samacharsecretary.com

CBSE में दूर के मूल्यांकन केंद्रों में ड्यूटी से शिक्षक परेशान

लुधियाना. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा चल रही वार्षिक परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य के लिए दूर दराज क्षेत्रों में बनाए गए इवैल्यूएशन सेंटरों ने अध्यापकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि बोर्ड ने कई शिक्षकों की ड्यूटी शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित स्कूलों में बने सेंटरों पर लगा दी है, जिससे उन्हें रोजाना लंबा सफर तय करना पड़ेगा। कई विषय विशेषज्ञ अध्यापकों के अनुसार उनकी ड्यूटी खन्ना, माछीवाड़ा और समराला के आसपास स्थित स्कूलों में बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों में लगी है। कई सेंटर मुख्य सड़क से अंदरूनी इलाकों में होने के कारण शिक्षकों को दो-दो वाहन बदलने पड़ेंगे  इससे रोजाना लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा  जो समय और ऊर्जा दोनों की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचने का समय तय है और देरी होने पर प्रवेश नहीं दिया जाता। ऐसे में ट्रैफिक जाम, बसों की अनियमितता या मौसम में बदलाव की स्थिति में देरी होने का डर बना रहता है। महिला शिक्षकों ने  खासकर सुबह जल्दी या देर शाम लौटने के दौरान सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। कई शिक्षकों ने बताया कि  लगातार लंबी यात्रा के कारण थकान बढ़ने का असर कॉपियों की जांच की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। लुधियाना के कई स्कूल प्रिंसिपलों ने बोर्ड को ई-मेल भेजकर सुझाव दिया है कि शिक्षकों की ड्यूटी शहर की सीमा के भीतर या निकटतम केंद्रों पर लगाई जाए, ताकि वे बिना अतिरिक्त दबाव के मूल्यांकन कार्य कर सकें। प्रिंसिपलों का तर्क है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्कूल उपलब्ध हैं, जहां मूल्यांकन केंद्र बनाए जा सकते हैं। अब सभी की निगाहें बोर्ड के अगले निर्णय पर टिकी हैं कि क्या अध्यापकों की इन व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ड्यूटी  में कोई संशोधन किया जाएगा। 

हाईकोर्ट ने गुरदासपुर एनकाउंटर पर उठाई कड़ी प्रतिक्रिया, डीजीपी गौरव यादव से पूछताछ के लिए बुलाया

चंडीगढ़  गुरदासपुर के आदियां पुलिस चौकी में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी रणजीत सिंह के एनकाउंटर मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने डीजीपी गौरव यादव को मामले में जवाब देने के लिए तलब किया है। उन्हें आज दोपहर दो बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।  इसी दौरान गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल इंटरव्यू से जुड़े मामले की सुनवाई भी अदालत में होगी। हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में अपना जवाब तैयार रखें। रणजीत सिंह के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी एनकाउंटर बताया था। परिवार का कहना है कि अभी तक युवक का अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया है। इसी विवाद के बीच हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया है। यह दूसरा मौका है जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने किसी चर्चित आपराधिक मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इससे पहले मोहाली में कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड में भी अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया था।  22 फरवरी को गुरदासपुर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आदियां गांव की पुलिस चेक पोस्ट पर दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड कांस्टेबल अशोक कुमार शामिल थे। पुलिस के अनुसार यह हमला पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर करवाया गया था। आरोप है कि तीन युवकों को करीब 20 हजार रुपये देने का लालच देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया।  मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय रणजीत सिंह, जो आदियां गांव का रहने वाला था, को 25 फरवरी को पुरानाशाला इलाके में पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। पुलिस का कहना है कि वह हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। पुलिस ने दूसरे आरोपी दिलावर सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीसरे आरोपी इंदरजीत सिंह को बाद में अमृतसर से पकड़ा गया। हालांकि रणजीत सिंह के एनकाउंटर को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पंजाब डीजीपी से जवाब मांगा है। पंजाब में पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर और हिरासत में हुई मौतों के मामले की सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हुई है। एडवोकेट निखिल सराफ ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में गुरदासपुर में युवक की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस याचिका पर आज चीफ जस्टिस की बेंच भी दोपहर बाद सुनवाई करेगी। एक अन्य बैंच ने भी रणजीत मर्डर केस पर संज्ञान लिया है। सुखपाल खैरा ने की सीबीआई जांच की मांग कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने कहा कि मैं पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा रणजीत सिंह की एक्स्ट्रा ज्यूडिशियल किलिंग पर खुद संज्ञान लेने का स्वागत करता हूं, जिन्होंने आज ही डीजीपी को तलब किया है। यह पिछले कुछ महीनों में भगवंत मान सरकार के तहत पुलिस द्वारा बनाई गई 42वीं फेक एनकाउंटर की कहानी है। हम अपील करते हैं कि हाई कोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा समय पर जांच हो ताकि सच्चाई सामने आए और उन सभी दोषी पुलिस अधिकारियों और ताकतवर नेताओं को सज़ा मिले जो लोगों को बेरहमी से मारने के ऐसे गैर-कानूनी आदेश देने में शामिल थे। 

मशहूर इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में बेरहमी से हत्या

चंडीगढ़. कनाडा से सनसनीखेज खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार यहां पंजाबी मूल की यूट्यूबर नैंसी ग्रेवाल की मॉन्ट्रियल के पास लासाल में उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इंफ्लूएंसर नैन्सी ग्रेवाल के घर में घुसकर हमलावरों ने उस पर चाकू से हमला किया। खबर मिली है कि पुलिस को सेंट-लूस क्रिसेंट में स्थित बिल्डिंग से इमरजेंसी कॉल मिली। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस को नैंसी ग्रेवाल गंभीर रूप से घायल हालत में मिली। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया पर उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसके शरीर पर चाकू से गोदने के कई निशान थे और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मौत हुई। ये खबर मिलते ही कनाडा और पंजाब में रहने वाले नैन्सी ग्रेवाल के परिवार में दुख की लहर पाई जा रही है। मॉन्ट्रियल पुलिस (SPVM) मामले की गहराई से जांच कर रही है। हत्या के असली कारणों का पता चलने की कोशिश की जा रही है। नैन्सी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर वीडियो बना कर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों की आलोचना करती थी। इसके साथ ही उसने कई नेताओं के विरोध में भी वीडियो डाली थी। नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल पर पुलिस की 3 अहम बातें…     टीम रात में पहुंची, अस्पताल में दम तोड़ दिया: कनाडा पुलिस के अधिकारी पियर्स ने बताया कि हमले की सूचना मंगलवार (3 मार्च) की रात को मिली थी। इसके बाद पुलिस और पैरामेडिक्स रात करीब साढ़े 9 बजे तक टॉड लेन (Todd Lane) के 2400 ब्लॉक में पहुंचे। इसके अलावा एसेक्स-विंडसर इमरजेंसी मेडिकल टीम के मेंबर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।     सीढ़ी-रास्ते से सबूत जुटाए, एक किमी एरिया सील किया: इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस अफसर नैन्सी के घर पहुंचे। उन्होंने विंडसर में टॉड लेन पर कनाडा स्ट्रीट और बिशप स्ट्रीट के बीच 2 घरों की घेराबंदी की। एक घर के मुख्य दरवाजे तक जाने वाली सीढ़ियों और रास्ते से सबूत इकट्‌ठा किए गए। इसके बाद पुलिस ने हत्या वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर टॉड लेन पर ही एक जंगली इलाके के आसपास पीली पुलिस टेप लगाकर एरिया को सील कर दिया। यहां हर्ब ग्रे पार्कवे के पास पैदल चलने वाले रास्तों की एंट्री है।     CCTV खंगाले जा रहे, सबूत हों तो सार्जेंट से संपर्क करें: कनाडा पुलिस के अधिकारी पियर्स ने नैन्सी ग्रेवाल के परिवार व उसके दोस्तों के साथ गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि इस हत्या की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। जल्दी ही आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। वारदात के आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी के पास इस घटना के बारे में कोई जानकारी या सुरक्षा कैमरे (CCTV) की फुटेज है, तो वे डिटेक्टिव सार्जेंट जेमी नेस्टर से संपर्क करें। बेटी के कत्ल को लेकर मां ने क्या कहा     बेटी नर्स थी, 2 कंपनियों में काम करती थी: नैन्सी की मां छिंदरपाल कौर ने कहा- बेटी 2018 में कनाडा में गई थी। वहां उसने नर्स का कोर्स किया था। जिसके बाद वह पैरामिड कंपनी में सुबह नौकरी करती थी और देर शाम केयर पार्ट वेयर कंपनी में नौकरी करती थी। आखिरी बार उससे 2 मार्च को फोन पर बात हुई थी। बेटी ज्यादा बिजी रहती थी, इस वजह से वह फोन नहीं करती थी बल्कि बेटी ही कॉल करती थी।     पहले भी हमला हुई, कई बार थ्रेट कॉल आईं: मां छिंदरपाल कौर ने कहा- बेटी पर पहले भी हमला हो चुका है। उस दौरान घर में आग लगाई गई थी। वह उस दौरान बच गई थी, लेकिन उस मामले में अब तक इंसाफ नहीं मिला। उसे पहले भी कई बार थ्रेट कॉल आ चुकी थी। इसको लेकर कनाडा पुलिस को सभी धमकियों की शिकायत भी दी गई थी।     बेटी की रेकी की गई, बेरहमी से मारा गया: मां ने कहा कि आग लगने की वजह से नैन्सी बच गई तो अब बेटी की रेकी करने के लिए एक व्यक्ति को घर पर भेजा गया था। उसने मुंह ढका हुआ था। जिसके बाद सीसीटीवी कैमरे लगे देखकर वह डरकर भाग गया। दुश्मनों ने बेरहमी से बेटी का कत्ल किया। बेटी अस्पताल भी नहीं पहुंची पाई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।     3-4 व्यक्ति शामिल, इनके नाम मेरे पास: छिंदरपाल कौर ने कहा कि बेटी गरीबों की मसीहा थी और उनकी मदद करती थी। वह सच के रास्ते पर चलने वाली लड़की थी। उन्होंने कनाडा पुलिस से अपील की कि जो 3 से 4 व्यक्ति है, जिनके नाम उनके पास मौजूद है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सलाखों के पीछे डाला जाए और बेटी की मौत को लेकर उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। उसके दुश्मन वहीं गुरुद्वारे में बैठे हैं।

मोगा से गरजेगी बीजेपी, 14 मार्च को अमित शाह भरेंगे चुनावी हुंकार

पंजाब पंजाब की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को मोगा जिले के किल्ली चहल गांव से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसी स्थान से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 17 फरवरी को अपने 2027 चुनाव अभियान की शुरुआत की थी। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रैली का स्थान बेहद सोच-समझकर चुना गया है, क्योंकि मोगा को पंजाब की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यह क्षेत्र मालवा इलाके का केंद्र बिंदु है, जिसे राज्य की सियासी दिशा तय करने वाला इलाका भी कहा जाता है। हाल ही में AAP ने भी यहां नशा विरोधी अभियान को केंद्र में रखते हुए बड़ी रैली की थी, जिसमें पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहे थे। बीजेपी के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, “मोगा राज्य का सेंटर प्वाइंट है और पंजाब की राजनीति का कोर क्षेत्र माना जाता है। मालवा में मजबूत उपस्थिति किसी भी पार्टी की जमीन पर पकड़ को दर्शाती है।” ऐसे में अमित शाह की रैली को राजनीतिक ताकत दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि 14 मार्च की यह रैली पार्टी के शीर्ष स्तर पर अंतिम रूप दी गई है। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, खासकर राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री की यह रैली राज्य में बीजेपी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत का संकेत देगी। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे के बाद अमित शाह की रैली यह स्पष्ट संदेश देगी कि पंजाब अब पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह रैली इस बात का भी संकेत होगी कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों की नजरें पंजाब पर टिकी हुई हैं। कुछ समय से यह धारणा बन रही थी कि बीजेपी ने पंजाब को राजनीतिक रूप से बैक बर्नर पर रख दिया है, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों की तैयारियों में व्यस्त थी। हालांकि, जालंधर के पास डेरा सचखंड बल्लां में संत रविदास जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया यात्रा को पंजाब में फिर से सक्रिय चुनावी रणनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में शिरोमणि अकाली दल से उसका गठबंधन टूट गया था। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या दोनों पुराने सहयोगी फिर से चुनाव से पहले एकजुट होंगे। दोनों दलों के कुछ वर्गों में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मालवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में पंजाब में चुनावी मुकाबला और तेज होगा, जिसमें सभी प्रमुख दल अपनी ताकत झोंकते नजर आएंगे।

शादी के बाद हनीमून बना मुसीबत, दुबई में अटका पंजाब का कपल, घरवालों की आंखें नम

मानसा मानसा के सरदूलगढ़ का एक नवविवाहित जोड़ा इज़राइल-ईरान युद्ध के कारण दुबई में फंसा हुआ है। यह दंपति घूमने के लिए दुबई गया था। गुरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी की वापसी की उड़ान 3 मार्च को निर्धारित थी, लेकिन उड़ान रद्द होने के कारण वे घर वापस नहीं आ सके। गुरप्रीत ने अपने परिवार को फोन कर अपनी सुरक्षा की जानकारी दी है, लेकिन हालात को लेकर परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गुरप्रीत के पिता गुरजंट सिंह ने भावुक होकर कहा, “जब हम सुबह उठते हैं तो सबसे पहले टीवी चलाते हैं और दिनभर खबरें देखते रहते हैं। हर नई अपडेट हमारे दिल की धड़कन बढ़ा देती है। जब तक वे सुरक्षित घर वापस नहीं आ जाते, हमें कैसे चैन मिलेगा?” गुरप्रीत सिंह के पिता ने सरकार से अपील की है कि दुबई में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरकार ने पहले भी संकट के समय अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला है, उसी तरह इस बार भी तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए।

बुधवार को थमेगा कामकाज: पंजाब सरकार ने घोषित की छुट्टी, शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

चंडीगढ़ पंजाब में कल यानी 4 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। यह घोषणा होली के त्योहार के अवसर पर की गई है। होली, जो रंगों, खुशियों और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है, पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह त्योहार न केवल सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, बल्कि आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर गले मिलने और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। इस पावन और रंगों के पर्व के मद्देनज़र 4 मार्च (बुधवार) को पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इस दिन पंजाब सरकार के सभी कार्यालय, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान (सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज) पूर्णतः बंद रहेंगे। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित किया गया है, जिसके चलते बैंकों में भी इस दिन कामकाज नहीं होगा। धार्मिक कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगी। इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।  

पंजाबी सिंगर R Nait के शो में भगदड़ में कई लोगों की टूटी टांगें

पटियाला. पटियाला के शीश महल में चल रहे हेरिटेज फेस्टिवल के दौरान बड़ा हादसा हो गया। फेस्टिवल के आखिरी दिन पंजाबी गायक R Nait के कार्यक्रम को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के लिए आयोजकों द्वारा महंगी टिकटें भी बेची गई थीं। लेकिन जैसे ही शो शुरू हुआ, पर्याप्त प्रबंध न होने के कारण भीड़ बेकाबू हो गई। हालात ऐसे बन गए कि एंट्री गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई लोग अंदर नहीं जा सके। इसी दौरान कुछ लोग कार्यक्रम देखने के लिए शीश महल की ऊंची दीवारें फांदकर अंदर जाने लगे। इसी अफरातफरी में दो युवक दीवार से नीचे गिर गए, जिससे उनकी टांगें टूट गईं। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि आयोजन में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। यहां तक कि जिन लोगों ने महंगी टिकटें खरीदी थीं, उन्हें भी अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जिस जगह से लोग दीवारें फांद रहे थे, वहां पास में बिजली की तारें भी गुजर रही थीं। यदि किसी का हाथ तारों से छू जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल इस घटना को लेकर लोगों में रोष है और आयोजकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पंजाब में बुधवार को सरकारी छुट्टी पर स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़. पंजाब में कल यानी 4 मार्च को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। यह घोषणा होली के त्योहार के अवसर पर की गई है। होली, जो रंगों, खुशियों और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानी जाती है, पूरे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह त्योहार न केवल सर्दियों के अंत और बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करता है, बल्कि आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को रंग लगाकर गले मिलने और भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश भी देता है। इस पावन और रंगों के पर्व के मद्देनज़र 4 मार्च (बुधवार) को पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इस दिन पंजाब सरकार के सभी कार्यालय, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान (सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज) पूर्णतः बंद रहेंगे। यह अवकाश नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित किया गया है, जिसके चलते बैंकों में भी इस दिन कामकाज नहीं होगा। धार्मिक कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा 2 मार्च से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगी। इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च की शाम को किया जाएगा, जबकि रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

श्री आनंदपुर साहिब में मीट बिक्री के लिए सक्षम अधिकारी का प्रतिबंधात्मक आदेश जरूरी: हाईकोर्ट

चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि श्री आनंदपुर साहिब में इस समय मीट और मीट उत्पादों की बिक्री पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम प्राधिकारी की ओर से इस संबंध में औपचारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जाता, तब तक बिक्री पर रोक नहीं लगाई जा सकती। दरअसल, पंजाब सरकार के 15 दिसंबर 2025 के उस आदेश को छोटे व्यापारियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें श्री आनंदपुर साहिब में मीट बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई थी। इसी बीच खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पर्व ‘होला मोहल्ला’ पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने Takht Sri Kesgarh Sahib सहित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेककर गुरु चरणों में हाजिरी लगाई। सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े प्रबंध इस वर्ष सिविल और पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर को जाम मुक्त रखने के लिए ‘ट्रॉली सिटी’ बनाई गई है, जहां श्रद्धालुओं की ट्रॉलियां शहर से बाहर ही रोकी जा रही हैं। पिछली बार लगे भारी जाम से सबक लेते हुए इस बार गलियों में वाहनों के प्रवेश पर सख्ती की गई है। संगतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भिखारियों के शहर में प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इन प्रबंधों की सराहना की है। प्रशासन और शिरोमणि कमेटी का तालमेल इस बार सिविल प्रशासन, पुलिस और शिरोमणि कमेटी के बेहतर तालमेल के चलते पहले दिन का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रबंध और मजबूत किए जा रहे हैं। डीएसपी जशनदीप सिंह ने बताया कि मेले क्षेत्र में करीब 5000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

मोबाइल और टीवी पर स्क्रीनिंग टाइम ने बढ़ाया बच्चों में मोटापा

जालंधर. कृषि प्रदान प्रदेश पंजाब में बच्चों में मोटापे का उभार एक स्वास्थ्य संकट बनने लगा है। बच्चों का मोबाइल , टीवी और कंप्यूटर पर बढ़ता स्क्रीन टाइम इसका अहम कारण माना जा रहा है। कोरोना काल के बाद बच्चों में मोटापा दर 2 से 3 गुना तक बढ़ गई है। बच्चों में मोटापे की वजह से परेशान स्वजन इससे होने वाली शुगर और हायपरटेंशन की समस्या को लेकर बाल रोग माहिरों की सलाह लेने लगे है। पिछले करीब पांच साल में खासकर किशोर 10-16 वर्ष और स्कूल-जाने वाले बच्चों में मोटापे और अधिक वजन की समस्या तेजी से बढ़ी है । हाल ही में हुई स्टडी में बाडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार लगभग 31 प्रतिशत बच्चे 10-16 वर्ष या तो ओवरवेट 18.6प्रतिशत या ओबेसी 12.4 प्रतिशत श्रेणी में आते हैं। इसके आधार पर करीब 3 में से 1 बच्चा अब वजन की सीमा से ऊपर है। मोटापा केवल शहरी आबादी के बच्चे में ही देहात के बच्चों में बढ़ रहा है। राज्य में नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 व 2019-21 के अनुसार 0-5 वर्ष के बच्चों में ओवरवेट और ओबेसी लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 4 प्रतिशत पहुंचा। एंडोकिड्स के एमडी एवं बच्चों के एंडोक्रोनोलाजिस्ट डा. सौरभ उप्पल कहते है कि पांच साल पहले अगर उनके पास 100 बच्चे मोटापे को लेकर आते थे अब उनकी संख्या 140 के करीब पहुंच चुकी है। स्वजन उनके पास एक साल के बच्चे भी मोटापे को लेकर पहुंच रहे है। छोटे बच्चों को लोग बिस्कुट और चिप्स देना शुरू कर देते है जो मोटापे का कारण बन रहा है। वहीं बड़े बच्चों का मोबाइल फोन, टीवी और कंप्यूटर पर स्क्रीन टाइम बढ़ गया है। बच्चे इस दौरान फास्ट, फूड, चाकलेट, बिस्कुट, चिप्स व अन्य खाद्य पदार्थ खाते रहते है। उन्हें पता नही चलता और ओवर इटिंग कर लेते है जो मोटापे का बढ़ा कारण बन रहे है। आईएमए के पूर्व प्रधान एवं भुटानी चिल्ड्रन अस्पताल के एमडी डॉ. एमएस भुटानी का कहना है कि एक साल से कम आयु के बच्चों को ही लोग दूध पिलाने और उन्हें व्यस्त रखने मोबाइल फोन उनके हाथ में थमा रहे है। उनकी आदत बिगड़ने का साथ स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है। बच्चे मोटे होने के साथ जिद्दी भी हो जाते है। ऐसे बच्चों की आदत छुड़वाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों की आउट डोर गेम्स की आदत नही रहती है। जब तक खान-पान, खेल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए परिवार और समुदाय मिलकर कदम नहीं उठाते, मोटापे की वृद्धि का सिलसिला नहीं रुकेगा। मॉडल टाउन में रहने वाली श्वेता का कहना है कि उनका 12 साल का बेटा मान्य ओवर वेट है। पति पत्नी दोनों सर्विस करते है और देर शाम और छुट्टी के दिन ही बच्चे को पूरा समय दे पाते है। पहले वह मोबाइल और टीवी एक घंटे तक इस्तेमाल करता था, अब पढ़ाई सहित उसका स्क्रीन टाइम चार घंटे तक पहुंच गया है। इस दौरान उसकी डाइट भी बढ़ गई है। उसका भार सामान्य से दस किलोग्राम ज्यादा है। अब उसका भार कम करने के लिए डाक्टर से सलाह ले रहे है, ताकि मोटापे से होने वाली बीमारियों का खतरा खत्म किया जा सके। मकसूदा में रहने वाले चंद्र शेखर का कहना है कि उनकी बेटी सुरभि 16 साल की है। कोरोना काल के दौरान आन लाइन प्रचलन बढ़ने की वजह से स्क्रीन टाइम बढ़ गया। धीरे धीरे स्क्रीन टाइम 5 से 6 घंटे तक पहुंच गया है, हालांकि इसमें ज्यादातर समय उसकी पढ़ाई और कंपीटिशन की तैयारी से संबंधित है। अब मोटापा की वजह से उसे किशोरियों में होने वाली समस्याएं बढ़ने लगी है। अब मोटापा कम करने के लिए उसे जिम भेजना शुरू किया है। मुख्य कारण जो मोटापे को बढ़ा रहे हैं पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक जैसे मीठे वाले उत्पाद अधिक सेवन हो रहे हैं। कोचिंग, मोबाइल, टीवी स्क्रीन टाइम, आउटडोर खेलों में कमी मोटापे में योगदान दे रही है। स्कूलों में खेल-कूद की भूमिका कम और एसी-लाइफस्टाइल जैसे आरामदायक व्यवहार ज्यादा। पौष्टिक तत्वों की कमी और अधिक फैट-सोडियम डाइट। समाधान संतुलित पौष्टिक आहार फल, सब्जियां, दलिया, प्रोटीन। मोबाइल और टैब के समय का नियंत्रण। रोज़ाना कम से कम 60 मिनट खेल-कूद या शारीरिक गतिविधि। नियमित नींद और स्क्रीन-डीटाक्स। खेल मुख्य-पाठ्यक्रम का हिस्सा। स्वास्थ्य-स्क्रीनिंग कैंप।