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बच्चों ने रक्षासूत्रों में पिरोई देशभक्ति : सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए खास पहल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके निवास कार्यालय में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में चलाए गए 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' अभियान की जानकारी दी।  मुख्यमंत्री को प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में हमारे देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाईयों के सम्मान में "एक राखी सैनिक भाईओं के नाम' अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के बुलबुल, गाइड और रेंजर बहनों द्वारा हस्त निर्मित राखियां सैनिक भाईयों के लिए प्राप्त हुई है। ये राखियां हमारे सैनिक भाइयों को प्रेषित की जाएंगी।  मुख्यमंत्री साय ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अभियान 'एक राखी सैनिक भाइयों के नाम' की सराहना करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के बच्चे देश की रक्षा में सीमा पर डटे जवानों को रक्षासूत्र भेज रहे हैं। इस पहल से बच्चों में देशभक्ति की भावना बढ़ेगी और हमारे जवानों को भी भावनात्मक संबल मिलेगा । इस अवसर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव, लक्ष्मी वर्मा, मुरली शर्मा,  कैलाश सोनी, समीर शेख सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे।

17 सूत्रीय मांगों पर माने मंत्री, तहसीलदार-नायब तहसीलदारों ने रोकी हड़ताल

रायपुर 17 सूत्रीय मांगों को लेकर 28 जुलाई से आंदोलन कर रहे तहसीलदार-नायाब तहसीलदारों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित कर दिया है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात के बाद आज संघ ने अपना आंदोलन खत्म कर लिया है. रुका हुआ काम जल्द पूरा होगा : मंत्री टंकराम वर्मा खेल मंत्री टंक राम वर्मा ने बातचीत के दौरान बताया कि तहसीलदारों से चर्चा हो चुकी है और उनकी हड़ताल समाप्त हो गई है. उन्होंने कहा कि तहसीलदारों की कुछ प्रमुख मांगें थीं, जिन पर सहमति बन गई है. अन्य मांगों पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि रुके हुए कार्यों को जल्द ही पूरा किया जाएगा. मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल की खत्म तहसीलदार संघ के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने बताया कि प्रमुख मांगों पर राजस्व मंत्री ने त्वरित गति से विचार करने की बात कही है. मंत्री ने ये आश्वासन दिया है कि जल्द ही हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा. इसलिए प्रदेश की जनता की हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है. बता दें कि छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार 28 जुलाई से अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं. सभी तहसीलों में स्वीकृत सेटअप की पदस्थापना सभी तहसीलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, WBN. KGO. नायब नाजिर, माल जमादार भृत्य, वाहन चालक. आदेशिका वाहक राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों की पदस्थापना की जाए. यदि संभव न हो तो संबंधित तहसील को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा की बाध्यता से मुक्त किया जाए. तहसीलदार से डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति प्रक्रिया सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात पूर्व की भांति 50:50 रखा जाए और पूर्व में की गई घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए. नायब तहसीलदार पद को राजपत्रित करने की मांग इस आशय की पूर्व घोषणा का तत्काल क्रियान्वयन किया जाए. ग्रेड पे में शीघ्र सुधार तहसीलदार और नायब तहसीलदार के लंबित ग्रेड पे सुधार को शीघ्र किया जाए. शासकीय वाहन की उपलब्धता सभी तहसीलों में कार्यवाही, प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की व्यवस्था हो या वाहन भत्ता प्रदान किया जाए. निलंबन से बहाली बिना वैध प्रक्रिया, नियमित आदेश या अभियोजन कार्रवाई से प्रभावित तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को 15 दिवस में जांच पूर्ण कर बहाल किया जाए. न्यायालयीन प्रकरणों में आदेशों का पालन न्यायालयीन मामलों को जनशिकायत/जनशिकायत प्रणाली में स्वीकार न किया जाए. न्यायालयीन आदेशों पर FIR नहीं न्यायाधीश प्रोटेक्शन act 1985 के सन्दर्भ में शासन दवारा जारी आदेश 2024 का कड़ाई से पालन किया जाये…. हर वो मामला जिसमे अपील का प्रावधान सहिता में निहित हैं तो किसी भी अन्य न्यायालय में परिवाद पेश ना कि जा सके जिससे FIR कि स्थिति ना बने (केवल न्यायालयीन प्रकरण के सन्दर्भ में) न्यायालय में उपस्थिति के लिए व्यवस्था न्यायालयीन कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रोटोकॉल ड्यूटी से पृथक व्यवस्था की जाए. मानदेय भुगतान एवं नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से स्टाफ की नियुक्ति के लिए तहसीलदार को अधिकृत किया जाए. प्रशिक्षित ऑपरेटर की नियुक्ति Agristack, स्वामित्व योजना, e-Court. भू-अभिलेख जैसे तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित ऑपरेटर नियुक्त किए जाएं. SLR/ASLR की बहाली तहसीलदारों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए SLR/ASLR को पुनः भू अभिलेखीय कार्यों के लिए बहाल किया जाए. व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की गोपनीयता TI की भांति पदेन शासकीय मोबाइल नंबर और डिवाइस प्रदान किया जाए. राजस्व न्यायालयों की सुरक्षा हेतु सुरक्षाकर्मी प्रत्येक तहसील में सुरक्षा कर्मी की तैनाती एवं फील्ड भ्रमण हेतु वाहन उपलब्ध कराया जाए. सड़क दुर्घटना में मुआवजा की व्यवस्था सड़क दुर्घटना में तहसीलदारों के माध्यम से आर्थिक सहायता राशि 25000 तत्काल मौके पर देने की मांग आती है. परंतु तत्काल में राशि उपलब्ध नहीं होती है. उक्त राशि मौके पर दिए जाने के संबंध में शासन से स्पस्ट गाइडलाइन्स जारी हो. इसके अलावा भी अन्य कई घटनाओं में तहसीलदारों से ही मौके पर मुआवजा राशि की अपेक्षा की जाती है. उसके सम्बन्ध में भी गाइडलाइन्स स्पष्ट जारी हो. संघ की मान्यता प्रदेश के समस्त तहसीलदार नायब तहसीलदार संघ के सदस्य है. अतः शासन के समक्ष मांगें प्रस्तुत करने व समाधान के लिए वार्ता एवं पत्राचार में संघ को की मान्यता दी जाए. विशेषज्ञ कमिटी का गठन प्रदेश में राजस्व न्यायालय के संदर्भ में सलाह व अपनी समस्याओं को प्रस्तुत किये जाने के लिए राजस्व न्यायालय सुदृणीकरण तहत विशेषज्ञ कमेटी/परिषद का गठन किया जाए.

हाईकोर्ट की चेतावनी: बिलासपुर-रायपुर हाईवे की मरम्मत में लापरवाही नहीं चलेगी

बिलासपुर बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे की बदहाली को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई. नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर कोर्ट के आदेशानुसार सड़क मार्ग से होते हुए व्यक्तिगत रूप से हुए कोर्ट में उपस्थित हुए. चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने मैनेजर को 3 सप्ताह में शपथपत्र में यह बताने को कहा कि नेशनल हाईवे कब तक सुधार देंगे. बता दें कि सोमवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने नेशनल हाइवे की खराब सड़कों की मरम्मत नहीं किए जाने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया की थी. चीफ जस्टिस ने नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस जारी कर इसी सड़क मार्ग से होते हुए कोर्ट में तलब किया था. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि, बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाइवे प्रदेश का महत्वपूर्ण हाइवे है. यह प्रदेश की राजधानी और न्यायधानी को सीधे तौर पर आपस में जोड़‌ता है. बिलासपुर और आसपास के जिलों तथा सरगुजा संभाग जाने के लिए बस्तर संभाग और रायपुर संभाग के लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं. महात्वपूर्ण सड़क होने के बावजूद इसके रखरखाव में नेशनल हाईवे अथॉरिटी लगाकर लापरवाही बरत रही है. कोर्ट ने एनएच के वकील से पूछा था कि आप तो अक्सर रायपुर जाते होंगे. आपने इस सड़क की स्थिति देखी होगी. नेशनल हाईवे वाले जो थोड़ा बहुत मेंटेनेंस करते हैं, सड़क पर स्टॉपर लगते है वे बेतरतीब, लावारिस हालत में सड़क पर पड़े हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं.

कोरिया: हाफ बिजली बिल योजना के नए स्वरूप से लाखों उपभोक्ताओं को मिला लाभ

कोरिया : छत्तीसगढ़ की पुनरीक्षित हॉफ बिजली बिल योजना से 31 लाख उपभोक्ताओं को राहत छत्तीसगढ़ की संशोधित हाफ बिजली बिल योजना से 31 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत कोरिया: हाफ बिजली बिल योजना के नए स्वरूप से लाखों उपभोक्ताओं को मिला लाभ 31 लाख उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली की सौगात, छत्तीसगढ़ सरकार की पुनरीक्षित योजना लागू 15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत मिलती रहेगी मुफ्त बिजली की सुविधा सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया ठोस कदम कोरिया छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने वाली हॉफ बिजली बिल योजना में संशोधन करते हुए अब 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत की रियायत देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य के 31 लाख सामान्य और कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ पूर्ववत मिलता रहेगा। गौरतलब है कि राज्य में कुल लगभग 45 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत यानी 31 लाख उपभोक्ताओं की मासिक बिजली खपत 100 यूनिट से कम है। इनमें से 15 लाख बीपीएल परिवारों को पहले की तरह 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलती रहेगी। साथ ही, वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य लाभों से भी यथावत लाभान्वित रहेंगे। सरकार द्वारा ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी गति दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकारों से संयुक्त रूप से अधिकतम 1,08,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं- 1 किलोवाट क्षमता वाले प्लांट से प्रति माह औसतन 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है, जिस पर 45,000 की कुल सब्सिडी दी जाती है। उपभोक्ता को केवल 15,000 वहन करना होता है, 2 किलोवाट प्लांट से औसतन 240 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है। इसमें 90,000 रु. तक सब्सिडी मिलती है और उपभोक्ता को 30,000 रु. खर्च करना होता है, 3 किलोवाट प्लांट से औसतन 360 यूनिट उत्पादन होता है, जिस पर 1.08 लाख रुपये की सहायता मिलती है। इसमें उपभोक्ता अंश 72,000 रुपये होता है, जिसे ऋण सुविधा से चुकाया जा सकता है। विशेष बात यह है कि 2 किलोवाट या अधिक क्षमता वाले सौर प्लांट 25 वर्षों तक प्रति माह 200 यूनिट से अधिक बिजली उत्पन्न करने में सक्षम होते हैं, जो हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट से भी ज्यादा है। इससे उपभोक्ता बिजली खर्च से मुक्त हो सकते हैं और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल सस्ती बिजली, स्थायी बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में रणनीतिक कदम है। इससे उपभोक्ता योजना पर निर्भर न रहकर स्वयं श्उर्जादाताश् बन सकेंगे। यह राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मजबूती प्रदान करेगा।

रायपुर : हर-घर तिरंगा कार्यक्रम में सभी उत्साह से भाग लें : राज्यपाल डेका

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने राज्य के सभी नागरिकों से हर घर तिरंगा कार्यक्रम में उत्साह से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने देश व प्रदेश के नागरिकों से आग्रह किया है कि अपने घरों में तिरंगा फहराएं और स्वतंत्रता दिवस को सम्मान व गर्व के साथ मनाएं। देश एवं प्रदेश में 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग‘‘ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, और तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025 तक किया जा रहा है। राज्यपाल डेका ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल झण्डा फहराने की परंपरा नहीं है बल्कि हमारी राष्ट्र भक्ति, एकता और गौरव का प्रतीक है। तिरंगे के साथ हमारा जुड़ाव, हमारे संविधान, संप्रभुता और गौरवशाली विरासत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों को भी याद करते हुए उनसे प्रेरणा लें और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

स्वास्थ्य मंत्री ने आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु दिए निर्देश

रायपुर प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज कोंडागांव जिले के प्रवास के दौरान जिला चिकित्सालय कोंडागांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसगांव का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों से बातचीत कर हाल चाल जाना और वहां मिल रहे चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों का बेहतर ईलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल कोंडागांव में 80 लाख रुपए की लागत से ऑपरेशन थिएटर निर्माण की घोषणा की।   उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उनके साथ  बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सुलता उसेंडी, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया और कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना भी उपस्थित थी।     स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय में आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, मेजर ओटी वार्ड, सर्जिकल वार्ड सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं, दवाईयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाले भोजन, मेडिकल स्टाफ सहित अन्य आवश्यक जानकारी ली। जिला अस्पताल में चल रहे मरम्मत कार्य के प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने सीजीएमएससी के अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने और नये ऑपरेशन थिऐटर निर्माण कराने की बात कही।  इसके पश्चात उन्होंने मातृ शिशु चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के सोनोग्राफी कक्ष में पहुंचकर कार्य के बारे में जानकारी ली और व्यवस्थित सोनोग्राफी कार्य के लिए आवश्यक व्यवस्था हेतु निर्देशित किया। साथ ही चिकित्सालय में स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए जिला स्तर पर हो सकने वाले भर्ती को शीघ्र करने हेतु निर्देशित किया और बाकी पदों का राज्य स्तर पर भर्ती की बात कही।

रेलवे अलर्ट: 15 सितंबर तक बंद रहेंगी 30 ट्रेनें, 6 के बदले रूट, कई राज्यों पर असर

बिलासपुर  रेलयात्रियों को आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 30 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। ये गाड़ियां 31 अगस्त से 15 सितंबर तक नहीं चलेंगी। साथ ही 6 गाड़ियों को रूट बदले गए हैं, जबकि 5 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। रेलवे ने बिलासपुर-झारसुगड़ा रूट पर चौथी लाइन के काम के चलते यह बड़ा फैसला लिया है। 16 दिन तक ट्रेन कैंसिल रहने की वजह से पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, गोवा जाने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। कैंसिल की गई ट्रेनों में कई एक्सप्रेस और कई पैसेंजर गाड़ियां शामिल बताई जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यात्रियों को होने वाली दिक्कतों के लिए कोई ऑप्शनल व्यवस्था भी नहीं की गई है। क्या है चौथी लाइन का प्रोजेक्ट? बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। यह रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाएगा। इससे भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। साथ ही, सुविधाओं में भी सुधार होगा। रेलवे की इस योजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड के रायगढ़ रेलवे स्टेशन को अब चौथी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। यह काम 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यह काम इस तरह से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा, लेकिन जैसे ही यह काम पूरा होगा, ट्रेनें समय पर चलने लगेंगी। ये एक्सप्रेस ट्रेनें रहेंगी कैंसिल-     गाड़ी नंबर 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 30 अगस्त से 2 सितंबर तक रद्द     18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द     20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस 27 अगस्त को रद्द     20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     13425 मालदा-सूरत एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस 30 अगस्त को रद्द     20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द      22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस 31 अगस्त व 3 सितंबर को रद्द     22843 बिलासपुर-पटना एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द     12262 हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस 2 सितंबर     12261 मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस 3 सितंबर को रद्द     12101 कूल्ली-शालीमार एक्सप्रेस 29 अगस्त को रद्द     12102 शालीमार-कूल्ली एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द      12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस 27 व 28 अगस्त को रद्द      12906 शालीमार-पोरबंदर 29 व 30 अगस्त को रद्द     68737 रायगढ़-बिलासपुर MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68738 बिलासपुर-रायगढ़ MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68735 रायगढ़-बिलासपुर MEMU ट्रेनें 31 अगस्त से 15 सितंबर तक रद्द      68736 बिलासपुर-रायगढ़ MEMU ट्रेनें 30 अगस्त से 14 सितंबर तक रद्द दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी लाइन का काम शुरू दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में चौथी रेलवे लाइन का काम शुरू होने जा रहा है। इस कारण 31 अगस्त से 15 सितंबर तक छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 50 से ज्यादा ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। इन ट्रेनों में एक्सप्रेस और पैसेंजर दोनों शामिल हैं। रेल प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। यह रेलवे का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जो उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को और बेहतर बनाएगा। रेलवे का कहना है कि इस काम से भविष्य में नई ट्रेनों को चलाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को समय पर ट्रेनें मिलेंगी। साथ ही, सुविधाओं में भी सुधार होगा। बिलासपुर से झारसुगड़ा तक 206 KM चौथी लाइन बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण चल रहा है, जिसमें अब तक 150 किलोमीटर से ज्यादा रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है। रायगढ़ रेलवे स्टेशन में होगा चौथी लाइन का काम रेलवे की इस योजना के तहत बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड के रायगढ़ रेलवे स्टेशन को अब चौथी रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। यह काम 31 अगस्त से 15 सितंबर के बीच अलग-अलग दिनों में किया जाएगा। रेल प्रशासन का कहना है कि यह काम इस तरह से किया जाएगा, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इस प्रोजेक्ट के दौरान कुछ ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से रोका जाएगा, लेकिन जैसे ही यह काम पूरा होगा, ट्रेनें समय पर चलने लगेंगी और उनकी रफ्तार भी बढ़ेगी। रेलवे ने बताया कि यह एक जरूरी विकास कार्य है, जिससे भविष्य में यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।  

अपर कलेक्टर ने एमसीबी में की जनसुनवाई, समस्याओं के गंभीर निराकरण पर दिया जोर

एमसीबी: अपर कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं शिकायतें, त्वरित समाधान के दिए निर्देश अपर कलेक्टर ने एमसीबी में की जनसुनवाई, समस्याओं के गंभीर निराकरण पर दिया जोर कलेक्टर जनदर्शन में 19 आवेदन हुए प्राप्त एमसीबी  कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीण जन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे अपर कलेक्टर के समक्ष रखा। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। आज की जनदर्शन में कुल 19 आवेदन प्राप्त हुए। इस जनदर्शन में आवेदक तारा देवी निवासी नागपुर, नागपुर में बस स्टॉप पर गुण्डागर्दी एवं जबरन वसूली की शिकायत के संबंध में, अंजना श्रीवास निवासी बरौता , समस्त पालकगण निवासी डिहुली शिक्षक की कमी के संबंध में, मोहम्मद हबीब खान निवासी जनकपुर पार्षदों द्वारा दिये गये शिकायत के संबंध में, रघुनाथ पोद्दार निवासी मनेन्द्रगढ़ भूमि के संबंध में, कृष्ण कुमार कश्यप निवासी झगराखाण्ड़ मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नसबंदी ऑपरेशन असफल होने एवं प्रोत्साहन राशि के संबंध में, उजित नारायण सिंह निवासी रामगढ़ अतिक्रमण हटाने के संबंध में, फूलमनी निवासी सेंधा सीमांकन न करने के संबंध में, विकास सरकार निवासी गिद्धडांड नक्शा खसरा के संबंध में, समस्त ग्रामवासी निवासी डांडहसवाही पिछले कई वर्षाे से दिए जा रहे आवेदन का सुनवाई न होने के संबंध में, कुबेर सिंह निवासी डांडहसवाही सचिव का स्थानांतरण किए जाने के संबंध में, अजय कुुमार खोंगापानी नया पोल लगवाने के संबंध में, सत्या, सरिता, माया निवासी पेन्ड्री स्थगन आदेश को हटाने के संबंध में, मुकेश कुमार रौतिया निवासी खोंगापानी बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो जाने के सूचना के संबंध में, कमला पाव निवासी सिरौली जाति प्रमाण पत्र फार्म पर पटवारी का हस्ताक्षर करवाने के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी जल कनेक्शन उपलब्ध न होने के संबंध में एवं बीपीएल तथा एपीएल राशन कार्ड नहीं बनाने के कारण आम जनता को हो रही असुविधा के संबंध में, जगजीवन सिंह निवासी दुधांसी भूमि के संबंध में, सरपंच निवासी चैनपुर भूमि के संबंध में, अपनी शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। अपर कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

रायपुर: पचरीघाट के पास बैराज निर्माण को मिली 64.75 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति

रायपुर राज्य शासन द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा में स्थित अरपा नदी पर पचरीघाट के पास बैराज निर्माण कार्य के लिए 64 करोड़ 75 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना जल संरक्षण, पेयजल आपूर्ति तथा भू-जल संवर्धन के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है। निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व योजना की तकनीकी स्वीकृति, विभागीय नियमों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रदान की जाएगी। सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात कार्य प्रारंभ किया जाएगा तथा कार्य पूर्ण होने के उपरांत योजना का पूर्णता प्रमाण-पत्र शासन को सौंपा जाएगा। इस योजना के अंतर्गत समस्त कार्यों का क्रियान्वयन बजट शीर्ष ष्लघु सिंचाई पर पूंजी परिव्ययष् के अंतर्गत किया जाएगा। योजना हेतु वित्त विभाग द्वारा भी अपनी सहमति प्रदान कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा मुख्य अभियंता को यह निर्देशित किया गया है कि वे कार्य पर नियमित नियंत्रण रखें तथा वित्तीय नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, मितव्ययता एवं समयबद्धता को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। किसी भी प्रकार की लागत वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी। जल संसाधन विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राज्य के जल संसाधनों का समुचित दोहन कर आमजन को अधिकतम लाभ प्रदान किया जा सके।

हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, फसल हानि के प्रकरणों का संवेदनशीलता से करें निराकरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के कार्यों की समीक्षा की रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति के प्रकरणों में त्वरित, नियमानुसार एवं संवेदनशीलता से क्षतिपूर्ति सहायता प्रदान की जाए। वनांचल में निवासरत लोगों को कई बार वन्यप्राणियों के हमलों से अपनों को खोने की पीड़ा सहनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावितों के दुख-दर्द का मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र निराकरण किया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व और अन्य हिंसक वन्यप्राणियों द्वारा जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति की घटनाएं राज्य के वनांचल क्षेत्रों में चुनौती बनकर उभर रही हैं। ऐसी स्थितियों में शासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ितों को शीघ्र एवं न्यायसंगत सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जंगली हाथियों द्वारा धान जैसी प्रमुख फसल के अतिरिक्त गन्ना, केला, पपीता एवं कटहल जैसी नगदी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी दोहरी मार झेलनी पड़ती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्रदत्त व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टों की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदत्त सहायता समय पर प्रभावितों तक पहुंचे, इसके लिए विभागीय समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। जनहानि, स्थायी अपंगता, पशुहानि, मकान क्षति तथा फसल हानि के लिए दी जाने वाली क्षतिपूर्ति दरों में वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति के आरबीसी के प्रावधानों के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि पर भी चर्चा की गई। बैठक मे मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव (वन) श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री सुधीर अग्रवाल, अपर मुख्य वन संरक्षक श्री प्रेम कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।