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फर्स्ट फेज में शुरू होंगे आदर्श सुविधा केंद्र, नगरीय विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र खोलने के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। फर्स्ट फेज में सभी 14 नगर निगमों और सभी 55 नगर पालिकाओं में ये केंद्र शुरू किए जाएंगे। ये सुविधा केंद्र नागरिकों को विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र और लाइसेंस प्राप्त करने और पंजीयन व शिकायत निवारण जैसी सेवाओं के लिए एकीकृत केंद्र की तरह काम करेंगे। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की विशेष पहल पर ये केंद्र प्रदेश में खुलने जा रहे हैं। भारत सरकार ने नगरीय निकायों से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं पर आधारित आदर्श सुविधा केन्द्र खोलेने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के तहत सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर  के लिए यह राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगरीय निकायों में आदर्श सुविधा केंद्र स्थापित किए जाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारी सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत हम प्रदेश के नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं और जीवन स्तर प्राप्त हो, यह हमारी सरकार का लक्ष्य है। आदर्श सुविधा केंद्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नगरीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाएगा। नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णु देवसाय की सुशासन की सरकार नगरीय निकायों के नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर कार्य कर रही है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा राज्य शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय और प्रदेश में सिटीजन एक्सपिरियंस सेंटर स्थापित करने के लिए म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विसेस सेंटर के अंतर्गत प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस प्रस्ताव को स्वीकृति एवं अनुशंसा प्रदान करते हुए इसके लिए 50 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। ये सिटीजन एक्सपीरियंस सेंटर नगरीय निकायों से संबंधित सेवाओं (म्यूनिसिपल सर्विसेस) के लिए वन-स्टॉप हब के रूप में काम करेंगे। श्री साव ने प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने के लिए केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी है। सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर कार्य उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आदर्श सुविधा केंद्रों के माध्यम से ‘‘वन स्टेट – वन पोर्टल‘‘ सिंगल प्लेटफार्म की तर्ज पर नागरिकों को जन्म, मृत्यु, विवाह जैसे आवश्यक प्रमाण पत्र, व्यापार, वेंडिंग, विज्ञापन के लिए लाइसेंस सेवाएं, संपत्ति कर, जल/सीवरेज, ठोस अपशिष्ट सेवाएँ, नगर निगम संपत्ति बुकिंग के लिए  पंजीकरण, शिकायत निवारण की सुविधा तथा डिजिटल समावेशन सेवाओं का लाभ सुलभ और समयबद्ध रूप से प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये केन्द्र नागरिक सेवाओं को सरल और मानकीकृत करने के साथ ही प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगी, जिससे लोगों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के मध्य पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसके साथ ही यह पहल पूरे राज्य में समावेशिता को बढ़ावा देगी तथा इज ऑफ लिविंग में  सुधार सुनिश्चित करेगी। क्या है आदर्श सुविधा केन्द्र? आदर्श सुविधा केन्द्र नगरीय निकायों में जनसुविधाओं से संबंधित समस्त सेवाओं के लिए एकीकृत केन्द्र की तरह कार्य करेगी। इस केन्द्र के माध्यम से नगरीय निकायों में नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही प्रदेश में संचालित अन्य नागरिक सुविधा पोर्टल जैसे निदान-1100, मोर संगवारी, संपत्ति कर तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित अन्य सेवाओं व सुविधाओं को भी आदर्श सुविधा केन्द्र के साथ जोड़ा जाएगा। कैसे मिलेगी नागरिकों को सुविधाएं? आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के लिए नागरिकों को अपनी इच्छित सेवाओं से संबंधित आवेदन सुविधा केन्द्र में जाकर दर्ज/जमा करानी होगी। नागरिकों से प्राप्त आवेदन की प्रकृति एवं गुण-दोष के आधार पर नगरीय निकाय द्वारा आदर्श सुविधा केन्द्र के माध्यम से निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ी होगी और इसकी मॉनिटरिंग राज्य शहरी विकास अभिकरण में स्थापित राज्य स्तरीय कमाण्ड एंड कण्ट्रोल सेंटर के माध्यम से की जाएगी।

भगत सिंह की प्रतिमा पर मुख्यमंत्री ने अर्पित किया पुष्पहार, भावुक पल देखिए

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित भगत सिंह चौक पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के वह तेजस्वी नायक थे, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, अटूट देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान से आने वाली पीढ़ियों के लिए अमिट प्रेरणा छोड़ी है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और स्वतंत्रता के लिए त्याग ही सच्ची देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह के विचार और आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हैं। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक: आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए। नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए। सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया। कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।

गंगरेल बांध का जलस्तर ऊँचा, महानदी तटवर्ती ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी

महासमुंद रविशंकर सागर बांध (गंगरेल) का जलभराव स्तर लगातार वर्षा के कारण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार रात 8 बजे की स्थिति में बांध का जलभराव 94.82 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिसमें 17,356 क्यूसेक पानी की आवक रही। इस दौरान सिंचाई हेतु 3,700 क्यूसेक एवं महानदी नदी में 4,026 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।  ज्ञात है कि शनिवार सुबह 11 बजे तक बांध का जलभराव 94 प्रतिशत हो चुका था। बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के चलते लगभग 15,000 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए पानी की आवक 25,000 क्यूसेक तक पहुँचने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में जलस्तर नियंत्रित करने हेतु बांध से प्रति घंटे लगभग 4,000 क्यूसेक पानी महानदी नदी में छोड़े जाने की संभावना व्यक्त की गई थी। महासमुंद जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री अजय खरे ने जानकारी दी कि महानदी नदी के किनारे बसे ग्रामवासियों को सतर्क किया जा रहा है। साथ ही, उच्च अधिकारियों को अग्रिम कार्यवाही हेतु सूचित कर दिया गया है, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने की अपील की है।

जीपीएम जिला: पर्यटन संरक्षण और विकास में उदाहरणीय प्रयास

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही  पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिला पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिलानैसर्गिक खूबसूरती और पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को इको टूरिज्म साइट 2025 का राज्य स्तरीय सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह सम्मान रायपुर में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी को प्रदान किया।  पर्यटन क्षेत्रों के संरक्षण और विकास के लिए गौरवान्वित हुआ जीपीएम जिला     यह पुरस्कार जिले की सबसे ऊंची पर्वत चोटी राजमेरगढ़ पर्यटन क्षेत्र में पर्यावरणीय पर्यटन विकास के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए दिया गया है। राजमेरगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और सांस्कृतिक महत्व के कारण प्रदेश के इको-टूरिज्म मानचित्र पर एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है।     कलेक्टर मंडावी ने बताया कि यह सम्मान जिलेवासियों, पर्यावरण प्रेमियों और प्रशासनिक टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजमेरगढ़ को मॉडल ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में यह उपलब्धि बड़ी प्रेरणा बनेगी। जिले को मिला यह पुरस्कार न केवल जीपीएम के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सतत् एवं जिम्मेदार पर्यटन के क्षेत्र में एक मिसाल भी है। पर्यटन मंत्री और कलेक्टर ने जिलेवासियों को इस सम्मान के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मौसम अपडेट: प्रदेश में वर्षा का औसत 1136.6 मिमी पहुंचा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1136.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1559.8 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 522.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1024.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 917.6 मि.मी., गरियाबंद में 1092.3 मि.मी., महासमुंद में 946.0 मि.मी. और धमतरी में 1054.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1130.5 मि.मी., मुंगेली में 1110.9 मि.मी., रायगढ़ में 1334.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1074.0 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1350.7 मि.मी., सक्ती में 1240.5 मि.मी., कोरबा में 1117.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1038.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 883.1 मि.मी., कबीरधाम में 799.1 मि.मी., राजनांदगांव में 972.0 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1415.3 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 852.0 मि.मी. और बालोद में 1246.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 759.7 मि.मी., सूरजपुर में 1141.4 मि.मी., बलरामपुर में 1516.1 मि.मी., जशपुर में 1054.7 मि.मी., कोरिया में 1193.5 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1074.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1524.7 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1097.3 मि.मी., कांकेर में 1318.8 मि.मी., नारायणपुर में 1391.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1552.3 मि.मी. और सुकमा में 1203.3 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का माध्यम : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा नवाचार और बेहतर कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की शुभकामनाएँ भी दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शक्ति उपासना के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की दो बहादुर बेटियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा की ‘नाविका सागर परिक्रमा’ का उल्लेख किया। दोनों अधिकारियों ने 47 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा 238 दिनों में पूरी की और दुनिया के सबसे सुदूर स्थान ‘नीमो प्वाइंट’ पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी दरों में हुई कटौती से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर वाहनों, कृषि उपकरणों और मशीनों तक में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हैं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं लेते, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक कारीगर की मेहनत और एक उद्यमी के सपनों को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और हम सभी को खादी के वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

एक और अर्बन नक्सली गिरफ्तार, रायपुर में पकड़े गए नक्सली दंपति से जुड़े सूत्र

रायपुर रायपुर के बाद कोरबा से स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने नक्सली रामा इचा को गिरफ्तार किया है. वह कोयला खदान में काम करता है और कई मजदूर संगठनों से जुड़ा हुआ है. नक्सली रामा का कनेक्शन चंगोराभाठा में पकड़े गए जग्गू कुरसम उर्फ रमेश और उनकी पत्नी कमला कुरसम से है. लगातार ठिकाना बदल रहा था जग्गू जग्गू और उसके संपर्क में रहने वाले लोग लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे. तीन माह से अधिक समय तक वे किसी एक जगह नहीं रहते थे. काम छोड़कर वे वापस बस्तर चले जाते और वहां से आकर नया ठिकाना ढूंढते थे. उसने कई बड़े नक्सलियों को रायपुर के झुग्गी इलाकों में ठहराया और उनकी मदद की है. वह लगातार दोनों के संपर्क में था और कई बार उनसे मिलने रायपुर भी आया है. जग्गू भी अपनी पत्नी के साथ उनसे मिलने कोरबा गया है. इनके बीच पैसों का भी लेन-देन हुआ है. एसआईए ने शनिवार शाम रामा को बिलासपुर एनआईए कोर्ट में पेश किया. वहां से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है. तकनीकी जांच के बाद दो और लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है. चंगोराभाठा से नक्सल दंपति गिरफ्तार एसआईबी, एसआईए और डीडी नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 23 सितंबर की रात चंगोराभाठा में छापा मारकर एक दंपति को गिरफ्तार किया गया. इनकी पहचान भैरंगढ़ डिवीजनल कमेटी मेंबर (डीवीसी) जग्गू कुरसम उर्फ रमेश (28) और उनकी पत्नी एरिया कमेटी मेंबर कमला कुरसम के रूप में हुई है. दोनों सक्रिय नक्सली हैं और पिछले तीन-चार साल से रायपुर में रह रहे हैं. गार्ड से लेकर मजदूरी तक रहा जग्गू प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि जग्गू ने कुछ मकानों में सुरक्षा गार्ड का काम किया है. वह कुछ समय पोल्ट्री फार्म में भी काम कर चुका है. इसके बाद वह निर्माणाधीन मकानों और भवनों में काम करने लगा. वह लगातार अपना काम और ठिकाना बदलता रहा. वह चंगोराभाठा, रायपुरा, अम्लेश्वर, बीरगांव, उरकुरा और सिलतरा इलाकों में भी रहा. उसका मूवमेंट भिलाई, बिलासपुर और कोरबा तक फैला हुआ है. उसके संपर्क में शहर में रहने वाले कई लोग हैं. पुलिस ने छह लोगों की पहचान की है, जिसमें से एक को कोरबा से गिरफ्तार किया गया है.

मां बमलेश्वरी धाम: पार्किंग माफिया पर भारी कार्रवाई, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

डोंगरगढ़  नवरात्र मेले की भीड़ में मां बमलेश्वरी धाम पहुंचे श्रद्धालुओं की जेब पर डाका डालने वालों की अब खैर नहीं. डोंगरगढ़ में कुछ पार्किंग संचालक भक्तों से तय शुल्क से ज्यादा वसूली कर रहे थे. शिकायतें लगातार बढ़ीं तो प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया. एसडीएम एम. भार्गव और मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद भोई ने शनिवार देर शाम औचक निरीक्षण कर हकीकत का खुलासा किया. कई जगह भक्तों से ओवर रेट वसूला जा रहा था. एक पार्किंग स्थल पर तो हाल और भी शर्मनाक था—न रेट लिस्ट, न सीसीटीवी कैमरा. कार्रवाई के दौरान संचालकों पर जुर्माना लगाते हुए शोकॉज नोटिस जारी किया गया. अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि मां के दरबार में आए श्रद्धालुओं को ठगने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. मुख्य नगर पालिका अधिकारी खिरोद भोई ने कहा “निरीक्षण में शिकायतें सही पाई गई हैं. दोषी पार्किंग संचालकों पर जुर्माना लगाया गया है. नियम तोड़ने वालों पर लगातार कार्रवाई होगी.” आस्था के इस महापर्व में जहां लाखों भक्त मां बमलेश्वरी के चरणों में माथा टेक रहे हैं, वहीं श्रद्धालुओं की लूट पर गिरी यह गाज पार्किंग माफिया के लिए कड़ा सबक बन गई है.

खदान में मधुमक्खियों के झुंड का हमला, 11 मजदूर घायल

बालोद दल्ली राजहरा बीएसपी माइंस में रविवार सुबह मधुमक्खियों ने हमला कर दिया. ड्यूटी पर पहुंचे कई कर्मचारी घायल हो गए हैं. जिन्हें इलाज के लिए बीएसपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. जानकारी के मुताबिक, भिलाई स्टील प्लांट की खदान में जनरल शिफ्ट के कर्मचारी आज सुबह जैसे ही माइंस गेट के पास पहुंचे. मधुमक्खियों के झुंड ने उनपर हमला कर दिया. घटना के बाद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. मधुमक्खियों के हमले में 11 कमर्चारी घायल हुए हैं. अस्पताल में इलाज जारी सभी घायल कर्मचारियों को दल्ली राजहरा स्थित बीएसपी अस्पताल लाया गया. जहां डॉक्टर्स की निगरानी में घायलों का इलाज जारी है.