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कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आज, सीएम साय की मौजूदगी में बड़े निर्णयों की उम्मीद

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार यानी 11 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हो गई है. बजट सत्र से पूर्व हो रही बैठक काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की संभावना है. कैबिनेट सदस्यों में चर्चा के बाद महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगेगी. बैठक के बाद मंत्री अरुण साव कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी साझा करेंगे.

PWD में गड़बड़ी का मामला: ननकीराम का PM को पत्र, विभाग उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास

रायपुर  सूबे में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को विपक्ष से अधिक अपने ही नेताओं से निपटने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक बार फिर भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपनी बेबाकी के लिए चर्चित कंवर ने इस बार सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। यह विभाग वर्तमान में उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पास है। ननकीराम कंवर की इस आक्रामकता से न केवल राज्य के प्रशासनिक, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी खलबली मच गई है। कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार में कंठ तक डूब चुकी है। सीजीपीएससी घोटाले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था वहीं भाजपा ने भी पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों को गिनाया है। गौरतलब है कि ननकीराम कंवर वही नेता हैं, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान सामने आए सीजीपीएससी घोटाले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस मामले में अब तक 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे इससे पहले वे कोरबा कलेक्टर को हटाने की मांग को लेकर रायपुर में धरने पर बैठ गए थे, जिसके बाद प्रशासन को संबंधित अधिकारी का तबादला करना पड़ा था। वहीं, पिछले महीने ही रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बालोद जिले में आयोजित स्काउट-गाइड के जंबूरी कार्यक्रम में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस आयोजन को रद करने की सिफारिश की थी। प्रमुख अभियंता पर गंभीर आरोप, सीबीआइ जांच की मांग कंवर ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में प्रमुख अभियंता विजय भतपहरी पर चहेते ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने और अकूत काली संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वर्ष 2011 और 2015 के पुराने आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कहा है कि कथित रसूख के कारण अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। कंवर ने भ्रष्टाचार से अर्जित धन के जरिए जांच एजेंसियों को प्रभावित किए जाने की आशंका भी जताई है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने और अपनी मौजूदगी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की है। कांग्रेस को मिला मुद्दा, दीपक बैज ने बोला हमला भाजपा के भीतर से उठ रही इन आवाजों ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा हथियार दे दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की पोल अब उसके अपने ही विधायक और सांसद खोल रहे हैं। बैज ने राजिम कुंभ की अव्यवस्था, शिक्षक भर्ती और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बृजमोहन अग्रवाल, विजय बघेल, राजेश मूणत और सुनील सोनी जैसे नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए सरकार को ‘भ्रष्ट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि ननकीराम कंवर के आरोपों पर सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि सभी गड़बड़ियां सरकार के इशारे पर ही हो रही हैं। भाजपा का पलटवार कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कड़ा पलटवार किया है। चिमनानी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि महादेव एप, गोठान, शराब और राशन जैसे संवेदनशील मामलों में घोटाले करने वाली कांग्रेस का भ्रष्टाचार पर बोलना वैसा ही है, जैसे सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में मोहन मरकाम और जयसिंह अग्रवाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने स्वयं अपनी ही सरकार में डीएमएफ भ्रष्टाचार को उजागर किया था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों की जगह अब केवल जेल है। कई कांग्रेसी नेता पहले ही सलाखों के पीछे हैं और जिसने भी जनता का पैसा लूटा है, वह बच नहीं पाएगा।  

MP, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार समेत 7 राज्यों की ट्रेनें रद्द, छत्तीसगढ़ मार्ग पर सफर प्रभावित

रायपुर  छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कुल 26 यात्री ट्रेनों को रेलवे ने रद्द कर दिया है। यह फैसला रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बड़े निर्माण और रखरखाव कार्यों के चलते लिया गया है। ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार और पंजाब की ओर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, कुछ ट्रेनें 14 और 15 फरवरी को, जबकि बड़ी संख्या में गाड़ियां 4 अप्रैल से 26 अप्रैल तक संचालित नहीं होंगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल अंतर्गत गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नया बैलेस्टेड ट्रैक बिछाने का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए लगभग 20 दिनों का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल के हथबंद–भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग की जाएगी, जिसके चलते फरवरी में भी कुछ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 14 और 15 फरवरी को कैंसिल होने वाली ट्रेनों के नाम-     68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर     68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर     68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर     58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर     58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर 15 फरवरी को ये ट्रेनें कैंसिल रहेंगी     58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर     58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द की जाने वाली ट्रेनों के नाम-     18030 (शालीमार-LTT एक्सप्रेस): 4 अप्रैल से 24 अप्रैल तक     18029 (LTT-शालीमार एक्सप्रेस): 6 अप्रैल से 26 अप्रैल तक     18237 (कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     18238 (अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस): 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक     12410 (निजामुद्दीन-रायगढ़): 02, 04, 06, 07, 08, 09, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल     12409 (रायगढ़-निजामुद्दीन): 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल     12101 (LTT-शालीमार): 04, 06, 07, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल     12102 (शालीमार-LTT): 6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22 और 23 अप्रैल     12807 (विशाखापत्तनम-निजामुद्दीन): 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल     12808 (निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम): 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल मेमू और डेमू पैसेंजर      68815 (बल्लारशाह-गोंदिया मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     68816 (गोंदिया-बल्लारशाह मेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78805 (गोंदिया-कटंगी डेमू): 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक     78806 (कटंगी-गोंदिया डेमू): 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक रद्द की गई ट्रेनों में कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण एक्सप्रेस गाड़ियां शामिल हैं। कोरबा–अमृतसर एक्सप्रेस, शालीमार–लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस, रायगढ़–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस और विशाखापट्टनम–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को अलग-अलग तिथियों में रद्द किया गया है। इसके अलावा कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनें भी इस अवधि में नहीं चलेंगी, जिससे दैनिक यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ ट्रेनें अपने अंतिम गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही समाप्त कर दी जाएंगी। उदाहरण के तौर पर, गोंदिया–बल्लारशाह रूट की पैसेंजर ट्रेनें अप्रैल माह में हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी। वहीं बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक सीमित किया जाएगा, जिससे दुर्ग से आगे का सफर रद्द रहेगा। यात्रियों का कहना है कि पहले से टिकट बुक करा चुके लोगों के लिए अचानक ट्रेनों का रद्द होना असुविधाजनक है, खासकर शादी और परीक्षा सीजन को देखते हुए। हालांकि रेलवे का तर्क है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल सुविधाओं के लिए आवश्यक है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन या नजदीकी स्टेशन से जरूर जांच लें। जिन यात्रियों की ट्रेन रद्द की गई है, उन्हें टिकट रिफंड या वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की सुविधा नियमों के तहत दी जाएगी। आने वाले दिनों में रेलवे द्वारा और ट्रेनों के संचालन में बदलाव की सूचना जारी की जा सकती है।

सशक्त मोबाइल ऐप से गाड़ियों की सुरक्षा, चोरी की सूचना देने वाले पुलिस द्वारा सम्मानित होंगे

रायपुर /रायगढ़  जिले में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाई साइलेंसर एवं हैवी हार्न के विरुद्ध वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन पर सीएसपी मयंक मिश्रा एवं ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह द्वारा सटीक कार्ययोजना तैयार कर अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। अभियान को सफल बनाने  शाम सीएसपी मयंक मिश्रा ने स्थानीय गैरेज संचालकों की पुलिस कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के “सशक्त ऐप” के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि गैरेज में प्रतिदिन आने वाले वाहनों में चोरी के वाहन भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान इस ऐप के माध्यम से की जा सकती है। सभी गैरेज संचालकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराया गया तथा उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। उन्होंने कहा कि चोरी वाहन की सूचना देने वाले पुलिस मित्रों को रायगढ़ पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सीएसपी ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनज़र मॉडिफाई साइलेंसर से विद्यार्थियों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी पर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गैरेज में मॉडिफाई साइलेंसर न लगाए जाएं। यदि कोई वाहन चालक यह बताए कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई अन्यथा ऐसे वाहन चालक पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही मॉडिफाई साइलेंसर की खरीद-फरोख्त पर भी निगरानी रखे हुए है। आम नागरिकों एवं गैरेज संचालकों से अपील की गई है कि ऐसे वाहनों की सूचना *पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479193299 पर दें* तथा संभव हो तो फोटो व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करें। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न के खिलाफ अभियान तेज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिले में मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न वाले वाहनों पर अभियान चलाया जा रहा है। गैरेज संचालकों को कहा गया कि ऐसे उपकरण न लगाएं। यदि कोई वाहन चालक पकड़े जाने के बाद यह बताता है कि साइलेंसर संबंधित गैरेज में लगाया गया है, तो संबंधित पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चार पहिया वाहनों में निर्धारित मानक के अनुरूप नंबर प्लेट लगाने की हिदायत दी गई। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई एसएसपी ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि मॉडिफाई साइलेंसर और हैवी हार्न लगे वाहन चालक स्वयं तत्काल ऐसे उपकरण हटवा लें। पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति से समझौता नहीं किया जाएगा। मॉडिफाई साइलेंसर पर कार्यवाही अभियान के पहले ही दिन सघन चेकिंग दौरान यातायात पुलिस ने तीन दुपहिया वाहनों को मॉडिफाई साइलेंसर के साथ पकड़ा। वाहन चालकों के परिजनों को बुलाकर समझाइश दी गई तथा चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोहराया है कि अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोबारा उल्लंघन करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गुटखा महंगाई की मार: राजश्री ब्रांड के दाम बढ़ाने से छोटे दुकानदार और ग्राहक परेशान

राजश्री गुटखा की कालाबाजारी चरम पर, तय दाम से अधिक वसूली से उपभोक्ता और छोटे दुकानदार परेशान रायपुर  जिले में राजश्री गुटखा के अवैध मुनाफे और कालाबाजारी का खेल खुलेआम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रायपुर के कुछ बड़े व्यापारी और एजेंसी मालिक शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दामों पर गुटखा बेच रहे हैं। इस अवैध वसूली के पीछे जीएसटी में 40% वृद्धि का हवाला दिया जा रहा है, जिसकी आड़ में एजेंसी मालिक दुकानदारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। प्रशासनिक निगरानी के अभाव में फल-फूल रहे इस काले कारोबार से आम उपभोक्ताओं में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की निष्क्रियता के चलते कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं। जनता ने कलेक्टर और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस सिंडिकेट की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को हो रही इस लूट पर अंकुश लग सके। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, "हमें निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर गुटखा खरीदना पड़ रहा है, जिससे हमारा मुनाफा कम हो रहा है। अगर हम निर्धारित मूल्य पर गुटखा बेचते हैं तो एजेंसी मालिक हमें गुटखा देना बंद कर देते हैं।" एक उपभोक्ता ने बताया, "मैंने हाल ही में एक गुटखा पैकेट खरीदा था, जिसकी कीमत 5 रुपये होनी चाहिए थी, लेकिन मुझसे 7 रुपये लिए गए। जब मैंने दुकानदार से इसकी शिकायत की तो उन्होंने बताया कि एजेंसी मालिक ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया है।"

सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास-मंत्री टंक राम वर्मा सरकार प्रदेश का कर रही है सर्वांगीण विकास

रायपुर खिलौरा को मिली विकास की सौगात, राजस्व मंत्री ने किए डेढ़ करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा मंगलवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम खिलौरा पहुंचे, जहां उनके प्रथम आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री  वर्मा ने ग्राम खिलौरा में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।        लोकार्पित कार्यों में 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्रार्थना शेड, 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी टंकी, 3 लाख रुपये की लागत से रंगमंच उन्नयन, 5 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम अहाता तथा 5 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन (बाल समाज) शामिल हैं। वहीं, 10 लाख रुपये और 9.85 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पीडीएस भवन के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्पित है। पूरे प्रदेश में विकास कार्य तीव्र गति से संचालित हो रहे हैं और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचने से लोगों में खुशी और विश्वास का माहौल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर समृद्धि की बयार बह रही है। मंत्री  वर्मा ने उपस्थित स्कूली बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।   इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्य, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ

रायपुर. मुख्यमंत्री ने जीपीएम में नवीन जिला अस्पताल भवन निर्माण कार्य का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक  प्रणव मरपच्ची ने की। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक  अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

हरित पहल को बढ़ावा: वन विकास निगम–एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधों के रोपण का समझौता

रायपुर. वन विकास निगम और एनएमडीसी बचेली के बीच 50 हजार पौधारोपण का अनुबंध पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से वायु की गुणवत्ता सुधारना, मिट्टी के कटाव को रोकना, ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाना और सतत विकास के द्वारा भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ व संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के उद्देश्य से वन विकास निगम एवं एनएमडीसी बचेली के बीच विगत 13 जनवरी  को 50 हजार पौधों के रोपण हेतु अनुबंध हुआ है।                इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना तथा स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण करना है। वन विकास निगम वर्ष 2005 से एनएमडीसी के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार पौधारोपण कार्य कर रहा है। अब तक निगम द्वारा कुल 15 लाख 37 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिली है और क्षेत्र में हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ है। यह पौधारोपण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा पौधों की देखरेख और संरक्षण के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।              गौरतलब है कि इस अभियान के लिए वन मंत्री  केदार कश्यप ने वन विकास निगम की सराहना की है। उनका मानना है कि इस अभियान से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। पौधरोपण, देखरेख और संरक्षण कार्यों में स्थानीय श्रमिकों की भागीदारी से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होने की संभावना है।  एनएमडीसी बचेली द्वारा यह पहल कंपनी की सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय विकास और आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सामुहिक विवाह में वर्चुअल रूप से जुड़कर नव विवाहितों को दिया आशीर्वाद

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और सहारा– उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामाजिक रिती-रिवाजों और अभुतपूर्व उत्साह के साथ कबीरधाम जिले के 272 जोड़े एक साथ सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।          सरदार पटेल मैदान में आयोजित इस समारोह में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा शामिल वधुओं के परिजन बनकर शामिल हुए। इस अवसर में उन्होंने बारात का स्वागत करने के साथ सभी को परघाते हुए समधी की तरह सभी का अभिवादन किया। वरों एवं उनके परिजनों का फूल माला के साथ स्वागत करते हुए सभी का गले लगाकर अभिनंदन किया। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने वाले सभी नवदंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंडित द्वारा वर-वधुओं को सात वचनों का संकल्प दिलाया गया, जिसके साथ ही विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने मंच पर पहुंचकर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और सामग्री भेंट किया।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अनेक जोड़े एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की थी। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नवदाम्पत वर एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से आज पूरे सम्मान के साथ कबीरधाम जिले के 272 बेटियों की विवाह पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा के साथ एक आदर्श विवाह के रूप में संपन्न कराया गया। आज हम सब इस सामुहिक विवाह के साक्षी बने और नवदाम्पत जोड़ों को एक साथ, एक स्थान और एक मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करने का अवसर भी हम सबकों मिला। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को वर्तमान में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवन की नई शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में रायपुर के बाद सबसे अधिक नवजोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न हो रहा है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां विवाह का यह आयोजन सार्वजनिक रूप से पूरे परंपरा और रीति-रिवाज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे जिले के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं और समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा रहता है। उन्होंने नवजोड़ों को संदेश देते हुए कहा कि सुखी जीवन का सबसे बड़ा सूत्र एक-दूसरे को समझना, सम्मान देना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया गया है, अब सभी नवदंपति अपने वचनों को निभाते हुए जीवनभर साथ चलें और अपने परिवार को आगे बढ़ाएं। पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा ने कहा कि कवर्धा में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां पूरे मंडप को दूल्हा–दुल्हनों से सजा हुआ देखकर अत्यंत खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है।  इस अवसर पर  कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  बिसेसर पटेल, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू,  मोतीराम चंद्रवंशी,  अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू,  राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट,  अनिल ठाकुर,  नितेश अग्रवाल,  मुकेश ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत  संतोष पटेल,  विदेशी राम धुर्वे, सभापति मती सुमित्रा पटेल, जनपद अध्यक्ष कवर्धा मती सुषमा बघेल, बोड़ला मती बालका वर्मा, पडरिया मती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा मती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेंद्र साहू, सभापति  राज कुमार मरावी, मती पूर्णिमा साहू, मती दीपा धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य मती गंगा साहू, सदस्य जिला पंचायत  रोशन दुबे, मती राजकुमारी साहू, मती ललिता धुर्वे सहित सभी जनप्रतिनिधि ने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। उपमुख्यमंत्री बेटिंयों के अभिभावक बनकर दुल्हों का किया स्वागत सत्कार  मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरदार पटेल मैदान में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। कवर्धा शहर के पुरानी मंडी से बैंड और डीजे सहित आतिशबाजी के साथ 272 दुल्हों की सामुहिक बारात निकाली गई। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, पंडरिया विधायक मती भावना बोहरा, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू बेटियों की तरफ से उनके अभिभावक बनकर दुल्हों और वर पक्ष का महामाया मंदिर के पास माला पहनाकर स्वागत किया। वही वर पक्ष की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक  सियाराम साहू,  नितेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि बारात में शामिल होकर दुल्हों का आत्मविश्वास बढ़ाया।  बरातियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति ‘डंडा खेल’ और बैंड से हुआ भव्य परघौनी स्वागत छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए आज सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति देखने को मिली, जहां बरातियों का स्वागत डंडा खेल के जरिए किया गया। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस ’परघौनी’ ने न सिर्फ शादी समारोह को खास बना दिया, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की झलक भी पेश की। वर पक्ष का जब बरात पहुंची, तो वधु पक्ष ने डंडा खेल की आकर्षक प्रस्तुति दी। डंडा खेल, जो छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, आमतौर पर शारीरिक चुस्ती और कलात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल के जरिए वधु पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया।

पशुपालन योजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय दल

रायपुर. छत्तीसगढ़ में संचालित केन्द्रीय पशुपालन योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग, नई दिल्ली द्वारा तीन राष्ट्रीय स्तर के पर्यवेक्षक (नेशनल लेवल मॉनिटर) नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी 9 से 14 फरवरी 2026 तक दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिलों का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम और पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की स्थिति को मौके पर जाकर परीक्षण करेंगे। भ्रमण दल में भारत सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। भ्रमण कार्यक्रम के पहले दिन संचालनालय स्तर पर ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव, पशुधन विकास विभाग तथा भारत सरकार के नोडल अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं द्वारा केन्द्र से आए अधिकारियों और नेशनल लेवल मॉनिटर  दल को योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा योजनाओं का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके बाद भारत सरकार से आए अधिकारी  मुकेश शर्मा,  ने योजनाओं की समीक्षा ।  बैठक में राष्ट्रीय गोकुल मिशन और राष्ट्रीय दुग्ध विकास कार्यक्रम के तहत प्रदेश स्तरीय नोडल अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण दिया। वहीं पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों को समय पर लाभ दिलाना और पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना है। 1962 कॉल सेंटर का किया निरीक्षण नेशनल लेवल मॉनिटर और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने संचालनालय परिसर में स्थित मोबाइल वेटेनरी यूनिट के कॉल सेंटर 1962 का भी निरीक्षण किया और वहां संचालित सेवाओं की जानकारी ली।