता शबरी का पावन स्थान भी छत्तीसगढ़ में स्थित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि व्यासपीठ पर विराजमान संत-महात्माओं की कृपा से प्रदेश में सवा लाख शिवलिंग स्थापना का पावन कार्य भी किया जा रहा है, जो आध्यात्मिक चेतना को और सशक्त करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा “रामलला दर्शन योजना” संचालित की जा रही है। छत्तीसगढ़ के लोग भगवान राम को अपना भांचा मानते हैं, इसलिए उन्हें अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन कराने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। अब तक 40 हजार से अधिक रामभक्त अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के तहत प्रदेश के बुजुर्गों को देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है, ताकि वे अपने जीवन में धार्मिक आस्था के इन पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए हैं। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक प्रमुख है, जिसे समाज में बढ़ती संवेदनशील परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त और स्पष्ट प्रावधानों के साथ यह विधेयक लागू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार के छल, प्रलोभन या दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन न हो सके। साथ ही विवाह के माध्यम से धर्मांतरण की आड़ में हो रहे दुरुपयोग पर भी अब पूर्ण विराम लगेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि धर्म की रक्षा और समाज की सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है, और इसी उद्देश्य के साथ यह विधेयक लाया गया है, ताकि प्रदेश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि जुनवानी स्थित नर्मदा धाम के नर्मदा कुंड में स्नान करना, पूजा-अर्चना करना और ऐसे धार्मिक आयोजनों में शामिल होना क्षेत्रवासियों के लिए हमेशा से आस्था और प्रतीक्षा का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल से लोगों की गहरी भावनात्मक और धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश भी देते हैं।  पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी मद्भागवत, शिव महापुराण कथा एवं यज्ञ जैसे आयोजन होते हैं, तो सभी को इसमें अवश्य शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर घर के बुजुर्ग ही कथा सुनने आते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं से परिचित हो सके और उसे आगे बढ़ा सके। इस अवसर पर पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पंच कुंडीय  रुद्र महायज्ञ की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना हेतु की गई व्यवस्था

रायपुर नवरात्रि पर जेलों में आध्यात्मिक माहौल, बंदियों को मिली विशेष सुविधाएं छत्तीसगढ़ की सभी जेलों में नवरात्रि पर्व को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर परिरुद्ध बंदियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे वे धार्मिक आस्था के अनुरूप उपवास एवं पूजा-अर्चना कर सकें।          प्रदेश की जेलों में कुल 2397 बंदी नवरात्रि का उपवास कर रहे हैं, जिनमें 2125 पुरुष एवं 272 महिला बंदी शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल आस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि जेलों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण के सृजन का भी परिचायक है। इसमें रायपुर संभाग के 1140 बंदी, दुर्ग संभाग में 243 बंदी, बिलासपुर संभाग में 407 बंदी, सरगुजा संभाग में 361 बंदी, बस्तर संभाग में 246 बंदी अपनी आस्था अनुसार उपवास का पालन कर रहे हैं।        नवरात्रि के दौरान जेल प्रशासन द्वारा बंदियों को फलाहार, स्वच्छ पेयजल, पूजा सामग्री एवं निर्धारित समय पर आरती-पूजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बंदियों के मनोबल को सुदृढ़ करने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह पहल न केवल बंदियों की धार्मिक आस्था का सम्मान है, बल्कि उनके मानसिक एवं आध्यात्मिक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।          विगत दिनों विधानसभा में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने बताया था कि जेलों को अब सजा घर नहीं बल्कि सुधार एवं पुनर्वास गृह के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसमें उन्हें विभिन्न कलाओं को सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने के साथ समाज से जोड़ने और बेहतर जीवन के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।

कसडोल में कंवर समाज सामुदयिक भवन तथा पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए की घोषणा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार भाटापारा जिले के ग्राम ओड़ान में बावनगढ़ आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज तुरतुरिया माता महासभा लवन के तत्वावधान में आयोजित गोंड़वाना आदर्श सामूहिक विवाह समारोह मे शामिल हुए। इस मौके पर  साय ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पारम्परिक गोंडी रीति-रिवाज से दाम्पत्य सूत्र में बंधे 28 नवविवाहित जोड़ों क़ो आशीर्वाद व सुखमय दाम्पत्य जीवन की बधाई एवं शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के पदाधिकारियों की मांग पर कसडोल नगर में कंवर समाज सामुदयिक भवन व नगर पंचायत पलारी में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 50-50 लाख रुपए और ग्राम ओड़ान में बड़ादेव ठाना में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही ग्राम ओड़ान के शनिमंदिर से बड़ादेव ठाना तक सीसी रोड निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा हमारी सरकार आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। गोंडवाना संस्कृति के मानने वाले हमारे सभी आदिवासी भाई प्रकृति के पुजारी हैं। आप लोगों ने जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए इस साल हम लोगों ने 200 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसी तरह जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में प्रधानमंत्री जनमन योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। हम लोगों ने आदिवासी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि प्रारम्भ किया है, जिसके माध्यम से बैगा, गुनिया और सिरहा को हर साल पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे आदिवासी भाइयों का आय का एक बड़ा स्रोत वनोपज और तेंदूपत्ता संग्रहण है। हम लोगों ने तेंदूपत्ता संग्रहण का दाम 4 हजार रूपये से बढ़ाकर 5500 रूपये प्रति मानक बोरा किया है। जंगल जाने, वनोपज का संग्रहण करने वाले आदिवासी भाई- बहनों के पैरों में कांटे न चुभे, इसका भी इंतजाम हमारी सरकार ने फिर से किया है। इस साल चरण पादुका वितरण भी किया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका प्रदान करने के लिए बजट में 60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामूहिक विवाह बहुत ही अच्छी पहल हैं। इस तरह के आयोजन से न केवल समाज संगठित होता है, बल्कि फिजूलखर्ची पर भी रोक लगती है। उन्होंने कहा कि अभी 10 मार्च को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से 6 हजार से अधिक जोड़ों का सामूहिक विवाह पूरे प्रदेश में संपन्न हुआ जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है। इस अवसर पर जांजगीर-चांपा सांसद मती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक  संदीप साहु सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में बच्चों के लिए तैयार हो रहा बाल-अनुकूल शिक्षा वातावरण, मित्रता और आत्मविश्वास से जुड़ रहा स्कूल

रायपुर 'बाल मैत्री (Buddy Buddy)' पहल से आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों का सफर हुआ आसान छत्तीसगढ़ में बच्चों के समग्र विकास और सहज शिक्षा वातावरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम के रूप में सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई यह पहल आंगनबाड़ी से प्राथमिक विद्यालय तक बच्चों के संक्रमण को सरल और सहज बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हो रही है। 'बाल मैत्री (Buddy Buddy)' पहल से आंगनबाड़ी से विद्यालय तक बच्चों का सफर हुआ आसान जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के मस्तिष्क और व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल में प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है, लेकिन जब वे पहली बार विद्यालय के औपचारिक वातावरण में प्रवेश करते हैं, तो अक्सर झिझक और संकोच महसूस करते हैं। इसी चुनौती को दूर करने और बच्चों को विद्यालय के माहौल से पहले ही परिचित कराने के उद्देश्य से “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 4 से 6 वर्ष आयु वर्ग के आंगनबाड़ी बच्चों को हर माह निकटवर्ती प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण कराया जा रहा है। भ्रमण के दौरान बच्चों को विद्यालय परिसर, शिक्षक और विद्यार्थियों से परिचित कराया जाता है तथा खेल, गीत, चित्रकला और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उनके बीच मित्रता और आत्मविश्वास विकसित किया जाता है। इससे बच्चों में स्कूल के प्रति सकारात्मक भाव विकसित हो रहा है और वे बिना डर और झिझक के विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं। कार्यक्रम के तहत 20 मार्च को पूरे प्रदेश में एक साथ आंगनबाड़ी बच्चों का विद्यालय भ्रमण कराया गया। इस दौरान प्रदेशभर के विद्यालयों में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। छोटे बच्चों का विद्यालय में आत्मीय स्वागत किया गया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों ने मिलकर बाल-अनुकूल गतिविधियाँ आयोजित कीं। बच्चों ने नए मित्र बनाए और विद्यालय को अपनेपन के साथ अपनाया। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित मुख्य सचिव सम्मेलन में दिए गए निर्देशों के अनुरूप शुरू की गई है, जिसमें आंगनबाड़ी और विद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया था। छत्तीसगढ़ शासन ने इन निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए दोनों विभागों के सचिवों द्वारा संयुक्त दिशा-निर्देश जारी कर कार्यक्रम को प्रदेशभर में लागू किया है। “बाल मैत्री (Buddy Buddy)” कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के सर्वाेत्तम हित को सुनिश्चित करना, विद्यालयों में सकारात्मक और समावेशी वातावरण तैयार करना तथा प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाना है। यह पहल बच्चों के भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई दिशा दे रही है। छत्तीसगढ़ में शुरू की गई यह अभिनव पहल न केवल बच्चों के लिए विद्यालय को सहज और आनंददायक बना रही है, बल्कि बाल शिक्षा और विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में भी उभर रही है। आने वाले समय में यह कार्यक्रम बच्चों की नियमित उपस्थिति, सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

रायपुर  छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु राम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की।              मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।            मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।                   साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।              इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की।  कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।          इस अवसर पर विधायक मती भावना बोहरा, पूर्व सांसद  अभिषेक सिंह,  संतोष कौशिक,  राजेन्द्र चन्द्रवंशी,  कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

संजय पार्क में बड़ी लापरवाही: कुत्तों के काटने से 15 हिरण मरे, वन विभाग पर कार्रवाई

अंबिकापुर. अंबिकापुर के संजय पार्क में आवारा कुत्तों के काटने से 15 हिरणों की मौत हो गई है। ये सभी कुत्ते शनिवार की भोर को हिरणों के बाड़े में घुस गए थे। संजय पार्क का एक हिस्सा जंगल से लगा हुआ है। इस घटना से विभाग में खलबली मची है। सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने चार वन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। संजय पार्क में वन्य जीवों को रेस्क्यू सेंटर के नाम पर रखा जाता है। MP के शाहगढ़ गांव में भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बाजना वन परिक्षेत्र के शाहगढ़ गांव में सुबह एक जंगली हिरण भटककर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गांव के बच्चों की सतर्कता और ग्रामीणों की मदद से हिरण की जान बचाई जा सकी। हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया हिरण को कुत्तों से घिरा देख बच्चों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुत्तों को खदेड़कर हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे पास के केरखोरा वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। इस देरी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। वन विभाग ने जांच के दिए थे निर्देश वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई बार जंगली जानवर रास्ता भटककर गांवों में पहुंच जाते हैं। डीएफओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की जाएगी