samacharsecretary.com

राज्यपाल डेका ने कोपलवाणी चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन को दिया 2 लाख रुपये का निजी अनुदान

रायपुर. सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल : राज्यपाल  डेका ने कोपलवाणी चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन को दिया 2 लाख रूपए का निजी अनुदान राज्यपाल  रमेन डेका ने सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत अपने पिता स्वर्गीय  सुरेन्द्र डेका की स्मृति में दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित कोपलवाणी चाइल्ड वेलफेयर आर्गेनाइजेशन को 2 लाख रूपए का निजी अनुदान प्रदान किया  है। इस अनुदान से संस्था में सुरेन्द्र डेका पुरस्कार की स्थापना की जाएगी। इस राशि के माध्यम से प्रतिवर्ष संस्था के दो उत्कृष्ट बच्चों को स्वर्गीय  सुरेन्द्र डेका के जन्मदिवस के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार बच्चों को शिक्षा, प्रतिभा और समग्र विकास के लिए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करेगा। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि यह पहल बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सहायक सिद्ध होगी। आज लोकभवन में राज्यपाल  डेका ने संस्था की अध्यक्ष श्रीमती पद्मा शर्मा को उक्त राशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर संस्था की सदस्य श्रीमती भारती शर्मा, सु सेजल सिंघानिया और  कुणाल टांक उपस्थित थे।

युवा नेतृत्व को राष्ट्रीय पहचान: सहभागितापूर्ण शासन के लिए 28 जनवरी को सम्मान

रायपुर.  छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा। छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।" युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

ऑटो सेक्टर को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राडा ऑटो एक्सपो–2026 का शुभारंभ किया

रायपुर . मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के  राम बिजनेस पार्क में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर क्षेत्र में निरंतर विकास के लिए प्रयासरत है। राज्य में आम नागरिकों की परचेसिंग पावर बढ़ी है, जिसके चलते बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लोगों से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।     मुख्यमंत्री   साय ने कार्यक्रम के दौरान यामाहा एक्सएसआर-155, टाटा सिएरा तथा महिंद्रा 7 एक्सओ वाहनों की लॉन्चिंग की। इसके साथ ही उन्होंने “मनी मैटर्स” पुस्तक का भी विमोचन किया।     राडा ऑटो एक्सपो-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य के किसानों को धान का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में किए गए सुधारों से कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर लोगों से चर्चा के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जीएसटी दरों में कमी से बाइक की कीमत में लगभग 15 से 25 हजार रुपए तक का लाभ हो रहा है। वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि हार्वेस्टर की कीमत में करीब 2 लाख रुपए तक की कमी आई है।     मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसकी देश-विदेश में सराहना हो रही है। पिछले एक वर्ष में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी उन्हें ऑटो एक्सपो में आने का अवसर मिला था, उस समय भी सरकार द्वारा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी, जिसका व्यापक लाभ मिला। उस दौरान 25 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लगभग 29 हजार वाहनों का विक्रय हुआ। इससे सरकार को करीब 800 करोड़ रुपए का जीएसटी तथा परिवहन विभाग को 129 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। आम नागरिकों को भी ऑटो एक्सपो का प्रत्यक्ष लाभ मिला।     मुख्यमंत्री   साय ने कहा कि इस वर्ष राडा ऑटो एक्सपो का आयोजन और अधिक वृहद स्तर पर किया गया है। एक्सपो का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है तथा इसमें 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। पूरे प्रदेश से उद्यमी और विभिन्न कंपनियां इसमें सहभागिता कर रही हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले ही दिन लगभग 2000 वाहनों का पंजीयन हो चुका है और उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष 50 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य भी अवश्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रतिवर्ष इसी तरह किया जाना चाहिए।     वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री   केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राडा ऑटो एक्सपो का यह नौवां संस्करण केवल वाहनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में रोजगार सृजन और ऑटो सेक्टर की प्रगति का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रोड टैक्स में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट से ग्राहकों के साथ-साथ प्रदेश के छोटे और मध्यम व्यवसायियों को भी लाभ मिल रहा है। राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे कनेक्टिविटी बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ में ऑटो सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है।     उल्लेखनीय है कि मंत्रिपरिषद द्वारा राजधानी रायपुर में 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के पश्चात पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। इस निर्णय का लाभ पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को मिलेगा, इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।     कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री   साय ने ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा शपथ पर हस्ताक्षर किए और आमजन से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने आगामी महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली नारी मैराथन के पोस्टर का भी विमोचन किया।     इस अवसर पर परिवहन सचिव   एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त   डी. रविशंकर, कैट के वाइस चेयरमैन   अमर परवानी,   राजकुमार सिंघानिया,   रविन्द्र भसीन,   विवेक गर्ग सहित बड़ी संख्या में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सदस्यगण उपस्थित थे।

फैक्ट्री दुर्घटना पर सीएम साय का बयान, घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश

रायपुर बलौदाबाजार जिले के बकुलाही स्थित आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। सीएम ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो एवं उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। सीएम ने हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

युवाओं के भविष्य से जुड़ा हेल्थ मॉडल: नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब बनाएंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर. नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा। यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ  चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन  भरत तापड़िया, सचिव  श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मीडिया मामलों पर सीएम साय को सलाह देंगे आर. कृष्णा दास

रायपुर वरिष्ठ पत्रकार आर. कृष्णा दास को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सलाहकार नियुक्त किया गया है. सलाहकार के रूप में वे मुख्यमंत्री को मीडिया एवं अन्य विषयों पर परामर्श देंगे. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि सलाहकार के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होगा. इसके साथ उन्हें राज्य शासन के विशेष सचिव के समकक्ष अन्य सुविधाएं प्राप्त होगी. कृष्ण दास ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ के छत्तीसगढ़ प्रमुख के रूप में लंबे समय से कार्यरत रहे हैं.

प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका: छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग की सब-इंस्पेक्टर नियुक्ति रद्द

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने आबकारी विभाग में उपनिरीक्षक पदों पर की जाने वाली नियुक्तियों के आदेश को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभागीय स्तर पर आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। हालांकि, आदेश में नियुक्ति निरस्त करने के पीछे की ठोस वजहों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया है। तकनीकी कारणों का हवाला, लेकिन वजह स्पष्ट नहीं जारी पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा-2024 की चयन सूची के अनुसार अनुशंसित आबकारी उप निरीक्षक पदों पर कार्यालयीन आदेश से जारी नियुक्ति को “तकनीकी कारणों” के चलते निरस्त किया जाता है। हालांकि, इन तकनीकी कारणों की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसी वजह से चयनित उम्मीदवारों के साथ-साथ विपक्षी दल भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। 85 चयनित अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2024 के माध्यम से आबकारी विभाग में कुल 85 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए साल की शुरुआत में अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदंडों की जांच, प्रमाण पत्र सत्यापन और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। लेकिन नियुक्ति आदेश निरस्त होने से अब इन सभी युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। युवाओं में नाराजगी, सरकार से स्पष्टीकरण की मांग नियुक्ति रद्द होने की खबर सामने आते ही चयनित अभ्यर्थियों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। कई उम्मीदवारों ने सरकार से तत्काल स्पष्ट कारण बताने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबी परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस तरह का फैसला न केवल मानसिक आघात पहुंचाने वाला है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय भी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हुई हैं।

धर्मांतरण को लेकर लोगों के साथ मारपीट कर गांव से भगाया

नारायणपुर. अबूझमाड़ क्षेत्र में ओरछा ब्लॉक के ईकनार गांव में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने गांव में मतांतरित दो परिवारों के 16 लोगों के साथ मारपीट कर उन्हें गांव से भगा दिया गया। इतना ही नहीं, पीड़ित परिवारों के घर तोड़ दिए गए। साथ ही राशन सामग्री और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। बता दें कि इससे पहले आमाबेड़ा गांव में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी और अब ईकनार गांव में सनसनी फैला दी है। मारपीट में घायल परिवार के सदस्य किसी तरह जान बचाकर ओरछा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई है। गांव में सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल मौके पर तनाव बरकरार है। 

गणतंत्र दिवस के दिन शुष्क दिवस पर शराब दुकानें रहेंगी बंद

कोरिया. गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी 2026 को कोरिया, रायपुर जिले सहित प्रदेशभर में शुष्क दिवस रहेगा। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट चंदन संजय त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को जिले की समस्त देशी, विदेशी एवं कम्पोजिट मदिरा की फुटकर दुकानें, एफ.एल.3(ग) पर्यटन बार, एफ.एल.4 (क) व्यवसायिक क्लब तथा सभी अहाते पूर्णतः बंद रहेंगे। यह आदेश आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशों के परिपालन में जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित संचालकों एवं अनुज्ञापत्र धारकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बीजापुर में इंद्रावती नदी पर नाव पलटने से परिवार के 4 लोग लापता

बीजापुर. बीजापुर में इंद्रावती नदी में डोंगी पलटने से एक ही परिवार के 4 लोग तेज बहाव में बह गए। लापता लोगों में दो महिलाएं और दो बच्चों शामिल हैं। डोंगी में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से दो को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। यह घटना शाम करीब 5 बजे उसपरी झिल्ली घाट पर हुई। सभी पीड़ित इंद्रावती नदी पार स्थित बोड़गा गांव के निवासी थे। वे बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी डोंगी अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे यह हादसा हुआ। तहसीलदार सूर्यकांत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। नगर सेना (होमगार्ड) को भी सूचित कर दिया गया है। नगर सेना की टीम आज सुबह मोटर बोट की सहायता से लापता लोगों की तलाश शुरू कर दी है। इंद्रावती नदी के पार स्थित दर्जनों गांवों के निवासियों के लिए पीडीएस राशन लाने या बाजार आने-जाने के लिए डोंगी ही एकमात्र साधन है। इस नदी के घाटों पर डोंगी पलटने से हर साल कई लोगों की जान चली जाती है।