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पर्यटन के नक्शे पर चमका जशपुर, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को मिला बड़ा सम्मान

पर्यटन के नक्शे पर जशपुर की नई पहचान, ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड 2026 विश्व पर्यटन दिवस पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया सम्मानित जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर गतिविधियों और सामुदायिक पर्यटन को मिली राज्यस्तरीय पहचान रायपुर विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के पर्यटन क्षेत्र को महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय पहचान मिली है। जशपुर की संस्था ‘ट्रिप्पी हिल्स’ को वर्ष 2026 का ‘सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। 27 सितंबर को रायपुर में आयोजित विश्व पर्यटन दिवस समारोह में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ट्रिप्पी हिल्स को यह सम्मान प्रदान किया। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन (सीजीटीटीए) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले संस्थानों एवं पर्यटन हितधारकों को सम्मानित किया गया। राज्य पर्यटन पुरस्कारों में एडवेंचर टूरिज्म सहित पर्यटन क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता दी गई। ट्रिप्पी हिल्स द्वारा वर्ष 2019 से जशपुर की प्राकृतिक एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं को पर्यटकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा है। संस्था ने जिले के प्राकृतिक स्थलों, जलप्रपातों, गुफाओं, जंगलों और पर्वतीय क्षेत्रों को एडवेंचर पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में पहल की है। ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, केव एक्सप्लोरेशन, वाटर एक्टिविटीज और कैंपिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता से परिचित कराने का प्रयास किया गया है। स्थानीय युवाओं और समुदायों की भागीदारी को भी संस्था की गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को गाइड के रूप में प्रशिक्षण देने तथा स्थानीय होमस्टे एवं पारंपरिक खान-पान को पर्यटन से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है। पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन के सहयोग से ‘जशपुर जंबूरी’ जैसे एडवेंचर आधारित आयोजनों ने भी जिले की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक मंच प्रदान किया है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जशपुर की प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन क्षमता को प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।  यह सम्मान जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर रहे स्थानीय युवाओं, पर्यटन उद्यमियों, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और स्थानीय समुदायों के प्रयासों को भी प्रोत्साहन प्रदान करता है। इससे जिले की एडवेंचर, इको और सामुदायिक पर्यटन संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। यह सम्मान जशपुर की माटी और हमारे लोगों का है अवॉर्ड प्राप्त करने के बाद ट्रिप्पी हिल्स के फाउंडर एवं डायरेक्टर सौरभ सिंह ने कहा कि संस्था की शुरुआत जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया के सामने लाने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान संस्था की जमीनी स्तर पर की गई मेहनत के साथ-साथ जशपुर के स्थानीय युवाओं, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और जिले के लोगों के प्रयासों की पहचान है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं ट्रिप्पी हिल्स के को-फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस पर मिला यह राज्यस्तरीय सम्मान संस्था के वर्षों के प्रयासों को नई दिशा और प्रोत्साहन देता है। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास जशपुर की प्राकृतिक संपदा, स्थानीय संस्कृति और समुदाय आधारित पर्यटन को आगे बढ़ाना है। उन्होंने स्थानीय युवाओं, गाइड्स और होमस्टे संचालकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। विश्व पर्यटन दिवस 2026 पर मिला यह सम्मान जशपुर की प्राकृतिक एवं साहसिक पर्यटन संभावनाओं को मिली महत्वपूर्ण पहचान है। इससे जिले में एडवेंचर टूरिज्म के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी वाले पर्यटन को बढ़ावा देने और जशपुर को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इस्तीफे से खाली पदों पर वेटिंग लिस्ट वालों का दावा नहीं

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस्तीफे के कारण खाली हुई किसी पद को पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता है। कोर्ट ने स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े एक मामले में यह बात कही है। जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए दो उम्मीदवारों द्वारा लगाई गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के खाली पद फ्रेश वैकेंसी माने जाते हैं। जिन्हें भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरा करना होगा। क्या है मामला दरअसल, मामला बिजली कंपनियों, स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर के पदों से जुड़ा हुआ है। जूनियर इंजीनियर पद में भर्ती के लिए आवेदन जारी किया गया था। यह आवेदन ओबीसी वर्ग के तहत 15 सितंबर 2023 को जारी किए गए थे। अक्टूबर में चयन लिस्ट जारी की गई। जिसमें भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता को सफलता नहीं मिली। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में था। चयन लिस्ट जारी होने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों ने ज्वाइन करने के बादअपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जिससे कई पद खाली हो गए। जिसके बाद भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता ने विभाग में आवेदन दिया कि वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए। लेकिन विभाग ने उन दोनों के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने दिया फैसला मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई चयनित उम्मीदवार ज्वाइन करने के बाद इस्तीफा दे देता है तो खाली हुआ पद फ्रेश वैकेंसी होती है। इसे पिछली चयन या प्रतीक्षा सूची को ऑपरेट करके नहीं भरा जा सकता है। बल्कि इस पद के लिए नए विज्ञापन के जरिए चयन प्रक्रिया करनी होगी।  

Singapore-India Growth Forum में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाएं रखेंगे CM साय

विदेश मंत्रालय द्वारा सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ फोरम 2026 के लिए छत्तीसगढ़ का चयन; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे राज्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व 3 से 6 अक्टूबर तक सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे मुख्यमंत्री श्री साय, SING फोरम 2026 में रखेंगे छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाएं एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगारपरक क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को वैश्विक मंच पर करेगा छत्तीसगढ़ प्रस्तुत कौशल विकास, वन्यजीव संरक्षण, उद्यानिकी और हरित विकास में सहयोग की संभावनाओं पर भी होगी चर्चा रायपुर विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के नामांकन पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 3 से 6 अक्टूबर 2026 तक सिंगापुर जाने वाले छत्तीसगढ़ के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर में आयोजित होने वाले सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ (SING) फोरम 2026 में भाग लेगा। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ को अपनी उपलब्धियों, विकास की संभावनाओं और निवेश के अवसरों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही सिंगापुर के व्यापार जगत, उद्यमियों और निवेशकों के साथ भविष्य के सहयोग के लिए नए संबंध स्थापित करने की दिशा में भी पहल होगी। SING फोरम 2026 का यह पहला संस्करण है, जिसका आयोजन सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है। फोरम में सिंगापुर और भारत के वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रमुख और निवेशक एक मंच पर आएंगे। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करना तथा व्यापार और निवेश के नए अवसरों को प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय फोरम में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य में एमएसएमई, स्टार्टअप और रोजगारपरक क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक निवेश संभावनाओं को प्रस्तुत करेंगे। राज्य प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और उद्यमियों के समक्ष रखने के साथ ही दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर संवाद किया जाएगा। कौशल विकास और हरित विकास में सहयोग पर रहेगा फोकस सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल स्किल सेंटर, मंडई वाइल्डलाइफ रिजर्व और गार्डन्स बाय द बे के साथ भी बैठकें करेगा। इन बैठकों में कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग के साथ वन्यजीव संरक्षण, उद्यानिकी और हरित विकास से जुड़े अनुभवों एवं संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि यह यात्रा छत्तीसगढ़ को वैश्विक साझेदारों से जोड़ने और राज्य के विकास के नए रास्ते खोलने का महत्वपूर्ण अवसर है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वैश्विक स्तर पर उपलब्ध विशेषज्ञता, निवेश और नवाचार की संभावनाओं से छत्तीसगढ़ को जोड़कर विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएं। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल मुख्यमंत्री साय के साथ राज्य प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार तथा मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी)  उमेश अग्रवाल शामिल रहेंगे।

23 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित होगा मुरिया दरबार

रायपुर छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रतीक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में देश की राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति  मुर्मु ने 23 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति  मुर्मु को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का निमंत्रण पत्र सौंपने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री  तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, बस्तर लोकसभा सांसद  महेश कश्यप तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन उपस्थित रहे। राष्ट्रपति की उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर मां दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं, लोक आस्था और सामुदायिक सहभागिता के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के अवसर पर बस्तर दशहरा को जनजातीय संस्कृति और भाईचारे को अनूठा उदाहरण बताया था। उन्होंने बस्तर की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। ऐसे में बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की प्रस्तावित उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय परंपराओं और लोक विरासत के लिए विशेष गौरव का अवसर होगी। मुरिया दरबार बस्तर की जीवंत सामाजिक परंपरा बस्तर दशहरा की परंपराओं में मुरिया दरबार का विशेष महत्व है। यह आयोजन बस्तर की सामाजिक एवं सामुदायिक व्यवस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है। मुरिया दरबार के माध्यम से बस्तर की परंपराओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक प्रमुखों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाया जाता है। बस्तर की संस्कृति और सामाजिक जीवन में मांझी एवं चालकी जैसे पारंपरिक पदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी मांझी और चालकी की सामाजिक जीवन तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया था। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की ऐसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में है। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति यहां के जनजीवन, लोक आस्था, कला, परंपराओं और प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई है। राष्ट्रपति  मुर्मु की उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि बस्तर की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार किया जाए।  अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण है। 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करना पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण होगा। बस्तर की संस्कृति से राष्ट्रपति का विशेष जुड़ाव महामहिम राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का बस्तर की संस्कृति और जनजातीय विरासत से विशेष जुड़ाव रहा है। फरवरी 2026 में उन्होंने जगदलपुर में बस्तर पंडुम का उद्घाटन किया था। अपने संबोधन में उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और गुफाओं को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि बस्तर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास को आगे बढ़ाना आवश्यक है। जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी राष्ट्रपति ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने और जनजातीय समुदायों की विकास यात्रा में सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया था।

सभी विभागों की सहभागिता से अभियान को बनाएं सफल – अरुण साव

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा बेमेतरा जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने आज बेमेतरा जिला मुख्यालय में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में निर्धारित गतिविधियों और कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों से अभियान के तहत जिले में प्रस्तावित गतिविधियों और अब तक की तैयारियों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयाल दास बघेल तथा विधायकगण  दीपेश साहू एवं  ईश्वर साहू भी बैठक में शामिल हुए। शासन-प्रशासन को जनता के प्रति और अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और सेवाभावी बनाने का संकल्प –  साव उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि सेवा संकल्प अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन को जनता के प्रति और अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और सेवाभावी बनाने का संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस अभियान में सभी विभागों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए और निर्धारित सभी गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता से सफल बनाया जाए। चारों विकासखंडों में निकलेगी सेवा ज्योति कलश यात्रा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत बेमेतरा जिले के चारों विकासखंडों – बेमेतरा, बेरला, नवागढ़ और साजा में सेवा ज्योति कलश यात्रा का आयोजन किया जाए। यह कलश यात्रा प्रत्येक ग्राम पंचायत से होते हुए सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर जाएगी। यात्रा के दौरान स्वच्छता, जनसेवा और सुशासन की अलख जगाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यात्रा के रूट चार्ट, सुरक्षा एवं जनभागीदारी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कलश यात्रा का सफल समापन जिला मुख्यालय में करने और सभा आयोजित प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का देश के नाम संबोधन को सुनने की व्यवस्था के निर्देश दिए।  सेवा का रंग, राष्ट्र के संग, रंगोली में दिखेगी सेवा की झलक बैठक में  साव ने "सेवा का रंग, राष्ट्र के संग" थीम पर आयोजित होने वाली विशेष रंगोली कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में आकर्षक एवं संदेशपरक रंगोली बनाई जाए, जिसमें सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों की झलक दिखे। इस कार्यक्रम में महिला स्वसहायता समूहों, स्कूली छात्राओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की विशेष भागीदारी हो, ताकि कला के माध्यम से सेवा का संदेश घर-घर तक पहुंचे। ’आंगन मिलन सेवा’ में महिलाओं की भागीदारी पर जोर महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए उप मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले ’आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाया जाए। इसमें गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इस दौरान स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श एवं शासन की योजनाओं की जानकारी दी जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल अनिवार्य उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि शालाओं में केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए खेल गतिविधियों को नियमित रूप से शामिल किया जाए। सभी शालाओं में प्रतिदिन खेल पीरियड अनिवार्य किया जाए और नियमित अभ्यास कराया जाए। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले ने हमेशा नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाई है और इस बार भी सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन में बेमेतरा प्रदेश में मिसाल बनेगा। जिला पंचायत की अध्यक्ष मती कल्पना योगेश तिवारी, छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड के अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, जनपद पंचायत अध्यक्षगण  जितेंद्र साहू, माधुरी परगनिहा, हेमा दिवाकर, अपर कलेक्टर  प्रकाश भारद्वाज और जिला पंचायत की सीईओ सु प्रेमलता पद्माकर भी बैठक में मौजूद थीं।

NH निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल, मौके पर पहुंचे अध्यक्ष-उपाध्यक्ष; काम कराया बंद

अंबिकापुर   रामानुजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर बलरामपुर के नवीन सर्किट हाउस से कलेक्टर कार्यालय तक चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी सहित पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और निर्माण में कथित अनियमितता तथा गुणवत्ताविहीन कार्य करने का आरोप लगाते हुए काम बंद करा दिया। निरीक्षण के दौरान डिवाइडर की कंक्रीट में दरारें दिखाई देने, गिट्टी बाहर निकलने तथा सरिया खुले होने की बात जनप्रतिनिधियों ने कही। वहीं नाली के ऊपर शटरिंग के काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है और जल्दबाजी में काम पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने मौके पर कहा कि निर्माण कार्य जिस गति से किया जा रहा है, उसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटिया निर्माण को लेकर मिलीभगत की स्थिति की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक निर्माण कार्य में आवश्यक सुधार नहीं किया जाता, तब तक काम नहीं चलने दिया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का के साथ पार्षद गौतम सिंह, अमित गुप्ता मंटू, सेवक राम सहित अन्य पार्षद भी मौके पर मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से निर्माणाधीन पूरे पैच की गुणवत्ता जांच कराने तथा रोड सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। घटिया निर्माण का खुलासा जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। निर्माण में सामने आई कमियों की तकनीकी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि लंबी प्रतीक्षा के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग का नवनिर्माण तथा चौड़ीकरण किया जा रहा है। काम पर लगाई रोक यह उम्मीदों की सड़क है। इस सड़क के लिए लोगों ने कई सालों से परेशानी झेली है। केंद्र सरकार स्तर से सड़क नवनिर्माण के लिए पर्याप्त बजट का प्रविधान किया गया है, ऐसे में स्तरहीन निर्माण कार्य किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूरी गुणवत्ता के साथ सड़क ,नाली का निर्माण होना चाहिए ताकि आने वाले कई वर्षों तक इसका लाभ लोगों को मिलता रहे। 

सेवा संकल्प अभियान : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री  अरुण साव ने आज सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिला मुख्यालय बिलासपुर में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक आयोजित करने के निर्देश दिए।   साव ने 7 अक्टूबर को मस्तूरी, बिल्हा, कोटा और तखतपुर विकासखंडों में सेवा ज्योति कलश यात्रा आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा के रूट चार्ट, सुरक्षा और जनभागीदारी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। यात्रा का समापन जिला मुख्यालय स्थित बहतराई स्टेडियम में होगा, जहां सभा आयोजित कर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन को सुनने की व्यवस्था की जाएगी। रंगोली और आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में व्यापक सहभागिता उप मुख्यमंत्री ने ‘‘सेवा का रंग, राष्ट्र के संग’’ थीम पर सभी नगरीय निकायों, जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में आकर्षक एवं संदेशपरक रंगोली बनाने के निर्देश दिए। इसमें महिला स्वसहायता समूहों, स्कूली छात्राओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले ‘‘आंगन मिलन सेवा’’ कार्यक्रम को उत्सव के रूप में आयोजित करने तथा गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और किशोरी बालिकाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। 1 अक्टूबर को शासकीय कार्यालयों में चलेगा व्यापक स्वच्छता अभियान उप मुख्यमंत्री ने ‘‘सेवा मेरा योगदान’’ के तहत 1 अक्टूबर को सभी शासकीय कार्यालयों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों के भीतर और बाहर स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अरपा नदी के प्रमुख घाटों पर भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।  कलेक्टर  संजय अग्रवाल ने बैठक में सेवा संकल्प अभियान के आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी दी। विधायक  धरमलाल कौशिक एवं  सुशांत शुक्ला, महापौर मती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी,  दीपक ठाकुर,  मोहित जायसवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, निगम आयुक्त  प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल और विभिन्न कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पहले सीजन के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल शुरू

रायपुर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल आज रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 पर शुरू हुआ। ट्रायल के लिए पंजीकृत 373 खिलाड़ियों में से 223 खिलाड़ियों ने पहले दिन उपस्थित होकर ट्रायल में भाग लिया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने ट्रायल स्थल पहुंचकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस ट्रायल में खिलाड़ियों का उत्साह इसका प्रमाण है। आज मैंने मैदान पर स्वयं उनके जुनून को देखा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य ऐसे ही युवा खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच देना है, जहाँ वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर खेल प्रतिभा को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने ट्रायल में भाग ले रहे खिलाड़ियों शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खेलने वाली छह टीमों के खिलाड़ियों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। ट्रायल की सम्पूर्ण प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार संचालित की जा रही है। ट्रायल का संचालन खेल अधिकारियों, विशेषज्ञों, हॉकी संघ और वरिष्ठ खिलाड़ियों के पैनल की देखरेख में किया गया। पैनल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी  दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर की वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक मती रश्मि संध्या एक्का, बिलासपुर के वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक  राकेश टोप्पो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ की ओर से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी  मृणाल चौबे, राजनांदगांव से  अनुराग वास्तव तथा वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी  अमिताभ मानिकपुरी शामिल हैं। 29 सितम्बर को भी सुबह 9 बजे से चयन ट्रायल जारी रहेगा। ट्रायल पूर्ण होने के बाद चयनित खिलाड़ियों की सूची और चयन प्रक्रिया का प्रतिवेदन खेल संचालनालय को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर लीग की छह टीमों का गठन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) छत्तीसगढ़ की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना राज्य के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धी अनुभव हासिल करने तथा राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्राप्त करने के लिए एक सुव्यवस्थित और प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2026 तक सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइज़ी आधारित टीमें – राजधानी रॉयल्स, चित्रकोट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ियों का दल होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के 18 खिलाड़ी और राज्य के बाहर से चार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होंगे। इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और राज्य में राष्ट्रीय खेल के निरंतर विकास में योगदान देना है। “चलो रे संगी, हॉकी खेलबो” टैगलाइन के साथ यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती आकांक्षाओं को सामने लाती है।

बलरामपुर में गाय की हत्या कर मांस खाने का आरोप, 4 कटे पैर मिलने से खुला मामला; 9 गिरफ्तार

बलरामपुर रनहत: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के चौकी रनहत अंतर्गत ग्राम चंदौरा में गोवंश (गाय) की हत्या कर उसका मांस पकाने और खाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महिलाओं सहित कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी सुदन हड्डे निवासी चंदौरा ने चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी गाय 23 सितंबर को चरने के दौरान पास के जंगल में खो गई थी। तलाश के दौरान 24 सितंबर को गांव के ही धर्मजीत अगरिया के घर के पास बने सोख्ता गड्ढे में गाय के चार कटे हुए पैर बरामद हुए। घटना के बाद गांव में बुलाई गई पंचायत की बैठक में जब संदेहियों से पूछताछ की गई, तो आरोपियों ने गाय को मारकर पकाने और खाने का अपराध स्वीकार कर लिया। प्रार्थी की शिकायत और पंचायती निर्णय के बाद रनहत पुलिस ने दबिश देकर मामले में शामिल राजेश कुम्हरिया, प्रदीप चरगट, धर्मजीत अगरिया, रविशंकर, अमरसाय, नधुराम, कोमला, फुलबसिया और रेशमा उर्फ हुगली (सभी निवासी चंदौरा) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325, 3(5) और छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।

छत्तीसगढ़ की बेटी ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश-प्रदेश का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री साय

रायपुर एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य और छत्तीसगढ़ की बेटी सु संजू देवी ने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सु संजू देवी को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सु संजू देवी को 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सु संजू देवी ने अपने उत्कृष्ट खेल, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं में अपार सामर्थ्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन मिले, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री ने सु संजू देवी से एशियन गेम्स के अपने अनुभवों और भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के संबंध में आत्मीय बातचीत की। उन्होंने संजू देवी की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि वह अपने साथ हजारों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान देती है। संजू देवी की सफलता प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे बच्चों और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सु संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता निखारने और देश-दुनिया के खेल मंचों तक पहुंचने के पर्याप्त अवसर मिलें। सु संजू देवी जैसी प्रतिभाओं की उपलब्धियां इस संकल्प को और मजबूत करती हैं। सु संजू देवी ने सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मिला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।