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किसानों को मिलेगा तकनीकी लाभ: जशपुर में DST परियोजना के तहत सोलर टनल ड्रायर की स्थापना

रायपुर. जशपुर में DST प्रायोजित परियोजना के तहत सोलर टनल ड्रायर की स्थापना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नवाचार और स्थानीय संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिला महुआ फूल के मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो चुका है। जिले में महुआ नेक्टर, महुआ च्यवनप्राश, लड्डू, कुकीज़ सहित अनेक पारंपरिक एवं पोषक खाद्य उत्पाद विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर में DST प्रायोजित परियोजना के तहत सोलर टनल ड्रायर की स्थापना हालांकि, पूरी मूल्य श्रृंखला में खाद्य-ग्रेड महुआ संग्रह और सुरक्षित निर्जलीकरण एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा स्वीकृत परियोजना “Technological Augmentation of Indigenous Practices of ST Communities of Chhattisgarh for Sustainable Livelihood and Entrepreneurial Development” वर्तमान में जशपुर जिले में क्रियान्वित की जा रही है। यह परियोजना DST द्वारा वैज्ञानिक डॉ. प्रसन्ना कुमार जीवी को स्वीकृत की गई है, जिसे स्थानीय सहभागिता के साथ लागू किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM), कुंडली के वैज्ञानिक डॉ. प्रसन्ना कुमार जीवी द्वारा जशपुर जिले में सोलर टनल ड्रायर की स्थापना की गई है। इस पहल में स्थानीय स्तर पर जय जंगल फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का सक्रिय सहयोग रहा है। फूड प्रोसेसिंग कंसल्टेंट एवं युवा वैज्ञानिक समर्थ जैन ने बताया कि पारंपरिक खुले वातावरण में महुआ सुखाने की प्रक्रिया में धूल, नमी और कीटों के कारण गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे खाद्य उपयोग और बाज़ार की संभावनाएँ सीमित हो जाती हैं। इन व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक एवं नियंत्रित निर्जलीकरण प्रणाली की आवश्यकता महसूस की गई। स्थापित सोलर टनल ड्रायर के माध्यम से महुआ फूलों को नियंत्रित तापमान में स्वच्छ, तेज़ और समान रूप से सुखाया जा सकता है। इससे महुआ की गुणवत्ता, रंग, सुगंध और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं तथा दीर्घकालीन भंडारण संभव हो पाता है। यह प्रणाली वर्षा, धूल और कीटों से सुरक्षा प्रदान करती है तथा पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित होने के कारण पर्यावरण-अनुकूल भी है। महुआ के साथ-साथ परियोजना के अंतर्गत वनौषधियों के निर्जलीकरण पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। आदिवासी महिला लाभार्थियों को गिलोय, अडूसा जैसी महत्वपूर्ण वन औषधियों एवं पालक जैसी मौसमी सब्ज़ियों के वैज्ञानिक और स्वच्छ निर्जलीकरण का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं लाइव डेमोंस्ट्रेशन कराया गया। प्रशिक्षण में सुरक्षित हैंडलिंग, ट्रे लोडिंग, नमी नियंत्रण और भंडारण की वैज्ञानिक विधियों पर विशेष जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि डॉ. प्रसन्ना कुमार जीवी पिछले तीन वर्षों से जशपुर जिले में निरंतर कार्य कर रहे हैं और खाद्य प्रसंस्करण एवं तकनीकी क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनकी दीर्घकालिक सहभागिता से यह परियोजना स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित एक व्यावहारिक और टिकाऊ मॉडल के रूप में विकसित हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि इस प्रकार की वैज्ञानिक निर्जलीकरण प्रणालियाँ राज्य के अन्य महुआ एवं वनोपज संग्रहण क्षेत्रों में योजनाबद्ध ढंग से स्थापित की जाएँ, तो इससे अपव्यय में कमी, खाद्य-ग्रेड उत्पादों की उपलब्धता और आदिवासी समुदायों की आजीविका सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। जशपुर में संचालित यह पहल छत्तीसगढ़ में वन-आधारित मूल्य संवर्धन और नवाचार की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण बनकर उभर रही है।

शिक्षा और परंपरा का संगम: लक्ष्मणेश्वर पीजी कॉलेज खरौद के हीरक जयंती समारोह में पहुंचे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर. वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी छत्तीसगढ़ के वित्त, वाणिज्य एवं जांजगीर चांपा जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चांपा जिले के खरौद नगर पंचायत स्थित शासकीय लक्ष्मणेश्वर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित हीरक जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय के दीर्घ शैक्षणिक योगदान की सराहना करते हुए शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि हीरक जयंती जैसे आयोजन भारत की गौरवशाली बौद्धिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत की स्मृति को सशक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि पहली सदी से 17वीं सदी तक लगभग 1600 वर्षों तक भारत विश्व की अग्रणी आर्थिक शक्ति रहा है। शून्य जैसे महान आविष्कार और नालंदा–तक्षशिला जैसे ज्ञान केंद्र इस तथ्य के सशक्त प्रमाण हैं कि भारत प्राचीन काल से ही ज्ञान और नवाचार का वैश्विक केंद्र रहा है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान युग तकनीक और नवाचार का युग है, ऐसे में शिक्षा को समयानुकूल, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेज़ी से विकास पथ पर अग्रसर है और इस विकास की सबसे मजबूत नींव शिक्षा है। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय की स्मारिका दर्पणग्रंथ का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े, कलेक्टर  जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक  विजय कुमार पांडेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सरस्वती शिशु मंदिर में अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खरौद में 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले अतिरिक्त कक्ष का शिलान्यास किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने से सफलता निश्चित रूप से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में निर्णायक भूमिका निभाती है। वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक तकनीकों के महत्व से अवगत कराते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा: राजिम कुंभ कल्प 2026 हेतु सीएम विष्णुदेव साय को न्योता

रायपुर. छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से शिष्टाचार भेंट कर राजिम कुंभ कल्प 2026 के लिए उन्हें  आमंत्रित किया। यह भेंट मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुई, जहां मंत्री ने इस भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन की तैयारियों और महत्व पर विस्तार से चर्चा की।राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रमुख प्रतीक है। यह कुंभ मेला परंपरा से प्रेरित विशाल स्नान पर्व है, जिसमें लाखों भक्तगण भाग लेते हैं। वर्ष 2026 का यह कल्प विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह राज्य की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का अवसर प्रदान करेगा। मंत्री अग्रवाल ने बताया कि आयोजन के दौरान पारंपरिक स्नान, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लोक उत्सव आयोजित किए जाएंगे, जो पर्यटकों को आकर्षित करेंगे।इस शिष्टाचार भेंट के दौरान आयुक्त रायपुर  महादेव कावरे  एवं कलेक्टर गरियाबंद  बी.एस. उईके भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए आयोजन की सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक एकता और आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देने वाला महापर्व सिद्ध होगा।राज्य सरकार द्वारा इस कुंभ के लिए विशेष तैयारियां तेजी से की जा रही हैं, जिसमें स्वच्छता अभियान, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल प्रचार शामिल हैं। गरियाबंद जिला प्रशासन ने पहले ही स्थानीय स्तर पर समितियां गठित कर ली हैं। यह आयोजन छत्तीसढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर लाने में मील का पत्थर साबित होगा। 

मुख्यमंत्री ने सरगुजा ओलंपिक के लोगो और शुभंकर “गजरु” का किया अनावरण

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में बस्तर ओलम्पिक की तर्ज पर आयोजित होने वाले सरगुजा ओलंपिक के प्रतीक चिन्ह (लोगो) एवं शुभंकर “गजरु” का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने सरगुजा अंचल के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब बस्तर की भांति सरगुजा की खेल प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता दिखाने का सशक्त मंच मिलेगा।  मुख्यमंत्री ने 12 खेल विधाओं में लगभग 3 लाख 50 हजार खिलाड़ियों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह संख्या सरगुजा अंचल के युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलम्पिक में जनभागीदारी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई है और अब वही उत्साह सरगुजा ओलंपिक को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। पंजीयन से यह स्पष्ट है कि सरगुजा पूरे मनोयोग और उमंग के साथ इस आयोजन के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेते हुए सफल आयोजन की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।   उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने सरगुजा ओलंपिक के शुभंकर और लोगो के अनावरण कार्यक्रम में कहा कि इस आयोजन से सरगुजा के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाने का अच्छा मंच मिलेगा। इसके विजेता खिलाड़ियों को राज्य की प्रशिक्षण अकादमियों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें यूथ आइकॉन घोषित कर युवाओं व बच्चों को खेलों से जुड़ने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरगुजा ओलंपिक 2026 का लोगो इस अंचल की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और खेल भावना का जीवंत प्रतीक है। लोगो के केंद्र में मैनपाट स्थित प्रसिद्ध टाइगर पॉइंट जलप्रपात को दर्शाया गया है, जो हरियाली, ऊर्जा और निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। मध्य भाग में अंकित “सरगुजा ओलंपिक 2026” आयोजन की स्पष्ट पहचान के साथ स्थानीय गौरव और अस्मिता को अभिव्यक्त करता है।   चारों ओर 12 खेलों के प्रतीक चिन्ह समावेशिता और समान अवसर का संदेश देते हैं। रंगों का संयोजन आयोजन की जीवंतता, उत्साह और एकता को प्रकट करता है। लाल रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व पहाड़ी कोरवा जनजाति की परंपराओं से भी जुड़ा है, जहाँ यह शक्ति, साहस और जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह रंग सकारात्मकता और संरक्षण का भाव लिए हुए दैवीय शक्ति और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाता है।     इसी प्रकार सरगुजा ओलम्पिक 2026 का शुभंकर गजरु को रखा गया है, जो सरगुजा अंचल की प्राकृतिक व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। आदिवासी समाज में हाथी को बल, धैर्य, बुद्धिमत्ता और एकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी विशेषताएँ—शक्ति, अनुशासन, संतुलन और निरंतर प्रयास—खेल भावना से जुड़ी हैं तथा झुंड में चलने की प्रवृत्ति टीम वर्क और सामूहिक सहभागिता का संदेश देती है।  विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित होगी खेल प्रतिभाएं सरगुजा ओलंपिक के लिए 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक पंजीयन किया गया है, जिसमें 06 जिलों से लगभग 03 लाख 50 हजार लोगों ने पंजीयन कराया है। इसमें 1 लाख 59 हजार पुरुष और 01 लाख 89 हजार महिलाओं ने आयोजन में अपना पंजीयन कराया है। कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, रस्साकसी समेत 12 विधाओं में विकासखंड, जिला तथा संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी।    समारोह में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत, सचिव खेल  यशवंत कुमार, संचालक खेल मती तनुजा सलाम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज PG पाठ्यक्रमों में एडमिशन के पुराने अलॉटमेंट को किया रद्द

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एडमिशन के पुराने अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया है। अब नई काउंसलिंग से ही सीट मिलेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि, नियम बदले तो पुराना एडमिशन खत्म माना जाएगा। नियमों में बदलाव और काउंसलिंग रद्द होने से पुराना एडमिशन मान्य नहीं रह गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि, 2025 के नियम 11 में किए गए संशोधन के बाद किसी भी अभ्यर्थी के पास पहले से आवंटित सीट पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे पर अब और कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी।दरअसल, भिलाई निवासी अनुष्का यादव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में राज्य सरकार के 22 और 23 जनवरी 2026 के उन आदेशों को चुनौती दी थी। जिसके तहत पहले से पूरी हो चुकी काउंसलिंग और सीट आवंटन को अचानक रद्द कर दिया गया था। तर्क दिया कि उसने मेरिट के आधार पर भिलाई के एक निजी मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस की सीट हासिल की थी। 10.79 लाख रुपए फीस समेत 10 लाख की बैंक गारंटी जमाकर जॉइन कर लिया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि, एक बार प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे रद्द करना अनुचित है। याचिका में शासन के फैसले को अवैधानिक और मनमानीपूर्ण बताया गया। साथ ही कहा कि, इस प्रक्रिया से पहले प्रवेश पाने वाले छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि, काउंसलिंग रद्द करने का निर्णय कोई मनमानी कार्रवाई नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल मामले में दिए गए आदेश के पालन में उठाया गया कदम था। इसके अलावा कहा कि डोमिसाइल आधारित आरक्षण पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में असंवैधानिक है और केवल संस्थागत प्राथमिकता को ही एक सीमा तक अनुमति दी जा सकती है।

तापमान में गिरावट से रात और सुबह बढ़ेगी ठंड

रायपुर. मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, सरगुजा संभाग और उससे सटे जिलों में न्यूनतम तापमान अगले 3 दिनों में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि इन क्षेत्रों में रात और सुबह की ठंड कुछ बढ़ सकती है। वहीं, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के जिलों में अगले 4 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है, यानी यहां रात और सुबह का मौसम फिलहाल सामान्य बना रहेगा। प्रदेश में बुधवार को सबसे अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और जगदलपुर में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ी अधिकता दर्शाता है। रायपुर और आसपास के जिलों में सुबह से कोहरा छाया हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में दिन का तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। ऐसे में सुबह-सुबह और रात में हल्की ठंड का अनुभव लोगों को होगा, जबकि दिन के समय हल्की गर्मी का असर रहेगा। आने वाले 3 से 4 दिनों तक छत्तीसगढ़ में सर्दी और हल्की गर्मी का मिला-जुला असर बना रहेगा। इसका मतलब यह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के पैटर्न में थोड़ा अंतर रहेगा। सरगुजा, कोरिया और जशपुर जैसे उत्तरी जिले ठंड के अधिक प्रभाव के साथ रहेंगे, जबकि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में तापमान सामान्य रहेगा और मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

जज पद पर प्रमोशन के लिए 7 साल का अनुभव जरूरी

बिलासपुर. विधि एवं विधायी विभाग ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस रूल्स में बड़ा बदलाव करते हुए न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति और आरक्षण व्यवस्था में जरूरी संशोधन किए हैं। इस संबंध में हायर ज्यूडिशियल सर्विस (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम, 2006 में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। विधि विभाग की ओर से जारी अधिसूचना हाई कोर्ट की अनुशंसा के बाद लागू की गई है। नए नियमों के तहत ज्यूडिशियल सर्विस में पदोन्नति के मानदंडों को पहले की तुलना में अधिक सख्त किया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार अब सिविल जज (जूनियर और सीनियर कैटेगरी) को पदोन्नति के लिए कम से कम सात वर्ष की सेवा पूरी करना अनिवार्य होगा। वहीं, पद पर बने रहने की न्यूनतम समय-सीमा को पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। हायर ज्यूडिशियल सर्विस में भर्ती कोटा के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां 65 प्रतिशत और 10 प्रतिशत का प्रावधान था, उसे संशोधित कर क्रमशः 50 प्रतिशत और 25 प्रतिशत कर दिया गया है। नए नियमों के तहत दिव्यांगों के लिए चार प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। इसमें दृष्टिबाधित और अल्प दृष्टि के लिए एक प्रतिशत, श्रवण बाधित (बधिर को छोड़कर) के लिए एक प्रतिशत तथा चलने में निशक्तता, कुष्ठ रोग मुक्त, बौनापन, तेजाब हमला पीड़ित और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के लिए एक प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।

शिक्षक पात्रता परीक्षा में जैकेट और ब्लेजर पर प्रतिबंध

दुर्ग. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा 01 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का आयोजन दो पाली में किया जा रहा है। प्रथम पाली (प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु) में लगभग 12,096 तथा द्वितीय पाली (माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु) में लगभग 26,171 अभ्यर्थी शामिल हो रहे है। व्यापम के जिला नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री पिस्दा से मिली जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जारी किए गये निर्देशों का पालन हेतु परीक्षार्थी परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र का अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लेवें ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फिस्किंग (फ्रीस्किंग) एवं फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूंकि प्रथम पाली की परीक्षा प्रातः 09.30 बजे से प्रारंभ हो रहा है, मुख्य द्वार प्रातः 09.00 बजे बंद कर दिया जाएगा। द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 03.00 बजे से प्रारंभ हो रहा है, इसलिए मुख्य द्वार दोपहर 02.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपड़े पहनना वर्जित होगा। केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा। स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं होगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी। फुटविर के रूप में चप्पल पहनें। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र में केवल काले या नीले बॉल पांइट पेन लेकर ही आयें।

चंडीगढ़ में मेयर के लिए आज होगी वोटिंग

चंडीगढ़. शहर को आज दोपहर 12 बजे तक नया मेयर मिल जाएगा। भाजपा से सौरभ जोशी, आम आदमी पार्टी से योगेश ढींगरा और कांग्रेस से गुरप्रीत सिंह गाबी मैदान में हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी के कई पार्षदों की नाराजगी भाजपा के सौरभ जोशी का कुर्सी तक पहुंचना आसान बनाते दिख रहे हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की दूरी भी सौरभ जोशी की कुर्सी से दूरी घटाई है। यह टकराव आज चुनाव में भी रहा, तो भाजपा बड़े अंतर से जीत दर्ज कर लेगी। भाजपा के पास सबसे अधिक 18 वोट हैं। जबकि आप के 11 में से दो पार्षद नाराज बताए जा रहे हैं। रामचंद्र यादव ने तो प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से नाराज होकर डिप्टी मेयर के लिए अलग से नामांकन दाखिल कर रखा है। दमनप्रीत भी नाराज हैं। कांग्रेस के छह पार्षद हैं और एक सांसद मनीष तिवारी का वोट रहेगा। वोटिंग सुबह ग्यारह बजे शुरू होगी। मतदान से जुड़ा अपडेट जानने के लिए जुड़े रहें। रात आठ बजे से कांग्रेस पार्षदों के फोन हुए बंद कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने अपने घर पर पार्षदों से बैठक की। लक्की ने मेयर चुनाव के साथ आगामी नगर निगम चुनाव पर भी चर्चा की। पार्षदों ने दोहराया कि वह मेयर सहित तीनों पदों पर चुनाव लड़ेंगे। आप का समर्थन नहीं करेंगे। रात आठ बजे कांग्रेस के पार्षदों के फोन बंद हो गए। आप की सुखना पर लंच डिप्लोमेसी, तीन पार्षद नहीं पहुंचे आम आदमी पार्टी के पार्षद बुधवार दोपहर को सुखना लेक पर लंच करने पहुंचे। आप चंडीगढ़ प्रभारी जनरैल सिंह और अध्यक्ष विजय पाल यादव की मौजूदगी में पार्षद सोलर क्रूज पर मंत्रणा करते दिखे।  हालांकि, फोटो में छह से सात पार्षद ही दिखने से कई सवाल भी खड़े हो गए। आपसी टकराव और नाराजगी यहां भी देखने को मिली। रामचंद्र यादव और जसबीर सिंह लाडी लंच पर नहीं पहुंचे। हालांकि दमनप्रीत सिंह मौजूद रहे। दिनभर दल बनाते रहे रणनीति चुनाव से पहले बुधवार को राजनीतिक दल दिनभर रणनीति बनाने में व्यस्त रहे। इस बार दिलचस्प यह है कि कांग्रेस और आप के पार्षद शहर में हैं और भाजपा पार्षद कई दिनों से पंचकूला में रुके हैं। बुधवार को भाजपा चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े ने पंचकूला के रेड बिशप पहुंचकर सभी पार्षदों को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। निजी इच्छा और स्वार्थ से ऊपर भाजपा को बताते हुए असंतुष्टों को एकजुट किया। उन्हें उदाहरण देकर भाजपा की नीति व पीएम का विजन बताते हुए आगे के अवसरों पर बात की। हाथ उठाकर करेंगे फैसला पीठासीन अधिकारी पहले एक प्रत्याशी का नाम लेंगे और उनका समर्थन करने वाले सदस्यों से हाथ उठाने के लिए कहेंगे। जो पार्षद हाथ उठाएंगे बाकायदा एक-एक का नाम दर्ज करेंगे। इसके बाद दूसरे प्रत्याशी का नाम लेकर उनके समर्थन में होने वाले पार्षदों से हाथ उठाने के लिए कहेंगे।

2 लाख के केबल चोरी करते कबाड़ी समेत 6 गिरफ्तार

कोरबा. आरडीएसएस योजना के गोदाम से 2 लाख रुपये कीमत का एल्यूमिनियम केबल चोरी के मामले में उरगा पुलिस ने कबाड़ी समेत कबाड़ चोर गिरोह को पकड़ लिया। लबेद गांव में बिजली विभाग का केबल कन्वर्जन कार्य पूरा होने के बाद केबल-तार गोदाम में रखा गया था। सोमवार रात चोरों ने धावा बोलकर सारा माल उड़ा लिया। रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना से संदेह के आधार पर मालवाहक ट्रक तक पहुंची। चालक से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने झगरहा के कबाड़ी मदन अग्रवाल (43) के संरक्षण में गिरोह द्वारा चोरी करना कबूल लिया। मुख्य आरोपी कबाड़ी मदन समेत सुरेश कुमार सोहा (34), संजय मंडावर (28), सचिन बागड़ी (25), अर्जुन गोड़ (22) और सागर कुमार बरेठ (22) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा केबल-तार बरामद हो गया। सभी को कोर्ट पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस ने अन्य संलिप्तों की तलाश जारी रखी है।