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मेले में सुरक्षा चूक: शिवरीनारायण में आकाश झूले की कुर्सी टूटी, दो घायल

जांजगीर चांपा शिवरीनारायण में चल रहे माघी मेले में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नगर पंचायत कार्यालय के सामने संचालित आकाश झूले की कुर्सी टूटकर नीचे खड़ी दो युवतियों पर गिर गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक युवती को बिलासपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब चार बजे उमेश गुप्ता द्वारा संचालित आकाश झूले में यह हादसा हुआ। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम मल्दा से मेला देखने आई दो युवतियां मेला ग्राउंड में झूले के नीचे खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक आकाश झूले की एक कुर्सी टूटकर नीचे गिर गई, जो सीधे दोनों युवतियों पर आ गिरी। हादसे में चंद्रकांती कश्यप (15 वर्ष) एवं भूमिका कश्यप (21 वर्ष), निवासी ग्राम मल्दा, गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से शिवरीनारायण स्थित शबरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार चंद्रकांती कश्यप की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि भूमिका कश्यप की स्थिति गंभीर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। इस घटना के बाद मेले में लगे झूलों एवं अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में झूलों और मौत के कुएं जैसे खेलों की फिटनेस जांच को लेकर लापरवाही बरती जाती है। वहीं नगर पंचायत और संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई न होने को भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। फिलहाल घटना के बाद पुलिस और मेला प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है। हादसे ने मेला में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। एसडीओपी यदुमणि सिदार ने बताया कि झूला संचालक को नोटिस जारी कर तकनीकी जांच प्रमाणपत्र की मांग की गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी झूला को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया है।  

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को मिला शैक्षणिक भ्रमण का अवस

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनांचल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिला प्रशासन की पहल पर ‘नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला मिसमा और बालक आश्रम सामसट्टी के 40 विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को साइंस पार्क ले जाया गया, जहाँ उन्होंने विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। न्यूटन के नियम, ऊर्जा के रूपांतरण, ध्वनि के सिद्धांत, धूप घड़ी से समय मापन, पेंडुलम की गति तथा दर्पणों से जुड़े प्रयोगों ने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाई। इससे विद्यार्थियों को किताबों में पढ़े विषयों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। भ्रमण के दौरान विद्यार्थी कलेक्टर कार्यालय भी पहुंचे, जहाँ उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा, अनुशासन और मेहनत के महत्व के बारे में बताया तथा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को तुंगल बांध भी ले जाया गया, जहाँ उन्होंने प्राकृतिक वातावरण, जैव विविधता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन द्वारा वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सार्थक पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर. 13 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य मंच छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का मैनपाट एक प्रमुख हिल स्टेशन है, जिसे अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी जलवायु और तिब्बती संस्कृति के कारण ’छत्तीसगढ़ का शिमला’ और ’छोटा तिब्बत’ भी कहा जाता है।  मैनपाट के रोपाखार जलाशय के समीप आगामी 13 से 15 फरवरी तक तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। राज्य शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य मैनपाट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना तथा स्थानीय लोक कला व संस्कृति का संवर्धन करना है। 13 फरवरी से सजेगा तीन दिवसीय ’मैनपाट महोत्सव’ का भव्य मंच मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ और सितारों से सजेगी शाम  मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ 13 फरवरी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में लोक गीत और आधुनिक संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। प्रथम दिन 13 फरवरी को भोजपुरी सुपरस्टार  मनोज तिवारी अपनी गायकी से दर्शकों का उत्साह बढ़ाएंगे। साथ ही, छत्तीसगढ़ी गायक सुनील सोनी और ओडिशा का प्रसिद्ध छऊ नृत्य लोक संस्कृति की छटा बिखेरेंगे। द्वितीय दिवस 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका अलका चंद्राकर और ’इंडियन आइडल’ फेम वैशाली रायकवार अपनी सुरीली आवाज से शाम को यादगार बनाएंगी। वहीं समापन दिवस 15 फरवरी को महोत्सव का मुख्य आकर्षण बॉलीवुड की मशहूर सिंगर कनिका कपूर होंगी। इसके साथ ही रायगढ़ घराने की कत्थक नृत्यांगना ज्योति वैष्णव और गायक आयुष नामदेव भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। साहसिक खेल और स्थानीय जायका मैनपाट महोत्सव केवल संगीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटकों के लिए मनोरंजन का पैकेज होगा। महोत्सव स्थल पर एडवेंचर एक्टिविटी में पर्यटकों के लिए बोटिंग, साहसिक खेल और पारंपरिक दंगल का आयोजन किया जाएगा। फूड ज़ोन में सरगुजा के पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ विभिन्न लजीज पकवानों का आनंद लिया जा सकेगा। प्रदर्शनी एवं मेला में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जहां शासन की योजनाओं और स्थानीय उत्पादों जैसे टाऊ और तिब्बती हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा। छत्तीसगढ़ का शिमला ’मैनपाट’ के प्रमुख आकर्षण अंबिकापुर मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित मैनपाट एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जोकि समुद्र तल से 3,781 फीट की ऊंचाई पर है। यहाँ के प्रमुख आकर्षणों में बौद्ध मंदिर, टाइगर पॉइंट, मेहता पॉइंट, मछली पॉइंट, और अनोखा जलजली शामिल हैं। यह स्थान तिब्बती संस्कृति, टाऊ की खेती और अद्भुत प्राकृतिक नजारों के लिए प्रसिद्ध है। मैनपाट के प्रमुख दर्शनीय स्थल तिब्बती शरणार्थी शिविर और बौद्ध मंदिर- मैनपाट में 1970 में बसाया गया एक बड़ा तिब्बती समुदाय है, जहां का थाकपो शेडुप्लिंग मठ (कैम्प नंबर 3) मुख्य आकर्षण है। टाइगर पॉइंट -200 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला यह वॉटरफॉल (झरना) घने जंगलों से घिरा है। जलजली- यह एक भूगर्भीय आश्चर्य है जहाँ जमीन दलदली है और कूदने पर स्पंज की तरह हिलती है, इसे “म्यूजिकल लैंड“ भी कहते हैं। मछली पॉइंट एक बहुत ही सुंदर झरना और मछली पकड़ने के लिए प्रसिद्ध स्थान है। मेहता पॉइंट-घाटियों के शानदार और मनोरम दृश्य देखने के लिए एक बेहतरीन व्यू पॉइंट। उल्टा पानी- यहाँ का पानी ढलान के विपरीत दिशा में बहता है, जो एक अनसुलझा रहस्य है। सरभंजा जलप्रपात-ग्राम पंचायत से तकरीबन दो किलोमीटर ट्रैकिंग मार्ग से इस प्राकृतिक जलप्रपात तक पहुंचा जा सकता है। जुलाई से मार्च के बीच यहां का मौसम बहुत सुहावना रहता है। जोकि पर्यटकों को आकर्षित करता है स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन जिला प्रशासन द्वारा मंच पर नामी कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय स्कूली बच्चों और क्षेत्रीय कलाकारों को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि सरगुजा की माटी की प्रतिभा को उचित मंच मिल और स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन भी हो सके। कलेक्टर  अजीत वसंत के निर्देशन में मैनपाट महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग और पर्यटकों की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। 15 फरवरी को समापन समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम सम्पन्न होगा।

बिहान योजना से पंचबाई की बदली तकदीर, बनी सफल व्यवसायी

रायपुर. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम खपरीडीह निवासी श्रीमती पंचबाई साहू ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी तकदीर बदली है, अब वे सफल व्यसायी बन चुकी है। स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पूर्व पंचबाई साहू की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन्हें साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था। आर्थिक निर्भरता के कारण न केवल परिवार की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं, बल्कि आत्मसम्मान भी प्रभावित होता था।        श्रीमती  पंच बाई ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत माँ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने व्यवसाय के लिए रिवॉल्विंग फंड से 15 हजार रूपए, बैंक ऋण 01 लाख 50 हजार रूपए और 60 हजार रूपए सीआईएफ राशि प्राप्त हुई। साथ ही समूह के स्तर पर उन्हें 30 हजार रूपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला। प्राप्त राशि से उन्होंने फर्नीचर दुकान की शुरुआत की। परिश्रम, सही योजना और समूह के सहयोग से उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। आज उनकी मासिक आय लगभग 2.5 लाख रूपए से 03 लाख रूपए तक पहुँच चुकी है। इससे उनके बच्चों की शिक्षा बेहतर होने के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार आया है। श्रीमती पंचवाई साहू आज केवल स्वयं सफल नहीं हैं, बल्कि ग्राम की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

सबक्लेवियन आर्टरी कटने के बावजूद अत्यंत जटिल सर्जरी से बचाया गया मरीज का हाथ

रायपुर. मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर के हार्ट-चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग की एक और बड़ी सफलता, चाकू से कटी मुख्य धमनी, सबक्लेवियन आर्टरी को जोड़कर बचाया युवक का हाथ पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के डॉक्टरों ने एक बार फिर जटिल और जानलेवा केस की जटिल एवं सफलतापूर्वक  सर्जरी कर घायल मरीज के हाथ को कटने से बचाया। डॉक्टरों के अनुसार, यदि मरीज को समय पर इस प्रकार की जटिल शल्य- चिकित्सा की सुविधा नहीं मिलती तो मरीज के हाथ कटने की नौबत आ जाती और मरीज दिव्यांग हो जाता।  हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के नेतृत्व में एक युवक के कंधे पर चाकू से हुए हमले में बुरी तरह क्षतिग्रस्त मुख्य रक्त नली (सबक्लेवियन आर्टरी) को जोड़कर डॉक्टरों की टीम ने न केवल मरीज की जान बचाई, बल्कि उसका हाथ कटने से भी बचा लिया। इस सर्जरी की एक और विशेष बात यह रही कि इसमें ऑर्थोपेडिक सर्जन भी शामिल रहे जिनकी मदद से कॉलर बोन को काटा गया एवं ऑपरेशन के बाद वापस प्लेट लगाकर जोड़ दिया गया।   इस केस की विस्तृत जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष (हार्ट- चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी) डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि :- अम्बेडकर अस्पताल के ट्रॉमा यूनिट में 34 वर्षीय एक मरीज अत्यधिक रक्तस्राव और मरणासन्न अवस्था में लाया गया। मरीज  इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी में काम करता है और अमलेश्वर का निवासी है। परिजनों के अनुसार, मरीज अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा था, तभी इलेक्ट्रिक रिक्शा से टक्कर हो गई। विवाद के दौरान रिक्शा चालक ने मरीज के बाएं कंधे पर धारदार चाकू से हमला कर दिया। घाव इतना गहरा था कि कंधे की हड्डी (क्लेविकल बोन) के पीछे से गुजरने वाली मुख्य धमनी सबक्लेवियन आर्टरी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। चोट लगते ही धमनी से खून का तेज फव्वारा निकलने लगा और कुछ ही देर में मरीज बेहोश हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे अम्बेडकर अस्पताल के आपातकालीन विभाग पहुंचाया, जहां घाव में कॉटन गॉज भरकर रक्तस्राव को अस्थायी रूप से रोका गया। हालांकि रक्तस्राव रुकने के साथ ही बाएं हाथ में रक्त प्रवाह भी बंद हो गया, जिससे हाथ काला पड़ने लगा और ताकत खत्म होने लगी। समय पर ऑपरेशन न होने की स्थिति में हाथ काटने की नौबत आ सकती थी। प्रारंभिक उपचार के बाद मरीज के परिजन उसे अपनी इच्छा से अन्य अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन चोट की गंभीरता और धमनी के क्षतिग्रस्त होने के कारण अन्य अस्पतालों ने इलाज से मना कर दिया। इसके बाद मरीज को पुनः अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में लाया गया, जहां मेरे (डॉ. कृष्णकांत साहू के) नेतृत्व में तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी सबक्लेवियन आर्टरी की सर्जरी विशेष रूप से उसके दूसरे भाग (सेकंड पार्ट) में बेहद चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि यह धमनी छाती के भीतर कॉलर बोन के पीछे स्थित रहती है। पट्टी हटाते ही अत्यधिक रक्तस्राव की आशंका बनी हुई थी, जिसके लिए वैस्कुलर कंट्रोल अत्यंत आवश्यक था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निर्णय लिया गया कि मरीज की कॉलर बोन को काटकर धमनी तक पहुंच बनाई जाए। कॉलर बोन को काटने के बाद पाया गया कि धमनी लगभग 3 सेमी तक पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुकी थी। इसे जोड़ने के लिए 7×30 मिमी. साइज का डेक्रॉन ग्राफ्ट (कृत्रिम नस) लगाया गया। सर्जरी के दौरान लगभग 5 यूनिट रक्त चढ़ाया गया और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथ में पुनः रक्त प्रवाह शुरू हो सका। इस दौरान ब्रैकियल प्लेक्सस (तंत्रिका तंत्र) को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया, क्योंकि इसमें क्षति होने पर हाथ में स्थायी लकवे की संभावना रहती है। ऑपरेशन के बाद कॉलर बोन को प्लेट लगाकर वापस जोड़ दिया गया अब पूरी तरह स्वस्थ, काम पर लौटा मरीज सफल ऑपरेशन और समय पर उपचार के चलते मरीज का हाथ बच गया और गैंगरीन की स्थिति टल गई। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और अपने रोजमर्रा के कार्यों में वापस लौट चुका है। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू, ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रणय वास्तव, डॉ लोमेश साहू,  एनेस्थेटिस्ट डॉ. संकल्प दीवान, डॉ. बालस्वरूप साहू, जूनियर डॉक्टर – डॉ. आयुषी खरे, ख्याति, , आकांक्षा साहू, संजय त्रिपाठी, डॉ. ओमप्रकाश शामिल रहे। नर्सिंग स्टाफ में राजेन्द्र, नरेन्द्र, मुनेश, चोवा, दुष्यंत तथा एनेस्थेसिया तकनीशियन भूपेन्द्र और हरीश ने अहम भूमिका निभाई। यह सफलता न केवल अम्बेडकर अस्पताल बल्कि सभी के लिए गर्व का विषय है, जो यह साबित करती है कि समय पर सही निर्णय, समेकित प्रयास और विशेषज्ञ चिकित्सा से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। डॉ. विवेक चौधरी, डीन, पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर यह सर्जरी अत्यंत जटिल और जोखिम भरी थी। सबक्लेवियन आर्टरी जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण धमनी की मरम्मत प्रत्येक अस्पताल में संभव नहीं होती। अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, ट्रॉमा यूनिट और एनेस्थेसिया टीम के समन्वित प्रयास से यह संभव हो सका। यह प्रयास यह दर्शाती है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्चस्तरीय और जीवन रक्षक उपचार सुविधा उपलब्ध है। डॉ. संतोष सोनकर, अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने 283 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहनीय पहल छत्तीसगढ़ की साय सरकार की संवेदनशील और कल्याणकारी सोच का प्रतीक बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को राजिम के नवीन मेला मैदान में 283 जोड़ों का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य अतिथि प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे, जिन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। अध्यक्षता राजिम विधायक  रोहित साहू ने की। राज्य सरकार की इस योजना ने जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाई है, जो समाज के हर वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में बेटी की शादी हर परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ की साय सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इसे सुलझा दिया है। इस योजना के तहत प्रति जोड़े 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये वधु के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित होते हैं। शेष 15 हजार रुपये श्रृंगार सामग्री, व्यवस्था और अन्य खर्चों पर व्यय किए जाते हैं।  अग्रवाल ने कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से बेटी का विवाह करने में सहारा देती है। पूरे रीति-रिवाजों के साथ एक साथ इतने जोड़ों का विवाह होना समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना की तथा नवदंपतियों को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस भव्य समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के 94, बिन्द्रनवागढ़ के 181 तथा कुरूद विधानसभा के 8 जोड़े शामिल हुए। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नई उम्मीद दी है। विधायक  रोहित साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सरकार की जनकल्याणकारी भावना का जीवंत उदाहरण है। विवाह का आर्थिक बोझ अब बोझ नहीं, बल्कि खुशी का अवसर बन गया है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार माना। कलेक्टर  बीएस उइके ने बताया कि यह आयोजन पूरे प्रदेश में एक साथ हो रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होगा। 4 आत्मसमर्पित नक्सली बंधे विवाह बंधन में, मुख्यधारा में लौटकर सराहा राज्य सरकार की योजना योजना की सबसे प्रेरणादायक कहानी रही चार आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों की। कांकेर, सुकमा और बीजापुर जिले से इन जोड़ों ने मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी अपनाई है। इनमें दिलीप उर्फ संतु, मंजुला उर्फ लखमी, दीपक उर्फ भीमा मंडावी, सुनीता उर्फ जुनकी, कैलाश उर्फ भीमा, रनीता उर्फ पायकी कारम तथा राजेंद्र उर्फ कोसा मुरिया, जैनी उर्फ देवे मड़कम शामिल हैं। विवाह मंत्रोचार के बीच विवाह बंधन में बंधे इन नवदंपतियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों की तारीफ की। नक्सली जोड़ों ने मीडिया से कहा कि मुख्यधारा में जुड़ने के बाद हमें नई जिंदगी मिली है। इस योजना से जीवनसाथी के साथ खुशहाल भविष्य का सपना साकार हो रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर  बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ  प्रखर चंद्राकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  अशोक पाण्डेय के अलावा पूर्व विधायक  संतोष उपध्याय, राजिम नगर पालिका अध्यक्ष  महेश यादव, विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्षगण मती इंद्राणी साहू, मती मीरा ठाकुर,  सोहन धु्रव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप ने भी संबोधित किया। राज्य सरकार की यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य भी कर रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना: 10 माह में जिले में कुल 27 हजार 441 आवासों का निर्माण पूर्ण

महासमुंद महासमुंद जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मात्र 10 माह की अवधि में जिले में कुल 27 हजार 441 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। जिसके आधार पर महासमुंद जिला राज्य स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। जिले में निर्मित कुल 27,441 आवासों में विभिन्न विकासखंडों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिथौरा विकासखंड में सर्वाधिक 7,193 आवास, बागबाहरा विकासखंड में 6,102 आवास, महासमुंद विकासखंड अंतर्गत 5,775 आवास, सरायपाली विकासखंड अंतर्गत 5,062 आवास तथा बसना विकासखंड में 3,309 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं स्थायी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। योजना के क्रियान्वयन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार के सतत निरीक्षण में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जनप्रतिनिधियों तथा मैदानी अमले के सतत प्रयासों, नियमित निगरानी एवं प्रभावी समन्वय के चलते यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हितग्राहियों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता एवं निर्माण सामग्री उपलब्ध कराकर कार्यों में गति लाई गई। जिले में आवास निर्माण की इस उपलब्धि से हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार हुआ है। लाभान्वित परिवारों ने केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसके लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने निरंतर समन्वय के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। ताकि कोई भी पात्र परिवार आवास सुविधा से वंचित न रहे।

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: लाखों रुपये के घोटाले में तत्कालीन जनपद CEO गिरफ्त में

बलरामपुर जनपद पंचायत वाड्रफनगर के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को पुलिस ने लाखों रुपये की शासकीय राशि हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बता दें कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। पूरा मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2013-14 में श्रवण मरकाम वाड्रफनगर जनपद पंचायत में CEO के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान कुटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि गबन का मामला सामने आया था। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस मामले में पूर्व में चार अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस प्रकरण को लेकर वाड्रफनगर पुलिस की जांच आगे भी जारी है। शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री  साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है। कार्यक्रम में विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा,  मोतीलाल साहू,  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका वास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर प्रतिनिधिमंडल ने उनका सम्मान किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को भी राहत प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों सहित सभी वर्ग के लोगों को सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि नई गाडलाइन दरों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेंद्र आहूजा, श्री दीपक रहेजा, श्री राजीव अग्रवाल, श्री विजय पिंजानी, श्री अजय अग्रवाल, श्री प्रतीक अग्रवाल, श्री मुलकराज शर्मा, श्री रजत चाबड़ा, श्री विलास सुतार, श्री विनोद छितिजा, श्री विजय मोटवानी, श्री सनी सेवलानी तथा श्री गौरव खेतपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।