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चलते ट्रक में लगी भीषण आग: साल्हेवारा घाटी में दमकल की तेजी से टला बड़ा हादसा

खैरागढ़  साल्हेवारा घाटी में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते बच गया. मक्का से भरे 14 चक्का ट्रक में अचानक आग लग गई. ट्रक पलारी, मध्यप्रदेश से मक्का लेकर आरंग, रायपुर जा रही थी. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने e समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया. जानकारी के अनुसार, ट्रक सुबह करीब 9 बजे साल्हेवारा से निकली थी. लगभग 9.30 बजे जैसे ही ट्रक घाटी के मोड़ पर पहुंची, तभी अचानक टायर फट गया और तुरंत आग भड़क उठी. तेज आग देखकर ट्रक ड्राइवर तुरंत कूदकर नीचे उतरा और अपनी जान बचाई. धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मेहनत कर आग पर पूरी तरह काबू पाया. समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया. आग में ट्रक को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन सबसे राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर ट्रैफिक रुका रहा, जिसे बाद में पुलिस ने साफ कराकर यातायात सामान्य कर दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

छत्तीसगढ़ पर्यटन में नया आयाम, ग्वालियर से गाइड ट्रेनिंग लेकर लौटे 45 युवा, CM ने किया स्वागत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की हाजिरी अब आधार से जुड़ेगी, 1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया नियम

रायपुर मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में इसे लागू करने जा रही है। इसी संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को आदेश जारी किया है, जिसमें आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) को 1 जनवरी 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 दिसंबर 2025 तक सभी शासकीय सेवकों की AEBAS में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से उपस्थिति केवल AEBAS के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी। साथ ही कार्यालय में उपस्थिति की नियमित निगरानी करने और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राशन पर संकट गहराया: 1.25 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी अधूरा, खतरे में भोजन की गारंटी

जगदलपुर बस्तर में सरकारी राशन पाने वाले हजारों परिवारों के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अगले महीने से ऐसे हितग्राही, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें राशन नहीं मिलेगा। आंकड़े बताते हैं कि यह संख्या बेहद बड़ी है और इसका सीधा असर आम गरीब परिवारों पर पड़ने वाला है। बस्तर जिले में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत लाखों लोगों को हर महीने सरकारी अनाज मिलता है, लेकिन अब वही सुविधा हजारों परिवारों के हाथ से छिनने की कगार पर है। जिले में कुल 8 लाख 23 हजार 610 हितग्राही राशन कार्ड में दर्ज हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 6 लाख 72 हजार लोगों ने ही अब तक ई-केवाईसी पूरा किया है। बाकी के लगभग 1 लाख 25 हजार लोग अब भी प्रक्रिया से बाहर हैं और चेतावनी साफ है अगर जल्द ई-केवाईसी नहीं हुआ तो अगले महीने से इन्हें एक दाना भी सरकारी अनाज नहीं मिलेगा। खाद्य विभाग के मुताबिक ई-केवाईसी अनिवार्य इसलिए किया जा रहा है ताकि फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके और वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी अनाज पहुंच सके। लेकिन सवाल ये भी है कि क्या अंदरूनी इलाकों में रहने वाली ग्रामीण आबादी को इस बदलाव की जानकारी समय पर मिल पाई है? विभाग का दावा है कि निर्धारित समयसीमा में शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत बताती है कि अब भी बड़ी संख्या में ग्रामीण तकनीकी प्रक्रिया और डॉक्यूमेंटेशन के चलते असमंजस में हैं। जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम राठौर ने बताया कि विभाग से राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी करने के निर्देश मिले हैं। पांच साल से कम उम्र के सदस्यों को छोड़कर लगभग 1,25,000 सदस्यों का केवाईसी होना बचा है। इन्हें अगले 10 दिनों के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए हैं और सभी को इसके संबंध में सूचित भी कर दिया गया है। उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वहां सूची प्रदर्शित है। तो सभी कार्डधारियों से भी अपील है कि जिनके परिवार में किसी सदस्य का केवाईसी बचा हो, वे अपने नजदीकी राशन दुकान में उपस्थित होकर अपने आधार कार्ड के साथ पहुंच जाएं और वहां पर अपना केवाईसी करवा लें। अभी जो बचा हुआ है, वह हमारे कार्ड में लगभग 8 लाख सदस्य हैं, तो उसमें से साढ़े 6 लाख के करीब 6,65,000 का केवाईसी हो चुका है और लगभग 1,25,000 का बचा हुआ है। अंतिम तिथि अभी विभाग ने हमें 10 तारीख तक बताई है।

MP के बाद अब छत्तीसगढ़ में लगेगी राहुल गांधी की पाठशाला, जिलाध्यक्षों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में पाठशाल लगाएंगे। दरअसल, AICC ने छत्तीसगढ़ में 41 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी राहुल गांधी सभी नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए आएंगे। छत्तीसगढ़ PCC चीफ दीपक बैज ने बताया कि 10 दिनों तक सभी नए जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जाएगी।इस 10 दिवसीय कार्यक्रम में नए जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, संवाद कौशल, लीडरशिप, बूथ मैनेजमेंट, अनुशासन, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए जगह चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और संभावनाएं हैं कि यह कार्यक्रम बस्तर में आयोजित किया जाएगा। पार्टी चाहती है कि नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आगामी महीनों में केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार की नीतियों को मजबूती से चुनौती दे सकें और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाएं। सूत्रों के अनुसार ट्रेनिंग अलग- अलग सेशनों में होगी, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता अपने अनुभव साझा करेंगे। 2028 विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन कांग्रेस ने अभी से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान मिलने वाली ट्रेनिंग जिला अध्यक्षों को कितना सक्षम बनाती है और इसका असर आने वाले महीनों में संगठन पर कैसे दिखता है। बता दें कि इसके पहले मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा की थी और कांग्रेस कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए टिप्स भी दिए थे। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के सुझाव भी सुने थे। पचमढ़ी दौरे पर आए राहुल गांधी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बाघ देखने के लिए नीम घाम में जंगल सफारी का आनंद भी लिया था। दिल्ली में हुई बैठक के बाद अंतिम निर्णय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें AICC महासचिव केसी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पहले चरण में भूपेश बघेल और टीएस. सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई थी। दूसरे चरण में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया गया है।  

नक्सल-रोधी अभियान में निर्णायक वार: 18 इनामी नक्सली मारे गए, AK-47 व LMG समेत हथियार जब्त

छत्तीसगढ़ बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार से जारी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. लगभग 20 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में जवानों ने 1 करोड़ 30 लाख रुपये इनामी 18 नक्सलियों को मार गिराया. हालांकि, इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के 3 जवान शहीद हो गए, जबकि दो जवान घायल हैं, जिनका इलाज रायपुर में जारी है. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने मारे गए नक्सलियों के शवों के साथ बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें AK-47, LMG 303 रायफल और ऑटोमैटिक हथियार शामिल हैं. 16 नक्सलियों की हुई पहचान अब तक 18 में से 16 नक्सलियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि दो शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. मारे गए नक्सलियों में 9 पुरुष और 9 महिला माओवादी शामिल हैं. सभी पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था. यह मुठभेड़ हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है. ऐसे हुआ था मुठभेड़ यह मुठभेड़ बुधवार सुबह 9 बजे उस समय शुरू हुई जब DRG, STF, COBRA और CRPF की संयुक्त टीम बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर के वेस्ट बस्तर डिवीजन क्षेत्र में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान नक्सलियों ने अचानक फायरिंग की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।

कोहली के पैर छूने पहुंचा फैन… फिर पुलिस ने कर दी ऐसी कार्रवाई कि मच गया हंगामा!

रायपुर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच बुधवार को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। भारतीय पारी के दौरान ड्रिंक्स ब्रेक में एक युवक अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़कर मैदान में घुस आया और विराट कोहली के पैर छूए। हालांकिस सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। अब यह अपडेट सामने आया है कि पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिखाई देता है कि सुरक्षाकर्मी युवक को कंधे पर उठाकर मैदान से बाहर ले जा रहे हैं, जबकि स्टेडियम में मौजूद दर्शक इस सारी घटना को शोर और हंसी के बीच देख रहे थे। आरोपी की पहचान चंदप्रकाश बंजारे (निवासी: नकटा गांव) के रूप में हुई है। मंदिर हसौद थाना पुलिस ने इस घटना के बाद उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया है। पूछताछ में युवक ने खुद को विराट कोहली का कट्टर प्रशंसक बताया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कोहली का कोई फैन सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर मैदान में घुसा हो। रांची वनडे में भी एक फैन उनके चरणों में लेट गया था, जिसकी तस्वीरें खूब वायरल हुई थीं। विराट कोहली ने रायपुर में जड़ा 53वां ODI शतक मैच में विराट कोहली ने अपना 53वां ODI शतक जमाते हुए 102 रन बनाए, जबकि भारत ने 359 रन का लक्ष्य दिया था। शानदार पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने यह लक्ष्य आखिरी ओवर में हासिल कर लिया।

दत्तात्रेय जयंती पर सीएम विष्णुदेव साय ने राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान दत्तात्रेय की जयंती (4 दिसम्बर) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने भगवान दत्तात्रेय से समस्त नागरिकों के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय सत्कर्म, सादगी, विनम्रता, त्याग और ज्ञान के शाश्वत प्रतीक हैं। उन्होंने मानव जीवन को अहंकार से मुक्त होकर ज्ञानमार्ग अपनाने और जीवन को सद्कर्मों से आलोकित करने की प्रेरणा दी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और महेश — तीनों देवताओं के संयुक्त दिव्य स्वरूप हैं। उनकी उपासना से ज्ञान, शक्ति, धैर्य और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भगवान  दत्तात्रेय जयंती हम सबके लिए आत्मचिंतन, सद्विचार और संस्कारों से भरे जीवन की प्रेरणा लेकर आती है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे भगवान दत्तात्रेय के उपदेशों को आत्मसात कर समाज में सद्भाव, सेवा और सकारात्मकता को बढ़ाने का संकल्प लें।

जमीन गाइडलाइन और सरकार के दो साल पर भूपेश बघेल का वार, बोले— SIR के खिलाफ माहौल बना

रायपुर SIR को लेकर सियासत जारी है। दिल्ली से लौटे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दौरे को लेकर कहा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। देश में SIR के खिलाफ माहौल बना है, जिससे सरकार को झुकना पड़ा और संसद में चर्चा पर तैयार होना पड़ा। पहले मान लेते तो 2 दिन बर्बाद नहीं होता, इसकी जिम्मेदार सरकार है। जमीन गाइडलाइन पर बृजमोहन अग्रवाल की चिट्ठी को लेकर भूपेश बघेल ने कहा, बृजमोहन खुद बता रहे हैं कि सरकार में उनकी चलती नहीं है। हमने 30% गाइडलाइन कम की थी, इससे रियल एस्टेट में जान आ गई थी। मिडिल क्लास अपने सपने पूरे कर पा रहे थे। अब नई गाइडलाइन से बड़े लोग भी जमीन नहीं खरीद पाएंगे। सरकार शायद अपने आकाओं के करीबी लोगों के लिए योजना ला रही है। प्रदेश सरकार के 2 साल पूरे होने पर पूर्व सीएम बघेल ने कहा, सरकार के 2 साल पूरे होने से पहले ही लोग सड़कों पर उतर आए हैं। व्यापारी, बेरोजगार, कर्मचारी, सब परेशान हैं। सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। यह पर्ची वाली सरकार है, जो अहमदाबाद और दिल्ली से चलती है। अंबिकापुर कोयला खदान विवाद पर भूपेश बघेल ने कहा, नियमों का पालन नहीं होगा तो टकराव होगा। जमीन छीनी जाएगी, मुआवजा नहीं मिलेगा तो गरीब क्या करेंगे? भिलाई, दुर्ग के बाद अब सरगुजा, लगातार ऐसे आंदोलन सरकार की निकम्मेपन का नतीजा है। बीजापुर मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर हुए और 3 जवान शहीद हुए, इस पर बघेल ने कहा, शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। PMO का नाम सेवा तीर्थ करने पर उन्होंने कहा, प्रभु दर्शन के लिए तीर्थ पर जाते हैं। PMO को तीर्थ घोषित कर दिया गया है। क्या यह आम जनता के लिए खोला जाएगा? VIP और आम भक्त के लिए अलग व्यवस्था तो नहीं? इसमें जनरल के लिए कोई जगह नहीं है। नेहरू-बाबरी मस्जिद बयान पर राजनाथ सिंह को लेकर पूर्व सीएम ने कहा, राजनाथ सिंह को गंभीर मंत्री मानते थे पर उन्होंने हल्का बयान दिया। यदि तथ्य हैं तो सामने रखें, समाज को बांटने का काम न करें। 50–60 साल पुरानी बातें उठाते हैं, वर्तमान मुद्दों पर चुप क्यों हैं?

महिलाओं के खातों में पहुंची बड़ी राहत, महतारी वंदन योजना की 22वीं किस्त जारी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने वाली राज्य सरकार की प्रमुख योजना महतारी वंदन के तहत आज 22वीं किस्त का भुगतान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि महतारी वंदन योजना हमारी माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ परिवार, समाज और राज्य की उन्नति की आधारशिला हैं, और उनका सशक्त होना एक सशक्त प्रदेश की अनिवार्य शर्त है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रति माह सीधे बैंक खातों में राशि अंतरण होने से माताओं को न केवल आर्थिक संबल मिलता है, बल्कि परिवार की पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में भी सुनिश्चित सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र हितग्राही इस सहायता से वंचित न रहे तथा पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी वंदन योजना आने वाले समय में लाखों परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई ऊर्जा देगी। गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रारंभ होने के बाद अब तक 21 किस्तों में कुल 13,671.68 करोड़ रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों को प्रदान की जा चुकी है। इस माह 67,78,674 पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। इसमें 67,71,012 हितग्राहियों को 633.89 करोड़ रुपये तथा नयड नेल्ला नार क्षेत्र की 7,662 महिलाओं को 76.30 लाख रुपये प्रदान किए गए। इस प्रकार महतारी वंदन योजना की 22वीं किस्त अंतर्गत कुल 634.65 करोड़ रुपये की राशि पात्र हितग्राहियों को अंतरित की गई।