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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नवनिर्मित एमसीएच अस्पताल का किया अवलोकन, निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के दिये निर्देश

रायपुर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नारायणपुर जिले के बद्रीनाथ बघेल जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संपूर्ण अस्पताल परिसर और सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल के डायलेसिस कक्ष का अवलोकन करते हुए अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनका हाल पूछा और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने स्वास्थ्य जांच कक्ष के चिकित्सकों से जानकारी ली, जहां चिकित्सों ने बताया कि माह में नियमित मरीजों की जांच की जाती है। नर्सिंग स्टेशन कक्ष के निरीक्षण दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डिलीवरी का ब्यौरा लिया। उन्होंने बाल चिकित्सा वार्ड में मरीजों से बातचीत कर बीमारी और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। पोषण पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की माताओं से पौष्टिक भोजन और अस्पताल में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने हमर लैब के निरीक्षण के दौरान मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की जानकारी लेते हुए उपस्थित चिकित्सों से हमर लैब की सेवाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के दवाई स्टोर कक्ष, आयुष्मान पंजीयन कक्ष का अवलोकन करते हुए मरीजों को दी जाने वाली दवाईयों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। अस्पताल परिसर में 100 बिस्तरीय मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य निर्माणाधीन भवन को शीघ्र पूर्ण करने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया। स्वास्थ्य मंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेनूर का निरीक्षण कर अस्पताल की साफ सफाई और मरीजों के लिए बिस्तरों की व्यवस्था करने निर्देश दिये। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ फार्मासिस्ट असद रिजवी को कार्य में लापरवाही पाये जाने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त करने निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला,  कलेक्टर सुप्रतिष्ठा ममगाई, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य चिकित्सक एवं जनप्रतिनिधी मौजूद थे।

बीजापुर दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, भैरमगढ़ केंद्र की व्यवस्थाएं परखी

रायपुर : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजापुर के भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भैरमगढ़ स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण बीजापुर दौरे पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, भैरमगढ़ केंद्र की व्यवस्थाएं परखी स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 100 बिस्तर अस्पताल बनाने की घोषणा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनेगा मॉडल हेल्थ सेंटर रायपुर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तीन दिवसीय बस्तर संभाग के दौरे पर हैं। इस दौरान जायसवाल ने बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर जांगला का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की तथा बेहतर स्वास्थ्य  सुविधाओं के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैरमगढ़ को 100 बिस्तर अस्पताल बनाने की घोषणा की।  इस अवसर पर जायसवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य स्वास्थ्य केन्द्र भैरमगढ़ में ष्निक्षय मित्रष् योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण युक्त फूड बास्केट वितरित कर समय पर नियमित रूप से दवाई सेवन करने की समझाइस दी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार सतत् प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीजापुर के जांगला में प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना का लाभ अब पूरे देश में और सुदूर क्षेत्रों तक पहुँच रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने जांगला में ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के तहत वृक्षारोपण किया और जांगला के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड का वितरण भी किया । उन्होंने जांगला ष्आयुष्मान आरोग्य मंदिरष् को एक मॉडल हेल्थ सेंटर के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए तथा उसके भवन की मरम्मत के लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की। निरीक्षण के दौरान सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य विभाग डॉ. प्रियंका शुक्ला, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे सहित वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी नागरिकों को समय पर उचित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गोद में नन्ही सृष्टि, बना प्यार और अपनत्व का खास लम्हा

 नन्ही सृष्टि को गोद में उठाकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रच दिया अपनत्व और स्नेह का अविस्मरणीय पल सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की गोद में नन्ही सृष्टि, बना प्यार और अपनत्व का खास लम्हा स्नेह से भरा पल: नन्ही सृष्टि को गोद में लेकर सीएम साय ने जीता सबका दिल रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा। किसान योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुसृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई।  सृष्टि के पिता योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी। सुसृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने केंद्र सरकार की नई पहल, मिलेगी डबल सब्सिडी

केन्द्र सरकार की अभिनव पहल प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना’, केन्द्र और राज्य से मिल रही सब्सिडी  प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना: केंद्र-राज्य की संयुक्त सब्सिडी से बढ़ेगा सोलर अपनाने का रुझान सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने केंद्र सरकार की नई पहल, मिलेगी डबल सब्सिडी प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल पर केंद्र और राज्य की विशेष रियायत सरकण्डा निवासी शशांक दुबे का बिजली बिल हुआ शून्य  बिलासपुर प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना एक ऐसी योजना है जिसमें सौर ऊर्जा के माध्यम से घरों तक रोशनी पहुंचाई जा रही है। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत हितग्राहियों को केन्द्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है साथ ही प्रतिमाह 300 यूनिट फ्री बिजली का भी प्रावधान है। योजना के तहत अरविंद नगर सरकण्डा निवासी श्री शशांक शेखर दुबे ने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली के बिल से राहत मिल रही है और उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।     अरविंद नगर सरकण्डा निवासी श्री शशांक शेखर दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। सोलर पैनल के जरिए छत पर हो रहे बिजली उत्पादन से उनकी प्रतिमाह बिजली पर होने वाले खर्च की बचत हो रही है। श्री दुबे ने बताया कि उनकी छत पर 5 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से न केवल प्रतिमाह आने वाले बिजली बिल की अब चिंता नहीं रही, वहीं वे उत्पादक के रूप में भी बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं जो गर्व की बात है। सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि 5 किलोवाट सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें लगभग 2 लाख की लागत आई है, जिसमें से केन्द्र सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में 78 हजार रूपए प्राप्त हो गए हैं और राज्य सरकार की ओर से भी जल्द ही 30 हजार रूपए की सब्सिडी मिलने वाली है।     उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। लंबे समय के लिए यह एक बेहद किफायती योजना है जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के बाद इस पर किसी प्रकार का मेंटेनेन्स खर्च नहीं है और पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा 5 साल तक निःशुल्क सविर्सिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह  पर्यावरण की दृष्टि ये बेहद उपयोगी है। इस माध्यम से हम सौर ऊर्जा कर उपयोग कर बिजली का उत्पादन कर पा रहे हैं, जो ग्रीन एंनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें।     उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उक्त स्थापित प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अधिक आय, कम बिजली बिल और नवीन रोजगारों का सृजन होगा तथा नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। शासन द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं। रेहाना/60/1297

रायपुर बैठक में सीएम साय का निर्देश – गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूरे हों

रायपुर : अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

5 लाख का इनामी माओवादी कमांडर चढ़ा पुलिस के हत्थे, छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई

राजनांदगांव/मोहला माओवाद प्रभावित मानपुर इलाके में संयुक्तबल ने मुठभेड़ के बाद एक माओवादी को गिरफ्तार किया है। बुधवार की शाम मदनवाड़ा क्षेत्र में माओवादियों से संघर्ष के दौरान जवानों ने औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी कमांडर श्रीकांत पुनेम को दबोच लिया। आधी रात को सुरक्षाबल की पार्टी उसे लेकर मोहला पहुंची। जानकारी के मुताबिक पूरी रात उससे पूछताछ की गई। दोपहर को पुलिस महकमे ने उसे सामने लाया और गिरफ्तारी की पुष्टि की। आठ लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर श्रीकांत पुनेम उर्फ सुकनाम पुनेम के कब्जे से आर्डिनेंस फैक्ट्री निर्मित 9एमएम की पिस्टल, कारतूस, माओवादी दस्तावेज, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है।   पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तार माओवादी श्रीकांत पुनेम 2010 से संगठन में काम कर रहा है। 2023 में वह माड़ क्षेत्र से आरकेबी डिविजन में आया। इसके बाद से वह यहीं छिपता घूम रहा था। कई दिनों से खुफिया एजेंसियां उसके मूवमेंट की इनपुट दे रही थी। बुधवार की सुबह पुलिस को उसकी खुर्सेकला क्षेत्र में मौजूदगी की ठोस जानकारी मिली। मदनवाड़ा के बसेली कैंप के करीब इस हिस्से के लिए सुबह खुर्सेखुर्द जंगल में डीआरजी और आइटीबीपी के संयुक्त बल ने एरिया डोमिनेशन अभियान शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबल आमाटोला की ओर से खुर्सेकला होकर खुर्सेखुर्द की ओर बढ़ रहे थे, तभी शाम करीब चार बजे माओवादियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और जंगल में घेराबंदी की। घने जंगल का फायदा उठाकर अधिकांश माओवादी फरार हो गए, लेकिन मौके से एक माओवादी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान श्रीकांत पुनेम उर्फ सुकनाम पुनेम, निवासी ग्राम सावनार, थाना गंगलूर, जिला बीजापुर के रूप में बताई। औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी का कमांडर पकड़ा गया आरोपित माओवादी संगठन का डीवीसी सदस्य व औंधी-मोहला संयुक्त एरिया कमेटी का सक्रिय कमांडर है। उसके विरुद्ध थाना मदनवाड़ा में बीएनएस की धारा 109(1), आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 10, 13, 38(2), 39(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपित के कब्जे से 9एमएम पिस्टल मय मैगजीन (चार जिंदा कारतूस सहित), दो खाली खोखे (9 एमएम), तीन खाली खोखे (एके-47), एक स्मार्टफोन, एक पावर बैंक, नकदी 11 हजार रुपये और माओवाद साहित्य बरामद हुए हैं। डीआरजी, आइटीबीपी ने पूरा किया आपरेशन इस ऑपरेशन में थाना मानपुर से डीआरजी के 27 जवान, थाना मदनवाड़ा से आईटीबीपी 27वीं वाहिनी की डी कंपनी के सहायक कमांडेंट बलवीर सिंह के नेतृत्व में 30 जवान और कैंप बसेली से आईटीबीपी 44वीं वाहिनी के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि माओवादी संगठन को इस कार्रवाई से बड़ा झटका लगा है। कमांडर की गिरफ्तारी से संगठनात्मक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा। पुलिस का कहना है कि फरार माओवादियों की तलाश के लिए जंगल में सघन सर्चिंग अभियान जारी है। आगे की जांच जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, श्रीकांत किन-किन मामलों में शामिल रहा है इसकी जांच की जा रही है। पुलिस इस गिरफ्तारी को काफी महत्वपूर्ण बता रही है। दरअसल, क्षेत्र में लंबे समय से कुछ माओवादी छिपते फिर रहे हैं। इनकी खोजबीन लगातार जारी है। श्रीकांत से इनके इनपुटस जुटाने में पुलिस को बड़ी मदद मिल सकती है।  

चोरी का खुलासा: जेवर और नकदी पर किया हाथ साफ, पुलिस के सामने कुबूलनामा

बेमेतरा बेमेतरा जिले में पुलिस ने सोने-चांदी के जेवर व नगदी रकम चोरी करने वाले आरोपी को पकड़ा है। आरोपी ने घर में घुसकर 2.15 लाख रुपये और 50 हजार के आभूषण की चोरी की थी। मामला नांदघाट थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी भुनेश्वर यादव ने बताया कि प्रार्थिया कलिन्द्री साहू पति स्व. गौकरण साहू उम्र 60, निवासी मेहना थाना नांदघाट जिला बेमेतरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके अपने आवेदन में बताया कि 3-4 अगस्त की दरमियानी रात में कोई अज्ञात चोर घर का दरवाजा तोड़कर घर अंदर रखे पेटी से दो लाख 15 हजार रुपये नगद और 50 हजार रुपये कीमत के आभूषण की चोरी की है। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 331(4), 305(A) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। विवेचना के दौरान आरोपी राकेश साहू ऊर्फ लल्लू उम्र 32 वर्ष, निवासी मेहना थाना नांदघाट को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो लाख 43 हजार 900 रुपये का सामान जब्त किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे रिमांड पर भेजा गया है।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री साय

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री दयाल दास बघेल, लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक पुन्नूलाल मोहले, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं बसव राजू, पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, रोहित यादव, कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है। बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया। बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।  

छत्तीसगढ़ की जनसंपर्क कार्यप्रणाली बनी मिसाल, महाराष्ट्र ने लिया प्रेरणा स्रोत

रायपुर, महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था। अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है। अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना। अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई। इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग   और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।