samacharsecretary.com

76 अधिकारियों व पुलिसकर्मियों का थोकबंद तबादला

बलौदाबाजार. जिले में पुलिस प्रशासन को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने एक आदेश जारी कर जिले में तैनात कुल 76 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया है। इस प्रशासनिक बदलाव में 4 उप निरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक, 45 प्रधान आरक्षक और 19 आरक्षक शामिल हैं। स्थानांतरित किए गए सभी पुलिसकर्मियों को जिले के विभिन्न थानों, चौकियों, यातायात शाखाओं, पुलिस सहायता केंद्रों और रिजर्व सेंटरों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। गौरतलब है कि यह दूसरा बड़ा प्रशासनिक बदलाव है। इससे पहले 31 दिसंबर को भी जिले में थाना प्रभारियों के पदों में व्यापक फेरबदल किया गया था। पुलिस विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह तबादले प्रशासनिक आवश्यकता और कार्यकुशलता को ध्यान में रखकर किए गए हैं, ताकि पुलिसिंग को निष्पक्ष, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर CM साय बोले- ‘युवा उद्यमियों को संसाधन और अवसर देकर सक्षम बना रही सरकार’

रायपुर. CM साय ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुभकामनाएं दी। सीएम साय ने कहा, आज स्टार्टअप इंडिया की 10वीं वर्षगांठ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 2016 में शुरू हुए इस अभियान ने भारत को नवाचार और उद्यमशीलता की वैश्विक शक्ति के तौर पर स्थापित किया है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और देश में 2 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स युवा शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक हैं। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के युवा उद्यमियों को संसाधन, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाया जा रहा यह अवसर भारत की उद्यमशील सोच, नवाचार संस्कृति और आत्मनिर्भर भविष्य का उत्सव है। सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता, अब तक का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण अभियान – CM साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम’ के अंतर्गत साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो से जुड़े 52 माओवादी कैडरों ने हिंसा और हथियारों का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विकास की मुख्यधारा को अपनाया है। इन पर कुल ₹1.41 करोड़ का इनाम घोषित था, जिससे यह आत्मसमर्पण अभियान अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धियों में शामिल हो गया है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे हिंसा की विचारधारा पर विश्वास की निर्णायक विजय बताया और कहा कि पिछले 48 घंटों में कुल 81 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि माओवाद अब केवल कमजोर नहीं पड़ रहा, बल्कि पूरी तरह बिखर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब माओवादी संगठन के साथ-साथ उसकी विकृत विचारधारा और उसका पूरा सपोर्ट सिस्टम भी ध्वस्त हो चुका है। जहाँ कभी भय, भ्रम और दबाव का माहौल था, वहाँ अब शासन की सशक्त उपस्थिति, सुरक्षा बलों की सक्रियता और विकास योजनाओं की प्रभावी पहुँच ने लोगों में भरोसा पैदा किया है।  ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत सरकार उन सभी भटके युवाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और आजीविका के अवसर उपलब्ध करा रही है, जो हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, और यह व्यापक आत्मसमर्पण उसी भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को इस सफलता का आधार बताते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल-मुक्त भारत का संकल्प अब तेज़ी से निर्णायक लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि बस्तर में अब भय की जगह भविष्य आकार ले रहा है, जहाँ सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएँ, आजीविका और शासन की पहुँच लगातार मजबूत हो रही है।

राजनांदगांव में डेढ़ करोड़ की अवैध धान जब्त

राजनांदगांव. जिले में 1.46 करोड़ का अवैध धान पकड़ाया है। गुरुवार रात रानीतालाव-पाटेकोहरा के बीच पुलिस ने नाकेबंदी कर चेकिंग की। इस दौरान महाराष्ट्र से आ रहे 6 बड़े ट्रकों को रोका गया। इसके साथ ही अलग-अलग चेकपोस्ट पर 4 गाड़ी पकड़ाई। जांच करने पर सभी गाड़ियों में धान मिले, जिसका कोई दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी गाड़ियों को जब्त किया और 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित चेकपोस्ट और नाकों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही थी। इसी सतर्कता के परिणामस्वरूप पाटेकोहरा बैरियर और एनएच 53 (रानीतालाव-पाटेकोहरा के बीच) पर चेकिंग के दौरान महाराष्ट्र की ओर से आ रहे 6 बड़े ट्रकों को रोका गया। जांच करने पर इन ट्रकों में अवैध रूप से लाया जा रहा धान मिला। इसके अलावा कई अन्य चेकपोस्ट पर 4 छोटे पिकअप वाहनों को भी अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। कुल 2170 कट्टा (लगभग 845 क्विंटल) धान और 10 वाहन (6 ट्रक और 4 पिकअप) जब्त किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 46 लाख 90 हजार 800 रुपये है।

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा – तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

रायपुर : तातापानी महोत्सव हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: मंत्री रामविचार नेताम स्थानीय कलाकारों ने वनांचल की समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरी पद्मअनुज शर्मा की सुरीली आवाज पर झूमे दर्शक स्कूली छात्र-छात्राओं ने लोक नृत्यों के माध्यम से प्रस्तुत की परम्परा की झलक रायपुर बलरामपुर-रामानुजगंज जिला अपनी अनूठी संस्कृति और लोक परंपराओं के लिए अपनी विशेष पहचान रखता है। इसी गौरवशाली विरासत को संजोने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को उत्साह से भर दिया। इस मौके पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।  मंत्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि तातापानी महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। प्रशासन और स्थानीय जनभागीदारी से यह आयोजन प्रतिवर्ष नई ऊंचाइयों को छू रहा है। महोत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या के मुख्य आकर्षण प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार और पद्मसे सम्मानित अनुज शर्मा रहे। उन्होंने अपनी टीम के साथ छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की ऐसी जादुई प्रस्तुति दी कि पंडाल में मौजूद हजारों दर्शक मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन कर वनांचल की समृद्ध संस्कृति की छटा बिखेरी। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्रों ने न केवल पारंपरिक लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया, बल्कि जिले में हो रहे विकास कार्यों को भी रचनात्मक ढंग से मंच पर उतारा। अतिथियों ने बच्चों के इस हुनर की मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे। 

नक्सलवाद पर करारा प्रहार: छत्तीसगढ़ में 52 इनामी नक्सलियों ने छोड़ा हथियार

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षा बलों को नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लगी है. जवानों द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई और सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘नियद नेल्लानार’ और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एक डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) सहित कुल 52 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है. आत्मसमर्पित करने वालों में 21 महिला और 31 पुरुष माओवादी शामिल हैं. इन सभी पर कुल 1.41 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी 52 माओवादी फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट, आगजनी सहित कई नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं. इन नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी देवेंद्र सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 से अब तक 824 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 1126 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 223 माओवादियों को मार गिराया है. आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास नीति के तहत सभी नक्सलियों को प्रोत्साहन स्वरूप 50-50 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने के लिए आगे भी हर संभव सहयोग किया जाएगा.

6 उद्योगों में में सुरक्षा के अभाव पर लगाया 10 लाख रुपए का जुर्माना

रायगढ़. जिले के उद्योगों में लगातार हादसे हो रहे हैं। इसमें अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है, कुछ मजदूर घायल भी हुए हैं। इसे देखते हुए जब औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने जांच की तो सुरक्षा मानकों में कमी सामने आई है। इसके बाद प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किया। जहां प्रकरणों में सुनवाई कर 6 उद्योगों को 10 लाख 52 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इसमें मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट) में कारखाना अधिनियम के उल्लंघन पर अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय व कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को 1.50-1.50 लाख रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया गया। इसके अलावा मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड में सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी व फैक्ट्री प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। इसके अलावा मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड में भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा व ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया है।इसी इकाई में कारखाना अधिनियम के एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा व कारखाना प्रबंधक जीके मिश्र को कुल 2.80 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया।

खनिज संसाधन सचिव पी. दयानंद की पत्रकार वार्ता, छत्तीसगढ़ सरकार के नीतिगत फैसलों पर चर्चा

रायपुर   सचिव खनिज संसाधन पी. दयानंद ने बताया कि प्रदेश में 28 से अधिक प्रकार के खनिज विभिन्न क्षेत्रों में पाये जाते है। इन खनिजों के लिए राज्य सरकार के द्वारा अन्वेषण एवं उत्खनन हेतु खनिज ब्लॉक तैयार कर नीलामी एवं अन्य माध्यम से खनन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। जिससे राज्य शासन को राजस्व की प्राप्ति में पिछले 02 वर्षों में उल्लेखनियवृद्धि हुई है।            सी.एम.डी.सी. भी इस राज्य में अन्वेषण एवं खनन से संबंधित कार्यांे के संपादनका सहभागी है। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज आधारित स्थानीय उद्योगों को खनिज के आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने तथा खनिज राजस्व मंे वृद्धि के उद्देश्य से राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ खनिज साधन विभाग के अधीन छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन (सी.एम.डी.सी.) का गठन 07 जून 2001 में किया गया। सी.एम.डी.सी. के कार्य संचालन का स्वरूप माईनिंग एण्ड मार्केटिंग ठेका,उत्खनन ठेका, मार्केटिंग ठेका, एमडीओ, अन्वेषण एवं संयुक्त उपक्रम के माध्यम सेअन्वेषण एवं खनन कार्य वर्तमान मंे कार्यरत् है।             दयानन्द ने बताया कि वर्तमान में 09 खनिजों के खनन/मार्केटिंग एवं अन्वेषण का कार्य सी.एम.डी.सी. के द्वारा किया जा रहा है (टिन,बाक्साईट, लौह अयस्क, कॉपर, हीरा, मैग्नीज, कोरण्डम, डोलोमाईट, कोयला)। (टिन) वर्तमान में सी.एम.डी.सी. के द्वारा बस्तर के अनुसूचित जनजातियों के जीविकोपार्जन के लिए विशेष रूप से टिन अयस्क की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। संयुक्त उपक्रम के माध्यम से खनन एवं टिन स्मेल्टर का भी संचालन किया जा रहा है। यह खनिज भी क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में आता हैं।             सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को टिन विक्रय करने का सही मूल्य सही वक्त में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। परिणामस्वरूप यह क्रय मूल्य बढ़कर वर्तमान में 1926.00 रूपये प्रति कि.ग्रा किया गया है। इस प्रकार लगभग 03 गुना अधिक राशि क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को प्राप्त हो रहा है। परिणामस्वरूप टिन ओर की क्रय मात्रा में भी अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है एवं ऑनलाईन क्रय एवं रियल टाईम भुगतान की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु TIN –  Tribal Incentive for Natural Resources, Portal तैयार किया जा रहा है जिसके माध्यम सेऑनलाईन भुगतान हितग्राहियों को प्राप्त होगा।        दयानंद ने बताया कि क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में अन्वेषण कार्य में सी.एम.डी.सी., मॉयल केसहयोग से बलरामपुर जिले में मैग्नीज एवं ग्रेफाईट का अन्वेषण का कार्य कर रही है जिसके उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हो रहे है। कोल इंडिया लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्हलपमेंट कॉर्पाेरेशन के बीच क्रिटिकल मिनरल के अन्वेषण एवं खनन के संबंध में समझौता पत्र हस्ताक्षर किया जाचुका है। इसके क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यसमिति का गठन किया गया है। शीघ्र ही इसकी अपेक्षित परिणाम प्राप्त हांेगे एवं केन्द्र शासन के निर्देशानुसार क्रिटिकल मिनरल में आत्मनिर्भरता की ओर सी.एम.डी.सी. की सहभागीता बढ़ रही है। यह समझौता केवल खनन तक सीमित नहीं है अपितु इसमें खनिज संवर्धन,प्रसंस्करण, तकनीकी सहयोग और सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर भी शामिल है। मुझे विश्वास है कि यह पहल रोजगार सृजन करेगी और हमारी युवा पीढ़ी को गरिमा और अवसर प्रदान करेगी।           सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि पारदर्शी नीलामी – माननीय मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने खनिज संसधान प्रबंधन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है। सी.एम.डी.सी. ने MSTC के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक – सक्षम नीलामी प्रक्रिया द्वारा निविदा और खनिज बिक्री में नये मानक स्थापित किये है। उक्त पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी से, जहां एक ओर लौह अयस्क की नीलामी में रिकॉर्ड उच्च बिक्री मूल्य प्राप्त हुए है, वही दूसरी ओर लौह अयस्क के उत्खनन में न्यूनतम दर प्राप्त हुआ है, जो प्रतिस्पर्धी पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की सफलता को दर्शाता है।            उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में आरीडोंगरी खदान से उत्पादित लौह अयस्क के विक्रय से राज्य शासन को लगभग 28.65 करोड़ रूपये का राजस्व साथ ही सी.एम.डी.सी. को शुद्ध लाभ लगभग 24 करोड़ रूपये प्राप्त हुआ। वर्ष 2021 से 2025 तक 1.10 करोड़रूपये सीएसआर में व्यय हो चुका है एवं 42 लाख रूपये की कार्यों की स्वीकृति प्रचलन में है। माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर एक पेड़ के नाम पर 14700 वृक्षांे कारोपड़ किया गया है एवं 29.77 लाख रूपये का व्यय की गई। चालू वित्तीय वर्ष में 60,000 टन लौह अयस्क की नीलामी की कार्यवाही पारदर्शी तरीके से प्रचलन में है। इस खदान के संचालन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से 200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। इसी अनुक्रम में आरीडोंगरी में उत्पादन क्षमता 05 लाख टन से 20 लाख टन प्रतिवर्ष किये जाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे है। इस हेतु खनन योजना तैयार किया जा रहा है। सरगुजा जिले में सी.एम.डी.सी. की 05 खदानें संचालित है, जिससे वित्तिय वर्ष 2023-24 से दिसंबर 2025 तक में राज्य शासन को 11.28 करोड़ एवं सी.एम.डीसी. को 8.13 करोड़ रूपये की प्राप्ति हुई है। वर्तमान में सी.एम.डी.सी. द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के अंतर्गत 05 बाक्साईट खदानों की नीलामी प्रगति पर है।           सचिव, खनिज संसाधन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में सी.एम. डी.सी.- एन.एम.डी.सी. संयुक्त उपक्रम एनसीएल के द्वारा बैलाडिला डिपॉजिट 04 और डिपॉजिट 13 में खनन कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होंगे। इस हेतु डिपॉजिट 04 का रेजिंग कॉन्ट्रेक्टर की चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2026 में दोनों खदानों में उत्पादन प्रारंभ होने से एक ओर शासन और निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय उद्योगों को लौह अयस्क सुगमता से प्राप्त होगा। परिणामस्वरूप राज्य का समावेशी विकास होने में सी.एम.डी.सी. की सहभागीता चिन्हीत् होगी। सी.एम.डी.सी. को दोनों परियोजनाओं से अधिकतम उत्पादन की स्थिति में लगभग राज्य शासन को 7 हजार करोड रूपये राजस्व एवं सी.एम.डी.सी. को 3 हजार करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा, साथ ही क्षेत्र में रोजगार एवं विकास के अवसर का मार्ग प्रशस्त होगा। बहुमूल्य खनिजों की श्रेणी में CMDC-NMDC के संयुक्त उपक्रम एनसीएल जिला महासमुंद के ग्राम बलौदा-बेलमंुडी में हीरा खनिज के क्षेत्र में हीरा धारित किम्बरलाईट की उपस्थिति के संकेत मिले है, इसकी पुष्टि हेतु ड्रिलिंग का कार्य प्रगति … Read more

रायपुर में निजी कंपनी के कर्मचारी ने 70 लाख का किया गबन

रायपुर. रायपुर। रांवाभाठा स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत कर्मचारी द्वारा साढ़े चार महीने में 70.41 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। खमतराई थाना पुलिस ने इस संबंध में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मेटल पार्क रोड स्थित रामा मोटू प्रालि में कार्यरत मुनीर अहमद (37) ने 21 मई से 25 अक्टूबर के बीच कंपनी के स्पेयर पार्ट्स इश्यू किए जाने का फर्जी रिकॉर्ड दर्शाकर करीब 70.41 लाख रुपये की राशि अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। कंपनी संचालक केतन चौधरी (39) द्वारा स्टॉक वेरिफिकेशन और आय-व्यय की जांच कराए जाने पर इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद संचालक ने खमतराई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपी कर्मचारी से पूछताछ सहित आगे की जांच की जा रही है।

स्कॉर्पियो में आए बदमाशों ने शराब दुकान के कर्मचारी को किया किडनैप

रायपुर. तिल्दा के अंग्रेजी और देशी शराब की दुकान से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां अज्ञात बदमाशों ने अचानक दुकान में घुसकर पांच कर्मचारियों को अगवा कर लिया। इस घटना के दौरान एक कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकला, जबकि चार कर्मचारियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। जानकारी के मुताबिक, दुकान में काम कर रहे कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात व्यक्ति दुकान में घुस आए और कर्मचारियों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें जबरदस्ती दुकान के अंदर से अगवा कर लिया। इस दौरान आसपास के अन्य लोग और दुकान में काम करने वाले कर्मचारी दहशत में आ गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में छानबीन शुरू की। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और चार कर्मचारियों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अज्ञात बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, उनकी पहचान और पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिल्दा इलाके में पहले भी कभी-कभी ऐसी घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि शराब दुकान जैसी सार्वजनिक जगह पर कर्मचारियों का अगवा किया जाएगा। इसके चलते आसपास के व्यापारियों और कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए सभी संभावित ठिकानों और मार्गों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि अगर किसी को संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस मामले ने तिल्दा और आसपास के इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। वहीं, पुलिस जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदमाशों ने कर्मचारियों को अगवा क्यों किया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना किसी पहले से योजना बद्ध अपराध का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अभी तक इस मामले में किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दे सकी है, लेकिन पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि जल्द ही चारों कर्मचारियों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।