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मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

रायपुर विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया। अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी। उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

सहकारिता आयुक्त ने मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं शुरू करने के दिए निर्देश

रायपुर राज्य के शहरी सहकारी बैंकों में आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार करने के लिए आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़  महादेव कावरे ने समीक्षा बैठक ली। इस समीक्षा बैठक में राज्य के 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सहकारिता आयुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और आसान बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एईपीएस (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) जैसी सुविधाएं शुरू की जाएं। सहकारिता आयुक्त ने बैंकों को यह भी निर्देशित किया कि वे तकनीकी सहायता और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए गठित अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ें। इससे बैंकों को नई तकनीक अपनाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी। बैठक में अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन, नई दिल्ली के अधिकारी  सुमीत हंस ने बैंकों को संगठन से जुड़ने के लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इससे सहकारी बैंक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को तेजी से लागू कर सकेंगे। इस अवसर पर व्यावसायिक सहकारी बैंक रायपुर, नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक रायपुर, रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुंद, अंबिकापुर और जगदलपुर के सहकारी बैंक शामिल हुए। सहकारिता आयुक्त  कावरे ने सभी बैंकों को तय समय-सीमा में आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश के सहकारी बैंकों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और ग्राहकों को अधिक सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीसी के जरिए परखी जमीनी हकीकत

रायपुर       सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्रभारी सचिव हिमशिखर गुप्ता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने जिले की वर्तमान प्रगति और क्रियान्वयन की बिंदुवार जानकारी साझा की। इस उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। ​राजस्व मामलों में तेजी और अधोसंरचना निर्माण के निर्देश        प्रभारी सचिव ने राजस्व कार्यों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए भू-अभिलेख, भू-अर्जन और डायवर्शन के नक्शा-खसरा को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपडेट रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट, एसडीएम कार्यालय, जिला पंचायत, जिला अस्पताल और ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। ​पेयजल, मनरेगा और ग्रामीण विकास पर फोकस      ​ बैठक में जल जीवन मिशन, जल आवर्धन योजना और मल्टी विलेज पेयजल योजनाओं की समीक्षा की गई ताकि हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा मनरेगा के तहत रोजगार सृजन, पीएम ग्राम सड़क योजना, स्वामित्व योजना और 'लखपति दीदी' योजना के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रगति को भी देखा गया। ​स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल  जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में सामान्य प्रसव व ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने और बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई। इसी तरह पीएम स्कूल निर्माण और हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी (e-KYC) कार्य, किसान सम्मान निधि, एग्रीस्टेक पंजीयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की समीक्षा की गई। ​कृषि, आपूर्ति और कानून व्यवस्था की समीक्षा    ​ प्रभारी सचिव ने खरीफ सीजन के मद्देनजर रासायनिक खाद की उपलब्धता व भंडारण की जानकारी ली। साथ ही धान उठाव और भारतीय खाद्य निगम (FCI) में चावल भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति, खनिज विभाग की गतिविधियों और डीएमएफ (DMF) राशि से संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। ​        प्रभारी सचिव ने जिले में तीन नए कानूनों के क्रियान्वयन, उप जेल की स्थिति, सड़क सुरक्षा, आपराधिक आंकड़ों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की कड़ाई से समीक्षा की। मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इसी तरह जिला खनिज न्यास (DMF) के सहयोग से युवाओं के लिए संचालित तेजस निःशुल्क फ्री कोचिंग, ग्राम सुखापाली की 25 एकड़ शासकीय भूमि पर हो रही सामूहिक अमरूद की विशेष खेती,​सपेरा बस्ती के 40 हितग्राहियों के लिए पीएम आवास निर्माण की प्रगति,​मकरी दरहा में पहुंच सीसी रोड, लातनाला पर एनीकट निर्माण और जिले के मॉडल आंगनबाड़ियों की स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

पशुपालन से मजबूत होगी आजीविका, ग्रामीण परिवार को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा

रायपुर सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी  पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।  पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया। बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है। हितग्राही  जोगा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल “उजर 100” योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

रायपुर बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है। ​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया। ​100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता     ​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। ​5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट  ​सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे। ​पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा    ​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा। ​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी  हवाई यात्रा की सुविधा जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी। ​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट   ​ चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने सम्पूर्ण देश के नक्सलमुक्त होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन एवं आभार प्रकट किया

रायपुर   केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।  अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन किया। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया और जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी ने नेतृत्व भी प्रदान किया और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।  अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं।  शाह ने कहा कि आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की मॉनिटरिंग से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं। उत्तर के हिमालय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भूभाग से लेकर मध्य भारत के पठारी, वन समृद्ध और खनिज समृद्ध क्षेत्र इस क्षेत्र में आते हैं, जो निश्चित रूप से देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र हमें देश के अनाज के भंडारों को भरने में बड़ी मदद करता है। इस क्षेत्र के समृद्ध खनिज भंडार से देश के विकास को गति मिलती है और इसी क्षेत्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने देश को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसी क्षेत्र में देश के आस्था के सभी केंद्र करीब-करीब एक ही जगह पर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और इस दृष्टि से पूरे मध्य क्षेत्र का बहुत महत्व है। गृह मंत्री ने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त हुआ है, जो हम सबके लिए बहुत हर्ष का विषय है।  अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है – हमने इसे निर्णायक, निरंतर और परिणामदायी बनाया है। 2004 से 2014 के 10 वर्षों में क्षेत्रीय परिषद की मात्र 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गई हैं। पहले 10 वर्षों में स्टैंडिंग कमेटी की 14 बैठकें हुई थीं, जो इस अवधि में ढाई गुना बढ़कर 35 हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में मात्र 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि 2014 से 2026 में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई है, और उनमें से लगभग 80% मुद्दों का सफल निराकरण भी कर लिया गया है। लंबित मुद्दों में से अधिकांश मॉनिटरिंग से संबंधित हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।  अमित शाह ने कहा कि शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने कहा कि POCSO और बलात्कार के मामलों में अगर समय से DNA जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है।  शाह ने कहा कि … Read more

धमतरी में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह भी देखी, दोनों सड़कों का जल्द शुरू होगा काम

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने आज धमतरी शहर में बनने वाले दो फोरलेन सड़कों की जगह देखी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रत्नाबांधा चौक से कांकेर बायपास तक पांच किलोमीटर तथा सिहावा चौक से नगरी रोड में पांच किलोमीटर सड़क का फोरलेन के रूप में उन्नयन किया जा रहा है। इन दोनों सड़कों का काम जल्दी ही शुरू होगा।  बंसल ने अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए दोनों सड़कों के काम समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए। विभागीय सचिव ने धमतरी जिले में कुरुद-चरमुड़िया-गोबरा-सिवनी-चिंवरी-सिर्री सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा 30 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक की लागत से इस 9.3 किमी सड़क का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जा रहा है। इसे फरवरी-2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।  बंसल ने सिर्री-फुसेरा-करगा-चटौद सड़क चौड़ीकरण के कार्यों को भी देखा। उन्होंने अच्छी गुणवत्ता के साथ सड़क का काम तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। विभाग द्वारा 15 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से 9.6 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। धमतरी के कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी भी दोनों सड़कों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।  

ऑनलाइन मेडिसिन सेल के विरोध में उतरे दवा व्यापारी, CG में 20 हजार मेडिकल स्टोर बंद

रायपुर. ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ ऑफलाइन दवा विक्रताओं ने हल्ला बोल दिया है. छत्तीसगढ़ सहित देशभर में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा विक्रेताओं ने 20 मई को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है. इस बंद के समर्थन में छत्तीसगढ़ के करीब 20 हजार मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए बंद रहेंगे. दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बिना पर्याप्त निगरानी और नियमों के दवाइयों की बिक्री की जा रही है, जिससे मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है और छोटे दवा व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. छत्तीसगढ़ के दवा व्यापारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवा कंपनियों को लेकर लंबे समय से सरकार से शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) के आह्वान पर यह राष्ट्रव्यापी बंद बुलाया गया है. बंद के दौरान प्रदेशभर में मेडिकल स्टोर संचालक अपना कारोबार बंद रखेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी करेंगे. संवेदनशील दवाओं का हो रहा गलत इस्तेमाल दवा विक्रेताओं के संगठन का आरोप है कि कई ऑनलाइन कंपनियां डॉक्टर की पर्ची के बिना भी दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं. इससे एंटीबायोटिक और अन्य संवेदनशील दवाओं का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए इसकी बिक्री पर सख्त नियंत्रण जरूरी है. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कुछ मेडिकल स्टोर खुले रह सकते हैं, ताकि मरीजों को जरूरी दवाओं की परेशानी न हो. वहीं, बंद को लेकर आम लोगों से पहले ही जरूरी दवाइयां खरीद लेने की अपील की गई है. दवा व्यापारियों का कहना है कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू नहीं किए, तो आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से एक वर्षीय बालिका बनी प्रेरणा

रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की सतत निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और परिवार के सहयोग से बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम पीलूर की एक वर्षीय बालिका शान्वी मड़े ने गंभीर कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। शान्वी की यह सफलता क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई है। शान्वी की माता  सरिता मड़े ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य काफी कमजोर था और उसका वजन उम्र के अनुसार बहुत कम था। जांच में शान्वी गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाई गई। उस समय उसका वजन 7.900 किलोग्राम था। स्थिति को गंभीर देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लगातार घर-घर जाकर परिवार को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में समझाया। प्रारंभ में परिवार बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन लगातार समझाइश और मार्गदर्शन से परिवार सहमत हुआ। परियोजना अधिकारी  कल्पना रथ और सेक्टर सुपरवाइजर कु. उजाला बंजारे ने भी परिवार से मुलाकात कर आवश्यक परामर्श दिया। इसके बाद  विगत 2 अप्रैल को शान्वी को एनआरसी में भर्ती कराया गया, जहां उसे चिकित्सकीय देखरेख, विशेष पोषण आहार और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया। एनआरसी में उपचार और घर लौटने के बाद नियमित देखभाल तथा सही पोषण मिलने से शान्वी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। वर्तमान में उसका वजन बढ़कर 9.200 किलोग्राम हो गया है तथा उसकी ऊंचाई 70.2 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। अब शान्वी पूरी तरह सामान्य श्रेणी में पहुंच चुकी है। शान्वी की यह कहानी बताती है कि समय पर पहचान, सही उपचार, पोषण संबंधी जागरूकता और परिवार के सहयोग से कुपोषण जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। स्वस्थ बचपन, खुशहाल भविष्य शान्वी की सफलता आज पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश बन गई है कि सही देखभाल और पौष्टिक आहार से हर बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकता है।

हज यात्रा पर निकले छत्तीसगढ़ के 391 श्रद्धालु, मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान

रायपुर हज 2026 के लिए मुंबई के अंतराष्ट्रीय विमानतल से अब तक छत्तीसगढ़ राज्य के 391 हज यात्री हज-ए- बैतुल्लाह के लिए रवाना हो चुके हैं। हाजियों के मुंबई से प्रस्थान के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा  हज हाउस में हाजियों की रिपोर्टिंग कराई गई एवं हज यात्रा के आवश्यक दस्तावेजों का वितरण हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज बेग द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज बेग एवं सदस्य  मौलाना अमीर बेग, मौलाना महताब, गुलाम रहमान खान, ने  हज हाऊस से विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर एयरपोर्ट के लिए रवाना किया गया। एयरपोर्ट पर भी हज हाऊस यात्रियों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जिससे हज यात्रियों का प्रस्थान सुगमता पूर्वक संपन्न हुआ। एंबारकेशन प्वाइंट से राज्य के हज यात्रियों की सुगमता पूर्वक प्रस्थान की समस्त व्यवस्थाओं का संपादन छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग के दिशा निर्देशों व मार्गदर्शन में  पूर्ण  किया गया।