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मुख्यमंत्री साय का जापान प्रवास: छत्तीसगढ़ के लिए तकनीक, व्यापार और संस्कृति के नए आयाम

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री साय का जापान दौरा बना तकनीकी और औद्योगिक सहयोग का सेतु रायपुर, ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से पूर्व मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने 22 अगस्त को टोक्यो प्रवास की शुरुआत आध्यात्मिकता, तकनीक और व्यापार कूटनीति के संगम के साथ की। टोक्यो पहुंचते ही मुख्यमंत्री   साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर जिस प्रकार शांति और शक्ति का संदेश देता है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ की जनता भी छत्तीसगढ़ शांति, सामर्थ्य और समृद्धि से परिपूर्ण राज्य के रूप में सतत विकास की ओर अग्रसर राज्य बने, यह आकांक्षा करती है। सूचना प्रौद्योगिकी में नवाचार की दिशा में कदम मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एनटीटी लिमिटेड (NTT Ltd.) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री कायो इतो से मुलाकात की। एनटीटी विश्व की शीर्ष आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल समाधान कंपनियों में से एक है, जिसकी वार्षिक आय 90 अरब अमेरिकी डॉलर है और जो 50 से अधिक देशों में कार्यरत है। इस बैठक में छत्तीसगढ़ में तकनीक आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर दिया। एनटीटी विश्वभर में क्लाउड कम्प्यूटिंग और साइबर सुरक्षा सहित अत्याधुनिक आईटी समाधान प्रदान कर रही है और डिजिटल परिवर्तन की अग्रणी शक्ति बनी हुई है। सांस्कृतिक रिश्तों और व्यापारिक साझेदारी को मजबूती शाम को भारत के जापान में राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा आयोजित औपचारिक रात्रिभोज में मुख्यमंत्री साय और प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस अवसर पर हुई चर्चा में इंडो-पैसिफिक देशों को उद्योग और व्यापार के माध्यम से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इसमें आर्थिक स्थिरता, व्यापारिक सुरक्षा, पारिस्थितिकीय संतुलन और औद्योगिक वृद्धि की अहम भूमिका को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक और भारत के कुशल जनशक्ति के संयोजन से व्यापक औद्योगिक सहयोग की संभावनाएँ हैं। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों को प्रोत्साहित करने और छत्तीसगढ़ को जापानी पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया। वैश्विक सेतु निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री साय और उनके प्रतिनिधिमंडल का यह पहला दिन उपलब्धियों से परिपूर्ण  रहा। इसमें व्यापार, तकनीक और कूटनीति से जुड़े अहम अवसरों की खोज की गई। इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ को तीव्र औद्योगिक विकास, डिजिटल नवाचार और वैश्विक साझेदारी के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।

ठगी का नया जाल: शराब भट्टी खुलवाने का लालच देकर हिस्ट्रीशीटर ने ठगे लोग

दुर्ग भिलाई में निगरानीशुदा बदमाश का नया कारनामा सामने आया है। उसने लोगों से लाखों रुपए की ठगी की है। चरोदा बस्ती निवासी भवानी शंकर तिवारी ने लोगों को उनके भवन में शराब भट्ठी खुलवाने के नाम पर पैसे लेकर न सिर्फ उनसे ठगी की बल्कि इसके लिए उसने फर्जी आबाकरी अधिकारी भी बनाया। अब जाकर लोगों ने पुरानी भिलाई थाना में बदमाश भवानी सिंह के खिलाफ अपराध दर्ज कराया है। दरअलस भवानी सिंह पर पहले से ही चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के करीब एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। अब एक नई ठगी के मामले में आरोपी बना है। भवानी ने एक महिला को आबकारी विभाग का अधिकारी बताकर गांव-गांव में शराब भट्टी खुलवाने का झांसा दिया। किसानों और ग्रामीणों को झांसे में फंसाकर उनसे लाखों की रकम वसूली और फरार हो गया। अब तक सामने आए मामलों के मुताबिक, 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है। 5 पीड़ितों ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की माने तो इस ठगी में भवानी के साथ उसका साथी अपराधी फरीद भी शामिल था। फरीद को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन भवानी फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का जेवरा पीएचसी पर आकस्मिक निरीक्षण, खामियों पर जताई सख़्ती

उपलब्ध दवाइयों की जांच कर सुविधाओं के संबंध में ली जानकारी, मरीजों से की बातचीत रायपुर,   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बेमेतरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जेवरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के भी साथ में उपस्थित थे। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने दवाइयों के स्टाक और उपलब्धता की जांच करते हुए दवाइयों की एस्सपायरी डेट की भी जांच और दवाइयों के रखने के तरीकों तथा साफ सफाई की भी जांच की। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां,अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

  166 महतारी सदन हेतु 49 करोड़ 80 लाख रुपये जारी अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति, 50 से अधिक महतारी सदन पूर्ण महतारी सदन में कमरा,  बरामदा, हाल, किचन, स्टोररूम, पेयजल हेतु ट्यूबवेल और सामुदायिक शौचालय जैसी होंगी सुविधायें रायपुर, प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामायिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार महतारी सदन का निर्माण कार्य किया जाना है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास से 166 महतारी सदन की स्वीकृति आदेश जारी किया गया है, इसके लिए 49 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।  उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की क्षमता को देश के विकास के साथ जोड़ रहा है। प्रदेश के ग्राम पंचायतों में बनने जा रहा महतारी सदन भी इसी दिशा में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि लगातार ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं द्वारा बैठने की स्थान न होने की शिकायत की और बैठने हेतु स्थान दिलाने की मांग की जाती रही इसलिए महतारी सदन बनाने का विचार आया। ततपश्चात महिलाओं को रोजगार दिलाने और उनको काम काज के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार गांवों में महतारी सदन बनाने जा रही है। अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति इसी उद्देश्य को पूर्ति के लिये जारी किया गया है। कार्यों में एकरूपता के दृष्टिकोण से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्य का एक मानक डिजाईन एवं प्राक्कलन तैयार किया गया है। प्रति महतारी सदन की लागत राशि रुपये 30 लाख होगी। 5 वर्षो में सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाने की योजना प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाया जाएगा। महतारी सदन बनाने की शुरुआत हो गयी है। पहले चरण में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में महतारी सदन बनना प्रारंभ किया जा रहा है व 5 साल में सभी ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनेंगे। प्रदेश में बनने वाले महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट में कराया जाएगा। सदन में कमरा, शौचालय, बरामदा, हाल, किचन और स्टोररूम जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे। महतारी सदन में सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण किया जाएगा।

वेतनमान विवाद: हाईकोर्ट की फटकार, सरकार को दी समयसीमा

बिलासपुर क्रमोन्नत वेतनमान की मांग को लेकर 300 शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका लगाई है. जिस पर एकसाथ सुनवाई हुई, इस दौरान राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब पहले से ही सुनवाई की तारीख तय थी, तो तैयारी अधूरी क्यों रही. हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम मौका देते हुए 15 सितंबर तक जवाब पेश करने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग और DPI ने समान प्रकरणों में भेदभाव किया है. मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई. अब इन सभी याचिकाओं पर 15 सितंबर के बाद सुनवाई होगी. साथ ही याचिकाकर्ताओं के वकीलों को भी रिप्लाई (रिज्वाइंडर) दाखिल करने की अनुमति दी गई है. दरअसल, इससे पहले शिक्षिका सोना साहू की याचिका पर हाई कोर्ट ने राज्य शासन को क्रमोन्नत वेतनमान और एरियर्स की राशि भुगतान का आदेश दिया था. आदेश के बाद सरकार ने शिक्षिका के खाते में वेतनमान और एरियर्स जमा भी कराए थे. हाई कोर्ट का यह फैसला शिक्षकों के लिए टर्निंग पाइंट साबित हुआ. इसके बाद पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने लगे. जानकारी के अनुसार अब तक 27 हजार से अधिक शिक्षकों ने याचिकाएं दायर कर दी हैं, जिन पर क्रमवार सुनवाई शुरू होगी. सोना साहू केस के बाद जिन शिक्षकों ने तुरंत याचिका लगाई थी, उन्हें हाई कोर्ट ने विभाग के समक्ष अभ्यावेदन देने और नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. इन शिक्षकों ने अभ्यावेदन पेश भी किया, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग और डीपीआइ ने उन्हें खारिज कर दिया. अब ऐसे शिक्षक भी पुनः हाई कोर्ट पहुंचे हैं.

राज्यपाल से मिले हाई स्कूल के विद्यार्थी

डेका ने जीवन में सफलता के लिए दिया मार्गदर्शन  रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना।           राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।         डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।       डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।

ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर पहुंचे सीएम साय, प्रदेशवासियों के लिए की मंगलकामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जापान की राजधानी टोक्यो में ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर का दर्शन किया। सीएम साय ने ट्वीट कर कहा कि आज टोक्यो में ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर दर्शन का अवसर मिला। यह टोक्यो का सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर है, जो शांति और सामर्थ्य का प्रतीक है। मंदिर दर्शन कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली और समृद्धि की कामना की, जिससे हमारा राज्य शांति और सामर्थ्य से परिपूर्ण बन सके। बता दें कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के आधिकारिक दौरे पर गया है। इस यात्रा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना है। टोक्यो (22–24 अगस्त) में प्रतिनिधिमंडल जापानी उद्योगपतियों, व्यापार संघों और निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट सेशंस एवं व्यावसायिक बैठकों में भाग लेगा। इसके बाद ओसाका (25–26 अगस्त) में मुख्यमंत्री साय वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे और छत्तीसगढ़ में निवेश अवसरों पर विभिन्न हितधारकों से चर्चा करेंगे। दौरे का अंतिम चरण सियोल (27–29 अगस्त) में होगा, जहां निवेशक गोलमेज बैठकों, कोरिया की शीर्ष कंपनियों और व्यापार संघों से मुलाकात तथा सेक्टर-विशेष संवाद आयोजित किए जाएंगे। वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पर फोकस ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भारत मंडपम अंतर्गत छत्तीसगढ़ पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, नवाचार की संस्कृति और उभरते भविष्य-उन्मुख क्षेत्रों को वैश्विक दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। पवेलियन को राज्य की अनूठी पहचान को दर्शाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया है। इसमें औद्योगिक विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और सतत विकास जैसे प्रमुख फोकस क्षेत्रों को शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शनी पूरी दुनिया के लिए छत्तीसगढ़ के परिवर्तन और भविष्य की आकांक्षाओं की झलक प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जापान और कोरिया के उद्योगपतियों, व्यापार संघों और वैश्विक निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक साझेदारियां स्थापित करना, नए व्यापारिक चैनल खोलना तथा प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। विकास और निवेश को नई गति विश्व के सबसे बड़े नवाचार और सहयोग प्लेटफार्मों में से एक में भाग लेकर मुख्यमंत्री साय इस अवसर का उपयोग इस्पात, खनन, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए करेंगे। यह मिशन राज्य की सक्रिय पहल को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाना और आर्थिक विकास के नए अवसरों को खोलना है। मुख्यमंत्री साय के साथ मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव रजत कुमार, सचिव राहुल भगत, सीएसआईडीसी के एमडी विश्वेश कुमार सहित कई अधिकारी इस दौरे में शामिल हैं।

दीपक बैज का साय सरकार पर वार – बस्तर की उपेक्षा की, भाजपा ने दिया पलटवार

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद प्रदेश में सियासी पारा हाई है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साय सरकार पर बस्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने दीपक बैज को अपने संगठन की चिंता करने की बात कही है. दीपक बैज ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर बस्तर के नेताओं को ही जिम्मेदारी दी गई. दो-दो मंत्री बस्तर से हुआ करते थे, लेकिन भाजपा में अब वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक हत्या करने का प्रयास सरकार कर रही है. पीसीसी चीफ दीपक बैज के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, दीपक बैज अनुचित टिप्पणी कर रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए. किरण देव ने कहा, मुख्यमंत्री का विशेष अधिकार है कि वह किसे मंत्री बनाना चाहते हैं. पहले से ही केदार कश्यप बस्तर से मंत्री हैं. इसके अलावा कोंडागांव विधायक लता उसेंडी बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और मैं स्वयं प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में हूं.

पुरूर उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं का किया मूल्यांकन

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने पुरूर उपस्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर सुविधाओं का लिया जायजा अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 40 लाख, पुरूर तथा 02 अन्य उपस्वास्थ्य केन्द्रों में बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 28 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अपने बालोद जिले के प्रवास के दौरान गुरूर विकासखण्ड के उपस्वास्थ्य केन्द्र पुरूर का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्वास्थ्य केन्द्र पुरूर में भर्ती मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उपस्वास्थ्य केन्द्र पुरूर में 05 अतिरिक्त कक्ष के निर्माण हेतु 40 लाख रुपये एवं बांउड्रीवाल निर्माण हेतु 18 लाख रुपये की राशि के अलावा गुरूर विकासखण्ड के दो अन्य उपस्वास्थ्य केन्द्रों में बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।  इस दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहां के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।  मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां आदि की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।  उन्होंने कहा कि चिकित्सीय कार्य मानव सेवा एवं जन कल्याण के पुनीत उद्देश्यों से जुड़ा हुआ है। इसलिए आप सभी मनोयोग एवं प्रतिबद्धता के साथ मरीजों की इलाज एवं सेवा कर चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करें।

रायपुर: सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना, मंत्री केदार कश्यप ने दी जानकारी

रायपुर वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि क्षेत्र में उद्यानिकी फसल की ओर किसानों के रुझान को देखते हुए शीघ्र ही सोनारपाल में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। वनमंत्री केदार कश्यप ने आज बोड़नपाल और सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रमों में 80 लाख 57 हजार रुपए लागत वाले 10 विकास कार्योंं के भूमिपूजन अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्योंं को गति दी है। 18 लाख आवासों के निर्माण की स्वीकृति इस बात का साक्ष्य है। हमारी सरकार ने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का कार्य करने के साथ ही विकास कार्यों को एक नई दिशा दी है। उन्होंने इस दौरान क्षेत्रीय ग्रामीणों की मांग पर सोनारपाल में मंदिर के निकट हैंडपंप खनन, बड़ेपारा तारागांव और सोनारपाल ठाकुरपारा में पुलिया, माता मंदिर तारागांव में भवन, स्कूल में शेड निर्माण, बाकेल में धान खरीदी केंद्र, डेढ़ करोड़ रूपए की लागत से एनीकट निर्माण, जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण, खालेपारा बाकेल में हैंडपंप स्थापना एवं सिलाई सेंटर स्थापना की भी घोषणा की। मंत्री केदार कश्यप ने सोनारपाल में आयोजित कार्यक्रम में 34 लाख 32 हजार रुपए और बोड़नपाल-2 में आयोजित कार्यक्रम में 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने सोनारपाल में 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसके तहत चपका ग्राम पंचायत के मारीपारा स्थित माध्यमिक विद्यालय के पास 5 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण, मारीपारा से बंगा घर तक 9 लाख 60 हजार रुपए की लागत से सीसी सड़क का निर्माण, सोनारपाल ग्राम पंचायत में मेन रोड हनुमान मंदिर से संतोषी किराना दुकान तक चार लाख रुपए की लागत से नाली निर्माण और क्षमता विकास योजना के तहत 5 लाख रुपए की लागत से सीएससी भवन निर्माण कार्य, तारागांव ग्राम पंचायत में बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत 6 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जोगी घर से मोसू घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य और छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा ग्राम तारागांव माता मंदिर में 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मंत्री कश्यप ने इसके साथ ही बोड़नपाल-02 में आयोजित कार्यक्रम में कुल 46 लाख 25 हजार रुपए के कार्यांें का भूमिपूजन किया। इसमें छात्रावास बेसोली के क्रीड़ा परिसर में बस्तर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 16 लाख 14 हजार रुपये की लागत से हाई मास्ट लाइट की स्थापना का भूमिपूजन किया। उन्होंने बेसोली स्कूलपारा श्यामलाल घर के पास डीएमएफ के तहत 3 लाख 30 हजार रुपए की लागत से डेढ़ मीटर पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत बाकेल में छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा माता मंदिर के पास साप्ताहिक बाजार में 23 लाख 51 हजार रुपए की लागत से बाजार शेड निर्माण और अमडीगुड़ा पारा के पिकड़वाही नाला में डीएमएफ के अंतर्गत 3 लाख 30 हजार रुपए की लागत से पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया।  वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इससे क्षेत्र में अधोसंरचना के विकास और जनसुविधाओं में वृद्धि होगी। इन सभी विकास कार्यांें से बस्तर क्षेत्र में ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। कश्यप ने इस अवसर पर ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे ही जनहितैषी कार्य जारी रहेंगे। इस अवसर पर बस्तर जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान एवं श्रीमती शकुंतला कश्यप सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।