samacharsecretary.com

ज्वेलरी केस में बड़ा खुलासा: व्यापारी की 11 करोड़ की ज्वेलरी जब्त, खर्चा-पानी के आरोप पर SP ने टीआई को किया निलंबित

रायपुर/खैरागढ़ 500 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर करने वाले राजधानी रायपुर के एक बड़े सराफा व्यापारी की 11 करोड़ से अधिक की ज्वेलरी को रोककर वसूली करने के आरोप में खैरागढ़ एसपी ने टीआई समेत 3 को तत्काल निलंबित कर दिया है. जानकारी के मुताबिक जंगल के रास्ते से करीब 10 किलो Gold ज्वेलरी लेकर आ रही कार को पुलिस चेकिंग पाइंट पर पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया. जानकारी के मुताबिक इस मामले में टीआई और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है और पुलिस पर लेन-देन के भी आरोप लगे है. जिसके बाद खैरागढ़ एसपी लक्ष्य शर्मा ने गातापार थाना प्रभारी आलोक साहू, एसआई नंदकिशोर वैष्णव और प्रधान आरक्षक तैजान ध्रुव को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. कैसे पकड़ा गया मामला शनिवार रात गातापार में वाहनों की जांच के लिए बैरियर लगाया गया था. इसी दौरान मध्यप्रदेश से आ रही एक कार को रोका गया. तलाशी में सीट के भीतर से सोने के करीब 10 किलो का जखीरा मिला. दावा ये है कि कार सवारों के पास सोने से जुड़े किसी भी प्रकार के दस्तावेज की मौजूदगी नहीं थी, दावा एक ये भी है कि उस व्यापारी के पास इसके बिल मौजूद है और व्यापारी रायपुर सराफा बाजार का एक बड़ा व्यापारी है और वे सालाना 500 करोड़ से अधिक का टर्नओवर करते है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह सोना महाराष्ट्र से एमपी होते हुए गातापार के जंगल के रास्ते छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था. योजना इसे खैरागढ़ के ग्रामीण इलाकों से होकर रायपुर तक पहुंचाने की थी. गाड़ी का नंबर ट्रेस कर आगे की पड़ताल शुरू कर दी गई है. कुछ सूत्रों ने गोल्ड की ज्वेलरी के जगह कच्चे सोने की बात भी कही है, ये पुलिस की जांच में पता चलेगा कि ये ज्वेलरी थी या कच्चा सोना. चेकिंग पाइंट पर हुई डील? जानकारी के मुताबिक, कार को चेक पाइंट में लंबे समय तक रोके रखा गया. इस दौरान कुछ स्थानीय व्यापारी वहां पहुंचे और मामले को दबाने की कोशिश की. थाना प्रभारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को देने के बजाय मात्र 2 हजार रुपए का चालान काटकर गाड़ी को छोड़ दिया. घटना की भनक लगते ही एसपी लक्ष्य शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया.

सी.पी. राधाकृष्णन बने भारत के उपराष्ट्रपति, सीएम साय ने दी बधाई

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सी.पी. राधाकृष्णन को भारत का उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक प्रभावशाली नेता और कुशल प्रशासक के रूप में  राधाकृष्णन जी ने समाज की जड़ों से उठकर राष्ट्र के उच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने का गौरव अर्जित किया है। उनका यह सफर लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त मिसाल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राधाकृष्णन जी का दूरदर्शी नेतृत्व और गहरा प्रशासनिक अनुभव न्याय, समानता और विकास के मूल्यों को नई ऊँचाइयों पर स्थापित करेगा। वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के उत्थान के प्रति उनकी निष्ठा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय प्रगति को और सुदृढ़ बनाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सफलता राधाकृष्णन जी के विश्वास, कड़ी मेहनत और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है, जो पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से राधाकृष्णन जी को पुनः शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।

तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या दोगुनी, 17 से बढ़कर हुई 35– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2022 में जहां बाघों की संख्या 17 थी, वहीं अप्रैल 2025 के सर्वेक्षण में यह बढ़कर 35 हो गई। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में दी गई।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों का संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है। हमारा राज्य वन संपदा और वन्य प्राणियों के मामले में अत्यंत समृद्ध है। इन्हें सुरक्षित और विकसित करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में बाघों की संख्या में तीन वर्षों के भीतर हुई दोगुनी वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 35 होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में संतोषजनक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हमें अन्य वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। छत्तीसगढ़ के कई इलाके ऐसे हैं जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। जशपुर जिले के नीमगांव में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन हेतु आवश्यक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों की पहचान कर उनका भी विकास किया जाना चाहिए। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं वनमंत्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में बाघों की संख्या के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन में भी वृद्धि हुई है तथा उनके रहवासों में सुधार के प्रयास जारी हैं। आगे इसके और बेहतर परिणाम जनता के सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आज पारित प्रस्ताव जनहित के महत्वपूर्ण कार्य हैं, जो शांति का वातावरण स्थापित करने में सहायक होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वन्यजीवों एवं जैव विविधता को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। बोर्ड के सदस्य सचिव अरुण कुमार पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा विभागीय उपलब्धियों और एजेण्डा पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सदस्य सचिव ने बताया कि राज्य में सर्वाधिक बाघ अचानकमार टाइगर रिज़र्व में हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व और गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व में मध्यप्रदेश से बाघ एवं बाघिन के ट्रांसलोकेशन की अनुमति मिल चुकी है। शीघ्र ही ट्रांसलोकेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजकीय पशु वनभैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। असम से लाए गए वनभैंसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण हेतु भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। “मैना मित्र” नामक समूह का गठन किया गया है, जो मैना के संरक्षण और उनके रहवास की निगरानी करता है। टाइगर रिज़र्व और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य सुविधाएं विस्तारित की जा रही हैं, जिससे समीपवर्ती ग्रामवासियों को रोजगार मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा। बैठक में वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन हेतु गश्ती मार्ग निर्माण तथा संरक्षित क्षेत्र के युक्तियुक्तकरण के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व, गरियाबंद अंतर्गत धवलपुर से कुकरार तक सड़क निर्माण कार्य; मिशन अमृत योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार कार्य; तथा कवर्धा वनमंडल में इंटरनेट सुविधा के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति प्रदान की गई। इससे वन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी, ग्रामीणों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होगा और क्षेत्रीय अमलों के लिए सूचना संप्रेषण मजबूत होगा। बैठक में राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक चैतराम अटामी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद तथा अन्य माननीय सदस्य और गैर-शासकीय संस्थाओं के प्रख्यात वन्यजीव विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणा

रायपुर : अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए खुला बेहतर शिक्षा का रास्ता – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का किया शुभारंभ, चयनित बच्चों का किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री ने "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणामुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक बच्चों के लिए संचालित "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" का शुभारंभ किया। उन्होंने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। साय ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिक अनेक समाज के हित के लिए कार्य करता है, परंतु अपने परिवार के लिए बहुत कम समय, संसाधन, ऊर्जा और ध्यान दे पाता है। उनके भी सपने होते हैं कि उनके घर के बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर जीवन जिएँ, ताकि भविष्य में मजदूर का बेटा-बेटी केवल मजदूरी न करे, बल्कि समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील और राजनेता बने।इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत श्रमिक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" प्रारंभ की है। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कार्यक्रम के दौरान निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों ने मिलकर योजना का शुभारंभ पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से अब हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो गए हैं। इस योजना के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा और भविष्य सँवारने का सुनहरा अवसर मिल गया है। हमारे लिए यह एक सपना था, जो अब पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत चालू वर्ष में 100 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 14 निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों का दाखिला प्रदेश के 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है। सरकार की सोच है कि श्रमिक का बच्चा केवल श्रमिक न रहकर अधिकारी बने और देश की सेवा करे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके निश्चित ही दूरगामी परिणाम सामने आएँगे। श्रम मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत तीन मंडल संचालित हैं, जिनमें लगभग 70 से अधिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा पिछले 20 माह में लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से पहुँचाया गया है। उन्होंने योजना के तहत चयनित बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के संकल्पों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य में लगभग 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनके बच्चे अच्छे विद्यालयों में नहीं पढ़ पाते थे। उनके लिए "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना से श्रमिकों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने चयनित बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

भू-जल स्तर बचाने पर जोर, डेका बोले- किसानों को डबरी निर्माण के लिए करें प्रोत्साहित

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज जल संसाधन एवं कृषि विभाग के सचिव की बैठक लेकर राज्य में घटते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल डेका ने कहा कि वर्षा का जल संचयन ही भविष्य की कृषि और जल संकट का समाधान है। उन्होंने कहा कि किसानों को विभिन्न योजनाओं  में अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। उन्हें अपने खाली पड़े जमीनों पर डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने से भूजल स्तर बढ़ेगा। राज्यपाल ने जल संसाधन और कृषि विभाग को मिलकर ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि यह पहल न केवल किसानों की सिंचाई की समस्या को हल करेगी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का मजबूत आधार भी बनेगी। बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि विभाग की सचिव सुशहला निगार उपस्थित रहे।

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में यूनिफाइड कमांड की बैठक आयोजित

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित सर्किट हाउस में यूनिफाइड कमांड की बैठक हुई। बैठक में नक्सल विरोधी अभियान तथा विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, आईटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, भारतीय वायुसेना और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा

कांग्रेस का विरोध गलत: वोट चोरी रोकने के लिए चल रहे SIR को क्यों मान रही पार्टी गलत कदम- उप मुख्यमंत्री शर्मा  जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा  SIR पर कांग्रेस का विरोध सवालों के घेरे में, वोट चोरी रोकने की पहल पर उठाए सवाल- उप मुख्यमंत्री शर्मा  रायपुर  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने बिलासपुर में हुई कांग्रेस की रैली को दोहरे राजनीतिक मापदंड का परिचायक बताते हुए कहा है कि जिस वोट चोरी के नाम पर कांग्रेस के लोग हंगामा कर रहे हैं, उसे दुरुस्त करने के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कांग्रेस को नहीं करना चाहिए।  नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों के सम्बोधित करते हुए श्री शर्मा ने ऐसे अनेक नामों का दस्तावेजों के साथ जिक्र किया जिन्होंने गलत जानकारी देकर कवर्धा और राजधानी रायपुर के ही विधानसभा क्षेत्रों के दो-दो पोलिंग बूथ पर दो-दो अलग एपिक नम्बर्स के साथ मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इन सारे मामलों को लेकर न्यायालय जाएंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सब पिछली भूपेश सरकार के मंत्री रहे मो. अकबर के इशारे पर हुआ। अब कांग्रेस वोट चोरी के मामले में उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। हैरत की बात तो यह है कि इनमें से अनेक उम्रदराज लोगों ने फर्स्ट टाइम वोटर का फॉर्म जमा किया! एसआईआर का विरोध कर रही कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह रैली, प्रदर्शन, नारेबाजी के जरिए करना क्या चाह रही है? कांग्रेस एक तरफ वोट चोरी रोकने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ वह मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कर रही है। अब कांग्रेस बताए कि एसआईआर का विरोध करके वह वोट चोरी को कैसे रोक सकती है? प्रदेश की राजधानी के एक मकान में 350 मतदाताओं के नाम सूची में इरादतन दर्ज कराए जाने की बात कहते हुए श्री शर्मा ने कहा कि एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस तो खुद कठघरे में है। खुद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मानते हैं कि वोट चोरी की बात कहना अपनी हार का इल्जाम खुद पर लेने से बचना है। हारे हुए लोगों को धरातल पर मेहनत करनी चाहिए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गलत ढंग से मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने वाले लोगों के विरुद्ध चुनाव आयोग में शिकायत की गई है और अब उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी, दण्डात्मक कार्रवाई कराई जाएगी। श्री शर्मा ने नसीहत दी कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में यह रैली रोकर आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी एसआईआर को लेकर देश को गुमराह करके गलत कर रहे हैं। गलत ढंग से जो लोग मतदाता बने हैं, देश में घुस आए हैं, उन्हें निकाल बाहर करना होगा।  इस दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।

युवा बनेंगे प्रोफेशनल: छत्तीसगढ़ में मुफ्त होटल मैनेजमेंट कोर्स की सुविधा

रायपुर युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू करने जा रही है है. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को होटल मैनेजमेंट का निःशुल्क प्रशिक्षण देने की घोषणा की है. ये कोर्स छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के युवाओं के लिए होगा और कोर्स का खर्च बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण वहन करेगा. मंत्री ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं. विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने छत्तीसगढ़ रजत जयंती समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और इसे भव्य बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना की प्रगति की जानकारी ली. आगामी चक्रधर समारोह, बस्तर पंडुम, और रामगढ़ महोत्सव को और बेहतर ढंग से आयोजित करने पर भी चर्चा हुई. मंत्री ने स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए मंच प्रदान करने के निर्देश दिए. बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को भी बढ़ावा देगी.

मुख्यमंत्री साय बोले – सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित

  सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि राज्य नीति आयोग ने जारी की जिला प्रगति रिपोर्ट 2024 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ द्वारा तैयार “सतत विकास लक्ष्य (SDG) राज्य एवं जिला प्रगति रिपोर्ट 2024” का विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सभी सदस्य उपस्थित थे। यह रिपोर्ट वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति का मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2023 में राज्य का कंपोजिट स्कोर 69 था, जो 2024 में बढ़कर 70 हो गया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की सतत विकास की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह रिपोर्ट इस तथ्य का प्रमाण है कि राज्य और जिले स्तर पर किए जा रहे प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ऊर्जा और लॉजिस्टिक जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल देकर सतत विकास लक्ष्यों को और अधिक गति प्रदान की जाएगी। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट न केवल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जिला स्तर पर हो रहे कार्यों की स्पष्ट तस्वीर भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट आगामी वर्षों में नीतिगत निर्णयों और योजनाओं के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी। राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि जिला स्तर पर एसडीजी प्रदर्शन का यह आकलन, नीति निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक जिले को उसकी ताकत और चुनौतियों के अनुरूप आवश्यक समर्थन और दिशा प्रदान की जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य राज्यों के बीच एक आदर्श रूप में स्थापित होगा। गौरतलब है कि रिपोर्ट के अनुसार 82 संकेतकों के आधार पर प्रत्येक जिले का स्कोर और रैंकिंग तय की गई है। जिलों को चार श्रेणियों—एस्पिरेटर, परफॉर्मर, फ्रंट रनर और अचीवर में वर्गीकृत किया गया है। वर्ष 2024 में राज्य के 28 जिले फ्रंट रनर श्रेणी में शामिल हुए, वहीं 5 जिले परफॉर्मर श्रेणी में आए। धमतरी जिले ने पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी अचीवर श्रेणी में अपना स्थान बनाए रखा। 12 जिलों ने अपने स्कोर में वृद्धि दर्ज की, जबकि 10 जिलों ने अपना स्कोर बरकरार रखा। राज्य स्तर पर 16 सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत 275 संकेतकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 40 संकेतकों ने वर्ष 2024 तक ही अपने निर्धारित 2030 लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि राज्य की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करने वाली है। अनुमान व्यक्त किया गया है कि आगामी दो से तीन वर्षों में 83 संकेतकों के लक्ष्य भी हासिल कर लिए जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुकेश बंसल, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग के सदस्य सचिव आशीष भट्ट तथा सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम उपस्थित थे।  

मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में कड़ा एक्शन, आरोपी के ठिकानों पर चला बुलडोजर

बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्रकार हत्याकांड के मुख्य आरोपित सुरेश चंद्रकार के चट्टानपारा स्थित बाड़े पर सोमवार को प्रशासन ने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त किया। आठ माह पहले हुई इस घटना में युवा पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या कर उनके शव को बाड़े के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की उठाई थी मांग घटना के बाद पूरे पत्रकार समुदाय और समाज के सभी वर्गों में गहरी नाराजगी व्याप्त थी। पत्रकारों ने आरोपित के इस प्लाट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई थी। प्रशासन ने फारेस्ट लेंड में बनाए गए प्लांट को पहले ही ध्वस्त किया था और अब राजस्व और नगर पालिका के संयुक्त अमले ने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन नहीं करेगा कोई समझौता पुलिस ने क्राइम सीन को सील किया था और अब राजस्व भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर तैनात किया गया। नगर पालिका और राजस्व अमले के संयुक्त प्रयास से यह कार्रवाई हो रही है। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण और कानून के उल्लंघन पर प्रशासन कोई समझौता नहीं करेगा। आठ माह बाद हुई यह कार्रवाई आरोपित सुरेश चंद्रकार के खिलाफ कानून के हाथ मजबूत होने का प्रतीक है। क्या था मामला? छत्तीसगढ़ के रायपुर से 433km दूर बीजापुर में 1 जनवरी 2025 को युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या कर दी गई थी। पत्रकार हत्या मामले के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को बीजापुर पुलिस ने 5 जनवरी 2025 को हैदराबाद से अरेस्ट किया था। आपको बता दें कि सुरेश चंद्राकर और उसके दो सहयोगी तब से जेल में बंद है। इस केस में पत्रकारों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस मामले में बीजापुर पुलिस प्रशासन ने 8 सितंबर 2025 को बड़ा एक्शन लिया। अब मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए सुरेश चंद्राकर के फार्म हाउस और ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है।