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खौफनाक हादसा: नशे की हालत में युवक ने खुद को किया आग के हवाले, मौके पर मचा कोहराम

सूरजपुर नगर के मानपुर गोंड़पारा में शुक्रवार शाम एक युवक ने नशे की हालत में आग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। अत्यधिक शराब पी रखी थी जानकारी के अनुसार मानपुर गोंड़पारा निवासी आगरसाय गोंड़ (35 वर्ष) शुक्रवार शाम अपने घर पर परिवार के साथ था। स्वजनों के मुताबिक उसने अत्यधिक शराब पी रखी थी। उसने अपने छोटे बेटे टुकटुक से बाइक के लिए पेट्रोल मंगवाया और नशे की हालत में स्वयं के ऊपर पेट्रोल उड़ेल कर आग लगा ली। इससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के वास्तविक कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। स्वजनों का कहना है कि युवक नशे में था और इसी दौरान उसने यह कदम उठा लिया। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और शोक का माहौल व्याप्त है। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है  

विवाह बना वोट का संकट! पता बदलते ही 12 लाख महिलाएं वोटर लिस्ट से बाहर, रायपुर सबसे ज्यादा प्रभावित

रायपुर शादी के बाद घर बदला, नाम बदला, पहचान बदली… और नतीजा यह कि मतदाता सूची से नाम ही गायब हो गया। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) ने लोकतंत्र की जड़ में बैठे सबसे बड़े वर्ग महिलाओं को ही बाहर कर दिया है। प्रारंभिक सूची में 27 लाख से अधिक नाम कटे, जिनमें 12 लाख से ज्यादा महिलाएं हैं। अधिकारियों की भाषा में यह शिफ्टिंग है, लेकिन महिलाओं के लिए यह लोकतांत्रिक बेदखली बन गई। शहर में इसकी संख्या एक लाख 20 हजार के आसपास है। प्रदेश में महिलाओं के नाम कटने की सबसे बड़ी वजह शादी बताई जा रही है। मायके से ससुराल गई महिला ने वोटर आइडी में पता बदला, आधार कार्ड लगाया, फिर भी 2003 की सूची से नाम नहीं मिलने पर उसका मताधिकार छीन लिया गया। गुढ़ियारी की एक महिला ने एसआइआर फॉर्म में पति का नाम रिश्तेदार के रूप में भरा, लेकिन 2003 की सूची में पति की जानकारी डालते ही सिस्टम ने एंट्री खारिज कर दी। नतीजा नाम कट गया। एक नाम, दो महिलाएं, वोट अधर में बीएलओ ने बताया कि कई मामलों में महिला और उसके पति का नाम किसी दूसरी महिला और उसके पति से हू-ब-हू मिल गया। नाम और पति का नाम समान होने पर सिस्टम ने दोनों के नाम होल्ड कर दिए। अब इन महिलाओं को दावा-आपत्ति में अपनी पहचान साबित करनी होगी। गलती फॉर्म की, सजा महिलाओं को 19 लाख से अधिक नाम ऐसे कटे, जिनमें फॉर्म भरने की गलती, पुराने दस्तावेज और बीएलओ की लापरवाही सामने आई। कहीं आधार नया था, तो वोटर कार्ड पुराना। कहीं एड्रेस बदला था, तो प्रमाण नहीं मिला। इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ा, क्योंकि ज्यादातर ने शादी के बाद पता बदला था। एक मकान, 150 वोटर और असली महिलाएं बाहर जहां असली महिला मतदाताओं के नाम कट रहे हैं। वहीं बीरगांव के गाजी नगर में एक ही मकान में 150 वोटर दर्ज मिले। कई मकानों में 40-50 नाम पाए गए। गुढ़ियारी के महावीर स्कूल और सियान सदन में एसआइआर के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं नाम जुड़वाने पहुंचीं। कई महिलाओं को पहली बार पता चला कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है ही नहीं।   अब फिर से साबित करनी होगी पहचान रायपुर जिले के उप निर्वाचन अधिकारी नवीन ठाकुर का कहना है कि अधिकतर नाम दोबारा जुड़ जाएंगे। लेकिन इसके लिए महिलाओं को फिर से आवेदन, दस्तावेज और दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे। लोकतंत्र में बराबरी की बात करने वाले सिस्टम में आज महिला मतदाता को यह साबित करना पड़ रहा है कि वह मौजूद हैं।

डिजिटल अपराध से निपटने की तैयारी, छत्तीसगढ़ के 9 नए जिलों में Cyber थाने शुरू होंगे

रायपुर मार्च 24 और मार्च 25 के स्टेट बजट में घोषित 9 जिलों में सायबर थाने (Cyber Police Station) खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी कर दी गई है. पीएचक्यू ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. उम्मीद है कि जनवरी में ये थाने शुरू कर दिए जाएंगे. वर्तमान में राज्य में पांच रेंज स्तरीय सायबर थाने काम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जिलों में सायबर थाने खुलने से रेंज थानों पर भी केस का दबाव कम होगा. चूंकि रेंज सायबर थाने सीमित साधनों के साथ संचालित हो रहे हैं, ऐसे में जिलों के सायबर थानों को पर्याप्त विवेचक, स्टाफ और तकनीकी सुविधाओं के साथ खोले जाने की जरूरत है. रायपुर रेंज में हो जाएंगे चार सायबर थाने पहले बजट मार्च 2024 में पांच जिलों और दूसरे बजट मार्च 2025 में 4 जिलों में सायबर थाने मंजूर किए गए थे. सभी 9 थानों को खोलने की अधिसूचना नवंबर में जारी की गई है. ये सायबर थाने बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर चाम्पा और जशपुर में खोले जाने हैं. रायपुर रेंज में जल्द ही चार सायबर थाने हो जाएंगे. वर्तमान में रेंज स्तरीय थाना रायपुर में है. जबकि बलौदाबाजार, धमतरी महासमुंद में जिला सायबर थाने खोले जाने हैं. वर्तमान में पांचों संभागों रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा और बस्तर में रेंज सायबर थाने काम कर रहे हैं. अभी रेंज सायबर थानों के लिए भी पद मंजूर नहीं हैं इसलिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अपने अधीनस्थ जिलों से डीएसपी, निरीक्षक समेत अन्य स्टाफ की पदस्थापना करके सायबर अपराधों की विवेचना और कार्रवाई करवा रहे हैं. फिर भी नियमित मंजूर स्टाफ नहीं होने से कई तरह की तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. 2026 के बजट में फंड की उम्मीद इसलिए हाल ही में संपन्न डीजीपी आईजीपी कॉन्फ्रेंस में सायबर क्राइम पर भी खासतौर पर चर्चा हुई थी. PM, यूएचएम समेत 9 से ज्यादा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. देश भर में सायबर ठगों से निपटने के लिए पुलिस के पास मौजूद संसाधन नाकाफी माने गए. दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में दो साल में बजट में घोषित 9 सायबर थानों का संचालन शुरू नहीं होने से भी किरकिरी हुई है. यही वजह है कि कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद अधिसूचना जारी की गई. मार्च 2026 के स्टेट बजट में सायबर थानों के लिए पृथक से फंड मिलने की उम्मीद भी अधिसूचना जारी करने की एक वजह है. राज्य में 39 हजार सिम और सेलफोन ब्लॉक, 1116 गिरफ्तार तारांकित प्रश्न पर विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य में 2782 पुलिस अधिकारी, कर्मचारी व जिला लोक अभियोजन अधिकारियों को सायबर, महिला व बाल अपराधों की विवेचना पर कार्रवाई हेतु प्रशिक्षण दिया गया है. अब तक फर्जी सिम विक्रेताओं पर 103 प्रकरणों में 159 लोगों एवं म्यूल एकाउंट पर 253 प्रकरणों में 863 लोगों कुल 1116 पर कार्रवाई की गई है. सायबर फ्रॉड में शामिल 28946 मोबाइल नंबर व 10409 आईएमईआई नंबर को अवरुद्ध कराया गया है. सायबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1030 के माध्यम से 82.5 करोड़ रुपए सायबर अपराधियों के हाथों में पहुंचने से पहले होल्ड कराए गए हैं.

क्लासरूम से टीवी की हॉट सीट तक, विभा चौबे बनीं छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका केबीसी में

 सरगुजा  छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक साधारण-सी शिक्षिका ने अपनी मेहनत, ज्ञान और आत्मविश्वास के दम पर असाधारण मुकाम हासिल कर जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है. सरगुजा जिले की रहने वाली शिक्षिका विभा चौबे देश के सबसे प्रतिष्ठित क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) की हॉट सीट तक पहुंचने वाली जिले की पहली महिला बन गई हैं. इतना ही नहीं, विभा चौबे छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका होंगी, जो KBC के मंच पर हॉट सीट पर बैठकर खेलती हुई नजर आएंगी. वर्षों की तैयारी, निरंतर प्रयास और ज्ञान के बल पर उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. विभा चौबे का KBC एपिसोड 31 जनवरी को प्रसारित किया जाएगा.  केबीसी की तैयारी सालों की मेहनत का नतीजा विभा चौबे ने बातचीत में बताया कि केबीसी में पहुंचने की तैयारी वह काफी समय से कर रही थीं. जैसे ही केबीसी के लिए रजिस्ट्रेशन लाइन खुलती है, तुरंत आवेदन करना होता है. इसके बाद आईबीआर कॉल और ऑडिशन जैसी कठिन प्रक्रियाओं से गुजरकर ही प्रतिभागी शो तक पहुंच पाते हैं. अमिताभ बच्चन से मुलाकात सादगी ने किया प्रभावित महानायक अमिताभ बच्चन से मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए विभा चौबे ने कहा कि वह पल उनके लिए बेहद खास और अविस्मरणीय था. उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन बिल्कुल एक सामान्य व्यक्ति की तरह मिलते हैं. उनसे मिलकर यह एहसास ही नहीं होता कि वह इतने बड़े सुपरस्टार हैं. वह प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि, शहर और संस्कृति के बारे में जानने में गहरी रुचि रखते हैं और पूरे मन से बातचीत करते हैं. प्रतिभागियों को सहज बनाते हैं बिग बी विभा चौबे ने बताया कि अमिताभ बच्चन प्रतिभागियों को बेहद सहज महसूस कराते हैं, जिससे बिना झिझक खुलकर बातचीत हो पाती है। वह न सिर्फ प्रेरणा देते हैं, बल्कि उनके व्यवहार से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। 83 की उम्र में भी अनुशासन और ऊर्जा की मिसाल विभा ने कहा कि 83 वर्ष की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का अनुशासन और मेहनत काबिले-तारीफ है. वह सेट पर रोज 10 से 12 घंटे तक मौजूद रहते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर कभी थकान नजर नहीं आती. विभा चौबे ने बताया कि उन्होंने कभी अमिताभ बच्चन को मोबाइल का इस्तेमाल करते नहीं देखा, वह पूरी तरह अपने काम और दर्शकों से जुड़े रहते हैं. शिक्षिका होने के साथ केबीसी की चुनौतीपूर्ण तैयारी एक शिक्षिका होने के नाते केबीसी की तैयारी आसान नहीं थी। विभा चौबे ने बताया कि परिवार, बच्चों, नौकरी और शहर से दूर पोस्टिंग के बावजूद उन्होंने अपने सपने को कभी छोड़ा नहीं. उनका मानना है कि जब किसी लक्ष्य को लेकर सच्चा जुनून हो, तो इंसान उसके लिए समय निकाल ही लेता है. पुराना सपना, लगातार प्रयास जानिए विभा चौबे ने बताया कि केबीसी शुरू होने के समय से ही उनका सपना था कि वे इस मंच पर पहुंचें. शुरुआती दौर में एसटीडी-पीसीओ से सवाल पूछे जाते थे, लेकिन कंप्यूटर की जानकारी न होने के कारण वह सही जवाब नहीं दे पाईं। इसके बावजूद उनका प्रयास लगातार जारी रहा. 2022 से 2024 तक नहीं मिला मौका विभा ने बताया कि 2022 में उन्हें आईबीआर कॉल आया, लेकिन ऑडिशन कॉल नहीं मिली. 2023 में भी मौका हाथ नहीं लगा. 2024 में फिर आईबीआर कॉल आया, लेकिन ऑडिशन तक बात नहीं बन सकी।लगातार तीन साल निराशा के बाद भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी. 2025 में पूरा हुआ सपना साकार आखिरकार 2025 में उन्हें ऑडिशन और शो में जाने का अवसर मिला. पहली कॉल आने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उस खुशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. पूरे परिवार में खुशी का माहौल था. 3 करोड़ में से चुना जाना बड़ी उपलब्धि विभा चौबे ने बताया कि इस साल करीब 3 करोड़ लोगों ने केबीसी के लिए रजिस्ट्रेशन किया था, जिनमें से बहुत कम लोगों को ही कॉल आती है. ऐसे में चुना जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. शो का अनुभव: बिना घबराहट के दिए जवाब शो के अनुभव पर उन्होंने बताया कि हॉट सीट पर बैठते समय उन्हें किसी तरह की घबराहट नहीं हुई, क्योंकि वह पूरी तैयारी के साथ गई थीं. उन्होंने तीनों लाइफलाइन का इस्तेमाल किया. 12 सवाल सही, 13वें पर किया क्विट जानिए कैसे विभा चौबे ने बताया कि उन्होंने कुल 12 सवालों के सही जवाब दिए और संदूक राउंड में 9 प्रश्नों के उत्तर सही दिए. एक सवाल चूकने के कारण अमिताभ बच्चन के साथ डिनर का मौका नहीं मिल सका. उन्होंने 13वें सवाल पर क्विट करने का फैसला किया. हॉट सीट पर दिल खोलकर बातचीत जानिए प्रसारण से पहले होने के कारण उन्होंने सवालों का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह जरूर बताया कि हॉट सीट पर बैठकर अमिताभ बच्चन जी से दिल खोलकर बातचीत करने का अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा.

ED ने पेश की अंतिम चार्जशीट, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के 59 और आरोपी शामिल, ट्रायल की तैयारी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का अंतिम चरण पूरा कर लिया है। लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के इस मामले में ईडी ने अदालत के समक्ष अंतिम चालान पेश कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप यह चार्जशीट निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा की गई। ईडी द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट में करीब 29 हजार 800 से ज्यादा पन्ने शामिल हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर दस्तावेज़, लेन-देन के विवरण और डिजिटल साक्ष्य जोड़े गए हैं। इस पूरे मामले में अब तक कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। शुरुआत में 22 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जबकि अब 59 और नाम जोड़े गए हैं। इन नए आरोपियों में आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया, पूर्व आबकारी प्रमुख निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंसधारक व शराब डिस्ट्रीब्यूटर समेत कई आबकारी अधिकारी शामिल बताए गए हैं। ED ने  59 नए आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एफएल-10 लाइसेंस धारक, डिस्टिलर्स और आबकारी अधिकारी शामिल हैं। इस घोटाले में अब तक कुल 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पहले 22 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट सबमिट की गई थी। ईडी के वकील सौरभ पांडे के मुताबिक, 315 पन्नों की विस्तृत प्रॉसिक्यूशन समरी तैयार की गई है। इसमें बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल चैट्स, संपर्कों के विवरण और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के प्रमाण जोड़े गए हैं। उनका कहना है कि जांच में यह सामने आया कि घोटाले की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए पद नियुक्तियाँ तक प्रभावित की गईं। 80 से ज्यादा आरोपी चार्जशीट के दायरे में इस अंतिम चालान में 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पूर्व अधिकारी-कारोबारी, शराब सिंडिकेट से जुड़े लोग और कथित तौर पर लाभ पहुंचाने वाले अन्य लोग शामिल बताए जा रहे हैं। चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध वसूली, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पेश हुआ चालान यह चार्जशीट सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समय पर दाखिल की गई है और इसमें डिजिटल सबूत, बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपत्ति दस्तावेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। चार्जशीट पेश होने के बाद अब ट्रायल होगा शुरू अंतिम चार्जशीट पेश होने के बाद अब कोर्ट ट्रायल शुरू करेगा। आरोपियों को चार्ज फ्रेम किए जाएंगे और उसके बाद गवाहों के बयान और सबूतों की सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, चार्जशीट की लंबाई और आरोपियों की संख्या के कारण यह केस लंबा और जटिल हो सकता है। ईडी ने अदालत को बताया कि आबकारी विभाग में पूर्व पदस्थ अधिकारी की जगह निरंजन दास को इसलिए बैठाया गया क्योंकि वे कथित तौर पर इस अवैध सिस्टम को सहजता से चलाने के लिए ‘अनुकूल’ माने गए। उनके कार्यकाल में किसी तरह की सख्त कार्रवाई न होने से यह कथित तंत्र लगातार संचालित होता रहा। चार्जशीट दाख़िल होने के साथ ही मामला अब अदालत की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है। ईडी का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों का विवरण भी संबंधित प्राधिकरणों को भेजा गया है। आने वाले समय में इस हाई-प्रोफाइल केस पर अदालत में विस्तृत सुनवाई शुरू होगी।   चैतन्य बघेल के खिलाफ रायपुर कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश इससे पहले 22 दिसंबर सोमवार को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ करीब 3800 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। यह इस प्रकरण में 8वीं चार्जशीट है। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले से 200-250 करोड़ रुपए मिले हैं। EOW ने चार्जशीट में दावा किया है कि सिंडिकेट के माध्यम से अवैध उगाही की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर चैतन्य बघेल से जुड़ा है। घोटाले में चैतन्य बघेल की सीधे संलिप्तता है। जांच में चैतन्य बघेल की भूमिका तत्कालीन समय में आबकारी विभाग में वसूली तंत्र (सिंडिकेट) को खड़ा करने और संरक्षक के रूप में पाई गई है। शराब घोटाला केस…सौम्या चौरसिया को ED ने किया गिरफ्तार वहीं इस मामले में ED ने 16 दिसंबर मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी के मुताबिक, पिछली सरकार के दौरान राज्य में हुए कई घोटालों में पैसों के मैनेजमेंट में उनकी अहम भूमिका रही। ED ने पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयान के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया। ED को सौम्या, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर-चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स में कई अहम सबूत भी मिले हैं। ED का दावा है कि सौम्या लीकर स्कैम नेटवर्क में को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभा रही थीं। घोटाले से उन्हें करीब 100 करोड़ रुपए मिलने की जानकारी है। अब जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना     डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई। नकली होलोग्राम मिलने में आसानी हो, इसलिए एपी त्रिपाठी … Read more

रायपुर: सीएम विष्णुदेव साय की अगुवाई में जशपुर उभरा पावर हब के रूप में

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पावर हब दो वर्षों में विद्युत ढांचे को मिली ऐतिहासिक मजबूती, प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी उपकेंद्र हर्राडांड में स्वीकृत रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दृष्टि से एक पावर हब के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के परिणामस्वरूप जिले में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। साय सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाएगा। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वहीं जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर, विद्युत व्यवस्था में आई गति मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसके संचालन में आने से अब जले या खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है। इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है तथा विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा रही है। प्रशासनिक ढांचे को भी मिली मजबूती जिले में विद्युत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 117 नए ट्रांसफार्मर स्थापित, लो वोल्टेज की समस्या से राहत ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है। बिजली से विकास को मिली नई रफ्तार जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

नए साल के जश्न से पहले बस्तर पुलिस सतर्क: शांति-सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम

जगदलपुर नए वर्ष के स्वागत को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दौरान शहर और ग्रामीण इलाकों में विभिन्न कार्यक्रमों और आयोजनों की तैयारियां जोरों पर है। हालांकि बीते वर्षों के अनुभवों को देखते हुए इन आयोजनों के दौरान विवाद, अव्यवस्था और हादसों की आशंका भी बनी रहती है। खासकर शराब के नशे में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कई बार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है। इन सभी संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए बस्तर पुलिस इस बार पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे शहर पर निगरानी रखी जा रही है। बस्तर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि नए वर्ष को लेकर पुलिस ने एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है, जिस पर सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से अमल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि नए वर्ष के दौरान जिन स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहां आयोजनकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के सीमित और तय मानकों के अनुसार उपयोग के साथ-साथ ऐसे गानों या भीड़भाड़ से बचने को कहा गया है, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर हो रही कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नाग ने बताया, शहर में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसे नए वर्ष तक और अधिक सख्ती के साथ चलाया जाएगा। इसके साथ ही शहर में लगाए गए करीब डेढ़ सौ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। इन कैमरों की मदद से अवैध गतिविधियों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा रही है। वहीं ई-चालान काटकर संबंधित वाहन चालकों के पते पर भेजे जा रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर नए वर्ष का जश्न शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मनाया जा सके, इसके लिए बस्तर पुलिस हर स्तर पर मुस्तैद और पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।

छत्तीसगढ़वासियों के लिए खुशखबरी: पीएम आवास योजना में मिलने वाली राहत पर राज्य सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा

रायपुर  राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अवधि एक वर्ष बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में योजना को 26 दिसंबर 2026 तक विस्तारित करने का अनुरोध किया गया है, जिसे लेकर मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य पर विशेष प्रभाव नहीं अधिकारियों का कहना है कि यदि योजना बंद भी होती है, तो राज्य पर इसका विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि अधिकांश आवासों का कार्य प्रारंभ हो चुका है। वर्तमान स्थिति में योजना के तहत स्वीकृत कुल आवासों में से केवल 481 आवासों का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जबकि 25,758 आवास प्रगतिरत हैं। यदि नगर निगम और नगर पालिकाएं प्रगतिरत आवासों का निर्माण 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण कर उसका क्लेम प्रस्तुत करती हैं, तो संबंधित राशि जारी कर दी जाएगी। योजना के अंतर्गत घटक लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) के तहत 2,06,118 और भागीदारी में किफायती आवास निर्माण (एएचपी) के तहत 27,475 आवास स्वीकृत किए गए थे। 2,17,022 आवास पूरे दोनों घटकों के तहत स्वीकृत आवासों में से 2,17,022 आवास पूरे कर लिए गए हैं। कुल मिलाकर 89 प्रतिशत आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। नगरीय प्रशासन विभाग को नवंबर में केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय से पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि पीएम आवास योजना (शहरी) की अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया था कि अप्रारंभ आवासों के लिए किसी प्रकार की राशि जारी नहीं की जाएगी और ऐसे आवासों को दिसंबर 2025 तक पूर्ण किया जाना संभव नहीं होने की स्थिति में निर्माण कार्य शुरू न किया जाए। केंद्र से मिले निर्देशों के आधार पर नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकायों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। साथ ही, राज्य सरकार की ओर से योजना की समयावधि बढ़ाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि प्रगतिरत आवासों का निर्माण पूरा कराया जा सके। आवासों की स्थिति घटक का नाम- स्वीकृत- पूर्ण – प्रगतिरत – अप्रारंभ बीएलसी- 2,06,118 – 1,89,547 – 16,264 – 307 एएचपी- 37,143 – 27,475 – 9,494 – 174 छत्तीसगढ़ में इंतजार की लंबी कतार राजस्थान के दौसा जिले में नवल किशोर मीणा और संतोष मीणा पिछले सात साल से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं. कड़ाके की ठंड में यह परिवार खेतों के बीच तिरपाल और बांस-बल्लियों के सहारे जिंदगी गुजार रहा है. जिला कलेक्टर का कहना है कि तकनीकी कारणों से मकान नहीं मिल पाए हैं.  वहीं, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अनु जैसी महिलाएं फॉर्म भरकर सालों से बैठी हैं, उन्हें पीएम मोदी के वादे पर भरोसा तो है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती से उनके पक्के घर की उम्मीद अब दम तोड़ रही है. पंजाब में अधिकारियों की गलती का भारी खामियाजा पंजाब के फरीदकोट में प्रशासन की एक गलत सलाह ने गरीबों को सड़क पर ला दिया है. नगर पालिका ने 284 परिवारों से कहा कि अगर योजना का लाभ चाहिए तो पुराने मकान तोड़ने होंगे. लोगों ने पैसे की उम्मीद में अपने आशियाने उजाड़ दिए, लेकिन अब अधिकारी वेरिफिकेशन में गलती की दलील देकर राशि देने से इनकार कर रहे हैं. आज ये परिवार धर्मशालाओं में रहने को मजबूर हैं और अपने हक के लिए नगर पालिका के बाहर धरना दे रहे हैं. सात करोड़ से अधिक की राशि अब भी अधर में है. हरियाणा और महाराष्ट्र में अटकी दूसरी किस्त हरियाणा के करनाल में श्यामलाल जैसे लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलने के बाद उधार लेकर मकान का काम शुरू करवाया, लेकिन दूसरी किस्त साल भर से नहीं आई. अब वे आधे-अधूरे घर को छोड़कर दूसरों के मकानों में किराए पर रह रहे हैं. महाराष्ट्र के पुणे में भी देवराम कडाले को दो साल पहले अर्जी देने के बाद सिर्फ 85 हजार रुपये मिले हैं, जबकि डेढ़ लाख का वादा था. देश के कई हिस्सों में लाभार्थी अफसरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है. सिस्टम के पेच में फंसा गरीबों का आशियाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि जब तक हर गरीब को पक्का घर नहीं मिल जाता, वे रुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने पिछले 11 साल में 4 करोड़ घर बनाने और अगले 3 करोड़ नए घर बनाने का टारगेट रखा है. हालांकि, आजतक की पड़ताल बताती है कि सरकारी बाबू और फंड की कमी इस नेक योजना के रास्ते में रोड़ा बन रहे हैं. जब तक ग्राउंड लेवल पर किस्तों का भुगतान समय पर नहीं होगा और भ्रष्टाचार कम नहीं होगा, तब तक गरीबों की किस्मत नहीं बदलेगी.

राज्य के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा

स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन विभाग की पहल कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चरचा  जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं में भी लोग ऑनलाइन जमा कर रहे टैक्स रायपुर.  स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं मुहैया कराने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग लगातार नई पहल कर रहा है। शहरों में रहने वाले परिवारों की सुविधा के लिए 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस सुविधा से लोग अपने घर या कार्यस्थल से किसी भी समय अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा वाले नगरीय निकायों के नागरिकों को संपत्ति कर जमा करने अब न तो किसी कार्यालय में जाने की जरूरत है और न ही लाइन लगने की। वे अपनी सुविधा से किसी भी समय इसे जमा कर सकते हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने लोगों को घर बैठे संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रदान करने इस साल अगस्त में 46 नए नगरीय निकायों में यह सुविधा प्रारंभ की है। पहले केवल राज्य के सात नगर निगमों रायपुर, दुर्ग, रिसाली, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा और रायगढ़ में ही ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा थी। अगस्त-2025 में तीन और नगर निगमों बीरगांव, भिलाई-चरोदा एवं धमतरी के साथ ही 43 नगर पालिकाओं में भी इस सुविधा को लॉन्च किया गया है। जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल के जरिए अब प्रदेशभर के 53 नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा किए जा सकते हैं। इन नगर पालिकाओं में है ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस साल 12 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर में आयोजित ‘स्वच्छता संगम’ में 43 नगर पालिकाओं में जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल को लॉन्च किया था। अगस्त-2025 से तिल्दा-नेवरा, गोबरानवापारा, आरंग, गरियाबंद, बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, बागबहरा, सराईपाली, कुम्हारी, अहिवारा, जामुल, बालोद, दल्लीराजहरा, बेमेतरा, डोंगरगढ़, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, किरंदुल, बड़े बचेली, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, तखतपुर, रतनपुर, मुंगेली, दीपका, कटघोरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, अकलतरा, खरसिया, सारंगढ़, जशपुर नगर, बलरामपुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़, बैकुंठपुर और शिवपुर चर्चा नगर पालिकाओं में नागरिकों को ऑनलाइन प्रापर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा मिल रही है। "छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अब लोगों को कर जमा करने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और न ही लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। हमें प्रसन्नता है कि कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी डिजिटल सुविधाएँ पहुँच रही हैं और लोग घर बैठे ऑनलाइन टैक्स जमा कर रहे हैं। यह स्थानीय स्वशासन के आधुनिकीकरण के साथ-साथ ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा लक्ष्य है कि शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और नागरिक-केंद्रित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक परिवार को सुविधा, पारदर्शिता और समय की बचत—तीनों का लाभ मिल सके।"-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय “नगरीय निकायों में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने की सुविधा से शहरों के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। यह व्यवस्था पारदर्शी शासन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा सुधार है। अब कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर जैसे दूरस्थ नगर पालिकाओं के लोग भी घर बैठे आसानी से टैक्स जमा कर पा रहे हैं। इससे नागरिकों का समय बचेगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी और स्थानीय स्वशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी। हमारी सरकार शहरी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन, सरल एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

सलमान खान का 60वां बर्थडे धमाका: फार्महाउस पर ग्रैंड पार्टी, ‘द बैटल ऑफ गलवान’ का टीजर करेगा सरप्राइज

मुंबई सलमान खान का 27 दिसंबर को 60वां बर्थडे है और इसके लिए खास तैयारियां की गई हैं। जहां पनवेल फार्महाउस पर एक ग्रैंड पार्टी की तैयारी है, वहीं सलमान फैंस को एक शानदार सरप्राइज देने वाले हैं। खबर है कि सलमान पनवेल फार्महाउस पर 60वां बर्थडे परिवार और करीबी दोस्तों के साथ मनाएंगे। फैंस काफी समय से बड़ी बेसब्री से सलमान के बर्थडे का इंतजार कर रहे थे, और अब जब वह दिन आ गया है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। सलमान भी फैंस के लिए एक बड़े सरप्राइज के साथ तैयार हैं। सलमान खान के 60वें बर्थडे के मौके पर एक स्पेशल वीडियो दिखाया जाएगा, जिसमें एक्टर संग काम कर चुके सभी डायरेक्टर्स का खास मैसेज होगा। चलिए आपको बताते हैं कि सलमान के 60वें बर्थडे के लिए क्या प्लान है। सलमान के 60वें बर्थडे की गेस्ट लिस्ट, स्पेशल वीडियो मैसेज 'इंडियाटुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान की पार्टी में जो शामिल होंगे, इनका नाम तो सामने नहीं आया है, पर गेस्ट लिस्ट काफी छोटी और बेहद खास होगी। सलमान ने पार्टी में सिर्फ उन्हीं लोगों को बुलाया है, जो उनके दिल के करीब हैं। इसमें परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों के अलावा वो डायरेक्टर्स भी शामिल हैं, जिनके साथ उन्होंने आज तक काम किया है। सलमान की पार्टी में पूरा फोकस प्रोफेशनल और पर्सनल रिश्तों पर रहेगा। यहां सितारों को कोई जमावड़ा देखने को नहीं मिलेगा। 'द बैटल ऑफ गलवान' का टीजर 2-4 बजे के बीच होगा रिलीज बताया जा रहा है कि सलमान 60वें बर्थडे पर पपाराजी के साथ भी केक काटेंगे। इसके अलावा फैंस को खास सरप्राइज भी देंगे। दरअसल, उनके 60वें बर्थडे पर मेकर्स ने 'द बैटल ऑफ गलवान' का टीजर रिलीज करने का फैसला किया है। यानी 27 दिसंबर को सलमान की इस नई फिल्म का टीजर रिलीज किया जाएगा। कहा जा रहा है कि दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच टीजर रिलीज किया जाएगा। 'द बैटल ऑफ गलवान' की कहानी और सलमान खान का किरदार 'द बैटल ऑफ गलवान' साल 2020 में चीन और भारत के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। फिल्म में सलमान ने कर्नल बी. संतोष बाबू का किरदार निभाया है, जो 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अफसर थे, और देश के लिए लड़ते हुए शहीद हो गए थे। बी. संतोष बाबू को मरणोपरांत देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी हैं और इसे अपूर्व लाखिया ने डायरेक्ट किया है।