samacharsecretary.com

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है : अरुण साव

जगदलपुर/रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

संभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री साय सख्त, कृषि व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

गरियाबंद/रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। मुख्यमंत्री साय आज गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के जिलों की संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के लाभों की जानकारी दें, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो सके। उन्होंने अवैध रेत उत्खनन के विरुद्ध तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन समीक्षा बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए तेल नदी पर एनीकट निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेयजल जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए तथा प्रशासन के प्रति जनता की शिकायतों को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। सीएम ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने, टीबी मुक्त पंचायतों के निर्माण, आयुष्मान कार्डों का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं बल्कि शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने का माध्यम है। इसी उद्देश्य से वे स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा धान उपार्जन एवं उठाव की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में सीखने के स्तर में सुधार, नियमित मॉनिटरिंग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों का उपयोग कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और देश में लागू नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और नशा मुक्ति अभियान को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, रायपुर संभागायुक्त श्याम धावड़े, आईजी अमरेश मिश्रा सहित संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अब राजस्व रिकॉर्ड के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, CM साय शुरू करेंगे नई हेल्पलाइन सेवा

रायपुर. सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को गरियाबंद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा को और बढ़ा रहे हैं। जब डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब इसकी शुरुआत हुई थी, लेकिन अब 400 से अधिक सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है। जनता अपने मोबाइल में ऐप के माध्यम से प्रमाण-पत्र और राजस्व रिकॉर्ड घर बैठे प्राप्त कर सकेगी। सीएम साय ने कहा, इसी महीने हम लोग मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ करने जा रहे हैं। एक टोल-फ्री नंबर जनता के पास होगा, जिसके लिए हमारा कार्यालय तैयार है और 100 से अधिक कर्मचारी प्रशिक्षित होकर कार्य के लिए तैयार हो चुके हैं। सीएम ने कहा, आज इस देश का सौभाग्य है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।पहले यूपीए की सरकार लगातार 10 वर्षों तक रही और उस समय के प्रधानमंत्री एक बड़े अर्थशास्त्री माने जाते थे। इसके बावजूद देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक लगभग 10वें स्थान के आसपास बनी रही, लेकिन जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तो अपने अथक परिश्रम, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के बल पर उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा, 13 जून को हमारी सरकार के ढाई साल पूरे होने वाले हैं। इन ढाई वर्षों में कहीं भी कोई अपराध हुआ है तो उसकी सख्ती से जांच की गई है और आवश्यक कार्रवाई की गई है। कोई भी दोषी है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

छत्तीसगढ़ दौरे पर राष्ट्रीय OBC आयोग की अध्यक्ष, मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल डेक्का संग होंगी बैठकें

रायपुर. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति आज अपने पहले छत्तीसगढ़ दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचीं। पदभार ग्रहण करने के बाद प्रदेश के इस पहले आधिकारिक दौरे के मुख्य उद्देश्यों को बताया। साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि वे छत्तीसगढ़ में आयोजित मछुआरा समाज के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां आई हैं। इसके साथ ही वे प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों, उनकी स्थिति और उनके हक को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगी। OBC आरक्षण को लेकर कही बड़ी बात छत्तीसगढ़ में वर्तमान में लागू 14% और तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा पारित किए गए 27% आरक्षण विधेयक के सवाल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्यपाल के साथ मेरी उच्च स्तरीय बैठक होनी है, जिसमें प्रदेश की विभिन्न समस्याओं और ओबीसी समाज के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यदि राज्य सरकार इस संबंध में आयोग से कोई सिफारिश करती है, तो आयोग के माध्यम से भारत सरकार को उचित सिफारिश और प्रस्ताव भेजा जाएगा।

चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के महाअधिवेशन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय, कई मुद्दों पर करेंगे संबोधन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रविवार काे रायपुर और धमतरी जिले में आयोजित विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री निवास, रायपुर से धमतरी के लिए रवाना होंगे। धमतरी पहुंचकर वे दोपहर करीब 1:30 बजे क्षेत्रीय चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय क्षेत्रीय चन्द्रनाहू कुर्मी समाज के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री रायपुर लौट आएंगे। इसके बाद शाम 4 बजे वे बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के बाद शाम 5:15 बजे तक मुख्यमंत्री निवास लौटने का कार्यक्रम है। साध्वी निरंजन ज्योति आज आएंगी रायपुर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति 7 जून को रायपुर के एक दिवसीय आधिकारिक प्रवास पर रहेंगी. साध्वी निरंजन ज्योति रविवार को नई दिल्ली से रायपुर पहुंचेंगी. वे राज्य अतिथिगृह रायपुर में पिछड़ा समाज के प्रतिनिधिमंडल से भेंट करेंगी. वे रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात करेंगी. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष दोपहर दो बजे बूढ़ापारा स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में पिछड़ा वर्ग संगठन के सामाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन में शामिल होंगी.

खेती के साथ कमाई का मजबूत विकल्प बना डेयरी व्यवसाय, विभाग दे रहा हर संभव सहयोग

रायपुर. प्रदेश के ग्रामीण किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कृषि के साथ ही अन्य व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले में कृषि के साथ-साथ पशुपालन से ग्रामीणों की आजीविका से जोड़ा गया है। जिले में करीब 1,78,533 गौवंशीय एवं 12,776 भैंसवंशीय सहित कुल 1,91,309 पशुधन उपलब्ध है। जिले में वर्तमान में दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध व्यवसाय लगातार प्रगति पर है तथा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध का क्रय-विक्रय किया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग क जानकारी के अनुसार देवभोग दुग्ध महासंघ द्वारा जिले से प्रतिदिन लगभग 17 हजार 200 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त निजी डेयरियों द्वारा भी किसानों से बेहतर दर एवं समय पर भुगतान कर बड़ी मात्रा में दूध खरीदा जा रहा है। निजी डेयरियों में हर्षन डेयरी सरायपाली द्वारा प्रतिदिन 6000 लीटर, शारदा डेयरी सरायपाली द्वारा 4000 लीटर, प्रगति डेयरी सरायपाली द्वारा 2000 लीटर, शारदा डेयरी पिथौरा द्वारा 4000 लीटर तथा गाया डेयरी महासमुंद द्वारा प्रतिदिन 1000 लीटर दूध क्रय किया जा रहा है। इस प्रकार निजी डेयरियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 17 हजार लीटर दूध खरीदा जा रहा है। देवभोग दुग्ध महासंघ एवं निजी डेयरियों को मिलाकर जिले से प्रतिदिन लगभग 34 हजार लीटर दूध का विक्रय दुग्ध समितियों के माध्यम से किया जा रहा है, जो विगत वर्ष की तुलना में अधिक है। यहां जिले में किसानों को दुग्ध विपणन का कार्य में दुग्ध सहकारी समितियों से जोड़ा गया है। पहले 131 सक्रिय दुग्ध समितियां संचालित है, वहीं शासन की सहकारिता से समृद्धि की मंशानुरूप 25 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। वर्तमान में जिले में कुल 156 सक्रिय दुग्ध समितियां संचालित हैं तथा 30 नई समितियां प्रारंभ करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालक किसानों को उन्नत हरा चारा उत्पादन एवं साईलेज निर्माण हेतु लगातार प्रेरित किया जा रहा है। हरा चारा एवं साईलेज पशुओं के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार का प्रमुख स्रोत है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु साईलेज निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक 32 पशुपालकों को टाँक डेयरी फार्म, सेमरिया जिला रायपुर का भ्रमण कराकर साईलेज निर्माण की तकनीकी जानकारी प्रदान की गई है तथा 16 हितग्राहियों को चारा उत्पादन एवं साईलेज निर्माण हेतु अनुदान उपलब्ध कराया गया है। साथ ही पशुपालकों को नेपियर, बरसीम, अजोला आदि हरे चारे के उपयोग हेतु कृषक संगोष्ठियों के माध्यम से लगातार प्रेरित किया जा रहा है। जिले में उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने हेतु कृत्रिम गर्भाधान कार्य निरंतर किया जा रहा है। इस तकनीक से अधिक संख्या में मादा बछियों का उत्पादन संभव हो रहा है, जिससे भविष्य में दुग्ध उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा पशुपालकों को उन्नत नस्ल की दुधारू गायें प्राप्त होंगी। जिले में महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को भी डेयरी व्यवसाय से जोड़ने हेतु विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिला हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर 2-2 गायों का वितरण किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक 94 पशुपालकों को लाभान्वित किया जा चुका है। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा गया है। इसी प्रकार राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (छक्क्ठ) द्वारा महासमुंद जिले के 50 आदिवासी परिवारों के लिए गाय वितरण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से आदिवासी परिवारों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले में दुग्ध उत्पादन एवं विपणन की स्थिति लगातार मजबूत एवं प्रगतिशील बनी हुई है।

खनिज उड़नदस्ता दल का बड़ा एक्शन 15 संदिग्ध स्थानों पर छापा, अवैध खनन-परिवहन में लगे 14 वाहन जब्त

रायपुर  प्रदेश में गौण खनिजों के अवैध दोहन को रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में कोरबा जिले के कलेक्टर  कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश और उप संचालक (खनि प्रशासन) के मार्गदर्शन में आज जिले में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इसके लिए गठित दो विशेष खनिज उड़नदस्ता दलों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक दबिश देकर अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की है। 15 इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी, ये वाहन हुए जब्त           उड़नदस्ता दलों ने कोरबा जिले के कुल 15 संदिग्ध क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। इनमें सीतामढ़ी, कपाटमुडा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री और धवईपुर शामिल हैं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन कर अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते पाए जाने पर कुल 14 वाहनों/मशीनों को रंगे हाथों जब्त किया गया, जिनमें 01 चैन माउंटेन (पोकलेन मशीन), 09 ट्रैक्टर, 02 हाइवा, 02 टीपर शामिल हैं। विभिन्न थानों की अभिरक्षा में सौंपे गए वाहन             जब्त किए गए सभी वाहनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई के लिए क्षेत्र के विभिन्न थानों और चौकियों की सुरक्षात्मक अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। कुसमुंडा थाना, हरदीबाजार थाना, दर्री थाना, बांकीमोंगरा थाना और खनिज जांच नाका, उरगा वाहनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों के तहत होगी सख्त कार्रवाई              खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी आरोपियों और वाहन स्वामियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों तथा अन्य प्रासंगिक वैधानिक प्रावधानों के तहत कड़े मामले दर्ज किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य           अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण, भू-माफियाओं के हौसले पस्त करना है। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना, पर्यावरण की रक्षा करना है। शासकीय राजस्व (रॉयल्टी) की चोरी को शत-प्रतिशत रोकना। खनिज विभाग की खुली चेतावनी         जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी बिना रुके लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून को रायपुर दौरे पर, विभिन्न कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष का 7 जून को  एक दिवसीय रायपुर प्रवास रायपुर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री, भारत सरकार) के अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति जी 07 जून 2026 को रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक दिवसीय आधिकारिक प्रवास पर रहेंगी।            राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के दौरे में सहयोग हेतु श्री राजेन्द्र कुमार निषाद (निजी सचिव मो.-8756342092), एवं श्री रितिक विश्वकर्मा (मो. 7266050609)  कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष के  साथ रहेंगे।           अध्यक्ष-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग साध्वी निरंजन ज्योति जी 07 जून 2026 को नई दिल्ली से सुबह 06:30 बजे प्रस्थान कर सुबह 08:15 बजे रायपुर पहुंचेंगी l वे राज्य अतिथिगृह, रायपुर 07 जून 2026 को सुबह 09:30 बजे पिछड़े समाज के प्रतिनिधि मंण्डल से भेंट करेंगी। 10:30 बजे माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ से शिष्टाचार भेंट करने के बाद दोपहर 12 बजे माननीय राज्यपाल (छत्तीसगढ़) से शिष्टाचार भेंट करेंगी l            राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून 14:00 बजे श्री बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बुढ़ापारा, रायपुर  में पिछड़ा वर्ग संगठन के  सामाजिक प्रगति चिन्तन सम्मेलन में  शामिल होंगी l वे अपरान्ह 3 बजे राजकीय अतिथि गृह रायपुर में पिछड़ा वर्ग के कल्याणकारी योजनाओं पर समीक्षा बैठक लेंगी, जिनमें मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन  माननीय अध्यक्ष एवं सदस्यगण, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग अयोग, प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्गविकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन शामिल होंगे l राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून को ही शाम को 6:40 बजे रायपुर से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी l

750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेचने वाले व्यापारी पर कार्रवाई, 74 बोरी खाद जब्त

रायपुर  किसानों को किफायती और उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।  इसी क्रम में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग ने खाद की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया।            उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर एक खाद दुकान पर पहुंचे और खाद खरीदने का प्रयास किया। जांच के दौरान पता चला कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद, जिसकी वास्तविक कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी में बेचा जा रहा था। इस तरह किसानों से प्रति बोरी एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी। गोदाम सील, खाद बिक्री पर 10 दिन का प्रतिबंध           शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स के गोदाम को सील कर दिया। मौके से 74 बोरी खाद जब्त की गई। साथ ही दुकान में खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है। किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं            कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलेभर में खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी मजबूरी का कोई अनुचित लाभ न उठा सके। आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान            कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों के भंडारण एवं विक्रय की नियमित जांच की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने या कृत्रिम अभाव पैदा करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में उर्वरक निरीक्षक  पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी  फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों से सहयोग की अपील           जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कहीं खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ समय पर सख्त कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा और पारदर्शी खाद वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

रायगढ़ जिला के 2,705 परिवार हुए बिजली बिल से मुक्त

रायपुर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में हरित विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया पर्याय बन चुकी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियानों के फलस्वरूप प्रदेश में सौर ऊर्जा को लेकर भारी उत्साह है। इस महा-अभियान में रायगढ़ जिला उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर पूरे प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले में अब तक 2,705 परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र (Solar Rooftop) सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ये परिवार पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर हो गए हैं।  रायगढ़ जिले की उपलब्धियां            रायगढ़ जिले में स्थापित 2,705 सोलर संयंत्रों की कुल क्षमता 11,504 किलोवाट से अधिक है। इनसे प्रतिदिन लगभग 46 हजार यूनिट तथा प्रतिमाह करीब 13.80 लाख यूनिट हरित बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम हो रही है। बढ़ता जनविश्वास          योजना के तहत अब तक कुल 6,701 आवेदन प्राप्त हुए हैं। केवल मई माह में ही 912 नए आवेदन मिले, जिनमें से 411 घरों में सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। जिले में हर हफ्ते औसतन 228 नए आवेदन आ रहे हैं और 100 से अधिक घरों में नियमित रूप से सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं।  भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत          गर्मी के इस मौसम में जब एयर कंडीशनर और कूलर के चलने से बिजली की मांग और बिल दोनों बढ़ जाते हैं, तब यह योजना आम उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। योजना से जुड़े परिवार अपनी जरूरत की अधिकांश बिजली खुद बना रहे हैं, जिससे उनका मासिक बिजली का खर्च (बिल) नगण्य हो गया है। सब्सिडी और बिजली उत्पादन का गणित विद्युत विभाग के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर दिया गया है। पात्र हितग्राहियों को 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंकों के माध्यम से आसान लोन की व्यवस्था भी है। क्षमता और उत्पादन  1 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट सेे प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है। इसी प्रकार 2 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन और 3 किलोवाट के सोलर संयत्र प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन हो रहा है।  आवेदन की प्रक्रिया हुई बेहद सरल और पारदर्शी         प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को पूरी तरह ऑनलाइन और बिचौलियों से मुक्त रखा गया है। इच्छुक नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पीएम सूर्यघर पोर्टल (PM Surya Ghar Portal)  या मोबाइल ऐप,  CSPDCL की विभागीय डिजिटल सेवा से या टोल-फ्री नंबररू उपभोक्ता 1912 पर कॉल करके सहायता ले सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत उपभोक्ता अपनी मर्जी से अधिकृत वेंडर चुन सकते हैं। सौर ऊर्जा का यह बढ़ता कारवां न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को स्वच्छ, प्रदूषण-मुक्त और हरित भविष्य की ओर ले जा रहा है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जमीनी धरातल पर सच कर रही है।