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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अघोर गुरुपीठ में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ जिले के ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहाँ उन्होंने अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के समक्ष प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। उन्होंने गुरुपीठ में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की शांति, समृद्धि और जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री साय ने अघोरेश्वर अवधूत जी के कृपापात्र शिष्य प्रियदर्शी भगवान राम जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और कहा कि उनका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आध्यात्मिक स्पर्श सदैव ऊर्जा, प्रेरणा और सकारात्मकता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा देता है और जनसेवा के कार्यों को अधिक संवेदनशीलता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाने में सहायक होता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य सरकार जनकल्याण, विकास और सुशासन के संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

हस्तशिल्प पुरस्कार 2025: भारतीय हस्तकला को सम्मान, छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिराबाई झरेका बघेल का विशेष रूप से गौरव

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 9 दिसंबर 2025 को करेंगी हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान नई दिल्ली / रायपुर कपड़ा मंत्रालय 9 दिसंबर 2025, मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले हस्तशिल्प पुरस्कार 2025 के माध्यम से वर्ष 2023 और 2024 के विशिष्ट शिल्पियों को सम्मानित करेगा। इस वर्ष के समारोह में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुश्री हिराबाई झरेका बघेल को विशेष रूप से रेखांकित किया जा रहा है, जिन्हें जगदलपुर से धातुकला (बेल मेटल) में अद्वितीय कौशल के लिए सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू होंगी। केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे तथा कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री श्री पबित्रा मरगेरीटा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कारों की स्थापना 1965 में हुई थी, जिनका उद्देश्य उन उत्कृष्ट शिल्पियों को पहचान देना है जिनके अद्वितीय कौशल ने देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है। “शिल्प गुरु” पुरस्कार, जो 2002 में आरंभ किए गए, हस्तशिल्प क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान हैं और उन शिल्प गुरुओं को प्रदान किए जाते हैं जिन्होंने परंपरागत कला में असाधारण निपुणता, नवाचार और संरक्षण का परिचय दिया है। यह समारोह राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह (8 से 14 दिसंबर) का प्रमुख आकर्षण है। इस दौरान देशभर में विविध गतिविधियाँ—हस्तकला प्रदर्शनी, विषयगत कार्यशालाएँ, क्षमता-वृद्धि कार्यक्रम, शिल्प प्रदर्शन, पैनल चर्चा, जन-जागरूकता पहल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों—का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य हस्तशिल्प की सामाजिक-आर्थिक महत्ता को बढ़ाना है। भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र न केवल सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण संरक्षक है, बल्कि ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों में करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार भी है। कपड़ा मंत्रालय शिल्पियों को पहचान, कौशल विकास, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सशक्तिकरण और बाजार उपलब्धता जैसे उपायों के माध्यम से निरंतर समर्थन प्रदान कर रहा है। हस्तशिल्प पुरस्कार और राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह जैसे आयोजनों के माध्यम से सरकार का उद्देश्य भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को सुदृढ़ करना और शिल्प समुदायों को सशक्त बनाना है।

खाद्य प्रसंस्करण हब बनने की ओर जशपुर: निफ्टेम कुंडली का सतत् प्रयास

रायपुर,  राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान कुंडली हरियाणा की 18 यूजी व पीजी छात्रों और 2 संकाय सदस्यों की टीम ने अपने प्रतिष्ठित ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के तहत 19 से 27 नवंबर 2025 तक लगातार तीसरे वर्ष जशपुर का दौरा किया l  निफ्टेम ने 2023 में जशपुर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि, बागवानी और वन उत्पादों विशेषकर महुआ के खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में अपनी गतिविधियाँ प्रारम्भ की थीं। निफ्टेम टीम ने समूह, एफ़ पी ओ और खाद्य प्रसंस्करण हितधारकों से मिलकर गुणवत्ता, सुरक्षा, विनियमन और उद्यमिता से संबंधित जानकारी साझा की। मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण           जशपुर में खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण की आधारशिला मजबूत हुई वर्तमान वर्ष में टीम ने कुशल मानव संसाधन तैयार करने हेतु विविध प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए। कुनकुरी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन में एक फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया, जहां युवाओं को मोटे अनाज आधारित बेकरी उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया। वी ए पी टीम द्वारा स्व सहायता समूह एवं एफ पी ओ सदस्यों तथा युवाओं के लिए मोटे अनाज से मूल्यवर्धित उत्पादों पर तीन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त, सुजी आधारित पास्ता निर्माण, पैकेजिंग, लेबलिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कुल 96 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिनमें 65 प्रतिशत महिलाएँ सम्मिलित रहीं। जशपुर : फसलों और अवसरों का समृद्ध भंडार          जशपुर की जलवायु एवं भौगोलिक विविधता में अच्छी फसलों का उत्पादन होता है। जहां धान, कोदो-कुटकी, रागी, सेब, नाशपाती, स्ट्रॉबेरी, काजू, कटहल, अदरक, हल्दी, नींबू, चाय और महुआ जैसी फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से इन अतिरिक्त उत्पादों को दीर्घ शेल्फ लाइफ, सुरक्षित प्रसंस्करण, और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों—जैसे स्नैक्स, नाश्ते के अनाज, एनर्जी बार और रेडी-टू-ईट/कुक उत्पाद—में बदला जा सकता है।         जिला प्रशासन द्वारा सभी ब्लॉकों में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। निफ्टेम का वी ए पी कार्यक्रम ग्रामीण समुदायों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास प्रदान कर इस प्रयास को सशक्त बना रहा है। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : निफ्टेम टीम द्वारा सराहना         अपने दौरे के दौरान निफ्टेम टीम ने महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी दौरा किया, जहाँ महुआ फूल से तैयार किए गए विभिन्न नवाचारपूर्ण मूल्यवर्धित उत्पादों  जैसे महुआ च्यवनप्राश, महुआ टी, महुआ आधारित स्नैक्स तथा अन्य प्रयोगात्मक खाद्य उत्पाद  के विकास कार्य को विस्तार से समझा। टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, संगत प्रसंस्करण विधि, पैकेजिंग की स्वच्छता एवं प्रस्तुति तथा महुआ के आधुनिक फूड-ग्रेड उपयोग की विशेष रूप से सराहना की। महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रारम्भ किया गया एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण प्रसंस्करण केंद्र है, जिसे वर्तमान में जय जंगल द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह केंद्र जिले में कोदो, कुटकी, रागी और महुआ के प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और स्थानीय महिला समूहों के लिए वास्तविक कौशल एवं आय-वृद्धि का केंद्र बन चुका है।            वी ए पी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रो. प्रसन्ना कुमार ने जशपुर की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया । उन्होंने जिला कलेक्टर जशपुर, जिला पंचायत सीईओ,  एनआर ए एल एम मिशन मैनेजर  तथा जय जंगल एफ पी सी के निदेशक के योगदान को रेखांकित किया। निफ्टेम निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने वी ए पी को छत्तीसगढ़ में उभरते खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र का आधार बताते हुए इसकी गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।                    इस समग्र विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई विस्तृत “जशपुर खाद्य प्रसंस्करण विकास रिपोर्ट” आज जिला प्रशासन को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।

सफल कार्रवाई: दुर्गा ज्वेलर्स की लूट के तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, ज्वेलरी बरामद

सुकमा सुकमा जिला मुख्यालय में स्थित दुर्गा ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज़ 3 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹12.08 लाख के सभी आभूषण पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं। बरामदगी में एक भी ग्राम आभूषण गायब नहीं मिलने से पुलिस की कार्यवाही को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह घटना सुकमा जिले में पहली बार हुई है, जब किसी ज्वेलरी दुकान में पिस्टल की नोक पर लूट को अंजाम दिया गया। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में आतंक और भय का माहौल पैदा कर दिया था। व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई थीं। गांजा तस्कर निकला मास्टरमाइंड, MP से बुलाए थे साथी जांच में सामने आया है कि लूट की साज़िश का मास्टरमाइंड गांजा तस्करी में लिप्त अंकित है। उसने मध्य प्रदेश के भिंड जिले से अपने दो साथियों को बुलाकर प्लान तैयार किया था। तीनों आरोपियों ने घटना से पहले लगातार तीन दिन तक दुकान की रेकी की थी। लूट के बाद आरोपी सुकमा से निकलकर मध्य प्रदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की कड़ी नाकाबंदी और सतर्कता ने उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया। हथियार व अन्य सामग्री जब्त मौके से पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पिस्टल,चाकू,लूट में उपयोग की गई मोटरसाइकिल,मोबाइल फोन , और सभी आभूषण बरामद किए हैं । पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के सीधे निर्देशन में हुई त्वरित कार्रवाई को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। तेजी से काम करते हुए पुलिस टीम ने न सिर्फ लूट का खुलासा किया, बल्कि आरोपी और लूट की गई पूरी संपत्ति भी सुरक्षित बरामद कर ली।

सुनहरा अवसर: जल्द करें आवेदन, 526 पुलिस पदों के लिए भर्ती शुरू

बिलासपुर सारकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों के पुलिस बल में 526 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की जा रही है। रिक्त पदों में आरक्षक चालक और आरक्षक ट्रेडमैन शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत 17 से 19 नवंबर तक ट्रेड टेस्ट आयोजित किया जाएगा। एसएसपी रजनेश सिंह ने भर्ती में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता का दवा किया है। साथ ही अभ्यर्थियों को किसी भी तरह के झांसे में न जाने की चेतावनी दी है। यह टेस्ट बिलासपुर संभागीय मुख्यालय के पुलिस परेड मैदान में 17 नवंबर से शुरू होगा। इसमें पहले आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्तीर्ण और लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। यह सीधी भर्ती वर्ष 2023-24 के लिए आयोजित की जा रही है। बिलासपुर जिला पुलिस बल में कुल 140 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पहले दिन, 17 नवंबर को बिलासपुर जिले में आरक्षक चालक के लिए 100, आरक्षक कुक ट्रेड के लिए 5, आरक्षक नई ट्रेड के लिए 11 और आरक्षक टेलर ट्रेड के लिए 4 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।

सरकारी स्कूल में नवाचार की मिसाल: ‘मैथ्स पार्क’ से बच्चे कर रहे गणित में महारत

डोंगरगढ़ राजनांदगांव जिले के डोगरगढ़ विकासखंड के ग्राम सेंदरी का शासकीय हाई स्कूल इन दिनों पूरे प्रदेश में उदाहरण बनकर उभर रहा है। यहां स्थापित संभवतः प्रदेश का पहला मैथ्स पार्क  न केवल बच्चों की पढ़ाई का तरीका बदल रहा है, बल्कि ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर भी नया रूप ले रही है। कभी घोर नक्सल प्रभावित रहा यह इलाका अब अभिनव शिक्षण पद्धति के जरिए सीखने-सिखाने का केंद्र बन गया है। इस अनोखे पार्क में शून्य के जनक आर्यभट्ट से लेकर महान गणितज्ञ रामानुजन् तक के सिद्धांतों को रोचक आकृतियों, मॉडल्स और गतिविधियों के माध्यम से जीवंत किया गया है। जटिल माने जाने वाले प्रमेय, आकृतियां और गणितीय अवधारणाएं अब बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का साधन बन गई हैं। इससे न केवल विषय का भय समाप्त हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों में गणित के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। वैदिक गणित की सरल तकनीकों को भी पार्क में शामिल किया गया है, जिससे तेज और सटीक गणना का अभ्यास बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि पार्क को सरकारी अनुदान के बजाय स्कूल के शिक्षकों ने स्वयं अपनी कमाई से करीब दस लाख रुपये की राशि जुटाकर विकसित किया है। गणित के शिक्षक गोकूल जंघेल इस नवाचार के प्रणेता हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों में गणित के प्रति रुचि जगाने की मंशा से इस पार्क का निर्माण किया गया है। आकृतियों और संकेतों के जरिए बेसिक गणित को सरल रूप में समझाने की कोशिश की गई है ताकि बच्चे कठिन सिद्धांतों को भी आसानी से पकड़ सकें। 109 विद्यार्थियों और पांच शिक्षकों वाले इस हाई स्कूल में कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद थे, तभी इस नवाचार की नींव रखी गई। प्राचार्य किरण मिश्रा बताती हैं कि महामारी के चलते बच्चे पढ़ाई से दूर हो रहे थे। तब शिक्षकों ने इसे एक अवसर मानकर पहले वृक्षारोपण अभियान चलाया और फिर मैथ्स पार्क का डिजाइन तैयार कर इसे जमीन पर उतारा। उनका कहना है कि इस पार्क के चलते बच्चों में गणित के प्रति जागरूकता और रुचि तेजी से बढ़ी है। जिले के कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने इस प्रयास की सराहना करते हुए स्कूल को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है। गणित पार्क में मौजूद मॉडल्स और गतिविधियों ने छात्रों का गणित से डर लगभग खत्म कर दिया है। कक्षा 9वीं की छात्रा निहारिका यादव और 10वीं के उदित नारायण साहू का कहना है कि अब गणित उनका पसंदीदा विषय बन गया है, क्योंकि वे सिर्फ पढ़ते नहीं बल्कि खेलते हुए सीखते हैं। ग्राम सेंदरी का यह स्कूल किसी सामान्य शासकीय विद्यालय जैसा नहीं, बल्कि किसी आधुनिक निजी संस्थान जैसी अनुभूति देता है। स्वच्छ परिसर, सुव्यवस्थित कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास और प्रोजेक्ट बेस्ड पढ़ाई ने शिक्षा को बेहतर दिशा दी है। इसकी सफलता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 40 से अधिक विद्यार्थी राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं, और बोर्ड परीक्षा में एक छात्र ने प्रदेश के टॉप-10 में स्थान हासिल किया है। सेंदरी का यह सरकारी स्कूल यह साबित कर रहा है कि नीयत सशक्त और उद्देश्य स्पष्ट हों तो संसाधन बाधा नहीं बनते। यहां के शिक्षकों की लगन और समर्पण ने शिक्षा को नवाचार, सेवा और समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बना दिया है। यह कहानी सिर्फ एक स्कूल की नहीं, बल्कि उस उम्मीद की है जो बताती है कि सही पहल से पूरा वातावरण बदल सकता है।

परिवार समारोह में व्यस्त, चोरों ने साफ किए ₹1 करोड़ के गहने-नकदी

पिथौरा चोर कितने शातिर हो गए हैं, इस बात का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इधर परिवार के तमाम सदस्य शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए, और उधर ताक लगाए चोरों ने घर में धावा बोलकर 25 लाख रुपए नगदी सहित एक करोड़ के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिया. मामला महासमुंद जिले के सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम बल्दीडीह का है. गांव में निवासरत योगेश अग्रवाल परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए रायपुर गए थे. वहीं घर को सूना देख चोरों ने धावा बोलकर 25 लाख नगदी सहित सोने-चांदी के आभूषण ले उड़े. चोरी की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई है. सूचना मिलते ही सायबर सेल एवं सांकरा पुलिस मौके पर पहुंच कर पड़ताल में जुट गई. एडिशनल एसपी प्रतिभा तिवारी ने बताया कि घटना स्थल की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है. फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है. फोरेंसिक की टीम, डॉग स्काड की टीम घटना स्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू की दी है. आस-पास के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है. जल्द ही आरोपी सलाखो के पीछे होंगे.

अचानक उड़ान रद्द! Indigo के काउंटर पर यात्रियों ने जताया जोरदार विरोध

रायपुर रायपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों में नाराजगी देखने को मिली. उड़ान से कुछ देर पहले ही अचानक मैसेज भेजकर फ्लाइट रद्द किए जाने की सूचना दिए जाने पर यात्रियों ने एयरलाइंस के काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों पर अपनी भड़ास निकाली. यात्रियों का कहना है कि न तो वैकल्पिक फ्लाइट दी गई, न ही एकोमोडेशन या किसी तरह की सहायता दी गई. कई यात्री, जो दिल्ली, मुंबई, इंदौर और हैदराबाद जाने वाले थे, उन्होंने भी नाराज़गी जताई. शिकायत के बावजूद इंडिगो प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब न मिलने पर कई लोग मजबूर होकर बिना यात्रा किए वापस लौट रहे हैं. दुबई से रायपुर आए एक यात्री ने बताया कि उनका सामान अब तक उन्हें नहीं मिला है. लगेज के लिए 14 हजार रुपए अतिरिक्त भुगतान किया था, लेकिन इंडिगो की ओर से कोई सहायता नहीं की गई. यात्री पिछले 48 घंटे से अधिक समय से एयरपोर्ट पर परेशान घूम रहे हैं. मैसूर जाने वाली एक कैंसर पेशेंट महिला यात्री को भी उड़ान रद्द होने की सूचना अंतिम समय पर मिली. महिला ने कहा कि अब मजबूरन कार से मैसूर जाना पड़ेगा, क्योंकि डॉक्टर का अपॉइंटमेंट मिस हो गया तो नई तारीख मिलना मुश्किल है. इंदौर में जरूरी बिज़नेस मीटिंग के लिए जा रहे एक यात्री को भी फ्लाइट कैंसिलेशन से भारी परेशानी हुई. उनका कहना है कि इंडिगो की अचानक सूचना से पूरा कार्यक्रम गड़बड़ा गया. यात्रियों ने आरोप लगाया कि इंडिगो हेल्पडेस्क कोई समाधान नहीं दे रहा है, कोई वरिष्ठ भी अधिकारी मौजूद नहीं हैं. यात्रियों की मांग हैं कि इंडिगो द्वारा उचित व्यवस्था की जानी चाहिए.

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के समर्थन मूल्य से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार

राजनांदगांव  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में तेजी से धान खरीदी कार्य किया जा रहा है। शासन किसानों के वास्तविक उपज को समर्थन मूल्य में खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। जिले के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है।  राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में ग्राम ईरा के किसान डिलेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि वे 66 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उनके पास 8 एकड़ खेती जमीन है, जिसमें वे धान की उपज लिया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्ंिवटल की दर से धान खरीदी करने से उनकी उपज का वास्तविक दाम मिल रहा है और राशि भी शीघ्र खाते में मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान बिक्री की राशि से वे खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए ट्रेक्टर खरीदा था। उन्होंने बताया कि बहुत दिनों से ट्रेक्टर खरीदने का सोच रहे थे, लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण नहीं खरीद पाए थे। पिछले वर्ष जैसे ही शासन द्वारा धान खरीदी करने पर उन्होंने धान विक्रय किया और एक मुश्त राशि मिलने पर ट्रेक्टर खरीदने की हिम्मत जुटा जाए।  उन्होंने बताया कि समय पर खेती-किसानी कार्य करने के लिए सहुलियत हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की धान बिक्री की राशि से ट्रेक्टर की किश्त को पूरा करने में उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए राशि का उपयोग कर रहे हैं।  ग्राम ईरा के किसान डिलेश्वर बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शिता तरीके से इलेक्ट्रानिक तौलाई, खाते में राशि अंतरण किया जा रहा है। धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था रखी गई है। धान उपार्जन केन्द्र में पेयजल, छांव, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

शीतकालीन सत्र 14 से: रमन सिंह ने कहा— विजन@2047 प्रेज़ेंटेशन के साथ अहम मुद्दों पर मंथन

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होगा. स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने सत्र को लेकर कहा कि नया सत्र पूरी तैयारी के साथ 14 दिसंबर से होगा. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पहले दिन विजन @2047 के प्रस्तुतीकरण के साथ उस पर चर्चा होगी. पहले दिन कोई प्रश्न-उत्तर या ध्यानाकर्षण नहीं है. पहले दिन छत्तीसगढ़ के विकास पर चर्चा होगी, उसका प्रेजेंटेशन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जवाब देंगे.