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प्रदूषण से दिल्ली बेहाल: 19 क्षेत्र खतरनाक श्रेणी में, पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड

नई दिल्ली  दिल्ली में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है. अब सुबह शाम की ठंड लोगों को महसूस हो रही है. हालांकि, दिन में ठंड का एहसास नहीं हो रहा है, लेकिन सुबह के समय दिल्ली में कोहरा छाया रहता है. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में 9 नवंबर तक कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी किया गया है. यानी अगले 5 दिन दिल्ली वालों को कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. दिल्ली में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी बढ़ रहा है. 19 इलाके रेड जोन में हैं और दिल्ली की हवा बेहद खराब है. आज भी दिल्ली का ओवरऑल AQI 309 है और तीन इलाकों में 400 के पार AQI है. इनमें अलीपुर का सबसे ज्यादा AQI 421 है. वहीं जहांगीरपुरी और वजीरपुर का AQI 404 है. आनंद विहार का AQI 385, अशोक विहार का 371, आया नगर का 204, बवाना का 395, बुराड़ी क्रॉसिंग का 393, चांदनी चौक का 329, मथुरा रोड का 320, करणी सिंह का 236, डीटीयू का 293 है. इसके साथ ही और भी कई इलाकों में AQI 300 से 400 के बीच है. दिल्ली के तापमान हो रही गिरावट दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण लोगों की सांसों के लिए संकट बनता जा रहा है. लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन जैसे परेशानियां हो रही है. वहीं ठंड और प्रदूषण के चलते दिल्ली वालों को दोहरी मार झेलने पड़ रही है. इसके साथ ही दिल्ली के तापमान में भी अब गिरावट देखी जा रही है. आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. सोमवार के मुकाबले मंगलवार को दिल्ली के तापमान में 2 प्रतिशत की गिरावट हुई है. पहाड़ों पर बर्फबारी की संभावना 4 नवंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश की संभावना है. 4 और 5 नवंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी होने की संभावना है. 4 और 5 नवंबर को पंजाब और हरियाणा में हल्की बारिश होने की संभावना है. 4 से 5 नवंबर के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. इन राज्यों में बारिश का अलर्ट 5 से 7 नवंबर को गुजरात क्षेत्र और मराठवाड़ा, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र में बिजली कड़कने के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. वहीं 4 नवंबर को अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भी बिजली कड़कने के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा में 4 से 6 नवंबर के दौरान हल्की बारिश हो सकती है. वहीं तटीय कर्नाटक और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 5 से 7 नवंबर के दौरान कई स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. अगले 3 दिनों के दौरान पूर्वी भारत में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है. 

संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के दीपावली मिलन समारोह में झलकी एकता और संस्कृति की झांकी

संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट का दीपावली मिलन समारोह – 2025: एकता, संस्कृति और राष्ट्रभाव का अद्भुत संगम संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के दीपावली मिलन समारोह में झलकी एकता और संस्कृति की झांकी दीपों के पर्व पर संकल्प फाउंडेशन का आयोजन, एकता और राष्ट्रभाव का सुंदर संदेश नई दिल्ली  संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित “दीपावली मिलन समारोह – 2025” एक भव्य और प्रेरणादायक आयोजन के रूप में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समाजसेवा, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। मंच पर आदरणीय श्री संतोष कुमार तनेजा जी (अध्यक्ष, संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट), डॉ. विजय चौथवाल जी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सलाहकार एवं टेम्जेन इम्ना अलोंग, मंत्री नागालैंड , कालसी साहब (पूर्व मुख्य सचिव) तथा श्री अनिल अग्रवाल जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को कई गुना बढ़ा दिया। समारोह के दौरान आदरणीय संतोष तनेजा जी का सभी गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में स्नेहपूर्वक स्वागत किया गया। यह क्षण आत्मीयता, आदर और संगठनात्मक एकता का प्रतीक रहा, जिसने पूरे वातावरण को प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। मंच से स्वामी विवेकानंद जी के प्रेरक विचार “Strength is life, Weakness is death” के माध्यम से समर्पण, सेवा और राष्ट्रभाव का सशक्त संदेश दिया गया। संकल्प फाउंडेशन ट्रस्ट के इस दीपोत्सव ने न केवल संस्कृति और परंपरा की रोशनी फैलाई, बल्कि समाज में सहयोग, एकता और आत्मविश्वास की नई चेतना भी जागृत की।

आसमान में बढ़ा खतरा! दिल्ली-बेंगलुरु फ्लाइट को बीच में ही उतारना पड़ा, जानें क्या हुआ था?

नई दिल्ली एयर इंडिया की दो अलग-अलग फ्लाइट्स में अचानक तकनीकी खराबी ने यात्रियों को टेंशन में ला दिया। हालांकि एयरलाइन की सतर्कता ने सबको सुरक्षित रखा। दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एक फ्लाइट को भोपाल की तरफ मोड़ना पड़ा, जबकि सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली आने वाली दूसरी फ्लाइट मंगोलिया के उलानबातार में उतर गई। आइए जानते हैं इन घटनाओं की पूरी कहानी। कल की शाम दिल्ली से बेंगलुरु की ओर उड़ान भर रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2487 में अचानक एक संदिग्ध तकनीकी समस्या ने सिर उठाया। क्रू ने कोई रिस्क न लेते हुए फ्लाइट को भोपाल एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट कर दिया। शाम साढ़े छह बजे के करीब प्लेन सुरक्षित उतरा। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया, “जांच चल रही है। इसमें वक्त लगेगा। हम यात्रियों को खाना-पीना दे रहे हैं और जल्द दूसरी फ्लाइट का इंतजाम करेंगे।” सभी 150 से ज्यादा यात्री सुरक्षित हैं। एयर इंडिया ने माफी मांगी और कहा कि सुरक्षा सबसे ऊपर है। सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली फ्लाइट की मंगोलिया में लैंडिंग 2 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI174 में भी यही दिक्कत आई। क्रू ने रिस्क नहीं लिया और मंगोलिया की राजधानी उलानबातार में लैंडिंग कर ली। प्लेन उतरते ही यात्रियों को बाहर निकाला गया। एयर इंडिया ने होटल बुक किए, खाना दिया और इमिग्रेशन पूरा करवाया। अब वैकल्पिक फ्लाइट से सबको दिल्ली भेजा जाएगा। एयर इंडिया के X पोस्ट में लिखा है, “सुरक्षा के लिए डायवर्शन जरूरी था। असुविधा के लिए खेद है।” दोनों प्लेन की गहन जांच हो रही है। एयर इंडिया का दावा है कि ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन हर बार सेफ्टी प्रोटोकॉल फॉलो होता है। यात्रियों का कहना है कि क्रू ने शांति बनाए रखी और पैनिक नहीं होने दिया।  

नई जिम्मेदारी संभाली: लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास बने आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल के कमांडेंट

नई जिम्मेदारी संभाली: लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास बने आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल के कमांडेंट कानपुर का गौरव: लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने नई दिल्ली में आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल की कमान संभाली नई दिल्ली कानपुर निवासी प्रतिष्ठित ई.एन.टी. सर्जन लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास, जिन्होंने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं में लगभग चार दशकों तक अनुकरणीय सेवाये दी हैं, ने नई दिल्ली स्थित सशस्त्र बलों के प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण अस्पताल, 'आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल' (आर एंड आर हॉस्पिटल) के कमांडेंट के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है।  लेफ्टिनेंट जनरल दास का सैन्य चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। अपने सेवा काल के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल दास द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के साथ-साथ प्रशासनिक एवं कमांड पदों पर रहते हुये महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।  पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज से स्नातक लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास ने नई दिल्ली स्थित आर्मी के बेस हॉस्पिटल एवं कमांड हॉस्पिटल लखनऊ में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। कमांडेंट, सी.एच. (एन.सी.) रहते हुए उन्होंने कमांड हॉस्पिटल, उधमपुर को नए अत्याधुनिक एवं सुसज्जित अस्पताल भवन में स्थानांतरित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने दीर्घ और विशिष्ट करियर के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल दास ने असाधारण नेतृत्व और सेवा भावना का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्हें चीफ आफ आर्मी स्टाफ (सी.ओ.ए.एस.), चीफ ऑफ इंटिग्रेटेड स्टाफ कमेटी (सी.आई.एस.सी.) तथा जी.ओ.सी. इन सी. प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया जा चुका है। 'आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल' के कमांडेंट के रूप में उनकी नियुक्ति से अस्पताल में उत्कृष्टता के मानकों में और वृद्धि होने की अपेक्षा है, जिससे सशस्त्र बलों के साथ – साथ नागरिक समुदाय को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्राप्त होंगी। कमांडेंट के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल दास का उद्देश्य अस्पताल की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखते हुए चिकित्सा सेवा, अनुसंधान तथा शिक्षण के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करना है। वे अस्पताल की सामर्थ्य को और सुदृढ़ बनाने, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को विकसित करने तथा चिकित्सा उत्कृष्टता एवं नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। *

ट्रैफिक जाम से राहत! दिल्ली-गुरुग्राम के बीच बनेगा हाई-स्पीड एलिवेटेड फ्लायओवर

गुरुग्राम  अगर आप रोज दिल्ली गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी खबर है। बताया जा रहा है कि जल्द ही महिपालपुर में शिवमूर्ति से लेकर सिरहौल बॉर्डर तक एक 4 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनने वाला है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद आपका सफर आसान हो जाएगा, क्योंकि 30 मिनट का सफ़र अब सिर्फ़ 5 मिनट में पूरा होगा। बता दें कि दिल्ली-गुरुग्राम के बीच यातायात की भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से 29 अक्टूबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी । जिसमें कई मंत्री शामिल हुए। बैठक में दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर यातायात की भीड़भाड़ को कम करने पर ज़ोर दिया गया।  

ESIC की बड़ी पहल: कल से शुरू होगी यह खास सुविधा, हजारों कर्मचारियों को होगा फायदा

फरीदाबाद  फरीदाबाद सेक्टर-8 ईएसआईसी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। सोमवार से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू हो जाएगी। इसे लेकर डॉक्टर का पीएनडीटी के तहत रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने यहां अल्ट्रासाउंड जांच की अनुमति दे दी है।   जिले में ईएसआई का सेक्टर-8 में 50 बेड का अस्पताल और 13 डिस्पेंसरियां हैं। इनमें रोजाना करीब तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में कई सालों से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं थी। डिस्पेंसरियों से यहां अल्ट्रासाउंड के लिए आने वाले मरीजों को अस्पताल में सुविधा न होने के कारण ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। इनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक रहती है, जिनके लिए गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड जांच बेहद जरूरी होती है। ऐसे में मरीजों को दो अस्पतालों के बीच चक्कर काटने पड़ते हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण वहां भी लंबी लाइनों से गुजरना पड़ता है। वहीं, कई बार रेफर मरीज जांच के लिए निजी क्लीनिकों का रुख करने को मजबूर होते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। अब अस्पताल में ही सुविधा शुरू होने से मरीजों को समय, पैसा और परेशानी तीनों से राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल की सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार : अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अल्ट्रासाउंड शुरू करने के लंबे समय से प्रयास जारी थे, लेकिन डॉक्टर का पीएनडीटी पंजीकरण न होने के कारण अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू नहीं हो पा रही थी। अब यह औपचारिकता पूरी हो चुकी है और मशीनें भी अपडेट की गई हैं। स्थानीय कर्मचारियों और मरीजों ने कहा कि सुविधा शुरू होने से ईएसआई अस्पताल की सेवाओं में बड़ा सुधार होगा और मरीजों का भरोसा और बढ़ेगा। डॉ. शालनी किशोर, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआई अस्पताल, सेक्टर-8, ''डॉक्टर का पंजीकरण पूरा हो गया है और मशीन की टेस्टिंग भी कर ली गई है। जल्द नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड जांचें की जाएंगी। फिलहाल यह सेवा ओपीडी समय में उपलब्ध रहेगी, बाद में जरूरत के अनुसार समय बढ़ाया जा सकता है।''  

CM का नाम लेकर बना फर्जीवाड़े का उस्ताद, फ्री इलाज के नाम पर चला रहा था बड़ा खेल

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने सीएम रेखा गुप्ता के सरकारी लेटर हेड का इस्तेमाल कर फर्जी पत्र बनाने के जुर्म में एक नटवरलाल को गिरफ्तार किया है। यह शातिर अपराधी उन कमजोर लोगों को निशाना बनाता था जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाना चाहते थे, लेकिन इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। वह ऐसे लोगों को EWS कैटेगरी के तहत मुफ्त इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के नाम पर पत्र देता था। खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय का अधिकारी भी बताता था और अस्पताल अधिकारियों को फोन करने के लिए अपनी जाली पहचान का इस्तेमाल करता था। आरोपी के पास से मुख्यमंत्री कार्यालय के लेटर हेड पर बने कई फर्जी पत्र बरामद किए गए हैं।   दिल्ली पुलिस स्टेशन सिविल लाइंस में शिकायत दर्ज कराई गई है। बताया गया कि महाराजा अग्रसेन अस्पताल, दिल्ली के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली की आधिकारिक ईमेल आई.डी. (ID) पर एक पत्र भेजकर 'श्याम शंकर' नामक एक मरीज के इलाज के लिए इस्तेमाल हुए लेटर हेड की पुष्टि चाही थी। इस लेटर हेड पर अनिल अग्रवाल, ऑफिसर-इन-चार्ज, मुख्यमंत्री कार्यालय, दिल्ली के हस्ताक्षर थे। अस्पताल प्रबंधन को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से फोन भी आया। फोन करने वाले ने खुद को बलबीर सिंह राठी, अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली बताया और अस्पताल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उस मरीज़ का इलाज EWS कैटेगरी के तहत करें। चूंकि मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली के उस पत्र में वर्तनी की गलतियां थीं, फॉन्ट का साइज अलग था और अलाइनमेंट भी ठीक नहीं था, इसलिए अस्पताल अधिकारियों को शक हुआ। पत्र की प्रामाणिकता की पुष्टि करने के लिए ही उन्होंने यह ईमेल भेजा था। मुख्यमंत्री कार्यालय दिल्ली के ओ.एस.डी. (OSD) ने शिकायत में यह आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय के सरकारी लेटर हेड का जाली/फ़र्ज़ी उपयोग किया है और मुख्यमंत्री कार्यालय के ऑफिसर-इन-चार्ज के जाली हस्ताक्षर करके उक्त फ़र्ज़ी पत्र तैयार किया है। इसके बाद, पुलिस स्टेशन सिविल लाइन्स, दिल्ली में एफ.आई.आर. संख्या 472/2025 के तहत बी.एन.एस. (BNS) की धारा 318(2)/336(2)/340(2)/ /3(5) के अंतर्गत एक मामला दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। वह अपनी मोटरसाइकिल पर जाली (फर्जी) नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान, मरीज श्याम शंकर से मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुए पत्र के बारे में पूछताछ की गई। श्याम शंकर ने बताया कि उनकी पत्नी अंजू को यह पत्र सोनू नामक व्यक्ति से मिला था। इसके बाद, संदिग्ध मोबाइल नंबर के सी.डी.आर. (CDR-कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और सी.ए.एफ. (CAF-कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म) का विवरण प्राप्त किया गया। इन विवरणों से यह पता चला कि वह मोबाइल नंबर सोनू के नाम पर पंजीकृत था। सेवा प्रदाता के रिकॉर्ड में एक और वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी मिला। दोनों ही मोबाइल नंबरों का पता हरियाणा के झज्जर का था। आगे की जांच के लिए तकनीकी निगरानी शुरू की गई। दोनों मोबाइल नंबर सक्रिय पाए गए और उनका लोकेशन दिल्ली के करोल बाग इलाके में मिला। स्थानीय पूछताछ से पता चला कि इन मोबाइल नंबरों का उपयोगकर्ता एम.सी.डी. (MCD) कार्यालय, करोल बाग जोन में काम करता है। 29 अक्टूबर को पुलिस टीम ने सोनू को पकड़ने के लिए एम.सी.डी. कार्यालय, करोल बाग ज़ोन में छापा मारा, लेकिन सोनू अपना बैग और मोटरसाइकिल छोड़कर वहां से भागने में कामयाब रहा। उसके बैग की जांच करने पर, पुलिस को एक जाली एम.सी.डी. पहचान पत्र (Fake MCD Identity Card) और माननीय मुख्यमंत्री/दिल्ली कार्यालय के आधिकारिक लेटर हेड पर बने कई पत्र बरामद हुए। इन सभी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद, तकनीकी निगरानी की मदद से, दोनों मोबाइल नंबरों का लोकेशन दिल्ली के टैगोर गार्डन, डबल स्टोरी इलाके में पाया गया। पुलिस टीम ने गुप्त सूत्रों को तैनात किया और स्थानीय जानकारी जुटाई। पुलिस टीम के लगातार प्रयासों के बाद, आखिरकार 30.10.2025 को पुलिस टीम ने टैगोर गार्डन, डबल स्टोरी के 'ए' ब्लॉक से आरोपी सोनू को पकड़ लिया। आरोपी सोनू के मोबाइल फोन की जांच करने पर, उसमें दो और मोबाइल नंबर सक्रिय (active) पाए गए। जांच में क्या पता चला आरोपी सोनू से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह एम.सी.डी. कार्यालय, करोल बाग जोन में ठेके पर माली का काम करता है। कुछ महीने पहले, उसे एम.सी.डी. कार्यालय की डाक (Dak) में मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली का एक पत्र मिला था। उसने वह पत्र चुरा लिया और जल्दी पैसा कमाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के लेटर हेड का इस्तेमाल करके फर्जी/जाली खाली पत्र तैयार करने लगा। वह ऐसे मरीज़ों को निशाना बनाता था जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे। वह उन्हें EWS कैटेगरी के तहत प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने के लिए प्रेरित करता था। वह मरीजों को मुख्यमंत्री कार्यालय/दिल्ली के लेटर हेड पर तैयार किए गए जाली पत्र देता था, जो अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों को संबोधित होते थे और जिनमें मरीज को मुफ्त इलाज देने का निर्देश होता था। इसके बदले में, वह हर मरीज से ₹5,000 लेता था। उसने यह भी बताया कि वह खुद को मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी 'बलबीर सिंह राठी' के रूप में पेश करता था।  

RSS बैन मांग पर बोले बाबा रामदेव – खड़गे जी, लोकतंत्र में हारने वालों की यही हताशा दिखती है

नई दिल्ली  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर बैन लगाने की मांग वाले बयान पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिनके विचार भारत और भारतीयता से मेल नहीं खाते वही इस तरह के एजेंडा चलाते हैं। उन्हें लड़ाई करनी है तो अमित शाह और मोदी जी से करें, उन्हें तो वो हरा नहीं पाते हैं फिर आरएसएस पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। बाबा रामदेव ने दिल्ली में  इंटरव्यू में कहा, ''आरएसएस कोई पॉलिटिकल पार्टी नहीं है। पॉलिटिकल विंग बीजेपी है। लड़ाई करनी है तो अमित शाह और मोदी जी से करो। उनको हरा नहीं पाते हैं फिर आरएसएस पर अभद्र टिप्पणियां करते रहते हैं। आरएसएस को मैं पिछले दो-तीन दशकों से बहुत करीब से देख रहा हूं, उसमें बहुत अच्छे और तपस्वी लोग हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिनके विचार भारत और भारतीयता से मेल नहीं खाते फिर वो इस तरह के एजेंडा चलाते हैं।'' आरएसएस के बारे में पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने कहा, "आरएसएस, आर्य समाज की तरह ही एक राष्ट्रवादी संगठन है और इसके अंदर डॉ. हेडगेवार से लेकर सदाशिवराव गोलवलकर जैसे कई महान लोगों ने तपस्या की है। आज भी लाखों संघ कार्यकर्ता देश के लिए काम करते हैं। जब देश विरोधी ताकतें, सनातन विरोधी ताकतें, आरएसएस या किसी भी हिंदुत्ववादी ताकत का विरोध करती हैं तो इसके पीछे उनका कोई छिपा हुआ एजेंडा और स्वार्थी मकसद होता है। मेरा व्यक्तिगत विचार है कि आरएसएस पर बैन लगना चाहिए: खड़गे गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर शनिवार को कहा कि आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए क्योंकि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए यही संगठन जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। खड़गे ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा व्यक्तिगत विचार है और खुलकर बोलूंगा कि आरएसएस पर बैन लगना चाहिए। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जो चीजें आरएसएस को लेकर हमारे सामने रखी हैं, अगर उसकी मर्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह गृह मंत्री अमित शाह रखते हैं तो यह बैन होना चाहिए।’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया, ‘‘आज देश में जो गड़बड़ियां हो रही हैं और कानून-व्यवस्था की समस्यां पैदा हो रही हैं, ये सब भाजपा और आरएसएस की वजह से हैं।’’ बता दें कि, कुछ दिन पहले ही खड़गे के बेटे और कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियंक खड़गे ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से आग्रह किया था कि वह सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को आरएसएस और ऐसे अन्य संगठनों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों व गतिविधियों में भाग लेने से सख्ती से रोकें। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सरदार पटेल की जयंती पर संवाददाताओं से कहा कि भाजपा को याद रखना चाहिए कि उसके मूल संगठन आरएसएस पर सरदार पटेल ने बैन लगाया था। आज जरूरत है कि इस देश में कोई सरदार पटेल बने और इस विचारधारा पर फिर से बैन लगे।   

दिल्ली में प्रदूषण चरम पर, AQI 421 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंची हवा

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली की आबोहवा दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे के अंदर दिल्ली में प्रदूषण का लेवल तेजी से बढ़ा है, जिससे रविवार को शहर की हवा और खराब हो गई। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के डेटा के मुताबिक, एम्स और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 421 पर पहुंच गया, जिससे यह 'गंभीर' श्रेणी में आ गया है। शनिवार को दिल्ली का औसत AQI 245 था, जो 'खराब' कैटेगरी में आता है।  CPCB के डेटा के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की क्वालिटी 'गंभीर' श्रेणी में रिकॉर्ड की गई, जबकि कुछ इलाकों में 'बहुत खराब' लेवल बना रहा। आज सुबह 8 बजे, खास मॉनिटरिंग जगहों पर AQI आनंद विहार (298), अलीपुर (258), अशोक विहार (404), चांदनी चौक (414), द्वारका सेक्टर-8 (407), आईटीओ (312), मंदिर मार्ग (367), ओखला फेज-2 (382), पटपड़गंज (378), पंजाबी बाग (403), आरके पुरम (421), लोधी रोड (364), रोहिणी (415) और सिरीफोर्ट (403) पर दर्ज किया गया। इनमें से अधिकतर रीडिंग शहर को 'बहुत खराब' या 'गंभीर' कैटेगरी में पहुंचा दिया है। बाहर की BS-III कमर्शियल मालवाहक गाड़ियों की एंट्री पर बैन अधिकारियों ने बढ़ते प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए शहर के कई हिस्सों में ट्रक पर लगे पानी के स्प्रिंकलर और धूल कंट्रोल करने के दूसरे उपाय तेज कर दिए हैं। इसके साथ ही कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती हवा की क्वालिटी को कंट्रोल करने के लिए 1 नवंबर से दिल्ली से बाहर के सभी BS-III और उससे नीचे के स्टैंडर्ड वाले कमर्शियल मालवाहक गाड़ियों की एंट्री पर बैन लगा दिया है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट एनफोर्समेंट टीम के सब इंस्पेक्टर, धर्मवीर कौशिक ने कहा, "BS-III गाड़ियों को वापस भेजा जा रहा है। उन्हें दिल्ली में आने की इजाजत नहीं है। यह सिर्फ मालवाहक गाड़ियों पर लागू होता है; पैसेंजर गाड़ियों पर कोई रोक नहीं है।" दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में कई इलाकों में एक्यूआई 'खराब' और 'बहुत खराब' कैटेगरी में बना हुआ है, जबकि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-2 (ग्रैप-2) के प्रतिबंध अब भी लागू हैं। खराब होती हवा की वजह से ग्रैप-2 लागू होने के बाद नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) ने पार्किंग फीस दोगुनी करने की घोषणा कर दी है। प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के मकसद से लिए गए इस फैसले से NDMC द्वारा मैनेज किए जाने वाले ऑफ-रोड और इनडोर पार्किंग एरिया में पार्किंग चार्ज दोगुने हो जाएंगे।  

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल की मांग—दिल्ली का नाम बदला जाए, हो ‘इंद्रप्रस्थ’

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली को महाभारत कालीन नाम 'इंद्रप्रस्थ' से नवाजने की मांग तेज हो गई है। चांदनी चौक से बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करने का सुझाव दिया है। पत्र में उन्होंने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के आधार पर यह प्रस्ताव रखा, जिसमें महाभारत के पांडव काल से जुड़े प्रमाणों का उल्लेख किया गया है।  खंडेलवाल ने पत्र में कहा कि दिल्ली का वर्तमान नाम 'दिल्ली' मुगल काल से जुड़ा है, जबकि इसका प्राचीन नाम 'इंद्रप्रस्थ' है, जो पांडवों द्वारा स्थापित राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने चार सुझाव दिए हैं..     दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' रखा जाए।     पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम 'इंद्रप्रस्थ जंक्शन' हो।     दिल्ली में मौजूदा हवाई अड्डे को 'इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट' नाम दिया जाए।     दिल्ली के प्रमुख स्थलों पर पांडवों की प्रतिमाएं लगाई जाएं। महाभारत की विरासत से जोड़ने की अपील खंडेलवाल ने पत्र में महाभारत के सन्दर्भों का हवाला देते हुए कहा कि इंद्रप्रस्थ (लगभग 3000 ईसा पूर्व) पांडवों की राजधानी थी, जो पुरातात्विक साक्ष्यों से सिद्ध है। उन्होंने मुगल प्रभाव वाले नामों को हटाने की वकालत की, ताकि शहर की 5000 वर्ष पुरानी हिंदू सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा सके। यह मांग कोई नई नहीं है। हाल ही में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने भी दिल्ली सरकार को इसी तरह का पत्र लिखा था, जिसमें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने की बात कही गई। 2021 में डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी और क्षत्रिय महासभा ने भी ऐसी मांगें उठाई थीं। हालांकि, विपक्षी दलों ने ऐसी पहलों को 'राजनीतिक स्टंट' बताकर खारिज किया है।